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पति पर अवैध संबंध व बच्चे को मारने की झूठी आरोपबाजी 'मानसिक क्रूरता': कलकत्ता हाइकोर्ट ने दिया तलाक का आदेश
कलकत्ता हाइकोर्ट ने कहा कि पति या पत्नी के खिलाफ बिना सबूत के गंभीर और अपमानजनक आरोप लगाना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है और यह विवाह समाप्त करने का आधार बन सकता है। अदालत ने इसी आधार पर पति की अपील स्वीकार करते हुए उसे तलाक दे दिया।जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य और जस्टिस सुप्रतिम भट्टाचार्य की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। हाइकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें पति की तलाक याचिका खारिज कर दी गई थी।मामले में पति ने मानसिक क्रूरता के आधार पर तलाक की मांग की थी। हालांकि बांकुड़ा जिले के...
सहयोग पोर्टल और कंटेंट हटाने के आदेशों को चुनौती: कर्नाटक हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस
कर्नाटक हाइकोर्ट ने सोशल मीडिया मंच एक्स कॉर्प की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया।बता दें, यह याचिका उस फैसले के खिलाफ दायर की गई, जिसमें अदालत की एकल पीठ ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 79(3)(बी) के तहत अधिकारियों को 'सहयोग पोर्टल' के माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री हटाने के निर्देश देने का अधिकार मान्य ठहराया था।चीफ जस्टिस विभू बाखरू और जस्टिस सी. पूनाचा की खंडपीठ ने अपील को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 11 जून को...
लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत, पीएम और पहलगाम हमले पर पोस्ट से जुड़ा मामला
सुप्रीम कोर्ट ने लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को गिरफ्तारी से राहत देते हुए अग्रिम जमानत दी। बता दें, यह मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक पोस्ट से जुड़ा है।जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने यह आदेश पारित किया।सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से अदालत को बताया गया कि कोर्ट के पहले के आदेश के अनुसार नेहा सिंह राठौर जांच अधिकारियों के सामने पेश हो चुकी हैं और उनका बयान दर्ज कर लिया गया।इसके बाद अदालत...
बिना वजह मामलों का मेंशन न करें, वरना सूचीबद्ध नहीं करूंगा: CJI सूर्यकांत की वकीलों को सख्त चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने मंगलवार को वकीलों द्वारा बार-बार मामलों को सूचीबद्ध कराने के लिए मौखिक उल्लेख (मेंशन) करने की प्रथा पर नाराज़गी जताई।उन्होंने साफ कहा कि अब मामलों की सूचीबद्धता के लिए स्वचालित व्यवस्था लागू हो चुकी है, इसलिए रोज सुबह अदालत में आकर मेंशन करने की आवश्यकता नहीं है।अदालत में कई वकीलों को मामलों का उल्लेख करने के लिए कतार में खड़ा देख चीफ जस्टिस ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि इससे गलत संदेश जाता है कि बिना मेंशन किए मामला सूचीबद्ध नहीं होगा।CJI ने कहा,“आप सब...
गंभीर बीमारी से जूझ रहे कैदी की पैरोल पर जल्द फैसला करें अधिकारी: छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट, कहा- जीवन के अधिकार में समय पर इलाज भी शामिल
हाइकोर्ट ने गंभीर बीमारी से पीड़ित 68 वर्षीय कैदी की पैरोल अर्जी पर जल्द निर्णय लेने का निर्देश दिया।अदालत ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार में समय पर और उचित मेडिकल ट्रीटमेंट का अधिकार भी शामिल है।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसे जेल में सजा काट रहे एक कैदी ने दायर किया। याचिका में बताया गया कि वह गैंग्रीन नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित है।मामले में प्रस्तुत मेडिकल दस्तावेजों के अनुसार कैदी के पैर की एक उंगली...
होमगार्ड को पुलिस कर्मियों के न्यूनतम वेतन के बराबर ड्यूटी भत्ता मिले: गुजरात हाइकोर्ट
गुजरात हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि होमगार्ड को दिया जाने वाला ड्यूटी भत्ता बढ़ाकर पुलिस कर्मियों के न्यूनतम वेतन के बराबर किया जाए।अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राज्य सरकार इस मामले को नजरअंदाज नहीं कर सकती।यह आदेश जस्टिस मौलिक जे. शेलात की एकल पीठ ने पारित किया।अदालत ने पाया कि होमगार्ड को प्रतिदिन 450 रुपये का भत्ता दिया जाना सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए गए कानून के विपरीत है।अदालत ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय ग्रहक रक्षक, होमगार्ड...
दिल्ली मेट्रो में महिला के पास अश्लील हरकत करने वाले व्यक्ति की सजा बरकरार, कोर्ट ने कहा- महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि
दिल्ली कोर्ट ने मेट्रो ट्रेन में महिला के पास खड़े होकर अश्लील हरकत करने वाले व्यक्ति की सजा बरकरार रखी।अदालत ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के खिलाफ ऐसे अपराध न केवल शारीरिक बल्कि गहरे मानसिक आघात भी पहुंचाते हैं और उनकी सुरक्षा व निजता की भावना को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं।साकेत अदालत के एडिशनल सेशन जज हरगुरवारिंदर सिंह जग्गी ने आरोपी की अपील को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया। यह मामला वर्ष 2021 का है जब येलो लाइन की मेट्रो ट्रेन में साकेत और आईएनए स्टेशन के...
