सुप्रीम कोर्ट

बाल विवाह बच्चों को स्वतंत्रता, आत्मनिर्णय और बचपन का आनंद लेने के अधिकार से वंचित करता है: सुप्रीम कोर्ट
बाल विवाह बच्चों को स्वतंत्रता, आत्मनिर्णय और बचपन का आनंद लेने के अधिकार से वंचित करता है: सुप्रीम कोर्ट

बाल विवाह को रोकने के लिए कई दिशानिर्देश जारी करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने विस्तार से चर्चा की है कि बाल विवाह संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन कैसे करते हैं।एनजीओ सोसाइटी फॉर एनलाइटनमेंट एंड वॉलंटरी एक्शन द्वारा दायर एक याचिका में दिए गए फैसले में कहा गया है कि बाल विवाह बच्चों के आत्मनिर्णय, पसंद, स्वायत्तता, कामुकता, स्वास्थ्य और शिक्षा के अधिकारों का उल्लंघन करता है, जिसके परिणामस्वरूप संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत अधिकारों का उल्लंघन होता है। चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने फैसले में लिखा, "बाल...

कार्यवाही संस्थाओं को बदनाम करने के लिए नहीं हो सकती: सुप्रीम कोर्ट ने सद्गुरु के Isha Yoga Centre के खिलाफ बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका बंद की
'कार्यवाही संस्थाओं को बदनाम करने के लिए नहीं हो सकती': सुप्रीम कोर्ट ने सद्गुरु के Isha Yoga Centre के खिलाफ बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका बंद की

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (18 अक्टूबर) को पिता द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका बंद की, जिसमें आरोप लगाया गया कि उनकी दो बेटियों को कोयंबटूर में सद्गुरु के Isha Yoga Centre में अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा गया है, क्योंकि दोनों महिलाओं, जिनकी वर्तमान आयु 42 और 39 वर्ष है, ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वे अपनी मर्जी से आश्रम में रह रही हैं।मामले को बंद करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में ईशा योग केंद्र के खिलाफ अन्य आरोपों पर पुलिस जांच के लिए मद्रास हाईकोर्ट द्वारा दिए गए...

BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम 1988 की धारा 3 और 5 को निरस्त करने वाला फैसला वापस लिया
BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम 1988 की धारा 3 और 5 को निरस्त करने वाला फैसला वापस लिया

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (अक्टूबर) को यूनियन ऑफ इंडिया बनाम गणपति डीलकॉम प्राइवेट लिमिटेड में अपने 2022 का फैसला वापस लिया, जिसमें बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम 1988 की धारा 3(2) और 5 को असंवैधानिक करार दिया गया था।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका स्वीकार करते हुए फैसले को वापस ले लिया।पीठ ने कहा कि मूल कार्यवाही में असंशोधित बेनामी लेनदेन अधिनियम के प्रावधानों की...

तमिलनाडु पुलिस ने सद्गुरु के Isha Yoga Centre से संबंधित मामलों के बारे में सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी
तमिलनाडु पुलिस ने सद्गुरु के Isha Yoga Centre से संबंधित मामलों के बारे में सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी

तमिलनाडु पुलिस ने को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पिछले कुछ सालों में Isha Yoga Centre से संबंधित कुछ गुमशुदगी की शिकायतें और आत्महत्याओं की जांच दर्ज की गई। पुलिस ने यह भी कहा कि चल रहे बंदी प्रत्यक्षीकरण मामले में कथित बंदी अपनी मर्जी से केंद्र में रह रहे हैं।हलफनामे में कहा गया कि पिछले 15 सालों में अलंदुरई पुलिस स्टेशन, जिसके अधिकार क्षेत्र में ईशा फाउंडेशन है, ने 6 गुमशुदगी के मामले दर्ज किए, जिनमें से 5 को छोड़ दिया गया। 6वें मामले की जांच चल रही है क्योंकि लापता व्यक्ति का पता नहीं चल...

ट्रस्ट उपभोक्ता शिकायत दर्ज करने से अयोग्य नहीं: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा
ट्रस्ट उपभोक्ता शिकायत दर्ज करने से अयोग्य नहीं: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा

केंद्र सरकार ने गुरुवार (17 अक्टूबर) को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया कि ट्रस्ट होने मात्र से कोई कानूनी इकाई उपभोक्ता शिकायत दर्ज करने से अयोग्य नहीं हो जाती, यदि वह उपभोक्ता होने की अन्य शर्तों को पूरा करती है।जस्टिस अभय ओक ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी की दलील का सारांश दिया,“इसलिए आपकी दलील यह प्रतीत होती है कि चूंकि परिभाषा समावेशी है, इसलिए अधिनियम के उद्देश्यों पर विचार करते हुए सार्वजनिक ट्रस्ट जो अन्यथा उपभोक्ता की परिभाषा के अंतर्गत योग्य है, उसे एक व्यक्ति के रूप में...

