बॉम्बे हाईकोर्ट

चाइल्ड केयर लीव पॉलिसी मातृत्व की रक्षा करती है, इसे मना करना माँ और उसके बच्चे के अधिकारों का उल्लंघन: बॉम्बे हाईकोर्ट
चाइल्ड केयर लीव पॉलिसी मातृत्व की रक्षा करती है, इसे मना करना माँ और उसके बच्चे के अधिकारों का उल्लंघन: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि चाइल्ड केयर लीव (CCL) पॉलिसी लाकर कानून ने पारिवारिक स्थिरता में एक महिला के योगदान और अपने बच्चों के पालन-पोषण में उसकी भूमिका को मान्यता दी। इसलिए सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस पॉलिसी के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए इसे ठीक से लागू किया जाए।सिंगल-जज जस्टिस डॉ. नीला गोखले ने कहा कि महिलाओं को CCL देना न केवल उनके अपने अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि उनके बच्चों के अधिकारों की भी रक्षा करता है।जस्टिस गोखले ने टिप्पणी की,"कानून पारिवारिक स्थिरता में एक महिला...

धुरंधर स्क्रिप्ट विवाद: बॉम्बे हाईकोर्ट का दोनों पक्षकारों से समझौता करने का निर्देश, कहा- मानहानि मुकदमा आगे बढ़ाने की ज़रूरत नहीं
'धुरंधर' स्क्रिप्ट विवाद: बॉम्बे हाईकोर्ट का दोनों पक्षकारों से समझौता करने का निर्देश, कहा- मानहानि मुकदमा आगे बढ़ाने की ज़रूरत नहीं

'धुरंधर' फ़िल्म के निर्देशक आदित्य धर द्वारा फ़िल्मकार संतोष कुमार के ख़िलाफ़ दायर मानहानि के मुक़दमे में एक नया मोड़ आया। संतोष कुमार ने आदित्य धर पर अपनी 'स्क्रिप्ट' की 'नक़ल' करने का आरोप लगाया। इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (16 अप्रैल) को दोनों पक्षों से आग्रह किया कि वे इस विवाद को 'सुलझाने' की कोशिश करें और इसे मानहानि का मुक़दमा दायर करने की हद तक 'आगे न बढ़ाएं'।ग़ौरतलब है कि कुमार ने मीडिया के सामने दावा किया कि फ़िल्म 'धुरंधर' की स्क्रिप्ट असल में उनके मूल काम की नक़ल है,...

रिपोर्टिंग करें, तड़का न लगाएं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी को दी नसीहत
रिपोर्टिंग करें, तड़का न लगाएं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी को दी नसीहत

बॉम्बे हाईकोर्ट ने उद्योगपति अनिल अंबानी से जुड़े मामलों की कवरेज को लेकर रिपब्लिक टीवी और उसके एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी को सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि रिपोर्टिंग करते समय अनावश्यक सजावट (एम्बेलिशमेंट) से बचें।जस्टिस आरिफ डॉक्टर ने साफ किया कि कोर्ट किसी तरह का प्रतिबंध (गैग ऑर्डर) लगाने के पक्ष में नहीं है लेकिन रिपोर्टिंग का लहजा संयमित होना चाहिए।सुनवाई के दौरान अंबानी की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि चैनल पर प्रसारित कार्यक्रमों में फ्रॉडस्टर और स्टुपिड जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा...

अनिश्चितकाल तक रोक नहीं लगा सकते: हाईकोर्ट ने इंग्लैंड निवासी डॉक्टर से मांगा जांच में सहयोग का भरोसा
अनिश्चितकाल तक रोक नहीं लगा सकते: हाईकोर्ट ने इंग्लैंड निवासी डॉक्टर से मांगा जांच में सहयोग का भरोसा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में यूके में कार्यरत डॉक्टर डॉ. संग्राम पाटिल को राहत देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को अनिश्चितकाल तक रोका नहीं जा सकता।जस्टिस अश्विन भोबे ने सुनवाई के दौरान डॉक्टर पाटिल को निर्देश दिया कि वह अदालत में लिखित आश्वासन (अंडरटेकिंग) दाखिल करें जिसमें यह स्पष्ट हो कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर भारत वापस आएंगे।अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी को भी अपनी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी...

