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लखीमपुर खीरी मामला: सुप्रीम कोर्ट ने गवाह की धमकी की शिकायत पर कार्रवाई न करने पर यूपी पुलिस से सवाल किए
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस को पूर्व केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा से जुड़े लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में गवाही न देने के लिए धमकी/प्रलोभन देने संबंधी एक व्यक्ति की शिकायत पर आरोपों की पुष्टि करने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।जहां तक उस व्यक्ति द्वारा औपचारिक शिकायत किए जाने के बावजूद, इस आधार पर कि वह पुलिस अधिकारियों के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ, यूपी सरकार द्वारा FIR दर्ज न किए जाने पर असंतोष व्यक्त किया गया कि वह पुलिस अधिकारियों के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ, अदालत ने...
गुजरात हाईकोर्ट ने बलात्कार मामले में आसाराम बापू की अस्थायी ज़मानत 21 अगस्त तक बढ़ाई
गुजरात हाईकोर्ट ने गुरुवार (7 अगस्त) को आसाराम बापू की अस्थायी ज़मानत 21 अगस्त तक बढ़ा दी। आसाराम बापू को 2013 के एक बलात्कार मामले में गांधीनगर की सेशन कोर्ट ने दोषी ठहराया था और वे आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।गौरतलब है कि 3 जुलाई को हाईकोर्ट ने आसाराम बापू के वकील के इस बयान पर गौर करने के बाद कि वह अस्थायी ज़मानत की अवधि और बढ़ाने की मांग नहीं करेंगे, उनकी अस्थायी ज़मानत एक महीने के लिए बढ़ा दी थी। हाईकोर्ट ने तब स्पष्ट किया था कि मेडिकल आधार पर अस्थायी ज़मानत की अवधि बढ़ाने की आगे की...
बिजली शुल्क लागत-प्रतिबिंबित होना चाहिए, डिस्कॉम को 4 वर्षों के भीतर राजस्व घाटे की भरपाई करने की अनुमति दी जाए: ERC से सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (6 अगस्त) को एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि उपभोक्ताओं को तत्काल टैरिफ बढ़ोतरी से बचाने के लिए विद्युत नियामक आयोगों (ERC) द्वारा बनाई गई नियामक संपत्तियों का समाधान लंबे समय तक नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट ने निर्देश दिया कि भविष्य की नियामक संपत्तियों का तीन वर्षों के भीतर परिसमापन किया जाना चाहिए, जबकि मौजूदा संपत्तियों का चार वर्षों के भीतर निपटान किया जाना चाहिए।कोर्ट ने सभी राज्य विद्युत नियामक आयोगों (SERC) को नियामक संपत्तियों के परिसमापन की समय-सारिणी, जिसमें...
इंदौर-देवास हाईवे जाम पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- NHAI से सर्विस रोड निर्माण और रखरखाव पर रिपोर्ट पेश की जाए
इंदौर-देवास हाईवे पर लंबे जाम की घटनाओं के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को पॉलदा ब्रिज के पास सर्विस रोड के निर्माण और उसके रखरखाव की निगरानी करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि 30 दिनों के भीतर इस पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने यह निर्देश जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें सड़क संकेतों की मरम्मत पुल के दोनों ओर खड़े ट्रकों को हटाने, स्पीड ब्रेकर हटाने और सड़क रखरखाव के...
महाराष्ट्र अपार्टमेंट स्वामित्व अधिनियम के तहत रखरखाव शुल्क फ्लैट मालिकों के प्रस्ताव द्वारा संशोधित नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि कॉन्डोमिनियम में अपार्टमेंट मालिकों को महाराष्ट्र अपार्टमेंट स्वामित्व अधिनियम, 1970 की धारा 10 के अनुसार अपने अविभाजित हित के अनुपात में साझा क्षेत्रों के लिए रखरखाव शुल्क का भुगतान करना होगा। न्यायालय ने कहा कि इस वैधानिक आवश्यकता को अपार्टमेंट मालिकों के संघ द्वारा पारित प्रस्तावों द्वारा संशोधित या रद्द नहीं किया जा सकता है जो इकाई के आकार की परवाह किए बिना समान शुल्क लगाने की मांग करते हैं।जस्टिस मिलिंद एन. जाधव ट्रेजर पार्क कॉन्डोमिनियम के सदस्यों द्वारा दायर एक...
