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दिल्ली हाईकोर्ट ने CBI भ्रष्टाचार मामले में आरोप तय करने का आदेश रद्द किया; कहा- ट्रायल कोर्ट ने ऑडियो सबूत नज़रअंदाज़ किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने CBI के भ्रष्टाचार मामले में आरोप तय करने वाला आदेश रद्द किया। कोर्ट ने पाया कि ट्रायल कोर्ट ने रिश्वत की मांग से जुड़े आरोपों की जांच के लिए जिन ऑडियो रिकॉर्डिंग को खुद मंगवाया था, उन्हें सुने बिना ही आगे की कार्रवाई की।जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने यह आदेश तब दिया, जब वह आरोपी सरकारी कर्मचारी द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इस याचिका में आरोपी ने राउज़ एवेन्यू कोर्ट में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत स्पेशल जज द्वारा पारित आदेशों को चुनौती दी थी।ट्रायल...
हुक्का बार चलाने का कोई मौलिक अधिकार नहीं, यह गतिविधि 'रेस एक्स्ट्रा कमर्शियम' के दायरे में आती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने हाल ही में यह टिप्पणी की कि नागरिकों के पास हुक्का बार चलाने का कोई मौलिक अधिकार नहीं है, क्योंकि ऐसी गतिविधियां 'रेस एक्स्ट्रा कमर्शियम' (वाणिज्य से बाहर/परे की चीज़ें) के कानूनी सिद्धांत के अंतर्गत आती हैं।यह टिप्पणी जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की डिवीज़न बेंच ने एम्पेरियो ग्रैंड प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर रिट याचिका की सुनवाई के दौरान की। यह कंपनी लखनऊ में होटल और रेस्टोरेंट का कारोबार करती है।याचिकाकर्ता का पक्ष यह था कि उसके पास खाद्य...
ड्यूटी पर मारे गए ड्राइवर को मुआवज़ा पाने का हक, बशर्ते हत्या निजी और जान-बूझकर न की गई हो: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक ट्रक ड्राइवर के परिवार को दिए गए मुआवज़े को सही ठहराया। इस ड्राइवर की ड्यूटी के दौरान कुछ अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी। कोर्ट ने माना कि यह घटना 'कर्मचारी मुआवज़ा अधिनियम, 1923' के तहत रोज़गार के दौरान और उससे जुड़ी एक "आकस्मिक मृत्यु" थी।जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने यह फ़ैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी और नियोक्ता द्वारा दायर उन अपीलों को खारिज किया, जिनमें मृतक ड्राइवर के कानूनी वारिसों को मुआवज़ा देने के आदेश को चुनौती दी गई।कोर्ट ने दावा करने वालों द्वारा दायर अलग याचिका...
Twisha Sharma Dowry Death: गिरिबाला सिंह की अग्रिम ज़मानत की चुनौतियों पर फैसला सुरक्षित, CBI को पक्षकार बनने की अनुमति
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और त्विशा शर्मा के माता-पिता की उन याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिनमें त्विशा की सास गिरिबाला सिंह को दहेज हत्या के कथित मामले में दी गई अग्रिम ज़मानत को चुनौती दी गई।जस्टिस देव नारायण मिश्रा की सिंगल-जज बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।सुनवाई के दौरान, त्विशा के माता-पिता की ओर से पेश सीनियर वकील सिद्धार्थ लूथरा ने दलील दी कि भोपाल कोर्ट का वह आदेश, जिसमें ट्विशा की सास गिरिबाला (रिटायर्ड जज) को अग्रिम ज़मानत दी गई...
VVPAT स्लिप पर वोटिंग का सटीक समय दर्ज करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला ECI पर छोड़ा
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उस जनहित याचिका का निपटारा कर दिया, जिसमें VVPAT स्लिप पर वोट डाले जाने का सटीक समय दर्ज करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने कहा कि यह चुनावी पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा जरूर है, लेकिन इसकी तकनीकी व्यवहार्यता तय करना चुनाव आयोग (ECI) के अधिकार क्षेत्र का विषय है।चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए याचिका को किसी ठोस निर्देश के बिना निपटा दिया और रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि याचिका को चुनाव आयोग के पास एक प्रतिनिधित्व (representation) के रूप में भेजा...
