बॉम्बे हाईकोर्ट

श्रुति हासन के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री हटाएं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस श्रुति हासन से जुड़ी ऐसी आपत्तिजनक सामग्री हटाने का निर्देश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को दिया, जो उनके सम्मान और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन करती है।जस्टिस माधव जामदार ने कहा कि श्रुति हासन ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रथम दृष्टया बेहद मजबूत मामला पेश किया। कोर्ट ने यह आदेश श्रुति हासन की ओर से दायर कमर्शियल मुकदमे की सुनवाई के दौरान दिया। मुकदमा 'द पायनियर' का प्रकाशन करने वाली कंपनी CMYK प्रिंटेक से अलग मामले में विभिन्न संस्थाओं और अज्ञात लोगों के...

Hanuman Chalisa Case: बॉम्बे हाईकोर्ट ने नवनीत राणा और उनके पति के खिलाफ FIR पर राज्य से मांगा स्पष्टीकरण

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार (2 सितंबर) को महाराष्ट्र सरकार को हलफ़नामा (Affidavit) दाखिल करने का निर्देश दिया। इसमें यह साफ़ करना होगा कि पूर्व सांसद और अब बीजेपी नेता नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा के ख़िलाफ़ FIR कब दर्ज की गई। यह मामला 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी आवास के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने के उनके आह्वान से जुड़ा है।सिंगल-जज जस्टिस शिवकुमार डिगे ने राज्य को हलफ़नामे पर यह स्पष्ट करने का आदेश दिया कि राणा दंपत्ति के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा...

मुस्लिम शब्द आगे या पीछे लगाने से जाति प्रमाण पत्र रद्द नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि 'मुस्लिम' एक धर्म है, न कि कोई जाति। इसलिए सिर्फ़ इसलिए जाति प्रमाण पत्र को अमान्य नहीं किया जा सकता, क्योंकि जाति के नाम के आगे या पीछे 'मुस्लिम' शब्द लिखा है। कोर्ट ने जाति जांच समिति के उस फ़ैसले को रद्द किया, जिसमें 12वीं कक्षा के एक छात्र का प्रमाण पत्र इस आधार पर अमान्य कर दिया गया था कि जिन दस्तावेज़ों पर उसने भरोसा किया - जिनमें उसके पूर्वजों के संविधान-पूर्व (आज़ादी से पहले के) दस्तावेज़ भी शामिल थे - उनमें उनकी जाति 'मुसलमान लोहार', 'लोहार मुस्लिम' आदि लिखी...

एक साल के बाद बर्थ रजिस्ट्रेशन में देरी होने पर सिर्फ़ जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास ही आदेश दे सकते हैं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि जिस जन्म का रजिस्ट्रेशन होने के एक साल के भीतर नहीं हुआ, उसका रजिस्ट्रेशन 'जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1969' की धारा 13(3) के तहत केवल जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास के आदेश पर ही किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट या मामलातदार एक साल से ज़्यादा की देरी वाले रजिस्ट्रेशन के मामले में अधिकार का इस्तेमाल नहीं कर सकते, और मध्य प्रदेश के नियमों के उस नियम 9 को रद्द किया, जिसमें ऐसा प्रावधान था।जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस एक रिट याचिका पर विचार कर...

नितिन गडकरी E20 डीपफेक: बॉम्बे हाईकोर्ट ने X से कंटेंट हटाने के आदेश का पालन करने को कहा

बुधवार (2 सितंबर) को बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को उन डीपफेक और AI वीडियो को हटाने का अपना आदेश दोहराया, जिनमें वरिष्ठ BJP नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को इथेनॉल-मिश्रित ईंधन की विवादास्पद नीति से जोड़ा गया।हाईकोर्ट ने प्लेटफॉर्म्स को और भी आपत्तिजनक कंटेंट हटाने का आदेश दिया, जिसे हाल ही में गडकरी ने उजागर किया।सिंगल-जज जस्टिस आरिफ डॉक्टर ने कहा कि 5 अगस्त को स्पष्ट आदेश जारी होने के बावजूद, कुछ आपत्तिजनक कंटेंट, खासकर X (पहले ट्विटर) पर, अभी तक नहीं हटाया गया। इसलिए...

