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सामान्य इरादा (S. 34 IPC) और सामान्य उद्देश्य (S. 149 IPC) के बीच अंतर: सुप्रीम कोर्ट ने उदाहरणों के साथ समझाया
'सामान्य इरादा' (S. 34 IPC) और 'सामान्य उद्देश्य' (S. 149 IPC) के बीच अंतर: सुप्रीम कोर्ट ने उदाहरणों के साथ समझाया

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में भारतीय दंड संहिता, 1860 (आईपीसी) की धारा 34 (सामान्य इरादा) और 149 (सामान्य उद्देश्य) के बीच अंतर को स्पष्ट किया। इसने फैसला सुनाया कि धारा 34 में सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता है, जिसमें व्यक्ति के इरादे को एक महत्वपूर्ण कारक के रूप में महत्व दिया गया है। इसके विपरीत, धारा 149 के तहत, किसी व्यक्ति को केवल एक विशिष्ट अपराध करने के लिए एक सामान्य उद्देश्य के साथ एक गैरकानूनी जमावड़े का हिस्सा होने के लिए दोषी ठहराया जा सकता है, भले ही अपराध करने का उनका व्यक्तिगत इरादा...

S.437(6) CrPC/S.480(6) BNSS| जब मजिस्ट्रेट ट्रायल 60 दिनों में समाप्त न हो तो जमानत पर निर्णय लेते समय उदार रहें : सुप्रीम कोर्ट
S.437(6) CrPC/S.480(6) BNSS| जब मजिस्ट्रेट ट्रायल 60 दिनों में समाप्त न हो तो जमानत पर निर्णय लेते समय उदार रहें : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (18 फरवरी ) को कहा कि न्यायालयों को सीआरपीसी की धारा 437(6) के तहत आवेदनों पर विचार करते समय उदार दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, ऐसे मामलों में जहां साक्ष्यों से छेड़छाड़, फरार होने या आरोपी द्वारा ट्रायल में देरी की कोई संभावना नहीं है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ ने कहा, “दूसरे शब्दों में, जहां अभियुक्त के खिलाफ जाने वाले सकारात्मक कारकों का अभाव है, जो अभियोजन पक्ष के प्रति पूर्वाग्रह की संभावना को दर्शाते हैं या अभियुक्त द्वारा ट्रायल में देरी के लिए...

व्यावहारिक होने की आवश्यकता: क्या अपीलीय न्यायालय आर्बिट्रल अवार्ड संशोधित कर सकते हैं? सुप्रीम कोर्ट में दूसरे दिन भी सुनवाई जी
'व्यावहारिक होने की आवश्यकता': क्या अपीलीय न्यायालय आर्बिट्रल अवार्ड संशोधित कर सकते हैं? सुप्रीम कोर्ट में 'दूसरे दिन' भी सुनवाई जी

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने इस मुद्दे पर सुनवाई जारी रखी कि क्या न्यायालयों के पास मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 34 और 37 के तहत मध्यस्थता अवार्ड को संशोधित करने की शक्ति है। सुनवाई के दौरान, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) संजीव खन्ना ने मौखिक रूप से कहा कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम 1996 की धारा 34 की कठोर व्याख्या करने से अधिनियम के व्यावहारिक उद्देश्य की अनदेखी हो सकती है।धारा 34 मध्यस्थता अवार्ड को रद्द करने के लिए आवेदन करने की रूपरेखा प्रदान करती है। अधिनियम की धारा 37 उन...

Motor Accident Compensation | धारा 166 के तहत दावा खारिज करने के बाद धारा 163ए MV Act के तहत दावे पर रोक लगाने के फैसले पर पुनर्विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट
Motor Accident Compensation | धारा 166 के तहत दावा खारिज करने के बाद धारा 163ए MV Act के तहत दावे पर रोक लगाने के फैसले पर पुनर्विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत मुआवजे से संबंधित अपने फैसले दीपल गिरीशभाई सोनी और अन्य बनाम यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, बड़ौदा (2004) 5 एससीसी 385 को पुनर्विचार के लिए एक बड़ी बेंच को भेजा। इस मामले में तीन जजों की बेंच ने कहा कि जहां मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166 के तहत मुआवजा देने के लिए कोई मामला नहीं बनता है, वहां दावेदार अधिनियम की धारा 163ए के तहत अपना दावा दायर नहीं कर सकते।संदर्भ के लिए, धारा 166 दावेदार को अपराधी वाहन के चालक की गलती या लापरवाही साबित...

