बॉम्बे हाईकोर्ट

BREAKING | CEC ज्ञानेश कुमार के 14 आदेशों को रद्द करने को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका
बॉम्बे हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार द्वारा लिए गए 14 फैसलों को चुनौती दी गई। आरोप है कि ये फैसले अन्य दो चुनाव आयुक्तों - डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी - की दर्ज आपत्तियों के बावजूद लिए गए। इससे भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के सामूहिक कामकाज पर सवाल उठते हैं।कोल्हापुर बेंच के सामने वकील असीम सरोदे के ज़रिए दायर इस याचिका में आरोप लगाया गया कि मतदाता सूची, मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची डेटाबेस और चुनावी पंजीकरण अधिकारियों के कामकाज से जुड़े...

डॉक्टर्स पर ऑक्सीजन सप्लाई बंद करने का आरोप: बॉम्बे हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार (23 सितंबर) को एक ही परिवार के तीन लोगों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से इनकार किया। इन लोगों पर पुणे के अस्पताल के ICU वार्ड की ऑक्सीजन सप्लाई बंद करने का आरोप है।सिंगल-जज जस्टिस रंजीतसिंह भोसले ने कहा कि इन तीनों लोगों के खिलाफ प्रथम दृष्टया (prima facie) मजबूत मामला बनता है, और ये तीनों प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर हैं।बेंच ने याचिका खारिज करते हुए कहा,"मेरी राय में मामले के तथ्य CrPC की धारा 482 के तहत कोर्ट के इनहेरेंट ज्यूरिस्डिक्शन (अंतर्निहित अधिकार क्षेत्र) का...

संज्ञान लेने के बाद मजिस्ट्रेट धारा 156(3) CrPC के तहत जांच का आदेश नहीं दे सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा है कि एक बार मजिस्ट्रेट किसी शिकायत का संज्ञान लेकर CrPC के Chapter XV के तहत कार्यवाही शुरू कर देता है, तो वह दोबारा संज्ञान-पूर्व चरण में वापस जाकर धारा 156(3) CrPC के तहत पुलिस जांच का आदेश नहीं दे सकता।जस्टिस रणजीत सिंह राजा भोंसले ने एक आवेदन पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। आवेदन में Judicial Magistrate First Class के आदेश और उस आदेश के आधार पर दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की गई थी। FIR में IPC की धाराओं 420, 406, 465, 467 और 34 के तहत...

कोर्ट की सहमति डिक्री के रजिस्ट्रेशन के लिए हाउसिंग सोसायटी की NOC जरूरी नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट के आदेश से हुई सहमति डिक्री के रजिस्ट्रेशन के लिए कलेक्टर सहकारी हाउसिंग सोसायटी से अनापत्ति प्रमाणपत्र यानी NOC लेने की शर्त नहीं लगा सकता जब कानून में ऐसी कोई अनिवार्यता निर्धारित नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि किसी वैधानिक प्रावधान, नियम, विनियम या अधिसूचना के अभाव में सोसायटी की NOC मांगना कानूनी रूप से बाध्यकारी डिक्री के क्रियान्वयन में बाधा डालने वाला रवैया है।जस्टिस अद्वैत एम. सेठना और जस्टिस सुमन श्याम की खंडपीठ ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई करते हुए की,...

'स्टूडेंट के साथ इंस्टाग्राम चैट ज़मानत न देने का एकमात्र आधार नहीं हो सकती': बॉम्बे हाईकोर्ट ने POCSO मामले में ट्यूशन टीचर को ज़मानत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्राइवेट ट्यूशन क्लास चलाने वाले सीनियर सिटिज़न को ज़मानत दी। उन पर 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (POCSO Act), 2012' की धारा 4, 8, 10 और 18 के तहत मामला दर्ज किया गया था।कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष (Prosecution) द्वारा पेश की गई इंस्टाग्राम चैट ज़मानत न देने का एकमात्र आधार नहीं हो सकती। कोर्ट ने गौर किया कि चैट में कथित अपराध का साफ़ तौर पर ज़िक्र नहीं था और न ही उसमें अपराध के समय, जगह या प्रकृति के बारे में बताया गया। जस्टिस मिलिंद एन. जाधव भारतीय नागरिक...

