इलाहाबाद हाईकोट
विवाह रद्द होने तक अधिकार बनाए रखते हुए पत्नी को भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पत्नी का भरण-पोषण पाने का अधिकार केवल इसलिए नहीं छीना जा सकता कि विवाह रद्द किया जा सकता है, जब तक कि कोर्ट के समक्ष विवाह रद्द करने का कोई आदेश प्रस्तुत न किया गया हो।जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला ने कहा,“जब तक एक शून्य योग्य विवाह को किसी आदेश के माध्यम से रद्द नहीं किया जाता पत्नी की कानूनी स्थिति पति की विधिवत पत्नी के रूप में बनी रहती है और इससे उत्पन्न सभी अधिकार भी जारी रहते हैं।”मामले में पत्नी ने फॅमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया था,...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी मामले में Shaadi.com के CEO के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक ग्राहक द्वारा Shaadi.com के CEO अनुपम मित्तल के खिलाफ कथित धोखाधड़ी के मामले में दर्ज FIR को इस आधार पर रद्द कर दिया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कोई अपराध नहीं किया।शिकायतकर्ता एक वकील है। उन्होंने shaadi.com पर सेवाओं के लिए भुगतान किया। उसका आरोप है कि मोनिका गुप्ता नामक महिला कथित तौर पर शिकायतकर्ता के अश्लील वीडियो रिकॉर्ड करके उसे परेशान और ब्लैकमेल कर रही है। FIR में उसने कहा कि ग्राहक सेवा और व्यक्तिगत रूप से अनुपम मित्तल से शिकायत करने के बावजूद, अश्लीलता में...
इलाहाबाद हाईकोर्ट को मिले 24 नए जज कुल शक्ति बढ़कर हुई 110
इलाहाबाद हाईकोर्ट में 10 वकीलों और 14 न्यायिक अधिकारियों ने जज के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही अदालत में कार्यरत जजों की कुल संख्या चीफ जस्टिस सहित बढ़कर 110 हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की स्वीकृत शक्ति 160 जजों की है।केंद्र सरकार ने शुक्रवार 26 सितंबर, 2025 को 10 वकीलों और 14 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी।नए नियुक्त जजों के नाम इस प्रकार हैंः-वकीलों की श्रेणी से : विवेक सारन, विवेक कुमार सिंह, गरिमा प्रसाद, सुधांशु चौहान, अवधेश कुमार चौधरी, स्वरूपमा चतुर्वेदी, सिद्धार्थ...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने UPPSC मुख्य परीक्षाएं निर्धारित समय पर आयोजित करने का निर्देश दिया, परिणाम अपील के परिणाम के अधीन
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सिंगल जज के उस आदेश पर रोक लगाई, जिसके तहत विभिन्न पदों के लिए UPPSC मुख्य परीक्षा प्रारंभिक परीक्षा की नई मेरिट सूची तैयार होने तक स्थगित कर दी गई थी।अतिरिक्त उल्लेख पर सिंगल जज के आदेश के विरुद्ध विशेष अपील पर सुनवाई करते हुए जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने कहा,“तथ्यों और परिस्थितियों तथा मामले की तात्कालिकता को ध्यान में रखते हुए अंतरिम उपाय के रूप में हम प्रावधान करते हैं कि 28.09.2025 को होने वाली मुख्य परीक्षा, निर्धारित कार्यक्रम के...
सिखों के खिलाफ टिप्पणी मामले में हाईकोर्ट ने राहुल गांधी को राहत देने से किया इनकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने वाराणसी कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें अमेरिका यात्रा के दौरान सिखों पर की गई कथित टिप्पणियों को लेकर उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया गया।जस्टिस समीर जैन की पीठ ने ट्रायल पुनर्विचार कोर्ट के आदेश में कोई अवैधता नहीं पाई और मामले को संबंधित मजिस्ट्रेट के पास वापस भेज दिया।सिंगल जज ने कहा,"...ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित मजिस्ट्रेट...
