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बरी करने का फ़ैसला पलटने वाली अपीलीय अदालत को सज़ा के मामले में दोषी की बात खुद सुननी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (26 मई) को फ़ैसला सुनाया कि अगर कोई अपीलीय अदालत बरी करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी पाती है तो वह सज़ा सुनाने के लिए मामला ट्रायल कोर्ट को वापस नहीं भेज सकती। अपीलीय अदालत को सज़ा के मामले में दोषी की बात खुद सुननी होगी।जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने कहा,"CrPC की धारा 386(a) से यह साफ़ है कि जहां बरी करने के आदेश के ख़िलाफ़ अपील में अपील सुनने वाली अदालत आरोपी को दोषी पाती है, तो उसे क़ानून के मुताबिक़ उस पर...
2013 के रेप केस में आसाराम की उम्रकैद की सज़ा बरकरार, हाईकोर्ट ने दो सह-आरोपियों को किया बरी
राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वयंभू बाबा आसाराम को 2013 में अपने आश्रम में महिला के साथ रेप करने के मामले में IPC की धारा 376 के तहत दोषी ठहराए जाने और उम्रकैद की सज़ा को बरकरार रखा।बता दें, जोधपुर की स्पेशल POCSO कोर्ट ने अप्रैल 2018 में आसाराम को IPC की धाराओं 376(2)(f) (विश्वास की स्थिति में किसी व्यक्ति द्वारा किया गया रेप), 376D (गैंग रेप), 370(4) (मानव तस्करी), 342 (गलत तरीके से रोकना), 506 (आपराधिक धमकी) और 120B (आपराधिक साज़िश) के तहत, उसकी बाकी की पूरी ज़िंदगी के लिए उम्रकैद की सज़ा सुनाई।उसे...
सोना तस्करी मामले में हाईकोर्ट ने दिया थाई महिला का पासपोर्ट जारी करने का आदेश दिया, कहा- अनुच्छेद 21 के तहत सुरक्षा विदेशी नागरिकों पर भी लागू होती है
राजस्थान हाईकोर्ट ने थाई नागरिक का पासपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया, जिस पर बार-बार सोने की तस्करी करने का आरोप है। कोर्ट ने कहा कि ऐसी अनुमति न देना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उसके मौलिक अधिकार का उल्लंघन होगा।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच ने आगे कहा कि आरोपी के अपने देश भाग जाने की आशंका को दूर करने के लिए पर्याप्त कानूनी सुरक्षा उपाय मौजूद हैं, जो 'इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स ऑर्डर, 2025' के रूप में उपलब्ध हैं।कोर्ट ने कहा,"भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाली सुरक्षा, जो जीवन और...
मुकदमेबाज़ वकील पर दोष मढ़कर सालों की देरी के बाद खत्म हो चुकी कार्यवाही को दोबारा शुरू नहीं कर सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका (criminal revision petition) को वापस लिए जाने के आधार पर खारिज करने वाला आदेश वापस लेने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने यह माना कि किसी मुकदमेबाज़ को बार-बार मौके दिए जाने के बाद भी केवल अपने वकील की गलतियों का आरोप लगाकर लंबे समय से लंबित कार्यवाही को दोबारा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।जस्टिस नीरजा के. कालसन ने कहा,"रिकॉर्ड से जो आचरण सामने आया, वह किसी एक तारीख के किसी एक काम तक ही सीमित नहीं है। बल्कि, इस कोर्ट द्वारा बार-बार मौके...
पेशेवर कामों के लिए वकीलों पर केस चलाना मतलब 'बार का अंत': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकील के खिलाफ साज़िश की FIR रद्द की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य के कमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट को वकील के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए फटकार लगाई। वकील ने यह काम अपनी पेशेवर हैसियत से किया था।एक कड़ा संदेश देते हुए जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की बेंच ने कहा कि अगर वकीलों पर पेशेवर काम करने के लिए केस चलाया जाता है तो यह "बार के अस्तित्व का ही अंत" होगा। साथ ही एडवोकेट्स एक्ट के तहत प्रैक्टिस करने के वकील के अधिकार का भी अंत होगा।इस तरह बेंच ने हाईकोर्ट में 'एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड' और याचिकाकर्ता-समर्पण जैन के खिलाफ...