धार्मिक जुलूसों में पटाखे, लेजर लाइट और तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम पर रोक, मंडलों को देना होगा ₹1 लाख तक का सिक्योरिटी डिपॉजिट: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में धार्मिक जुलूसों और उत्सवों के दौरान होने वाले ध्वनि एवं वायु प्रदूषण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने सार्वजनिक सड़कों और अन्य स्थानों पर धार्मिक जुलूसों के दौरान पटाखे फोड़ने, लेजर लाइट, हाई-इंटेंसिटी लाइट और तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि त्योहारों को अधिक गरिमापूर्ण और सभ्य तरीके से मनाने की जरूरत है।जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की डिवीजन बेंच ने कहा कि मुंबई, ठाणे, पुणे और नासिक...

PMLA में गिरफ्तारी बड़ी कार्रवाई, धारा 50 की पूछताछ छोड़कर उसी सामग्री पर ED नहीं कर सकती गिरफ्तारी: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि PMLA के तहत गिरफ्तारी एक गंभीर और कठोर कार्रवाई है। यदि प्रवर्तन निदेशालय ने किसी व्यक्ति से पूछताछ, उसका बयान दर्ज करने या दस्तावेजों के आधार पर उसका सामना कराने के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 50 के तहत अदालत से अनुमति ली है, तो वह प्रक्रिया पूरी किए बिना उसी सामग्री के आधार पर धारा 19 के तहत व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर सकता।जस्टिस मिलिंद जाधव ने यह टिप्पणी PMLA के तहत आरोपी कारोबारी राजेंद्र लोढ़ा को जमानत देते हुए की। अदालत ने कहा कि यदि प्रवर्तन...

धार्मिक जुलूसों में शोर की सीमा लागू करने के लिए मंडलों को सिक्योरिटी डिपॉज़िट जमा करना होगा, पटाखों पर लगेगी रोक: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार (22 सितंबर) को कहा कि वह विस्तृत आदेश जारी करेगा, जिसमें तय सीमा से ज़्यादा शोर करने वाले पटाखों और धार्मिक जुलूसों के दौरान ढोल समूहों द्वारा म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट के तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले सिलेंडरों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी।जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की डिवीज़न बेंच ने सोमवार को धार्मिक जुलूसों के दौरान होने वाले शोर प्रदूषण के मुद्दे पर स्वतः संज्ञान (suo motu cognizance) लिया था।मामला जब सुनवाई के लिए आया तो बेंच ने एमिक्स...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने धार्मिक जुलूसों से होने वाले शोर-शराबे का स्वत:संज्ञान लिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार (21 सितंबर) को मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य शहरों में धार्मिक जुलूसों के दौरान होने वाले शोर-शराबे के मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लिया।जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की डिवीज़न बेंच ने महाराष्ट्र सरकार को यह बताने का आदेश दिया कि उसने धार्मिक जुलूसों के दौरान डीजे (DJ) से होने वाले शोर-शराबे को रोकने के लिए क्या कदम उठाए।बेंच ने गौर किया कि गणेश चतुर्थी के मौजूदा त्योहार के दौरान, डीजे आधी रात के बाद भी बज रहे हैं, जिससे निवासियों को शोर-शराबे की समस्या हो रही...

मोबाइल वीडियो में ₹300 की रिश्वत मांगने का सबूत: बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुलिस को धमकाने के आरोपी के खिलाफ मामला रद्द किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 353, 504 और 506 के तहत आरोपी व्यक्ति के खिलाफ़ चार्जशीट रद्द की। कोर्ट ने पाया कि मोबाइल फ़ोन फुटेज और WhatsApp बातचीत से पहली नज़र में यह पता चलता है कि शिकायतकर्ता पुलिस कॉन्स्टेबल ने उसका ड्राइविंग लाइसेंस लौटाने के बदले उससे ₹300 की मांग की। कोर्ट ने कहा कि इसके बाद आरोपी पर आपराधिक धमकी का झूठा मामला थोपा गया, और अभियोजन पक्ष की कहानी को "पूरी तरह से अविश्वसनीय" और "झूठी और मनगढ़ंत" पाया।जस्टिस मिलिंद एन. जाधव आपराधिक अर्जी पर सुनवाई कर...