इलाहाबाद हाईकोर्ट को मिले 24 नए जज, केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना
केंद्र सरकार ने आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में 10 वकीलों और 14 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति न्यायाधीश के रूप में अधिसूचित की है।24 नियुक्त व्यक्तियों में से तीन—सीनियर एडवोकेट गरिमा प्रसाद, स्वरूपमा चतुर्वेदी और अभदेश कुमार चौधरी—सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं।नियुक्त व्यक्तियों की सूची:वकील (10):1. विवेक सरन2. विवेक कुमार सिंह3. गरिमा प्रसाद4. सुधांशु चौहान5. अभदेश कुमार चौधरी6. स्वरूपमा चतुर्वेदी7. सिद्धार्थ नंदन8. कुनाल रवि सिंह9. इंद्रजीत शुक्ला10. सत्यवीर सिंहन्यायिक अधिकारी (14):11. डॉ....
हाईकोर्ट ने दस्तावेज पलटने के लिए लार इस्तेमाल करने पर रजिस्ट्री अधिकारियों और क्लर्कों को फटकारा
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कहा कि रजिस्ट्री के क्लर्क और अधिकारी याचिकाओं के पन्ने पलटने के लिए लार का इस्तेमाल न करें।जस्टिस श्री प्रकाश सिंह ने कहा कि यह अस्वच्छ और घिनौनी है और इससे संक्रमण फैल सकता है।कोर्ट ने रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे दस्तावेज स्वीकार न किए जाएँ और सरकारी अधिवक्ता व चीफ स्टैंडिंग काउंसल को भी लिखित दिशा-निर्देश जारी करने को कहा।
शादी के 6 महीने के भीतर आपसी सहमति से तलाक़ नहीं : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक दंपति की उस अपील को खारिज किया, जिसमें उन्होंने शादी के महज़ छह महीने के भीतर ही आपसी सहमति से तलाक़ मांगा था। अदालत ने साफ़ कहा कि जब तक विवाह में अत्यधिक कठिनाई या घोर दुराचार साबित न हो तब तक छह महीने से पहले तलाक़ की अनुमति नहीं दी जा सकती।मामलायाचिकाकर्ता दंपति का विवाह 3 मार्च, 2025 को हुआ था। हालांकि, 21 मार्च 2025 से ही दोनों अलग रहने लगे और कुछ समय बाद आपसी सहमति से तलाक़ की अर्जी दायर कर दी। फैमिली कोर्ट ने उनकी याचिका 13 अगस्त 2025 को खारिज कर दी।पति की ओर से...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने UP PSC मेंस परीक्षा टाली, नई प्रीलिम्स मेरिट लिस्ट बनाने का आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की मुख्य परीक्षा स्थगित करने का आदेश दिया है और निर्देश दिया है कि पहले प्रारंभिक परीक्षा का मेरिट लिस्ट दोबारा तैयार की जाए।जस्टिस अजीत कुमार ने कहा कि आयोग को विज्ञापन संख्या A-3/E-1/2024 दिनांक 10.4.2024 के अंतर्गत विज्ञापित 609 पदों (जैसे सहायक अभियंता, जिला उद्यान अधिकारी, खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी, वरिष्ठ तकनीकी सहायक आदि) पर नियुक्ति हेतु उपयुक्त उम्मीदवारों की प्रारंभिक परीक्षा की मेरिट सूची पुनः बनानी होगी और उसके बाद ही...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 558 सहायता प्राप्त मदरसों की जांच के निर्देश पर लगाई रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), नई दिल्ली के उस आदेश पर रोक लगाई, जिसमें महानिदेशक, आर्थिक अपराध शाखा, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को उत्तर प्रदेश राज्य के 558 सहायता प्राप्त मदरसों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया गया था।शिक्षक संघ मदारिस अरबिया सहित याचिकाकर्ताओं ने मोहम्मद तल्हा अंसारी नामक व्यक्ति द्वारा दायर शिकायत के आधार पर NHRC द्वारा पारित आदेशों को इस आधार पर चुनौती दी कि आयोग को कथित घटना की तारीख से एक वर्ष की समाप्ति के बाद कथित मानवाधिकार...
