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हिंदू धर्म, PM Modi और सावरकर पर की अपमानजनक पोस्ट: X यूज़र करिश्मा अज़ीज़ के ख़िलाफ़ FIR का आदेश

दिल्ली कोर्ट ने X कॉर्प (पहले ट्विटर) की यूज़र करिश्मा अज़ीज़ के ख़िलाफ़ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। उन पर हिंदू धर्म, हिंदू धार्मिक हस्तियों, ऐतिहासिक हस्तियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में कई अपमानजनक पोस्ट करने का आरोप है।पटियाला हाउस कोर्ट के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मृदुल गुप्ता ने वकील अमिता सचदेवा की अर्ज़ी को मंज़ूरी दी। यह अर्ज़ी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 175(3) के तहत दायर की गई, जिसमें FIR दर्ज करने और जांच की मांग की गई।सचदेवा ने आरोप लगाया कि...

बार एसोसिएशन में महिलाओं को 30% प्रतिनिधित्व देना जरूरी, हम चुनाव रद्द नहीं करेंगे: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर सिविल बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी का चुनाव रद्द करने से इनकार करते हुए कहा कि चुनाव के बाद चार महिला वकीलों को कार्यकारिणी में नामित किए जाने से महिलाओं के 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पूरी हो गई। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भविष्य के सभी चुनावों में महिलाओं को 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए बार एसोसिएशन को अपने उपनियमों में संशोधन करना होगा।चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने यह आदेश बुलंदशहर जिला अदालत में...

खुद की कमाई से देह व्यापार करने का आरोप भर से महिला पर मानव तस्करी का केस नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी महिला पर आरोप है कि वह खुद देह व्यापार में शामिल होकर उससे होने वाली कमाई से अपना जीवनयापन कर रही थी, तो केवल इस आधार पर उसके खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धारा 4 और 5 के तहत आरोप तय नहीं किए जा सकते। कोर्ट ने महिला के खिलाफ इन दोनों धाराओं में तय आरोपों को रद्द किया।यह मामला एक ऐसी महिला से जुड़ा था, जिसने शुरुआत में सामूहिक दुष्कर्म की FIR दर्ज कराई, लेकिन जांच के दौरान पुलिस ने उसे ही आरोपी बना दिया।जस्टिस मनीषा बत्रा ने मामले की...

बिना रिकॉर्ड की मौखिक हिदायत के आधार पर नहीं हो सकती विभागीय कार्रवाई, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कर अधिकारी की सजा रद्द की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य कर विभाग के अधिकारी के खिलाफ की गई विभागीय कार्रवाई रद्द करते हुए कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठकों में दी गई कथित मौखिक हिदायतों का पालन नहीं करने के आरोप के आधार पर दंड नहीं दिया जा सकता, जब उन बैठकों की तारीख और कार्यवाही का कोई रिकॉर्ड पेश ही न किया गया हो। कोर्ट ने कहा कि ऐसे आधार पर की गई कार्रवाई काल्पनिक आरोपों पर आधारित मानी जाएगी।जस्टिस राजीव सिंह ने राज्य कर अधिकारी पर लगाई गई निंदा प्रविष्टि और एक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से रोकने की सजा रद्द की। कोर्ट ने 5...

क्या आपको लगता है महिलाएं LPG सिलेंडर नहीं उठा सकतीं?: सुप्रीम कोर्ट ने महिला को ₹12 लाख मुआवजा दिलाया

सुप्रीम कोर्ट ने जेंडर के आधार पर नौकरी से वंचित की गई एक महिला के मामले में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) को ₹12 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है। महिला एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में रिफिलिंग हेल्पर के पद के लिए योग्य थी, लेकिन उसे नियुक्ति नहीं दी गई।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने कहा कि महिला अब सेवानिवृत्ति की उम्र पार कर चुकी है, इसलिए नियुक्ति के बजाय उसे एकमुश्त मुआवजा दिया जाना उचित है।'सिर्फ इसलिए नियुक्ति नहीं दी कि वह महिला है?'IOC की ओर से दलील दी गई कि रिफिलिंग...

सुप्रीम कोर्ट ने डिस्टेंस/ओपन मोड से बैचलर डिग्री लेने वाले लॉ ग्रेजुएट एडवोकेट के तौर पर प्रोविज़नल एनरोलमेंट की इजाज़त दी

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में तेलंगाना स्टेट बार काउंसिल को निर्देश दिया कि वे उन आवेदकों के एक ग्रुप को एडवोकेट के तौर पर प्रोविज़नल रूप से एनरोल करें, जिन्होंने रेगुलर मोड से तीन साल की LL.B. डिग्री हासिल की थी, लेकिन जिनका एनरोलमेंट इस आधार पर रोक दिया गया कि उनकी पिछली एजुकेशनल क्वालिफिकेशन (बैचलर डिग्री) ओपन, डिस्टेंस या कॉरेस्पोंडेंस मोड से हासिल की गई।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यह अंतरिम आदेश उन आवेदनों पर दिया जिनमें प्रोविज़नल एनरोलमेंट की मांग की गई। यह मामला बार...

