इलाहाबाद हाईकोट
बाल कल्याण समिति के आदेश के तहत नाबालिग की कस्टडी को बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में चुनौती नहीं दी जा सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जब नाबालिग बच्चे की कस्टडी किशोर न्याय (बालकों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत बाल कल्याण समिति (CWC) द्वारा पारित न्यायिक आदेश के अनुसार सौंपी गई हो तो बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस सैयद कमर हसन रिज़वी की खंडपीठ ने एक मां द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें उसने अपने 11 वर्षीय बेटे की कस्टडी की मांग करते हुए दावा किया था कि वह उसकी प्राकृतिक अभिभावक है।याचिका में...
वैवाहिक स्थिति की घोषणा समाज के मूल को प्रभावित करती है, केवल सक्षम न्यायालय द्वारा ही हो सकती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में यह टिप्पणी की कि वैवाहिक स्थिति की घोषणा समाज के मूल को प्रभावित करती है और यह केवल हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 11 के तहत सक्षम न्यायालय द्वारा ही की जा सकती है।जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस सैयद क़मर हसन रिज़वी की खंडपीठ ने अवलोकन किया,"यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि पक्षकारों की वैवाहिक स्थिति की घोषणा समाज के मूल को प्रभावित करती है। हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 11 के आलोक में घोषणा केवल पक्षों के बीच उपयुक्त कार्यवाही में और कानून की अन्य...
व्हाट्सएप मैसेज पर न्यायिक अधिकारी पर लगाया राजद्रोह का आरोप, हाईकोर्ट ने तय किए अवमानना के आरोप
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक अवमानना के आरोप तय किए, जो प्रथम दृष्टया वकीलों के बीच एक व्हाट्सएप मैसेज प्रसारित करने का दोषी पाया गया, जिसमें बस्ती में तैनात एडिशनल जिला जज पर फर्जी और जाली आदेश पत्र लिखने के लिए रिश्वत लेने और देशद्रोह करने का आरोप लगाया गया।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि कथित अवमाननाकर्ता (कृष्ण कुमार पांडे) पर न्यायालय की अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 2(सी) के अंतर्गत अदालत की प्रतिष्ठा को...
बार एसोसिएशन के सदस्यों को हटाने को चुनौती देने वाली राज्य बार काउंसिल के समक्ष याचिका सुनवाई योग्य नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि एक बार एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा अपने अवैध निष्कासन के खिलाफ उत्तर प्रदेश राज्य बार काउंसिल के समक्ष दायर याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने नरेश कुमार मिश्रा और तीन अन्य द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया, जिन्हें एकीकृत बार एसोसिएशन, माटी, कानपुर देहात की आम सभा के सदस्यों के पद से हटा दिया गया।याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट के समक्ष उत्तर प्रदेश राज्य बार काउंसिल (प्रतिवादी नंबर 1) द्वारा...
ZP Election Rules 1994 | COVID के दौरान वर्चुअल उपस्थिति में याचिका का वर्चुअल रूप से दाखिल होना नियम 4(3) का पर्याप्त अनुपालन: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि यदि कोई चुनाव याचिका याचिकाकर्ता द्वारा स्वयं ई-फाइल की जाती है और COVID-19 के दौरान याचिका प्रस्तुत करते समय याचिकाकर्ता अपने वकील के साथ कोर्ट के समक्ष वर्चुअल रूप से उपस्थित होता है तो यह उत्तर प्रदेश जिला पंचायत (सदस्यता से संबंधित चुनावी विवादों का निपटारा) नियम, 1994 के नियम 4(3) का 'पर्याप्त अनुपालन' माना जाएगा, जिसके अनुसार चुनाव याचिका व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत की जानी आवश्यक है।जस्टिस मनीष कुमार निगम की पीठ ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता ने स्वयं अपनी ई-मेल आईडी...
