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BCD चुनाव में दखल से हाईकोर्ट का इनकार, कहा- मतों के मिलान के बाद ही घोषित होंगे नतीजे
BCD चुनाव में दखल से हाईकोर्ट का इनकार, कहा- मतों के मिलान के बाद ही घोषित होंगे नतीजे

दिल्ली हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) चुनाव 2026 की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि चुनाव परिणाम तभी घोषित किए जाएंगे जब सभी मतों और बैलेट का मिलान पूरा हो जाएगा।जस्टिस अमित बंसल ने यह टिप्पणी उन 9 उम्मीदवारों की याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिन्होंने मतदान और मतगणना के आंकड़ों में कथित अंतर का मुद्दा उठाया था।BCD चुनाव 21 से 23 फरवरी के बीच आयोजित हुए थे जिनकी निगरानी रिटायरमेंट जस्टिस तलवंत सिंह द्वारा की जा रही है, जिन्हें रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया...

चुनाव याचिका का फैसला रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आधार पर ही होना चाहिए, सबूतों की कमी पूरी करने के लिए इसे वापस नहीं भेजा जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
चुनाव याचिका का फैसला रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आधार पर ही होना चाहिए, सबूतों की कमी पूरी करने के लिए इसे वापस नहीं भेजा जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि चुनाव याचिका का फैसला रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आधार पर ही किया जाना चाहिए। अपीलीय अदालत के लिए यह स्वीकार्य नहीं है कि वह चुनाव याचिकाओं को दोबारा विचार के लिए वापस भेज दे, सिर्फ इसलिए कि नए सबूत पेश किए जा सकें या गवाहों को बुलाकर विशेषज्ञों से जांच कराई जा सके, जबकि ये मुद्दे चुनाव ट्रिब्यूनल के सामने उठाए ही नहीं गए।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने अपीलकर्ता के 'दोहरे मतदान' (Double...

रिश्वत में दोषी कर्मचारी पर विभागीय जांच जरूरी नहीं, बर्खास्तगी बरकरार: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
रिश्वत में दोषी कर्मचारी पर विभागीय जांच जरूरी नहीं, बर्खास्तगी बरकरार: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि रिश्वत के मामले में दोषसिद्ध सरकारी कर्मचारी के खिलाफ विस्तृत विभागीय जांच की आवश्यकता नहीं होती। अदालत ने एक पूर्व सरकारी कर्मचारी की सेवा से बर्खास्तगी के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया।जस्टिस विशाल धगत की पीठ ने कहा कि जब किसी कर्मचारी को आपराधिक मामले में पूरा अवसर मिल चुका हो और उसे दोषी ठहराया जा चुका हो, तो उसी तथ्यों पर दोबारा विभागीय जांच कराना सार्वजनिक हित और प्रशासनिक दक्षता के विपरीत होगा।मामले के अनुसार, याचिकाकर्ता को...

गडचिरोली आगजनी मामले में सुनवाई से जस्टिस चंदुरकर अलग, सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत याचिका पर टली सुनवाई
गडचिरोली आगजनी मामले में सुनवाई से जस्टिस चंदुरकर अलग, सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत याचिका पर टली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में गडचिरोली आगजनी मामले से जुड़े एडवोकेट सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस अतुल चंदुरकर ने खुद को मामले से अलग कर लिया।यह मामला जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल चंदुरकर की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध था। इससे पहले जस्टिस एमएम सुंदरश भी इस मामले की सुनवाई से अलग हो चुके हैं।मामला वर्ष 2016 के गडचिरोली आगजनी कांड से जुड़ा है, जिसमें सुरेंद्र गाडलिंग ने बॉम्बे हाइकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार किया गया था।गाडलिंग पर आरोप है...

ग्रैंड वेनिस प्रोजेक्ट में खरीदारों के दावे न सुलझाने पर सतिंदर सिंह भसीन की जमानत रद्द: सुप्रीम कोर्ट
ग्रैंड वेनिस प्रोजेक्ट में खरीदारों के दावे न सुलझाने पर सतिंदर सिंह भसीन की जमानत रद्द: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कारोबारी सतिंदर सिंह भसीन की जमानत रद्द करते हुए उन्हें एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह निर्णय जमानत की शर्तों के उल्लंघन और फ्लैट खरीदारों के साथ धोखाधड़ी के आरोपों के मद्देनज़र लिया।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन.के. सिंह की पीठ ने पाया कि भसीन ने न केवल फ्लैट खरीदारों के दावों के निपटारे की शर्त का पालन नहीं किया, बल्कि जमानत के लिए निर्धारित ₹50 करोड़ की राशि भी अपने व्यक्तिगत खाते से जमा करने के बजाय अपनी कंपनी Bhasin Infotech and...