COVID-19 टीकाकरण से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के लिए 'नो-फॉल्ट मुआवजा नीति' बनाए केंद्र: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह कोविड-19 टीकाकरण के बाद गंभीर प्रतिकूल प्रभाव (Adverse Events) झेलने वाले लोगों के लिए “नो-फॉल्ट मुआवजा नीति” तैयार करे।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने यह निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि टीकाकरण के बाद होने वाली प्रतिकूल घटनाओं की निगरानी के लिए पहले से मौजूद AEFI (Adverse Events Following Immunization) प्रणाली पहले की तरह ही जारी रहेगी।अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे प्रतिकूल प्रभावों से संबंधित डेटा समय-समय पर...
AIIMS भर्ती विज्ञापन के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से इलाहाबाद हाइकोर्ट का इनकार, कहा- उपाय CAT के पास
इलाहाबाद हाइकोर्ट ने AIIMS रायबरेली द्वारा जारी भर्ती विज्ञापन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया। हाइकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि इस प्रकार के मामलों के लिए उचित मंच केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) है, इसलिए याचिका वहां दायर की जानी चाहिए।यह आदेश जस्टिस प्रकाश सिंह की एकल पीठ ने पारित किया। हाइकोर्ट ने याचिका को सुनवाई योग्य न मानते हुए खारिज की।मामले में याचिकाकर्ता ने AIIMS रायबरेली द्वारा जारी उस भर्ती विज्ञापन को चुनौती दी थी, जिसमें सहायक भंडार अधिकारी के दो पद और निजी सचिव के...
तकनीकी आधार पर सांप के काटने से मौत का मुआवजा नहीं रोका जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सांप के काटने से हुई मृत्यु के मामलों में राज्य आपदा राहत कोष से मिलने वाला अनुग्रह (ex-gratia) मुआवजा केवल तकनीकी कारणों जैसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट का निष्कर्षहीन होना के आधार पर नहीं रोका जा सकता।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार की 2 अगस्त, 2018 की अधिसूचना स्पष्ट रूप से सांप के काटने से हुई मौत को उन परिस्थितियों में शामिल करती है जिनमें मृतक के आश्रितों को अनुग्रह राशि देने का प्रावधान है।अदालत ने कहा कि यह अधिसूचना...
फैक्ट चेक यूनिट से जुड़े आईटी नियमों पर बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई को मंजूरी दी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार की उस याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई, जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट के सितंबर 2024 के फैसले को चुनौती दी गई है। इस फैसले में हाईकोर्ट ने आईटी नियमों के उन प्रावधानों को रद्द कर दिया था, जो केंद्र सरकार को फैक्ट चेक यूनिट (FCU) स्थापित करने का अधिकार देते थे।हालांकि, अदालत ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने की अपील की गई थी।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस आर. महादेवन...
हमें सुने बिना दोषी ठहराया गया: आबकारी नीति मामले में ED की याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट का नोटिस
दिल्ली हाइकोर्ट ने आबकारी नीति कथित भ्रष्टाचार मामले में स्पेशल अदालत द्वारा की गई कुछ प्रतिकूल टिप्पणियों को हटाने की मांग वाली प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर नोटिस जारी किया। अदालत ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने प्रवर्तन निदेशालय की याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया और प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने कहा कि स्पेशल कोर्ट ने ये टिप्पणियां उस मामले में की...
पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच केंद्र ने प्राकृतिक गैस आपूर्ति नियंत्रित की, आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आदेश जारी
पश्चिम एशिया में अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण वैश्विक गैस आपूर्ति प्रभावित होने के बाद केंद्र सरकार ने देश में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत नया आदेश जारी किया।पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 9 मार्च को प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश, 2026 अधिसूचित किया है। सरकार ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की खेपों पर संघर्ष का असर पड़ा है और कई आपूर्तिकर्ताओं ने आपूर्ति में बाधा...
CCTV फुटेज बिना धारा 65बी प्रमाणपत्र के भी स्वीकार्य: गुजरात हाइकोर्ट ने क्रूरता के आधार पर तलाक बरकरार रखी
गुजरात हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि फैमिली कोर्ट वैवाहिक विवादों में साक्ष्य के रूप में सीसीटीवी फुटेज को स्वीकार कर सकती है भले ही उसके साथ भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65बी के तहत आवश्यक प्रमाणपत्र प्रस्तुत न किया गया हो।जस्टिस संगीता के. विशेन और जस्टिस निशा एम. ठाकोर की खंडपीठ ने कहा कि फैमिली कोर्ट को फैमिली कोर्ट एक्ट, 1984 की धारा 14 के तहत व्यापक अधिकार प्राप्त हैं, जिसके तहत वे ऐसे साक्ष्य भी स्वीकार कर सकती हैं, जो सामान्यतः साक्ष्य अधिनियम के कड़े नियमों के अनुसार...