S. 319 CrPC | अतिरिक्त अभियुक्तों को केवल मुकदमे में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही बुलाया जा सकता है, जांच सामग्री के आधार पर नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि CrPC की धारा 319 के तहत अतिरिक्त अभियुक्तों को बुलाने की ट्रायल कोर्ट की शक्ति मुकदमे के दौरान उसके समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों तक ही सीमित है और जांच के दौरान एकत्रित सामग्री के आधार पर इसका प्रयोग नहीं किया जा सकता।जस्टिस समीर जैन की पीठ ने चंदौली के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा तीन पुनर्विचारकर्ताओं को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 147, 148, 149, 323, 504, 506 और 427 के तहत मुकदमे का सामना करने के लिए बुलाने का आदेश रद्द करते हुए यह टिप्पणी की।संक्षेप में...
संभल के रयान बुज़ुर्ग गांव की मस्जिद प्रबंधन ने राज्य सरकार के विध्वंस नोटिस के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया
संभल की रयान बुज़ुर्ग मस्जिद के प्रबंधन ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए विध्वंस नोटिस को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।जस्टिस दिनेश पाठक की स्पेशल बेंच ने मामले की सुनवाई की। अदालत 29 सितंबर से अवकाश पर है।मस्जिद प्रबंधन ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 67 के तहत कार्यवाही में सक्षम प्राधिकारी द्वारा पारित 2 सितंबर के आदेश को चुनौती दी।प्रशासन ने हाल ही में मस्जिद को यह दावा करते हुए नोटिस दिया कि यह गाँव में खाद के गड्ढे/तालाब की ज़मीन पर बनी है।...
NDPS Act : चार्जशीट के साथ FSL रिपोर्ट न होने से जमानत का अधिकार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण अवलोकन में कहा है कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस अधिनियम (NDPA Act) के तहत दर्ज मामलों में विशेष रूप से जब व्यावसायिक मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुआ हो और NDPA Act की धारा 37 के तहत जमानत पर रोक लागू होती हो तो केवल चार्जशीट के साथ फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) रिपोर्ट संलग्न न होने के कारण आरोपी को जमानत का अधिकार नहीं मिल जाता।जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने यह टिप्पणी करते हुए आरोपी की दूसरी जमानत याचिका खारिज कर दी। यह आरोपी नवंबर 2024...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1982 के हत्याकांड में दोषसिद्धि का फैसला वापस लेने की 30 से अधिक वर्षों से फरार आरोपी की याचिका खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में 1982 के हत्याकांड के संबंध में आरोपी (हाईकोर्ट के समक्ष अपीलकर्ता) की दोषसिद्धि की पुष्टि करने वाले इस वर्ष मार्च में पारित अपने फैसले को वापस लेने की मांग वाली याचिका खारिज की।जस्टिस विवेक कुमार बिड़ला और जस्टिस प्रवीण कुमार गिरि की खंडपीठ ने कहा कि CrPC की धारा 362 के तहत इस आवेदन पर रोक है, जो आपराधिक अदालतों को लिपिकीय या अंकगणितीय त्रुटियों को ठीक करने के अलावा हस्ताक्षरित निर्णयों की समीक्षा या परिवर्तन करने से रोकती है।अदालत ने आरोपी-अपीलकर्ता के आचरण पर भी...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 40 साल पुराने हत्या केस में आरोपी को बरी किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1984 के चर्चित हत्या मामले में लगभग चार दशक बाद बचे हुए एकमात्र आरोपी सुरेश को बरी किया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा और घटनाक्रम में गंभीर विरोधाभास पाए गए।मामला मथुरा का है, जहां 17 सितम्बर 1984 को चरन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। FIR में आरोप लगाया गया कि ज़मीन विवाद के चलते छह लोग जिनमें मृतक के भाई और भतीजे भी शामिल थे, हथियारों के साथ पहुंचे और गोलीबारी की। 1986 में सेशन कोर्ट ने सभी आरोपियों को उम्रकैद की सज़ा...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ के एक पार्क में अवैध अतिक्रमण और अस्थायी मंदिरों की जांच के आदेश दिए
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ पीठ) ने हाल ही में लखनऊ के सार्वजनिक पार्क में अनधिकृत अतिक्रमण पर कड़ी आपत्ति जताई और अधिकारियों को इस बात की जांच करने का निर्देश दिया कि उस ज़मीन पर अस्थायी मंदिर और अन्य गैर-सार्वजनिक ढांचे कैसे बनने दिए गए।जस्टिस संगीता चंद्रा और जस्टिस बृज राज सिंह की खंडपीठ ने पार्क में अवैध अतिक्रमण हटाने और असामाजिक गतिविधियों को रोकने की मांग वाली रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।याचिकाकर्ता कॉलोनी निवासी बेबी पाल ने दलील दी कि कभी हरियाली, झूलों और मनोरंजन...
