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सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (28 जुलाई, 2025 से 01 अगस्त, 2025 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली समिति को पश्चिम बंगाल के 15 सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों के कुलपतियों का स्वतंत्र रूप से चयन करने का निर्देश दिया सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में कुलपतियों की नियुक्ति के संबंध में अपने पिछले निर्देशों में संशोधन करते हुए पूर्व चीफ...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (28 जुलाई, 2025 से 01 अगस्त, 2025) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।नाबालिग से शादी अवैध, बलात्कार के अपराध को 'पवित्र' करने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्टदिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि चूंकि नाबालिग से विवाह भारतीय कानून के तहत कानूनी रूप से अमान्य है, इसलिए बलात्कार के अपराध को "साफ़" करने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।जस्टिस संजीव...
न्याय का हृदय मानवीय ही रहना चाहिए, ऑटोमैटिड सिस्टम मानवीय स्पर्श का स्थान नहीं ले सकतीं: जस्टिस सूर्यकांत
सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि न्याय प्रदान करने की प्रणाली में तकनीक कभी भी मानवीय तत्व का स्थान नहीं ले सकती, क्योंकि न्याय का हृदय हमेशा मानवीय ही रहेगा।मानव रचना विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज द्वारा आयोजित आरसी लाहोटी स्मृति व्याख्यान में जस्टिस सूर्यकांत ने कहा,"जब हम तकनीक के माध्यम से कानूनी सहायता की पुनर्कल्पना करते है, तो हमें यह नहीं भूलना चाहिए: तकनीक केवल एक साधन है। न्याय का हृदय मानवीय ही रहना चाहिए।"जस्टिस कांत ने 'अंतर को पाटना: भारत में समावेशी न्याय के लिए डिजिटल युग...
[Liquor Policy] आरोपी सह-आरोपी या तीसरे पक्ष की निजता का उल्लंघन करने वाले डिजिटल डिवाइस का निरीक्षण नहीं कर सकता: दिल्ली कोर्ट
दिल्ली कोर्ट ने कहा कि कोई भी आरोपी बिना किसी उचित कारण के सह-आरोपी या अन्य व्यक्तियों के डिजिटल डिवाइस, जिनमें निजी या तीसरे पक्ष का डेटा हो, उसके निरीक्षण का अनुरोध नहीं कर सकता, क्योंकि ऐसा करना फ़िशिंग अभियान के समान है और उनके निजता के अधिकार का उल्लंघन हो सकता है।राउज़ एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज दिग विनय सिंह ने कहा कि ऐसे निरीक्षण का अनुरोध करने से पहले, जिसका मालिकों द्वारा विरोध किया जाता है, आरोपी को विशिष्ट और ठोस प्रासंगिकता प्रदर्शित करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अस्पष्ट या व्यापक...
BREAKING | बलात्कार के मामले में पूर्व NDA सांसद प्रज्वल रेवन्ना को मिली उम्र-कैद की सजा
बेंगलुरु स्पेशल कोर्ट ने जनता दल (सेक्युलर) के नेता और पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को हासन जिले के होलेनरसीपुरा ग्रामीण पुलिस स्टेशन में दर्ज पहले बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई।शुक्रवार को एडिशनल सिटी सिविल एवं सेशन जज संतोष गजानन भट ने भी रेवन्ना को बलात्कार मामले में सभी आरोपों में दोषी ठहराया था।सेशन कोर्ट ने 3 अप्रैल को रेवन्ना के खिलाफ धारा 376(2)(k) (प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा बलात्कार), 376(2)(n) (बार-बार बलात्कार), 354(A) (यौन उत्पीड़न), 354(B)...
पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 42 - 46: वसीयत के जमा करने पर प्रक्रिया
आइए पंजीकरण अधिनियम, 1908 (Registration Act, 1908) के भाग IX को समझते हैं, जो वसीयतों को जमा करने (Deposit of Wills) से संबंधित है। पंजीकरण के अलावा, यह भाग एक अतिरिक्त सुविधा प्रदान करता है जहाँ कोई व्यक्ति अपनी वसीयत को गोपनीय तरीके से रजिस्ट्रार के पास जमा कर सकता है, जिससे उसकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।42. वसीयतों का जमा (Deposit of wills)यह धारा वसीयत को जमा करने की प्रक्रिया को परिभाषित करती है। कोई भी वसीयतकर्ता (testator), या तो व्यक्तिगत रूप से (personally) या विधिवत अधिकृत एजेंट (duly...
भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 10 और धारा 11: CCI के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल, इस्तीफ़ा और पद से हटाना
हमने पिछले खंड में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India - CCI) की स्थापना और संरचना के बारे में जाना। अब हम इस बात पर ध्यान देंगे कि CCI के अध्यक्ष (Chairperson) और सदस्यों (Members) का कार्यकाल (term of office) कितना होता है और उन्हें किन परिस्थितियों में अपने पद से हटना पड़ सकता है। भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 10 (Section 10) और धारा 11 (Section 11) इन महत्वपूर्ण पहलुओं को विस्तार से बताती हैं।धारा 10: कार्यकाल और रिक्ति (Term of Office and Vacancy)धारा 10(1) CCI...
क्या अधूरी Chargesheet से पूरा आपराधिक मामला प्रभावित हो सकता है?
पुलिस रिपोर्ट का महत्व आपराधिक मामलों मेंCode of Criminal Procedure (CrPC) की धारा 173(2) के तहत दी जाने वाली Police Report (अंतिम रिपोर्ट या Chargesheet) किसी भी आपराधिक मुकदमे का मूल आधार होती है। Dablu Kujur बनाम झारखंड राज्य (2024) में Supreme Court ने यह स्पष्ट किया कि यदि यह रिपोर्ट अधूरी या ढीली तरह से तैयार की गई हो, तो यह न केवल अभियोजन (Prosecution) को नुकसान पहुंचा सकती है बल्कि आरोपी के अधिकारों और मुकदमे की निष्पक्षता (Fairness) को भी प्रभावित कर सकती है। यह निर्णय इस बात पर...
वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 18: Boards के निर्देश देने की शक्ति: केंद्र और राज्य सरकार का अधिकार और हस्तक्षेप
वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981, यह सुनिश्चित करने के लिए एक स्पष्ट पदानुक्रम (Hierarchy) और कमांड की श्रृंखला (Chain of Command) स्थापित करता है कि प्रदूषण नियंत्रण प्रयासों का राष्ट्रीय और राज्य नीतियों के साथ समन्वय और संरेखण (Alignment) हो।इस संबंध में अधिनियम की धारा 18 महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह केंद्र और राज्य सरकारों, साथ ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board - CPCB) को बोर्डों को बाध्यकारी निर्देश (Binding Directions) देने की शक्ति प्रदान...
नाबालिग से शादी अवैध, बलात्कार के अपराध को 'पवित्र' करने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि चूंकि नाबालिग से विवाह भारतीय कानून के तहत कानूनी रूप से अमान्य है, इसलिए बलात्कार के अपराध को "साफ़" करने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। जस्टिस संजीव नरूला ने कहा, "इसके अलावा, नाबालिग से विवाह न केवल भारतीय कानून के तहत अमान्य है, बल्कि बलात्कार के अपराध की प्रयोज्यता निर्धारित करने के उद्देश्य से भी अप्रासंगिक है, जब अभियोक्ता सहमति देने की उम्र से कम हो। दूसरे शब्दों में, इस संदर्भ में, कथित विवाह कानूनी रूप से अमान्य है और इसे वैधानिक बलात्कार के रूप...
शादी के फैसले की आज़ादी का उल्लंघन: अंतरधार्मिक जोड़े को हाईकोर्ट से राहत, दिल्ली पुलिस पर जबरदस्ती अलग करने का था आरोप
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में अंतरधार्मिक जोड़े को राहत दी, जिनकी सुरक्षा की मांग पर कार्रवाई करने के बजाय दिल्ली पुलिस ने कथित रूप से उन्हें जबरदस्ती अलग कर दिया और महिला को एक शेल्टर होम में हिरासत में ले लिया।जस्टिस संजीव नरूला ने युवक की उस दलील को दर्ज किया जिसमें कहा गया कि यह सब दिल्ली पुलिस द्वारा तब किया गया, जब महिला ने बार-बार और रिकॉर्डिंग में भी यह स्पष्ट किया कि वह युवक के साथ रहना चाहती है।कोर्ट ने कहा,"इस प्रकार का आचरण प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता और महिला, दोनों के अधिकारों का...