स्पोर्ट्स कोटे में नौकरी के लिए बॉडीबिल्डिंग सर्टिफिकेट वैध: IBBF को खेल मंत्रालय की मान्यता, राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि इंडियन बॉडी बिल्डर्स फेडरेशन (IBBF) द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्र वैध हैं। उन्हें खेल कोटे में भर्ती और अंकों की वेटेज के लिए मान्यता मिलनी चाहिए, क्योंकि यह फेडरेशन केंद्र सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त है।जस्टिस कुलदीप माथुर और जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ ने यह टिप्पणी उस विशेष अपील की सुनवाई के दौरान की, जिसमें एकल पीठ के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें IBBF के प्रमाण पत्र के आधार पर एक उम्मीदवार की खेल कोटे में...
तकनीकी आधार पर खारिज याचिका नहीं रोकेगी मुआवज़े की नई उम्मीद: बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
भूमि अधिग्रहण मामलों में मुआवज़े की पुनः गणना को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि यदि ज़मीन अधिग्रहण अधिनियम की धारा 18 के तहत दाखिल याचिका तकनीकी कारणों से खारिज हो गई हो और उसका गुण-दोष के आधार पर निपटारा नहीं हुआ हो तो प्रभावित व्यक्ति को धारा 28-A के तहत पुन: मुआवज़े की मांग करने का पूरा हक है।जस्टिस आर.जी. अवचट और जस्टिस नीरज पी. धोटे की खंडपीठ ने यह फैसला उस याचिका पर सुनाया, जिसमें उस्मानाबाद जिले की एक ज़मीन मालकिन ने मुआवज़े की बढ़ोतरी के लिए राहत मांगी थी।वर्ष...
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने AIIMS रायपुर और अन्य सरकारी अस्पतालों की दयनीय स्थिति को लेकर मीडिया रिपोर्टों पर राज्य सरकार से मांगा जवाब
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य भर के सरकारी अस्पतालों, खासकर राजधानी रायपुर में की भयावह और घटिया स्थिति को गंभीरता से लिया।न्यायालय का यह हस्तक्षेप कई खबरों के बाद आया, जिनमें एक हिंदी दैनिक की खबर भी शामिल थी। इसमें बताया गया कि कैसे AIIMS रायपुर में मरीजों को डॉक्टर से परामर्श के लिए रजिस्ट्रेशन के बाद लगभग 48 घंटे तक इंतजार करना पड़ा।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा,“राज्य की अधिकांश आबादी निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने की आर्थिक...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने IT पार्क स्थित लालित होटल को मिली पर्यावरण मंजूरी की मांगी जानकारी, नए कोर्ट भवन पर यूटी प्रशासन की आपत्ति के बाद उठाए सवाल
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ के आईटी पार्क क्षेत्र में स्थित The Lalit Hotel को दी गई पर्यावरण मंजूरी से जुड़े दस्तावेज मांगे। यह निर्देश उस वक्त आया, जब यूटी प्रशासन ने उसी क्षेत्र में नए हाईकोर्ट भवन के निर्माण पर पर्यावरणीय आधार पर आपत्ति जताई।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की पीठ ने कहा,"आईटी पार्क क्षेत्र से जुड़ी पर्यावरणीय आपत्तियों का दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत किया जाए।"कोर्ट ने चंडीगढ़ यूटी प्रशासन को एक हलफनामा दायर करने को कहा, जिसमें उन्हें निम्नलिखित सवालों के...
BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा की उन्हें हटाने की सिफारिश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा द्वारा दायर रिट याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने आंतरिक जांच रिपोर्ट को चुनौती दी थी। इसमें उन्हें आंतरिक जांच कांड में दोषी ठहराया गया था। साथ ही तत्कालीन चीफ जस्टिस संजीव खन्ना द्वारा राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को जस्टिस वर्मा को हटाने की सिफारिश को भी चुनौती दी गई थी।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ ने 30 जुलाई को फैसला सुरक्षित रखा था। इस पर खंडपीठ ने आज फैसला सुनाया।फैसला सुनाते हुए खंडपीठ ने शुरू में ही कहा कि...
