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न्यायालय की अवमानना : आवारा कुत्तों के मामले में टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मेनका गांधी को फटकारा
आवारा कुत्तों से जुड़े स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उनके द्वारा जजों के खिलाफ की गई टिप्पणियां प्रथम दृष्टया न्यायालय की अवमानना के दायरे में आती हैं।हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मामले में कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिसे पीठ ने अपनी उदारता करार दिया।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ इस मामले की पांचवें दिन सुनवाई कर रही थी। सुनवाई...
उत्तराखंड के दो न्यायिक अधिकारियों को दिल्ली न्यायिक सेवा में शामिल होने की अनुमति: सुप्रीम कोर्ट ने कहा– हाइकोर्ट का इनकार मौलिक अधिकारों का उल्लंघन
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी न्यायिक अधिकारी को केवल इस आधार पर दूसरे राज्य की न्यायिक सेवा में शामिल होने की अनुमति से वंचित नहीं किया जा सकता कि उसके जाने से पहले राज्य में रिक्तियां पैदा हो जाएंगी।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की खंडपीठ ने उत्तराखंड के दो न्यायिक अधिकारियों को राहत देते हुए उन्हें दिल्ली न्यायिक सेवा में शामिल होने की अनुमति प्रदान की। इन अधिकारियों को उत्तराखंड हाइकोर्ट ने दिल्ली न्यायिक सेवा में चयनित होने के बावजूद वहां कार्यभार ग्रहण करने की अनुमति देने से...
'लड़ने वाले जोड़े कोर्ट को अपना युद्ध का मैदान नहीं बना सकते': सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ते वैवाहिक मुकदमों पर चिंता जताई, सुलह-समझौते पर ज़ोर दिया
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (20 जनवरी) को बढ़ते वैवाहिक मुकदमों पर चिंता जताई और सलाह दी कि कार्यवाही शुरू करने से पहले परिवार के सदस्यों को विवादों को सुलझाने के लिए पूरी कोशिश करनी चाहिए।जस्टिस राजेश बिंदल और मनमोहन की बेंच ने यह टिप्पणी की,“बदलते समय में वैवाहिक मुकदमे कई गुना बढ़ गए हैं। यहां तक कि यह कोर्ट भी ट्रांसफर याचिकाओं से भरा पड़ा है, जो मुख्य रूप से पत्नियों द्वारा दायर की जाती हैं, जो अपने पतियों द्वारा शुरू की गई कार्यवाही को ट्रांसफर करने की मांग करती हैं, चाहे वह पहली बार हो या...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बिना सबूत के कार्यवाही में देरी के लिए वकीलों को दोषी ठहराने की मुवक्किलों की प्रथा की निंदा की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली पहली अपील दायर करने में 203 दिनों की देरी को माफ करने से इनकार करते हुए मुवक्किलों द्वारा वकील को पार्टी बनाए बिना और उस वकील के खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू किए बिना देरी के लिए वकीलों को दोषी ठहराने की प्रथा की निंदा की।सिंगल-जज जस्टिस जितेंद्र जैन ने सिविल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने के लिए 203 दिनों की देरी को माफ करने की मांग वाली सिविल अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा कि पार्टी ने अपने वकील (जो सिविल कोर्ट में उनके लिए पेश हुए) पर आरोप...
ट्रिब्यूनल पेंडिंग क्रिमिनल मामलों पर विचार किए बिना बहाली का निर्देश नहीं दे सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस मधु जैन की एक डिवीजन बेंच ने कहा कि अगर डिपार्टमेंटल कार्यवाही में बर्खास्तगी रद्द भी कर दी जाती है तो भी कर्मचारी पर लगे दूसरे आरोप में बाद में हुई आपराधिक सज़ा पर विचार करने के बाद ही सक्षम अथॉरिटी द्वारा बहाली और सर्विस बेनिफिट्स पर फैसला किया जाना चाहिए।मामले के तथ्यप्रतिवादी दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल था। उसके खिलाफ तीन FIR दर्ज की गईं। पहली अपने सर्विस हथियार से गलती से गोली चलने से एक सहकर्मी की मौत के लिए। दूसरी घर में घुसने और मामूली चोट...
