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हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जेल में बंद सांसद इंजीनियर राशिद को संसद जाने के लिए लगाए गए खर्च का हिसाब समझाने को कहा
हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जेल में बंद सांसद इंजीनियर राशिद को संसद जाने के लिए लगाए गए खर्च का हिसाब समझाने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस से यह स्पष्ट करने को कहा कि जम्मू-कश्मीर के सांसद इंजीनियर राशिद को संसद जाने की अनुमति देने के लिए उन पर लगाए गए लगभग 4 लाख के खर्च की गणना का आधार क्या है।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस अनुप जयराम भंभानी की खंडपीठ इंजीनियर राशिद की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने 25 मार्च के आदेश में संशोधन की मांग की थी। उस आदेश में उन्हें संसद जाने के लिए जेल अधिकारियों के पास करीब 4 लाख जमा करने की शर्त लगाई गई।अदालत ने कहा कि राज्य (दिल्ली पुलिस) इस...

CPI (M) को गाजा नरसंहार की निंदा करते हुए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति मिली
CPI (M) को गाजा नरसंहार की निंदा करते हुए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति मिली

बॉम्बे हाईकोर्ट ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) को गाजा में जारी नरसंहार की निंदा करने के लिए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति दी।जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखड की खंडपीठ ने मुंबई पुलिस के इस बयान को स्वीकार कर लिया कि विरोध प्रदर्शन मुंबई में प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थल आज़ाद मैदान में होगा।गौरतलब है कि यह दूसरी बार है जब माकपा ने गाजा में नरसंहार के विरोध में अनुमति मांगने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, क्योंकि मुकदमेबाजी के अपने पहले दौर में जस्टिस रवींद्र...

सिर्फ इसलिए कि वे दोषी हैं, हम किसी को राजनीतिक पार्टी बनाने से कैसे रोक सकते हैं?: सुप्रीम कोर्ट
'सिर्फ इसलिए कि वे दोषी हैं, हम किसी को राजनीतिक पार्टी बनाने से कैसे रोक सकते हैं?': सुप्रीम कोर्ट

"सिर्फ़ इसलिए कि किसी व्यक्ति को उसके वैधानिक अधिकारों के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है, आप उसे स्वतः ही उसके संवैधानिक अधिकार से वंचित नहीं कर सकते।" सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (12 अगस्त) को एक जनहित याचिका की सुनवाई के दरमियान मौखिक रूप से कहा, जिसमें दोषी व्यक्तियों पर राजनीतिक दल बनाने/पार्टी टिकट देने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी।संक्षेप में, 2017 में दायर यह जनहित याचिका जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए की व्याख्या से संबंधित है और यह मुद्दा उठाती है कि क्या भारत के चुनाव...

सेवा में दिव्यांग होने पर रिटायरमेंट आयु बढ़ाई जा सकती है: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
सेवा में दिव्यांग होने पर रिटायरमेंट आयु बढ़ाई जा सकती है: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि एक सरकारी कर्मचारी जो सेवा के दौरान बेंचमार्क विकलांगता प्राप्त करता है, वह राज्य की नीति के तहत विस्तारित सेवानिवृत्ति की आयु के लाभ का हकदार है, भले ही उसे विकलांग कोटा के तहत नियुक्त नहीं किया गया हो।राज्य सरकार की दलील को खारिज करते हुए जस्टिस ज्योत्सना रेवाल दुआ ने कहा, 'केवल इसलिए कि कोई व्यक्ति सेवा के दौरान दिव्यांग है, उसे उस व्यक्ति के साथ भेदभाव करने का कोई वैध आधार नहीं मिलता है, जो शारीरिक रूप से अक्षम है और सेवानिवृत्ति की आयु तय करने के उद्देश्य से...

BREAKING| लोकसभा स्पीकर ने जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति की घोषणा की
BREAKING| लोकसभा स्पीकर ने जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति की घोषणा की

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने जज (जांच) एक्ट, 1968 के तहत जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास पर बेहिसाब नकदी मिलने के मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने की घोषणा की।इस समिति के सदस्यों में सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस अरविंद कुमार, मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एम.एम. श्रीवास्तव और कर्नाटक हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट वासुदेव आचार्य शामिल हैं।यह निर्णय जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए लोकसभा के 146 सदस्यों द्वारा लोकसभा स्पीकर के समक्ष महाभियोग प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने के बाद आया है।कानून के...