पिता से विरासत में मिली संपत्ति से अपने आप नहीं बनता संयुक्त हिंदू परिवार, बाद में खरीदी संपत्ति भी संयुक्त नहीं मानी जा सकती: एमपी हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि केवल इस आधार पर कि भाइयों को पिता से कुछ संपत्ति संयुक्त रूप से विरासत में मिली है, यह मान लेना उचित नहीं है कि वे संयुक्त हिंदू परिवार या सहदायिकी के सदस्य हैं।अदालत ने स्पष्ट किया कि संयुक्त रूप से विरासत में मिली संपत्ति का होना और संयुक्त हिंदू परिवार या सहदायिकी का अस्तित्व, दोनों अलग-अलग बातें हैं। केवल विरासत में मिली संपत्ति के संयुक्त रूप से दर्ज होने से बाद में खरीदी गई हर संपत्ति को संयुक्त परिवार की संपत्ति नहीं माना जा सकता। जस्टिस विवेक जैन की पीठ ने...

NDPS Act | सैंपल की कस्टडी में बिना वजह 5 दिन का गैप, धारा 52A का उल्लंघन: सुप्रीम कोर्ट ने 20 साल बाद दो लोगों को बरी किया

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (16 सितंबर) को NDPS Act के एक मामले में दो लोगों की सज़ा बीस साल बाद रद्द की। यह मामला कमर्शियल मात्रा में चरस बरामद होने और रखने से जुड़ा था। कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष ज़ब्त किए गए प्रतिबंधित सामान की कस्टडी की चेन में कड़ी जोड़ने में नाकाम रहा। कोर्ट ने ज़ब्त सामान को FSL टेस्टिंग के लिए भेजने की तारीख और FSL को उसके असल में मिलने की तारीख के बीच बिना वजह पांच दिन के गैप पर ध्यान दिया।कोर्ट ने सैंपल पैकेट पर पहचान के निशान/हस्ताक्षर न होने, मालखाना से निकलने की कोई...

दिल्ली हाईकोर्ट का ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन को निर्देश, अनिल अंबानी के बेटे अंशुल को बताएं उनके खिलाफ कोई LOC है या नहीं

दिल्ली हाईकोर्ट ने ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन को निर्देश दिया कि उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अंशुल अंबानी को बताया जाए कि उनके खिलाफ कोई लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी है या नहीं, और यदि जारी है तो क्या वह अभी प्रभावी है।जस्टिस मनोज जैन ने संबंधित अधिकारियों को अंशुल अंबानी को इस संबंध में आवश्यक सूचना तीन सप्ताह के भीतर भेजने का निर्देश दिया।अंशुल अंबानी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर यह जानकारी मांगी थी कि उनके खिलाफ कोई LOC जारी की गई या नहीं। याचिका में कहा गया कि उन्हें कुछ समय बाद विदेश यात्रा...

पशु डॉक्टर बेजुबानों का इलाज करते हैं, उनकी सेवाओं को कमतर नहीं आंका जा सकता: एमपी हाईकोर्ट ने मेडिकल/डेंटल सर्जन के बराबर टाइम-स्केल वेतन बरकरार रखा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों को मेडिकल ऑफिसर और डेंटल सर्जन के समान टाइम-स्केल वेतन का लाभ देने के सिंगल जज का आदेश बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि पशु डॉक्टर ऐसे मरीजों का इलाज करते हैं, जो अपनी तकलीफ बता नहीं सकते, इसलिए उनकी सेवाओं को किसी भी तरह कमतर नहीं आंका जा सकता।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार की अपील खारिज करते हुए कहा कि पशु चिकित्सक और मानव चिकित्सा के डॉक्टर अलग-अलग प्रजातियों का इलाज करते हैं, लेकिन दोनों ही समाज के उपचारक हैं।...

पति-पत्नी में सुलह के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने तलाक की डिक्री रद्द कर बहाल किया विवाह

राजस्थान हाईकोर्ट ने अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच तलाक की डिक्री के बाद हुई सुलह को देखते हुए तलाक का फैसला रद्द कर उनका विवाह बहाल किया। कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक विवाद केवल कानूनी दावों का टकराव नहीं होते, बल्कि इनके पीछे मानवीय रिश्ते और परिवार का जीवन जुड़ा होता है। महाभारत का संदर्भ देते हुए कोर्ट ने कहा कि जब पक्षकार स्वयं मतभेद खत्म कर साथ रहने का रास्ता चुनते हैं तो कानून को जहां तक संभव हो, उस शांति और पुनर्मिलन की राह को आसान बनाना चाहिए।जस्टिस उमा शंकर व्यास और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ...