राजस्थान हाईकोर्ट ने कुत्तों के काटने और सार्वजनिक सड़कों पर आवारा पशुओं के 'खतरे' का स्वतः संज्ञान लिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में कुत्तों के काटने की घटनाओं और सार्वजनिक सड़कों व राजमार्गों पर आवारा पशुओं के आतंक के कारण राज्य में कई मौतों का स्वतः संज्ञान लिया है। न्यायालय ने राजस्थान में कुत्तों के काटने की घटनाओं से संबंधित विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों पर ध्यान दिया, जिनमें से एक में प्रेस सूचना ब्यूरो द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया था, जो मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा लोकसभा में दी गई जानकारी पर आधारित है, जिसमें "भारत में कुत्तों के काटने के...
दिल्ली हाईकोर्ट ने चिंग्स को अंतरिम राहत दी, स्थानीय निर्माता के शेज़वान चटनी ट्रेडमार्क के इस्तेमाल पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने कैपिटल फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, जिसे "चिंग्स" ब्रांड के नाम से जाना जाता है, को अंतरिम राहत प्रदान की। साथ ही एक निर्माता को शेज़वान चटनी ट्रेडमार्क के तहत उत्पादों के निर्माण और बिक्री पर रोक लगा दी है।जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने चिंग्स के पक्ष में एकपक्षीय अंतरिम निषेधाज्ञा जारी की और निर्माता- पीतांबरी प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को 'शेज़वान चटनी' ट्रेडमार्क वाले किसी भी उत्पाद या सेवा का व्यापार करने से रोक दिया।अदालत ने कहा,"यह स्पष्ट किया जाता है कि वर्तमान...
S.84 BSA | विदेशी नोटरी के समक्ष निष्पादित पावर-ऑफ-अटॉर्नी तभी मान्य होती है, जब देश नोटरी अधिनियम के तहत 'पारस्परिक' हो: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में यह व्यवस्था दी है कि किसी विदेशी देश को पारस्परिक देश के रूप में मान्यता देने वाली अधिसूचना के अभाव में, कोई भारतीय न्यायालय किसी विदेशी नोटरी पब्लिक द्वारा निष्पादित मुख्तारनामा को मान्यता नहीं दे सकता। जस्टिस के बाबू ने कहा,"मेरा यह सुविचारित मत है कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 57(6) का यह आदेश कि न्यायालय नोटरी पब्लिक की मुहरों का न्यायिक संज्ञान लेगा, किसी विदेशी देश में नोटरी पब्लिक के समक्ष निष्पादित मुख्तारनामा पर तभी लागू हो सकता है जब वह विदेशी देश...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मस्जिद पर राष्ट्रीय ध्वज की जगह भगवा ध्वज फहराने वाले व्यक्ति को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मस्जिद पर राष्ट्रीय ध्वज की जगह भगवा ध्वज फहराने के आरोपी व्यक्ति को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार किया।गुरुग्राम के एक पुलिस स्टेशन में भारतीय राष्ट्रीय गौरव अधिनियम की धारा 299, 3(5), 61(2) 196, 238 और राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा 2 के तहत FIR दर्ज की गई थी।जस्टिस मनीषा बत्रा ने कहा,"इस स्तर पर अपराध की गंभीरता और सार्वजनिक व्यवस्था एवं सांप्रदायिक शांति पर इसके संभावित प्रभाव को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। याचिकाकर्ता द्वारा कोई असाधारण या...
सरोजिनी नगर मार्केट में अनधिकृत निर्माण या अतिक्रमण रोकें: दिल्ली हाईकोर्ट ने NDMC को निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने नई दिल्ली नगर निगम (NDMC) को शहर के सरोजिनी नगर मार्केट में अनधिकृत या अवैध निर्माण को तत्काल रोकने का निर्देश दिया।जस्टिस मिनी पुष्करणा ने सरोजिनी नगर मार्केट में दुकानदारों द्वारा कथित अवैध अतिक्रमण के खिलाफ NDMC द्वारा की गई कार्रवाई पर जवाब मांगा।न्यायालय ने सरोजिनी नगर मार्केट रेहड़ी पटरी हॉकर्स विकास समिति द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें दुकानदारों द्वारा या मार्केट में किए गए कथित अवैध अतिक्रमण और निर्माण को हटाने की मांग की गई थी।एक अन्य याचिका में NDMC...
