ताज़ा खबरे
2025 के सुप्रीम कोर्ट के 100 महत्वपूर्ण फैसले - पार्ट 4 [76-100]
हर साल की इस तरह इस साल भी लाइव लॉ आपने अंत की ओर बढ़ते वर्ष, 2025 के सुप्रीम कोर्ट के 100 महत्वपूर्ण निर्णयों की सूची लेकर आया है। आइये जानते हैं, सुप्रीम कोर्ट ने इस बीते वर्ष में किन अहम मुद्दों पर परिवर्तनकारी, रोचक और समाज-सुधार के क्षेत्र में अहम फ़ैसले दिए। प्रस्तुत है इन 100 फैसलों की दूसरी सूची- पार्ट-41.सशस्त्र बल न्यायाधिकरण को कोर्ट-मार्शल दोषसिद्धि को संशोधित करने और कम दंड लगाने का अधिकार: सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (10 अक्टूबर) को कहा कि सशस्त्र बल न्यायाधिकरण अधिनियम,...
सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद-शरजील इमाम की जमानत खारिज, पांच अन्य की जमानत मंजूर
सुप्रीम कोर्ट ने आज (5 जनवरी) दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध सामग्री से उनके खिलाफ यूएपीए, 1967 के तहत प्रथमदृष्टया मामला बनता है। साथ ही, कोर्ट ने मामले के अन्य पाँच आरोपियों — गुलफिशा फ़ातिमा, मीरा हैदर, शिफ़ा-उर-रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद — को जमानत दे दी है।कोर्ट ने कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम एक वर्ष बाद या संरक्षित गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद अपनी जमानत याचिका दोबारा दायर कर सकते हैं।...
भगवद्गीता राज्य को लोककल्याण के कर्तव्य की याद दिलाती है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण का आदेश
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय संवैधानिक व्यवस्था राजधर्म की सभ्यतागत अवधारणा पर आधारित है, जहां शासन का मार्गदर्शन न्याय, निष्पक्षता और करुणा से होना चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई भी कल्याणकारी राज्य कर्मचारियों से वर्षों तक निरंतर सेवा लेकर उन्हें स्थायी असुरक्षा में नहीं रख सकता।जस्टिस संदीप मौदगिल ने भगवद्गीता के लोकसंग्रह के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक शक्ति का प्रयोग केवल प्रशासनिक सुविधा के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक स्थिरता और सामूहिक कल्याण के लिए होना...
अनुशासनात्मक कार्रवाई के भय से जमानत देने में हिचक रहे हैं ट्रायल कोर्ट जज: सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के जजों द्वारा जमानत देने में बढ़ती हिचक पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि अनुशासनात्मक कार्रवाई के भय के कारण वे अपने विवेकाधिकार का प्रयोग करने से कतराते हैं। कोर्ट ने चेतावनी दी कि ऐसा माहौल न्यायिक स्वतंत्रता को कमजोर करता है। इसी कारण हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट जमानत याचिकाओं से भरे पड़े हैं।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की खंडपीठ ने कहा कि केवल संदेह के आधार पर या विवेकाधिकार के कथित गलत प्रयोग को लेकर न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ विभागीय...
अजमेर शरीफ दरगाह पर प्रधानमंत्री द्वारा चादर चढ़ाने की परंपरा को चुनौती देने वाली याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें अजमेर शरीफ दरगाह पर प्रधानमंत्री द्वारा चादर चढ़ाने की परंपरा को चुनौती दी गई थी। याचिका में केंद्र सरकार और उसकी संस्थाओं द्वारा सूफी संत हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती और अजमेर दरगाह को दिए जा रहे राज्य-प्रायोजित सम्मान और प्रतीकात्मक मान्यता पर भी आपत्ति जताई गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने यह कहते हुए याचिका खारिज की कि इसमें मांगी गई राहत न्यायिक विचार योग्य (जस्टिसिएबल) नहीं...
