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DDA के पास मामलों की स्क्रीनिंग के लिए लिटिगेशन पॉलिसी होनी चाहिए ताकि बेवजह की फाइलिंग से बचा जा सके: सुप्रीम कोर्ट
DDA के पास मामलों की स्क्रीनिंग के लिए लिटिगेशन पॉलिसी होनी चाहिए ताकि बेवजह की फाइलिंग से बचा जा सके: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) पर यह देखते हुए 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया कि इस मामले में DDA की तरफ से आदेशों को चुनौती देने में लगातार देरी हो रही है। कोर्ट ने यह भी कहा कि DDA से उम्मीद की जाती है कि उसके पास एक लिटिगेशन पॉलिसी हो, जहां मामलों की स्क्रीनिंग हो सके, ताकि मामलों की ऐसी देरी से फाइलिंग से बचा जा सके और न्यायिक समय बचाया जा सके।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच रोहिणी रेजिडेंशियल स्कीम के तहत MIG प्लॉट के अलॉटमेंट से जुड़े एक...

हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर से जुड़ी खबर पर पत्रकारों के खिलाफ जांच पर लगाई रोक
हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर से जुड़ी खबर पर पत्रकारों के खिलाफ जांच पर लगाई रोक

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के कथित हेलीकॉप्टर मूवमेंट से जुड़ी खबर प्रकाशित करने के मामले में लॉ स्टूडेंट, पत्रकारों और मीडिया पेशेवरों के खिलाफ दर्ज FIR में आगे की जांच पर अगली सुनवाई तक रोक लगाई।जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज की पीठ ने इस मामले में आरोपियों की ओर से दायर याचिका पर नोटिस जारी करते हुए FIR रद्द करने की मांग पर राज्य सरकार से जवाब मांगा।सुनवाई के दौरान जस्टिस भारद्वाज ने पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि रिपोर्टिंग का...

Delhi Air Pollution | सुप्रीम कोर्ट ने NCR राज्यों को CAQM की लंबी अवधि के उपायों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया
Delhi Air Pollution | सुप्रीम कोर्ट ने NCR राज्यों को CAQM की लंबी अवधि के उपायों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार, दिल्ली नगर निकायों और NCR राज्यों की अन्य एजेंसियों को नेशनल कैपिटल रीजन में वायु प्रदूषण संकट को हल करने के लिए CAQM की लंबी अवधि के उपायों पर अपनी 'एक्शन टेकन प्लान' रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और विपुल पंचोली की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थी।कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट की ओर से पेश हुईं एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भट्टी ने बताया कि कमेटी ने विस्तृत लंबी अवधि के उपाय पेश किए हैं,...

अर्जुन पुरस्कार से बाहर किए जाने पर पहलवान नवीन मलिक की याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस
अर्जुन पुरस्कार से बाहर किए जाने पर पहलवान नवीन मलिक की याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस

दिल्ली हाइकोर्ट ने पिछले सप्ताह भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवान और स्वर्ण पदक विजेता नवीन मलिक की याचिका पर नोटिस जारी किया। नवीन मलिक ने वर्ष 2025 के अर्जुन पुरस्कार से खुद को बाहर किए जाने को चुनौती दी।यह मामला जस्टिस पुरुषैन्द्र कुमार कौरव के समक्ष आया, जिन्होंने प्रारंभिक सुनवाई के बाद केंद्र सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय, खेल पुरस्कार चयन समिति 2025 और भारतीय खेल प्राधिकरण से जवाब मांगा। साथ ही इस मामले में पहलवान सोनम मलिक को भी नोटिस जारी किया गया।अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी।अर्जुन...

अरावली पहाड़ियां: सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान का आश्वासन रिकॉर्ड किया कि कोई अवैध खनन नहीं होगा, विशेषज्ञ समिति बनाने का प्रस्ताव दिया
अरावली पहाड़ियां: सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान का आश्वासन रिकॉर्ड किया कि कोई अवैध खनन नहीं होगा, विशेषज्ञ समिति बनाने का प्रस्ताव दिया

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राजस्थान सरकार की ओर से यह आश्वासन रिकॉर्ड किया कि अरावली क्षेत्र में किसी भी खनन गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने अरावली पहाड़ियों की परिभाषा के मुद्दे पर लिए गए स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई करते हुए पहले पारित अंतरिम आदेश को जारी रखा, जिसके तहत कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों की बदली हुई परिभाषा पर अपने पिछले निर्देशों को रोक दिया था।सुनवाई के दौरान, चीफ जस्टिस ने कहा कि...