क्या PMLA के तहत ट्रिब्यूनल में न्यायिक सदस्य होना चाहिए? सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार
क्या PMLA के तहत ट्रिब्यूनल में न्यायिक सदस्य होना चाहिए? सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार

सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने आदेश पारित किया। उक्त आदेश में निर्देश दिया गया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत ट्रिब्यूनल में न्यायिक सदस्य होना चाहिए या नहीं, इस मुद्दे को उठाते हुए 6 मामलों को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) के समक्ष रखा जाए, ताकि उन्हें एक पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जा सके।जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ ने यह आदेश प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका में पारित किया, जिसमें सिक्किम हाईकोर्ट के उस आदेश की आलोचना की गई, जिसके तहत भारत संघ को एए...

क्या विवाह अमान्य होने पर Hindu Marriage Act के तहत गुजारा भत्ता दिया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
'क्या विवाह अमान्य होने पर Hindu Marriage Act के तहत गुजारा भत्ता दिया जा सकता है?' सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखा कि क्या विवाह अमान्य घोषित होने पर Hindu Marriage Act, 1955 (HMA) की धारा 25 के तहत गुजारा भत्ता दिया जा सकता है।जस्टिस अभय एस. ओक, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने इस मामले में दलीलें सुनीं। सुनवाई के दौरान पीठ ने भाऊसाहेब @ संधू पुत्र रागुजी मगर बनाम लीलाबाई पत्नी भाऊसाहेब मगर मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले की आलोचना की, जिसमें अमान्य विवाह के संदर्भ में "अवैध पत्नी" शब्द का इस्तेमाल किया गया...

असम को अलग करना तर्कसंगत; कट-ऑफ तिथि मनमानी नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने माना- नागरिकता अधिनियम की धारा 6ए अनुच्छेद 14 का उल्लंघन नहीं करती
'असम को अलग करना तर्कसंगत; कट-ऑफ तिथि मनमानी नहीं': सुप्रीम कोर्ट ने माना- नागरिकता अधिनियम की धारा 6ए अनुच्छेद 14 का उल्लंघन नहीं करती

नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 6ए की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखते हुए, जिसने असम समझौते को मान्यता दी थी, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेा डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत ( जस्टिस एमएम सुंदरेश, जस्टिस मनोज मिश्रा और स्वयं के लिए) द्वारा लिखित बहुमत के फैसले ने माना है कि धारा 6ए अनुच्छेद 14 का उल्लंघन नहीं करती है। जस्टिस जेबी पारदीवाला, जिन्होंने अकेले असहमति जताई, ने अन्यथा माना है।संक्षिप्त पृष्ठभूमि के अनुसार, नागरिकता संशोधन अधिनियम, 1985 के माध्यम से जोड़ी गई धारा 6ए ने 1 जनवरी, 1966 से 24...

Marital Rape
Marital Rape | 'पत्नी मना करे तो पति के पास तलाक के लिए अर्जी दाखिल करने का ही विकल्प?' सुप्रीम कोर्ट ने पूछा

गुरुवार (17 अक्टूबर) को सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित करने की मांग करने वाली याचिकाओं के एक समूह की सुनवाई शुरू की। सीनियर एडवोकेट करुणा नंदी द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए याचिकाकर्ताओं ने जोर देकर कहा कि पुराने और नए दंड प्रावधानों के अनुसार बलात्कार की परिभाषा के तहत अपवाद संख्या 2 संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 19 के तहत एक महिला के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है और उसे केवल यौन वस्तु तक सीमित कर देता है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और...

मोटर दुर्घटना के दावों में, संभावनाओं की प्रधानता लागू की जानी चाहिए; उचित संदेह से परे सबूत नहीं: सुप्रीम कोर्ट
मोटर दुर्घटना के दावों में, संभावनाओं की प्रधानता लागू की जानी चाहिए; उचित संदेह से परे सबूत नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (17 अक्टूबर) को कहा कि मोटर दुर्घटना दावा मामलों में, अदालतों को संभाव्यता की प्रधानता के सिद्धांत को लागू करना चाहिए और उचित संदेह से परे सबूत के परीक्षण को लागू नहीं कर सकते हैं।जस्टिस सीटी रविकुमार और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की खंडपीठ ने बस को ओवरटेक करने के प्रयास में विपरीत दिशा में आ रही कार से टक्कर के बाद सड़क दुर्घटना में मारे गए बाइक सवार के परिजनों के मोटर दुर्घटना मुआवजे के दावे की अनुमति दी। अपीलकर्ता की दावा याचिका को उत्तरदाताओं द्वारा इस आधार पर...