1993 बम धमाका मामला: अबू सलेम को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने समयपूर्व रिहाई की याचिका खारिज की
1993 बम धमाका मामला: अबू सलेम को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने समयपूर्व रिहाई की याचिका खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 1993 मुंबई बम धमाका मामले के दोषी अबू सलेम की समयपूर्व रिहाई की याचिका खारिज की। सलेम ने दावा किया था कि वह 25 साल की सजा पूरी कर चुका है और भारत-पुर्तगाल के बीच हुए प्रत्यर्पण समझौते के अनुसार उसे रिहा किया जाना चाहिए।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता की खंडपीठ ने ओपन कोर्ट में आदेश सुनाते हुए कहा कि इस समय रिहाई पर कोई अंतिम टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।अदालत ने कहा,“सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार रिहाई और रिमिशन की गणना रिहाई से एक माह पहले की जानी है, इसलिए इस स्तर पर...

बिना प्रक्रिया बैंक अकाउंट फ्रीज करना गैरकानूनी: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अधिकारी पर 25 हजार का जुर्माना लगाया
बिना प्रक्रिया बैंक अकाउंट फ्रीज करना गैरकानूनी: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अधिकारी पर 25 हजार का जुर्माना लगाया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बिना बैंक अकाउंट अटैच करना संविधान के अनुच्छेद 300ए के तहत संपत्ति के अधिकार का उल्लंघन है। अदालत ने इस मामले में संबंधित अधिकारी पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।जस्टिस जी. एस. कुलकर्णी और जस्टिस आरती साठे की खंडपीठ याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें राज्य कर विभाग द्वारा 23 जनवरी, 2026 को जारी बैंक अकाउंट की अस्थायी अटैचमेंट आदेश को चुनौती दी गई।याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि बिना कोई ठोस आधार बनाए, बिना उचित कारण...

पोंडा उपचुनाव पर रोक: बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- एक वर्ष से कम शेष कार्यकाल होने पर चुनाव नहीं
पोंडा उपचुनाव पर रोक: बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- एक वर्ष से कम शेष कार्यकाल होने पर चुनाव नहीं

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गोवा के पोंडा विधानसभा क्षेत्र के प्रस्तावित उपचुनाव रद्द करते हुए महत्वपूर्ण फैसला दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी सीट के लिए होने वाले उपचुनाव के बाद निर्वाचित प्रतिनिधि के पास एक वर्ष से कम कार्यकाल बचता है तो ऐसा उपचुनाव नहीं कराया जा सकता।यह मामला भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा 16 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना को चुनौती देने से जुड़ा था, जिसमें पोंडा सीट पर उपचुनाव की घोषणा की गई।जस्टिस वाल्मीकि मेनेज़ेस और जस्टिस अमित एस. जामसांडेकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान...

साइबर ठगी में फंसे कारोबारी को राहत: बॉम्बे हाईकोर्ट ने HDFC बैंक को ₹38.04 लाख लौटाने का दिया आदेश
साइबर ठगी में फंसे कारोबारी को राहत: बॉम्बे हाईकोर्ट ने HDFC बैंक को ₹38.04 लाख लौटाने का दिया आदेश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने साइबर धोखाधड़ी के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए HDFC बैंक को निर्देश दिया कि वह पुणे के कारोबारी को 38.04 लाख रुपये वापस करे। अदालत ने कहा कि ग्राहक की कोई गलती नहीं पाई गई और वह “शून्य देयता” के सिद्धांत का लाभ पाने का हकदार है।जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने यह आदेश देते हुए स्पष्ट किया कि धोखाधड़ी सिम स्वैपिंग/क्लोनिंग के जरिए की गई, जिसमें ग्राहक की कोई भूमिका नहीं थी।मामले के अनुसार, 14 सितंबर 2021 को कारोबारी के खाते में तीन अज्ञात लोगों को...