FIR रद्द करने से इनकार करते समय हाईकोर्ट पुलिस को CrPC की धारा 41A प्रक्रिया का पालन करने का निर्देश नहीं दे सकता: सुप्रीम कोर्ट
FIR रद्द करने से इनकार करते समय हाईकोर्ट पुलिस को CrPC की धारा 41A प्रक्रिया का पालन करने का निर्देश नहीं दे सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि हाईकोर्ट FIR रद्द करने की याचिका खारिज करते समय पुलिस को CrPC की धारा 41A का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश नहीं दे सकते। कोर्ट ने समझाया कि एक बार जब कोई आरोपी धारा 41A के तहत नोटिस के जवाब में नियमित रूप से पेश होता है तो गिरफ्तारी पर रोक लग जाती है। ऐसी सुरक्षा, जो अंतरिम राहत की प्रकृति की है, रद्द करने पर विचार करने के चरण में नहीं दी जा सकती।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने कहा,"एक याचिका में जहां FIR रद्द करने की प्रार्थना की...

MACT | केवल कक्षा 12वीं का छात्र होने से यह नहीं माना जा सकता कि मृतक आय अर्जित नहीं कर रहा था; अकुशल श्रमिक मानकर मुआवज़ा दिया जाएगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
MACT | केवल कक्षा 12वीं का छात्र होने से यह नहीं माना जा सकता कि मृतक आय अर्जित नहीं कर रहा था; अकुशल श्रमिक मानकर मुआवज़ा दिया जाएगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल इस आधार पर यह मान लेना कि सड़क दुर्घटना में मृतक कोई आय अर्जित नहीं कर रहा था, सही नहीं है कि वह कक्षा 12वीं का छात्र था। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में मुआवज़े की गणना मृतक को अकुशल श्रमिक (Unskilled Workman) मानकर की जानी चाहिए।जस्टिस संदीप जैन ने कहा—“केवल इस कारण कि मृतक कक्षा 12वीं में पढ़ रहा था, यह अनुमान नहीं लगाया जा सकता कि वह कोई आय अर्जित नहीं कर रहा था। यह स्पष्ट है कि दावेदार मृतक की आय और व्यवसाय से संबंधित कोई दस्तावेजी साक्ष्य...

बांग्लादेश पर क्रिकेट प्रतिबंध की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- कुछ रचनात्मक काम कीजिए
बांग्लादेश पर क्रिकेट प्रतिबंध की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- कुछ रचनात्मक काम कीजिए

दिल्ली हाइकोर्ट ने बुधवार को बांग्लादेश को सभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंट और प्रतियोगिताओं से प्रतिबंधित करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की। यह याचिका बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का हवाला देते हुए दायर की गई थी।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता लॉ स्टूडेंट को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही कहा कि इस तरह की याचिकाएं न्यायालय का कीमती समय बर्बाद करती हैं। अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि इस प्रकार की याचिका दाखिल करने पर भारी लागत भी लगाई जा सकती...

पुराना पेंशन दावा खारिज, सेवा अभिलेख खोने पर राजस्थान हाइकोर्ट ने राज्य को फटकारा
पुराना पेंशन दावा खारिज, सेवा अभिलेख खोने पर राजस्थान हाइकोर्ट ने राज्य को फटकारा

राजस्थान हाइकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि राज्य द्वारा सेवा अभिलेख (सर्विस रिकॉर्ड) खो जाना या गुम हो जाना गंभीर प्रशासनिक चूक जरूर है, लेकिन केवल इसी आधार पर किसी कर्मचारी को पेंशन का वैधानिक अधिकार नहीं दिया जा सकता। साथ ही अदालत ने सेवा अभिलेख खोने को लेकर राज्य सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी भी जताई।जस्टिस आनंद शर्मा की पीठ ने स्पष्ट कहा कि राज्य सार्वजनिक अभिलेखों का ट्रस्टी होता है। वह यह कहकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकता कि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि सेवा अभिलेख...

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केवल सुनी-सुनाई बातों के आधार पर कार्यवाही नहीं चल सकती : गुवाहाटी हाइकोर्ट
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केवल सुनी-सुनाई बातों के आधार पर कार्यवाही नहीं चल सकती : गुवाहाटी हाइकोर्ट

गुवाहाटी हाइकोर्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत किसी आरोपी के खिलाफ कार्यवाही तब तक कायम नहीं रह सकती, जब तक रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री ठोस न हो और उसका सीधा संबंध आरोपी के आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन से स्थापित न होता हो। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल सुनी-सुनाई बातों (हियरसे) के आधार पर आपराधिक कार्यवाही जारी रखना कानूनन उचित नहीं है।जस्टिस संजीव कुमार शर्मा की एकल पीठ ने यह टिप्पणी एक होमगार्ड कर्मी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें विशेष अदालत में लंबित...