अब CBI करेगी दिशा सालियान मौत मामले की जांच, हाईकोर्ट ने कहा- पर्याप्त सबूत के बिना किसी को आरोपी न बनाया जाए

एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को बड़ा आदेश देते हुए जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी। जस्टिस सारंग कोतवाल और जस्टिस रंजितसिंहा भोंसले की खंडपीठ ने दिशा के पिता सतीश सालियान की याचिका पर सुनवाई करते हुए CBI को मामले की जांच के लिए वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया।हालांकि, हाईकोर्ट ने जांच को लेकर महत्वपूर्ण सावधानी भी बरती। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि जांच अधिकारी को किसी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त...

भारतीय कानून में ज्वाइंट पेरेंटिंग की कोई मान्यता नहीं, बच्चे का हित माता-पिता के अधिकारों से ऊपर: बॉम्बे हाईकोर्ट

बच्चे की अभिरक्षा और संरक्षकता से जुड़े मामलों में अदालत का मुख्य ध्यान माता-पिता के अधिकारों पर नहीं बल्कि बच्चे के हित और कल्याण पर होना चाहिए। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय कानून में ज्वाइंट पेरेंटिंग की कोई स्वतंत्र कानूनी मान्यता नहीं है। अदालत ने यह टिप्पणी करते हुए बांद्रा फैमिली कोर्ट का वह आदेश रद्द किया, जिसमें एक दंपती के 14 वर्षीय बच्चे के लिए दोनों माता-पिता के बीच 50-50 प्रतिशत समय के आधार पर साझा अभिरक्षा की व्यवस्था तय की गई थी।जस्टिस गौरी गोडसे ने कहा कि भारत में बच्चे की...

जॉइंट याचिका में कोर्ट फ़ीस हर याचिकाकर्ता के हिसाब से देनी होगी, न कि हर याचिका के हिसाब से: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि जब कई याचिकाकर्ताओं के अलग-अलग मामले (कॉज़ ऑफ़ एक्शन) एक जॉइंट रिट याचिका के ज़रिए उठाए जाते हैं, तो कोर्ट फ़ीस "हर याचिकाकर्ता" के हिसाब से देनी होती है, न कि "हर याचिका" के हिसाब से। कोर्ट ने देखा कि जहां "एक ही" या "कॉमन" मामला (कॉज़ ऑफ़ एक्शन) उठाया जाता है और उससे पूरे ग्रुप को फ़ायदा होता है, वहां एक बार कोर्ट फ़ीस देना ही काफ़ी होता है।जस्टिस संदीप वी. मार्ने एक अंतरिम अर्ज़ी पर विचार कर रहे थे। इस अर्ज़ी में यह घोषणा करने की मांग की गई कि महाराष्ट्र कोर्ट फ़ीस...

अकबरुद्दीन ओवैसी का भाषण प्रथम दृष्टया भगवान राम का मज़ाक उड़ाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला: हाईकोर्ट का केस रद्द करने से इनकार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) नेता अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ भगवान राम और उनकी माता के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए शुरू की गई कार्यवाही रद्द करने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि 'संवैधानिक सहिष्णुता' को किसी समुदाय की धार्मिक भावनाओं का जानबूझकर अपमान करने की छूट नहीं माना जा सकता।सिंगल-जज जस्टिस रवींद्र जोशी ने कहा कि हमारे देश में भगवान राम की पूजा की जाती है, इसलिए तेलंगाना के MLA ओवैसी द्वारा 2011 में महाराष्ट्र के नांदेड़ में अपने...

क्या आपको लगता है कि आप कोई लॉर्ड हैं? बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के ईटरीज़ के सस्पेंशन को लेकर FDA अधिकारी को फटकार लगाई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शनिवार को महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को कड़ी फटकार लगाई। FDA ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के परिसर में चल रही पांच ईटरीज़ के लाइसेंस सस्पेंशन को बनाए रखने के लिए "बिना सोचे-समझे आदेश" (Mechanical Orders) जारी किए, जबकि कोर्ट ने पहले ही इस मामले पर दोबारा विचार करने और ठोस वजहों के साथ आदेश जारी करने का निर्देश दिया।गौरतलब है कि पिछले हफ्ते हाईकोर्ट ने FDA को परिसर का दोबारा निरीक्षण करने और पांच ईटरीज़ - परमिट रूम, ओरिएंटल स्विंग, क्लबवे एंड पेस्ट्री...

