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क्या ट्रेनिंग के दौरान चोट लगने से बाहर किए गए कैडेट्स को नौकरी में आरक्षण के लिए पूर्व सैनिक माना जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार से पूछा कि क्या ट्रेनिंग के दौरान चोट या दिव्यांगता के कारण बाहर किए गए सैन्य कैडेट्स को सरकारी और अर्ध-सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ उठाने के उद्देश्य से पूर्व सैनिक माना जा सकता है।कोर्ट ने कहा,"बहस के दौरान, जिन पहलुओं पर चर्चा हुई, उनमें से एक यह था कि क्या बाहर किए गए कैडेट्स को भी विभिन्न सरकारी और अर्ध-सरकारी नौकरियों और पदों में ऐसे व्यक्तियों के लिए आरक्षण का लाभ पाने के उद्देश्य से पूर्व सैनिक या पूर्व सैन्य कर्मी माना जा सकता है। माननीय ASG...
हत्यारे को सुधारा जा सकता है, लेकिन साइबर अपराधी को नहीं बख्शा जाना चाहिए: CJI सूर्यकांत
एक साइबर अपराध मामले की सुनवाई के दौरान, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि हो सकता है कि किसी हत्यारे को रिहा करके सुधारा जा सके, लेकिन साइबर अपराधियों को बिल्कुल भी नहीं बख्शा जाना चाहिए।अदालत के सामने मौजूद आरोपी का ज़िक्र करते हुए—जिसका कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी का इतिहास रहा है—CJI ने कहा कि उसके जैसे साइबर अपराधी को एक अलग कोठरी में रखा जाना चाहिए, जहां उसे किसी भी तरह के मोबाइल फ़ोन आदि के इस्तेमाल की कोई गुंजाइश न हो।CJI ने टिप्पणी की, "इससे निपटने का यही एकमात्र...
ज़मीन वन भूमि नहीं पाई गई: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 'सैन्य धाम' युद्ध स्मारक के निर्माण के खिलाफ PIL खारिज की
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने देहरादून में 'सैन्य धाम' नाम के युद्ध स्मारक के निर्माण को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) खारिज की। कोर्ट ने यह फैसला देते हुए कहा कि राजस्व और वन अधिकारियों द्वारा किए गए एक संयुक्त सर्वेक्षण में यह ज़मीन वन भूमि नहीं पाई गई। कोर्ट ने टिप्पणी की कि जब सक्षम अधिकारियों ने ज़मीन का निरीक्षण कर यह प्रमाणित कर दिया कि यह वन भूमि का हिस्सा नहीं है तो याचिका में उठाई गई चुनौती का मूल आधार ही खत्म हो जाता है, जिससे यह आधार कानूनी रूप से टिकने लायक नहीं रह जाता।जस्टिस मनोज...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक माँ को अपनी नाबालिग बेटी का संपत्ति में हिस्सा बेचने की अनुमति दी, बताई यह वजह
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक माँ को अपनी नाबालिग बेटी का संपत्ति में हिस्सा बेचने की अनुमति दी। कोर्ट ने यह फ़ैसला उस माँ की उन मुश्किलों को देखते हुए लिया, जो उसे अपने मौजूदा घर से 600 किलोमीटर दूर स्थित ज़मीन के टुकड़े की देखभाल करने में आ रही थीं।ऐसा करते हुए कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट आदेश का रद्द किया, जिसने पहले ऐसी अनुमति देने से इनकार कर दिया था।जस्टिस हिमांशु जोशी की बेंच ने यह टिप्पणी की:"केस के रिकॉर्ड से पता चलता है कि ज़मीन अपील करने वालों के मौजूदा घर से 600 किलोमीटर दूर है और उसका...