यौन उत्पीड़न मामले में नौकरी से निकाली गई कर्मचारी को राहत: गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में होगी फिर से बहाली”
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी की महिला कर्मचारी को बड़ी राहत देते हुए उनका सेवा समाप्ति आदेश रद्द किया। अदालत ने माना कि महिला को केवल इसलिए बार-बार टर्मिनेट किया गया, क्योंकि उन्होंने यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।जस्टिस मंजु रानी चौहान ने आदेश देते हुए कहा कि यह साफ़ तौर पर अनावश्यक उत्पीड़न का मामला है, क्योंकि सभी कार्रवाई केवल शिकायत दर्ज करने के बाद ही शुरू हुईं।उन्होंने टिप्पणी की,“रजिस्ट्रार आज तक यूनिवर्सिटी में सेवा दे रहे हैं, जबकि...
"जाति महिमा मंडन 'राष्ट्रविरोधी', संविधान का सम्मान ही 'सच्ची देशभक्ति': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने FIR व सार्वजनिक स्थलों से जाति संदर्भ हटाने का दिया निर्देश"
हाल ही के एक महत्वपूर्ण निर्णय में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाज में जाति महिमा मंडन की प्रवृत्ति पर कड़ी आपत्ति जताई और उत्तर प्रदेश सरकार को व्यापक निर्देश दिए कि एफआईआर, पुलिस दस्तावेज़, सार्वजनिक रिकॉर्ड, मोटर वाहनों और सार्वजनिक बोर्ड से जाति संदर्भ हटाए जाएं।जस्टिस विनोद दिवाकर की पीठ ने कहा कि ऐसा जाति महिमा मंडन "राष्ट्रविरोधी" है और संविधान के प्रति श्रद्धा ही "सच्ची देशभक्ति" और "राष्ट्र सेवा का सर्वोच्च रूप" है। महत्वपूर्ण रूप से, एकल न्यायाधीश ने कहा कि यदि भारत को 2047 तक वास्तव में...
सुप्रीम कोर्ट से पुष्टि प्राप्त भूमि अधिग्रहण धारा 24(2) के तहत न तो निरस्त होगा, न ही पुनर्जीवित: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन भूमि अधिग्रहण कार्यवाहियों को सुप्रीम कोर्ट पहले ही वैध ठहरा चुका है, उन्हें भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में न्यायसंगत मुआवज़ा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 24(2) के आधार पर न तो पुनर्जीवित किया जा सकता है और न ही अमान्य घोषित।जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस विनोद दिवाकर की खंडपीठ ने यह टिप्पणी मेरठ ज़िले की भूमि अधिग्रहण से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए दी। अदालत ने कहा कि अधिग्रहण की कार्यवाही 1990 में पूरी हो चुकी थी।...
UP Lokayut Act: हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री को छूट देने वाले प्रावधान पर नोटिस जारी किया, मौजूदा लोकायुक्त के खिलाफ याचिका खारिज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर द्वारा दायर रिट याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में उत्तर प्रदेश लोकायुक्त और उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1975 के कुछ प्रावधानों की संवैधानिकता को चुनौती दी गई है, जिसमें मुख्यमंत्री को कानून के दायरे से बाहर रखने वाला प्रावधान भी शामिल है।कोर्ट ने उनकी एक अन्य याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने मौजूदा लोकायुक्त और उप-लोकायुक्तों के खिलाफ 'अधिकार पृच्छा' (Quo Warranto) रिट की मांग की थी।जस्टिस संगीता चंद्र और जस्टिस बृज राज सिंह की...
