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सुप्रीम कोर्ट ने हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने की मांग वाली याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक भाषा हिंदी करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की खंडपीठ ने की।सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि केंद्र सरकार को एक आयोग गठित करने का निर्देश दिया जा सकता है, जो सुप्रीम कोर्ट में हिंदी के इस्तेमाल को लेकर सिफारिशें करे। इसके लिए संविधान के कुछ प्रावधानों का हवाला दिया गया।इस पर चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले से ही भाषा संबंधी सुधार...

S.413 BNSS | मजिस्ट्रेट के बरी करने के आदेश के खिलाफ पीड़ित की अपील सेशंस कोर्ट में होगी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट द्वारा बरी करने के आदेश के खिलाफ पीड़ित की अपील सेशंस कोर्ट में की जानी चाहिए, न कि हाई कोर्ट में।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा,"...जब फर्स्ट क्लास या सेकंड क्लास मजिस्ट्रेट द्वारा किए गए ट्रायल में दोषी ठहराया जाता है तो अपील सेशंस कोर्ट में होती है। BNSS की धारा 413 के प्रावधान के अनुसार, बरी करने के आदेश के खिलाफ पीड़ित द्वारा दायर अपील भी उसी कोर्ट में होनी चाहिए, जहां ऐसे कोर्ट के दोषी ठहराने के आदेश के खिलाफ आम तौर पर अपील...

सुविधाओं की कमी से जूझ रहे राजस्थान के जिला जज से सुप्रीम कोर्ट ने कहा- चीफ जस्टिस के सामने रखें शिकायत

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के डिस्ट्रिक्ट जज दिनेश कुमार गुप्ता को अदालत में बुनियादी सुविधाओं की कमी से जुड़ी अपनी शिकायत राज्य के चीफ जस्टिस के सामने रखने को कहा। गुप्ता श्रम न्यायालय-सह-औद्योगिक अधिकरण के पीठासीन अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं और चार दिन बाद रिटायर होने वाले हैं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई की।गुप्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने अदालत को बताया कि वह राजस्थान में सबसे सीनियर जिला...

नुकसान या भेदभाव के सबूत के बिना सिर्फ़ प्रक्रियात्मक चूक के आधार पर पूरे हो चुके ट्रायल को दोबारा सुनवाई के लिए नहीं भेजा जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (NI Act) की धारा 138 के तहत पूरा हो चुका ट्रायल सिर्फ़ इस आधार पर दोबारा सुनवाई के लिए नहीं भेजा जा सकता कि बचाव पक्ष के सबूतों से जुड़ी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, खासकर तब जब आरोपी ने यह साबित न किया हो कि उसे इससे कोई नुकसान या भेदभाव (prejudice) हुआ है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने केरल हाईकोर्ट का वह फैसला रद्द किया, जिसमें बचाव पक्ष के सबूतों के चरण से नया ट्रायल शुरू करने का आदेश दिया गया था, जबकि...

सुप्रीम कोर्ट ने रेप की सज़ा के ख़िलाफ़ तरुण तेजपाल की याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने गोवा सरकार को नोटिस जारी किया। यह नोटिस 'तहलका' मैगज़ीन के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल की याचिका पर जारी किया गया, जिसमें उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फ़ैसले को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 2013 में एक सहकर्मी के साथ रेप के मामले में दस साल की सज़ा सुनाई गई थी।जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की।तेजपाल की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि यह ऐसा मामला है, जिसमें हाईकोर्ट ने बरी किए जाने के फ़ैसले को पलट दिया।सिब्बल ने...

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को 2026 की ICU गाइडलाइंस लागू करने का निर्देश दिया, इंफ्रास्ट्रक्चर और भर्ती के लिए समय-सीमा तय की

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 'इंटेंसिव केयर सर्विसेज़ के ऑर्गनाइज़ेशन और डिलीवरी' के लिए 2026 की गाइडलाइंस लागू करने का निर्देश दिया। इसमें ICU इंफ्रास्ट्रक्चर की खास ज़रूरतों के लिए ज़्यादा से ज़्यादा नौ महीने और क्रिटिकल-केयर स्टाफ़ की भर्ती के लिए छह महीने का समय तय किया गया।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने यह निर्देश ऐसे मामले में दिए, जिसमें कोर्ट ICU और क्रिटिकल-केयर सर्विसेज़ के लिए एक जैसे स्टैंडर्ड्स न होने की स्थिति पर नज़र...

OBC-क्रीमी लेयर पर फ़ैसले को भविष्य से लागू करने की केंद्र की अर्ज़ी पर सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (24 सितंबर) को केंद्र सरकार की एक अर्ज़ी पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया। इस अर्ज़ी में 11 मार्च के उस फ़ैसले को लागू करने के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया, जिसमें कहा गया कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के उम्मीदवार की 'क्रीमी लेयर' स्थिति का निर्धारण केवल माता-पिता की वेतन आय के आधार पर नहीं किया जा सकता, बल्कि उनके पद की श्रेणी पर भी विचार किया जाना चाहिए।जस्टिस पमिदिघंटम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की।केंद्र ने फ़ैसले को पिछली तारीख से लागू...

