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Zee News और News18 ने अपनी न्यूज में भारतीय नागरिक को बताया था पाकिस्तानी आतंकवादी, कोर्ट ने FIR दर्ज करने का दिया आदेश
Zee News और News18 ने अपनी न्यूज में भारतीय नागरिक को बताया था 'पाकिस्तानी आतंकवादी', कोर्ट ने FIR दर्ज करने का दिया आदेश

पुंछ के स्थानीय कोर्ट ने पुलिस को Zee News, News18 और अन्य अनाम राष्ट्रीय टेलीविजन मीडिया हाउस के एडिटरों और एंकरों के खिलाफ़ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है, जिन्होंने पहलगाम हमले के बाद सीमा पार से हुई गोलीबारी में मारे गए एक स्थानीय शिक्षक को बिना सत्यापन के गलत तरीके से "पाकिस्तानी आतंकवादी" के रूप में ब्रांड किया था।अदालत ने कहा कि इस गलती को "पत्रकारिता की चूक" नहीं माना जा सकता, क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच शत्रुता के दौरान ऐसी रिपोर्टिंग से सार्वजनिक उपद्रव हो सकता है और सामाजिक...

POCSO Act | आरोपी की DNA रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अभियोजन पक्ष ने नहीं की आगे जांच की मांग, हाईकोर्ट ने हैरान होकर फिर से जांच के दिए आदेश
POCSO Act | आरोपी की DNA रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अभियोजन पक्ष ने नहीं की आगे जांच की मांग, हाईकोर्ट ने 'हैरान' होकर फिर से जांच के दिए आदेश

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में POCSO मामले में फिर से जांच के आदेश दिए। इस मामले में हाईकोर्ट ने पाया कि आरोपी के DNA टेस्ट के निगेटिव आने के बाद भी पुलिस आगे की जांच करने में विफल रही। न्यायालय ने कहा कि मामले में वास्तविक अपराधी का पता लगाने के लिए आगे की जांच बहुत जरूरी है।न्यायालय ने कहा,“यह चौंकाने वाला है कि निगेटिव DNA रिपोर्ट के बावजूद अभियोजन पक्ष ने आगे की जांच के लिए न्यायालय से अनुमति नहीं मांगी या गर्भावस्था के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान करने का प्रयास नहीं किया। दो संभावनाएं...

आरोपी गवाहों के लिए अजनबी हों तो आईडेंटिफिकेशन परेड जरूरी: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 13 साल बाद आरोपी को किया बरी
आरोपी गवाहों के लिए अजनबी हों तो आईडेंटिफिकेशन परेड जरूरी: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 13 साल बाद आरोपी को किया बरी

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 13 साल बाद मारपीट के मामले में कई आरोपियों को बरी करते हुए कहा कि जब आरोपी गवाह के लिए अजनबी हों तो आईडेंटिफिकेशन परेड (Identification Parade) जरूरी है। न्यायालय ने कहा कि पहचान स्थापित करने में विफलता मामले की जड़ तक जाती है, क्योंकि इससे यह संभावना पैदा होती है कि आरोपी की गलत पहचान की गई थी।जस्टिस सुशील कुकरेजा ने कहा,"अभियोजन पक्ष द्वारा जांचे गए इन गवाहों यानी पीडब्लू-1 से पीडब्लू-3 के बयानों का एकमात्र अवलोकन इस तथ्य का स्पष्ट संकेत देता है कि कुछ आरोपी व्यक्ति...

दूसरे अभ्यर्थी के उत्तरों की नकल करते हुए पकड़े गए IIT-JEE अभ्यर्थी को हाईकोर्ट ने दी राहत दी
दूसरे अभ्यर्थी के उत्तरों की नकल करते हुए पकड़े गए IIT-JEE अभ्यर्थी को हाईकोर्ट ने दी राहत दी

राजस्थान हाईकोर्ट ने IIT-JEE अभ्यर्थी को राहत प्रदान की है, जिसे राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 और 2026-27 के लिए परीक्षा देने से प्रतिबंधित कर दिया था। उक्त अभ्यर्थी को इसलिए प्रतिबंधित किया गया था, क्योंकि उसे कथित तौर पर अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पाया गया था और वह अपने बगल में बैठे एक साथी अभ्यर्थी की उत्तर पुस्तिका देख रहा था।इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि सुनवाई का अवसर दिए बिना ऐसा कलंकपूर्ण दंड नहीं लगाया जा सकता, जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि लगाया गया...

