बॉम्बे हाईकोर्ट
किरायेदार बना सह-मालिक तो बेदखली नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि यदि कोई किरायेदार बाद में संपत्ति का सह-मालिक बन जाता है तो उसके खिलाफ बेदखली की कार्यवाही जारी नहीं रखी जा सकती। अदालत ने स्पष्ट किया कि स्वामित्व का अधिकार मिलने के बाद किरायेदार की स्थिति बदल जाती है।जस्टिस राजेश एस. पाटिल इस मामले की सुनवाई कर रहे थे। मामला एक बेदखली वाद से जुड़ा था, जिसमें अवैध निर्माण, उप-किरायेदारी, उपयोग में बदलाव, वास्तविक आवश्यकता और किराया बकाया जैसे आधारों पर कार्रवाई की गई।सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कार्यवाही...
1993 बम धमाका मामला: अबू सलेम को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने समयपूर्व रिहाई की याचिका खारिज की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 1993 मुंबई बम धमाका मामले के दोषी अबू सलेम की समयपूर्व रिहाई की याचिका खारिज की। सलेम ने दावा किया था कि वह 25 साल की सजा पूरी कर चुका है और भारत-पुर्तगाल के बीच हुए प्रत्यर्पण समझौते के अनुसार उसे रिहा किया जाना चाहिए।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता की खंडपीठ ने ओपन कोर्ट में आदेश सुनाते हुए कहा कि इस समय रिहाई पर कोई अंतिम टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।अदालत ने कहा,“सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार रिहाई और रिमिशन की गणना रिहाई से एक माह पहले की जानी है, इसलिए इस स्तर पर...
यदि मुकदमा चल रहा हो तो लंबी हिरासत भर से नहीं मिलेगी जमानत: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल लंबे समय तक जेल में रहना जमानत देने का आधार नहीं बन सकता यदि मुकदमे की सुनवाई शुरू हो चुकी हो और आगे बढ़ रही हो। अदालत ने स्पष्ट किया कि देरी के आधार पर जमानत देने वाले पुराने फैसले उन मामलों पर लागू होते हैं जहां ट्रायल शुरू ही नहीं हुआ था।मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस वाई. जी. खोबरागड़े ने एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज की, जो जुलाई, 2019 से हिरासत में है। आरोपी ने तर्क दिया कि वह छह साल से अधिक समय से जेल में है और अभी तक मुकदमे का...
बिना प्रक्रिया बैंक अकाउंट फ्रीज करना गैरकानूनी: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अधिकारी पर 25 हजार का जुर्माना लगाया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बिना बैंक अकाउंट अटैच करना संविधान के अनुच्छेद 300ए के तहत संपत्ति के अधिकार का उल्लंघन है। अदालत ने इस मामले में संबंधित अधिकारी पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।जस्टिस जी. एस. कुलकर्णी और जस्टिस आरती साठे की खंडपीठ याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें राज्य कर विभाग द्वारा 23 जनवरी, 2026 को जारी बैंक अकाउंट की अस्थायी अटैचमेंट आदेश को चुनौती दी गई।याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि बिना कोई ठोस आधार बनाए, बिना उचित कारण...
पोंडा उपचुनाव पर रोक: बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- एक वर्ष से कम शेष कार्यकाल होने पर चुनाव नहीं
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गोवा के पोंडा विधानसभा क्षेत्र के प्रस्तावित उपचुनाव रद्द करते हुए महत्वपूर्ण फैसला दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी सीट के लिए होने वाले उपचुनाव के बाद निर्वाचित प्रतिनिधि के पास एक वर्ष से कम कार्यकाल बचता है तो ऐसा उपचुनाव नहीं कराया जा सकता।यह मामला भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा 16 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना को चुनौती देने से जुड़ा था, जिसमें पोंडा सीट पर उपचुनाव की घोषणा की गई।जस्टिस वाल्मीकि मेनेज़ेस और जस्टिस अमित एस. जामसांडेकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान...