“सोशल मीडिया पर क्यों गईं?”: फ्लाइट यौन उत्पीड़न पोस्ट हटाने के HC आदेश में दखल से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उस पत्रकार की विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी, जिसने दिल्ली हाईकोर्ट के उस अंतरिम आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसे सोशल मीडिया से वह पोस्ट हटाने का निर्देश दिया गया था, जिसमें उसने फ्लाइट के दौरान एक सह-यात्री पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने दिल्ली हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।सुनवाई के दौरान पत्रकार की ओर से कहा गया कि वह 24 वर्षीय पत्रकार और यौन हिंसा की पीड़िता है। उसके वकील...
ऑल इंडिया सर्विसेज़ ऑफिसर का VRS खारिज करने से पहले केंद्र सरकार को राज्य के विचारों पर गौर करना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भले ही ऑल इंडिया सर्विसेज़ से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए केंद्र सरकार की अनिवार्य मंज़ूरी ज़रूरी होती है, लेकिन सिर्फ़ इस आधार पर केंद्र सरकार को यह अधिकार नहीं मिल जाता कि वह राज्य सरकार की सिफ़ारिश पर विचार किए बिना ही VRS आवेदन खारिज कर दे।महाराष्ट्र कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी की VRS याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस पामिडीघंतम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने बॉम्बे हाईकोर्ट और केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के फ़ैसलों को रद्द...
मतदाता सूची में शामिल करने के लिए नागरिकता की जांच सकता है ECI, लेकिन उसका फैसला अंतिम नहीं होगा: सुप्रीम कोर्ट
चुनाव आयोग की शक्तियों के दायरे पर अहम फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारत का चुनाव आयोग (ECI) किसी व्यक्ति की नागरिकता की सीमित जांच करने के लिए अधिकृत है, ताकि यह तय किया जा सके कि वह चुनावी रोल में शामिल होने के योग्य है या नहीं; लेकिन कोर्ट ने यह भी साफ किया कि इस तरह के फैसले को नागरिकता के सवाल पर अंतिम नहीं माना जा सकता।यह फैसला बिहार में चुनावी रोल के चुनाव आयोग के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) को सही ठहराते हुए आया।इस प्रक्रिया के दौरान नागरिकता की स्थिति की जांच करने के आयोग के फैसले को...
BREAKING| ऑनलाइन गेमिंग पर लगा GST, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- यह 'सट्टेबाजी और जुए' के तौर पर टैक्सेबल
सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) लगाने को संवैधानिक रूप से वैध ठहराया। साथ ही सट्टेबाजी और जुए के लेन-देन से पैदा होने वाले 'एक्शनेबल क्लेम' (दावों) पर CGST लगाने के खिलाफ दायर संवैधानिक और कानूनी चुनौती खारिज की।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने फैसला सुनाया कि संगठित ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियां 'एक्शनेबल क्लेम' को जन्म देती हैं। इन गतिविधियों में पूल किए गए दांव और संभावित इनाम वाली फैंटेसी गेम्स शामिल हैं। सट्टेबाजी और जुए के लेन-देन...
बिहार मतदाता सूची पुनर्विचार पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: संदिग्ध नागरिकता वाले नाम केंद्र को भेजने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की वैधता को बरकरार रखते हुए चुनाव आयोग को बड़ा निर्देश दिया।अदालत ने कहा कि वर्ष 2003 की बिहार मतदाता सूची से जिन लोगों के नाम संदिग्ध नागरिकता के आधार पर हटाए गए, उनके मामलों को चार सप्ताह के भीतर केंद्र सरकार के सक्षम प्राधिकारी के पास भेजा जाए ताकि उनकी नागरिकता पर अंतिम फैसला हो सके।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने यह फैसला बिहार में विशेष गहन पुनर्विचार अभियान को चुनौती देने...