मराठी भाषा विवाद: महाराष्ट्र सरकार ने हाईकोर्ट में कहा- सभी रिक्शा और कैब ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए एक साल का समय दिया जाएगा

महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि राज्य भर के ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और कैब ड्राइवरों को मराठी सीखने और उसमें महारत हासिल करने के लिए एक साल का समय दिया जाएगा। सरकार ने पहले नियम बनाया था कि ऐसे ड्राइवरों को भाषा का "काम-चलाऊ ज्ञान" होना चाहिए, जिसे चुनौती दी गई।यह जानकारी एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखाड की बेंच के सामने दी गई। यह बेंच चार उबर ड्राइवरों द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें टैक्सी परमिट पाने के लिए अनिवार्य मराठी भाषा...

एक भी छात्र की जान नहीं जानी चाहिए: हाईकोर्ट ने पुणे में 15 दिन से भूख हड़ताल कर रहे आदिवासी छात्रों के लिए मेडिकल सुविधा का निर्देश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शनिवार को महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि वह पुणे में पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे आदिवासी छात्रों के लिए तुरंत मेडिकल सुविधा सुनिश्चित करे। यह निर्देश तब दिया गया, जब कोर्ट को बताया गया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों में से एक की तबीयत बिगड़ गई।एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे ने कहा,"हम नहीं चाहते कि किसी भी छात्र की जान जाए।" जस्टिस गौतम अंखाड के साथ मिलकर बनी डिवीजन बेंच ने इस मामले पर तुरंत सुनवाई की। बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह प्रदर्शन कर रहे...

आर्टिकल 25 के तहत धार्मिक जुलूस के लिए किसी खास रास्ते को चुनने का अधिकार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि आर्टिकल 25 के तहत अपने धर्म का पालन करने का अधिकार कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक व्यवस्था और आबादी के दूसरे वर्गों की ज़रूरतों के अधीन है, खासकर तब जब किसी खास तरीके से इस अधिकार का इस्तेमाल करने से उन पर बुरा असर पड़ता हो। कोर्ट ने कहा कि अपने धर्म का पालन करने का अधिकार एक बात है और उसे किसी खास तरीके से करना दूसरी बात।जस्टिस अनिल एस. किलोर और जस्टिस रजनीश आर. व्यास की डिवीज़न बेंच याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह याचिका डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस के 1 अगस्त, 2026 के उस आदेश...

बॉम्बे हाईकोर्ट का केंद्र को सुझाव- आधार एक्ट में बदलाव करे ताकि ​​नकली पहचान का इस्तेमाल करने वाले विदेशी नागरिकों को वापस भेजा जा सकें

भारत की सीमाओं में घुसपैठ करने वाले और अपनी पहचान छिपाने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड जैसे ज़रूरी दस्तावेज़ धोखाधड़ी से हासिल करने वाले विदेशियों के 'चिंताजनक पैटर्न' पर ध्यान देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में केंद्र सरकार और यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (UIDAI) को आधार (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं की लक्षित डिलीवरी) एक्ट, 2016 में बदलाव करने पर विचार करने का आदेश दिया। यह आदेश ऐसे विदेशी नागरिकों का तुरंत पता लगाने और उन्हें वापस भेजने के लिए दिया गया, जो भारत में...