महिला सहकर्मी को घूरना अशोभनीय, पर वोयूरिज्म नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने FIR रद्द की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना भले ही अनुचित और नैतिक रूप से गलत आचरण हो, लेकिन इसे भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354-सी के तहत वोयूरिज्म का अपराध नहीं माना जा सकता।जस्टिस अमित बोरकर ने 8 अप्रैल के आदेश में मुंबई के बोरीवली थाने में दर्ज FIR रद्द करते हुए यह स्पष्ट किया कि धारा 354-सी का दायरा सीमित है और इसे हर तरह के आपत्तिजनक व्यवहार पर लागू नहीं किया जा सकता।मामला एक महिला कर्मचारी की शिकायत पर दर्ज किया गया, जिसमें आरोप था कि आरोपी सहकर्मी उसे अकेले...
साइबर ठगी में फंसे कारोबारी को राहत: बॉम्बे हाईकोर्ट ने HDFC बैंक को ₹38.04 लाख लौटाने का दिया आदेश
बॉम्बे हाईकोर्ट ने साइबर धोखाधड़ी के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए HDFC बैंक को निर्देश दिया कि वह पुणे के कारोबारी को 38.04 लाख रुपये वापस करे। अदालत ने कहा कि ग्राहक की कोई गलती नहीं पाई गई और वह “शून्य देयता” के सिद्धांत का लाभ पाने का हकदार है।जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने यह आदेश देते हुए स्पष्ट किया कि धोखाधड़ी सिम स्वैपिंग/क्लोनिंग के जरिए की गई, जिसमें ग्राहक की कोई भूमिका नहीं थी।मामले के अनुसार, 14 सितंबर 2021 को कारोबारी के खाते में तीन अज्ञात लोगों को...
प्रेम संबंध में विवाह कर संतान होने पर किशोरों को परेशान नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने POCSO FIR रद्द की
बॉम्बे हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि प्रेम संबंध में जुड़े दो किशोर यदि विवाह कर लेते हैं और उनके संबंध से संतान जन्म लेती है तो ऐसे मामलों में पोक्सो कानून और बाल विवाह निषेध कानून के तहत उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए।औरंगाबाद पीठ में जस्टिस संतोष चपलगांवकर ने राहुल सुरुषे के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करते हुए यह टिप्पणी की। यह FIR लड़की के पिता की शिकायत पर दर्ज की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि युवक ने उनकी नाबालिग बेटी से संबंध बनाकर विवाह किया।अदालत ने पाया कि घटना के...
अदालतें 'असली' और 'मनगढ़ंत' मामलों में फ़र्क करें, जहां लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा हो: बॉम्बे हाईकोर्ट ने MCOCA आरोपी को ज़मानत देने से किया इनकार
महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) 1999 के तहत आरोपी द्वारा किए गए 'सोची-समझी' कोशिश को देखते हुए, ताकि मुक़दमा शुरू ही न हो, बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में इस बात पर ज़ोर दिया कि अदालतों को 'लंबे समय तक जेल में रहने' के 'असली' मामलों और 'मनगढ़ंत' मामलों के बीच फ़र्क करना चाहिए; ऐसे मामलों में मुक़दमे में देरी का कारण आरोपी ही होता है।सिंगल जज जस्टिस रवींद्र जोशी ने रंगदारी के मामले में आरोपी द्वारा दायर ज़मानत याचिका पर फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि उनके सामने पेश आवेदक विक्रम भुतेकर ने...
भारतीय जब विदेश में सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर सकते हैं तो भारत में क्यों नहीं? सड़क दुर्घटना मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का सवाल
जब विदेश यात्रा पर जाने वाले भारतीय वहाँ के ट्रैफिक से जुड़े नियमों और कानूनों का पालन कर सकते हैं तो वे यहां भारत में सड़क नियमों का पालन क्यों नहीं कर सकते? बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक सड़क दुर्घटना मुआवज़ा मामले का निपटारा करते हुए यह सवाल उठाया। इस मामले में पार्किंसन बीमारी से पीड़ित एक पुजारी की मौत ठाणे म्युनिसिपल ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (TMTC) की बस की टक्कर लगने से हो गई।सिंगल बेंच जज जितेंद्र जैन ने इस बात पर नाराज़गी ज़ाहिर की कि भारतीय लोग सड़क पार करते समय सुरक्षा नियमों का पालन...