बहू प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों के खिलाफ संजय कपूर की मां पहुंची हाइकोर्ट, फर्जी फैमिली ट्रस्ट का लगाया आरोप
बहू प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों के खिलाफ संजय कपूर की मां पहुंची हाइकोर्ट, 'फर्जी फैमिली ट्रस्ट' का लगाया आरोप

दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मां रानी कपूर ने दिल्ली हाइकोर्ट का रुख करते हुए अपनी बहू प्रिया कपूर और एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों के खिलाफ एक दीवानी वाद दायर किया। याचिका में आरोप लगाया गया कि एक फर्जी और धोखाधड़ीपूर्ण फैमिली ट्रस्ट बनाकर उन्हें उनकी पूरी संपत्ति और पारिवारिक विरासत से अवैध रूप से वंचित कर दिया गया।करीब 80 वर्षीय विधवा रानी कपूर ने कहा कि तथाकथित आरके फैमिली ट्रस्ट/रानी कपूर फैमिली ट्रस्ट पूरी तरह अवैध, शून्य और अमान्य है। उनका दावा है कि उनकी जानकारी या सहमति के बिना उनकी...

SIR | नागरिकता का सत्यापन केवल निर्वाचन उद्देश्यों के लिए, प्रक्रिया उदार और सॉफ्ट-टच: सुप्रीम कोर्ट को ECI की जानकारी
SIR | नागरिकता का सत्यापन केवल निर्वाचन उद्देश्यों के लिए, प्रक्रिया 'उदार और सॉफ्ट-टच': सुप्रीम कोर्ट को ECI की जानकारी

देश के विभिन्न राज्यों में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग (ECI) ने सुप्रीम कोर्ट को स्पष्ट किया कि मतदाताओं की नागरिकता का सत्यापन केवल निर्वाचन उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है, न कि किसी व्यक्ति को विदेशी घोषित करने या निर्वासन (deportation) की मंशा से। आयोग ने कहा कि यह प्रक्रिया “उदार और सॉफ्ट-टच” नीति पर आधारित है और इसमें किसी तरह की कठोर या गहन जांच नहीं की जा रही।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची...

आपराधिक मुकदमे का सामना कर रहे आरोपी को विदेश यात्रा का अधिकार है या नहीं, यह तय करने का अधिकार पासपोर्ट प्राधिकरण को नहीं : गुजरात हाइकोर्ट
आपराधिक मुकदमे का सामना कर रहे आरोपी को विदेश यात्रा का अधिकार है या नहीं, यह तय करने का अधिकार पासपोर्ट प्राधिकरण को नहीं : गुजरात हाइकोर्ट

गुजरात हाइकोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि किसी आपराधिक मामले का सामना कर रहे आरोपी को विदेश यात्रा का अधिकार है या नहीं, यह तय करने का अधिकार पासपोर्ट प्राधिकरण के पास नहीं है। अदालत ने कहा कि यह अधिकार केवल संबंधित ट्रायल कोर्ट के पास है, जो विदेश जाने की अनुमति मांगने पर आवश्यक शर्तें लगा सकता है।जस्टिस अनिरुद्ध पी. मयी की पीठ ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई करते हुए की जिसमें याचिकाकर्ता ने विदेश यात्रा के लिए पासपोर्ट जारी किए जाने की मांग की थी। याचिकाकर्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता...

मुस्लिम क़ानून के तहत वैध तलाक को मान्यता देना फैमिली कोर्ट का दायित्व : राजस्थान हाइकोर्ट
मुस्लिम क़ानून के तहत वैध तलाक को मान्यता देना फैमिली कोर्ट का दायित्व : राजस्थान हाइकोर्ट

राजस्थान हाइकोर्ट ने कहा कि यदि मुस्लिम व्यक्तिगत क़ानून के अंतर्गत तलाक-उल-हसन या मुबारात के माध्यम से विवाह का विधिवत विघटन पहले ही हो चुका है तो फैमिली कोर्ट ऐसे तलाक को मान्यता देने और विवाह विच्छेद की घोषणा करने के लिए बाध्य है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की राहत को केवल अत्यधिक तकनीकी आधारों पर नकारा नहीं जा सकता।जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने यह टिप्पणी उस अपील पर सुनवाई करते हुए की, जो फैमिली कोर्ट द्वारा पत्नी की विवाह विच्छेद की घोषणा संबंधी...

