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दिव्यांगता पेंशन PCDA(P) मेडिकल बोर्ड के निष्कर्षों को रद्द नहीं कर सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
दिव्यांगता पेंशन PCDA(P) मेडिकल बोर्ड के निष्कर्षों को रद्द नहीं कर सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव कुमार और जस्टिस संजय परिहार की खंडपीठ ने कहा कि रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक PCDA (पेंशन) को विधिवत गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा निर्धारित दिव्यांगता प्रतिशत को बदलने या कम करने का कोई अधिकार नहीं है। केवल उच्च/समीक्षा मेडिकल बोर्ड ही इसका पुनर्मूल्यांकन कर सकता है। दिव्यांगता पेंशन को पूर्णांकित करने का लाभ सामान्य रिटायरमेंट के उन मामलों में भी लागू होता है, जहां दिव्यांगता सैन्य सेवा के कारण हुई हो या उसके कारण बढ़ी हो।पृष्ठभूमि तथ्यप्रतिवादी 18.02.1976 को...

2012 IPL में श्रीसंत की चोट के लिए राजस्थान रॉयल्स को 82 लाख रुपये का भुगतान करने के NCDRC के आदेश के खिलाफ बीमा कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
2012 IPL में श्रीसंत की चोट के लिए 'राजस्थान रॉयल्स' को 82 लाख रुपये का भुगतान करने के NCDRC के आदेश के खिलाफ बीमा कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

2012 के IPL क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए 'राजस्थान रॉयल्स' के मालिक का बीमा करने वाली बीमा कंपनी ने NCDRC के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसमें उसे एस. श्रीसंत की उस समय लगी चोट के कारण फ्रैंचाइज़ी मालिक को 82 लाख रुपये से अधिक की राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया गया, जिसके कारण वह टूर्नामेंट में खेलने में असमर्थ हो गए।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने कल मामले की सुनवाई स्थगित कर दी ताकि अपीलकर्ता अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल कर सके, जिसमें प्रतिवादी द्वारा बीमा...

सेल एग्रीमेंट सामान्य पावर ऑफ अटॉर्नी से संपत्ति का स्वामित्व नहीं मिलेगा: सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया
सेल एग्रीमेंट सामान्य पावर ऑफ अटॉर्नी से संपत्ति का स्वामित्व नहीं मिलेगा: सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया

सुप्रीम कोर्ट ने पुनः पुष्टि की कि रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के बिना अचल संपत्ति का स्वामित्व हस्तांतरित नहीं किया जा सकता।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट का निर्णय रद्द कर दिया, जिसमें निचली अदालत के उस आदेश की पुष्टि की गई। इसमें वादी के पक्ष में हस्तांतरण को मान्य करने वाला कोई रजिस्टर्ड विक्रय पत्र निष्पादित न होने के बावजूद, वाद में कब्ज़ा, अनिवार्य निषेधाज्ञा और घोषणा का आदेश दिया गया।वादी-प्रतिवादी ने दावा किया कि उसने 1996 में अपने पिता से विक्रय...

सुप्रीम कोर्ट ने NGT से दिल्ली हवाई अड्डे के ध्वनि प्रदूषण से संबंधित याचिकाओं पर फैसला लेने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने NGT से दिल्ली हवाई अड्डे के ध्वनि प्रदूषण से संबंधित याचिकाओं पर फैसला लेने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने NGT को निर्देश दिया कि वह दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डायल) को अपने रनवे पर ध्वनि स्तर की निगरानी के लिए कदम उठाने के लिए दिए गए 2024 के निर्देशों के अनुपालन के मुद्दे से संबंधित किसी भी आवेदन पर शीघ्र निर्णय ले।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ NGT के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रनवे संख्या 29/11 के उपयोग से उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण के मुद्दे पर विशिष्ट निर्देश जारी करने...

सुप्रीम कोर्ट ने गेटवे ऑफ इंडिया के पास कोलाबा जेट्टी प्रोजेक्ट के खिलाफ याचिका खारिज करने का फैसला बरकरार रखा
सुप्रीम कोर्ट ने गेटवे ऑफ इंडिया के पास कोलाबा जेट्टी प्रोजेक्ट के खिलाफ याचिका खारिज करने का फैसला बरकरार रखा

सुप्रीम कोर्ट ने दक्षिण मुंबई में ताज महल पैलेस होटल और गेटवे ऑफ इंडिया के पास जेटी सुविधा के निर्माण को बरकरार रखने के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली कोलाबा निवासियों द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को आज (1 सितंबर) को खारिज कर दिया। चीफ़ जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने आज याचिकाकर्ताओं के लिए सीनियर एडवोकेट सीयू सिंह और शिराज रुस्तमजी तथा राज्य की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें सुनीं। सिंह ने कहा कि निवासी क्षेत्र में भीड़भाड़ कम...

