राज�थान हाईकोट
राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश: आसाराम को जेल में पहले के आदेशों के तहत मिल रही मेडिकल सुविधाएं जारी रहेगी
राजस्थान हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि रेप के दोषी आसाराम को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेशों के तहत जो भी सुविधाएं, रहने की व्यवस्था, मंज़ूरियां और मेडिकल इंतज़ाम दिए गए, वे सभी उसकी सज़ा के ख़िलाफ़ अपील खारिज होने के बाद भी उसी तरह जारी रहेंगे।आसाराम ने हाईकोर्ट में कुछ ऐसी सुविधाएं और रहने की व्यवस्थाएं फिर से शुरू करने की मांग की, जो उसे पहले सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों के तहत उसकी उम्र और मेडिकल स्थिति को देखते हुए दी गईं। साथ ही उसने कुछ अतिरिक्त सुविधाओं की भी मांग की।...
राजस्थान हाईकोर्ट ने 'कॉज़ लिस्ट' में हर केस में हुई सुनवाई टलने की जानकारी दिखाने का आदेश जारी किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने 10 जून को स्थायी आदेश जारी किया। इसके तहत अब किसी खास मामले में सुनवाई कितनी बार टाली गई, इसकी संख्या केस कोड के साथ 'कॉज़ लिस्ट' में अलग से दिखाई जाएगी।स्थायी आदेश संख्या 06/S.O/2026 में कहा गया कि सुनवाई टलने की इस संख्या का रिकॉर्ड इस काम के लिए बनाए गए सॉफ्टवेयर/एप्लीकेशन के ज़रिए रखा जाएगा। यह जानकारी 'अपीलकर्ता/याचिकाकर्ता/आवेदक' या 'प्रतिवादी' या 'संयुक्त रूप से' - इनमें से हर कैटेगरी के तहत उपलब्ध होगी।आदेश में यह भी साफ़ किया गया कि जिन मामलों में सुनवाई का नंबर...
CrPC की धारा 156(3) के तहत जांच का आदेश देने के बाद कोर्ट 'फंक्टस ऑफिसियो' नहीं हो जाता, उसे प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगनी चाहिए: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि एक बार जब क्रिमिनल कोर्ट ने CrPC की धारा 156(3) के तहत जांच का आदेश दे दिया तो वह 'फंक्टस ऑफिसियो' (यानी अपना काम पूरा करके अधिकार-मुक्त) नहीं हो जाता। अगर कोर्ट को लगता है कि जांच उचित समय में पूरी नहीं हुई तो उससे प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगना उसकी ज़िम्मेदारी बनी रहती है।जस्टिस रेखा बोराना की बेंच ने देखा कि कोर्ट के सामने ऐसे कई मामले आए, जिनमें ट्रायल कोर्ट के सामने कार्यवाही सालों तक लंबित रहती है, जबकि जांच एजेंसी से प्रभावी स्थिति/प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगने के लिए...
कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों की जगह दूसरे कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नहीं रखा जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने वोकेशनल ट्रेनर्स को राहत दी
राजस्थान हाईकोर्ट ने उन याचिकाकर्ताओं को राहत दी, जो कई सालों से वोकेशनल ट्रेनर के तौर पर काम कर रहे थे और जिन्हें थर्ड-पार्टी एजेंसियों यानी वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोवाइडर्स (VTPs) के ज़रिए नियुक्त किया गया। राज्य सरकार द्वारा VTPs के साथ कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने के बाद याचिकाकर्ताओं की सेवाएं भी खत्म की गईं।जस्टिस अशोक कुमार जैन की बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ताओं को सीधे कॉन्ट्रैक्ट के ज़रिए नियुक्त करें और उन्हें बैंक ट्रांसफर के ज़रिए सीधे मानदेय का भुगतान करें।कोर्ट ने माना...
पुराने विज्ञापन की शर्तें भविष्य की सरकारी भर्ती में उन्हीं शर्तों पर ज़ोर देने का उम्मीदवारों को कोई पक्का अधिकार नहीं देतीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी भर्ती के लिए पिछले साल के विज्ञापन में किसी खास शर्त को शामिल करने से उम्मीदवारों को भविष्य की भर्तियों में भी वैसी ही शर्तों पर ज़ोर देने का कोई पक्का अधिकार नहीं मिलता।जस्टिस आनंद शर्मा की बेंच ने कहा कि हर भर्ती प्रक्रिया एक स्वतंत्र प्रक्रिया होती है और नियोक्ता (employer) प्रशासनिक ज़रूरतों और कानूनी नियमों के अनुसार योग्यता की शर्तों में बदलाव या स्पष्टीकरण करने के लिए सक्षम होता है।कोर्ट ने कहा,"साल 2021 में हुई पिछली भर्ती के बारे में उठाए गए तर्क को भी...
