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'कुछ अवसरों पर पक्षकार की अनुपस्थिति अभियोजन न करने के आधार पर मामले को खारिज करने के लिए पर्याप्त नहीं': बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 256 के तहत किसी शिकायत को केवल इसलिए अभियोजन न करने के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता, क्योंकि शिकायतकर्ता या वकील सुनवाई की कुछ तारीखों पर अनुपस्थित थे। न्यायालय ने कहा कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुसार शिकायतकर्ता को शिकायत के गुण-दोष के आधार पर मुकदमा चलाने का उचित अवसर दिया जाना चाहिए और कठोर या अति-तकनीकी दृष्टिकोण से बचना चाहिए।जस्टिस एम. एम. नेर्लिकर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा पारित 7 जनवरी, 2023 के आदेश...
पंजाब IB में कानूनी अधिकारियों का कम वेतनमान, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से निर्णय लेने को कहा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को राज्य के खुफिया ब्यूरो (IB) में कार्यरत कानूनी अधिकारियों को दिए जा रहे कथित मनमाने और अनुचित रूप से कम वेतनमान को चुनौती देने वाली याचिका पर निर्णय लेने का निर्देश दिया।यह आरोप लगाया गया कि पंजाब अन्वेषण ब्यूरो (सिविलियन सपोर्ट स्टाफ) ग्रुप-बी सेवा नियम, 2021" और "पंजाब अन्वेषण ब्यूरो (सिविलियन सपोर्ट स्टाफ) ग्रुप-सी सेवा नियम, 2021" अधिसूचित किए गए। कानूनी अधिकारी का वेतनमान 29,200 रुपये और सहायक कानूनी अधिकारी का वेतनमान 25,500 रुपये निर्धारित किया...
बार वैकेंसी से जिला जज नियुक्ति में न्यायिक अधिकारी की पात्रता पर सुप्रीम कोर्ट आज करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ आज इस अहम मुद्दे पर सुनवाई करेगी कि क्या कोई न्यायिक अधिकारी, जिसने बार में पहले ही 7 साल पूरे कर लिए हों, 'बार वैकेंसी' के तहत जिला जज पद पर नियुक्त होने का हकदार है या नहीं।चीफ़ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ (CJI बी.आर. गवई), जस्टिस एम.एम. सुन्दरश, जस्टिस अरविंद कुमार, जस्टिस एस.सी. शर्मा और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की 5-जजों की खंडपीठ इस मामले पर विचार करेगी। यह खंडपीठ उस आदेश के बाद बनी है जिसमें सीजेआई गवई, जस्टिस विनोद चंद्रन और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की 3-जजों की...
जयपुर साहित्य महोत्सव में टिप्पणियों मामले में आशीष नंदी को राहत
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में भारतीय मनोवैज्ञानिक और आलोचक आशीष नंदी के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को रद्द कर दिया। आशीष नंदी ने 203वें जयपुर साहित्य महोत्सव में यह आपत्तिजनक टिप्पणी की थी कि अधिकांश भ्रष्ट लोग समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों से आते हैं।यद्यपि न्यायालय ने पाया कि ये टिप्पणियां आपत्तिजनक थीं। उन्होंने इनकी कड़ी निंदा की। फिर भी नंदी की वर्तमान आयु (90 वर्ष) और उनके द्वारा बिना शर्त माफ़ी मांगने को देखते हुए इन मामलों को रद्द करना उचित समझा।जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस एन. वी....
सुप्रीम कोर्ट ने फ़ार्मेसी काउंसिल के फ़ार्मा कोर्स के अनुमोदन, एडमिशन और निरीक्षण की समय-सीमा में संशोधन के आवेदन को मंज़ूरी दी
सुप्रीम कोर्ट ने 8 सितंबर को भारतीय फ़ार्मेसी परिषद (PCI) द्वारा संस्थानों को अनुमोदन प्रदान करने और विभिन्न फ़ार्मेसी कोर्स में एडमिशन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रस्तावित संशोधित समय-सीमा को मंज़ूरी दी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस अतुल एस. चंदूकर की पीठ PCI द्वारा दायर एक आवेदन पर सुनवाई कर रही थी।PCI ने पार्श्वनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट एवं अन्य बनाम अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद एवं अन्य मामले में न्यायालय द्वारा 2012 में निर्धारित समय-सीमा में...