स्क्रूटनी कमिटी के जाति प्रमाण पत्र अमान्य किए जाने के बाद अपील खारिज होने के 30 दिनों तक उससे मिलने वाले लाभ वापस नहीं लिए जा सकते: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र के आधार पर दिए गए लाभ तब तक वापस नहीं लिए जा सकते, जब तक कि स्क्रूटनी कमिटी द्वारा उसे अमान्य किए जाने के खिलाफ की गई अपील खारिज होने के 30 दिन पूरे न हो जाएं। कोर्ट ने 'महाराष्ट्र अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विमुक्त जनजाति, खानाबदोश जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और विशेष पिछड़ा वर्ग (जाति प्रमाण पत्र जारी करने और सत्यापन का विनियमन) अधिनियम, 2000' की धारा 10(5) का हवाला देते हुए निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को दिए गए लाभ तब तक वापस नहीं लिए जा सकते, जब...

बढ़ती गंदगी से बॉम्बे हाईकोर्ट नाराज, सार्वजनिक जगहों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई का दिया निर्देश
बॉम्बे हाईकोर्ट ने नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) को निर्देश दिया कि वह सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों पर कचरा और गंदगी जमा होने से रोकने या उसे साफ करने में नाकाम रहने वाले वार्ड अधिकारियों और उनके मातहत अधिकारियों की जवाबदेही तय करें। कोर्ट ने नगर निगम से यह भी कहा कि वह अवैध रूप से कचरा फेंकने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), MMC Act और पर्यावरण कानूनों के तहत मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू करे।जस्टिस जी.एस. कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की डिवीजन बेंच एक रिट याचिका पर सुनवाई...

"पारिवारिक झगड़ा" का मतलब पीढ़ियों तक चलने वाला विवाद नहीं, एक ही पीढ़ी के सदस्यों के बीच का विवाद भी इसमें शामिल हो सकता है: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि "पारिवारिक झगड़ा" का मतलब ज़रूरी नहीं कि पीढ़ियों से चला आ रहा विवाद हो; एक ही पीढ़ी के परिवार के सदस्यों के बीच पहले हुआ विवाद भी पारिवारिक झगड़ा माना जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि जब किसी मामले के तथ्य एक ही गाइडलाइन के तहत अलग-अलग कैटेगरी में आते हैं, तो दोषी के लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद कैटेगरी लागू की जानी चाहिए।जस्टिस वैशाली पाटिल-जाधव और जस्टिस संदीपकुमार सी. मोरे की डिवीज़न बेंच एक दोषी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। दोषी ने राज्य के उस फ़ैसले को चुनौती दी थी, जिसमें...

गणेश उत्सव में ध्वनि प्रदूषण के नियमों के पालन की मांग, बॉम्बे हाईकोर्ट में जनहित याचिका
गणेश चतुर्थी उत्सव के दौरान डीजे, लाउडस्पीकर और ढोल-ताशों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई। याचिका में आरोप लगाया गया कि धार्मिक आयोजनों के दौरान ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट द्वारा अगस्त 2016 में जारी किए गए निर्देशों का राज्य में प्रभावी ढंग से पालन नहीं हो रहा है। खासतौर पर पुणे जिले में धार्मिक मंडलों और नागरिक समूहों के बीच इस मुद्दे को लेकर तनाव की स्थिति बनने का दावा किया गया।चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना...

खुली पहुँच वाली सरकारी ज़मीन पर परमिट पाने वाला व्यक्ति सिर्फ़ अपने इस्तेमाल का अधिकार नहीं जता सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि जिस सरकारी ज़मीन पर किसी व्यक्ति को आने-जाने की इजाज़त दी गई, उस पर सिर्फ़ उसी का अधिकार नहीं हो सकता, भले ही उसने वहाँ कोई सड़क या गेट बनाया हो। कोर्ट ने कहा कि आने-जाने का रास्ता याचिकाकर्ता और दूसरों, दोनों के लिए खुला रहना चाहिए। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता को आने-जाने से तब तक नहीं रोका जा सकता जब तक उसे सही नोटिस न दिया जाए।जस्टिस अरुण आर. पेडनेकर 'द डेक्कन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड' की रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। सोसाइटी ने कलेक्टर के 17...