न्यायिक पर्यवेक्षण बनाम हाईकोर्ट की संवैधानिक स्वायत्तता
भारत का संघीय न्यायिक ढांचा संविधान के सर्वोच्च व्याख्याता के रूप में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका और हाईकोर्ट की संवैधानिक स्वायत्तता के बीच संतुलन स्थापित करता है। 04.08.2025 को, सुप्रीम कोर्ट ने मेसर्स शिखर केमिकल्स बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य (विशेष अनुमति याचिका (आपराधिक प्रक्रिया) संख्या 11445/2025) मामले में, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को प्रशासनिक निर्देश जारी किए, जिसमें न्यायिक अतिक्रमण की चिंता जताई गई। यह लेख मामले के तथ्यों, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और न्यायिक संघवाद पर...
'धर्मनिरपेक्षता की अवधारणा के विरुद्ध': देवता ने 'उत्तर प्रदेश बांके बिहारी मंदिर न्यास अध्यादेश' को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया
राज्यपाल द्वारा 26 मई, 2025 को जारी उत्तर प्रदेश श्री बांके बिहारी जी मंदिर न्यास अध्यादेश, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई।पीठासीन देवता श्री बांके बिहारी, शबैत और हरिदासी संप्रदाय के सखी संप्रदाय के सदस्यों द्वारा दायर याचिका में तर्क दिया गया कि यह अध्यादेश सीधे तौर पर उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों का अतिक्रमण करता है और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(g), 25, 26 और 300A का पूर्ण उल्लंघन है।इस मामले की सुनवाई जस्टिस अरिंदम सिन्हा...
एक जज को भविष्य की संभावनाओं या लोकप्रियता की चिंता नहीं करनी चाहिए: न्यायपालिका में नैतिकता पर बोले जस्टिस ए.एस. ओक
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अभय एस. ओक ने बुधवार को कहा कि जजों को अपने निर्णयों को व्यक्तिगत मान्यताओं या लोकप्रिय भावनाओं से प्रभावित नहीं होने देना चाहिए और जजों के लिए नैतिकता पूरी तरह से वैधानिकता और संवैधानिकता पर आधारित होनी चाहिए।वह ग्लोबल ज्यूरिस्ट्स द्वारा आयोजित "न्यायपालिका में नैतिकता: एक प्रतिमान या विरोधाभास" विषय पर व्याख्यान श्रृंखला में बोल रहे थे।जस्टिस ओक ने कहा कि पदभार ग्रहण करने से पहले जज नैतिकता, धर्म या दर्शन पर व्यक्तिगत विचार रख सकते हैं, लेकिन एक बार नियुक्त...
S. 389 CrPC | सजा निलंबित करने के लिए हाईकोर्ट को यह आकलन करना चाहिए कि क्या दोषी के बरी होने की उचित संभावना है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (6 अगस्त) को राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश रद्द कर दिया, जिसमें एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के लिए POCSO Act के तहत दोषी ठहराए गए व्यक्ति को जमानत देने और सजा निलंबित करने का आदेश दिया गया था। न्यायालय ने कहा कि हाईकोर्ट यह आकलन करने में विफल रहा कि क्या दोषी के बरी होने की उचित संभावना है।न्यायालय ने कहा,"यह उम्मीद की जा सकती है कि हाईकोर्ट दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 389 के तहत सजा निलंबन के लिए दायर आवेदन पर सुनवाई करते हुए यह जांच करेगा कि क्या प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड...
अच्छे वकीलों को जज क्यों नहीं नियुक्त किया जा रहा? केंद्र सरकार से जवाब चाहिए: जस्टिस एमबी लोकुर
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मदन बी लोकुर ने बुधवार (6 अगस्त) को जजों की नियुक्ति प्रक्रिया में बढ़ते कार्यपालिका के हस्तक्षेप पर चिंता जताई। साथ ही इस बात पर अधिक पारदर्शिता की मांग की कि सरकार कुछ उम्मीदवारों को उनकी उत्कृष्ट वकीलों के रूप में प्रतिष्ठा के बावजूद, नियुक्त क्यों नहीं कर रही है।दिल्ली में एक कार्यक्रम में बोलते हुए जस्टिस लोकुर ने कहा,"हाल के दिनों में जजों की नियुक्ति में कई समस्याएं आई हैं। नियुक्ति प्रक्रिया में कार्यपालिका का काफी हस्तक्षेप रहा है।"जस्टिस लोकुर ने बताया...