वकीलों को केवल वर्चुअल सुनवाई के लिए मजबूर नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह वकीलों को केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं कर सकता।अदालत ने कहा कि वह केवल बार के सदस्यों से अपील कर सकती है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण पैदा हुए ईंधन संकट को देखते हुए अधिक से अधिक वर्चुअल माध्यम अपनाएं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।याचिका में मांग की गई थी कि ईंधन संकट को देखते हुए तीन महीने तक विविध मामलों की सुनवाई वर्चुअल...
श्योपुर नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव मामला फिर खुला: हाईकोर्ट ने सरकार को फटकारा, कहा- विरोधाभासी रुख अपनाकर प्रक्रिया में देरी की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने श्योपुर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष चुनाव को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका को फिर से बहाल किया।अदालत ने राज्य सरकार और निर्वाचित अध्यक्ष रेणु गर्ग के विरोधाभासी रुख पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि दोनों ने अलग-अलग मंचों पर अलग दलीलें देकर न्यायिक प्रक्रिया में देरी की।जस्टिस आशीष श्रोती की पीठ ने प्रथम जिला जज के उस आदेश रद्द किया, जिसमें चुनाव याचिका समयपूर्व बताते हुए खारिज की गई।श्योपुर नगर पालिका परिषद के चुनाव जुलाई 2022 में हुए थे जिनमें 23 पार्षद चुने गए। इसके बाद 5...
तलाकशुदा बेटी को पारिवारिक पेंशन से वंचित करना भेदभावपूर्ण: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि तलाकशुदा बेटी को पारिवारिक पेंशन के अधिकार से बाहर नहीं रखा जा सकता। अदालत ने माना कि ऐसा करना संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत समानता के अधिकार का उल्लंघन होगा।जस्टिस विशाल धगत की पीठ ने कहा,“यदि तलाकशुदा बेटियों को परिवार की परिभाषा में शामिल नहीं किया जाता, तो यह संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होगा, क्योंकि अविवाहित, विवाहित और तलाकशुदा बेटी में कोई अंतर नहीं है।”मामला ज्योति नामक महिला से जुड़ा था जो...
POCSO मामलों में पूरा प्रवेश या हाइमन फटना जरूरी नहीं: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने 20 साल की सजा बरकरार रखी
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने POCSO Act के महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया कि यौन उत्पीड़न साबित करने के लिए पूरा प्रवेश या हाइमन का फटना जरूरी नहीं है।अदालत ने कहा कि मामूली स्तर का प्रवेश भी कानून के तहत भेदक यौन उत्पीड़न माना जाएगा।हाईकोर्ट ने 9 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी सतीश राय की सजा बरकरार रखते हुए उसकी अपील खारिज की। आरोपी को स्पेशल POCSO कोर्ट ने गंभीर भेदक यौन उत्पीड़न का दोषी मानते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।जस्टिस माइकल जोथनखुमा और जस्टिस संजीव कुमार शर्मा की...
“क्या भ्रष्टाचार चल रहा है वहां?”: NSEL केस की सुनवाई में MPID कोर्ट्स पर CJI सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी
NSEL घोटाले से जुड़ी हरियाणा की एक ज़मीन की नीलामी मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने MPID कोर्ट्स के कामकाज पर कड़ी नाराज़गी जताई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि कुछ MPID कोर्ट्स का रवैया बेहद “दुस्साहसी” रहा है और वहां हो रहे भ्रष्टाचार पर हाईकोर्ट को ध्यान देना चाहिए।चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच क्विकर रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कंपनी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें हरियाणा की 35 एकड़ ज़मीन की नीलामी रद्द करते...