दिल्ली कोर्ट ने 2016 से लापता JNU स्टूडेंट नजीब अहमद के मामले में क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार की
दिल्ली कोर्ट ने 2016 से लापता JNU स्टूडेंट नजीब अहमद के मामले में क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार की

दिल्ली कोर्ट ने 2016 से लापता जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) स्टूडेंट नजीब अहमद के लापता होने के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दायर क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार की।राउज एवेन्यू कोर्ट की एडिशनल चीफ न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योति माहेश्वरी ने यह आदेश पारित किया।हालांकि, अदालत ने CBI को उसके ठिकाने के बारे में कोई विश्वसनीय जानकारी मिलने पर जांच फिर से शुरू करने की स्वतंत्रता दी। एजेंसी को तदनुसार अदालत को सूचित करने का निर्देश दिया।27 वर्षीय अहमद जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में एमएससी...

ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम जिला परिषद कर्मचारियों पर भी लागू होता है: बॉम्बे हाईकोर्ट
ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम जिला परिषद कर्मचारियों पर भी लागू होता है: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट (नागपुर बेंच) की जस्टिस एमएस जावलकर की एकल पीठ ने माना कि ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972 जिला परिषद कर्मचारियों पर लागू होता है। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अधिनियम की धारा 4(6) के तहत अगर कोई कर्मचारी नैतिक रूप से भ्रष्ट है और उस पर आपराधिक कार्यवाही चल रही है तो ग्रेच्युटी रोकी जा सकती है या जब्त की जा सकती है। पृष्ठभूमिप्रदीप पोकले 2020 में अमरावती जिला परिषद से सेवानिवृत्त हुए। उस समय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लंबित आपराधिक मुकदमे के कारण वे निलंबित थे और कई...

झारखंड हाईकोर्ट ने RTI में खुलासे के बाद कि पति की सालाना आय बीस लाख रुपये है, पत्नी और ऑटिस्टिक बच्चे का मासिक गुजारा भत्ता बढ़ाकर 90 हजार रुपये किया
झारखंड हाईकोर्ट ने RTI में खुलासे के बाद कि पति की सालाना आय बीस लाख रुपये है, पत्नी और ऑटिस्टिक बच्चे का मासिक गुजारा भत्ता बढ़ाकर 90 हजार रुपये किया

झारखंड हाईकोर्ट ने एक महिला को फैमिली कोर्ट द्वारा दिए गए स्थायी गुजारा भत्ते को बढ़ाकर 90,000 रुपये प्रति माह कर दिया है, जिसमें उसके नाबालिग बेटे के भरण-पोषण के लिए 40,000 रुपये भी शामिल हैं, जो ऑटिज्म से पीड़ित है। न्यायालय ने पति के इस तर्क को खारिज कर दिया कि वह आत्मनिर्भर है, क्योंकि वह अपने बेटे की स्थिति को देखते हुए स्थायी नौकरी नहीं कर सकती। न्यायालय ने पति की नौकरी पर भी ध्यान दिया, जिसमें कहा गया कि वह 2,31,294 रुपये प्रति माह कमाता है। न्यायालय ने यह भी कहा कि ऑटिज्म, जो लाइलाज...

न्यायालय उस संस्था के विरुद्ध अस्थायी निषेधाज्ञा नहीं दे सकते, जो मुकदमे में पक्षकार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने न्यूज चैनल को दी राहत
न्यायालय उस संस्था के विरुद्ध अस्थायी निषेधाज्ञा नहीं दे सकते, जो मुकदमे में पक्षकार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने न्यूज चैनल को दी राहत

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि अस्थायी निषेधाज्ञा के आदेश केवल उन लोगों के विरुद्ध दिए जा सकते हैं, जिन्हें मुकदमे में प्रतिवादी बनाया गया है तथा उन तीसरे पक्षकारों के विरुद्ध निरोधक आदेश नहीं दिए जा सकते जिन्हें मुकदमे में पक्षकार नहीं बनाया गया।जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने जर्नालिस्ट राचप्पा सतीश कुमार तथा मेसर्स बीटीवी कन्नड़ प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका स्वीकार करते हुए यह निर्णय दिया, जिन्होंने सिटी सिविल एवं सेशन कोर्ट द्वारा पारित एकपक्षीय अस्थायी निषेधाज्ञा आदेश को चुनौती दी, जिसके तहत...