प्रेम संबंध में विवाह कर संतान होने पर किशोरों को परेशान नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने POCSO FIR रद्द की
प्रेम संबंध में विवाह कर संतान होने पर किशोरों को परेशान नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने POCSO FIR रद्द की

बॉम्बे हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि प्रेम संबंध में जुड़े दो किशोर यदि विवाह कर लेते हैं और उनके संबंध से संतान जन्म लेती है तो ऐसे मामलों में पोक्सो कानून और बाल विवाह निषेध कानून के तहत उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए।औरंगाबाद पीठ में जस्टिस संतोष चपलगांवकर ने राहुल सुरुषे के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करते हुए यह टिप्पणी की। यह FIR लड़की के पिता की शिकायत पर दर्ज की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि युवक ने उनकी नाबालिग बेटी से संबंध बनाकर विवाह किया।अदालत ने पाया कि घटना के...

अदालतें असली और मनगढ़ंत मामलों में फ़र्क करें, जहां लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा हो: बॉम्बे हाईकोर्ट ने MCOCA आरोपी को ज़मानत देने से किया इनकार
अदालतें 'असली' और 'मनगढ़ंत' मामलों में फ़र्क करें, जहां लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा हो: बॉम्बे हाईकोर्ट ने MCOCA आरोपी को ज़मानत देने से किया इनकार

महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) 1999 के तहत आरोपी द्वारा किए गए 'सोची-समझी' कोशिश को देखते हुए, ताकि मुक़दमा शुरू ही न हो, बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में इस बात पर ज़ोर दिया कि अदालतों को 'लंबे समय तक जेल में रहने' के 'असली' मामलों और 'मनगढ़ंत' मामलों के बीच फ़र्क करना चाहिए; ऐसे मामलों में मुक़दमे में देरी का कारण आरोपी ही होता है।सिंगल जज जस्टिस रवींद्र जोशी ने रंगदारी के मामले में आरोपी द्वारा दायर ज़मानत याचिका पर फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि उनके सामने पेश आवेदक विक्रम भुतेकर ने...

भारतीय जब विदेश में सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर सकते हैं तो भारत में क्यों नहीं? सड़क दुर्घटना मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का सवाल
भारतीय जब विदेश में सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर सकते हैं तो भारत में क्यों नहीं? सड़क दुर्घटना मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का सवाल

जब विदेश यात्रा पर जाने वाले भारतीय वहाँ के ट्रैफिक से जुड़े नियमों और कानूनों का पालन कर सकते हैं तो वे यहां भारत में सड़क नियमों का पालन क्यों नहीं कर सकते? बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक सड़क दुर्घटना मुआवज़ा मामले का निपटारा करते हुए यह सवाल उठाया। इस मामले में पार्किंसन बीमारी से पीड़ित एक पुजारी की मौत ठाणे म्युनिसिपल ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (TMTC) की बस की टक्कर लगने से हो गई।सिंगल बेंच जज जितेंद्र जैन ने इस बात पर नाराज़गी ज़ाहिर की कि भारतीय लोग सड़क पार करते समय सुरक्षा नियमों का पालन...

बॉम्बे हाईकोर्ट में PIL: गॉडमैन अशोक खरात केस के बाद अंधविश्वास विरोधी कानून के तहत नियमों की मांग
बॉम्बे हाईकोर्ट में PIL: 'गॉडमैन' अशोक खरात केस के बाद अंधविश्वास विरोधी कानून के तहत नियमों की मांग

महिलाओं का यौन शोषण करने के आरोपी खुद को 'गॉडमैन' कहने वाले अशोक खरात के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट की कोल्हापुर बेंच में PIL दायर की गई। इस PIL में दावा किया गया कि 'महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुराई और अघोरी प्रथाओं और काला जादू रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम, 2013' का क्रियान्वयन 'असरदार नहीं' है।इस अधिनियम को 'अंधविश्वास विरोधी कानून' के नाम से भी जाना जाता है।यह याचिका 'महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति' के 11 सदस्यों द्वारा वकील असीम सरोदे के माध्यम से दायर की...