SC की सख्त टिप्पणी: ₹100 करोड़ की ज़मीन ₹10 करोड़ में बेच दी, NSEL केस में HC आदेश पर रोक से इनकार
NSEL घोटाले से जुड़ी हरियाणा की एक ज़मीन की नीलामी पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर सवाल उठाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि करीब ₹100 करोड़ की ज़मीन को “संदिग्ध प्रक्रिया” के जरिए केवल ₹10 करोड़ में बेचा गया।चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच क्विकर रियल्टी नामक वैल्यूअर कंपनी की याचिका सुन रही थी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंपनी को 5 साल के लिए ब्लैकलिस्ट करने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान CJI ने टिप्पणी की:“₹100 करोड़ की संपत्ति को ₹10...
CBI ने जब दोषमुक्त कर दिया हो तो ED कार्रवाई नहीं चला सकती: कलकत्ता हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामला रद्द किया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में लुई ड्रेफस कंपनी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग की कार्यवाही रद्द की। अदालत ने कहा कि जब मूल अपराध की जांच कर रही CBI किसी कंपनी की संलिप्तता नहीं पाती, तब प्रवर्तन निदेशालय (ED) उसी आधार पर धनशोधन का मुकदमा नहीं चला सकता।जस्टिस सुव्रा घोष ने कहा कि ED ने कंपनी के खिलाफ कोई स्वतंत्र साक्ष्य पेश नहीं किया और मुख्य रूप से सह-आरोपी के बयान पर ही भरोसा किया।अदालत ने स्पष्ट कहा,“याचिकाकर्ता के खिलाफ ऐसा कोई ठोस सामग्री उपलब्ध नहीं है,...
30 साल फरार रहने के बाद गिरफ्तार हत्या आरोपी को राहत: राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- मानसिक रूप से अक्षम व्यक्ति पर निष्पक्ष सुनवाई संभव
राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के एक आरोपी को राहत देते हुए ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा है, जिसमें 30 साल तक फरार रहने के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपी को रिहा करने का निर्देश दिया गया। अदालत ने माना कि आरोपी डिमेंशिया जैसी गंभीर मानसिक बीमारी से पीड़ित है और वह अदालत की कार्यवाही को समझने या उसमें भाग लेने की स्थिति में नहीं है।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रत्येक व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। यदि आरोपी मानसिक रूप से सक्षम नहीं है तो...
ट्रांसजेंडर संशोधन अधिनियम 2026 को चुनौती: केंद्र सरकार ने की हाईकोर्ट में लंबित याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग
केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने ट्रांसफर याचिकाएं दायर की, जिनमें मांग की गई कि हाईकोर्ट में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों का संरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2026 के खिलाफ लंबित विभिन्न चुनौतियों को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लाया जाए।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया और अनुरोध किया कि ट्रांसफर याचिकाओं को शुक्रवार को सूचीबद्ध किया जाए।मेहता ने कहा,"हमने ट्रांसजेंडर संशोधन अधिनियम को दी गई...
शून्य अंक वालों की नौकरी रद्द: राजस्थान हाईकोर्ट ने 1200 से अधिक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का चयन किया निरस्त
राजस्थान हाईकोर्ट ने चतुर्थ श्रेणी सरकारी कर्मचारियों की भर्ती में बड़ा फैसला सुनाते हुए करीब 1200 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन रद्द किया। इनमें अधिकांश उम्मीदवार आरक्षित वर्ग से थे जिन्हें लिखित परीक्षा में शून्य या लगभग शून्य अंक मिलने के बावजूद चयनित कर लिया गया।जस्टिस आनंद शर्मा की सिंगल बेंच ने कहा कि सरकारी नौकरी कोई दान या कृपा नहीं है। हर सरकारी पद, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो सार्वजनिक जिम्मेदारी से जुड़ा होता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि चतुर्थ श्रेणी पदों के लिए भी न्यूनतम योग्यता...




















