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Gen Z Protests : छात्रों के खिलाफ FIR रद्द करने का इच्छुक सुप्रीम कोर्ट, कहा- यह उनके भविष्य का सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उन छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की इच्छा जताई, जिन्होंने पिछले महीने देश के अलग-अलग हिस्सों में परीक्षा पेपर लीक जैसे मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन किया था। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया कि गंभीर अपराधों का इतिहास रखने वाले और प्रदर्शनों में घुसपैठ करने वाले लोगों के खिलाफ मामले रद्द नहीं किए जाएंगे।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि यह हजारों छात्रों के भविष्य का सवाल है।CJI ने छात्र...

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर आरोपियों की तस्वीरें डालने के खिलाफ़ याचिका पर केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र, राज्यों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Meta को नोटिस जारी किया। यह नोटिस एक याचिका पर जारी किया गया, जिसमें पुलिस को सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरें और वीडियो अपलोड करने से रोकने के निर्देश देने की मांग की गई, जिनसे आरोपियों की पहचान उजागर होती हो या उन्हें अपमानजनक तरीके से दिखाया जाता हो।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन पेश...

सुप्रीम कोर्ट ने सर्विस के लिए चुकाई गई कीमत के आधार पर कंज्यूमर फोरम का अधिकार क्षेत्र तय करने में विसंगतियों की ओर इशारा किया, केंद्र से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019 के प्रावधानों से जुड़ी कुछ विसंगतियों की ओर ध्यान दिलाया। ये विसंगतियां तब पैदा हो सकती हैं जब कंज्यूमर फोरम का आर्थिक अधिकार क्षेत्र (Pecuniary Jurisdiction) कंज्यूमर द्वारा सामान या सर्विस के लिए चुकाई गई कीमत (कंसीडरेशन) के आधार पर तय किया जाए। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।1986 के पुराने एक्ट में कंज्यूमर कमीशन का आर्थिक अधिकार क्षेत्र सामान या सर्विस की कुल कीमत और मांगे गए मुआवजे के आधार पर तय होता था। इसके विपरीत,...

BREAKING| संसद मार्च की अनुमति नहीं थी, प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल-प्रयोग नहीं किया: दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

दिल्ली पुलिस ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित ज्यादती के आरोपों को सुप्रीम कोर्ट में खारिज करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग नहीं किया गया।पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन तब शांतिपूर्ण नहीं रहा, जब भीड़ ने बैरिकेड की कई परतें तोड़कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की और हिंसा शुरू हो गई। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चरणबद्ध तरीके से बल का इस्तेमाल किया गया।उप पुलिस आयुक्त सचिन शर्मा की ओर से दाखिल जवाबी हलफनामे में कहा गया कि करीब 30 हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों की भीड़...

BREAKING: फांसी से मौत की सजा खत्म करने की मांग सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई, केंद्र को वैकल्पिक तरीकों पर विचार की छूट

सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा पाए दोषियों को फांसी देने की मौजूदा व्यवस्था को खत्म करने की मांग वाली याचिका मंगलवार को खारिज की। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में ठोस चिकित्सकीय या वैज्ञानिक साक्ष्य सामने आते हैं, तो फांसी के तरीके की संवैधानिक समीक्षा का रास्ता बंद नहीं होगा।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने यह फैसला सुनाया। याचिका में दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 354(5) को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई। इस प्रावधान के तहत मौत की सजा पाए व्यक्ति को गर्दन...

छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान AK-47 से फायरिंग हुई, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ: बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग से इनकार

छात्र प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस की बर्बरता के आरोपों वाली PILs पर बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक जवाबी हलफ़नामा दायर किया। इसमें प्रदर्शनकारियों को नुकसान पहुँचाने के लिए 'ज़रूरत से ज़्यादा बल' के इस्तेमाल से इनकार किया गया।सिवान में AK-47 राइफ़ल के इस्तेमाल के आरोप पर सरकार का कहना है कि भीड़ में फँसने के कारण एक कॉन्स्टेबल ने हवा में 4 राउंड फ़ायर किए। हालाँकि, इससे कोई घायल नहीं हुआ। हलफ़नामे में यह भी बताया गया कि हाथी चौक के पास भीड़ को तितर-बितर करने के लिए एक ASI ने अपनी 9mm...