कथित हेट स्पीच पर FIR की मांग वाली हर्ष मंदर की याचिका पर दिल्ली कोर्ट ने असम सीएम से जवाब मांगा
दिल्ली कोर्ट ने एक्टिविस्ट हर्ष मंदर की याचिका पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से जवाब मांगा। इस याचिका में मंदर ने कथित हेट स्पीच के मामले में सरमा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की।साकेत कोर्ट की एडिशनल सेशंस जज सोनू अग्निहोत्री ने मंदर की रिवीजन याचिका पर नोटिस जारी करते हुए दिल्ली पुलिस से भी जवाब मांगा।मंदर ने BJP नेता के खिलाफ BNS के उन प्रावधानों के तहत FIR दर्ज करने की मांग की, जो दुश्मनी बढ़ाने, सार्वजनिक अशांति फैलाने वाले बयान देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे...
तीन जजों के पास फिर से पहुंचा एक सवाल
नवंबर 1941 में दूसरे विश्व युद्ध के दूसरे साल में हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स ने रॉबर्ट लिवरसिज नाम के एक आदमी से जुड़े एक मामले पर फ़ैसला सुनाया। उसे गृह सचिव, सर जॉन एंडरसन ने एक युद्धकालीन नियम के तहत जेल में डाल दिया था। इस नियम के तहत अगर सचिव को "यह मानने का कोई उचित कारण" हो कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति किसी दुश्मन गुट से जुड़ा है तो उसे हिरासत में लिया जा सकता था।लिवरसिज ने एक सीधा-सा सवाल पूछा: इसके क्या कारण थे? गृह सचिव ने बताने से मना कर दिया। लॉर्ड्स ने चार के मुकाबले एक वोट से यह फ़ैसला...
9 साल से जेल में बंद विचाराधीन कैदी ज़मानत का हकदार, क्योंकि उसके अनुच्छेद 21 के अधिकार का उल्लंघन हुआ: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक ऐसे विचाराधीन कैदी को ज़मानत दी, जो पिछले 9 सालों से जेल में बंद था। ज़मानत देने का आधार यह था कि उसके अनुच्छेद 21 के अधिकार का उल्लंघन हुआ।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने ज़मानत देते हुए यह दोहराया कि किसी भी विचाराधीन कैदी को अनिश्चित काल तक जेल में बंद नहीं रखा जा सकता।संक्षेप में मामलायाचिकाकर्ता को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के एक मामले में ज़मानत देने से इनकार किया था। उस पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 147, 148, 149, 120B और 302...
Judicial Service Recruitment | क्या वाइवा-वोस के लिए कट-ऑफ मनमाना है? सुप्रीम कोर्ट ने उम्मीदवारों की याचिका पर सुनवाई की
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट से तीन उम्मीदवारों के मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने को कहा। इन उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद, वाइवा-वोस (मौखिक परीक्षा) में न्यूनतम योग्यता अंक हासिल न कर पाने के कारण महाराष्ट्र उच्च न्यायिक सेवा में चयन से बाहर कर दिया गया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने बड़े पैमाने पर खाली पदों को देखते हुए यह आदेश पारित किया। खंडपीठ ने टिप्पणी की कि जहां 42 पद खाली थे, वहीं केवल 13 उम्मीदवारों...
SCBA ने सीनियर एडवोकेट ख्वाजा मोइज़ुद्दीन की हत्या की निंदा की, निष्पक्ष जांच की मांग की
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने मंगलवार को हैदराबाद में सीनियर एडवोकेट ख्वाजा मोइज़ुद्दीन की हत्या की कड़ी निंदा की। एसोसिएशन ने इसे "सोची-समझी, क्रूर और चौंकाने वाली हत्या" बताया, जिसने वकीलों की सुरक्षा और हिफाज़त को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा की हैं।SCBA की मानद सचिव प्रज्ञा बघेल द्वारा जारी एक बयान में एसोसिएशन ने कहा कि इस घटना ने कानूनी बिरादरी को गहरे सदमे में डाल दिया है और अपने पेशेवर कर्तव्यों का पालन करने वाले वकीलों की असुरक्षा को उजागर किया।बयान में कहा गया,"इस घटना ने कानूनी...