बिना आवेदन के भी पात्र हो जाने पर दोषियों की समयपूर्व रिहाई पर विचार करें: सुप्रीम कोर्ट का राज्यों को निर्देश
बिना आवेदन के भी पात्र हो जाने पर दोषियों की समयपूर्व रिहाई पर विचार करें: सुप्रीम कोर्ट का राज्यों को निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (18 फरवरी) को दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 ('सीआरपीसी') की धारा 432 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) की धारा 473 के तहत दोषियों की सजा के पूरे या आंशिक हिस्से को माफ करने की सरकार की शक्ति पर कुछ निर्देश पारित किए।जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने कहा कि सजा माफ करने की शक्ति का प्रयोग दोषी या दोषी की ओर से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उचित सरकार से आवेदन किए बिना भी किया जा सकता है।इसने टिप्पणी की:"जब कोई राज्य सरकार या केंद्र शासित...

सुप्रीम कोर्ट ने Consumer Protection Act के तहत डॉक्टरों की जिम्मेदारी की पुष्टि करने वाले आदेश पर पुर्विचार से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने Consumer Protection Act के तहत डॉक्टरों की जिम्मेदारी की पुष्टि करने वाले आदेश पर पुर्विचार से इनकार किया

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अपने आदेश के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका खारिज की, जिसमें इंडियन मेडिकल एसोसिएशन बनाम वीपी शांता में 1995 के फैसले पर पुनर्विचार करने से इनकार कर दिया गया था। इसमें यह माना गया कि डॉक्टर और मेडिकल पेशेवर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 (जैसा कि 2019 में फिर से लागू किया गया) के दायरे में आते हैं।जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने निम्नलिखित शब्दों में आदेश पारित किया:"पुनर्विचार याचिका और संबंधित दस्तावेजों का सावधानीपूर्वक...

NEET-UG से एडमिशन न पाने वाले आयुष स्टूडेंट की डिग्री बरकरार रखी जाए: सुप्रीम कोर्ट
NEET-UG से एडमिशन न पाने वाले आयुष स्टूडेंट की डिग्री बरकरार रखी जाए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अंडर-ग्रेजुएट आयुष कोर्स के कुछ स्टूडेंट को अपनी डिग्री बरकरार रखने की अनुमति दी। हालांकि उनका एडमिशन NEET-UG परीक्षा के माध्यम से नहीं लिया गया।जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने आदेश पारित करते हुए कहा कि स्टूडेंट के कोर्स पूरा करने के बाद उनके परिणाम को रोकना उनके लिए बहुत कठिनाई का कारण बनेगा।यह सच है कि NEET परीक्षा में शामिल नहीं होने वाले उम्मीदवारों को कॉलेज द्वारा एडमिशन नहीं दिया जा सकता था। फिर भी अब तक इन स्टूडेंट ने अपना कोर्स...

ठेकेदार को बिना किसी अतिरिक्त कारण के अनुबंध उल्लंघन के आरोप के आधार पर ब्लैक लिस्ट में नहीं डाला जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
ठेकेदार को बिना किसी अतिरिक्त कारण के अनुबंध उल्लंघन के आरोप के आधार पर ब्लैक लिस्ट में नहीं डाला जा सकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यद्यपि प्राधिकरण के पास ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट में डालने की अंतर्निहित शक्ति होती है, लेकिन ऐसी शक्ति का प्रयोग उचित आधार पर किया जाना चाहिए। इसने यह भी कहा कि कारण बताओ नोटिस जारी करने के चरण में भी न्यायालय द्वारा निर्धारित मार्गदर्शक सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए।कोर्ट ने कहा,“इसलिए प्राधिकरण से अपेक्षा की जाती है कि वह कारण बताओ नोटिस जारी करने से पहले बहुत सावधानी बरते। उससे अपेक्षा की जाती है कि वह तथ्यों को अच्छी तरह समझे और यह पता लगाने का प्रयास करे कि...