सक्षम व्यक्ति बेरोज़गारी का बहाना बनाकर भरण-पोषण से बच नहीं सकता: उत्तराखंड हाईकोर्ट
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि बेरोज़गारी का महज़ बहाना किसी सक्षम और योग्य व्यक्ति को CrPC की धारा 125 के तहत अपने नाबालिग बच्चों के भरण-पोषण की ज़िम्मेदारी से मुक्त नहीं कर सकता। कोर्ट ने इस सिद्धांत को दोहराया कि एक सक्षम व्यक्ति के बारे में यह माना जाता है कि उसमें कमाने की क्षमता है। साथ ही जानबूझकर की गई या बिना सबूत वाली बेरोज़गारी का इस्तेमाल कानूनी ज़िम्मेदारी से बचने के लिए नहीं किया जा सकता। इस सिद्धांत को लागू करते हुए कोर्ट ने दो नाबालिग बच्चों को दिए गए भरण-पोषण में दखल देने...
जजों के रिहायशी बंगलों में बंदरों का आतंक: सुप्रीम कोर्ट ने 'बंदर भगाने वालों' को रखने के लिए टेंडर जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने टेंडर नोटिस जारी किया, जिसमें एजेंसियों से अपने जजों के रिहायशी बंगलों में बंदरों के आतंक को रोकने के लिए मैनपावर (कर्मचारी) उपलब्ध कराने के लिए बोलियां आमंत्रित की गईं।गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के ज़रिए जारी एक नोटिस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसका इरादा खुले बाज़ार से वेंडरों और एजेंसियों से ऑनलाइन बोलियां आमंत्रित करने का है। ये बोलियां ऐसे कर्मचारियों को उपलब्ध कराने के लिए मांगी गईं, जिन्हें "बंदर भगाने वाले/पकड़ने वाले/दूर हटाने वाले (Monkey Scarers)" के तौर...
West Bengal SIR | सुप्रीम कोर्ट ने INC उम्मीदवार से कहा - इलेक्टोरल रोल से नाम हटने पर अपीलीय ट्रिब्यूनल जाएं
सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन नेशनल कांग्रेस के टिकट पर आने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार महताब शेख को SIR प्रक्रिया के बाद इलेक्टोरल रोल से अपना नाम हटाए जाने के खिलाफ कोलकाता में हाल ही में बने अपीलीय ट्रिब्यूनल में जाने की इजाज़त दी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की।संक्षेप में मामलायाचिकाकर्ता ने कोर्ट का दरवाज़ा इसलिए खटखटाया था, क्योंकि उसे 'एडजुडिकेशन डिलीशन लिस्ट' में डाल दिया गया, जिसके...
OBC आरक्षण कोटा में बढ़ोतरी को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 27 अप्रैल से सुनवाई शुरू करेगा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपनी रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि 2019 के उस अध्यादेश से जुड़े सभी मामलों को, जिसमें OBC आरक्षण कोटा बढ़ाया गया, 27 अप्रैल, 2026 से सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।यह विवाद राज्य सरकार द्वारा मार्च 2019 में पारित एक अध्यादेश से शुरू हुआ, जिसमें पोस्टग्रेजुएट मेडिकल दाखिलों में OBC आरक्षण को बढ़ाया गया। इससे पहले, OBC श्रेणी के लिए आरक्षण 14% था, जिसे बढ़ाकर 27% कर दिया गया।इस बढ़ोतरी के परिणामस्वरूप, कुल आरक्षण 50% की उस सीमा से अधिक हो गया, जो सुप्रीम कोर्ट ने 'इंद्रा...
वॉल्यूम 1 गीत पर हाईकोर्ट की सख्ती, अश्लील और आपत्तिजनक बताकर तत्काल हटाने का आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने गायक हनी सिंह और बादशाह के पुराने विवादित गीत वॉल्यूम 1 को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से तत्काल हटाने का आदेश दिया।जस्टिस पुरुषेन्द्र कौर्व ने कहा कि गीत के बोल अत्यंत अश्लील, अभद्र और महिलाओं के प्रति अपमानजनक हैं, जिन्हें किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता।अदालत ने निर्देश दिया कि इस गीत से जुड़े सभी लिंक, रीमिक्स या अन्य संस्करणों को सोशल मीडिया, म्यूजिक प्लेटफॉर्म और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से तुरंत हटाया जाए। साथ ही गीत से जुड़े सभी...