'n-Hexane' 'Motor Spirit' नहीं है: कस्टम ड्यूटी पर सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस के खिलाफ रिवेन्यू अपील खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इंपोर्ट किया गया प्रोडक्ट 'n-hexane' - जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से केमिकल बनाने या वनस्पति तेल निकालने में होता है - को सिर्फ इसलिए पेट्रोलियम प्रोडक्ट/मोटर फ्यूल के तौर पर क्लासिफाई नहीं किया जा सकता, ताकि उस पर कम ड्यूटी लगे, क्योंकि उसका फ्लैश पॉइंट कम है।कस्टम डिपार्टमेंट की अपील खारिज करते हुए जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने Reliance Industries Ltd. को राहत दी। बेंच ने Customs Excise and Service Tax Appellate Tribunal (CESTAT) के उस फैसले...
दहेज हत्या के मामलों में आजीवन कारावास को 'सामान्य प्रक्रिया' के तौर पर नहीं दिया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि IPC की धारा 304-B के तहत दहेज हत्या के अपराध के लिए अधिकतम सज़ा, यानी आजीवन कारावास, को "सामान्य प्रक्रिया" के तौर पर नहीं थोपा जाना चाहिए। इसके बजाय, यह 'कठोरतम' सज़ा केवल "दुर्लभतम से दुर्लभ" मामलों में ही दी जानी चाहिए।जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने 2012 के एक दहेज हत्या मामले में पति और उसके माता-पिता की दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए यह टिप्पणी की।हालांकि, खंडपीठ ने 'आनुपातिक सज़ा' के सिद्धांत को लागू करते हुए ट्रायल कोर्ट...
हाईकोर्ट ने यमुना के बाढ़ वाले इलाकों के 'ज़ोन O' में नए निर्माण के खिलाफ चेतावनी दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली में यमुना के बाढ़ वाले इलाकों में बनी रिहायशी कॉलोनियां, जिन्हें 'ज़ोन O' में रखा गया है, “पूरी तरह से मना” हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस इलाके की 91 गैर-कानूनी कॉलोनियों को 'नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ़ दिल्ली लॉज़ (स्पेशल प्रोविज़न्स) सेकंड एक्ट, 2011' के तहत 31 दिसंबर, 2026 तक दंडात्मक कार्रवाई से अस्थायी सुरक्षा मिली हुई है।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की डिवीज़न बेंच ने इस पर्यावरण के लिहाज़ से संवेदनशील इलाके में लगातार हो रहे...
'कॉकरोच जनता पार्टी' के X अकाउंट को ब्लॉक करने के खिलाफ याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट शुक्रवार (29 मई) को 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दिपके की याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें पार्टी के X अकाउंट को ब्लॉक किए जाने को चुनौती दी गई।यह मामला जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव की बेंच के सामने लिस्टेड है।'कॉकरोच जनता पार्टी' व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया आंदोलन है, जो एक सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) की मौखिक टिप्पणी के जवाब में शुरू हुआ था। उस टिप्पणी में उन्होंने ऑनलाइन एक्टिविज़्म की आड़ में व्यवस्था पर हमला करने वाले बेरोज़गार युवाओं की तुलना 'कॉकरोच'...
कोर्ट ने मालदा में SIR से जुड़ी शिकायतों को लेकर न्यायिक अधिकारियों पर हमला करने के आरोपियों को 2 हफ़्ते की NIA हिरासत में भेजा
पश्चिम बंगाल के मालदा ज़िले में स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) प्रक्रिया के दौरान न्यायिक अधिकारियों पर कथित हमले और उन्हें अवैध रूप से हिरासत में रखने के मामले में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) द्वारा गिरफ़्तार किए गए पंद्रह लोगों को एक विशेष NIA कोर्ट ने दो हफ़्ते की हिरासत में भेज दिया।ये गिरफ़्तारियां NIA द्वारा मालदा में चलाए गए बड़े अभियान के दौरान की गईं। यह अभियान दो अलग-अलग घटनाओं से जुड़ा था, जिनमें सड़क जाम करना और विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची संशोधन के काम में लगे न्यायिक...
