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जोधपुर में स्थित विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के लिए विमानन अवसंरचना की कमी ने मुश्किलें खड़ी की हैं: राजस्थान हाईकोर्ट ने हलफनामे मांगे
जोधपुर में स्थित विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के लिए विमानन अवसंरचना की कमी ने मुश्किलें खड़ी की हैं: राजस्थान हाईकोर्ट ने हलफनामे मांगे

जोधपुर हवाई अड्डे पर एक और टर्मिनल जोड़ने के संबंध में लगभग 9 वर्षों से लंबित एक जनहित याचिका में राजस्थान हाईकोर्ट ने इस तथ्य को उजागर किया कि राज्य द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद, जमीनी स्तर पर कोई भी वांछित परिणाम प्राप्त नहीं हुआ। इसलिए इसने मामले में विभिन्न हितधारकों से विभिन्न पहलुओं पर हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया।जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस चंद्र प्रकाश श्रीमाली की खंडपीठ ने कहा कि भारत के सबसे बड़े राज्य (क्षेत्र के हिसाब से) में दूसरा सबसे बड़ा शहर होने...

अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य मृतक कर्मचारी के परिजनों को राहत देना, इसका दुरुपयोग नहीं किया जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट
अनुकंपा नियुक्ति का 'उद्देश्य' मृतक कर्मचारी के परिजनों को राहत देना, इसका दुरुपयोग नहीं किया जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट अनुकंपा नियुक्ति संबं‌धित एक फैसले में अनुकंपा नियुक्ति के "पवित्र इरादे" को रेखांकित किया और माना कि इसका उद्देश्य मृतक कर्मचारी के परिजनों को राहत देना है, साथ ही एक वादी पर तथ्यों को छिपाने के लिए जुर्माना लगाने से परहेज किया, क्योंकि उसने पाया कि उसका इरादा केवल अपने पति की मृत्यु के बाद एलआईसी में अपने बेटे की नियुक्ति सुनिश्चित करना था। ऐसा करते हुए न्यायालय ने पाया कि वादी ने अपने परिवार की वित्तीय स्थिति के बारे में कोई तथ्य नहीं बताया था, और न्यायालय ने "प्रथम दृष्टया"...

सिर्फ भूमि बिक्री अनुबंध के उल्लंघन से ठगी का मामला नहीं बनता, वादा करते समय धोखाधड़ी की मंशा जरूरी: गुवाहाटी हाईकोर्ट
सिर्फ भूमि बिक्री अनुबंध के उल्लंघन से ठगी का मामला नहीं बनता, वादा करते समय धोखाधड़ी की मंशा जरूरी: गुवाहाटी हाईकोर्ट

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने यह देखते हुए भूमि की बिक्री के लिए अनुबंध के कथित उल्लंघन के लिए धोखाधड़ी के मामले का संज्ञान लेते हुए आदेश रद्द कर दिया कि लेनदेन की शुरुआत में कोई गबन या धोखाधड़ी या बेईमान इरादा नहीं था।ऐसा करते हुए अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि केवल अनुबंध का उल्लंघन धोखाधड़ी के लिए मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है, जब तक कि वादा करते समय बेईमान इरादा न दिखाया जाए।जस्टिस कौशिक गोस्वामी ने कहा:“केवल अनुबंध का उल्लंघन धोखाधड़ी के लिए आपराधिक मुकदमा चलाने को जन्म नहीं दे सकता, जब तक कि...

अनुच्छेद 16(4ए) के तहत पदोन्नति में आरक्षण का लाभ सभी को उपलब्ध, जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के साथ अलग व्यवहार नहीं किया जा सकता: हाईकोर्ट
अनुच्छेद 16(4ए) के तहत पदोन्नति में आरक्षण का लाभ सभी को उपलब्ध, जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के साथ अलग व्यवहार नहीं किया जा सकता: हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी उस परिपत्र पर कड़ी असहमति व्यक्त की है, जिसमें सभी प्रशासनिक सचिवों को आरक्षित श्रेणी के कर्मचारियों के लिए निर्धारित स्लॉट खाली रखने का निर्देश दिया गया है। न्यायालय ने कहा कि अनुसूचित जातियों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ न देने और उनकी सीटें खाली रखने से जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के साथ अन्य राज्यों से अलग व्यवहार होगा। अदालत ने कहा, “यह समझ में नहीं आता है कि वर्ष 2019 में संवैधानिक प्रावधानों के लागू होने के साथ जम्मू-कश्मीर के...