विस्तृत आदेश से पहली जमानत याचिका खारिज होने के बाद केवल लंबी हिरासत आधार नहीं बन सकती — पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आदर्श ग्रुप ऑफ कंपनियों से जुड़े एसएफआईओ (SFIO) जांच मामले में आरोपी द्वारा दायर दूसरी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि क्रमिक/दूसरी जमानत याचिका स्वतः ही अवैध नहीं होती, लेकिन केवल लम्बी अवधि की हिरासत को आधार बनाकर जमानत नहीं दी जा सकती, जब तक कि परिस्थितियों में कोई ठोस और महत्वपूर्ण बदलाव न दिखाया जाए।जस्टिस मनिषा बत्रा ने कहा —“यद्यपि दूसरी या क्रमिक नियमित जमानत याचिका केवल अनुरक्षण (maintainability) के आधार पर खारिज नहीं की जा सकती,...
गुजरात SEZ से ली गई बिजली पर कस्टम ड्यूटी छूट — सुप्रीम कोर्ट ने अडाणी पावर के पक्ष में फैसला दिया
सुप्रीम कोर्ट ने आज (5 जनवरी) अडाणी पावर लिमिटेड द्वारा गुजरात हाईकोर्ट के वर्ष 2019 के आदेश के खिलाफ दायर अपील स्वीकार करते हुए कंपनी को राहत दी। गुजरात हाईकोर्ट ने 2019 में यह कहते हुए राहत देने से इनकार कर दिया था कि कंपनी ने कस्टम ड्यूटी लगाने वाली बाद की अधिसूचनाओं को चुनौती नहीं दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस निर्णय को गलत ठहराते हुए कहा कि 2015 का निर्णय सिद्धांत रूप से बाद की अवधि पर भी लागू होता है।अडाणी पावर लिमिटेड मुंद्रा पोर्ट स्थित अपने कोयला-आधारित थर्मल पावर प्लांट से विशेष आर्थिक...
हत्या के शिकार BSP नेता आर्मस्ट्रांग की पत्नी ने CBI जांच याचिका को मद्रास हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग की
बहुजन समाज पार्टी (BSP) नेता व प्रमुख दलित कार्यकर्ता के. आर्मस्ट्रांग की पत्नी पोरकोडी ने अपने पति की हत्या की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को हस्तांतरित कराने संबंधी अपनी याचिका को मद्रास हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग करते हुए शीर्ष न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।याचिका में कहा गया है कि इसी मामले से संबंधित एक समान मुद्दा — अर्थात जांच को CBI को सौंपने का प्रश्न — पहले से ही सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित है, जहां राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के CBI जांच के आदेश को...
केंद्र सरकार ने 'ग्रोक' AI के दुरुपयोग से अश्लील कंटेंट बनाने के मामले में X कॉर्प को लिखा पत्र, 3 दिनों के अंदर मांगी कार्रवाई रिपोर्ट
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने X कॉर्प (पहले ट्विटर) को विस्तृत नोटिस जारी किया, जिसमें प्लेटफॉर्म पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और IT (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) Rules, 2021 के तहत वैधानिक उचित सावधानी दायित्वों का पालन न करने का आरोप लगाया गया। खासकर अपनी AI-आधारित सेवा "ग्रोक" के कथित दुरुपयोग से अश्लील और यौन रूप से आपत्तिजनक कंटेंट बनाने और फैलाने के संबंध में।2 जनवरी, 2026 की तारीख वाले नोटिस में X को चेतावनी दी गई कि लगातार नियमों का...
Bar Council Elections : सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांग वकीलों के लिए नॉमिनेशन फीस कम की, BCI से उनके प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने को कहा
इस बात पर ध्यान देते हुए कि विभिन्न स्टेट बार काउंसिलों के लिए चुनाव प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस स्तर पर बार काउंसिलों में दिव्यांग वकीलों के लिए आरक्षण अनिवार्य करने वाले निर्देश जारी करने से परहेज किया। हालांकि, कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को संबंधित प्रावधानों में संशोधन करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य के चुनावों में दिव्यांग वकीलों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व हो।कोर्ट ने दिव्यांग वकीलों के लिए नॉमिनेशन...