यात्री वाहन में ओवरलोडिंग से दुर्घटना नहीं हुई, पॉलिसी का उल्लंघन नहीं: हिमाचल प्रदेश ने बीमा कंपनी को मुआवज़ा देने का निर्देश दिया
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि यात्री वाहन में ओवरलोडिंग बीमा पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन या मूलभूत उल्लंघन नहीं है, जब तक कि यह दुर्घटना के कारण से संबंधित न हो।नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड बनाम स्वर्ण सिंह 2004 में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर भरोसा करते हुए, जिसमें कहा गया था कि बीमित व्यक्ति की ओर से उल्लंघन यह दर्शाना आवश्यक है कि दुर्घटना या क्षति उल्लंघन के कारण हुई थी।जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर ने टिप्पणी की,"जहां तक एक अतिरिक्त व्यक्ति की ओवरलोडिंग का संबंध है, यह पॉलिसी की शर्तों का...
'हिरासत में रहते हुए गवाहों को प्रभावित किया, कई पुराने कृत्य': गुजरात हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महेश लांगा को जमानत देने से मना किया
गुजरात हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी के अपराध सहित दो एफआईआर से जुड़े धन शोधन के एक मामले में पत्रकार महेश लांगा की नियमित ज़मानत याचिका खारिज कर दी। न्यायालय ने कहा कि उनके कई पुराने कृत्य हैं और हिरासत में रहते हुए उन्होंने गवाहों को प्रभावित किया था। संदर्भ के लिए, एक सत्र न्यायालय ने पिछले साल नवंबर में एक विज्ञापन एजेंसी चलाने वाले एक व्यक्ति द्वारा दायर की गई शिकायत पर उनके खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी की एफआईआर में लांगा को अग्रिम ज़मानत दे दी थी। न्यायालय ने यह देखते हुए ज़मानत दी थी कि एफआईआर की सामग्री...
आरोप सरकारी कर्तव्य का हिस्सा नहीं: NIA कोर्ट ने कर्नल पुरोहित की मंजूरी याचिका खारिज की, कहा- आरोप साबित नहीं हुए लेकिन निराधार नही
स्पेशल NIA कोर्ट ने 2008 मालेगांव ब्लास्ट केस में लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित सहित सभी आरोपियों को बरी करते हुए स्पष्ट किया कि केवल अभियोजन पक्ष द्वारा मामला साबित न कर पाने से यह नहीं माना जा सकता कि उन पर लगाए गए गंभीर आरोप आधारहीन या बेबुनियाद थे। इसी आधार पर कोर्ट ने पुरोहित की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 197 के तहत पूर्व अनुमति की आवश्यकता बताई थी।स्पेशल जज ए.के. लाहोटी ने कहा कि पुरोहित 'अभिनव भारत' संगठन के संस्थापक सदस्यों में से एक थे...
मीडिया ट्रायल के ज़रिए अदालत को प्रभावित करने की कोशिश?: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नैनीताल बलात्कार मामले पर फेसबुक पोस्ट को लेकर वकील को फटकार लगाई
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 2025 के नैनीताल बाल यौन उत्पीड़न मामले में अभियुक्तों के बारे में (फेसबुक वीडियो और पोस्ट पर) सार्वजनिक टिप्पणी करने के एक वकील के आचरण पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें प्रस्तावित पुरुषत्व परीक्षण और मेडिकल रिपोर्ट पर टिप्पणी भी शामिल थी, जबकि मुकदमा अभी भी लंबित है। अदालत ने कहा कि इससे मामले पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। गौरतलब है कि यह मामला 73 वर्षीय व्यक्ति (मोहम्मद उस्मान) से जुड़ा है, जिस पर 12 वर्षीय नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है।...




![[Liquor Policy] आरोपी सह-आरोपी या तीसरे पक्ष की निजता का उल्लंघन करने वाले डिजिटल डिवाइस का निरीक्षण नहीं कर सकता: दिल्ली कोर्ट [Liquor Policy] आरोपी सह-आरोपी या तीसरे पक्ष की निजता का उल्लंघन करने वाले डिजिटल डिवाइस का निरीक्षण नहीं कर सकता: दिल्ली कोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2024/05/29/500x300_542060-750x450363453-delhi-rouse-avenue-court.jpg)