अपना घर ठीक करो: तेलंगाना क्रिकेट एसोसिएशन की सदस्यता पर देरी से निर्णय लेने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने BCCI से कहा
"अपना घर ठीक करो: तेलंगाना क्रिकेट एसोसिएशन की सदस्यता पर देरी से निर्णय लेने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने BCCI से कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को अपना घर ठीक करने का आदेश दिया और यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) तेलंगाना क्रिकेट एसोसिएशन (TCA) के केंद्रीय क्रिकेट निकाय के सहयोगी सदस्य बनने के प्रतिनिधित्व पर निर्णय लेने के लिए उसके आदेश का पालन करे।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस डॉ नीला गोखले की खंडपीठ इस बात पर नाराज़ थी कि BCCI ने जुलाई 2021 में स्पष्ट आदेश पारित करने के बावजूद HCA को TCA के सहयोगी सदस्य बनने के अनुरोध पर निर्णय...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अधिग्रहण की उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना नागरिकों की भूमि का उपयोग करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भारी जुर्माना लगाने की चेतावनी दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अधिग्रहण की उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना नागरिकों की भूमि का उपयोग करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भारी जुर्माना लगाने की चेतावनी दी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य के अधिकारियों को कानून में निर्धारित उचित प्रक्रिया के माध्यम से अधिग्रहण किए बिना निजी नागरिकों की भूमि का उपयोग करने के खिलाफ चेतावनी दी, जिसमें कहा गया कि किसी भी चूक के मामले में इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।न्यायालय ने अपने समक्ष मामले में जुर्माना लगाने से परहेज किया, लेकिन जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता और जस्टिस अनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने कहा,"राज्य के अधिकारियों को सावधान रहने की आवश्यकता है कि वे नागरिकों की भूमि का उपयोग कानून के...

मुख्य न्यायाधीश को प्रक्रिया में ढील देने का निर्देश देना बेहद अनुचित, राजस्थान हाईकोर्ट ने दक्षता परीक्षण के बिना पदोन्नति के लिए कोर्ट स्टाफ की याचिका पर कहा
मुख्य न्यायाधीश को प्रक्रिया में ढील देने का निर्देश देना बेहद अनुचित, राजस्थान हाईकोर्ट ने दक्षता परीक्षण के बिना पदोन्नति के लिए कोर्ट स्टाफ की याचिका पर कहा

‌हाईकोर्ट में कार्यरत 10 कनिष्ठ निजी सहायकों (जूनियर पीए) ने राजस्‍थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने बिना दक्षता परीक्षण के निजी सहायक-सह-निर्णय लेखक के रूप में पदोन्नति की मांग की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि चीफ जस्टिस के आदेश के जर‌िए एक विस्तृत प्रक्रिया प्रदान की गई है, जो नियुक्ति के मामलों में सर्वोच्च प्राधिकारी हैं। यह देखते हुए कि भारत का संविधान यह मानता है कि मुख्य न्यायाधीश के अलावा किसी अन्य को हाईकोर्ट के आंतरिक प्रशासन में अधिकार नहीं होना चाहिए,...

सुप्रीम कोर्ट ने किया साफ- जब दोषसिद्धि POCSO Act और IPC दोनों के तहत हो तो सजा उस प्रावधान के तहत दी जाएगी, जिसके तहत उच्‍च दंड निर्धारित किया गया
सुप्रीम कोर्ट ने किया साफ- जब दोषसिद्धि POCSO Act और IPC दोनों के तहत हो तो सजा उस प्रावधान के तहत दी जाएगी, जिसके तहत उच्‍च दंड निर्धारित किया गया

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि जब किसी व्यक्ति को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act) और भारतीय दंड संहिता (IPC) के बलात्कार प्रावधानों के तहत किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया जाता है तो POCSO अधिनियम की धारा 42, POCSO अधिनियम या IPC के तहत निर्धारित उच्च दंड लगाने का आदेश देती है। अदालत ने आगे कहा कि यदि IPC कुछ अपराधों के लिए उच्च दंड निर्धारित करती है तो POCSO अधिनियम के तहत कम सजा के लिए कोई दलील स्वीकार नहीं की जा सकती है, क्योंकि यह तर्क दिया गया है कि धारा...

BREAKING| सुप्रीम कोर्ट के जज बने जस्टिस जॉयमाल्या बागची, केंद्र ने जारी की अधिसूचना; 2031 में सीजेआई बनने की संभावना
BREAKING| सुप्रीम कोर्ट के जज बने जस्टिस जॉयमाल्या बागची, केंद्र ने जारी की अधिसूचना; 2031 में सीजेआई बनने की संभावना

केंद्र सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट के जज जस्टिस जॉयमाल्या बागची को सुप्रीम कोर्ट जज के रूप में नियुक्त करने को मंजूरी दे दी।केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 'X' में पोस्ट किया कि राष्ट्रपति जस्टिस जॉयमाल्या बागची को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त करने पर प्रसन्न हैं।सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पिछले सप्ताह जस्टिस बागची को पदोन्नत करने की संस्तुति की थी।कॉलेजियम ने इस तथ्य पर विचार किया कि 18 जुलाई 2013 को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) के रूप में जस्टिस अल्तमस कबीर के रिटायरमेंट के बाद कलकत्ता...