माता-पिता की जिम्मेदारी के नाम पर पत्नी की उपेक्षा नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बढ़ा भरण-पोषण बरकरार रखा
माता-पिता की जिम्मेदारी के नाम पर पत्नी की उपेक्षा नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बढ़ा भरण-पोषण बरकरार रखा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पति की अपने माता-पिता और भाई-बहनों के प्रति जिम्मेदारियां उसे अपनी पत्नी के भरण-पोषण के प्राथमिक दायित्व से मुक्त नहीं कर सकतीं।जस्टिस विनोद दिवाकर की पीठ ने एक रेलवे कर्मचारी द्वारा दायर आपराधिक पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।मामले में फैमिली कोर्ट इटावा ने पत्नी के लिए मासिक भरण-पोषण राशि 3500 रुपये से बढ़ाकर 8000 रुपये और नाबालिग पुत्र के लिए 1500 रुपये से बढ़ाकर 4000 रुपये की थी।पति ने हाईकोर्ट में दलील दी कि वह रेलवे में ग्रुप-डी कर्मचारी...

DNA रिपोर्ट नेगेटिव होने पर भी पीड़िता का बयान सर्वोपरि: यौन उत्पीड़न के मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
DNA रिपोर्ट नेगेटिव होने पर भी पीड़िता का बयान सर्वोपरि: यौन उत्पीड़न के मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि यदि पीड़िता की गवाही विश्वसनीय है और उसे अन्य मेडिकल सबूतों से समर्थन मिलता है, तो केवल 'नेगेटिव' डीएनए (DNA) रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को बरी नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि जब अभियोजन पक्ष गवाही के माध्यम से अपराध सिद्ध कर देता है, तो DNA रिपोर्ट का मिलान न होना मामले को कमजोर नहीं करता।मामले की पृष्ठभूमियह फैसला जस्टिस प्रांजल दास की एकल पीठ ने सुनाया। मामला एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की से जुड़ा है जिसके साथ उस समय बलात्कार किया गया...

100 से अधिक मामलों में आरोपी को हर बार पेशी के लिए लाना बोझिल: राजस्थान हाईकोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी की दी अनुमति
100 से अधिक मामलों में आरोपी को हर बार पेशी के लिए लाना बोझिल: राजस्थान हाईकोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी की दी अनुमति

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि जिन मामलों में किसी आरोपी के खिलाफ बड़ी संख्या में मुकदमे दर्ज हों, वहां हर बार शारीरिक रूप से अदालत में पेश करना न केवल पुलिस व्यवस्था पर बोझ डालता है बल्कि सरकारी खर्च भी बढ़ाता है। ऐसे मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी एक व्यवहारिक और प्रभावी विकल्प है।जस्टिस फरजंद अली की पीठ ने 100 से अधिक FIR का सामना कर रहे आरोपियों को सभी मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने की अनुमति दी।अदालत ने कहा कि जब आरोपी की पहचान विवादित...

वैवाहिक बलात्कार भले अपराध नहीं, लेकिन प्रेम संबंध में जबरन संबंध अपराध—FIR रद्द करने से इनकार: गौहाटी हाईकोर्ट
वैवाहिक बलात्कार भले अपराध नहीं, लेकिन प्रेम संबंध में जबरन संबंध अपराध—FIR रद्द करने से इनकार: गौहाटी हाईकोर्ट

गौहाटी हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि प्रेम संबंध (love relationship) होने से बलात्कार के अपराध की गंभीरता कम नहीं हो जाती। अदालत ने कहा कि यदि महिला की इच्छा के विरुद्ध जबरन शारीरिक संबंध बनाया जाता है, तो वह आपराधिक कृत्य ही रहेगा।जस्टिस प्रांजल दास की पीठ एक आपराधिक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोपी ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) और POCSO अधिनियम की धारा 4 के तहत दर्ज अपराधों से जुड़ा है।मामले...