बच्चों के ऑनलाइन यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े कंटेंट को हटाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी न देने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को लगाई फटकार

24 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और कानून और न्याय मंत्रालय (MoLJ) को एक आखिरी मौका दिया। उन्हें यह बताना था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े कंटेंट (CSEAM) की समस्या को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।रोकथाम की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए कोर्ट ने मंत्रालयों से पूछा है कि भविष्य में ऐसे प्लेटफॉर्म्स से होने वाली चूक को रोकने के लिए क्या एहतियाती कदम उठाए जाएंगे।बता दें, 14 अगस्त को जस्टिस जेबी पारदीवाला और...

कर्मचारी को हटाने वाला अधिकारी नियुक्ति करने वाले अधिकारी के बराबर पद का है तो आर्टिकल 311 के तहत रोक लागू नहीं होती: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 311(1) के तहत संवैधानिक सुरक्षा तभी लागू होती है, जब हटाने वाला अधिकारी, नियुक्ति करने वाले अधिकारी से निचले पद का हो। कोर्ट ने यह भी कहा कि कानूनी नियमों के तहत किसी निचले अधिकारी को अनुशासनात्मक शक्तियां सौंपने (डेलिगेशन) से संवैधानिक रोक लागू नहीं होती।बता दें, आर्टिकल 311(1) किसी सिविल सेवक को उस अधिकारी द्वारा बर्खास्त या हटाने से रोकता है, जो उसकी नियुक्ति करने वाले अधिकारी से निचले पद का हो। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच...

शिवसेना मामले में देरी का नतीजा देख चुके हैं: तृणमूल के चुनाव चिन्ह विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने ECI से जल्द फैसला लेने को कहा

तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर ममता बनर्जी और रितब्रत बनर्जी गुटों के बीच चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को चुनाव आयोग से जल्द फैसला लेने को कहा। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच ने चुनाव आयोग से पूछा कि वह इस विवाद पर अंतिम फैसला लेने में कितना समय लेगा और आयोग से सुनवाई की समयसीमा बताने को कहा।CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ममता बनर्जी की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें चुनाव आयोग के 17...

सुप्रीम कोर्ट ने ऑटिज़्म, सेरेब्रल पाल्सी और मल्टीपल डिसेबिलिटी वाले लोगों को जारी की गई इंश्योरेंस पॉलिसी का डेटा मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (IRDAI) को निर्देश दिया कि वह पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर की इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा ऑटिज़्म, सेरेब्रल पाल्सी, इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी और मल्टीपल डिसेबिलिटी वाले लोगों को जारी की गई इंश्योरेंस पॉलिसी की संख्या का डेटा रिकॉर्ड पर रखे।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने PIL पर यह आदेश दिया। इस PIL में न्यूरो-डेवलपमेंटल और अन्य तरह की डिसेबिलिटी वाले लोगों के अधिकारों की सुरक्षा में कथित सिस्टम की...

सुप्रीम कोर्ट का सुझाव: कमर्शियल कोर्ट्स एक्ट की अनुसूची में कमर्शियल मुकदमों के निष्पादन के नियम शामिल करें

सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि सरकार कमर्शियल कोर्ट्स एक्ट, 2015 में संशोधन कर सकती है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि कमर्शियल मुकदमों में निष्पादन की प्रक्रिया 'कमर्शियल कोर्ट रूल्स' के अनुसार होगी, जो 2021 से अधिसूचित (Notified) नहीं किए गए हैं। कोर्ट ने प्रस्ताव दिया कि इन नियमों को एक अनुसूची (Schedule) जोड़कर एक्ट का हिस्सा बनाया जा सकता है।कमर्शियल कोर्ट रूल्स के ड्राफ्ट को इसलिए अधिसूचित नहीं किया गया, क्योंकि केंद्र सरकार का कहना था कि यह 'कोड ऑफ़ सिविल प्रोसीजर' (CPC) के कुछ प्रावधानों...

सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों की कस्टडी के मामलों में POCSO Act के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय तय किए, पिता के खिलाफ झूठी FIR रद्द की

सुप्रीम कोर्ट ने शादी और बच्चों की कस्टडी से जुड़े झगड़ों में 'प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट, 2012' (POCSO Act) का हथियार के तौर पर गलत इस्तेमाल रोकने के लिए कुछ सुरक्षा उपाय तय किए। ये उपाय एक नाबालिग लड़की के पिता पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली FIR रद्द करते हुए तय किए गए, क्योंकि सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (CBI) की जांच में आरोप भरोसेमंद नहीं पाए गए।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच तलाकशुदा जोड़े - जिन्हें फैसले में 'R' (पिता) और 'E' (माता) कहा...