सुप्रीम कोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाले मामले में क्रिश्चियन मिशेल को जमानत दी
सुप्रीम कोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाले मामले में क्रिश्चियन मिशेल को जमानत दी

सुप्रीम कोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाले के संबंध में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज मामले में ब्रिटिश आर्म्स कंसल्टेंट क्रिश्चियन जेम्स मिशेल को जमानत दी।दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा 25 सितंबर, 2024 को उसे जमानत देने से इनकार करने के आदेश के खिलाफ मिशेल ने विशेष अनुमति याचिका दायर की।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने इस शर्त के साथ जमानत दी कि वह अपना पासपोर्ट नवीनीकृत कराए और बाद में उसे सरेंडर कर दे।मामले की सुनवाई सुबह हुई। हालांकि, CBI के वकील ने कुछ समय...

BREAKING | सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया को फटकार लगाई, अश्लीलता के लिए दर्ज FIR में गिरफ्तारी पर रोक लगाई
BREAKING | सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया को फटकार लगाई, अश्लीलता के लिए दर्ज FIR में गिरफ्तारी पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया (जिन्हें बीयर बाइसेप्स के नाम से जाना जाता है) को "इंडियाज गॉट लेटेंट" शो के एपिसोड के दौरान उनकी टिप्पणियों को लेकर अश्लीलता के अपराध के लिए मुंबई, गुवाहाटी और जयपुर में दर्ज FIR में गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिस्वर सिंह की खंडपीठ ने इलाहाबादिया द्वारा कई FIR के खिलाफ दायर रिट याचिका पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए अंतरिम आदेश पारित किया।खंडपीठ ने यह भी निर्देश दिया कि उसी शो के संबंध में कोई और FIR...

अभियुक्त की पहचान करने वाले गवाह से ट्रायल के दौरान पूछताछ न किए जाने पर TIP साक्ष्य मूल्य खो देता है : सुप्रीम कोर्ट
अभियुक्त की पहचान करने वाले गवाह से ट्रायल के दौरान पूछताछ न किए जाने पर TIP साक्ष्य मूल्य खो देता है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में आरोपी को यह देखते हुए बरी कर दिया कि Test Identification Parade (TIP) के दौरान अभियुक्त को देखने वाले व्यक्ति से ट्रायल के दौरान पूछताछ नहीं की गई।कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि जब तक TIP के दौरान अभियुक्त को देखने वाले व्यक्ति से ट्रायल के दौरान पूछताछ नहीं की जाती, तब तक TIP रिपोर्ट जो गवाह की पुष्टि या खंडन करने के लिए उपयोगी हो सकती है, पहचान के प्रयोजनों के लिए अपना साक्ष्य मूल्य खो देगी।अदालत ने कहा,इस प्रकार, यदि TIP में किसी व्यक्ति या वस्तु की पहचान करने वाले...

पात्रता के बावजूद स्कूल में एडमिशन से वंचित होने पर रोहिंग्या बच्चे हाईकोर्ट जा सकते हैं: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा किया
पात्रता के बावजूद स्कूल में एडमिशन से वंचित होने पर रोहिंग्या बच्चे हाईकोर्ट जा सकते हैं: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा किया

सुप्रीम कोर्ट ने रोहिंग्या शरणार्थी बच्चों को दिल्ली के स्कूलों में एडमिशन देने की मांग करने वाली याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि उचित कदम यह होगा कि बच्चे पहले संबंधित सरकारी स्कूलों (जिनके लिए वे पात्रता का दावा करते हैं) से संपर्क करें। अगर उन्हें (पात्र होने के बावजूद) एडमिशन से वंचित किया जाता है तो बच्चे दिल्ली हाईकोर्ट जाने के लिए स्वतंत्र होंगे।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने आदेश पारित करते हुए कहा,"इन बच्चों के लिए उचित उपाय यह होगा कि वे उन सरकारी स्कूलों...