IRCTC घोटाला: दिल्ली हाईकोर्ट ने लालू प्रसाद यादव की चार्ज फ्रेमिंग के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें कथित IRCTC घोटाले मामले में उनके खिलाफ आरोप तय करने को चुनौती दी गई।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने CBI से जवाब मांगा और मामले की सुनवाई के लिए 14 जनवरी की तारीख तय की।यादव की तरफ से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल पेश हुए। CBI की तरफ से सीनियर एडवोकेट और SPP डीपी सिंह पेश हुए।13 अक्टूबर, 2025 को पारित आदेश में ट्रायल कोर्ट ने यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे...
HMA की धारा 13B | आपसी सहमति से तलाक में 6 माह की कूलिंग ऑफ अवधि अनिवार्य नहीं: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया, जिसमें पति-पत्नी की आपसी सहमति से तलाक की याचिका को केवल इस आधार पर खारिज कर दिया गया कि हिंदू विवाह अधिनियम 1955 (HMA) की धारा 13बी के तहत छह माह की कूलिंग ऑफ अवधि का पालन किया जाना आवश्यक है।न्यायालय ने स्पष्ट किया कि छह माह की यह अवधि अनिवार्य नहीं बल्कि निर्देशात्मक (डायरेक्टरी) है। अदालत ने कहा कि जब दंपति के बीच सुलह की कोई संभावना नहीं है तो केवल औपचारिकता के नाम पर तलाक से इनकार करना उनके मानसिक कष्ट को...
आपराधिक शिकायत की वापसी का विरोध करने का तीसरे पक्ष को अधिकार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी आपराधिक शिकायत की वापसी का विरोध करने का अधिकार किसी ऐसे तीसरे पक्ष को नहीं है, जो न तो पीड़ित हो और न ही स्वयं शिकायतकर्ता।अदालत ने कहा कि ऐसा कोई व्यक्ति आपराधिक कार्यवाही को पुनर्जीवित कराने का दावा नहीं कर सकता।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की एकल पीठ ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी, जिसमें एक निजी शिकायत को वापस लेने की अनुमति दी गई थी।अदालत ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की याचिकाओं को सहज रूप से स्वीकार किया गया तो कोई भी...
प्रथम दृष्टया भारतीय नागरिकता स्थापित: बांग्लादेशी माता-पिता होने के आरोप के बावजूद गुजरात हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत दी
गुजरात हाईकोर्ट ने उस व्यक्ति को नियमित जमानत प्रदान की, जिस पर बांग्लादेशी माता-पिता होने के बावजूद अवैध रूप से भारतीय पासपोर्ट प्राप्त करने का आरोप लगाया गया था।न्यायालय ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी पासपोर्ट के आधार पर आरोपी ने प्रथम दृष्टया अपनी भारतीय नागरिकता स्थापित की है।जस्टिस निखिल एस. करियल ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता के विरुद्ध मुख्य आरोप यह है कि वह भारतीय नागरिक नहीं है। हालांकि रिकॉर्ड से यह प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता के पास भारतीय पासपोर्ट है, जिसे जाली नहीं...
NDPS मामले में आरोपी होने पर वाहन के पंजीकृत मालिक को अंतरिम सुपुर्दगी का अधिकार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी NDPS (मादक पदार्थ) मामले में जब्त किए गए वाहन का पंजीकृत मालिक स्वयं उसी मामले में आरोपी है तो केवल स्वामित्व के आधार पर उसे वाहन की अंतरिम सुपुर्दगी (सुपरदारी) नहीं दी जा सकती।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की एकल पीठ ने यह टिप्पणी याचिका खारिज करते हुए की, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा वाहन की अंतरिम रिहाई से इनकार किए जाने के आदेश को चुनौती दी गई।FIR के अनुसार संबंधित वाहन से लगभग 52 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किया गया। उक्त वाहन का पंजीकृत मालिक याचिकाकर्ता...
