राज�थान हाईकोट
पिछली छोटी सज़ाएं लगातार 'उत्कृष्ट' सर्विस रिकॉर्ड पर भारी नहीं पड़ सकतीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने अनिवार्य रिटायरमेंट रद्द किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने "अक्षमता" के आधार पर पुलिस इंस्पेक्टर का अनिवार्य रिटायरमेंट का आदेश रद्द कर दिया। कोर्ट ने इसे मनमाना और छोटी सज़ाओं पर चुनिंदा रूप से निर्भर बताया, जबकि उसके लगातार उत्कृष्ट सर्विस रिकॉर्ड को नज़रअंदाज़ किया गया, जिसमें "अच्छा" और "बहुत अच्छा" प्रदर्शन दिखाया गया।जस्टिस फरजंद अली की बेंच ने कहा कि राज्य राजस्थान सिविल सर्विसेज (पेंशन) नियम, 1996 ("नियम") के नियम 53(1) और कार्मिक विभाग (DoP) द्वारा 21 अप्रैल, 2000 को जारी सर्कुलर के तहत बाध्यकारी दिशानिर्देशों का पालन करने...
डिजिटल ठगी के खिलाफ देशव्यापी जन-जागरूकता अभियान की जरूरत: राजस्थान हाइकोर्ट
डिजिटल ठगी के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता जताते हुए राजस्थान हाइकोर्ट ने कहा कि अब समय आ गया है कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया, टीवी और रेडियो के माध्यम से देशव्यापी जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि आम लोगों को ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा सके।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने यह टिप्पणी दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की। इन आरोपियों के खिलाफ कई साइबर शिकायतें दर्ज थीं और उनके बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया।मामले में...
पति की अधिक आय का अर्थ पत्नी को अधिक भरण-पोषण नहीं: राजस्थान हाइकोर्ट
राजस्थान हाइकोर्ट ने पत्नी द्वारा भरण-पोषण राशि बढ़ाने की याचिका खारिज करते हुए कहा कि केवल पति की अधिक आय के आधार पर पत्नी को अधिक या निश्चित अनुपात में भरण-पोषण देना कानून का उद्देश्य नहीं है।हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि भरण-पोषण को पति की आय में हिस्सेदारी का साधन नहीं बनाया जा सकता।जस्टिस फरजंद अली ने अपने आदेश में कहा कि कानून यह नहीं कहता कि यदि पति अधिक कमाता है तो पत्नी को अनिवार्य रूप से उसकी आय का आधा या बड़ा हिस्सा दिया जाए। ऐसा करना भरण-पोषण की कार्यवाही को संपत्ति या आय के बंटवारे...
मामूली विरोधाभास और शत्रुतापूर्ण गवाह दोषसिद्धि को प्रभावित नहीं करते: 33 साल पुराने मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने धारा 324 IPC की सज़ा बरकरार रखी
राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि गवाहों के बयान में मामूली विरोधाभास या कुछ अभियोजन गवाहों के शत्रुतापूर्ण हो जाने मात्र से अभियोजन का मामला कमजोर नहीं होता, यदि संपूर्ण साक्ष्य विश्वसनीय और संगत हो।जस्टिस अरुण मोंगा की पीठ ने यह टिप्पणी धारा 324 भारतीय दंड संहिता (स्वेच्छा से चोट पहुँचाना) के तहत दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली अपीलों पर सुनवाई करते हुए की।अपीलकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि अभियोजन के कुछ गवाह शत्रुतापूर्ण हो गए पीड़ित पक्ष के पारिवारिक गवाहों के बयानों में विरोधाभास है तथा...
हस्ताक्षर दिखाकर दस्तावेज़ छिपाकर क्रॉस-एग्जामिनेशन करना अस्वीकार्य, राजस्थान हाईकोर्ट ने 'पिजन होल थ्योरी' पर लगाई समय-सीमा
राजस्थान हाईकोर्ट जज जस्टिस संजीत पुरोहित की एकल पीठ ने संपत्ति विवाद से जुड़े एक पुराने सिविल मुकदमे में साक्ष्य कानून की महत्वपूर्ण व्याख्या करते हुए यह स्पष्ट किया कि किसी गवाह से जिरह के दौरान दस्तावेज़ का केवल हस्ताक्षर वाला भाग दिखाकर शेष सामग्री छिपाना सामान्यतः स्वीकार्य नहीं है। न्यायालय ने कहा कि ऐसी पद्धति भ्रामक हो सकती है और निष्पक्ष सुनवाई के सिद्धांतों के विपरीत है।याचिकाकर्ता राजेश कुमार ने पाली स्थित मरुधर होटल से संबंधित संपत्ति को संयुक्त हिन्दू परिवार की संपत्ति बताते हुए...
