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जज पर टिप्पणी मामले में यूट्यूबर की माफी स्वीकार, सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना कार्यवाही समाप्त की
जज पर टिप्पणी मामले में यूट्यूबर की माफी स्वीकार, सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना कार्यवाही समाप्त की

सुप्रीम कोर्ट ने आज (9 मार्च) चंडीगढ़ स्थित यूट्यूबर और वरप्रद मीडिया के एडिटर-इन-चीफ अजय शुक्ला के खिलाफ शुरू की गई स्वप्रेरित (सुओ मोटू) अवमानना कार्यवाही को बंद कर दिया। यह कार्यवाही उनके द्वारा सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी के खिलाफ किए गए कथित “अपमानजनक, अवमाननापूर्ण और मानहानिकारक” टिप्पणियों को लेकर शुरू की गई थी।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने यह मामला उस समय निस्तारित कर दिया, जब अजय शुक्ला ने अपने वकील एडवोकेट ईशा बख्शी के माध्यम...

टाइम्स ऑफ इंडिया की पूरी कॉपी उपलब्ध कराने की मांग: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जनहित याचिका
टाइम्स ऑफ इंडिया की पूरी कॉपी उपलब्ध कराने की मांग: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जनहित याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने आज एक जनहित याचिका (PIL) खारिज कर दी, जिसमें केंद्र सरकार और टाइम्स ऑफ इंडिया को सभी अखबार खरीदारों को अखबार की पूरी प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश देने की मांग की गई थी।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता गौरी शंकर राठौर, जो स्वयं अदालत में पेश हुए थे, को सुनने के बाद यह आदेश पारित किया।याचिकाकर्ता ने अदालत से अनुरोध किया था कि टाइम्स ऑफ इंडिया को निर्देश दिया जाए कि वह सभी पाठकों को अखबार की पूरी प्रति, सभी सप्लीमेंट और सभी पेज उपलब्ध कराए। याचिका...

मीडिया में आने के लिए निराधार PIL दाखिल करना ठीक नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने युवा वकीलों को दी नसीहत
मीडिया में आने के लिए निराधार PIL दाखिल करना ठीक नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने युवा वकीलों को दी नसीहत

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने युवा वकीलों को केवल मीडिया में सुर्खियां बटोरने के लिए जनहित याचिकाएं (PIL) दाखिल करने से बचने की सलाह दी। अदालत ने यह टिप्पणी उस समय की जब वह कथित “सिविक लापरवाही” के कारण होने वाली मौतों को रोकने के लिए निर्देश देने की मांग वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने कहा कि वकालत के शुरुआती वर्षों में युवा वकीलों को सीनियर वकीलों के साथ काम करके कानून और ड्राफ्टिंग सीखने पर ध्यान देना चाहिए, न कि केवल प्रचार...

बच्चों की करंट से मौत के मामलों पर राज्य की कार्रवाई के बाद स्वतः संज्ञान जनहित याचिका बंद: छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट
बच्चों की करंट से मौत के मामलों पर राज्य की कार्रवाई के बाद स्वतः संज्ञान जनहित याचिका बंद: छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट ने बच्चों की करंट लगने से हुई मौतों से जुड़े मामलों पर स्वतः संज्ञान लेकर शुरू की गई जनहित याचिका को राज्य सरकार की प्रभावी कार्रवाई के बाद अभिलेखों में दर्ज करते हुए बंद किया।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने यह स्वतः संज्ञान जनहित याचिका वर्ष 2025 में दो चिंताजनक समाचारों के आधार पर शुरू की थी जिनमें बच्चों की करंट लगने से मौत की घटनाएं सामने आईं।पहला मामला कोंडागांव जिले का है, जहां ढाई साल के एक बच्चे की आंगनवाड़ी केंद्र के अंदर खुले...

भर्ती परीक्षा के अंक गोपनीय नहीं, RTI में बिना तीसरे पक्ष की अनुमति बताए जा सकते हैं: इलाहाबाद हाइकोर्ट
भर्ती परीक्षा के अंक गोपनीय नहीं, RTI में बिना तीसरे पक्ष की अनुमति बताए जा सकते हैं: इलाहाबाद हाइकोर्ट

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा कि सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं में प्राप्त अंक गोपनीय जानकारी नहीं माने जा सकते। इसलिए यदि परीक्षा में शामिल कोई अभ्यर्थी RTI के तहत दूसरे अभ्यर्थियों के अंक मांगता है, तो इसके लिए तीसरे पक्ष की सहमति आवश्यक नहीं है।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षा में प्राप्त अंक निजी गोपनीय जानकारी की श्रेणी में नहीं आते।खंडपीठ ने कहा,“यदि किसी अभ्यर्थी द्वारा, जिसने स्वयं भी परीक्षा में भाग लिया हो, दूसरे...

उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट ने सेंगर की जमानत के खिलाफ CBI की याचिका में पीड़िता को सुनवाई का अधिकार दिया
उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट ने सेंगर की जमानत के खिलाफ CBI की याचिका में पीड़िता को सुनवाई का अधिकार दिया

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव रेप मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पीड़िता को मामले में पक्षकार (इम्पलीडमेंट) बनाए जाने की अनुमति दे दी और कहा कि उसे इस मामले में सुने जाने का अधिकार है।हालांकि, अदालत ने पीड़िता के चचेरे भाई द्वारा दायर हस्तक्षेप याचिका को खारिज कर दिया। यह आवेदन पीड़िता के पिता के भाई के नाबालिग बेटे की ओर से दायर किया गया था, जिसमें कहा गया था कि यदि पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत मिलती है तो उसकी जान और स्वतंत्रता को खतरा हो सकता है।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत...

Liquor Policy Case: अरविंद केजरीवाल और अन्य को बरी करने के खिलाफ CBI की चुनौती पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
Liquor Policy Case: अरविंद केजरीवाल और अन्य को बरी करने के खिलाफ CBI की चुनौती पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें आम आदमी (AAP) पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य को कथित शराब पॉलिसी घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में बरी करने को चुनौती दी गई।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि वह जांच एजेंसी के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक लगाएंगी।बता दें, ट्रायल कोर्ट ने सेंट्रल जांच एजेंसी को बिना किसी ठोस सबूत के दिल्ली के तत्कालीन सीएम को फंसाने और कथित साथियों को उनके इलाके के...

स्टांप पेपर पर किया गया कॉन्ट्रैक्ट विवाह हिंदू कानून में अमान्य: कलकत्ता हाइकोर्ट
स्टांप पेपर पर किया गया 'कॉन्ट्रैक्ट विवाह' हिंदू कानून में अमान्य: कलकत्ता हाइकोर्ट

कलकत्ता हाइकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि केवल गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कर किया गया तथाकथित “कॉन्ट्रैक्ट विवाह” हिंदू कानून के तहत मान्य नहीं है। इसलिए ऐसे संबंध के आधार पर द्विविवाह या वैवाहिक क्रूरता के आपराधिक आरोप नहीं लगाए जा सकते।जस्टिस उदय कुमार की पीठ ने एक व्यक्ति के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द करते हुए कहा कि हिंदू विवाह के लिए कानून में निर्धारित रीति-रिवाज और धार्मिक अनुष्ठान आवश्यक होते हैं। केवल स्टांप पेपर पर किया गया समझौता वैध विवाह का स्थान नहीं...

आपराधिक प्रक्रिया को उत्पीड़न का हथियार नहीं बनाया जा सकता: छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट ने पूर्व चीफ जस्टिस व जजों के खिलाफ शिकायत रद्द की
आपराधिक प्रक्रिया को उत्पीड़न का हथियार नहीं बनाया जा सकता: छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट ने पूर्व चीफ जस्टिस व जजों के खिलाफ शिकायत रद्द की

छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट ने एक अहम फैसले में पूर्व चीफ जस्टिस, एक वर्तमान हाइकोर्ट जस्टिस और राज्य की उच्च न्यायिक सेवा के कई अधिकारियों के खिलाफ दायर आपराधिक शिकायत रद्द की। अदालत ने कहा कि केवल आशंका और अनुमान के आधार पर न्यायपालिका के सदस्यों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही चलने देना न्यायिक संस्थाओं की गरिमा को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्त गुरु की खंडपीठ ने कहा कि आपराधिक कानून का इस्तेमाल किसी को परेशान करने, डराने या व्यक्तिगत अथवा सेवा संबंधी शिकायतों...

एक ही भर्ती प्रक्रिया में चयनित कर्मचारियों को अलग-अलग वेतन देना गलत: राजस्थान हाइकोर्ट
एक ही भर्ती प्रक्रिया में चयनित कर्मचारियों को अलग-अलग वेतन देना गलत: राजस्थान हाइकोर्ट

राजस्थान हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि एक ही भर्ती प्रक्रिया में चयनित और नियुक्त कर्मचारियों के वेतन निर्धारण में केवल ज्वाइनिंग की तारीख के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता। अदालत ने इसे सेवा कानून के सिद्धांतों के खिलाफ और संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन बताया।जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की पीठ स्कूल व्याख्याताओं द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि राज्य सरकार ने एक ही भर्ती प्रक्रिया में नियुक्त शिक्षकों के वेतनमान तय करने में भेदभाव किया। कुछ...