घरेलू जीवन में वैवाहिक कलह आम बात, आत्महत्या के लिए उकसाने के इरादे के बिना प्रताड़ित करने पर IPC की धारा 306 लागू नहीं होगी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि घरेलू जीवन में वैवाहिक कलह और मतभेद आम बात है। अगर इस कारण से पति या पत्नी में से कोई आत्महत्या करता है तो यह नहीं माना जा सकता कि उनके उकसाने के कारण मृतक ने आत्महत्या की।जस्टिस समीर जैन की पीठ ने सेशन कोर्ट का आदेश रद्द करते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें एक महिला और उसके माता-पिता द्वारा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 306 के तहत अपने पति को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में दायर बरी करने की अर्जी खारिज कर दी गई।सिंगल जज ने कहा कि वैवाहिक झगड़े...
पाकिस्तान के समर्थन में की गई सोशल मीडिया पोस्ट पर 'भारत की संप्रभुता को खतरे में डालने' का अपराध नहीं चलेगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी अन्य देश के समर्थन में संदेश पोस्ट करने मात्र से भारत के नागरिकों में रोष या वैमनस्य पैदा हो सकता है और यह भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (शत्रुता को बढ़ावा देना) के तहत दंडनीय भी हो सकता है, लेकिन यह BNS की धारा 152 (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्य) के कड़े प्रावधानों के अंतर्गत नहीं आएगा।जस्टिस संतोष राय की पीठ ने साजिद चौधरी नामक व्यक्ति को ज़मानत देते हुए यह टिप्पणी की। साजिद पर 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' वाली एक फ़ेसबुक पोस्ट...
उत्तर प्रदेश जल आपूर्ति एवं सीवरेज अधिनियम की धारा 54 के अंतर्गत अपील के लिए विहित प्राधिकारी कौन है? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य से पूछा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य से यह स्पष्ट करने को कहा कि उत्तर प्रदेश जल आपूर्ति एवं सीवरेज अधिनियम, 1975 की धारा 54 के अंतर्गत जय संस्थान या किसी अन्य एजेंसी द्वारा अधिनियम की धारा 53 की उप-धारा (2) के अंतर्गत पारित मूल्यांकन आदेश के विरुद्ध अपील का निर्णय करने हेतु विहित प्राधिकारी कौन है?याचिकाकर्ता हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट डिवीजन, चकेरी, कानपुर, अत्याधुनिक विमानों और अन्य रक्षा उपकरणों एवं सेवाओं के निर्माण, मरम्मत और ओवरहालिंग में लगा हुआ है। भारत में रक्षा...
Krishna Janmabhoomi Dispute | 'कोई पर्याप्त कारण नहीं दिखाया गया': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाद नंबर 7 में देवता के नेक्स्ट फ्रेंड को हटाने की याचिका खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह स्वामित्व विवाद मामले के वाद नंबर 7 में वादी नंबर 2 से 5 द्वारा दायर आवेदन खारिज कर दिया, जिसमें वादी नंबर 1, भगवान श्री कृष्ण लाला विराजमान के अगले मित्र के रूप में श्री कौशल किशोर ठाकुर जी उर्फ कौशल सिंह तोमर को हटाने की मांग की गई।जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की पीठ ने कहा कि आवेदन में दिए गए आधार नेक्स्ट फ्रेंड को हटाने के लिए पर्याप्त नहीं थे, जो कि एक 'कठोर' कार्रवाई थी। यह तभी की जा सकती है जब यह साबित हो जाए कि अगला मित्र...
