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क्या जाति जांच समितियां स्वतः संज्ञान लेकर जाति प्रमाणपत्रों को मान्य करने वाले अपने ही आदेशों को वापस ले सकती हैं? बॉम्बे हाईकोर्ट की बड़ी बेंच करेगी फ़ैसला
क्या जाति जांच समितियां स्वतः संज्ञान लेकर जाति प्रमाणपत्रों को मान्य करने वाले अपने ही आदेशों को वापस ले सकती हैं? बॉम्बे हाईकोर्ट की बड़ी बेंच करेगी फ़ैसला

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार (4 अगस्त) को यह मामला एक बड़ी पीठ को सौंप दिया ताकि यह तय किया जा सके कि क्या जाति जांच समिति (सीएससी) को जाति प्रमाणपत्रों को वैधता प्रदान करने वाले अपने ही आदेशों को इस आधार पर स्वतः वापस लेने का अधिकार है कि वे धोखाधड़ी, गलत बयानी या तथ्यों को छिपाने के कारण दूषित थे। ज‌स्टिस मनीष पिताले और ज‌स्टिस यशवराज खोबरागड़े की खंडपीठ ने इसी मुद्दे पर विभिन्न खंडपीठों के अलग-अलग विचारों को देखते हुए, यह राय व्यक्त की कि इस मुद्दे को एक बड़ी पीठ के माध्यम से 'आधिकारिक रूप से'...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान और उन्हें निर्वासित करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान और उन्हें निर्वासित करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जनहित याचिका (PIL) पर केंद्र सरकार भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा। इस याचिका में राज्य में रह रहे अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान और उन्हें निर्वासित करने के लिए एक व्यापक सर्वेक्षण और सत्यापन अभियान चलाने की मांग की गई।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मनीष कुमार की खंडपीठ ने सोमवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के महानिदेशक और खुफिया ब्यूरो (IB) के महानिदेशक सहित प्रतिवादियों को चार...

यूपी सरकार पाप कर रही है : बांके बिहारी मंदिर अध्यादेश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी
'यूपी सरकार पाप कर रही है' : बांके बिहारी मंदिर अध्यादेश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार (6 अगस्त) को वृंदावन (मथुरा) स्थित ऐतिहासिक बांके बिहारी मंदिर की देखरेख के लिए यूपी सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश की कड़ी आलोचना जारी रखी और कहा कि सरकार "पाप" कर रही है।यह टिप्पणी उस समय आई है जब दो दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने भी बांके बिहारी मंदिर का प्रबंधन अपने हाथ में लेने के लिए अध्यादेश लाने में यूपी सरकार की "अत्यधिक जल्दी" पर सवाल उठाया था।जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने आज मौखिक रूप से तीखी टिप्पणी करते हुए राज्य सरकार से कहा कि वह मंदिर प्रबंधन को...

बार-बार यौन शोषण की शिकायत करने वालों का डाटाबेस बनाने की याचिका पर जल्द फैसला करें: दिल्ली हाईकोर्ट
बार-बार यौन शोषण की शिकायत करने वालों का डाटाबेस बनाने की याचिका पर जल्द फैसला करें: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दिल्ली पुलिस और अन्य संबंधित प्राधिकारियों से एक याचिका पर शीघ्र निर्णय लेने को कहा, जिसमें यौन अपराधों के कई मामलों में शिकायत करने वालों का एक डाटाबेस तैयार करने की मांग की गई थी।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने यह आदेश शॉनी कपूर द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर दिया, जिन्हें एडवोकेट शशि रंजन कुमार सिंह ने प्रतिनिधित्व किया।सुनवाई के दौरान, अधिवक्ता ने कहा कि डाटाबेस बनाए जाने के अलावा, याचिका में यह निर्देश भी मांगा गया है कि पुलिस...

Mumbai Police
"पुलिस किसी का पक्ष क्यों ले रही है?", बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुस्लिम परिवार की FIR दर्ज करने से इनकार करने पर पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार (5 अगस्त) को पुणे पुलिस के एक थाना प्रभारी (SHO) के आचरण पर हैरानी जताई, जिन्होंने एक मुस्लिम परिवार की शिकायत पर इस आधार पर FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया कि एक हिंदू परिवार द्वारा रोड रेज के एक मामले में उनके खिलाफ पहले ही FIR दर्ज की जा चुकी है। अदालत ने पुणे के पुलिस आयुक्त को संबंधित अधिकारी के खिलाफ 'कड़ी' कार्रवाई करने का आदेश दिया।जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखड की खंडपीठ ने कहा कि रोड रेज की शुरुआत हिंदू परिवार - केसवानी परिवार - के घर के बाहर हॉर्न...