लाइसेंस की समाप्ति के बाद बंदूक जमा करने में अनावश्यक देरी की अभिव्यक्ति आपराधिक मुकदमा शुरू करने के लिए बहुत अस्पष्ट : केरल हाईकोर्ट
लाइसेंस की समाप्ति के बाद बंदूक जमा करने में 'अनावश्यक देरी' की अभिव्यक्ति आपराधिक मुकदमा शुरू करने के लिए बहुत अस्पष्ट : केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने माना कि शस्त्र अधिनियम, 1959 की धारा 21(1) में लाइसेंस की समाप्ति के बाद हथियार जमा करने के संदर्भ में प्रयुक्त "बिना किसी अनावश्यक देरी के" शब्द बहुत अस्पष्ट है और इसलिए, यह आपराधिक अभियोजन का आधार नहीं बन सकता, जब तक कि ऐसा न किया जाए। जस्टिस वीजी अरुण ने याचिकाकर्ता के विरुद्ध कार्यवाही रद्द करते हुए यह निर्णय दिया, जिस पर लाइसेंस की समाप्ति के तीन महीने बाद अपनी लाइसेंसी बंदूक जमा करने का आरोप लगाया गया था।न्यायालय ने कहा, "अधिनियम की धारा 21(1) में 'बिना किसी अनावश्यक देरी...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गाजा में नरसंहार के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की सीपीआई (एम) की याचिका पर मुंबई पुलिस का रुख पूछा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गाजा में नरसंहार के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की सीपीआई (एम) की याचिका पर मुंबई पुलिस का रुख पूछा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार (11 अगस्त) को मुंबई पुलिस को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) द्वारा फिलिस्तीन में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने, युद्धविराम का आह्वान करने और गाजा में जारी नरसंहार की निंदा करने के लिए दायर याचिका पर अपना रुख स्पष्ट करने का आदेश दिया। गौरतलब है कि यह दूसरी बार है जब माकपा ने गाजा में नरसंहार के विरोध में प्रदर्शन की अनुमति मांगने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इससे पहले, जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखड की पीठ ने पार्टी की आलोचना की थी कि वह...

IPL सट्टेबाजी मामले में एम.एस. धोनी की मानहानि याचिका पर ट्रायल शुरू करने का आदेश, साक्ष्य दर्ज करने को एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त
IPL सट्टेबाजी मामले में एम.एस. धोनी की मानहानि याचिका पर ट्रायल शुरू करने का आदेश, साक्ष्य दर्ज करने को एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त

मद्रास हाईकोर्ट ने 2014 में दायर महेंद्र सिंह धोनी की मानहानि याचिका में ट्रायल शुरू करने का आदेश दिया। यह याचिका 2013 के आईपीएल सट्टेबाजी घोटाले से जुड़ी कथित मानहानिकारक खबरें प्रकाशित करने से मीडिया कंपनियों और उनके प्रतिनिधियों को रोकने के लिए स्थायी निषेधाज्ञा की मांग करती है।जस्टिस सी.वी. कार्तिकेयन ने धोनी के साक्ष्य दर्ज करने के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया, जो 20 अक्टूबर से 10 दिसंबर के बीच किसी उपयुक्त स्थान पर यह कार्य करेंगे। अदालत ने माना कि धोनी की अदालत में व्यक्तिगत उपस्थिति...

कानूनी सलाह पर वकीलों को समन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
कानूनी सलाह पर वकीलों को समन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (12 अगस्त) को स्वतः संज्ञान मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया। यह मामला जांच एजेंसियों द्वारा अपने मुवक्किलों को दी गई कानूनी सलाह पर वकीलों को समन जारी करने के मुद्दे पर लिया गया था।कोर्ट ने संकेत दिया कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश निर्धारित करेगा कि कानूनी पेशे की स्वतंत्रता और वकील-मुवक्किल के विशेषाधिकार का उल्लंघन न हो।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच "मामलों और संबंधित मुद्दों की जांच के...