संभल मस्जिद विवाद | आप दावा करते हैं कि संरक्षित स्मारकों पर सफेदी नहीं की जा सकती तो हलफनामा दाखिल करें: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ASI से कहा
संभल मस्जिद विवाद | आप दावा करते हैं कि संरक्षित स्मारकों पर सफेदी नहीं की जा सकती तो हलफनामा दाखिल करें: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ASI से कहा

संभल जामा मस्जिद प्रबंधन समिति की मस्जिद पर सफेदी करने की अनुमति मांगने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के वकील को निर्देश दिया कि यदि वह दावा कर रहा है कि संरक्षित स्मारक पर सफेदी करने की अनुमति नहीं दी जा सकती तो हलफनामा दाखिल करें।ASI का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील मनोज कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि यह उनकी दलील नहीं थी लेकिन कोर्ट ने उन्हें पिछली सुनवाई के दौरान दिए गए उनके मौखिक तर्क की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने तर्क दिया था कि किसी भी...

भारत में सरकारी नौकरियों की मांग उपलब्ध पदों से कहीं ज़्यादा है, चयन प्रक्रिया में पूरी तरह से ईमानदारी ज़रूरी: सुप्रीम कोर्ट
भारत में सरकारी नौकरियों की मांग उपलब्ध पदों से कहीं ज़्यादा है, चयन प्रक्रिया में पूरी तरह से ईमानदारी ज़रूरी: सुप्रीम कोर्ट

भारत में वास्तविकता यह है कि सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने वालों की संख्या उपलब्ध नौकरियों से कहीं ज़्यादा है, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सिविल इंजीनियर प्रतियोगी परीक्षा में डमी उम्मीदवार के इस्तेमाल के मामले में आरोपी को दी गई ज़मानत रद्द करते हुए टिप्पणी की।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की खंडपीठ ने आरोपी इंद्राज सिंह और सलमान खान को ज़मानत देने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राजस्थान राज्य द्वारा दायर अपील स्वीकार की।अभियोजन पक्ष के अनुसार, खान सहायक अभियंता सिविल...

न्यायालय के पास अपने समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों में हस्ताक्षरों का मिलान करने का कौशल और विशेषज्ञता नहीं, इसलिए उसे हस्तलेखन विशेषज्ञ की राय लेनी चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
न्यायालय के पास अपने समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों में हस्ताक्षरों का मिलान करने का कौशल और विशेषज्ञता नहीं, इसलिए उसे हस्तलेखन विशेषज्ञ की राय लेनी चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि न्यायालय के पास अपने समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों में हस्ताक्षरों का मिलान करने का कौशल और विशेषज्ञता नहीं है, इसलिए उसे उन्हें नंगी आंखों से देखने के बजाय हस्तलेखन विशेषज्ञ की राय लेनी चाहिए।लघु वाद न्यायालय द्वारा गुरुमुखी में किए गए हस्ताक्षरों को सत्यापित करने के लिए हस्तलेखन विशेषज्ञ के आवेदन को अस्वीकार करने के मामले पर विचार करते हुए जस्टिस अजीत कुमार ने कहा,“इन परिस्थितियों में न्यायालय के पास न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत विभिन्न दस्तावेजों में हस्ताक्षरों का...

मजिस्ट्रेट द्वारा दी गई जमानत पर विचार किए बिना पारित किया गया निवारक निरोध आदेश रद्द किया जाएगा: सुप्रीम कोर्ट
मजिस्ट्रेट द्वारा दी गई जमानत पर विचार किए बिना पारित किया गया निवारक निरोध आदेश रद्द किया जाएगा: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में भारत में विदेशी सोने की तस्करी करने वाले एक गिरोह के कथित प्रमुख सदस्य के खिलाफ निवारक निरोध आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया कि निरोध अधिकारी ने उसी आरोप से उत्पन्न मामले में उसे जमानत देते समय क्षेत्राधिकार वाले मजिस्ट्रेट द्वारा लगाई गई शर्तों पर विचार नहीं किया। जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि मजिस्ट्रेट द्वारा लगाई गई शर्तों को निरोध आदेश में रेखांकित किया गया था, लेकिन निरोध अधिकारी ने इस बात पर चर्चा नहीं की कि क्या ये...