NDPS Act| सुप्रीम कोर्ट ने ड्रग मामलों में विदेशी नागरिकों की ज़मानत के लिए फ़र्ज़ी ज़मानतदारों पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए

सुप्रीम कोर्ट ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 (NDPS Act) के तहत कमर्शियल मात्रा में नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में आरोपी विदेशी नागरिकों को ज़मानत देने के संबंध में निर्देश जारी किए।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने नाइजीरियाई नागरिक चिडिबेरे किंग्सले नवाचारा की ज़मानत रद्द करते हुए ये निर्देश जारी किए। नवाचारा पर लगभग 5 किलोग्राम हेरोइन से जुड़े एक मामले में आरोप था।यह मामला तब और महत्वपूर्ण हो गया, जब कोर्ट को पता चला कि नवाचारा के लिए दी गई...

चुनावों में काला धन लोकतंत्र को भ्रष्ट करता है: सुप्रीम कोर्ट ने चुनावों के दौरान बिना हिसाब-किताब वाले कैश पर रोकने के लिए जारी किए निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (17.08.2026) को चुनावों में काले धन के इस्तेमाल को रोकने के लिए निर्देश जारी किए। कोर्ट ने कहा कि वोटरों को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला बिना हिसाब-किताब का कैश स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की नींव पर चोट करता है और "लोकतंत्र की मूल भावना" से समझौता करता है।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमेइकापम कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कर्नाटक हाईकोर्ट के 2015 के एक आदेश के खिलाफ अपील पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश जारी किए। हाईकोर्ट ने उस आदेश में प्रतिवादी के खिलाफ दर्ज...

राहुल गांधी के खिलाफ CBI-ED जांच की मांग पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की कार्यवाही पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की CBI और ED से जांच कराने की मांग वाली याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रही कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगाई।सुप्रीम कोर्ट ने CBI और ED को भी निर्देश दिया कि वे हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर कोई रिपोर्ट फिलहाल पेश न करें।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ राहुल गांधी की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही थी।पीठ को बताया...

तेज़ सुनवाई पीड़ित का भी अधिकार, आरोपी गैंगस्टर्स एक्ट के लंबित मामले का इस्तेमाल दूसरे मुकदमों को रोकने के लिए नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (17 अगस्त) को कहा कि तेज़ी से सुनवाई का अधिकार सिर्फ़ आरोपी का ही नहीं, बल्कि पीड़ित का भी एक अहम अधिकार है। कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द किया, जिसमें एक आरोपी के ख़िलाफ़ हत्या के मुकदमे की सुनवाई को सिर्फ़ इसलिए रोक दिया गया, क्योंकि उसके ख़िलाफ़ यूपी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही लंबित है।शिकायतकर्ता की अपील मंज़ूरी करते हुए जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस अरुण पल्ली की बेंच ने प्रतिवादी-आरोपी की उस दलील को खारिज किया, जिसमें कहा गया कि उत्तर प्रदेश...

कोई भी राज्य व्यक्तियों या संपत्ति को नुकसान का हवाला देकर हाथी गलियारे को अवरुद्ध नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि कोई भी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश हाथी गलियारों में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं कर सकता है, यहां तक कि व्यक्तियों या संपत्ति को संभावित नुकसान के कथित आधार पर भी।संघ द्वारा एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण का आदेश देते हुए न्यायालय ने एक व्यापक रिपोर्ट मांगी, जिसमें बताया जाएगा कि राज्यों द्वारा इस तरह की बाधा को रोकने और हुल्ला पार्टियों (लोहे की छड़ों/कीलों और जलती हुई मशालों से लैस स्थानीय युवाओं के समूह), हाथियों के खिलाफ आग के गोले, मशालों आदि के उपयोग पर...