West Bengal SIR | क्वालिफ़ाइंग तारीख के बाद फ़ॉर्म 6 से शामिल हुए नए वोटरों को वोट देने का अधिकार नहीं मिलेगा: जस्टिस बागची
West Bengal SIR | क्वालिफ़ाइंग तारीख के बाद फ़ॉर्म 6 से शामिल हुए नए वोटरों को वोट देने का अधिकार नहीं मिलेगा: जस्टिस बागची

पश्चिम बंगाल स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) मामले की सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि किसी व्यक्ति को फ़ॉर्म 6 (नए वोटर के लिए रजिस्ट्रेशन फ़ॉर्म) के ज़रिए वोटर लिस्ट में शामिल करने से उसे मौजूदा विधानसभा चुनाव में वोट देने का अधिकार नहीं मिलेगा, अगर उसे चुनाव आयोग द्वारा नोटिफ़ाई की गई 'क्वालिफ़ाइंग तारीख' के बाद शामिल किया गया।जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 14(b) के अनुसार, वोटर लिस्ट तैयार करने या उसमें बदलाव करने के लिए क्वालिफ़ाइंग...

विभागीय जांच में कर्मचारी द्वारा स्वीकार न किए गए दस्तावेज़ों को गवाह के ज़रिए साबित करना ज़रूरी: सुप्रीम कोर्ट
विभागीय जांच में कर्मचारी द्वारा स्वीकार न किए गए दस्तावेज़ों को गवाह के ज़रिए साबित करना ज़रूरी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (1 अप्रैल) को यह टिप्पणी की कि जब कोई कर्मचारी अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार नहीं करता है तो उसे नियोक्ता के बिना साबित हुए दस्तावेज़ी सबूतों के आधार पर नौकरी से नहीं निकाला जा सकता। कोर्ट ने ज़ोर देकर कहा कि नियोक्ता को ऐसे दस्तावेज़ी सबूतों को गवाहों के ज़रिए साबित करना होगा ताकि कर्मचारी को गवाह से जिरह करने का मौका मिल सके।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने यह टिप्पणी तब की, जब वे यूपी कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड के कर्मचारी की बर्खास्तगी रद्द कर रहे थे।...

दिल्ली हाईकोर्ट ने उपदेशक अनिरुद्धाचार्य के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की, AI डीपफेक और मीम कंटेंट पर लगाई रोक
दिल्ली हाईकोर्ट ने उपदेशक अनिरुद्धाचार्य के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की, AI डीपफेक और मीम कंटेंट पर लगाई रोक

दिल्ली हाईकोर्ट ने आध्यात्मिक उपदेशक अनिरुद्धाचार्य के पक्ष में एकतरफा अंतरिम रोक का आदेश दिया। यह आदेश डिजिटल प्लेटफॉर्म पर AI-जनरेटेड कंटेंट, डीपफेक और मीम-आधारित सामग्री के ज़रिए उनके व्यक्तित्व के अनाधिकृत इस्तेमाल को रोकने के लिए दिया गया।जस्टिस तुषार राव गेडेला ने उपदेशक द्वारा दायर मुकदमे की सुनवाई करते हुए यह 'जॉन डो' आदेश पारित किया। उपदेशक ने आरोप लगाया कि विभिन्न प्रतिवादियों, जिनमें अज्ञात संस्थाएं भी शामिल हैं, द्वारा उनकी पहचान, आवाज़, रूप और शिक्षाओं का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग...

शादी के बाहर महिला द्वारा आपसी सहमति से बनाया गया शारीरिक संबंध व्यभिचार, तथ्यों की गलतफहमी नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रेप की FIR रद्द की
'शादी के बाहर महिला द्वारा आपसी सहमति से बनाया गया शारीरिक संबंध व्यभिचार, तथ्यों की गलतफहमी नहीं': पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रेप की FIR रद्द की

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यह फैसला दिया कि जहां कोई वयस्क महिला अपनी मर्ज़ी से लंबे समय तक किसी के साथ शारीरिक संबंध बनाती है तो ऐसे आचरण को तथ्यों की गलतफहमी के आधार पर किया गया काम नहीं माना जा सकता, जिससे कि उस पर IPC की धारा 376 के तहत रेप का आरोप लगाया जा सके। कोर्ट ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में यह रिश्ता आपसी सहमति से बने संबंध को दर्शाता है।जस्टिस एन.एस. शेखावत IPC की धारा 376(2) के तहत दर्ज FIR रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। यह FIR पीड़िता के पति की शिकायत पर IPC...