उदयपुर की झीलों पर अतिक्रमण और प्रदूषण पर हाईकोर्ट सख्त, स्वतः संज्ञान लेकर मांगी विस्तृत रिपोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने उदयपुर की झीलों, नहरों और अन्य जलाशयों पर बढ़ते अतिक्रमण, प्रदूषण तथा अनियंत्रित विकास गतिविधियों से जुड़े मामलों का स्वतः संज्ञान लिया।अदालत ने कहा कि उदयपुर की झीलें केवल शहर की पहचान ही नहीं हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जल सुरक्षा के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस रेखा बोराना की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए उदयपुर की प्राकृतिक सुंदरता का उल्लेख किया।अदालत ने कवि एवं विद्वान श्री जयकृष्ण चौधरी 'हबीब' की प्रसिद्ध पंक्तियों...
Workmen's Compensation Act | मानवीय आधार पर मृतक को अस्पताल ले जाना रोज़गार का रिश्ता मानने के लिए काफ़ी नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने 'वर्कमेन कम्पनसेशन एक्ट' (कामगार मुआवज़ा अधिनियम) के तहत मृतक व्यक्ति के परिवार को दिए गए मुआवज़े का दावा रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि किसी दस्तावेज़ के बिना मानवीय आधार पर मृतक को अस्पताल ले जाने से ही मालिक-कर्मचारी का रिश्ता साबित नहीं होता।जस्टिस रवि चिरानिया की बेंच ने कहा कि समाज में लोग अक्सर अपने आस-पास ज़रूरतमंदों की मानवीय आधार पर मदद करते हैं, लेकिन ऐसे कामों को मालिक-कर्मचारी का रिश्ता मानने का आधार नहीं बनाया जा सकता।बता दें, कोर्ट 'वर्कमेन कम्पनसेशन कमिश्नर'...
वकील की प्रक्रियात्मक चूक के कारण अपील का अधिकार खत्म नहीं हो सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक ऐसी अपील को बहाल कर दिया, जिसे निर्धारित समय में खामियां (defects) दूर नहीं किए जाने के कारण खारिज कर दिया गया था। अदालत ने कहा कि न्याय का प्रशासन तकनीकी आधारों पर विफल नहीं होने दिया जा सकता और किसी पक्षकार को उसके वकील की अनजाने में हुई चूक या प्रक्रियात्मक लापरवाही के कारण अपूरणीय नुकसान नहीं उठाना चाहिए।जस्टिस फरजंद अली की पीठ एक बहाली आवेदन पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता ने बताया कि सरकारी वकील के कार्यालय में प्रशासनिक बदलाव के कारण अदालत का आदेश उनके संज्ञान में...
भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाने का मामला: राजस्थान हाईकोर्ट ने फॉरेस्ट ऑफिसर के खिलाफ़ बरकरार रखी FIR
भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट का इस्तेमाल करने की आरोपी फॉरेस्ट ऑफिसर के खिलाफ FIR रद्द करने से इनकार करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षा प्रक्रिया में हेरफेर से जुड़े अपराधों को शुरुआती स्तर पर ही हल्के में नहीं लिया जा सकता।जस्टिस फरजंद अली की बेंच याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कार्यरत फॉरेस्ट गार्ड पर आरोप है कि संबंधित परीक्षा में उसकी जगह एक डमी कैंडिडेट शामिल हुआ था। इसी वजह से उस पद पर उसका गैर-कानूनी चयन हुआ।कोर्ट ने कहा,"आरोप एक संवैधानिक भर्ती संस्था द्वारा...
POCSO Case: राजस्थान हाईकोर्ट ने पीड़िता की उम्र से जुड़े दस्तावेज़ मंगाने की आरोपी की अर्ज़ी को आंशिक रूप से दी मंज़ूरी
राजस्थान हाईकोर्ट ने POCSO मामले के आरोपी की उस अर्ज़ी को आंशिक रूप से मंज़ूरी दी, जिसमें उसने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उसकी CrPC की धारा 91 की अर्ज़ी खारिज की गई थती। इस अर्ज़ी में पीड़िता की उम्र तय करने के लिए कम्युनिटी हेल्थ सेंटर द्वारा जारी उसके एडमिशन टिकट को पेश करने की मांग की गई।ट्रायल कोर्ट ने यह कहते हुए अर्ज़ी खारिज की थी कि आरोपी द्वारा पीड़िता की उम्र के संबंध में जिरह (Cross-Examination) पहले ही पूरी की जा चुकी है।CrPC की धारा 91 (दस्तावेज़ या अन्य चीज़...