जैन लोगों की भावनाओं को ठेस क्यों पहुंचाई जाए? सुप्रीम कोर्ट ने प्याज और लहसुन के तामसिक नेचर पर रिसर्च की मांग वाली PIL खारिज की
'जैन लोगों की भावनाओं को ठेस क्यों पहुंचाई जाए?' सुप्रीम कोर्ट ने प्याज और लहसुन के 'तामसिक' नेचर पर रिसर्च की मांग वाली PIL खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक वकील को फटकार लगाई, जिसने प्याज और लहसुन में 'तामसिक' या 'नेगेटिव' कंटेंट है या नहीं, इस पर रिसर्च करने के निर्देश देने के लिए याचिका फाइल की थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने याचिका को फालतू बताते हुए खारिज किया। साथ ही पार्टी-इन-पर्सन के तौर पर पेश हुए वकील को ऐसी PIL फाइल करने के लिए फटकार लगाई।CJI सूर्यकांत ने पूछा,"आप जैन कम्युनिटी की भावनाओं को ठेस क्यों पहुंचाना चाहते हैं?" याचिकाकर्ता ने जवाब दिया,"क्योंकि यह...

West Bengal SIR : फाइनल इलेक्टोरल रोल से बाहर किए जाने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
West Bengal SIR : फाइनल इलेक्टोरल रोल से बाहर किए जाने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका

पश्चिम बंगाल के कुछ लोगों ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रोसेस के बाद वोटर लिस्ट से अपने नाम बाहर किए जाने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी ने अर्जेंट सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के सामने याचिका का ज़िक्र किया।हालांकि, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने हैरानी जताई कि क्या सुप्रीम कोर्ट कानूनी उपायों को दरकिनार करते हुए अधिकारियों के फैसले पर अपील कर सकता है।गुरुस्वामी ने बताया कि याचिकाकर्ताओं को ऑर्डर नहीं दिए गए, इसलिए वे...

पंचायत अदालत नहीं, शादी का वादा कर यौन अपराध का समझौता नहीं हो सकता: उड़ीसा हाइकोर्ट
पंचायत अदालत नहीं, शादी का वादा कर यौन अपराध का समझौता नहीं हो सकता: उड़ीसा हाइकोर्ट

उड़ीसा हाइकोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट कहा कि पंचायत कोई अदालत नहीं है और सरपंच के पास मजिस्ट्रेट जैसी न्यायिक शक्तियां नहीं होतीं। इसलिए बाल यौन शोषण जैसे गंभीर अपराधों को पंचायत बैठाकर शादी के वादे के जरिए निपटाया नहीं जा सकता।जस्टिस संजीब कुमार पाणिग्रही की पीठ ने यह टिप्पणी उस मामले में की, जिसमें एक व्यक्ति को नाबालिग लड़की के साथ बार-बार दुष्कर्म करने के मामले में दोषी ठहराया गया। अदालत ने निचली अदालत द्वारा दी गई सजा को बरकरार रखते हुए आरोपी की अपील खारिज की।अदालत ने अपने फैसले में...

PHD के लिए अध्ययन अवकाश अधिकार नहीं: छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट ने व्याख्याता की अपील खारिज की
PHD के लिए अध्ययन अवकाश अधिकार नहीं: छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट ने व्याख्याता की अपील खारिज की

छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकारी कर्मचारियों को उच्च शिक्षा के लिए अध्ययन अवकाश देना उनका अधिकार नहीं है बल्कि यह नियोक्ता के विवेक पर निर्भर करता है। इसी सिद्धांत को दोहराते हुए हाइकोर्ट ने गणित के एक व्याख्याता की अपील खारिज की, जिसमें उन्होंने PHD करने के लिए अध्ययन अवकाश की मांग की।मामला एक सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में कार्यरत गणित लेक्चरार से जुड़ा है, जिन्होंने Phd करने के लिए कॉलेज के प्राचार्य के माध्यम से अनुमति मांगी थी। प्राचार्य ने उनका आवेदन कौशल विकास विभाग के सचिव को...