राजनीतिक दल अपनी राजनीतिक लड़ाई लड़ने के लिए अदालतों का इस्तेमाल नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि राजनीतिक दल अपनी राजनीतिक लड़ाई लड़ने के लिए अदालतों का इस्तेमाल नहीं कर सकते।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने मद्रास हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के खिलाफ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) पार्टी और तमिलनाडु सरकार द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। मद्रास हाईकोर्ट ने सरकारी कल्याणकारी योजना के लिए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नाम के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट ने यह आदेश विपक्षी...
The Indian Contract Act की धारा 1 के प्रावधान
The Indian Contract Act को समझने के लिए इसकी मूल 30 धाराओं को समझना अत्यंत आवश्यक है। प्रारंभ की 1 से लेकर 30 तक की धाराएं सर्वाधिक महत्वपूर्ण धाराएं है। इस एक्ट के मूल आधारभूत ढांचे को इन 30 धाराओं के भीतर समझाने का प्रयास कर दिया गया है। यदि इन 30 धाराओं को इनके मूल मर्म के साथ समझने का प्रयास किया जाए तो समस्त संविदा विधि को अत्यंत सरलता के साथ समझा जा सकता है।धारा 1 इस एक्ट का परिचयात्मक हिस्सा है, जो इसके नाम, विस्तार, और प्रारंभ की तारीख को परिभाषित करती है। यह धारा एक्ट के दायरे और लागू...
The Indian Contract Act का सिविल लॉ में महत्व
The Indian Contract Act सिविल मामलों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण एक्ट है। यह एक्ट सिविल मामलों में ऐसा ही महत्व रखती है जैसा महत्व प्रशासनिक विधि के मामले में संविधान का है। इस एक्ट के बाद ही अन्य विधियों का जन्म हुआ है। भारत में संविदा विधि से संबंधित सर्वाधिक महत्वपूर्ण एक्ट भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 (इंडियन कॉन्ट्रैक्ट एक्ट, 1872) अधिनियमित है। भारत में अंग्रेज शासन काल के समय इस एक्ट को भारत में सिविल विधि को समृद्ध बनाने हेतु बनाया गया था।अंग्रेज शासन काल को अपने कंपनी संबंधित अनुबंध करने...
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धारा 17A की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली रिट याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसे 2018 में एक संशोधन के माध्यम से पेश किया गया था। यह रिट याचिका सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन द्वारा दायर की गई है।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने एडवोकेट प्रशांत भूषण (CPIL की ओर से) और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (केंद्र की ओर से) की दो दिनों तक सुनवाई की।संक्षेप में मामलाभूषण ने PC Act की धारा 17A को चुनौती देते हुए तर्क...
कोयला लेवी 'घोटाला' मामले में सूर्यकांत तिवारी की अंतरिम ज़मानत रद्द करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, DMF 'घोटाला' मामले में दी अंतरिम ज़मानत
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ कोयला लेवी 'घोटाला' मामले में व्यवसायी सूर्यकांत तिवारी को दी गई अंतरिम ज़मानत रद्द करने से इनकार किया। हालांकि, कोर्ट ने DMF घोटाला मामले में व्यवसायी को मई में पहले लगाई गई शर्तों और नियमों पर अंतरिम ज़मानत दी।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने विस्तृत दलीलें सुनने के बाद राहत प्रदान की। इस पर विचार करते हुए खंडपीठ ने कहा कि मई के आदेश के तहत तिवारी पर शर्त लगाई, जिसके अनुसार वह जाँच एजेंसियों/निचली अदालतों द्वारा आवश्यक होने पर ही छत्तीसगढ़...




