The Indian Contract Act में गिरवी के Contract में Pawnee कब गिरवी वस्तु बेच सकता है?
भारतीय संविदा अधिनियम 1872 की धारा 176 Pawnee के अधिकारों का उल्लेख कर रही है। इस धारा के अनुसार Pawnee के अधिकारों के उल्लेख में एक महत्वपूर्ण वर्णन यह है कि यदि Pawner उस धन के संदाय में या अनुबंध समय पर उस वचन का पालन करने में जिसके लिए माल गिरवी रखा गया है व्यतिक्रम करता है चूक करता है तो Pawnee गिरवीदार के विरुद्ध वाद लाने के लिए सक्षम हो जाता है।ऐसी स्थिति में उक्त गिरवी माल को समपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में प्रतिधारण कर सकता है। यह गिरवी चीज को बेचने की युक्तियुक्त सूचना Pawner को...
The Indian Contract Act में गिरवी का Contract
गिरवी एक साधारण अवधारणा है जो आम जीवन में हमें देखने को मिलती है। कर्ज के लिए गिरवी किसी कीमती वस्तु को रखा जाता है तथा कर्ज के भुगतान के समय उसे पुनः वापस ले लिया जाता है। संविदा विधि के अंतर्गत गिरवी की अवधारणा को वैधानिक बल दिया गया है। भारतीय संविदा अधिनियम 1872 की धारा 172 के अंतर्गत गिरवी की परिभाषा प्रस्तुत की गई है। गिरवी एक प्रकार का उपनिधान ही होता है परंतु गिरवी में किसी वचन के पालन हो जाने तक वस्तु हस्तांतरित नहीं की जाती है जबकि उपनिधान में किसी प्रयोजन के पूरा हो जाने तक वस्तु...
सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित संपत्ति की नीलामी के बाद कर्जदार के साथ समझौता करने पर PNB को लगाई फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) को कर्जदार की संपत्ति की नीलामी करने के बाद कर्जदार के साथ समझौता करने पर फटकार लगाई। कोर्ट ने बैंक से कहा कि वह जल्द से जल्द नीतिगत फैसला ले ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने PNB को नीलामी क्रेता को अंतिम बिक्री प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया। कोर्ट नीलामी क्रेता द्वारा दायर याचिका पर विचार कर रहा था, जो बिक्री प्रमाणपत्र जारी करने के बजाय उसके द्वारा जमा की गई बिक्री राशि वापस करने के...
सोनिया गांधी केस: मतदाता सूची में नाम जोड़ने का अधिकार सिर्फ चुनाव आयोग का
दिल्ली की अदालत ने गुरुवार को कहा कि वह कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के खिलाफ चुनावी मतदाता सूची में 1980 में उनका नाम शामिल कराने के लिए प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की याचिका पर विचार नहीं कर सकती, क्योंकि इससे भारत के चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप होगा।राउज़ एवेन्यू कोर्ट्स के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने विकास त्रिपाठी द्वारा दायर शिकायत खारिज कर दी। त्रिपाठी का आरोप था कि गांधी ने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराया। अदालत ने...
उमर खालिद, शरजील इमाम और गुलफिशा फातिमा की जमानत याचिका पर कल होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट कल उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा और मीरान हैदर की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करेगा, जो दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश मामले में दायर की गई हैं।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजनिया की बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी। यह याचिकाएँ दिल्ली हाईकोर्ट के 2 सितंबर के फैसले के खिलाफ दायर की गई हैं, जिसमें उनकी जमानत याचिकाएँ खारिज कर दी गई थीं। याचिकाकर्ता, जो 2019-2020 में एंटी-सीएए विरोध प्रदर्शनों के आयोजकों में शामिल छात्र कार्यकर्ता थे, पर गैरकानूनी गतिविधियाँ (निवारण) अधिनियम...