ऑटोरिक्शा और कैब परमिट के लिए मराठी भाषा की जानकारी अनिवार्य करने वाले फ़ैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती

महाराष्ट्र सरकार ने सभी ऑटोरिक्शा, टैक्सी और ऐप-बेस्ड कैब ड्राइवरों के लिए 'मराठी भाषा की कामकाजी जानकारी' ज़रूरी करने के अपने फ़ैसले को 'सख्ती' से लागू करना शुरू किया। इसके कुछ दिनों बाद ही बॉम्बे हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई। इस याचिका में फ़ैसले को चुनौती देते हुए तर्क दिया गया कि जो 'भारतीय नागरिक' अपनी रोज़ी-रोटी कमाने के लिए महाराष्ट्र आते हैं, उनके साथ 'बाहरी' लोगों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।यह PIL चार उबर (Uber) कैब ड्राइवरों ने दायर की। वे राज्य के गृह (परिवहन) विभाग की...

बॉम्बे हाईकोर्ट: RTI के तहत निजी संस्था से जानकारी जुटाकर देना सार्वजनिक प्राधिकरण की जिम्मेदारी नहीं

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) के तहत कोई सार्वजनिक प्राधिकरण निजी संस्था से जानकारी हासिल कर RTI आवेदक को उपलब्ध कराने के लिए बाध्य नहीं है। हालांकि, उसके पास आवेदन के समय जो जानकारी उपलब्ध है, उसे कानून के अनुसार देना उसकी जिम्मेदारी है।जस्टिस मनीष पिताले और जस्टिस श्रीराम वी. शिरसाट की खंडपीठ ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) की ओर से दायर याचिकाओं के एक समूह पर सुनवाई की। याचिकाओं में केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के उन...

बॉम्बे हाईकोर्ट: कानून के तहत आरक्षण खत्म होने के बाद उसी जमीन को नए डेवलपमेंट प्लान में फिर से आरक्षित नहीं किया जा सकता

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी जमीन का आरक्षण कानून के संचालन से खत्म (dereserve) हो जाने के बाद उसे बाद के संशोधित डेवलपमेंट प्लान में उद्देश्य में मामूली बदलाव करके दोबारा आरक्षित नहीं किया जा सकता।जस्टिस रंजीतसिंहा राजा भोंसले और जस्टिस एम.एस. कर्णिक की खंडपीठ ने संविधान के अनुच्छेद 226 और महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन अधिनियम, 1966 (MRTP Act) की धारा 127 के तहत दायर याचिका पर सुनवाई की। याचिका में नासिक महानगरपालिका के स्वीकृत डेवलपमेंट प्लान में सार्वजनिक सुविधा के लिए किए गए जमीन...

ICC ने यौन तत्व न होने के आधार पर शिकायत खारिज की तो महिला औद्योगिक अदालत में कर सकती है अपील: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायत पर आंतरिक शिकायत समिति (ICC) यदि बिना जांच किए ही यह कहते हुए शिकायत खारिज कर देती है कि उसमें कोई यौन तत्व नहीं है, तो भी उसका ऐसा निर्णय यौन उत्पीड़न अधिनियम के तहत सिफारिश माना जाएगा। ऐसी सिफारिश के खिलाफ पीड़ित महिला औद्योगिक अदालत में अपील कर सकती है।जस्टिस संदीप मारणे ने कहा कि यदि जांच किए बिना ICC के फैसले को सिफारिश नहीं माना गया तो संबंधित महिला के पास उसके खिलाफ कोई कानूनी उपाय नहीं बचेगा।हाईकोर्ट...

स्कूल जाने के लिए 30 किलोमीटर पैदल चल रहे 228 बच्चों की सुरक्षा पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, सरकार की उदासीनता पर जताई नाराजगी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सह्याद्री टाइगर रिजर्व और चांदोली राष्ट्रीय उद्यान के वन्यजीव प्रभावित इलाकों से होकर स्कूल जाने वाले 228 बच्चों की सुरक्षा को लेकर महाराष्ट्र सरकार और संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई।अदालत ने कहा कि बच्चों को रोजाना करीब 30 किलोमीटर तक पैदल चलकर स्कूल जाने के लिए मजबूर होना और उनकी सुरक्षा के लिए न्यूनतम परिवहन सुविधा तक उपलब्ध न कराना सरकार की गंभीर उदासीनता को दर्शाता है।जस्टिस शर्मिला देशमुख और जस्टिस नीरज धोटे की खंडपीठ ने कहा कि कम से कम 228 बच्चे...