वकील पर निगरानी रखना पक्षकार का कर्तव्य नहीं : एडवोकेट की गैर-हाजिरी पर पारित एकतरफा आदेश को मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने वापस लिया
वकील पर निगरानी रखना पक्षकार का कर्तव्य नहीं : एडवोकेट की गैर-हाजिरी पर पारित एकतरफा आदेश को मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने वापस लिया

मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि जब कोई पक्षकार किसी एडवोकेट को नियुक्त करता है तो वह इस सद्भावना विश्वास के साथ करता है कि वकील प्रत्येक तारीख पर उसका प्रतिनिधित्व करेगा। ऐसे में मुकदमेबाज से यह अपेक्षा नहीं की जा सकती कि वह अपने वकील पर हर तारीख को निगरानी रखने वाला प्रहरी बनकर नजर रखे।जस्टिस पवन कुमार द्विवेदी की पीठ ने यह टिप्पणी उस आवेदन को स्वीकार करते हुए की, जिसमें वकील की लगातार गैर-हाजिरी के कारण पारित एकतरफा फैसले को वापस लेकर दूसरी अपील की पुनः सुनवाई की मांग की...

एक ही बार कुंद वस्तु से सिर पर वार, बिना जानलेवा मंशा के हत्या के प्रयास का अपराध नहीं : राजस्थान हाइकोर्ट
एक ही बार कुंद वस्तु से सिर पर वार, बिना जानलेवा मंशा के हत्या के प्रयास का अपराध नहीं : राजस्थान हाइकोर्ट

राजस्थान हाइकोर्ट ने अहम निर्णय में कहा कि यदि सिर पर किसी कुंद वस्तु से केवल एक बार वार किया गया हो और उससे गंभीर चोट आई हो तो मात्र इस आधार पर इसे हत्या का प्रयास नहीं माना जा सकता, जब तक कि अभियोजन यह साबित न करे कि आरोपी की मंशा जान लेने की थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि हत्या के प्रयास के अपराध के लिए जानलेवा इरादे (हॉमिकाइडल इंटेंट) का होना अनिवार्य शर्त है।जस्टिस फरजंद अली की पीठ ने यह टिप्पणी ट्रायल कोर्ट द्वारा धारा 307 (हत्या का प्रयास) सहित आरोप तय किए जाने को चुनौती देने वाली पुनरीक्षण...

JAG पदों पर महिलाओं को 50% आरक्षण देने के निर्देश में बदलाव से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
JAG पदों पर महिलाओं को 50% आरक्षण देने के निर्देश में बदलाव से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की याचिका खारिज की, जिसमें भारतीय सेना के जज एडवोकेट जनरल (JAG) कैडर में महिलाओं को कम से कम 50 प्रतिशत पद देने संबंधी पिछले वर्ष के फैसले में संशोधन की मांग की गई।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने केंद्र द्वारा दायर विविध आवेदन (एमए) पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि अदालत के फैसले में कोई विरोधाभास नहीं है और यह निर्णय पूरी तरह सोच-समझकर दिया गया है।मामले की पृष्ठभूमिगौरतलब है कि अगस्त, 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय सेना की उस नीति को असंवैधानिक...

द्रविड़ कड़गम द्वारा हिंदू धर्म पर स्पष्ट हमला : मद्रास हाइकोर्ट ने अमित मालवीय के खिलाफ FIR रद्द की
द्रविड़ कड़गम द्वारा हिंदू धर्म पर स्पष्ट हमला : मद्रास हाइकोर्ट ने अमित मालवीय के खिलाफ FIR रद्द की

मद्रास हाइकोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता अमित मालवीय के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करते हुए कहा कि तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री और युवा कल्याण एवं खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन के भाषण पर की गई प्रतिक्रिया के लिए उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही जारी रखना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।जस्टिस एस. श्रीमथी ने कहा कि अमित मालवीय ने केवल मंत्री के भाषण पर प्रतिक्रिया दी थी, जो पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में था। ऐसे में उनके खिलाफ कार्यवाही जारी रखने से उन्हें अपूरणीय क्षति और नुकसान होगा।हाइकोर्ट ने यह...

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार मामलों की जांच कर सकती है राज्य एजेंसी: सुप्रीम कोर्ट
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार मामलों की जांच कर सकती है राज्य एजेंसी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (19 जनवरी) को स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दंडनीय अपराधों की जांच राज्य की पुलिस एजेंसियां कर सकती हैं और ऐसे मामलों में आरोप पत्र भी दाखिल कर सकती हैं।कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य पुलिस द्वारा केंद्र सरकार के कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज करने से पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की पूर्व अनुमति आवश्यक नहीं है। साथ ही केवल इस आधार पर कि CBI की स्वीकृति नहीं ली गई, राज्य की जांच एजेंसी द्वारा दाखिल आरोप पत्र को...