इलाहाबाद हाईकोट

सरकारी जमीन पर पूर्व विधायक की मूर्ति लगाने का मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर हटाने की रिपोर्ट तलब की
सरकारी जमीन पर पूर्व विधायक की मूर्ति लगाने का मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर हटाने की रिपोर्ट तलब की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सितंबर में सरकारी भूमि पर बिना अनुमति मूर्तियां लगाए जाने की समस्या पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका (PIL) दर्ज की है।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने पूर्व विधायक इंद्रभद्र सिंह (धनपतगंज, सुल्तानपुर) की मूर्ति से संबंधित याचिका को जनहित याचिका में बदलते हुए इसका शीर्षक रखा — “In Re: Installation of Statue etc. on Public Land and Their Removal”। याचिकाकर्ता अमित वर्मा ने आरोप लगाया था कि पूर्व विधायक की मूर्ति सुल्तानपुर की सरकारी भूमि पर लगाई गई...

ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति के लिए ठोस नीति बनाएं, डिजिटल हाजिरी जरूरी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति के लिए ठोस नीति बनाएं, डिजिटल हाजिरी जरूरी: इलाहाबाद हाईकोर्ट

ग्रामीण प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए दिए गए अपने पूर्व निर्देशों को आगे बढ़ाते हुए, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 30 अक्टूबर को दोहराया कि उत्तर प्रदेश सरकार को ऐसा “ठोस समाधान” तैयार करना होगा, जिससे यह सुनिश्चित हो कि जिन विद्यालयों में गरीब ग्रामीण बच्चों की पढ़ाई हो रही है, वहाँ शिक्षक नियमित रूप से उपस्थित रहें।जस्टिस प्रवीण कुमार गिरी की एकलपीठ ने कहा कि जब तक शिक्षक स्कूल में शारीरिक रूप से उपस्थित नहीं होंगे, तब तक शिक्षण संभव नहीं है।...

संदिग्ध लेन-देन मिलने पर पुलिस बैंक अकाउंट फ्रीज कर सकती है; राहत के लिए मजिस्ट्रेट से संपर्क किया जा सकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
संदिग्ध लेन-देन मिलने पर पुलिस बैंक अकाउंट फ्रीज कर सकती है; राहत के लिए मजिस्ट्रेट से संपर्क किया जा सकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह कहा है कि यदि जांच के दौरान पुलिस को किसी बैंक खाते में संदिग्ध लेन-देन का संदेह होता है, तो वह उस खाते को फ्रीज करने (जमाने) का निर्देश दे सकती है। जांच पूरी हो जाने के बाद, संबंधित व्यक्ति मजिस्ट्रेट के समक्ष जाकर अपने खाते को डी-फ्रीज (खोलने) का अनुरोध कर सकता है।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने तेस्ता अतुल सेतलवाड़ बनाम गुजरात राज्य (2018) मामले का हवाला देते हुए कहा,“यदि जांच के दौरान पुलिस यह निष्कर्ष निकालती है कि किसी बैंक खाते में...

JJ Act : FIR दर्ज करने का निर्देश देने का अधिकार बाल कल्याण समिति को नहीं, केवल उल्लंघन की रिपोर्ट दे सकती है : इलाहाबाद हाईकोर्ट
JJ Act : FIR दर्ज करने का निर्देश देने का अधिकार बाल कल्याण समिति को नहीं, केवल उल्लंघन की रिपोर्ट दे सकती है : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में व्यवस्था दी कि किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम 2015 (JJ Act) के तहत गठित बाल कल्याण समिति (CWC) के पास पुलिस को FIR दर्ज करने का निर्देश देने की कोई शक्ति नहीं है।जस्टिस चवन प्रकाश ने यह भी कहा कि यदि CWC बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 का उल्लंघन पाती है तो वह केवल किशोर न्याय बोर्ड या संबंधित पुलिस प्राधिकरण को रिपोर्ट भेज सकती है।यह फैसला बदायूं की CWC द्वारा पारित आदेश रद्द करते हुए आया, जिसने नाबालिग लड़की के विवाहित और...

धोखाधड़ी ने 27 साल की सेवा भी की रद्द: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- धोखाधड़ी सभी गंभीर लेनदेन को ध्वस्त कर देती है
धोखाधड़ी ने 27 साल की सेवा भी की रद्द: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- धोखाधड़ी सभी गंभीर लेनदेन को ध्वस्त कर देती है'

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में यह मानते हुए कि धोखाधड़ी हर चीज को दूषित कर देती है, एक ऐसे कर्मचारी को कोई राहत देने से इनकार किया, जिसने धोखाधड़ी के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त की थी और 27 साल तक सेवा की थी। कोर्ट ने कहा कि धोखाधड़ी के आधार पर प्राप्त नियुक्ति को शुरुआत से ही शून्य माना जाएगा।जस्टिस मंजू रानी चौहान ने अनुकंपा नियुक्ति की तारीख, यानी 31.03.1998 से ही नियुक्ति को शून्य घोषित करने का आदेश बरकरार रखा।उन्होंने कहा,"धोखाधड़ी ऐसी नियुक्ति से उत्पन्न होने वाले सभी...

अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान जैसे मदरसे भी राज्य के शैक्षणिक नियमों से मुक्त नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान जैसे मदरसे भी राज्य के शैक्षणिक नियमों से मुक्त नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 30(1) के तहत अल्पसंख्यकों को प्रदत्त अधिकार—अपने शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने और उनका संचालन करने का—राज्य सरकार द्वारा बनाए गए तार्किक नियमों और शैक्षणिक मानकों के ढांचे के भीतर ही प्रयोग किया जाना चाहिए, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता और उत्कृष्टता बनी रहे।जस्टिस मंजू रानी चौहान की पीठ ने गोरखपुर स्थित मदरसा अरबिया शम्सुल उलूम सिकरीगंज (एहाता नवाब) के नाज़िम/प्रबंधक द्वारा बिना किसी सरकारी दिशा-निर्देश के जारी की गई सहायक अध्यापक और...

हाईकोर्ट ने की रामपुर CRPF कैंप आतंकी हमले में चार दोषियों की फांसी की सजा रद्द, त्रुटिपूर्ण जांच के लिए पुलिस को ठहराया जिम्मेदार
हाईकोर्ट ने की रामपुर CRPF कैंप आतंकी हमले में चार दोषियों की फांसी की सजा रद्द, 'त्रुटिपूर्ण जांच' के लिए पुलिस को ठहराया जिम्मेदार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार (29 अक्टूबर) को 2007 के रामपुर सीआरपीएफ कैंप आतंकी हमले के मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा चार आरोपियों – मोहम्मद शरीफ, इमरान शहजाद, मोहम्मद फारूक और सबाउद्दीन – को सुनाई गई मृत्युदंड की सजा रद्द कर दी। साथ ही, आरोपी जंग बहादुर खान उर्फ बाबा की आजीवन कारावास की सजा भी खत्म कर दी गई।कोर्ट ने पाया कि जांच में गंभीर खामियां थीं — न तो पहचान परेड कराई गई, न ही बरामद हथियारों, गोलियों और फिंगरप्रिंट्स को सुरक्षित रखा गया। कोर्ट ने कहा कि “यदि जांच प्रशिक्षित पुलिस द्वारा की...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारत सरकार टकसाल से ₹260 चुराते पकड़े गए कर्मचारी के खिलाफ एक साथ सुनवाई और विभागीय जांच की अनुमति दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारत सरकार टकसाल से ₹260 चुराते पकड़े गए कर्मचारी के खिलाफ एक साथ सुनवाई और विभागीय जांच की अनुमति दी

यह देखते हुए कि दोषी कर्मचारी को बिना किसी परिणाम के सेवा में बने रहने देने से जवाबदेही की कमी की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारत सरकार टकसाल से चोरी करते पकड़े गए कर्मचारी के खिलाफ एक साथ आपराधिक सुनवाई और विभागीय जांच की अनुमति दी।जस्टिस अजय भनोट ने कहा,“याचिकाकर्ता पर भारत सरकार टकसाल से सरकारी धन की चोरी के कदाचार का आरोप है। गंभीर कदाचार के आरोपी याचिकाकर्ता को विभागीय प्रक्रियाओं में तेजी लाने के बजाय सामान्य कामकाज की तरह काम करते रहने की अनुमति देना भारत सरकार टकसाल...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी के सभी शैक्षणिक संस्थानों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी के सभी शैक्षणिक संस्थानों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह कहते हुए सख्त रुख अपनाया कि शैक्षणिक संस्थान केवल शिक्षा देने के लिए हैं, न कि व्यावसायिक गतिविधियों के लिए, उत्तर प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में प्रदर्शनी, मेले या अन्य किसी भी व्यावसायिक गतिविधि के आयोजन पर रोक लगा दी है।यह आदेश उस जनहित याचिका (PIL) में दिया गया, जिसमें एक डिग्री कॉलेज के परिसर में इस वर्ष की शुरुआत में एक वाणिज्यिक मेला आयोजित किए जाने को चुनौती दी गई थी। चीफ़ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने कहा — “शैक्षणिक संस्थान...

नीलामी क्रेता को जैसी है जहां है बिक्री में बकाया राशि का सत्यापन करना होगा, अघोषित देनदारियों के लिए बैंक उत्तरदायी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
नीलामी क्रेता को "जैसी है जहां है" बिक्री में बकाया राशि का सत्यापन करना होगा, अघोषित देनदारियों के लिए बैंक उत्तरदायी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में व्यवस्था दी कि नीलामी क्रेता का यह कर्तव्य है कि वह नीलाम की जा रही संपत्ति पर बकाया राशि और देनदारियों की "जैसी है जहां है", "जैसी है जो है" और "जो कुछ भी है" के आधार पर जांच करे।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने कहा:"जब कोई व्यक्ति किसी नीलामी में भाग लेता है और उसे पता होता है कि संपत्ति "जैसी है जहां है", "जैसी है जो है और "जो कुछ भी है" की शर्तों के साथ ई-नीलामी की जा रही है तो संभावित बोलीदाता, जो मामले के तथ्यों के अनुसार क्रेता...