Stray Dog Case : सुप्रीम कोर्ट ने 6 साल की बच्ची के माता-पिता की बात सुनी, जिसकी मौत के बाद स्वतः संज्ञान मामला शुरू हुआ
आवारा कुत्तों के मामले में नाबालिग पीड़ित के माता-पिता, जिसकी मौत के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया, उसने मंगलवार को अपनी दलीलें पेश कीं।टाइम्स ऑफ इंडिया में 6 साल की बच्ची की मौत पर छपे एक अखबार के लेख, "आवारा कुत्तों से परेशान परेशान शहर, बच्चे चुका रहे कीमत", के बाद पिछले अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लिया था।उन्होंने आज कोर्ट को बताया कि अस्पताल इस मामले में लापरवाही के दोषी थे, क्योंकि उन्होंने समय पर इलाज करने से मना कर दिया था।यह दलील देते हुए माता-पिता ने...
NGT बिल्डिंग प्लान के उल्लंघन से जुड़े विवादों पर फैसला नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (20 जनवरी) को कहा कि NGT ऐसे विवादों पर फैसला नहीं कर सकता, जो असल में ज़मीन के इस्तेमाल, ज़ोनिंग नियमों और टाउन-प्लानिंग के पालन से जुड़े हैं, भले ही ऐसे विवादों को पर्यावरण संबंधी चिंताओं के तौर पर पेश किया जाए।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा,"खुली और हरी जगहों के संबंध में बिल्डिंग प्लान का पालन न करने से जुड़ा विवाद... पर्यावरण का मुद्दा NGT के सामने कोई बड़ा सवाल नहीं था, जिससे इस मामले में NGT के अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल सही ठहराया जा...
POSH Act | एक बार आरोप साबित न होने पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट ने सहकर्मियों का वीडियो बनाने के मामले में राहत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (NABARD) के एक कर्मचारी को राहत दी, जिसने सेंट्रल कंप्लेंट्स कमेटी (CCC) द्वारा उस पर लगाए गए 'फटकार' की सज़ा को चुनौती दी थी। उस पर आरोप था कि उसने अपनी महिला सहकर्मियों का 'वीडियो रिकॉर्डिंग' किया, जो अक्सर 'एक साथ बैठकर, हंसकर, गपशप करके और गाना गाकर' काम के घंटों में 'परेशानी' पैदा करती थीं।जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की डिवीज़न बेंच ने कहा कि CCC ने 30 जून, 2020 को अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता...
'दहशत फैलाने का मकसद': बॉम्बे हाईकोर्ट ने नूपुर शर्मा पोस्ट पर अमरावती मर्डर के आरोपी वेट को जमानत देने से इनकार किया
पूर्व भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ दिए गए विवादित बयानों का समर्थन करने पर मुस्लिम पुरुषों के एक ग्रुप द्वारा फार्मासिस्ट उमेश कोल्हे की 2022 में हुई बेरहमी से हत्या के मुख्य आरोपियों में से एक को जमानत देने से इनकार करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि यह अपराध जघन्य है, और समाज की चेतना पर चोट करता है।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चंदक की डिवीजन बेंच ने पशु डॉक्टर यूसुफ खान को जमानत देने से इनकार किया, जिसने कोल्हे के खिलाफ एक...