ठोस सबूत के बिना आरोपी को पूरे दिन पुलिस स्टेशन में नहीं बिठाया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने दिया हत्या की जांच की निगरानी का निर्देश
हत्या की FIR रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने दौसा के पुलिस अधीक्षक (SP) को निर्देश दिया कि वह 5 साल से ज़्यादा समय से लंबित जांच की निगरानी करें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि आरोपियों को पूछताछ के बहाने बेवजह परेशान न किया जाए, जब तक कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत न हो।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच ने कहा कि जांच अधिकारी को आरोपी को पुलिस स्टेशन बुलाने और उन्हें सुबह से शाम तक वहीं रहने के लिए मजबूर करने की इजाज़त नहीं दी जा सकती, जब तक कि उनके खिलाफ किसी ठोस सबूत की...
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य की आर्द्रभूमि के लिए खतरों पर स्वतः संज्ञान लिया, तुरंत सुरक्षा उपाय करने के आदेश दिए
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य भर में वेटलैंड्स (आर्द्रभूमि) को प्रदूषण, अतिक्रमण, सीवेज बहाव, पानी के फैलाव में कमी और संरक्षण के अपर्याप्त उपायों आदि से होने वाले खतरों पर स्वतः संज्ञान लिया।संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत अधिकार, अनुच्छेद 48A और 51(A)(g) के तहत कर्तव्यों और 'पब्लिक ट्रस्ट डॉक्ट्रिन' (सार्वजनिक विश्वास सिद्धांत) पर जोर देते हुए डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस रेखा बोराना की डिवीजन बेंच ने कहा कि राजस्थान में वेटलैंड्स के संरक्षण और टिकाऊ प्रबंधन के लिए व्यापक जनहित में...
पेनल्टी के आधार पर पुरानी रिक्तियों के लिए पदोन्नति नहीं रोकी जा सकती: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारी की पदोन्नति पर विचार करते समय पिछले सात वर्षों के सेवा रिकॉर्ड की गणना संबंधित पद की रिक्ति उत्पन्न होने की तिथि से की जाएगी, न कि उस घटना की तिथि से जिसके आधार पर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई हो।जस्टिस आनंद शर्मा की पीठ ने कहा कि किसी कर्मचारी पर लगाई गई दंडात्मक कार्रवाई (Penalty) का प्रभाव पदोन्नति पर पड़ सकता है, लेकिन यह प्रभाव केवल उन पदोन्नतियों पर लागू होगा जो दंड आदेश जारी होने के बाद दी जानी हैं। जिन पदोन्नतियों के लिए रिक्तियां दंड...
राज्य के बाहर यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करने पर स्पोर्ट्स कोटे के तहत नियुक्ति से इनकार नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने दी उम्मीदवार को राहत
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक उम्मीदवार को राहत दी, जिसने "बेहतरीन खिलाड़ी" (आउटस्टैंडिंग स्पोर्ट्स पर्सन) कैटेगरी में टीचर के पद पर नियुक्ति की मांग की थी। पहले उसे यह लाभ देने से इनकार कर दिया गया था क्योंकि चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए जारी उसका सर्टिफिकेट हरियाणा का प्रतिनिधित्व करने के लिए था, न कि राजस्थान का।ऐसा करते हुए कोर्ट ने विज्ञापन का हवाला दिया और कहा कि ज़रूरी शर्त 'एसोसिएशन ऑफ़ इंडियन यूनिवर्सिटीज़' द्वारा मान्यता प्राप्त 'ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट' में किसी व्यक्तिगत या...