फैक्ट्रियों का गंदा पानी यमुना में मिल रहा, दिल्ली हाईकोर्ट ने DPCC से सुधारात्मक कदमों पर जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार (11 सितंबर) को दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को निर्देश दिया कि वह अदालत के सामने सभी औद्योगिक क्षेत्रों का पूरा चार्ट रखे और यह बताए कि फैक्ट्रियों व उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट के उपचार की नियमित निगरानी के लिए वह क्या कदम उठा रही है।अदालत ने आगे समिति को अगली तारीख पर पेश होने और उस विशेष समिति की रिपोर्ट पर अपनी दलीलें रखने का आदेश दिया, जिसने शहर के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs) का निरीक्षण किया था। रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर फैक्ट्रियां सीवेज सीधे...
उमर खालिद ने पुलिस FIR को बताया 'मज़ाक', कहा- फंसाने के लिए सबूत गढ़े गए
उमर खालिद ने गुरुवार को दिल्ली की एक अदालत से कहा कि वह दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश वाले मामले में पांच साल से जेल में बंद हैं और इसे “एफआईआर का मज़ाक” बताया।सीनियर एडवोकेट त्रिदीप पैस ने कड़कडूमा कोर्ट के एएसजे समीर बाजपेयी के सामने, खालिद के खिलाफ आरोप तय करने का विरोध करते हुए यह दलील दी। मामला एफआईआर 59/2020 से जुड़ा है, जिसकी जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल कर रही है। इसमें यूएपीए के तहत आरोप है कि 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में बड़ी साज़िश रची गई। पैस ने कहा कि यूएपीए एफआईआर की कोई...
सुप्रीम कोर्ट ने पिस्तौल से हमला करने वाले की हत्या के मामले में आरोपी को बरी किया
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उत्तराखंड के एक डॉक्टर की सजा और उम्रकैद को रद्द कर दिया, जिसे एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या करने के आरोप में दोषी ठहराया गया था। कोर्ट ने डॉक्टर की आत्मरक्षा की दलील को स्वीकार कर लिया।जस्टिस एम.एम. सुनेद्रेश और जस्टिस एन. कोटिश्वर की खंडपीठ ने दरशन सिंह बनाम पंजाब राज्य मामले में तय किए गए 10 सिद्धांतों का हवाला दिया और कहा कि आत्मरक्षा के अधिकार को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता और इसे “सोने की तराजू” में नहीं तौला जा सकता। कोर्ट ने कहा कि जब कोई व्यक्ति आरोपी के...
फेसबुक पर बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण को लेकर पोस्ट करने वाले व्यक्ति को राहत नहीं
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को बाबरी मस्जिद पर कथित फेसबुक पोस्ट को लेकर दर्ज व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला रद्द करने से इनकार किया। इस पोस्ट में कहा गया था कि "बाबरी मस्जिद एक दिन तुर्की की सोफिया मस्जिद की तरह फिर से बनाई जाएगी"।हालांकि, जस्टिस अजय भनोट की पीठ ने आरोपी (मोहम्मद फैय्याज मंसूरी) के खिलाफ मामले की सुनवाई तेज की।बता दें, मंसूरी के खिलाफ 6 अगस्त, 2020 को FIR दर्ज की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर अपमानजनक संदेश पोस्ट किया, जिस पर समरीन बानो नाम की एक...
Sec.420 IPC| फर्जी दस्तावेज़ से कोई लाभ न मिला तो धोखाधड़ी का अपराध नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (10 सितम्बर) को एक शैक्षणिक संस्थान के प्रमुख के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी का मामला रद्द कर दिया, जिन पर फर्जी फायर डिपार्टमेंट एनओसी का इस्तेमाल कर संबद्धता (affiliation) लेने का आरोप था।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने कहा कि कॉलेज को मान्यता दिलाने के लिए फायर डिपार्टमेंट की नकली एनओसी जमा करना न तो धोखाधड़ी (cheating) है और न ही जालसाजी (forgery), क्योंकि यह दस्तावेज़ कानूनी तौर पर अनिवार्य नहीं था और न ही शिक्षा विभाग को संबद्धता देने के लिए इससे...