S. 37 NDPS Act | BSA के तहत 'उचित आधार' का मतलब 'साबित' होना नहीं, यह जमानत की शक्ति को खत्म कर देगा: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act) के तहत सख्त जमानत प्रावधानों की व्याख्या करते हुए जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने साफ किया कि धारा 37 में इस्तेमाल किया गया शब्द "उचित आधार" का मतलब भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत 'साबित' होना नहीं माना जा सकता।कोर्ट ने चेतावनी दी कि "उचित आधार" को BSA के तहत सबूत के मानक के बराबर मानने से ट्रायल के दौरान जमानत देने की कोर्ट की शक्ति 'खत्म' हो जाएगी।जस्टिस मोहम्मद यूसुफ वानी की बेंच ने समझाया कि यह वाक्यांश बीच का रास्ता है, जो सिर्फ...
संभल हिंसा मामले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR का आदेश देने वाले जज का हुआ ट्रांसफर
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को प्रशासनिक आदेश जारी कर 14 न्यायिक अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया, जिसमें संभल के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर भी शामिल हैं। उन्हें सुल्तानपुर में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर ट्रांसफर किया गया।यह ट्रांसफर CJM सुधीर के उस आदेश के कुछ ही दिनों बाद हुआ, जिसमें उन्होंने नवंबर, 2024 की संभल हिंसा के सिलसिले में पूर्व सर्कल ऑफिसर (CO) अनुज चौधरी समेत कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने का निर्देश दिया था।नवंबर,...
आय छिपाने पर पत्नी को नहीं मिलेगा भरण-पोषण, धारा 125 CrPC के तहत दावा खारिज: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की मांग को खारिज किए जाने को चुनौती देने वाली पत्नी की याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अपनी नौकरी, आय और वित्तीय संपत्तियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां जानबूझकर छिपाईं, इसलिए वह भरण-पोषण की हकदार नहीं है।जस्टिस आलोक जैन ने कहा कि धारा 125 CrPC का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को दरिद्रता व बेसहारा स्थिति से बचाना है और यह केवल उन्हीं मामलों में लागू होती है, जहां महिला स्वयं का...
बेलडांगा हिंसा पर कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, CAPF के तत्काल इस्तेमाल का आदेश
बेलडांगा में हालिया हिंसा से जुड़े मामले की पोस्ट-लंच सुनवाई में कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि वह मुर्शिदाबाद में पहले से तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) का तुरंत उपयोग करे, ताकि हालात पर काबू पाया जा सके और नागरिकों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।चीफ जस्टिस सुजय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की डिवीजन बेंच ने अपने विस्तृत आदेश में सभी पक्षों की अहम दलीलों को दर्ज करते हुए कहा कि “मुर्शिदाबाद में बार-बार हो रही घटनाएं चिंताजनक हैं।” बेंच ने जोर देकर कहा कि...
अगर वेलफेयर बोर्ड नहीं बने हैं तो डेवलपर्स से बिल्डिंग और कंस्ट्रक्शन वर्कर्स सेस नहीं वसूला जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (20 जनवरी) को कहा कि बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स (रेगुलेशन ऑफ एम्प्लॉयमेंट एंड कंडीशंस ऑफ सर्विस) एक्ट, 1996 के तहत कंस्ट्रक्शन वर्कर्स के लिए वेलफेयर बोर्ड बनने तक बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर सेस एक्ट, 1996 के तहत डेवलपर्स से कोई सेस नहीं वसूला जा सकता।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की अपील खारिज करते हुए...
गिरफ्तार व्यक्तियों की तस्वीरें सार्वजनिक करना असंवैधानिक: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा गिरफ्तार व्यक्तियों की तस्वीरें सार्वजनिक रूप से प्रसारित करने की प्रथा पर गंभीर आपत्ति जताते हुए इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त गरिमामय जीवन के अधिकार का उल्लंघन बताया। जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने इस संबंध में दायर आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से जवाब तलब किया है।याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करते हुए एडवोकेट रजाक खान हैदर और सरवर खान ने अदालत को बताया कि पुलिस द्वारा आरोपियों को थाने के बाहर या प्रवेश द्वार पर...