भरण-पोषण बार-बार मिलने वाला अधिकार, समझौते का उल्लंघन होने पर पत्नी फिर से शुरू कर सकती है पुरानी अर्जी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
भरण-पोषण बार-बार मिलने वाला अधिकार, समझौते का उल्लंघन होने पर पत्नी फिर से शुरू कर सकती है पुरानी अर्जी: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में यह टिप्पणी की कि अगर कोई पति मध्यस्थता समझौते की शर्तों का उल्लंघन करता है तो पत्नी को भरण-पोषण के लिए नई अर्जी दाखिल करने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि वह पहले से शुरू की गई कार्यवाही को ही आगे बढ़ा सकती है।हाईकोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भरण-पोषण का अधिकार कोई एक बार मिलने वाला तोहफ़ा नहीं है, बल्कि यह एक गतिशील और बार-बार मिलने वाला अधिकार है, जो हर बार दायित्व के उल्लंघन पर नए सिरे से लागू हो जाता है।जस्टिस मदन पाल सिंह की पीठ मूल रूप से एक पति द्वारा दायर...

वकील ने जज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों के साथ लिंक्डइन पर की थी पोस्ट, हाईकोर्ट ने तय किए आपराधिक अवमानना ​​के आरोप
वकील ने जज के खिलाफ 'अपमानजनक' टिप्पणियों के साथ लिंक्डइन पर की थी पोस्ट, हाईकोर्ट ने तय किए आपराधिक अवमानना ​​के आरोप

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महिला वकील के खिलाफ आपराधिक अवमानना ​​के आरोप तय किए। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक न्यायिक अधिकारी के खिलाफ कोर्ट के अंदर और लिंक्डइन पर एक सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए, कथित तौर पर अपमानजनक आरोप लगाए।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की एक डिवीज़न बेंच ने यह आदेश एक 'सुओ मोटो' (स्वतः संज्ञान) अवमानना ​​मामले में दिया, जिसे ट्रायल कोर्ट से मिले एक रेफरेंस के आधार पर शुरू किया गया।अवमानना ​​की यह कार्यवाही तीस हज़ारी कोर्ट में लंबित दो क्रॉस FIRs (एक-दूसरे...

गुज़ारा भत्ता न चुकाने के कारण मई 2025 से लगातार हिरासत में व्यक्ति? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फ़ैमिली कोर्ट से स्पष्टीकरण मांगा
गुज़ारा भत्ता न चुकाने के कारण मई 2025 से लगातार हिरासत में व्यक्ति? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फ़ैमिली कोर्ट से स्पष्टीकरण मांगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा की फ़ैमिली कोर्ट से उस व्यक्ति की लगातार हिरासत के बारे में स्पष्टीकरण मांगा, जिसने गुज़ारा भत्ता नहीं चुकाया। आरोप है कि वह व्यक्ति 23 मई, 2025 से लगातार हिरासत में है।जस्टिस प्रवीण कुमार गिरि की बेंच ने यह स्पष्टीकरण तब मांगा, जब वह प्रेम सिंह नाम के एक व्यक्ति द्वारा दायर क्रिमिनल रिवीज़न याचिका पर सुनवाई कर रही थी। प्रेम सिंह ने मथुरा की फ़ैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज द्वारा 9 जनवरी, 2026 को CrPC की धारा 125(3) के तहत एक कार्यवाही में पारित आदेश को चुनौती दी थी।...

एक्टर शाहरुख खान के सामने झुकते PM Modi की मॉर्फ्ड तस्वीर पोस्ट करने के आरोपी को मिली जमानत
एक्टर शाहरुख खान के सामने झुकते PM Modi की मॉर्फ्ड तस्वीर पोस्ट करने के आरोपी को मिली जमानत

दिल्ली कोर्ट ने ऐसे व्यक्ति को ज़मानत दी, जिस पर अपने X (पहले ट्विटर) अकाउंट पर एक AI-जनरेटेड मॉर्फ्ड तस्वीर पोस्ट करने का आरोप था। इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिल्म एक्टर शाहरुख खान के सामने झुकते हुए दिखाया गया था।पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशन जज सौरभ प्रताप सिंह लालेर ने मुजाहिद जमाल शेख को ज़मानत देते हुए कहा कि उसके खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि पुलिस हिरासत रिमांड ली गई थी, लेकिन कोई बरामदगी नहीं हुई।जज ने यह भी कहा कि आरोपी ने 14 मार्च को...