बॉम्बे हाईकोर्ट में PIL: 'गॉडमैन' अशोक खरात केस के बाद अंधविश्वास विरोधी कानून के तहत नियमों की मांग
महिलाओं का यौन शोषण करने के आरोपी खुद को 'गॉडमैन' कहने वाले अशोक खरात के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट की कोल्हापुर बेंच में PIL दायर की गई। इस PIL में दावा किया गया कि 'महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुराई और अघोरी प्रथाओं और काला जादू रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम, 2013' का क्रियान्वयन 'असरदार नहीं' है।इस अधिनियम को 'अंधविश्वास विरोधी कानून' के नाम से भी जाना जाता है।यह याचिका 'महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति' के 11 सदस्यों द्वारा वकील असीम सरोदे के माध्यम से दायर की...
'आम पुलिसवाले कंटेंट हटाने का निर्देश दे रहे हैं': IT Rules संशोधन के खिलाफ फिर हाईकोर्ट पहुंचे कुणाल कामरा
कॉमेडियन कुणाल कामरा ने बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने दावा किया कि केंद्र के Sahyog पोर्टल की वजह से हालात ऐसे हो गए हैं कि एक आम पुलिसवाला भी ऐसे कंटेंट को हटाने का आदेश दे रहा है, जिसे वह "आपत्तिजनक" मानता है। यह पोर्टल IT Rules में 2025 के संशोधन के ज़रिए लाया गया था।कामरा ने SAHYOG पोर्टल और सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम 3(1)(d) में 2025 के संशोधन की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की।सुनवाई के दौरान, कामरा की ओर से...
'धुरंधर' की स्क्रिप्ट को लेकर संतोष कुमार और आदित्य धर आमने-सामने: हाईकोर्ट ने मानहानिकारक टिप्पणी करने पर लगाई रोक
हाल ही में रिलीज़ हुई बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर' के डायरेक्टर आदित्य धर को थोड़ी राहत देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को फिल्ममेकर संतोष कुमार को फिल्म के बारे में कोई भी ऐसी टिप्पणी करने से रोक दिया, जो मानहानिकारक हो सकती है।सिंगल-जज जस्टिस आरिफ डॉक्टर ने सीनियर वकील डॉ. बीरेंद्र सराफ की संक्षिप्त दलीलें सुनीं, जो धर की तरफ से पेश हुए। उन्होंने कोर्ट से गुज़ारिश की कि कम-से-कम अंतरिम आदेश जारी किया जाए, क्योंकि कुमार मीडिया में फिल्म और अपने क्लाइंट (धर) के खिलाफ लगातार मानहानिकारक बयान दे रहे...
महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट एक्ट के तहत अधिकारियों को किसी ट्रस्ट के नाम में बदलाव करने का अधिकार नहीं: बॉम्बे हाइकोर्ट का अहम फैसला
बॉम्बे हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट अधिनियम के तहत अधिकारियों को किसी ट्रस्ट के नाम में बदलाव करने का अधिकार नहीं है। अदालत ने कहा कि कानून की व्यवस्था में ट्रस्ट के नाम की उपयुक्तता की जांच का कोई प्रावधान ही नहीं है।जस्टिस शर्मिला यू. देशमुख ने यह फैसला नेशनल एग को-ऑर्डिनेशन कमेटी की याचिका पर सुनाया, जिसमें संयुक्त धर्मादाय आयुक्त के उस आदेश को चुनौती दी गई। इसमें ट्रस्ट के नाम से नेशनल शब्द हटाने का निर्देश दिया गया था।यह आदेश 14 सितंबर, 2023 को...
गोवा सरकार पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, 'शिवाजी महाराज' की अवैध मूर्ति हटाने का आदेश
गोवा में स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसे तुरंत हटाने का आदेश दिया। हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने कहा कि यह मूर्ति स्थानीय कानूनों का घोर उल्लंघन करते हुए मुरमुगांव पोर्ट प्राधिकरण की जमीन पर अवैध रूप से स्थापित की गई है।जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस और जस्टिस अमित जमसांडेकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान गोवा सरकार और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि राज्य इस पूरे मामले में मात्र मूक दर्शक बना रहा जो बेहद चिंताजनक है।अदालत...