BREAKING| क्या न्यायिक अधिकारी बार रिक्ति में जिला जज के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र हैं? सुप्रीम कोर्ट ने संविधान पीठ को भेजा मामला
BREAKING| क्या न्यायिक अधिकारी बार रिक्ति में जिला जज के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र हैं? सुप्रीम कोर्ट ने संविधान पीठ को भेजा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (12 अगस्त) को यह मुद्दा पांच जजों की संविधान पीठ को भेज दिया कि क्या कोई न्यायिक अधिकारी, जिसने बार में सात वर्ष पूरे कर लिए हैं, बार रिक्ति पर जिला जज के रूप में नियुक्त होने का हकदार है।न्यायालय ने यह मुद्दा भी उठाया कि क्या जिला जज के रूप में नियुक्ति के लिए पात्रता केवल नियुक्ति के समय या आवेदन के समय या दोनों समय देखी जानी चाहिए।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने संदर्भ आदेश पारित किया, जिसमें कहा गया कि...

पता लगाएं कि क्या कोई कैदी सजा काटने के बाद भी जेल में है? सुप्रीम कोर्ट का राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश
पता लगाएं कि क्या कोई कैदी सजा काटने के बाद भी जेल में है? सुप्रीम कोर्ट का राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (12 अगस्त) को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के गृह सचिवों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया कि वे पता लगाएं कि क्या कोई दोषी सजा की अवधि से अधिक समय तक जेल में है।न्यायालय ने आदेश दिया कि यदि ऐसा कोई दोषी जेल में है तो उसे तुरंत रिहा किया जाना चाहिए, यदि वह किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने एक अभियुक्त की रिहाई का आदेश देते हुए यह निर्देश दिया, यह देखते हुए कि उसने बिना किसी छूट के भी सजा की अवधि पूरी कर ली...

बिना ट्रायल बर्खास्त किए गए जामिया मिल्लिया इस्लामिया के असिस्टेंट प्रोफेसर को मिली राहत
बिना ट्रायल बर्खास्त किए गए जामिया मिल्लिया इस्लामिया के असिस्टेंट प्रोफेसर को मिली राहत

दिल्ली हाईकोर्ट ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर की सेवाएं समाप्त करने का आदेश रद्द कर दिया। उक्त प्रोफेसर पर बिना अनुमति अनुपस्थित रहने का आरोप था, जबकि उनका कहना था कि कुछ अन्य प्रोफेसरों द्वारा कथित उत्पीड़न के चलते उन्होंने कुछ समय तक कक्षाएं लेना बंद कर दिया था।जस्टिस प्रतीक जालान ने पाया कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का अपर्याप्त पालन हुआ, क्योंकि जिस जांच रिपोर्ट के आधार पर एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने बर्खास्तगी का निर्णय लिया वह रिपोर्ट कभी भी याचिकाकर्ता को सौंपी ही...

राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम बापू की अंतरिम जमानत 29 अगस्त तक बढ़ाई, मेडिकल बोर्ड को स्वास्थ्य जांच का दिया निर्देश
राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम बापू की अंतरिम जमानत 29 अगस्त तक बढ़ाई, मेडिकल बोर्ड को स्वास्थ्य जांच का दिया निर्देश

गुजरात हाईकोर्ट द्वारा मेडिकल आधार पर आसाराम बापू की अस्थायी जमानत 21 अगस्त तक बढ़ाने के आदेश के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने भी 2013 के दुष्कर्म मामले में उन्हें दी गई जमानत 29 अगस्त 2025 तक बढ़ा दी।पिछले महीने 8 जुलाई, 2025 के आदेश में जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने गुजरात हाईकोर्ट के 3 जुलाई के आदेश के आधार पर जमानत 12 अगस्त तक बढ़ाई थी। उस आदेश में गुजरात हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मेडिकल आधार पर आगे जमानत बढ़ाने का अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा।सुप्रीम कोर्ट...

शालीमार बाग में अनधिकृत रेहड़ी-पटरी वालों को आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी, हाईकोर्ट ने अधिकृत साप्ताहिक बाजार लगाने की अनुमति दी
शालीमार बाग में अनधिकृत रेहड़ी-पटरी वालों को आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी, हाईकोर्ट ने अधिकृत साप्ताहिक बाजार लगाने की अनुमति दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में नगर निगम दिल्ली (MCD) से कहा कि केवल इसलिए कि वह अनधिकृत रेहड़ी-पटरी वालों को नियंत्रित करने और सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण रोकने में असमर्थ है, यह कारण साप्ताहिक बाजार को बंद करने का आधार नहीं हो सकता, जिसे टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) द्वारा मंजूरी दी गई है।जस्टिस नितिन वासुदेव सांबरे और जस्टिस अनीश दयाल की खंडपीठ ने कहा,“सिर्फ इसलिए कि कुल 600 विक्रेताओं में से 300 विक्रेता अनधिकृत रूप से उस क्षेत्र में कारोबार कर रहे हैं, जिससे अव्यवस्था फैल सकती है, ऐसे में यह...