सीनियर का सिर्फ़ डांटना आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं, जब तक कि मकसद उसे मौत के लिए मजबूर करना न हो: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीनियर ऑफिसर के सामान्य प्रशासनिक निर्देश, अनुशासनात्मक निगरानी, ​​काम पर खराब टिप्पणी या सख्त व्यवहार को अकेले भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं माना जा सकता। इसके लिए अतिरिक्त सबूत होने चाहिए, जिनसे यह पता चले कि सीनियर का मकसद जानबूझकर जूनियर को आत्महत्या के लिए मजबूर करना था।कोर्ट ने फॉरेस्ट के डिप्टी कंज़र्वेटर को बरी किया, जिन पर एक जूनियर फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप था। कोर्ट ने माना कि आत्महत्या से...

सुप्रीम कोर्ट में याचिका: 98,000 से ज़्यादा सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए इस्तेमाल लायक वॉशरूम नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को याचिका पर विचार किया, जिसमें सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए साफ़-सफ़ाई की उचित सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया गया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच रीपक कंसल (और अन्य) द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए साफ़-सफ़ाई की उचित सुविधाओं की कमी की ओर ध्यान दिलाया गया।उठाए गए मुद्दे को महत्वपूर्ण मानते हुए CJI ने बताया कि जस्टिस जेबी पारदीवाला की...

Evidence Act | धारा 69 का इस्तेमाल वसीयत साबित करने के लिए तभी किया जा सकता है जब धारा 68 के तहत गवाहों की पुष्टि साबित करना नामुमकिन हो: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इंडियन एविडेंस एक्ट, 1872 की धारा 69 का इस्तेमाल धारा 68 के तहत वसीयत साबित करने के सामान्य तरीके के विकल्प के तौर पर नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि आम तौर पर वसीयत को धारा 68 के तहत साबित किया जाना चाहिए। इसे धारा 69 के तहत तभी साबित किया जा सकता है, जब वसीयत पेश करने वाला यह साबित कर दे कि धारा 68 के तहत वसीयत साबित करने के लिए कोई गवाह नहीं मिल रहा है।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमेइकापम कोटिश्वर सिंह की बेंच ने मद्रास हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द करते हुए यह बात...

नियामक संस्था होने के बावजूद BCI लॉ कॉलेज नहीं चला सकती: प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

एडवोकेट प्रशांत भूषण ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा लॉ कॉलेज चलाने को चुनौती देने वाली याचिका दाखिल करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि जो संस्था कानून कॉलेजों के लिए नियामक की भूमिका निभाती है, वही खुद किसी लॉ कॉलेज का संचालन नहीं कर सकती।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष भूषण ने यह बात उस समय कही, जब अदालत ईएएस शर्मा और अन्य की ओर से दाखिल उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें...

सिर्फ अलग मुद्दा तय न होने पर मुकदमा ट्रायल कोर्ट को वापस नहीं भेज सकती अपीली अदालत: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि अपीली अदालत को केवल इसलिए किसी मामले को ट्रायल कोर्ट में वापस नहीं भेजना चाहिए कि किसी खास मुद्दे को अलग से तय नहीं किया गया। यदि पक्षकारों की दलीलें, पेश किए गए साक्ष्य और पहले से तय मुद्दे रिकॉर्ड पर मौजूद हैं और उन्हीं के आधार पर विवाद का फैसला किया जा सकता है तो अपीली अदालत को स्वयं मामले का निर्णय करना चाहिए।जस्टिस एसवीएन भट्टी और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने यह टिप्पणी करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें मामले को दोबारा सुनवाई के लिए ट्रायल...

राम मंदिर दान चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश: SIT जांच के लिए जनता भी दे सकेगी सुझाव

अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट को मिले दान की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महत्वपूर्ण निर्देश दिया।अदालत ने याचिकाकर्ताओं और अन्य जनहितैषी लोगों को अनुमति दी कि वे विशेष जांच दल (SIT) की जांच के दायरे में शामिल किए जाने वाले मुद्दों को लेकर सॉलिसिटर जनरल के कार्यालय को अपने सुझाव दे सकते हैं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने कहा कि ऐसे सुझाव उन पहलुओं से संबंधित हो सकते हैं, जिनकी SIT द्वारा...