धुरंधर की स्क्रिप्ट को लेकर संतोष कुमार और आदित्य धर आमने-सामने: हाईकोर्ट ने मानहानिकारक टिप्पणी करने पर लगाई रोक
'धुरंधर' की स्क्रिप्ट को लेकर संतोष कुमार और आदित्य धर आमने-सामने: हाईकोर्ट ने मानहानिकारक टिप्पणी करने पर लगाई रोक

हाल ही में रिलीज़ हुई बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर' के डायरेक्टर आदित्य धर को थोड़ी राहत देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को फिल्ममेकर संतोष कुमार को फिल्म के बारे में कोई भी ऐसी टिप्पणी करने से रोक दिया, जो मानहानिकारक हो सकती है।सिंगल-जज जस्टिस आरिफ डॉक्टर ने सीनियर वकील डॉ. बीरेंद्र सराफ की संक्षिप्त दलीलें सुनीं, जो धर की तरफ से पेश हुए। उन्होंने कोर्ट से गुज़ारिश की कि कम-से-कम अंतरिम आदेश जारी किया जाए, क्योंकि कुमार मीडिया में फिल्म और अपने क्लाइंट (धर) के खिलाफ लगातार मानहानिकारक बयान दे रहे...

महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट एक्ट के तहत अधिकारियों को किसी ट्रस्ट के नाम में बदलाव करने का अधिकार नहीं: बॉम्बे हाइकोर्ट का अहम फैसला
महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट एक्ट के तहत अधिकारियों को किसी ट्रस्ट के नाम में बदलाव करने का अधिकार नहीं: बॉम्बे हाइकोर्ट का अहम फैसला

बॉम्बे हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट अधिनियम के तहत अधिकारियों को किसी ट्रस्ट के नाम में बदलाव करने का अधिकार नहीं है। अदालत ने कहा कि कानून की व्यवस्था में ट्रस्ट के नाम की उपयुक्तता की जांच का कोई प्रावधान ही नहीं है।जस्टिस शर्मिला यू. देशमुख ने यह फैसला नेशनल एग को-ऑर्डिनेशन कमेटी की याचिका पर सुनाया, जिसमें संयुक्त धर्मादाय आयुक्त के उस आदेश को चुनौती दी गई। इसमें ट्रस्ट के नाम से नेशनल शब्द हटाने का निर्देश दिया गया था।यह आदेश 14 सितंबर, 2023 को...

गोवा सरकार पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, शिवाजी महाराज की अवैध मूर्ति हटाने का आदेश
गोवा सरकार पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, 'शिवाजी महाराज' की अवैध मूर्ति हटाने का आदेश

गोवा में स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसे तुरंत हटाने का आदेश दिया। हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने कहा कि यह मूर्ति स्थानीय कानूनों का घोर उल्लंघन करते हुए मुरमुगांव पोर्ट प्राधिकरण की जमीन पर अवैध रूप से स्थापित की गई है।जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस और जस्टिस अमित जमसांडेकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान गोवा सरकार और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि राज्य इस पूरे मामले में मात्र मूक दर्शक बना रहा जो बेहद चिंताजनक है।अदालत...

कस्टडी में मौत के मामले में 7 पुलिसवालों पर हत्या का आरोप बरकरार: बॉम्बे हाईकोर्ट ने घिनौने यौन शोषण के आरोपों पर भी किया गौर
कस्टडी में मौत के मामले में 7 पुलिसवालों पर हत्या का आरोप बरकरार: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 'घिनौने' यौन शोषण के आरोपों पर भी किया गौर

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार (7 अप्रैल) को शहर की एक स्पेशल कोर्ट के लिए रास्ता साफ किया। अब यह कोर्ट मुंबई पुलिस के सात अधिकारियों पर हत्या और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप तय कर सकेगी। इन अधिकारियों के नाम 2014 के एग्नेलो वाल्डारिस की कस्टडी में हुई मौत के मामले में आए थे।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चंदक की डिवीज़न बेंच ने 17 सितंबर, 2022 को स्पेशल POCSO कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को सही ठहराया। इस आदेश में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 377 (अप्राकृतिक यौन संबंध), 302 (हत्या),...