मराठा कोटा पर चुनौती: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 3 जजों की नई बेंच बनाई, 9 अक्टूबर से फिर से शुरू होगी सुनवाई
बॉम्बे हाईकोर्ट की तीन जजों की नई बेंच 'महाराष्ट्र राज्य सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग आरक्षण अधिनियम, 2024' की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फिर से सुनवाई शुरू करेगी। यह कानून राज्य में शिक्षा और सरकारी नौकरियों में मराठा समुदाय को 10% आरक्षण देता है।इस नई फुल-बेंच (पूर्ण पीठ) की अध्यक्षता जस्टिस मकरंद कार्निक करेंगे। बेंच के अन्य सदस्यों में जस्टिस निजामुद्दीन जमादार और जस्टिस संदीप मारणे होंगे। बता दें, यह तीसरी बेंच होगी, जो इस मामले में दलीलों पर सुनवाई शुरू...

अधिग्रहित ज़मीन से जुड़े दूध के कारोबार के नुकसान पर मुआवज़ा मिल सकता है: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि अधिग्रहित ज़मीन पर बने अस्तबल से चलाए जा रहे दूध के कारोबार में हुए नुकसान के लिए मुआवज़ा मिल सकता है, क्योंकि लैंड एक्विजिशन एक्ट, 1894 की धारा 3(a) के तहत "ज़मीन" में ज़मीन से मिलने वाले फ़ायदे भी शामिल हैं। कोर्ट ने पाया कि अपीलकर्ता ने अपने दूध के कारोबार के बारे में सबूत पेश किए और यह कारोबार ज़मीन के अधिग्रहण के कारण ही बंद हुआ था।जस्टिस अभय आहूजा उस अपील पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें अधिग्रहित ज़मीन और मवेशियों के शेड के लिए मुआवज़ा बढ़ाने की मांग की गई। संबंधित...

TV9 के प्रबंध निदेशकों के खिलाफ मानहानि मामले में जारी प्रक्रिया रद्द, बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- नाम जोड़ने के बाद शिकायतकर्ता का बयान दोबारा दर्ज करना जरूरी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने TV9 न्यूज चैनल के प्रबंध निदेशकों रवि वेलिचेटी और नरसिम्हा मंगिपुडी के खिलाफ मानहानि मामले में मजिस्ट्रेट द्वारा जारी प्रक्रिया को रद्द किया।मामला मुंबई पुलिस अधिकारी राजेश सावणे की शिकायत से जुड़ा था, जिसमें चैनल पर पुलिस अधिकारी से मारपीट की घटना का वीडियो प्रसारित कर उन्हें कथित तौर पर बदनाम करने का आरोप लगाया गया। जस्टिस रणजीत सिंह भोंसले ने कहा कि शिकायत में दोनों प्रबंध निदेशकों के नाम बाद में जोड़े गए थे, लेकिन नाम जोड़ने के बाद मजिस्ट्रेट ने शिकायतकर्ता का बयान दोबारा...

महाराष्ट्र के धर्म-परिवर्तन विरोधी कानून को हाईकोर्ट में चुनौती, धार्मिक स्वतंत्रता और निजता के उल्लंघन का आरोप
बॉम्बे हाईकोर्ट में महाराष्ट्र धर्म की स्वतंत्रता (MFR) अधिनियम, 2026 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई। इसमें तर्क दिया गया कि यह कानून, जिसे 'धर्म-परिवर्तन विरोधी' कानून बताया जा रहा है, नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।यह याचिका मौलाना हलीमुल्लाह फारूक अहमद खान ने वकील अब्दुल मतीन शेख के माध्यम से MFR Act की वैधता को चुनौती देते हुए दायर की।उन्होंने तर्क दिया कि कानून के कई प्रावधान, विशेष रूप से धारा 2(a), 3, 6, 7 और 9, भारत के संविधान के तहत गारंटीकृत...

IT नियमों और 'सहयोग पोर्टल' के खिलाफ कुणाल कामरा की याचिका पर सुनवाई अनिश्चित काल के लिए स्थगित
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार (11 सितंबर) को कॉमेडियन कुणाल कामरा और सीनियर एडवोकेट हरेश जगतियानी की उन याचिकाओं पर सुनवाई अनिश्चित काल के लिए स्थगित, जिनमें 'सहयोग पोर्टल' और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स, 2021 के नियम 3(1)(d) में 2025 के संशोधन की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है।चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की डिवीजन बेंच ने गौर किया कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इसी मुद्दे पर बॉम्बे और कर्नाटक हाईकोर्ट में चल रही...