शिमला रिज के 140 साल पुराने पानी के टैंक की सुरक्षा पर हाईकोर्ट ने रिपोर्ट मांगी
शिमला रिज के 140 साल पुराने पानी के टैंक की सुरक्षा पर हाईकोर्ट ने रिपोर्ट मांगी

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला रिज पर स्थित 140 साल पुराने भूमिगत जल टैंक की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार और शिमला नगर निगम से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। चीफ जस्टिस जी.एस. संधावालिया और जस्टिस रंजन शर्मा की खंडपीठ ने नोटिस जारी कर राज्य सरकार और नगर निगम शिमला से उस ऐतिहासिक रिज के नीचे स्थित इस 140 साल पुराने भूमिगत जल टैंक की संरचनात्मक सुरक्षा पर स्थिति रिपोर्ट मांगी है। यह जनहित याचिका पूर्व उपमहापौर और पर्यावरणविद् टिकेन्दर सिंह पंवर द्वारा दायर की गई थी। उन्होंने अदालत का ध्यान...

औद्योगिक विवाद अधिनियम की धारा 17बी के तहत रोज़गार में स्व-रोज़गार भी शामिल है, जहां कर्मचारी पर्याप्त कमाई करता है: केरल हाईकोर्ट
औद्योगिक विवाद अधिनियम की धारा 17बी के तहत 'रोज़गार' में स्व-रोज़गार भी शामिल है, जहां कर्मचारी पर्याप्त कमाई करता है: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 17बी के तहत "रोज़गार" शब्द में स्व-रोज़गार भी शामिल है जहां कामगार पर्याप्त आय अर्जित करता है। जस्टिस एस मनु ने एक रिट याचिका में एक अंतरिम आवेदन पर निर्णय देते हुए कहा कि यदि कोई कामगार लाभ कमाने वाले व्यवसाय या स्व-रोज़गार में लगा हुआ है, तो वह औपचारिक रोज़गार के अभाव में धारा 17बी के तहत लाभों का दावा नहीं कर सकता।याचिकाकर्ता, जिसे प्रतिवादी श्वास होम्स प्राइवेट लिमिटेड ने 2011 में नौकरी से निकाल दिया था, उसे...

BNSS की धारा 224 | क्षेत्राधिकार न होने पर मजिस्ट्रेट को शिकायत उचित न्यायालय को लौटानी चाहिए : उड़ीसा हाईकोर्ट
BNSS की धारा 224 | क्षेत्राधिकार न होने पर मजिस्ट्रेट को शिकायत उचित न्यायालय को लौटानी चाहिए : उड़ीसा हाईकोर्ट

ओडिशा हाईकोर्ट ने चेक बाउंस से संबंधित एक मामले की सुनवाई करते हुए यह दोहराया कि यदि किसी मजिस्ट्रेट के पास क्षेत्राधिकार नहीं है और वह अपराध का संज्ञान नहीं ले सकता, तो उसे लिखित शिकायत को उपयुक्त टिप्पणी (endorsement) के साथ वापस कर देना चाहिए, ताकि उसे सही क्षेत्राधिकार वाली अदालत में पेश किया जा सके।जस्टिस संजय कुमार मिश्रा की एकल पीठ ने 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS)' की धारा 224 का उल्लेख करते हुए कहा, “यदि किसी मजिस्ट्रेट के पास किसी अपराध का संज्ञान लेने की शक्ति नहीं है, और उसे...

एल्गर परिषद मामले के आरोपी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया, बीमार पिता से मिलने के लिए अंतरिम ज़मानत मांगी
एल्गर परिषद मामले के आरोपी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया, बीमार पिता से मिलने के लिए अंतरिम ज़मानत मांगी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार (6 अगस्त) को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को भीमा कोरेगांव एल्गर परिषद मामले के आरोपी रमेश गायचोर द्वारा दायर याचिका पर निर्देश प्राप्त करने और जवाब दाखिल करने का आदेश दिया। गायचोर ने अपने बीमार पिता से मिलने के लिए अस्थायी ज़मानत मांगी है।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस राजेश पाटिल की खंडपीठ ने NIA को जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ़्ते का समय दिया।गाइचोर ने स्पेशल कोर्ट के 1 जुलाई, 2025 के आदेश को चुनौती दी, जिसने उनकी अंतरिम ज़मानत याचिका खारिज कर दी थी।गाइचोर के अनुसार उनके...