मद्रास हाईकोर्ट ने जमानत शर्त में कार्यकर्ताओं से संविधान की प्रस्तावना 10 बार लिखने को कहा
मद्रास हाईकोर्ट ने जमानत शर्त में कार्यकर्ताओं से संविधान की प्रस्तावना 10 बार लिखने को कहा

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में हिंदू मुन्नानी कार्यकर्ताओं को कथित हेट स्पीच मामले में अग्रिम जमानत दे दी है।दिलचस्प बात यह है कि जमानत इस शर्त पर दी गई है कि आरोपी संविधान की प्रस्तावना को अनुच्छेद 19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता), भाग IV-A, अनुच्छेद 51A के साथ तमिल या हिंदी में 10 बार लिखें और इसे मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें। जस्टिस एम. ज्योतिरमण ने यह शर्त लगाई कि आरोपी संविधान के उद्देश्य और संवैधानिक महत्व को समझाए। कोर्ट ने कहा "भारत के संविधान के तहत उल्लिखित उद्देश्यों और...

नशे में धुत सैनिकों के बीच लड़ाई में हुई मौत उदारीकृत पारिवारिक पेंशन के दायरे में नहीं आती: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
नशे में धुत सैनिकों के बीच लड़ाई में हुई मौत उदारीकृत पारिवारिक पेंशन के दायरे में नहीं आती: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने माना कि नशे की हालत में किसी सैनिक की दूसरे सैनिक के साथ हुई मारपीट में हुई मौत, मृतक के परिवार को उदारीकृत पारिवारिक पेंशन योजना के तहत लाभ पाने का पात्र नहीं बनाती। जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस विकास सूरी ने सैनिक की मौत को "उग्रवादियों, असामाजिक तत्वों आदि द्वारा हिंसा/हमले" के अंतर्गत शामिल करने से इनकार करते हुए कहा, "याचिकाकर्ता के पति और एक अन्य सहकर्मी के बीच शराब पीने के बाद झगड़ा हुआ था, जिसके दौरान उक्त सहकर्मी ने उसे गोली मार दी, जिससे उसकी मृत्यु...

सुप्रीम कोर्ट ने निजी स्कूलों को RTE फंड जारी न करने पर भी प्रतिपूर्ति करने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ तमिलनाडु सरकार की याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने निजी स्कूलों को RTE फंड जारी न करने पर भी प्रतिपूर्ति करने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ तमिलनाडु सरकार की याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट आज मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने पर विचार करने के लिए सहमत हो गया, जिसमें कहा गया था कि राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के छात्रों को प्रवेश देने वाले निजी स्कूलों को प्रतिपूर्ति करने के लिए शिक्षा के अधिकार अधिनियम की धारा 12(2) के तहत अपनी वैधानिक ज़िम्मेदारी से बचने के लिए केंद्र सरकार से धनराशि न मिलने का हवाला नहीं दे सकती। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने इस मामले में केंद्र सरकार और निजी प्रतिवादी को नोटिस जारी किया। तमिलनाडु राज्य की ओर...

POCSO Act| केवल पीड़िता को आघात पहुंचने के डर से आरोपी को जमानत देने से इनकार नहीं किया जा सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
POCSO Act| केवल पीड़िता को आघात पहुंचने के डर से आरोपी को जमानत देने से इनकार नहीं किया जा सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के तहत एक मामले में चार आरोपियों को ज़मानत दे दी है। न्यायालय ने कहा कि सिर्फ़ इस आधार पर ज़मानत देने से इनकार नहीं किया जा सकता कि पीड़ितों को आघात पहुंचेगा। राज्य के तर्क पर गौर करते हुए, जस्टिस राकेश कैंथला ने टिप्पणी की कि, "प्रतिवादी/राज्य की ओर से दिए गए तर्क में दम है कि याचिकाकर्ताओं के कृत्यों से पीड़ितों को आघात पहुँचेगा। हालाँकि, यह याचिकाकर्ताओं को ज़मानत देने से इनकार करने के लिए पर्याप्त नहीं...