बिना प्राथमिक साक्ष्य के बैंक अकाउंट फ्रीज करना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन: राजस्थान हाइकोर्ट
राजस्थान हाइकोर्ट ने कहा कि किसी नागरिक के बैंक अकाउंट बिना ठोस कारण और बिना यह दिखाए कि उसका कथित अपराध से कोई प्राथमिक संबंध है, फ्रीज करना संविधान के अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 19(1)(ग) के तहत प्राप्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।अदालत ने कहा कि जांच एजेंसियों को बैंक अकाउंट फ्रीज करने की शक्ति जरूर है लेकिन इसका प्रयोग अत्यंत सावधानी और कानून के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। बिना कारण बताए और बिना यह स्पष्ट किए कि खाते का कथित अपराध से क्या संबंध है अकाउंट को अनिश्चित काल तक फ्रीज रखना उचित नहीं...
पुणे पोर्शे दुर्घटना मामला: ब्लड सैंपल बदलने की साजिश के आरोपी नाबालिग चालक के पिता को सुप्रीम कोर्ट से जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पुणे पोर्शे कार दुर्घटना मामले में नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल को जमानत दे दी। यह मामला 19 मई 2024 को हुए उस हादसे से जुड़ा है जिसमें पोर्शे कार की टक्कर से दो लोगों की मौत हो गई थी।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की खंडपीठ ने कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री और इस तथ्य को देखते हुए कि इसी मामले में अन्य आरोपियों को भी राहत दी जा चुकी है, याचिकाकर्ता जमानत का हकदार है। अदालत ने यह भी नोट किया कि अग्रवाल पिछले 22 महीनों से जेल में हैं।अदालत ने कहा...
Order XLI Rule 27 CPC | अपील के चरण में अतिरिक्त सबूत पेश करने का कोई निहित अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (9 मार्च) को फैसला सुनाया कि पक्षकारों के पास अपील के चरण में CPC के Order XLI Rule 27 के तहत रिकॉर्ड पर अतिरिक्त सबूत लाने का कोई निहित अधिकार नहीं है, क्योंकि यह अपील कोर्ट के विवेक पर निर्भर करता है कि वह CPC के Order XLI Rule 27 में बताई गई कुछ शर्तों के पूरा होने पर ही अतिरिक्त सबूतों की अनुमति दे।जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने यह टिप्पणी की,"...अपील कोर्ट अतिरिक्त सबूतों की अनुमति तभी दे सकता है, जब वह इस बात से संतुष्ट हो जाए कि CPC के Order XLI Rule...
ग्वालियर में हज़रत शेख मुहम्मद गौस की मज़ार पर उर्स और नमाज़ की इजाज़त की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा ASI से जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। इस आदेश में हाईकोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के उस फैसले को सही ठहराया था, जिसमें ग्वालियर में हज़रत शेख मुहम्मद गौस की मज़ार पर (जो केंद्र द्वारा संरक्षित स्मारक है) उर्स और नमाज़ की इजाज़त देने से मना कर दिया गया था।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने ASI और भारत सरकार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) के जवाब में एक जवाबी...
NCERT ने स्वतः संज्ञान मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले न्यायिक भ्रष्टाचार पर अध्याय के लिए माफी मांगी
नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कक्षा 8 की पाठ्यपुस्तक में न्यायिक भ्रष्टाचार पर एक अध्याय प्रकाशित करने के लिए सार्वजनिक माफी मांगी।उल्लेखनीय है कि यह सार्वजनिक माफी उस स्वतः संज्ञान मामले में सुप्रीम कोर्ट की निर्धारित सुनवाई से एक दिन पहले आई, जिसमें कोर्ट ने 26 फरवरी को NCERT के निदेशक और स्कूली शिक्षा विभाग के सचिव को अवमानना की कार्यवाही के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए।अध्याय की सामग्री का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने पाठ्यपुस्तक के वितरण पर रोक लगाने और...
आत्महत्या के लिए उकसाने का इरादा न होने पर "ज़हर खाकर मर जाओ" जैसी कोई बात कहना आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने एक महिला को बरी किया, जिसे अपनी सौतेली बेटी को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी ठहराया गया था। कोर्ट ने कहा कि शक सबूत की जगह नहीं ले सकता और अगर आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई इरादा न हो तो कही गई छोटी-मोटी बातें कानून के तहत आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं मानी जाएंगी।जस्टिस रूपिंदरजीत चहल ने कहा,"अगर बहस के लिए यह मान भी लिया जाए कि मौत आत्महत्या थी तो भी अभियोजन पक्ष को यह साबित करना होगा कि IPC की धारा 107 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने की बात साबित होती है।" ...




