ड्राफ्ट लिस्ट से 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाने के पीछे ECI ने कोई कारण नहीं बताया: ADR ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
ड्राफ्ट लिस्ट से 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाने के पीछे ECI ने कोई कारण नहीं बताया: ADR ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के पास बिहार में मतदाता सूची से लगभग 65 लाख नाम हटाने के कारणों का डेटा होने के बावजूद, उसने 1 अगस्त को ड्राफ्ट लिस्ट के प्रकाशन से पहले इन कारणों को बताने वाले कॉलम को हटा दिया।सुप्रीम कोर्ट ने ECI से शनिवार तक आवेदन पर जवाब देने को कहा।कोर्ट ने चुनाव आयोग को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि क्या प्रकाशन से पहले ड्राफ्ट लिस्ट राजनीतिक दलों के साथ साझा की गई। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि किन दलों को...

अब शिक्षा भी एक उद्योग: सुप्रीम कोर्ट ने शैक्षणिक भवनों को पर्यावरण मंज़ूरी से छूट देने वाला केंद्र का निर्णय रद्द किया
"अब शिक्षा भी एक उद्योग": सुप्रीम कोर्ट ने शैक्षणिक भवनों को पर्यावरण मंज़ूरी से छूट देने वाला केंद्र का निर्णय रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट ने आज (6 अगस्त, 2025) केंद्र सरकार के 29 जनवरी 2025 के उस अधिसूचना (नोटिफिकेशन) के एक हिस्से को रद्द कर दिया, जिसमें औद्योगिक शेड, स्कूल, कॉलेज और छात्रावास जैसी निर्माण परियोजनाओं को पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन (EIA) नोटिफिकेशन 2006 के तहत पूर्व पर्यावरण मंज़ूरी (Prior Environmental Clearance) से छूट दी गई थी।चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने कहा कि यह छूट, जो संशोधित अनुसूची की धारा 8(क) में "नोट 1" के रूप में जोड़ी गई थी, मनमानी है और पर्यावरण...

सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन मात्र से संस्था का सार्वजनिक विश्वास खत्म नहीं होगा: सुप्रीम कोर्ट
सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन मात्र से संस्था का सार्वजनिक विश्वास खत्म नहीं होगा: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (5 अगस्त) को कहा कि यदि कोई सोसाइटी 'कंस्ट्रक्टिव ट्रस्ट' के रूप में योग्य है तो उसके विरुद्ध सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (CPC) की धारा 92 के तहत प्रतिनिधि वाद दायर करने पर कोई रोक नहीं है, बशर्ते कि वह सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत हो। किसी सोसाइटी के सार्वजनिक ट्रस्ट के गुण प्राप्त कर लेने के बाद, सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम के तहत उसका पंजीकरण मात्र उन संपत्तियों के स्वरूप को नहीं बदलेगा जो पहले से ही ट्रस्ट की संपत्तियों के रूप में गठित हैं।साथ ही,...

हलफनामे पर बताएं कि DMK नेताओं के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी बिना जांच के वापस नहीं ली गई: सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से कहा
हलफनामे पर बताएं कि DMK नेताओं के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी बिना जांच के वापस नहीं ली गई: सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से कहा

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तमिलनाडु सरकार से हलफनामे में यह बताने को कहा कि सत्तारूढ़ द्रमुक पार्टी के किसी भी मौजूदा/पूर्व मंत्री या किसी भी राजनेता के खिलाफ मामलों में उचित जांच पूरी हुए बिना अभियोजन की कोई मंजूरी वापस नहीं ली गई है। कोर्ट ने कहा,"[राज्य] एक विशिष्ट हलफनामा दाखिल करने के लिए 2 सप्ताह का समय चाहता है और उसे यह समय दिया जाता है कि सत्तारूढ़ राजनीतिक दल के किसी भी मौजूदा या पूर्व मंत्री या किसी अन्य राजनेता के खिलाफ ऐसा कोई मामला नहीं है जहां अभियोजन के लिए पहले मंजूरी दी गई थी,...

घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पत्नी का साझा घर में रहने का अधिकार, तलाकशुदा जोड़े के बीच वैवाहिक घर के बंटवारे पर कोई रोक नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पत्नी का साझा घर में रहने का अधिकार, तलाकशुदा जोड़े के बीच वैवाहिक घर के बंटवारे पर कोई रोक नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 17 के तहत एक विवाहित महिला का साझा घर में रहने का अधिकार, दीवानी कार्यवाही में पति के बंटवारे या स्वामित्व अधिकारों के प्रवर्तन की मांग करने के वैध अधिकार को रद्द या निरस्त नहीं कर सकता। जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने पारिवारिक न्यायालय के फैसले के खिलाफ एक तलाकशुदा महिला की अपील को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि वह और उसका पूर्व पति मुकदमे वाली संपत्ति में 50-50% हिस्से के हकदार हैं।महिला...

BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की योजना में मुख्यमंत्री स्टालिन के नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाने वाला आदेश रद्द किया
BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की योजना में मुख्यमंत्री स्टालिन के नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाने वाला आदेश रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (6 अगस्त) को मद्रास हाईकोर्ट द्वारा पारित अंतरिम आदेश रद्द कर दिया, जिसमें तमिलनाडु सरकार को कल्याणकारी कार्यक्रमों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए घोषित 'उंगलुदन स्टालिन' (आपका स्टालिन) योजना में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नाम का इस्तेमाल करने से रोक दिया गया था।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) पार्टी और तमिलनाडु सरकार द्वारा हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर याचिकाओं पर यह...

सांप के जहर और रेव पार्टी का मामला | सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर एल्विश यादव के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगाई
सांप के जहर और रेव पार्टी का मामला | सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर एल्विश यादव के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (6 अगस्त) को यूट्यूबर एल्विश यादव के खिलाफ निचली अदालती कार्यवाही पर रोक लगा दी। इस मामले में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने एक यूट्यूब वीडियो के लिए सांपों और सांप के जहर का दुरुपयोग किया और रेव पार्टियों के आयोजन में शामिल रहे, जहां विदेशियों ने कथित तौर पर सांप का जहर और अन्य नशीली दवाइयां उपलब्ध कराईं। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 12 मई, 2025 के आदेश के खिलाफ एक याचिका पर नोटिस जारी किया। हाईकोर्ट ने वन्यजीव संरक्षण...

जेल में बंद सांसद इंजीनियर राशिद ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा जुर्माने के चलते नहीं कर पा रहे संसद में अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व
जेल में बंद सांसद इंजीनियर राशिद ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा जुर्माने के चलते नहीं कर पा रहे संसद में अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व

जेल में बंद जम्मू-कश्मीर के सांसद इंजीनियर राशिद ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि संसद सत्र में भाग लेने के लिए दैनिक खर्च का भुगतान करने की शर्त के कारण वह अपने निर्वाचन क्षेत्र (बारामूला) का प्रतिनिधित्व करने में असमर्थ हैं।सीनियर एडवोकेट एन हरिहरन ने जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस अनूप जयराम भंभानी की खंडपीठ के समक्ष यह दलील दी। राशिद ने 25 मार्च को समन्वय पीठ द्वारा पारित उस आदेश में संशोधन की मांग की, जिसमें उन्हें हिरासत में रहते हुए संसद में भाग लेने के लिए जेल अधिकारियों के पास...

दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्नी को अंतरिम भरण-पोषण देने से किया इनकार, 70 वर्षीय पति की आर्थिक और भावनात्मक अक्षमता का दिया हवाला
दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्नी को अंतरिम भरण-पोषण देने से किया इनकार, 70 वर्षीय पति की आर्थिक और भावनात्मक अक्षमता का दिया हवाला

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महिला को उसके अलग हुए पति की आर्थिक अक्षमता का हवाला देते हुए हिंदू विवाह अधिनियम (Hindu Marriage Act) की धारा 24 के तहत अंतरिम भरण-पोषण देने से इनकार कर दिया।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने कहा,"प्रतिवादी पर अंतरिम भरण-पोषण देने का दायित्व नहीं डाला जाना चाहिए। खासकर जब उसकी अपनी आर्थिक, शारीरिक और भावनात्मक स्थिति स्पष्ट रूप से तनावपूर्ण हो।"महिला लगभग तीन दशकों से अपने 70 वर्षीय पति से अलग रह रही थी।उसने अपने पति से भरण-पोषण...