कस्टडी में मौत के मामले में 7 पुलिसवालों पर हत्या का आरोप बरकरार: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 'घिनौने' यौन शोषण के आरोपों पर भी किया गौर
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार (7 अप्रैल) को शहर की एक स्पेशल कोर्ट के लिए रास्ता साफ किया। अब यह कोर्ट मुंबई पुलिस के सात अधिकारियों पर हत्या और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप तय कर सकेगी। इन अधिकारियों के नाम 2014 के एग्नेलो वाल्डारिस की कस्टडी में हुई मौत के मामले में आए थे।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चंदक की डिवीज़न बेंच ने 17 सितंबर, 2022 को स्पेशल POCSO कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को सही ठहराया। इस आदेश में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 377 (अप्राकृतिक यौन संबंध), 302 (हत्या),...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने ईरानी मिसाइल हमले में मारे गए भारतीय नाविक के पार्थिव शरीर का DNA टेस्ट कराने का आदेश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट शिपिंग के डायरेक्टर जनरल को आदेश दिया कि वे उस भारतीय नाविक के पार्थिव शरीर को जिसकी ओमान तट के पास ईरानी मिसाइल हमले में मौत हो गई, मुंबई के कलिना स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के डायरेक्टर को सौंप दें, ताकि उसका DNA टेस्ट किया जा सके।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड की डिवीज़न बेंच ने अधिकारियों को आगे आदेश दिया कि वे FSL कलिना से DNA रिपोर्ट प्राप्त करें और उसकी एक कॉपी दीक्षित सोलंकी के परिवार वालों को सौंप दें। दीक्षित सोलंकी MKD व्योम जहाज के इंजन रूम में...
ईरानी मिसाइल हमले में नाविक की मौत: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अवशेषों के DNA टेस्ट की याचिका पर DG शिपिंग से जवाब मांगा
बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार (6 अप्रैल) को केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के तहत स्थापित डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग को निर्देश दिया कि वह एक याचिका पर अपना रुख स्पष्ट करे। इस याचिका में एक भारतीय नाविक के अवशेषों के DNA टेस्ट की मांग की गई, जिसकी ओमान तट के पास ईरानी मिसाइल हमले में मौत हो गई थी।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड की खंडपीठ को बताया गया कि MKD व्योम नामक जहाज, जिस पर दीक्षित सोलंकी इंजन रूम में 'ऑयलर' के तौर पर काम करते थे, वहां से केवल कुछ "जली हुई...
ईरानी मिसाइल हमले में मारे गए भारतीय नाविक के पार्थिव शरीर की वापसी की मांग, बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका
बॉम्बे हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दाखिल कर ओमान तट पर ईरानी मिसाइल हमले में मारे गए भारतीय नाविक के पार्थिव शरीर को भारत लाने की मांग की गई है।याचिका अमरतलाल गोकलाल सोलंकी द्वारा दायर की गई है, जिसमें कहा गया है कि उनके पुत्र दिक्षित सोलंकी जहाज “MKD Vyom” पर इंजन रूम में ऑइलर के रूप में कार्यरत थे। 1 मार्च को जहाज के ऑपरेशंस मैनेजर कैप्टन सैडलर रिबेरो ने परिवार को बताया कि मिसाइल हमले में उनके बेटे घायल हो गए और जहाज में छेद होने के कारण लापता हो गए।याचिका में कहा गया है कि बाद में जानकारी दी...
'ग्राम रोज़गार सेवक' का पद 'महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम' के तहत कोई 'वेतनभोगी पद' या 'लाभ का पद' नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि 'ग्राम रोज़गार सेवक' का पद 'महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम, 1958' के तहत कोई "वेतनभोगी पद" या "लाभ का पद" नहीं माना जाएगा। इसलिए इस पद पर काम करने वाले चुने हुए सदस्य को अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि ग्राम पंचायत का कोई भी चुना हुआ सदस्य, जो अपने पद पर रहते हुए 'ग्राम रोज़गार सेवक' के तौर पर भी काम करता है, उसे 'महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम, 1958' की धारा 14(1)(f) या (g) के तहत अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता।जस्टिस अजीत बी. कडेथंकर एक रिट...

