SRM यूनिवर्सिटी विध्वंस विवाद | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज़िला मजिस्ट्रेट द्वारा अंतरिम राहत याचिका पर निर्णय होने तक बलपूर्वक कार्रवाई पर रोक लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ पीठ) ने बुधवार को श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी (SRM) बाराबंकी के विरुद्ध चल रही विध्वंस कार्रवाई सहित बलपूर्वक कार्रवाई पर रोक लगाई। यह रोक उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 के तहत पारित बेदखली और दंडात्मक आदेश के अनुसरण में लगाई गई।जस्टिस आलोक माथुर की पीठ ने यह आदेश श्री रामस्वरूप मेमोरियल एजुकेशनल ट्रस्ट लखनऊ द्वारा अपने प्रबंध न्यासी के माध्यम से दायर रिट याचिका पर पारित किया, जिसमें यूनिवर्सिटी परिसर के एक हिस्से को ध्वस्त करने की राज्य सरकार की...
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से तमिलनाडु राज्यपाल मामले का फैसला गलत घोषित करने की मांग की
सुप्रीम कोर्ट में बिलों पर हस्ताक्षर (असेंट) से जुड़े मुद्दों पर चल रही राष्ट्रपति संदर्भ (Presidential Reference) की सुनवाई के आखिरी दिन, केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से आग्रह किया कि दो-जजों वाली तमिलनाडु जजमेंट को सही कानून न माना जाए। सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिन की सुनवाई पूरी करने के बाद आज इस मामले पर अपना मत सुरक्षित रख लिया। इस संदर्भ में राष्ट्रपति द्वारा 14 प्रश्न उठाए गए थे, जिनमें यह भी शामिल है कि क्या बिलों पर हस्ताक्षर के लिए कोई समयसीमा तय की जा सकती...
दिल्ली हाईकोर्ट ने ऐश्वर्या राय बच्चन के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की, कहा- बिना अनुमति उपयोग निजता का उल्लंघन
दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन के व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) की रक्षा करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के व्यक्तिगत गुणों का बिना अनुमति शोषण (exploitation) उसके निजता के अधिकार का उल्लंघन है और उसके साथ गरिमा के साथ जीने के अधिकार को भी प्रभावित करता है।जस्टिस तेजस करिया ने विभिन्न संस्थाओं को अभिनेत्री के नाम और तस्वीरों सहित उनके व्यक्तिगत गुणों का दुरुपयोग करने से रोक दिया। कोर्ट ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी तकनीक का इस्तेमाल करके उनके नाम...
राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: न्यायिक डिक्री सिर्फ दिखावा नहीं, तकनीकी आधार पर राहत देने से इनकार नहीं कर सकता कोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सक्षम न्यायालय द्वारा पारित डिक्री को केवल कागज़ी दस्तावेज़ या दीवार पर टंगी शो-पीस बनाकर नहीं छोड़ा जा सकता। निष्पादन न्यायालय तकनीकी कारणों के आधार पर वास्तविक राहत से इनकार नहीं कर सकता।जस्टिस फ़र्ज़न्द अली ने कहा,“डिक्री का उद्देश्य महज़ कागज़ पर बने रहना नहीं है। इसे वास्तविकता में लागू किया जाना चाहिए ताकि सफल पक्षकार को वह संपूर्ण लाभ मिल सके, जो निर्णय और डिक्री में निहित है। अन्यथा, पूरा न्यायिक प्रक्रिया ही निरर्थक हो जाएगी।”मामला ऐसे समझौता आधारित...
प्रक्रिया न्याय की दासी, इसे मूल अधिकारों के नाम पर पराजित नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि प्रक्रिया न्याय की दासी है और तकनीकी पहलुओं को पक्षकारों के मूल अधिकारों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि, मूल अधिकारों के नाम पर प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं को नष्ट नहीं किया जा सकता।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कहा, "मूल अधिकारों का दावा और प्रदानीकरण भी कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए किया जाना चाहिए...यदि इसका पालन नहीं किया गया तो दीवानी प्रक्रिया के संहिताकरण का पूरा उद्देश्य ही निरर्थक हो जाएगा।"पीठ ICAR...




