एलीवेशन के लिए एससी में प्रैक्टिस करने वाली महिला वकीलों पर करें विचार: CJI सूर्यकांत का हाईकोर्ट कॉलेजियमों से आग्रह
एलीवेशन के लिए एससी में प्रैक्टिस करने वाली महिला वकीलों पर करें विचार: CJI सूर्यकांत का हाईकोर्ट कॉलेजियमों से आग्रह

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर देश भर के हाईकोर्ट के कॉलेजियमों से न्यायिक नियुक्तियों के लिए अधिक महिला वकीलों पर सक्रिय रूप से विचार करने का आग्रह किया और केवल इस आधार पर उम्मीदवारों को यांत्रिक रूप से अस्वीकार करने के खिलाफ आगाह किया कि वे निर्धारित आयु मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं।उन्होंने हाईकोर्ट कॉलेजियम से अपील की कि वे अपने राज्यों की महिला वकीलों पर भी विचार करें जो सुप्रीम कोर्ट में अभ्यास करती हैं।वरिष्ठ वकील महालक्ष्मी पावनी और शोभा गुप्ता...

गुजरात हाईकोर्ट ने नाबालिग से बलात्कार और गला घोंटकर हत्या करने वाले आदमी की उम्रकैद की सज़ा बरकरार रखी
गुजरात हाईकोर्ट ने नाबालिग से बलात्कार और गला घोंटकर हत्या करने वाले आदमी की उम्रकैद की सज़ा बरकरार रखी

गुजरात हाईकोर्ट ने 2013 में दाहोद ज़िले में एक नाबालिग लड़की से रेप और हत्या के दोषी पाए गए आदमी की सज़ा और उम्रकैद की सज़ा यह मानते हुए बरकरार रखी कि प्रॉसिक्यूशन ने आरोपी के गुनाह की ओर इशारा करते हुए हालात के सबूतों की पूरी चेन बनाई।जस्टिस इलेश जे. वोरा और जस्टिस आर.टी. वच्छानी की डिवीज़न बेंच ने मुकेशभाई गोरचंदभाई चमका की अपील खारिज की, जिसमें उन्होंने सेशंस कोर्ट के 2014 के उस फ़ैसले को चुनौती दी, जिसमें उन्हें इंडियन पैनल कोड (IPC) की धारा 376 (रेप) और 302 (हत्या) के तहत दोषी ठहराया...

प्रेस की आज़ादी की ढाल गैर-कानूनी फ़ायदा उठाने का हथियार नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पत्रकार की कथित ज़बरदस्ती वसूली की FIR रद्द करने की अर्ज़ी पर कहा
'प्रेस की आज़ादी की ढाल गैर-कानूनी फ़ायदा उठाने का हथियार नहीं': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पत्रकार की कथित ज़बरदस्ती वसूली की FIR रद्द करने की अर्ज़ी पर कहा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी और ज़बरदस्ती वसूली के आरोपी पत्रकार की अर्ज़ी को कुछ हद तक मंज़ूरी दी। साथ ही कहा कि प्रेस की आज़ादी के बचाव का इस्तेमाल लोगों से गैर-कानूनी फ़ायदा उठाने के लिए नहीं किया जा सकता।जस्टिस हिमांशु जोशी की बेंच ने कहा,"एक पत्रकार समाज के वॉचडॉग के तौर पर काम करता है और जनता के हित के मामलों से जुड़ी जानकारी फैलाने का ज़रूरी काम करता है। पब्लिक ज़मीन, कानूनी नियमों का पालन और सरकारी कामों से जुड़े मुद्दों पर रिपोर्टिंग करना पत्रकारिता की जांच के कानूनी दायरे में आता...

गुमराह करने वाले सोशल मीडिया पोस्ट जीवन के अधिकार का उल्लंघन: राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग के बारे में Facebook पोस्ट हटाने का आदेश दिया
गुमराह करने वाले सोशल मीडिया पोस्ट जीवन के अधिकार का उल्लंघन: राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग के बारे में Facebook पोस्ट हटाने का आदेश दिया

राजस्थान हाईकोर्ट ने माना कि Facebook या सोशल मीडिया पर कोई भी गुमराह करने वाला मटीरियल जो झूठा, गलत इरादे वाला और किसी व्यक्ति की इज़्ज़त को नुकसान पहुंचाने या प्राइवेसी में दखल देने वाला पाया गया, वह संविधान के आर्टिकल 21 के तहत उस व्यक्ति के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच नाबालिग की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो अपने पिता की मौत के बाद अपनी माँ के साथ अपने मायके में रह रही थी। उसने आरोप लगाया कि उसके दादा-दादी ने Facebook पर गुमराह करने वाला पोस्ट पोस्ट करके उसे...