केवल निर्णय में त्रुटि पर जज के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हो सकती: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल कथित रूप से गलत या त्रुटिपूर्ण न्यायिक आदेश पारित करने के आधार पर जिला न्यायपालिका के किसी न्यायिक अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जा सकती।अदालत ने मध्य प्रदेश के एक न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी रद्द करते हुए हाईकोर्ट को इस तरह की यांत्रिक कार्रवाई से सावधान रहने को कहा है।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने निर्भय सिंह सुलिया की अपील स्वीकार की। सुलिया को वर्ष 2014 में अतिरिक्त जिला एवं सत्र जज के पद पर रहते हुए सेवा...
सड़क पर पैदल चलने वाले और मवेशी हों तो वाहन की गति धीमी करना अनिवार्य; ऐसा न करना लापरवाही: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक घातक सड़क दुर्घटना मामले में दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए कहा है कि जब सड़क पर पैदल यात्री और मवेशी चल रहे हों, तो चालक का कर्तव्य है कि वह वाहन की गति कम करे और सावधानी से ड्राइव करे। ऐसी स्थिति में गति कम न करना और सावधानी न बरतना लापरवाही (नेग्लिजेंस) माना जाएगा।जस्टिस राकेश कैंथला ने टिप्पणी की कि—“ड्राइवर को वाहन इस तरह चलाना चाहिए कि किसी व्यक्ति या जानवर को चोट न पहुँचे… वर्तमान मामले में आरोपी ने सड़क पर मवेशियों और लोगों की आवाजाही के बावजूद वाहन धीमा नहीं...
ओपन कट-ऑफ से अधिक अंक पाने वाले आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार ओपन श्रेणी की नियुक्ति के हकदार: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आरक्षित श्रेणी से संबंधित वे अभ्यर्थी, जो जनरल/ओपन कैटेगरी की कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त करते हैं और किसी विशेष रियायत का लाभ नहीं लेते, उन्हें उनकी आरक्षित श्रेणी तक सीमित नहीं किया जा सकता। ऐसे उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्टिंग के चरण पर भी ओपन कैटेगरी में शामिल किया जाना अनिवार्य है।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने राजस्थान हाई कोर्ट प्रशासन और रजिस्ट्रार की अपीलों को खारिज करते हुए 18 सितंबर 2023 के डिवीजन बेंच के निर्णय को कायम...
युवा लिव-इन जोड़े को संरक्षण, लेकिन कम उम्र में लिए गए जीवन निर्णयों के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर एमपी हाईकोर्ट की चेतावनी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 20-20 वर्ष के एक लिव-इन जोड़े को पुलिस संरक्षण प्रदान करते हुए यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि संविधान द्वारा प्रदत्त व्यक्तिगत अधिकारों का अस्तित्व होना और हर परिस्थिति में उनका प्रयोग करना दोनों अलग-अलग बातें हैं।जस्टिस गजेंद्र सिंह की एकलपीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि यद्यपि वयस्क व्यक्तियों को अपनी इच्छा से रहने का अधिकार है, लेकिन कम उम्र में माता-पिता से अलग स्वतंत्र जीवन चुनने के गंभीर सामाजिक और आर्थिक परिणाम हो सकते हैं जिन पर युवाओं को गंभीरता से विचार करना...
दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित हेरफेर के मामले में JEE स्टूडेंट्स की याचिका खारिज की, एक माह की सामुदायिक सेवा करने का आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने JEE (मेन) 2025 परीक्षा में उत्तर पत्रक में कथित हेरफेर को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के निष्कर्षों को चुनौती देने वाले दो स्टूडेंट्स की याचिका खारिज कर दी। हालांकि, कोर्ट ने उन पर लगाए गए 30,000- 30,000 के जुर्माने को हटाते हुए केवल फटकार लगाई और एक माह की सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने सिंगल जज के 22 सितंबर, 2025 के आदेश को बरकरार रखा, लेकिन दंड को सीमित करते हुए स्टूडेंट्स को क्रमशः वृद्धाश्रम और...

![2025 के सुप्रीम कोर्ट के 100 महत्वपूर्ण फैसले - पार्ट 4 [76-100] 2025 के सुप्रीम कोर्ट के 100 महत्वपूर्ण फैसले - पार्ट 4 [76-100]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2026/01/05/500x300_644685-100importantjudgmentsof2025part-4.jpg)


