सुप्रीम कोर्ट ने मां, पत्नी और 2 साल की बेटी की कथित हत्या के लिए मौत की सजा पाए व्यक्ति को बरी किया
सुप्रीम कोर्ट ने मां, पत्नी और 2 साल की बेटी की कथित हत्या के लिए मौत की सजा पाए व्यक्ति को बरी किया

सुप्रीम कोर्ट ने एक व्यक्ति की मां, पत्नी और दो साल की बेटी की कथित हत्या के लिए दोषसिद्धि और मौत की सजा खारिज की। कोर्ट ने उक्त आदेश यह देखते हुए दिया कि अभियोजन पक्ष घटनाओं की अखंडित श्रृंखला साबित करने में असमर्थ था।जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने फैसला सुनाया।फैसला सुनाते हुए जस्टिस गवई ने कहा:"हमने पाया कि अभियोजन पक्ष किसी भी हस्तक्षेप करने वाली परिस्थितियों को साबित करने में विफल रहा। चूंकि यह परिस्थितिजन्य साक्ष्य का मामला है, इसलिए किसी भी...

PMLA Review | सुप्रीम कोर्ट ने पक्षकारों के अनुरोध पर सुनवाई स्थगित की, मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को तय की
PMLA Review | सुप्रीम कोर्ट ने पक्षकारों के अनुरोध पर सुनवाई स्थगित की, मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को तय की

सुप्रीम कोर्ट ने विजय मदनलाल चौधरी के फैसले के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई स्थगित की। उक्त याचिकाओं में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA Act) के विभिन्न प्रावधानों को बरकरार रखा गया था। मामले में अगली तारीख 27 नवंबर तय की गई।जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस सीटी रविकुमार और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की पीठ ने पक्षकारों के अनुरोध पर यह आदेश पारित किया। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल आंशिक सुनवाई में मौजूद थे, जबकि ED के वकील जोहेब हुसैन ने जवाब दिया कि ED अनुरोध का विरोध नहीं कर...

क्या राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा ग्राम न्यायालयों की स्थापना अनिवार्य है? सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार
क्या राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा ग्राम न्यायालयों की स्थापना अनिवार्य है? सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह इस सवाल पर विचार करेगा कि क्या राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा ग्राम न्यायालयों की स्थापना और क्रियान्वयन ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 (2008 अधिनियम) के तहत अनिवार्य है।जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर विचार कर रही थी, जिसमें 2008 अधिनियम के अनुसार देश में ग्राम न्यायालयों की स्थापना और क्रियान्वयन की मांग की गई थी। सीनियर एडवोकेट निधेश गुप्ता (मामले में एमिक्स क्यूरी ) की सुनवाई के...

जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने की मांग करने वाली अर्जी सूचीबद्ध करने के लिए सुप्रीम कोर्ट भेजी गई
जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने की मांग करने वाली अर्जी सूचीबद्ध करने के लिए सुप्रीम कोर्ट भेजी गई

दो महीने के भीतर समयबद्ध तरीके से जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के निर्देश देने की मांग करने वाली अर्जी को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सूचीबद्ध करने के लिए भेजा गया।सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ के समक्ष मामले का उल्लेख किया। अर्जी को सूचीबद्ध करने की मांग की।शंकरनारायणन ने कहा,"अनुच्छेद 370 मामले में एक एम.ए. है, राज्य का दर्जा देने के लिए कार्यान्वयन... इसे समयबद्ध होना चाहिए।"सीजेआई अनुरोध पर विचार करने के लिए सहमत हो गए।यह अर्जी...

BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने असम समझौते को मान्यता देने वाले नागरिकता अधिनियम की धारा 6A की वैधता बरकरार रखी
BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने असम समझौते को मान्यता देने वाले नागरिकता अधिनियम की धारा 6A की वैधता बरकरार रखी

सुप्रीम कोर्ट ने 4:1 बहुमत से नागरिकता अधिनियम (Citizenship Act) 1955 की धारा 6A की संवैधानिक वैधता बरकरार रखी, जो असम समझौते को मान्यता देती है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस एमएम सुंदरेश, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की 5-जजों की संविधान पीठ ने फैसला सुनाया।जस्टिस पारदीवाला ने धारा 6A को असंवैधानिक ठहराने के लिए असहमतिपूर्ण फैसला दिया।सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने फैसले में कहा कि असम समझौता अवैध प्रवास की समस्या का राजनीतिक समाधान था और...

SARFAESI | नीलामी बिक्री तभी रद्द की जा सकती है, जब क्रेता शेष राशि के भुगतान में चूक करता है: सुप्रीम कोर्ट
SARFAESI | नीलामी बिक्री तभी रद्द की जा सकती है, जब क्रेता शेष राशि के भुगतान में चूक करता है: सुप्रीम कोर्ट

IDBI बैंक द्वारा नीलामी खरीद रद्द करने से उत्पन्न मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि यदि नीलामी क्रेता ने शेष नीलामी राशि जमा करने की पेशकश में चूक नहीं की है तो नीलामीकर्ता बिक्री प्रमाणपत्र जारी करने से इनकार नहीं कर सकता।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने कहा,“सेल सर्टिफिकेट जारी न करने का कारण पूरी तरह से अपीलकर्ता-बैंक के कारण है। शेष नीलामी राशि जमा करने की पेशकश करने में प्रतिवादियों की ओर से कोई चूक, लापरवाही या चूक नहीं हुई है। चूंकि उनकी ओर से कोई चूक नहीं हुई,...

नगर निगम द्वारा होर्डिंग/विज्ञापन लगाने के लिए लगाई गई रॉयल्टी को टैक्स नहीं कहा जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
नगर निगम द्वारा होर्डिंग/विज्ञापन लगाने के लिए लगाई गई 'रॉयल्टी' को 'टैक्स' नहीं कहा जा सकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नगर निगम द्वारा होर्डिंग/विज्ञापन लगाने के लिए विज्ञापन कंपनियों पर लगाई गई 'रॉयल्टी' को 'टैक्स' नहीं कहा जा सकता।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने पटना हाईकोर्ट की खंडपीठ का फैसला खारिज किया, जिसमें पटना नगर निगम को विज्ञापन कंपनियों से वसूली गई 'रॉयल्टी' वापस करने का निर्देश दिया गया। खंडपीठ ने कहा कि निगम के पास संविधान के अनुच्छेद 265 के तहत 'रॉयल्टी' लगाने और वसूलने का कोई विधायी अधिकार नहीं है।कोर्ट ने कहा कि नगर निगम द्वारा 'रॉयल्टी'...

Jet Airways Insolvency : सुप्रीम कोर्ट ने जालान कलरॉक कंसोर्टियम को स्वामित्व हस्तांतरण के खिलाफ SBI की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
Jet Airways Insolvency : सुप्रीम कोर्ट ने जालान कलरॉक कंसोर्टियम को स्वामित्व हस्तांतरण के खिलाफ SBI की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (16 अक्टूबर) को नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज के ऋणदाताओं द्वारा NCLAT के आदेश को चुनौती देने पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें एयरलाइन्स का स्वामित्व सफल समाधान आवेदक (एसआरए) को हस्तांतरित करने की अनुमति दी गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने मामले की सुनवाई की।एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एन वेंकटरमन जेट एयरवेज के प्रमुख ऋणदाता SBI की ओर से पेश हुए, जबकि सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी और गोपाल...

सुप्रीम कोर्ट ने अंतरजातीय विवाह को लेकर गर्भवती बेटी की हत्या के लिए पिता की दोषसिद्धि बरकरार रखी
सुप्रीम कोर्ट ने अंतरजातीय विवाह को लेकर गर्भवती बेटी की हत्या के लिए पिता की दोषसिद्धि बरकरार रखी

सुप्रीम कोर्ट ने उस पिता की दोषसिद्धि बरकरार रखी, जिसने अपनी गर्भवती बेटी की दिनदहाड़े हत्या कर दी थी, जिससे गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई थी।जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने अपीलकर्ता/पिता की दलील खारिज की कि अभियोजन पक्ष द्वारा स्वतंत्र गवाहों से पूछताछ न करना अभियोजन पक्ष के मामले के लिए घातक साबित होगा। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा स्वतंत्र गवाहों से पूछताछ न करने से उसके मामले पर कोई असर नहीं पड़ेगा, जब प्रत्यक्षदर्शी की गवाही निर्विवाद और...