अनिवार्य सेवा की अवधि में लिया गया डॉक्टर का मातृत्व अवकाश बांड पीरियड में गिना जाना चाहिए: मद्रास हाईकोर्ट
अनिवार्य सेवा की अवधि में लिया गया डॉक्टर का मातृत्व अवकाश बांड पीरियड में गिना जाना चाहिए: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा कि सरकारी अस्पताल में अनिवार्य सेवा प्रदान करने के दरमियान डॉक्टर द्वारा लिए गए मातृत्व अवकाश को उनके बांड पीरियड में गिना जाना चाहिए। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस के राजशेखर की पीठ ने कहा कि मातृत्व अवकाश मातृत्व लाभ का अभिन्न अंग है और अनुच्छेद 21 का हिस्सा है। इस प्रकार न्यायालय ने माना कि डॉक्टर, हालांकि एक नियमित कर्मचारी के रूप में सरकार की सेवा में नहीं था, फिर भी वह किसी भी सरकारी कर्मचारी के समान उपचार का हकदार होगा।अदालत ने कहा,"मातृत्व अवकाश...

क्या सरकार द्वारा देय सभी बकायों की वसूली बकाया भू-राजस्व की तरह हो सकती है? – राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 256 और 257
क्या सरकार द्वारा देय सभी बकायों की वसूली 'बकाया भू-राजस्व' की तरह हो सकती है? – राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 256 और 257

राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 में यह सुनिश्चित किया गया है कि राज्य सरकार को देय विभिन्न प्रकार की धनराशियों की वसूली भू-राजस्व (Land Revenue) की तरह की जा सके। इसके लिए धाराएँ 256 और 257 विशेष रूप से यह अधिकार प्रदान करती हैं कि सरकार या उसके अधिकारियों को किसी भी प्रकार की राशि, चाहे वह टैक्स हो, फीस हो, जुर्माना हो या ठेका सम्बंधित राशि हो, उसे भू-राजस्व की तरह वसूल किया जा सके। इस लेख में इन दोनों धाराओं का सरल हिन्दी में विवरण प्रस्तुत है।धारा 256 – विविध (Miscellaneous) राजस्व और अन्य...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ओमेक्स बिल्डहोम को 25 करोड़ रुपये जमा करने तथा नोएडा में रुकी हुई परियोजनाओं में 50 अतिरिक्त फ्लैट जारी करने का निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ओमेक्स बिल्डहोम को 25 करोड़ रुपये जमा करने तथा नोएडा में रुकी हुई परियोजनाओं में 50 अतिरिक्त फ्लैट जारी करने का निर्देश दिया

पिछले महीने इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ओमेक्स बिल्डहोम लिमिटेड को 25 करोड़ रुपये जमा करने तथा नोएडा में रुकी हुई परियोजनाओं में घर खरीदारों के पक्ष में पहले से जारी 170 फ्लैटों के अतिरिक्त 50 फ्लैट जारी करने का निर्देश दिया था।बिल्डर/डेवलपर ओमेक्स बिल्डहोम लिमिटेड ने ग्रैंड ओमेक्स तथा फॉरेस्ट स्पा नामक आवासीय परियोजनाओं के विकास के लिए न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा) से भूमि पट्टे पर ली थी। इन दोनों परियोजनाओं में याचिकाकर्ताओं, घर खरीदारों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, क्योंकि बिल्डर को...

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान वकीलों के गाउन न पहनने पर हाईकोर्ट ने जताई आपत्ति, कहा- वर्चुअल पेशी के लिए भी ड्रेस कोड अनिवार्य
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान वकीलों के गाउन न पहनने पर हाईकोर्ट ने जताई आपत्ति, कहा- वर्चुअल पेशी के लिए भी ड्रेस कोड अनिवार्य

गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में वकीलों द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए सुनवाई के लिए निर्धारित गाउन पहने बिना पेश होने पर कड़ी आपत्ति जताई है।जस्टिस एम.के. ठक्कर की पीठ ने कहा कि वकीलों के लिए कोर्टरूम की मर्यादा बनाए रखना और पेशेवर ड्रेस कोड का पालन करना अनिवार्य है भले ही वे वर्चुअल पेशी कर रहे हों।कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वर्चुअल उपस्थिति कोर्टरूम में शारीरिक उपस्थिति के बराबर है। इसे उसी स्तर की औपचारिकता के साथ माना जाना चाहिए।इस संबंध में न्यायालय ने गुजरात हाईकोर्ट नियम, 1993,...