S.11 A&C Act | बकाया राशि पर ब्याज छोड़ने का अनुरोध वाला पत्र, चल रहे विवाद का संकेत देता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
जस्टिस जसप्रीत सिंह की इलाहाबाद हाईकोर्ट की पीठ ने मध्यस्थता अधिनियम के तहत धारा 11 के तहत याचिका पर सुनवाई करते हुए पाया कि प्रतिवादी द्वारा याचिकाकर्ता को संबोधित पत्र, जिसमें उनसे बकाया राशि पर ब्याज का दावा छोड़ने का अनुरोध किया गया, दर्शाता है कि दावे अभी भी विचाराधीन हैं। इसलिए दावों को समाप्त नहीं माना जा सकता और धारा 11 की याचिका सीमा अवधि के भीतर है।तथ्यात्मक मैट्रिक्स:दोनों पक्षकारों ने विद्युत चालित डेंटल चेयर माउंट इकाइयों की आपूर्ति के लिए 28.03.2008 को समझौता किया। याचिकाकर्ता ने...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लॉ स्टूडेंट्स पर 'पुलिस बर्बरता' की न्यायिक जांच से इनकार किया, कहा- 'किसी भी अवैध कृत्य का समर्थन नहीं किया जा रहा'
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह बाराबंकी स्थित श्री रामस्वरूप स्मारक यूनिवर्सिटी (SRM) के प्रदर्शनकारी लॉ स्टूडेंट्स पर कथित पुलिस बर्बरता की न्यायिक जांच की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर विचार करने से इनकार किया।हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि उसके आदेश को अधिकारियों या प्राइवेट यूनिवर्सिटी द्वारा किसी भी अवैध कृत्य का समर्थन करने के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। संदर्भ के लिए, स्टूडेंट्स प्रशासन द्वारा नियमों का उल्लंघन करके और बिना उचित नवीनीकरण/अनुमोदन के लॉ कोर्स चलाने के विरोध में...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री को लोकपाल से बाहर रखने के प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश लोकायुक्त और उप-लोकायुक्त अधिनियम 1975 के उन प्रावधानों को चुनौती दी थी जो मुख्यमंत्री को लोकायुक्त के दायरे से बाहर रखते हैं।अमिताभ ठाकुर ने इस प्रावधान [अधिनियम की धारा 2(g)] को बेहद मनमाना, अनुचित, अर्थहीन और खतरनाक" करार दिया, क्योंकि यह मुख्यमंत्री को किसी भी आरोप और शिकायत से बचाता है। ठाकुर ने अपनी याचिका में कहा कि यह प्रावधान मुख्यमंत्री को अपने पद का दुरुपयोग कर किसी भी...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीनियर्स की आलोचना वाली कविता पोस्ट करने के आरोपी अधिकारी के निलंबन पर लगाई रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को राहत प्रदान की, जिन्हें व्हाट्सएप ग्रुप पर अपने सीनियर्स की कथित आलोचना वाली कविता पोस्ट करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था।7 जुलाई, 2025 को पारित निलंबन आदेश को इस आधार पर न्यायालय में चुनौती दी गई कि किसी भी कविता को अपलोड करना कदाचार के दायरे में नहीं आएगा और भी कोई बड़ी सजा नहीं होगी।जस्टिस मनीष माथुर की पीठ ने विवादित निलंबन आदेश पर रोक लगाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता की दलीलें बलशाली हैं। प्रथम दृष्टया विचार की आवश्यकता है।...
समय पर फैसले सुनाने का निर्देश देने वाला सुप्रीम कोर्ट का आदेश राजस्व न्यायालयों पर भी लागू: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि अनिल राय बनाम बिहार राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्देश जिसमें किसी पीठ द्वारा फैसला सुनाने के लिए अधिकतम 6 महीने की अवधि निर्धारित की गई, राजस्व न्यायालयों पर भी लागू होता है।जस्टिस आलोक माथुर ने कहा, "हमें कोई कारण नहीं दिखता कि सुप्रीम कोर्ट के उक्त आदेश को सिविल कोर्ट के विकल्प के रूप में स्वामित्व विवादों के निपटारे के लिए राजस्व न्यायालयों तक भी क्यों न बढ़ाया जाए।"याचिकाकर्ता ने दलील दी कि उत्तर प्रदेश भूमि अधिग्रहण एवं भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा...
SRM यूनिवर्सिटी विध्वंस विवाद | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज़िला मजिस्ट्रेट द्वारा अंतरिम राहत याचिका पर निर्णय होने तक बलपूर्वक कार्रवाई पर रोक लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ पीठ) ने बुधवार को श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी (SRM) बाराबंकी के विरुद्ध चल रही विध्वंस कार्रवाई सहित बलपूर्वक कार्रवाई पर रोक लगाई। यह रोक उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 के तहत पारित बेदखली और दंडात्मक आदेश के अनुसरण में लगाई गई।जस्टिस आलोक माथुर की पीठ ने यह आदेश श्री रामस्वरूप मेमोरियल एजुकेशनल ट्रस्ट लखनऊ द्वारा अपने प्रबंध न्यासी के माध्यम से दायर रिट याचिका पर पारित किया, जिसमें यूनिवर्सिटी परिसर के एक हिस्से को ध्वस्त करने की राज्य सरकार की...


