'कानून से ऊपर कोई नहीं': न्यायिक आदेशों की अवहेलना पर राजस्थान हाईकोर्ट ने डिप्टी कलेक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने 70 वर्षीय विधवा महिला द्वारा माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत दायर आवेदन पर समयबद्ध निर्णय न देने और अदालत के आदेशों की बार-बार अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी जिला कलेक्टर एवं मजिस्ट्रेट के आचरण पर कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह अधिनियम त्वरित राहत के उद्देश्य से बनाया गया है और कोई भी प्राधिकारी मामले को अनिश्चितकाल तक लंबित रखकर अदालत के निर्देशों की जानबूझकर अनदेखी नहीं कर सकता।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने...
BNSS के तहत मानसिक अस्वस्थता की याचिका पर फैसला किए बिना ट्रायल आगे नहीं बढ़ सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें BNSS की धारा 368 के तहत दायर आवेदन पर बिना किसी तर्कपूर्ण फैसले के सिर्फ मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ट्रायल जारी रखने का निर्देश दिया गया, जिसमें याचिकाकर्ता को स्वस्थ दिमाग का बताया गया।BNSS की धारा 368 मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के ट्रायल की प्रक्रिया बताता है।जस्टिस अनिल कुमार उपमन की बेंच ने कहा कि ट्रायल शुरू करने से पहले, ट्रायल कोर्ट को BNSS की धारा 368 के तहत आवेदन पर फैसला करना अनिवार्य है। इसलिए चुनौती दिए गए आदेश को रद्द...
वर्किंग सेटर्डे के विरोध में वकीलों की हड़ताल पर राजस्थान हाइकोर्ट सख्त, कहा- अदालतों का बहिष्कार अनुच्छेद 21 के तहत वादकारियों के अधिकारों का उल्लंघन
राजस्थान हाइकोर्ट ने प्रत्येक माह दो शनिवार कार्यदिवस घोषित किए जाने के फैसले के विरोध में वकीलों द्वारा की जा रही हड़ताल पर कड़ी नाराज़गी जताई। हाइकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि वकीलों को हड़ताल का कोई अधिकार नहीं है, विशेष रूप से तब, जब मामला नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा हो।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की एकलपीठ ने कहा कि जब वकील अदालतों का बहिष्कार करते हैं तो इससे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत वादकारियों को प्राप्त त्वरित न्याय के अधिकार का सीधा उल्लंघन होता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि विरोध का...
पुलिस को दिए गए बिना साबित बयान का इस्तेमाल अनुशासनात्मक कार्यवाही में नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारी की पेंशन ज़ब्ती रद्द की
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक सरकारी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई रद्द कर दिया है, जिसमें उसकी ज़िंदगी भर की 100% पेंशन रोक दी गई। यह कार्रवाई पूरी तरह से एक ऐसे व्यक्ति के CrPC की धारा 161 के तहत पुलिस को दिए गए बयानों पर आधारित थी, जिसकी न तो विभागीय जांच के दौरान और न ही कोर्ट के सामने जांच की गई।जस्टिस अशोक कुमार जैन की बेंच ने कहा कि CrPC की धारा 161 के तहत दिए गए बयान का CrPC की धारा 162 के तहत कोई सबूत के तौर पर महत्व नहीं है। इसका इस्तेमाल सिर्फ विरोधाभास के लिए किया जा सकता है, न...
शादी से पहले महिला को मिली स्कॉलरशिप शादी के बाद उसके पति के दावे को खत्म नहीं करती: राजस्थान हाईकोर्ट
स्वामी विवेकानंद एकेडमिक एक्सीलेंस स्कॉलरशिप से वंचित किए गए एक व्यक्ति को राहत देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ इस आधार पर स्कॉलरशिप खारिज करना कि आवेदक की पत्नी को भी शादी से पहले स्कॉलरशिप का फायदा मिला था, कानूनी रूप से सही नहीं था और यह स्कॉलरशिप योजनाओं के मूल मकसद के खिलाफ है।स्कॉलरशिप को सिर्फ एक परिवार के सदस्य तक सीमित रखने की शर्त के संदर्भ में स्थिति का विश्लेषण करते हुए जस्टिस अनूप सिंघी की बेंच ने इस बात पर जोर दिया कि एक महिला उम्मीदवार को स्कॉलरशिप मिलने से उस महिला की...