राजस्थान हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता के नार्को-टेस्ट से इनकार पर जताई हैरानी, हत्या की नई जांच के दिए आदेश
राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में शिकायतकर्ता का नार्को-टेस्ट करने से संबंधित अधिकारी के इनकार पर हैरानी जताई – जबकि शिकायतकर्ता ने इसके लिए सहमति दी थी – और इनकार का आधार यह बताया गया कि वह हिंदी में पारंगत नहीं है।कोर्ट ने कहा कि इसके बजाय अधिकारियों को किसी ऐसे व्यक्ति को नियुक्त करना चाहिए, जो उस गवाह/संदिग्ध या पीड़ित की मातृभाषा से परिचित हो, जिसकी मौजूदगी में यह टेस्ट किया जा सके। कोर्ट ने आगे कहा कि जांच अधिकारी केवल इस आधार पर जांच बंद नहीं कर सकता कि अज्ञात आरोपी व्यक्ति नहीं मिल...
गलत Answer Key और प्रश्नों से प्रभावित हो रही भर्ती प्रक्रिया, राजस्थान हाईकोर्ट ने SOP बनाने के दिए निर्देश
राजस्थान हाईकोर्ट ने सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही गलत उत्तर कुंजी (Answer Key) और त्रुटिपूर्ण प्रश्नों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार को वरिष्ठ IAS अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि समिति भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करे।जस्टिस आनंद शर्मा की पीठ शिक्षक ग्रेड-III लेवल-II भर्ती 2022 से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ताओं का...
वर्षों तक चुप रहने वाले दावेदार को नहीं मिलेगा पुरानी अवधि का ब्याज: राजस्थान हाईकोर्ट ने बरकरार रखा कॉमर्शियल कोर्ट का फैसला
राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि कोई दावेदार लंबे समय तक अपने कथित अधिकार को लेकर निष्क्रिय बना रहता है और उचित समय के भीतर भुगतान की मांग तक नहीं करता तो वह बाद में उस अवधि के लिए ब्याज की मांग नहीं कर सकता, जब वह स्वयं बिना किसी उचित कारण के चुप बैठा रहा हो।एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश मिश्रा और जस्टिस बिपिन गुप्ता की खंडपीठ ने कहा कि कानून उन लोगों की सहायता करता है, जो अपने अधिकारों के प्रति सजग रहते हैं न कि उन लोगों की जो वर्षों तक अपने अधिकारों पर सोए रहते...
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वैध अनुमति के बिना कोर्ट 'जल अधिनियम' के तहत अपराध का संज्ञान नहीं ले सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या बोर्ड द्वारा अधिकृत किसी सक्षम अधिकारी की ओर से 'जल अधिनियम' की धारा 49 के तहत शिकायतकर्ता के पक्ष में वैध अनुमति न होने पर कोई भी आपराधिक कोर्ट इस अधिनियम के तहत किसी अपराध का संज्ञान नहीं ले सकता।अधिनियम की धारा 49 के अनुसार, कोई भी कोर्ट इस अधिनियम के तहत किसी अपराध का संज्ञान तब तक नहीं लेगा, जब तक कि शिकायत निम्नलिखित द्वारा न की गई हो: (क) प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या उसकी ओर से इस संबंध में अधिकृत कोई अधिकारी; या(ख) कोई भी ऐसा व्यक्ति...
निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री पर सख्त हुआ राजस्थान हाईकोर्ट, औचक निरीक्षण के आदेश
राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर में निर्धारित समय सीमा के बाद भी खुलेआम शराब बिक्री के मामलों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे जनस्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया। अदालत ने कहा कि नियमों की अनदेखी कर देर रात तक शराब की बिक्री संविधान के अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 47 के उद्देश्यों को प्रभावित करती है तथा नागरिकों के सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार पर प्रतिकूल असर डालती है।डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और डॉ. जस्टिस नूपुर भाटी की खंडपीठ ने इस मामले में अंतरिम आदेश...
संशोधित वेतन नियम | जान-बूझकर प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर इसे छोड़ने से जुड़ा 'नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस' नहीं मांग सकते: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने उस आदेश को रद्द किया, जिसमें राज्य सरकार को उन मेडिकल अधिकारियों का वेतन बढ़ाने का निर्देश दिया गया था, जिन्होंने 'नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस' (NPA) का विकल्प नहीं चुना था, ताकि उनका वेतन उन जूनियर अधिकारियों के बराबर हो सके, जिन्होंने NPA का विकल्प चुना था।बता दें, कानून में यह प्रावधान है कि उन मेडिकल अधिकारियों को NPA (मूल वेतन का 20% की दर से गणना की जाती है) का भुगतान किया जाए, जो कोई भी प्राइवेट प्रैक्टिस न करने का विकल्प चुनते हैं; किसी भी उल्लंघन के मामले में उन पर...
