इतने सारे लॉ अधिकारी, फिर भी कोई उपस्थित नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल में CBI की शक्तियों पर मुकदमे में केंद्र सरकार के गैर-प्रतिनिधित्व की आलोचना की
'इतने सारे लॉ अधिकारी, फिर भी कोई उपस्थित नहीं': सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल में CBI की शक्तियों पर मुकदमे में केंद्र सरकार के गैर-प्रतिनिधित्व की आलोचना की

सामान्य सहमति के निरस्तीकरण के बावजूद CBI द्वारा स्वप्रेरणा से मामले दर्ज करने के मामले में पश्चिम बंगाल राज्य द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ दायर मुकदमे में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की ओर से गैर-प्रतिनिधित्व पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि केंद्र सरकार को महत्वपूर्ण मामले में कोई दिलचस्पी नहीं है।इस मामले को मुद्दों के निर्धारण के लिए जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया।न्यायालय की नाराजगी से अवगत कराते हुए जस्टिस गवई ने सॉलिसिटर जनरल...

1984 Anti-Sikh Riots | बरी किए गए लोगों के खिलाफ 6 सप्ताह के भीतर याचिकाएं दायर की जाएं: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा
1984 Anti-Sikh Riots | बरी किए गए लोगों के खिलाफ 6 सप्ताह के भीतर याचिकाएं दायर की जाएं: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा

दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि वह 1984 के सिख विरोधी दंगों के छह मामलों में विशेष अनुमति याचिकाएं दायर करेगी, जिनमें आरोपियों को बरी किया गया।जस्टिस एएस ओक और जस्टिस उज्जल भुइयां की खंडपीठ 2016 में एस गुरलाद सिंह कहलों द्वारा दायर अनुच्छेद 32 याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में कोर्ट ने जस्टिस एसएन ढींगरा के नेतृत्व में एक समिति गठित की थी।2018 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित जस्टिस ढींगरा समिति ने जनवरी, 2020 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें कहा गया कि दंगों के कई मामलों...

सुप्रीम कोर्ट ने पीथमपुर में भोपाल गैस त्रासदी के कचरे के निपटान पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने पीथमपुर में भोपाल गैस त्रासदी के कचरे के निपटान पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल गैस त्रासदी स्थल से 337 मीट्रिक टन खतरनाक रासायनिक कचरे को मध्य प्रदेश के पीथमपुर ले जाने और उसके निस्तारण के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश को चुनौती देने वाली याचिका पर आज नोटिस जारी किया।जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया। हाईकोर्ट द्वारा 2004 में दायर एक जनहित याचिका में आक्षेपित निर्देश पारित किया गया था, जिसमें यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के आस-पास के क्षेत्र को साफ करने के लिए प्रभावी कदम उठाने में केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य...

New Delhi Railway Station Stampede | भीड़ प्रबंधन के बेहतर उपायों के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
New Delhi Railway Station Stampede | भीड़ प्रबंधन के बेहतर उपायों के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार को हुई भगदड़ के मद्देनजर, सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई, जिसमें ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाने के लिए एक्सपर्ट कमेटी गठित करने की मांग की गई।नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई उक्त भगदड़ में कम से कम अठारह लोगों की मौत हो गई।याचिकाकर्ता एडवोकेट विशाल तिवारी ने संघ और राज्यों को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा 2014 में प्रस्तुत रिपोर्ट को लागू करने के निर्देश देने की भी मांग की, जिसका शीर्षक था "कार्यक्रमों और सामूहिक सभा के स्थानों पर भीड़...