बिना मंजूरी सरकारी कर्मचारी पर मुकदमा अमान्य: पटना हाईकोर्ट ने वन अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही रद्द की
पटना हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ बिना पूर्व स्वीकृति के शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही शुरुआत से ही अवैध होती है। अदालत ने वन विभाग के एक रेंज अधिकारी के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द की।जस्टिस जितेंद्र कुमार की एकल पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी।मामला एक शिकायत से जुड़ा था, जिसमें आरोप लगाया गया कि अधिकारी ने ट्रैक्टर रोककर मारपीट की 25 हजार रुपये की मांग की और मोबाइल छीन लिया। ट्रायल कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए समन जारी किया।याचिकाकर्ता...
जिला अदालतों की सुरक्षा व्यवस्था लगातार समीक्षा के दायरे में रहे: दिल्ली हाईकोर्ट, स्वतः संज्ञान मामला बंद
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी की सभी जिला अदालतों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अहम निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस इन व्यवस्थाओं को जारी रखे और समय-समय पर उनकी समीक्षा भी करे। इसके साथ ही अदालत ने स्वतः संज्ञान से शुरू किए गए मामले को समाप्त किया।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय, जस्टिस वी कामेश्वर राव और जस्टिस नितिन वासुदेवो सांबरे की पूर्ण पीठ ने यह आदेश पारित किया।अदालत ने निर्देश दिया,“जिला अदालतों में लागू की गई सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी और पुलिस अधिकारी संबंधित जिला एवं सेशन जजों के साथ मिलकर इसकी...
हनी-ट्रैप वसूली गिरोह पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त: यूपी पुलिस को जांच और कड़ी निगरानी के निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मेरठ जोन में संचालित कथित हनी-ट्रैप और ब्लैकमेल गिरोह की जांच के आदेश दिए हैं। अदालत ने मेरठ जोन के पुलिस महानिरीक्षक (IG) को इस पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया।जस्टिस जे जे मुनीर और जस्टिस तरून सक्सेनाकी खंडपीठ ने कहा कि इस तरह के गिरोह का अस्तित्व, जो महिलाओं के जरिए लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करता है, समाज की “गंभीर रूप से चिंताजनक स्थिति” को दर्शाता है।अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि इस तरह के अपराधों को जारी रहने दिया गया, तो एक...
SARFAESI | अगर बकाया रकम समय सीमा के बाद चुकाई गई हो तो नीलामी बिक्री से कर्जदारों का संपत्ति वापस पाने का अधिकार खत्म नहीं होता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि Securitisation and Reconstruction of Financial Assets and Enforcement of Security Interest (SARFAESI) Act, 2002 के तहत अगर कोई नीलामी खरीदार तय समय के अंदर बिक्री की बकाया रकम जमा करने में नाकाम रहता है तो बिक्री अधूरी मानी जाती है और उसे अंतिम रूप नहीं मिलता। नतीजतन, अगर कर्जदार लेनदार को अपना पूरा बकाया कर्ज चुका देता है तो उससे उसकी संपत्ति छीनी नहीं जा सकती।कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अगर Security Interest (Enforcement) Rules, 2002 के Rule 9(4) में तय 3 महीने की समय...
शराब नीति मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल समेत अन्य को ED की 'प्रतिकूल टिप्पणियों' के खिलाफ याचिका पर जवाब देने का अंतिम मौका दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं Arvind Kejriwal, Manish Sisodia सहित अन्य आरोपियों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम अवसर दिया।जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने निर्देश दिया कि सभी प्रतिवादी एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करें, अन्यथा उनका जवाब दाखिल करने का अधिकार समाप्त कर दिया जाएगा।सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने कोर्ट को बताया कि अब तक केवल विनोद चौहान ने ही जवाब दाखिल किया है, जबकि एक अन्य व्यक्ति ने जवाब दाखिल...
अपील/रिवीजन में संशोधन पर Order VI Rule 17 का प्रावधान सख्ती से लागू नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश VI नियम 17 का वह प्रावधान, जो ट्रायल शुरू होने के बाद संशोधन पर रोक लगाता है, अपील और पुनरीक्षण (revision) कार्यवाही में सख्ती से लागू नहीं होता।जस्टिस योगेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने कहा कि यह प्रावधान मूल रूप से सिविल मुकदमों (trial) में pleadings के संशोधन को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है, ताकि साक्ष्य शुरू होने के बाद देरी से बदलाव कर प्रक्रिया को प्रभावित न किया जा सके। इसलिए इसे अपील या पुनरीक्षण...