POCSO केस का सामना कर रहे माता-पिता को कस्टडी नहीं दी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट ने माँ को बच्चों के साथ इंग्लैंड जाने की इजाज़त दी

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (23 सितंबर) को एक माँ को अपने दो नाबालिग बच्चों के साथ यूनाइटेड किंगडम (UK) जाने की इजाज़त दी। साथ ही कोर्ट ने बच्चों की कस्टडी पिता को देने से इनकार किया, क्योंकि उन पर 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम, 2012' (POCSO Act) के तहत मुकदमा चल रहा है। कोर्ट ने कहा कि POCSO Act के तहत मुकदमा झेल रहे माता-पिता में से किसी को भी बच्चों की कस्टडी पाने का हकदार नहीं माना जा सकता।कोर्ट ने गौर किया कि 2023 में आक्रामक व्यवहार दिखाने के बाद NIMHANS में जाँच के दौरान बेटे ने...

अडानी मानहानि मामले में रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पत्रकार रवि नायर

गुजरात कोर्ट के गैर-जमानती वारंट के तहत हिरासत में लिए जाने के बाद पत्रकार रवि नायर ने अडानी मानहानि मामले में रिहाई की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।उन्होंने गुजरात हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए विशेष अनुमति याचिका दायर की, जिसने उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार किया था।एडवोकेट अभिक चिमनी ने आज (गुरुवार) दोपहर 2 बजे चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए इसे तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की। हालाँकि, CJI ने उल्लेख पर विचार नहीं किया।अडानी एंटरप्राइजेज...

सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा डीएम मामले में आदेश में संशोधन किया, कहा- रोक सिर्फ़ हाईकोर्ट की सख्ती और मुआवजे के निर्देश पर

सुप्रीम कोर्ट ने गौतम बौद्ध नगर जिला (नोएडा) मजिस्ट्रेट मेधा रूपम की याचिका में पारित अपने अंतरिम आदेश को संशोधित किया, जिसमें निर्दिष्ट किया गया है कि रोक केवल अधिकारी के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रतिकूल टिप्पणियों और स्टूडेंट आकृति चौधरी को मुआवजा देने के निर्देश पर है, जो नोएडा श्रमिकों के विरोध के संबंध में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत थी।दूसरे शब्दों में, चौधरी की हिरासत रद्द करने के हाईकोर्ट के फैसले पर रोक नहीं लगाई गई।बुधवार को अपलोड किए गए आदेश के अनुसार, पूरे हाईकोर्ट के फैसले...

सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के कथित उल्लंघन के लिए CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग

सुप्रीम कोर्ट के वकील ने अटॉर्नी जनरल से मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आपराधिक अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू करने की अनुमति मांगी। वकील का आरोप है कि CEC ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के कामकाज से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की जानबूझकर अनदेखी की।वकील ब्रजेश सिंह ने 24 सितंबर को अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी को लिखे पत्र में 'कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट्स एक्ट, 1971' की धारा 15(1)(b) और धारा 2(c), तथा 'सुप्रीम कोर्ट में अवमानना ​​कार्यवाही को विनियमित करने वाले नियम, 1975' के नियम 3 का हवाला...

इस अनुमान पर मुकदमा रोकने का आदेश नहीं दिया जा सकता कि विदेशी कोर्ट ऐसा आदेश दे सकता है, जिसे भारत में लागू न किया जा सके: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ इस अंदाज़े या आशंका के आधार पर 'एंटी-सूट इंजंक्शन' (मुकदमा रोकने का आदेश) नहीं दिया जा सकता कि विदेशी कोर्ट अंततः ऐसे आधार पर आदेश (डिक्री) दे सकता है, जिसे भारतीय वैवाहिक कानून के तहत मान्यता नहीं है, इसलिए उस आदेश को भारत में लागू नहीं किया जा सकेगा।जस्टिस एसवीएन भट्टी और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने पति की वह अपील खारिज की, जो कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ थी। हाईकोर्ट ने अलीपुर कोर्ट के उस आदेश में दखल दिया था, जिसमें पति के पक्ष में 'एंटी-सूट इंजंक्शन'...

नोएडा DM मेधा रूपम की NSA याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, रोस्टर से अलग बेंच के समक्ष लिस्टिंग पर सवाल

नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) के मजदूर प्रदर्शन से जुड़े एक छात्र की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत को रद्द करने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुप्रीम कोर्ट में हुई लिस्टिंग ने मामलों के रोस्टर और कनेक्टेड मामलों की सुनवाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं।नोएडा की जिलाधिकारी मेधा रूपम और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दायर याचिकाओं पर बुधवार को जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस एनके सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई की। रिपोर्ट के अनुसार, 13 जुलाई 2026 से प्रभावी सुप्रीम...