भूमि पर अतिक्रमण का खतरा और सार्वजनिक उद्देश्य के लिए प्रस्तावित उपयोग, भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 17 के तहत तात्कालिकता खंड लागू करने के लिए पर्याप्त नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
भूमि पर अतिक्रमण का खतरा और सार्वजनिक उद्देश्य के लिए प्रस्तावित उपयोग, भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 17 के तहत तात्कालिकता खंड लागू करने के लिए पर्याप्त नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोहराया है कि केवल अतिक्रमण का खतरा और यह कहना कि भूमि का उपयोग सार्वजनिक उद्देश्य के लिए नियोजित विकास हेतु किया जाना है, भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 की धारा 17 के तहत तात्कालिकता खंड लागू करने और भूस्वामियों की आपत्तियाँ मांगने, उनकी सुनवाई करने और उन पर निर्णय लेने की वैधानिक आवश्यकता से छूट देने को उचित नहीं ठहराएगा।गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा शुरू की गई 2004 की अधिग्रहण कार्यवाही पर विचार करते हुए और सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए जस्टिस मनोज...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने SAHARA की सहकारी समितियों के खिलाफ ED जांच रद्द करने से किया इनकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने SAHARA की सहकारी समितियों के खिलाफ ED जांच रद्द करने से किया इनकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ पीठ) ने हाल ही में सहारा से जुड़ी चार सहकारी समितियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा शुरू की गई तलाशी और ज़ब्ती की कार्रवाई रद्द करने से इनकार किया।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला बनता है और धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA) के तहत कार्यवाही में केवल इसलिए हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता, क्योंकि संबंधित अपराधों में से एक में क्लोजर रिपोर्ट दायर कर दी गई।इस प्रकार, सिंगल जज ने मेसर्स हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी...

व्हाट्सएप मैसेज में अनकहे शब्द भी बढ़ा सकते हैं दुश्मनी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
व्हाट्सएप मैसेज में अनकहे शब्द भी बढ़ा सकते हैं दुश्मनी: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि भले ही कोई व्हाट्सएप मैसेज सीधे तौर पर धर्म का उल्लेख न करता हो लेकिन उसके 'अनकहे शब्दों' और सूक्ष्म संदेश के माध्यम से भी समुदायों के बीच शत्रुता, नफरत या वैमनस्य को बढ़ावा मिल सकता है।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने अफक अहमद नामक याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से इनकार करते हुए यह टिप्पणी की। याचिकाकर्ता पर कथित तौर पर कई लोगों को भड़काऊ व्हाट्सएप मैसेज भेजने का आरोप था।आरोप है कि कथित मैसेज में याचिकाकर्ता ने एक...

IBC की धारा 238 गैर-बाधक खंड, जो विद्युत अधिनियम के प्रावधानों को रद्द करता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
IBC की धारा 238 गैर-बाधक खंड, जो विद्युत अधिनियम के प्रावधानों को रद्द करता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता, 2016, विद्युत आपूर्ति संहिता, 2005 के साथ विद्युत अधिनियम, 2003 के प्रावधानों को रद्द करता है।जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने कहा,“दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता, 2016 की धारा 238 एक गैर-बाधक खंड है, जिसका अर्थ है कि यह दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता को वर्तमान में लागू अन्य कानूनों या उससे असंगत किसी भी दस्तावेज़ पर अधिरोहण प्रभाव की शक्ति प्रदान करती है। यह एक विशेष धारा है, जो यह सुनिश्चित करती है कि दिवाला...

शिक्षकों की अनुपस्थिति गरीब स्टूडेंट्स के शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन: इलाहाबाद हाईकोर्ट
शिक्षकों की अनुपस्थिति गरीब स्टूडेंट्स के शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन: इलाहाबाद हाईकोर्ट

शिक्षक के कर्तव्य की पवित्रता और प्रत्येक बच्चे के शिक्षा के संवैधानिक अधिकार को रेखांकित करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में ग्रामीण प्राथमिक और जूनियर स्कूलों में शिक्षकों की पूरे स्कूल समय में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सख्त नियम बनाने का आह्वान किया।जस्टिस प्रवीण कुमार गिरि की पीठ ने कहा कि प्राथमिक संस्थानों में शिक्षकों की अनुपस्थिति निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम 2009 के मूल उद्देश्य को विफल करती है। इस प्रकार गरीब ग्रामीण बच्चों के शिक्षा के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करती...