सुप्रीम कोर्ट ने गैर-अल्पसंख्यक विद्यालयों में शिक्षकों के लिए TET योग्यता अनिवार्य की, सेवारत शिक्षकों को परीक्षा पास करने के लिए समय दिया
सुप्रीम कोर्ट ने गैर-अल्पसंख्यक विद्यालयों में शिक्षकों के लिए TET योग्यता अनिवार्य की, सेवारत शिक्षकों को परीक्षा पास करने के लिए समय दिया

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शिक्षक के रूप में नियुक्ति के इच्छुक और पदोन्नति के इच्छुक सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) के लागू होने से पहले नियुक्त और पांच वर्ष से अधिक सेवा शेष रहे शिक्षकों के संबंध में न्यायालय ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करने के लिए दो वर्ष का समय दिया।साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि RTE Act के तहत TET की आवश्यकता अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों पर तब तक लागू नहीं...

भाई के एक ही घर और रसोई साझा न करने तक जिठानी परिवार का हिस्सा नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
भाई के एक ही घर और रसोई साझा न करने तक जिठानी परिवार का हिस्सा नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति को रद्द करने को रद्द कर दिया, जिसमें कहा गया था कि एक भाभी (जेठानी) को सरकारी आदेश के तहत 'एक ही परिवार' का हिस्सा माना जाता है, अगर दोनों भाई एक ही घर और रसोई के साथ रहते हैं।जस्टिस अजीत कुमार की पीठ ने कुमारी सोनम की याचिका को स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया, जिनकी नियुक्ति 13 जून, 2025 को बरेली के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने रद्द कर दी थी। रद्द करने का आधार इस आधार पर था कि उसकी जेठानी पहले से ही उसी केंद्र में आंगनवाड़ी सहायक...

कस्टम्स एक्ट की धारा 108 के तहत स्वीकार करने पर बिना सर्टिफिकेट भी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मान्य: सुप्रीम कोर्ट
कस्टम्स एक्ट की धारा 108 के तहत स्वीकार करने पर बिना सर्टिफिकेट भी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मान्य: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि राजस्व खुफिया निदेशालय द्वारा जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सीमा शुल्क अधिनियम की धारा 138 C(4) के तहत प्रमाण पत्र के बिना भी स्वीकार्य हो सकते हैं, अगर निर्धारिती ने सीमा शुल्क अधिनियम की धारा 108 के तहत अपने बयानों में उपकरणों में इन दस्तावेजों को स्वीकार किया है।सीमा शुल्क अधिनियम की धारा 138 C(4) में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य साबित करने के लिए साक्ष्य अधिनियम की धारा 65 B(4) के तहत जनादेश के समान एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता होती है। यहां,...

MBBS स्पोर्ट्स कोटा मामले में अंतरराष्ट्रीय नाविक की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
MBBS स्पोर्ट्स कोटा मामले में अंतरराष्ट्रीय नाविक की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट (गोवा बेंच) के 25 अगस्त के आदेश के खिलाफ भारत के अंतरराष्ट्रीय खेल नाविक पर्ल मिलिंद कोलवलकर द्वारा दायर याचिका में आज (1 सितंबर) को नोटिस जारी किया, जिसमें उसने गोवा राज्य सरकार के एक फैसले को रद्द कर दिया और रद्द कर दिया, जिसमें खेल कोटा के तहत पात्र मेधावी खिलाड़ियों को स्वतंत्रता सेनानी श्रेणी के बच्चों के तहत खाली सीटें आवंटित की गई थीं।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने नोटिस जारी किया। हाईकोर्ट ने 25 अगस्त के एक आदेश में एक अगस्त के...

उत्तराखंड हाईकोर्ट का आदेश : मकतब अब मदरसा नाम का इस्तेमाल नहीं करेंगे, हलफनामा दाखिल करना होगा
उत्तराखंड हाईकोर्ट का आदेश : मकतब अब मदरसा नाम का इस्तेमाल नहीं करेंगे, हलफनामा दाखिल करना होगा

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उन मकतबों को राहत दी, जिन्हें बिना विधिक आदेश के सील कर दिया गया। साथ ही सख्त निर्देश दिया कि वे अपने संस्थान के नाम में मदरसा शब्द का प्रयोग नहीं करेंगे।जस्टिस मनोज कुमार तिवारी की एकल पीठ ने याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि ऐसे संस्थानों को अपनी इमारतों को डि-सील करवाने के लिए संबंधित उप-जिलाधिकारी (SDM) के समक्ष हलफनामा देना होगा कि वे न तो मदरसा चलाएंगे और न ही अपने संस्थानों के नाम में मदरसा शब्द का प्रयोग करेंगे।राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि केवल वही संस्थान...