हाईकोर्ट ने राजस्थान की जेलों में अपर्याप्त पानी, अस्वच्छ स्थितियों पर चिंता जताई, राज्यव्यापी निरीक्षण का आदेश दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में जेल कैदियों के लिए अपर्याप्त और अस्वच्छ स्वच्छता सुविधाओं पर ध्यान दिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जिला मजिस्ट्रेट और जजों, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला समाज कल्याण अधिकारियों, जेल अधीक्षक, राजस्थान के सभी जिलों के DSLA सचिवों की "शिकायत निवारण समिति" का गठन करें ताकि कैदियों की शिकायतों की जांच की जा सके।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच ने समिति के सदस्यों को निर्देश दिया कि वे तीन सप्ताह के भीतर किसी भी दिन जेलों का अचानक निरीक्षण करें, जितने कैदियों को...
पुराना पेंशन दावा खारिज, सेवा अभिलेख खोने पर राजस्थान हाइकोर्ट ने राज्य को फटकारा
राजस्थान हाइकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि राज्य द्वारा सेवा अभिलेख (सर्विस रिकॉर्ड) खो जाना या गुम हो जाना गंभीर प्रशासनिक चूक जरूर है, लेकिन केवल इसी आधार पर किसी कर्मचारी को पेंशन का वैधानिक अधिकार नहीं दिया जा सकता। साथ ही अदालत ने सेवा अभिलेख खोने को लेकर राज्य सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी भी जताई।जस्टिस आनंद शर्मा की पीठ ने स्पष्ट कहा कि राज्य सार्वजनिक अभिलेखों का ट्रस्टी होता है। वह यह कहकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकता कि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि सेवा अभिलेख...
मुस्लिम क़ानून के तहत वैध तलाक को मान्यता देना फैमिली कोर्ट का दायित्व : राजस्थान हाइकोर्ट
राजस्थान हाइकोर्ट ने कहा कि यदि मुस्लिम व्यक्तिगत क़ानून के अंतर्गत तलाक-उल-हसन या मुबारात के माध्यम से विवाह का विधिवत विघटन पहले ही हो चुका है तो फैमिली कोर्ट ऐसे तलाक को मान्यता देने और विवाह विच्छेद की घोषणा करने के लिए बाध्य है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की राहत को केवल अत्यधिक तकनीकी आधारों पर नकारा नहीं जा सकता।जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने यह टिप्पणी उस अपील पर सुनवाई करते हुए की, जो फैमिली कोर्ट द्वारा पत्नी की विवाह विच्छेद की घोषणा संबंधी...
एक ही बार कुंद वस्तु से सिर पर वार, बिना जानलेवा मंशा के हत्या के प्रयास का अपराध नहीं : राजस्थान हाइकोर्ट
राजस्थान हाइकोर्ट ने अहम निर्णय में कहा कि यदि सिर पर किसी कुंद वस्तु से केवल एक बार वार किया गया हो और उससे गंभीर चोट आई हो तो मात्र इस आधार पर इसे हत्या का प्रयास नहीं माना जा सकता, जब तक कि अभियोजन यह साबित न करे कि आरोपी की मंशा जान लेने की थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि हत्या के प्रयास के अपराध के लिए जानलेवा इरादे (हॉमिकाइडल इंटेंट) का होना अनिवार्य शर्त है।जस्टिस फरजंद अली की पीठ ने यह टिप्पणी ट्रायल कोर्ट द्वारा धारा 307 (हत्या का प्रयास) सहित आरोप तय किए जाने को चुनौती देने वाली पुनरीक्षण...
गिरफ्तार व्यक्तियों की तस्वीरें सार्वजनिक करना असंवैधानिक: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा गिरफ्तार व्यक्तियों की तस्वीरें सार्वजनिक रूप से प्रसारित करने की प्रथा पर गंभीर आपत्ति जताते हुए इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त गरिमामय जीवन के अधिकार का उल्लंघन बताया। जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने इस संबंध में दायर आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से जवाब तलब किया है।याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करते हुए एडवोकेट रजाक खान हैदर और सरवर खान ने अदालत को बताया कि पुलिस द्वारा आरोपियों को थाने के बाहर या प्रवेश द्वार पर...