फैक्ट्री एक्ट की धारा 59 के तहत ओवरटाइम मजदूरी की गणना करते समय क्षतिपूर्ति भत्तों पर विचार किया जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA), कपड़े और धुलाई भत्ता (CWA) और छोटे परिवार भत्ता (SFA) जैसे क्षतिपूर्ति भत्ते फैक्ट्री एक्ट, 1948 की धारा 59(2) के तहत ओवरटाइम मजदूरी की गणना के उद्देश्य से "मजदूरी की सामान्य दर" का हिस्सा हैं।जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने भारत सरकार द्वारा दायर सिविल अपीलों के एक बैच को खारिज कर दिया, जिससे मद्रास हाईकोर्ट के फैसले की पुष्टि हुई, जिसने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) का आदेश रद्द कर दिया था,...
NCR Builder-Bank Loan Fraud Nexus | सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली मजिस्ट्रेट को CBI चार्जशीट पर विचार करने के बाद आगे बढ़ने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के राउज़ एवेन्यू कोर्ट के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट को नेशनल कैपिटल रीजन में घर खरीदारों का फायदा उठाने वाले बिल्डर-बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में CBI द्वारा दायर चार्जशीट पर सुनवाई आगे बढ़ाने का आदेश दिया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच नेशनल कैपिटल रीजन में घर खरीदारों की शिकायतों की सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने दावा किया कि बिल्डरों/डेवलपर्स की देरी के कारण फ्लैट का कब्ज़ा न मिलने के बावजूद बैंक उनसे EMI देने...
सार्वजनिक नीलामी करने वाले अधिकारियों को प्रॉपर्टी से जुड़े सभी ज्ञात बोझ और मुकदमों का खुलासा करना होगा: सुप्रीम कोर्ट
यह मानते हुए कि लंबित मुकदमों और बोझ का खुलासा न करना सार्वजनिक नीलामी को अमान्य कर देता है, सुप्रीम कोर्ट ने लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को नीलामी खरीदार को ब्याज सहित ₹1.57 करोड़ वापस करने का निर्देश दिया, यह पाए जाने के बाद कि ट्रस्ट ने बोली लगाने वालों को बिना बताए एक प्लॉट की नीलामी की थी, जबकि वह पहले से ही एक सिविल मुकदमे का विषय था।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला रद्द कर दिया, जिसने खरीदार की रिट याचिका खारिज की और राहत देने...
2025 में 54 बाघों की मौत: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शिकार रोकने के निर्देश मांगने वाली PIL पर नोटिस जारी किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार (20 जनवरी) को एक PIL पर केंद्र सरकार, राज्य सरकार और नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी को नोटिस जारी किया। इस PIL में राज्य में बाघों की मौत और शिकार की घटनाओं में खतरनाक बढ़ोतरी पर चिंता जताई गई।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सर्राफ की डिवीजन बेंच ने कहा,"नोटिस जारी करें। प्रतिवादी नंबर 1 और 3 की ओर से पेश हुए वकील ने नोटिस स्वीकार कर लिया है।"यह PIL पर्यावरण एक्शन ग्रुप 'प्रयत्न' के सचिव और संस्थापक सदस्य अजय दुबे ने दायर की। इसमें कहा गया कि 785 बाघों में...
हेट स्पीच मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, अधिकांश याचिकाएं बंद की
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच से जुड़े कई रिट याचिकाओं के एक समूह पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने कहा कि इन सभी मामलों को बंद किया जाएगा, हालांकि याचिकाकर्ताओं को अन्य वैधानिक उपाय अपनाने की स्वतंत्रता रहेगी। साथ ही पीठ ने एक मामला—काज़ीम अहमद शेरवानी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य—को जीवित रखने का निर्णय लिया, ताकि 2021 में नोएडा में एक मुस्लिम मौलवी पर हुए कथित हेट क्राइम से जुड़े ट्रायल की प्रगति और अन्य कदमों की निगरानी की जा...




