ट्रेडमार्क उल्लंघन में प्राथमिक उपयोग का बचाव तभी मान्य, जब वह वादी के उपयोग और रजिस्ट्रेशन दोनों से पहले का हो: दिल्ली हाईकोर्ट
ट्रेडमार्क उल्लंघन में प्राथमिक उपयोग का बचाव तभी मान्य, जब वह वादी के उपयोग और रजिस्ट्रेशन दोनों से पहले का हो: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि ट्रेडमार्क उल्लंघन के मामलों में प्राथमिक उपयोग का बचाव तभी मान्य होगा, जब प्रतिवादी द्वारा विवादित चिन्ह का उपयोग वादी के चिन्ह के रजिस्ट्रेशन और उपयोग दोनों से पहले का हो।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने कहा,“केवल तभी प्रतिवादी जो उल्लंघनकर्ता है सेक्शन 34 का सहारा लेकर निषेधाज्ञा से बच सकता है, जब वह ट्रेडमार्क का उपयोग वादी के पंजीकरण और उपयोग दोनों से पहले कर रहा हो। अन्यथा केवल 'प्राथमिक उपयोग' का दावा उल्लंघन या उससे उत्पन्न...

BCI | कोल्हापुर मंदिर की हाथिनी महादेवी | JAG | यासीन मलिक | मेधा पाटकर: कोर्ट्स टुडे - 08.08.25
BCI | कोल्हापुर मंदिर की हाथिनी महादेवी | JAG | यासीन मलिक | मेधा पाटकर: कोर्ट्स टुडे - 08.08.25

आज की बड़ी कानूनी खबरें — सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एनरोलमेंट के दौरान बार काउंसिल "ऑप्शनल फीस" नहीं ले सकती। कोल्हापुर मंदिर की हाथी 'महादेवी' को वंतारा ले जाने के खिलाफ याचिका पर SC में सुनवाई। SC ने JAG पदों पर पुरुषों के लिए अधिक आरक्षण देने की पॉलिसी रद्द की। दिल्ली हाईकोर्ट ने आतंकी फंडिंग मामले में यासीन मलिक से NIA की फांसी की मांग पर जवाब मांगा। राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग बलात्कार पीड़िता के पिता की गर्भसमापन याचिका खारिज की। सुप्रीम कोर्ट ने Delhi LG विनय कुमार सक्सेना के मानहानि मामले...

MV Act की धारा 166 के तहत बीमा दावेदार कम कोर्ट फीस का भुगतान करने के लिए दावे की राशि सीमित कर सकता है: बॉम्बे हाईकोर्ट
MV Act की धारा 166 के तहत बीमा दावेदार कम कोर्ट फीस का भुगतान करने के लिए दावे की राशि सीमित कर सकता है: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि एक दावेदार मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 166 के तहत अपील दायर करते समय दावे की राशि सीमित कर सकता है ताकि प्रारंभिक चरण में कम कोर्ट फीस का लाभ उठाया जा सके और उसे मूल कार्यवाही में दावा की गई पूरी राशि पर कोर्ट फीस का भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सके।जस्टिस शैलेश पी. ब्रह्मे MV Act की धारा 166 के तहत दावा न्यायाधिकरण द्वारा पारित निर्णय को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई कर रहे थे। अपीलकर्ता ने शुरू में दुर्घटना के लिए 40 लाख रुपये के मुआवजे का दावा किया...

दिल्ली हाईकोर्ट ने CBI को तिहाड़ जेल के अंदर कथित जबरदस्ती वसूली रैकेट की जांच करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने CBI को तिहाड़ जेल के अंदर कथित जबरदस्ती वसूली रैकेट की जांच करने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को तिहाड़ जेल के अंदर चल रहे जबरन वसूली रैकेट के आरोपों पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया, जिसमें जेल के अधिकारी और कैदी शामिल हैं।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने स्टेटस रिपोर्ट और दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव (गृह) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट का अवलोकन किया।न्यायालय ने कहा,"स्टेटस रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद हम निर्देश देते हैं कि CBI द्वारा इसके आधार पर FIR या RC दर्ज की जाए...