भरण-पोषण न देने पर पति को अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि भरण-पोषण राशि की वसूली के लिए की जाने वाली गिरफ्तारी केवल पालन सुनिश्चित कराने का माध्यम है, इसे अनिश्चितकालीन दंडात्मक कारावास में नहीं बदला जा सकता।जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने अक्टूबर 2025 से जेल में बंद एक मजदूर को रिहा करने का आदेश देते हुए कहा कि किसी निर्धन व्यक्ति को लंबे समय तक जेल में रखने से भरण-पोषण कानून का उद्देश्य ही विफल हो सकता है, क्योंकि वह भविष्य में कमाकर भुगतान करने में असमर्थ हो जाता है।अदालत ने कहा,“किसी निर्धन व्यक्ति की लगातार हिरासत,...
उन्नाव दुष्कर्म मामले में कुलदीप सेंगर की दलील- मैं लोकसेवक नहीं, फिर भी कठोर सजा दी गई
उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा को चुनौती देते हुए पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि उन्हें लोकसेवक मानकर कठोर सजा दी गई, जबकि वह कानून की उस परिभाषा में नहीं आते।मंगलवार को जस्टिस प्रतिभा सिंह और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ सेंगर की अपील पर सुनवाई कर रही थी।सुनवाई के दौरान सेंगर की ओर से सीनियर एडवोकेट एन. हरिहरन ने कहा कि पीड़िता की उम्र ऐसी नहीं थी कि मामला POCSO कानून के दायरे में आए। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता की गवाही उच्च विश्वसनीयता...
प्राइवेट स्कूल अतिरिक्त धनराशि रख सकते हैं, केवल सरप्लस होना मुनाफाखोरी नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्राइवेट गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों को अतिरिक्त धनराशि रखने की कानूनी अनुमति है और केवल किसी स्कूल के पास अधिशेष राशि होने भर से उसे मुनाफाखोरी या शिक्षा के व्यावसायीकरण का दोषी नहीं माना जा सकता।जस्टिस अनुप जयराम भंभानी ने कहा,“किसी निजी गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूल के पास अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध होना, चाहे वह कितनी भी अधिक क्यों न हो, केवल इसी आधार पर शिक्षा निदेशालय यह निष्कर्ष नहीं निकाल सकता कि स्कूल व्यावसायीकरण या मुनाफाखोरी कर रहा है। इसलिए...
बाल मजदूरों की बकाया मजदूरी दिलाने के लिए लापता मालिकों का पता लगाए पुलिस: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि बाल मजदूरी से मुक्त कराए गए बच्चों की बकाया मजदूरी की वसूली सुनिश्चित करने के लिए उन मालिकों का सक्रिय रूप से पता लगाया जाए, जो फिलहाल लापता या पहुंच से बाहर हैं।जस्टिस सचिन दत्ता की एकलपीठ ने कहा कि बचाए गए बाल मजदूरों को उनका बकाया भुगतान दिलाना और पुनर्वास से जुड़े कानूनी प्रावधानों का पालन कराना प्रशासनिक अधिकारियों की वैधानिक जिम्मेदारी है।अदालत ने यह आदेश तीन नाबालिग लड़कियों की माताओं द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। ये...
बांके बिहारी मंदिर में पारंपरिक पूजा व्यवस्था बहाल करने और भीड़ प्रबंधन सुधारने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधन को पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों को बहाल करने और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर भीड़ प्रबंधन व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने गोस्वामियों के दो समूहों—शयन भोग और राज भोग—से दो-दो प्रतिनिधियों को समिति में शामिल करने की अनुमति दी, ताकि वे मंदिर के दैनिक संचालन और धार्मिक परंपराओं को लेकर सुझाव दे सकें।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने कहा कि समिति इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी। सुप्रीम...




