BCD चुनाव में दखल से हाईकोर्ट का इनकार, कहा- मतों के मिलान के बाद ही घोषित होंगे नतीजे
दिल्ली हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) चुनाव 2026 की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि चुनाव परिणाम तभी घोषित किए जाएंगे जब सभी मतों और बैलेट का मिलान पूरा हो जाएगा।जस्टिस अमित बंसल ने यह टिप्पणी उन 9 उम्मीदवारों की याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिन्होंने मतदान और मतगणना के आंकड़ों में कथित अंतर का मुद्दा उठाया था।BCD चुनाव 21 से 23 फरवरी के बीच आयोजित हुए थे जिनकी निगरानी रिटायरमेंट जस्टिस तलवंत सिंह द्वारा की जा रही है, जिन्हें रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया...
चुनाव याचिका का फैसला रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आधार पर ही होना चाहिए, सबूतों की कमी पूरी करने के लिए इसे वापस नहीं भेजा जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि चुनाव याचिका का फैसला रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आधार पर ही किया जाना चाहिए। अपीलीय अदालत के लिए यह स्वीकार्य नहीं है कि वह चुनाव याचिकाओं को दोबारा विचार के लिए वापस भेज दे, सिर्फ इसलिए कि नए सबूत पेश किए जा सकें या गवाहों को बुलाकर विशेषज्ञों से जांच कराई जा सके, जबकि ये मुद्दे चुनाव ट्रिब्यूनल के सामने उठाए ही नहीं गए।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने अपीलकर्ता के 'दोहरे मतदान' (Double...
रिश्वत में दोषी कर्मचारी पर विभागीय जांच जरूरी नहीं, बर्खास्तगी बरकरार: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि रिश्वत के मामले में दोषसिद्ध सरकारी कर्मचारी के खिलाफ विस्तृत विभागीय जांच की आवश्यकता नहीं होती। अदालत ने एक पूर्व सरकारी कर्मचारी की सेवा से बर्खास्तगी के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया।जस्टिस विशाल धगत की पीठ ने कहा कि जब किसी कर्मचारी को आपराधिक मामले में पूरा अवसर मिल चुका हो और उसे दोषी ठहराया जा चुका हो, तो उसी तथ्यों पर दोबारा विभागीय जांच कराना सार्वजनिक हित और प्रशासनिक दक्षता के विपरीत होगा।मामले के अनुसार, याचिकाकर्ता को...
गडचिरोली आगजनी मामले में सुनवाई से जस्टिस चंदुरकर अलग, सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत याचिका पर टली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में गडचिरोली आगजनी मामले से जुड़े एडवोकेट सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस अतुल चंदुरकर ने खुद को मामले से अलग कर लिया।यह मामला जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल चंदुरकर की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध था। इससे पहले जस्टिस एमएम सुंदरश भी इस मामले की सुनवाई से अलग हो चुके हैं।मामला वर्ष 2016 के गडचिरोली आगजनी कांड से जुड़ा है, जिसमें सुरेंद्र गाडलिंग ने बॉम्बे हाइकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार किया गया था।गाडलिंग पर आरोप है...
शनिवार को काम नहीं करेंगे वकील: दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का फैसला
दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की कि उसके सदस्य हर महीने के पहले और तीसरे शनिवार को छुट्टी पर रहेंगे। यह निर्णय उस व्यवस्था के विरोध में लिया गया, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट ने इन शनिवारों को कार्य दिवस घोषित किया।बार एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में कहा कि हाईकोर्ट से कई बार इस फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया लेकिन कोई बदलाव नहीं किया गया। इसके बाद कार्यकारिणी समिति ने यह कदम उठाया।प्रस्ताव के अनुसार वकीलों ने शनिवार की सुनवाई से जुड़ी कई...




