भ्रामक धारणा पर आधारित: नए राज्यपाल की नियुक्ति की मांग वाली जनहित याचिका मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने खारिज की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में नए राज्यपाल की नियुक्ति के लिए दायर जनहित याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा कि संविधान राज्यपाल के पद पर किसी तरह के संवैधानिक शून्य की स्थिति की कल्पना नहीं करता। मौजूदा राज्यपाल अपने उत्तराधिकारी के पदभार संभालने तक पद पर बने रह सकते हैं।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की खंडपीठ ने याचिका को 'भ्रामक धारणा पर आधारित' बताते हुए खारिज किया। कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 156(3) का हवाला देते हुए कहा कि यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि राज्यपाल तब तक पद पर बने...

प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक कैसे लग सकती है?: करणी सेना प्रमुख को जंतर-मंतर पर अनुमति न देने पर हाईकोर्ट ने पुलिस से पूछा

दिल्ली हाईकोर्ट ने जंतर-मंतर पर करणी सेना प्रमुख डॉ. राज शेखावत को प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार करने पर दिल्ली पुलिस से सवाल किया कि किसी प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक कैसे लगाई जा सकती है। पुलिस ने क्षेत्र की संवेदनशीलता और प्रदर्शन में अनुमति से अधिक लोगों के शामिल होने की आशंका का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार किया था।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने शेखावत की याचिका पर सुनवाई की। याचिका में 20 सितंबर को जंतर-मंतर पर हाल ही में अधिसूचित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में...

BNSS की धारा 180 के तहत गवाहों के बयान की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य करने पर विचार करे UP Police: हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी को निर्देश दिया कि BNSS की धारा 180 के तहत दर्ज किए जाने वाले सभी गवाहों के बयानों की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य करने पर विचार किया जाए। कोर्ट ने कहा कि इससे आपराधिक जांच अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने में मदद मिलेगी और जमानत सहित अन्य न्यायिक कार्यवाही में भी अदालत के लिए यह रिकॉर्ड उपयोगी होगा।जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल ने दहेज से जुड़े मामले में आरोपी महिला की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष...

FCRA Case : दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र को CHRI को 20 लाख रुपये निकालने की अनुमति वाले आदेश को वापस लेने की अर्जी देने की छूट दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को गैर-सरकारी संगठन कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (CHRI) को अपने आरक्षित घरेलू कोष से 20 लाख रुपये निकालने की अनुमति देने वाले अंतरिम आदेश को वापस लेने के लिए एकल जस्टिस के समक्ष आवेदन दाखिल करने की अनुमति दी है। कोर्ट ने केंद्र को यह आवेदन एक सप्ताह के भीतर दाखिल करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ CHRI की उस याचिका से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम यानी FCRA के तहत उसके...

“पिता बेटी को साथ रहने के लिए मजबूर नहीं कर सकता”: अंतरधार्मिक शादी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलग धर्म के युवक से शादी करने वाली एक बालिग महिला को उसके पिता की कथित हिरासत से मुक्त करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि बालिग महिला को यह तय करने का अधिकार है कि वह किसके साथ रहना चाहती है और पिता उसे उसकी इच्छा के खिलाफ अपने साथ रहने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने यह आदेश प्रिंसी की ओर से उसके पति/नेक्स्ट फ्रेंड गुरप्रीत सिंह द्वारा दाखिल हैबियस कॉर्पस याचिका पर दिया।याचिका के मुताबिक, प्रिंसी की गुरप्रीत से फरवरी 2025 में सोशल मीडिया के...

पूर्व कैबिनेट मंत्री का पद मोटर दुर्घटना मुआवजे में आय का प्रमाण नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना मुआवजे से जुड़े एक मामले में कहा कि किसी व्यक्ति की सामाजिक या पेशेवर प्रतिष्ठा के आधार पर उसकी आय तय नहीं की जा सकती। मृतक की आय का निर्धारण रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आयकर रिटर्न प्रासंगिक साक्ष्य हो सकता है, लेकिन केवल आयकर रिटर्न दाखिल कर देने से उसमें घोषित आय स्वतः प्रमाणित नहीं हो जाती।जस्टिस अनिल कुमार-X ने कहा कि मोटर दुर्घटना के दावे में भी साक्ष्यों के मूल्यांकन के सामान्य सिद्धांतों को...