अनजाने में हुई OMR गलती से अपरिवर्तनीय नुकसान नहीं हो सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने JET-2025 B.Tech एडमिशन बहाल किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को राहत दी, जिसका B.Tech कोर्स में प्रोविजनल एडमिशन जॉइंट एंट्रेंस टेस्ट (JET) 2025 के OMR में अपने अटेम्प्ट किए गए सब्जेक्ट्स को भरने में गलती के कारण रद्द कर दिया गया। कोर्ट ने इसे एक अनजाने में हुई गलती और उसकी तरफ से एक छोटी सी चूक माना।जस्टिस नूपुर भाटी की बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता को परीक्षा के दौरान ज़्यादा सतर्क रहना चाहिए था। हालांकि, उसकी तरफ से कोई जानबूझकर गलतबयानी नहीं की गई। ऐसी अनजाने में हुई गलती के लिए उसका एडमिशन रद्द करने से उसे अपरिवर्तनीय...
'नाता विवाह' को शादी के तौर पर मान्यता: राजस्थान हाईकोर्ट ने मृत सरकारी कर्मचारी की पत्नी को फैमिली पेंशन देने का निर्देश दिया
यह देखते हुए कि राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में नाता विवाह को भी शादी का एक रूप माना जाता है, राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महिला को फैमिली पेंशन देने का निर्देश दिया, जिसने मृत सरकारी कर्मचारी के साथ यह पारंपरिक शादी की थी।बता दें, नाता विवाह राजस्थान के कुछ ग्रामीण इलाकों में प्रचलित एक प्रथा है, जिसमें मौजूदा पति की मौत या उससे अलग होने के बाद महिला किसी दूसरे पुरुष के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट वाले वैवाहिक संबंध में आती है।जस्टिस अशोक कुमार जैन ने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 7 के तहत भी "नाता...
वकील की गलती की सजा मुवक्किल को नहीं: राजस्थान हाइकोर्ट ने 25 पेड़ लगाने की शर्त पर बहाल किया पुराना मामला
राजस्थान हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण कानूनी व्यवस्था देते हुए कहा कि वकील द्वारा सुनवाई की अगली तारीख नोट करने में हुई मानवीय भूल के लिए मुवक्किल को प्रताड़ित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने तकनीकी आधार पर मामले को बहाल करने से इनकार करने वाले ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने न केवल मामले को दोबारा शुरू करने का आदेश दिया, बल्कि याचिकाकर्ता पर पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी एक अनूठी शर्त भी लगाई।अदालत ने मामले को बहाल करने के बदले याचिकाकर्ता पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया।...
हल्दिघाटी में अतिक्रमण पर हाईकोर्ट ने जताई चिंता, कहा- राजपूत गौरव के प्रतीक पिकनिक स्पॉट बनकर रह गए
हल्दीघाटी दर्रे और रक्त तलाई के ऐतिहासिक स्थलों की उपेक्षित और खराब हालत को उजागर करने वाली न्यूज़ रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लेते हुए दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की यह व्यवस्थागत विफलता संविधान के अनुच्छेद 21, 49 और 51A(g) का उल्लंघन है।जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर स्थलों के संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों और अतिक्रमण, प्रदूषण और जीर्णोद्धार से निपटने के...
25% RTE कोटा प्री-प्राइमरी क्लास पर लागू होता है, इसे क्लास I तक सीमित करना कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए नुकसानदायक: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) के तहत 25% सीटें आरक्षित करने की बाध्यता न केवल क्लास I पर, बल्कि उन सभी प्री-प्राइमरी स्तरों पर भी लागू होती है, जहाँ ऐसी शिक्षा दी जाती है।एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की डिवीजन बेंच ने राय दी कि इसे क्लास I तक सीमित करने से अधिनियम का उद्देश्य विफल हो जाएगा, क्योंकि कमजोर वर्ग के स्टूडेंट उन अन्य बच्चों की तुलना में नुकसान में रहेंगे, जिन्होंने पहले ही प्री-प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ाई की...

