लॉ स्टूडेंट के साथ बलात्कार की कोर्ट निगरानी में जांच और कैंपस में सुरक्षा बढ़ाने की मांग को लेकर याचिका
लॉ स्टूडेंट के साथ बलात्कार की कोर्ट निगरानी में जांच और कैंपस में सुरक्षा बढ़ाने की मांग को लेकर याचिका

दक्षिण कोलकाता लॉ कॉलेज में कथित बलात्कार की घटना की स्वतंत्र, कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गईं। याचिकाओं में कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ क्रूर बलात्कार और हत्या के बाद हुई इस घटना के मद्देनजर कॉलेज कैंपस में सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग की गई।जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस स्मिता दास डे की खंडपीठ के समक्ष याचिकाएं दायर की गईं, जिन्होंने मामले की सुनवाई गुरुवार को तय की है।शिकायतकर्ता ने तीन आरोपियों के नाम बताए हैं,...

सामाजिक-आर्थिक स्थिति तय करती है नागरिकों का भाग्य: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बलात्कार पीड़िताओं के FIR दर्ज कराने में आने वाली कठिनाइयों पर चिंता जताई
सामाजिक-आर्थिक स्थिति तय करती है नागरिकों का भाग्य: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बलात्कार पीड़िताओं के FIR दर्ज कराने में आने वाली कठिनाइयों पर चिंता जताई

1996 के बलात्कार मामले में आरोपी की सजा बरकरार रखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में उन सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों की बलात्कार पीड़िताओं की न्याय तक पहुंच में आने वाली कठिनाइयों पर मार्मिक टिप्पणियां कीं, जो उन्हें FIR दर्ज कराने से लेकर मुकदमे तक झेलनी पड़ती हैं।जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस संदीप जैन की खंडपीठ ने कहा,“दुर्भाग्यपूर्ण है कि कभी-कभी सामाजिक और आर्थिक स्थिति नागरिकों की किस्मत तय करती है। 'आर' (पीडब्ल्यू-1) और 'एस' (पीडब्ल्यू-2) जैसी कमजोर स्थिति वाले...

अस्थायी या संविदा कर्मचारियों के लिए भी प्राकृतिक न्याय का पालन किया जाना चाहिए: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
अस्थायी या संविदा कर्मचारियों के लिए भी प्राकृतिक न्याय का पालन किया जाना चाहिए: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की जस्टिस संदीप शर्मा की एकल पीठ ने डाटा एंट्री ऑपरेटर का निलंबन आदेश रद्द कर दिया। न्यायालय ने फैसला सुनाया कि किसी कर्मचारी को कदाचार के लिए निलंबित करने से पहले उचित जांच और कारण बताओ नोटिस अनिवार्य है। न्यायालय ने आगे स्पष्ट किया कि अस्थायी या संविदा कर्मचारियों के लिए भी प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए।मामले की पृष्ठभूमिसुरिंदर कुमार 2008 से केंद्रीय संस्कृत यूनिवर्सिटी में डाटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में काम कर रहे थे। 17 साल से अधिक समय तक काम...

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर कोर्ट में पेशी के दौरान पार्क में बैठी थी वकील, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर कोर्ट में पेशी के दौरान पार्क में बैठी थी वकील, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने महिला वकील को पार्क से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने पर फटकार लगाते हुए एक बार फिर राजधानी के सभी बार संघों से आग्रह किया कि वे अपने सदस्यों को अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने के शिष्टाचार के प्रति जागरूक करें।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कहा कि COVID-19 महामारी के दौरान वकीलों की सुविधा के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा शुरू की गई थी ताकि वे अपने कार्यालय से ही अदालत में पेश हो सकें लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि वे पार्क में खड़े होकर पेश...