पीड़िता के गुप्तांगों को चोट पहुंचाना हमेशा सामूहिक बलात्कार के अपराध को स्थापित करने के लिए साक्ष्य के रूप में आवश्यक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि बलात्कार पीड़िता के गुप्तांगों को चोट पहुंचाना हमेशा सामूहिक बलात्कार सहित बलात्कार के अपराध को स्थापित करने के लिए साक्ष्य के रूप में आवश्यक नहीं होता।हाईकोर्ट ने कहा कि पीड़िता के गुप्तांगों को चोट न पहुंचना, उन मामलों में अपराध को अंजाम देते समय बल प्रयोग न किए जाने के कारण हो सकता है, जहां उसे इस हद तक भयभीत किया गया हो कि उसने कृत्य का विरोध न किया हो।जस्टिस जे.जे. मुनीर की पीठ ने कहा कि दूसरी संभावना यह हो सकती है कि पीड़िता किसी मादक पदार्थ, जैसे...
नाबालिग के खिलाफ भरण-पोषण का दावा मान्य: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 और 128 के तहत नाबालिग के खिलाफ भरण-पोषण का दावा किया जा सकता है।जस्टिस मदन पाल सिंह ने एक मामले की सुनवाई करते हुए यह स्पष्ट किया, जिसमें बाल विवाह और नाबालिग पति से भरण-पोषण की मांग शामिल थी। कोर्ट ने कहा- “धारा 125 और 128 CrPC के तहत नाबालिग के खिलाफ दाखिल आवेदन पर सुनवाई करने में कोई रोक नहीं है।” मामले में, पुनरीक्षणकर्ता-पति की ओर से कहा गया कि उसकी शादी मात्र 13 साल की उम्र में विपक्षी संख्या-2 से हुई थी और दो साल बाद...
विवाह रद्द होने तक अधिकार बनाए रखते हुए पत्नी को भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पत्नी का भरण-पोषण पाने का अधिकार केवल इसलिए नहीं छीना जा सकता कि विवाह रद्द किया जा सकता है, जब तक कि कोर्ट के समक्ष विवाह रद्द करने का कोई आदेश प्रस्तुत न किया गया हो।जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला ने कहा,“जब तक एक शून्य योग्य विवाह को किसी आदेश के माध्यम से रद्द नहीं किया जाता पत्नी की कानूनी स्थिति पति की विधिवत पत्नी के रूप में बनी रहती है और इससे उत्पन्न सभी अधिकार भी जारी रहते हैं।”मामले में पत्नी ने फॅमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया था,...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी मामले में Shaadi.com के CEO के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक ग्राहक द्वारा Shaadi.com के CEO अनुपम मित्तल के खिलाफ कथित धोखाधड़ी के मामले में दर्ज FIR को इस आधार पर रद्द कर दिया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कोई अपराध नहीं किया।शिकायतकर्ता एक वकील है। उन्होंने shaadi.com पर सेवाओं के लिए भुगतान किया। उसका आरोप है कि मोनिका गुप्ता नामक महिला कथित तौर पर शिकायतकर्ता के अश्लील वीडियो रिकॉर्ड करके उसे परेशान और ब्लैकमेल कर रही है। FIR में उसने कहा कि ग्राहक सेवा और व्यक्तिगत रूप से अनुपम मित्तल से शिकायत करने के बावजूद, अश्लीलता में...
इलाहाबाद हाईकोर्ट को मिले 24 नए जज कुल शक्ति बढ़कर हुई 110
इलाहाबाद हाईकोर्ट में 10 वकीलों और 14 न्यायिक अधिकारियों ने जज के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही अदालत में कार्यरत जजों की कुल संख्या चीफ जस्टिस सहित बढ़कर 110 हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की स्वीकृत शक्ति 160 जजों की है।केंद्र सरकार ने शुक्रवार 26 सितंबर, 2025 को 10 वकीलों और 14 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी।नए नियुक्त जजों के नाम इस प्रकार हैंः-वकीलों की श्रेणी से : विवेक सारन, विवेक कुमार सिंह, गरिमा प्रसाद, सुधांशु चौहान, अवधेश कुमार चौधरी, स्वरूपमा चतुर्वेदी, सिद्धार्थ...















