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दिव्यांगता श्रेणी में आरक्षण का आदान-प्रदान कर सकती है सरकार: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
दिव्यांगता श्रेणी में आरक्षण का आदान-प्रदान कर सकती है सरकार: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act) की धारा 34 के तहत राज्य सरकार विकलांगता श्रेणियों के बीच आरक्षण का आदान-प्रदान कर सकती है। कोर्ट ने कहा कि वाणिज्य संकाय के पदों से दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को बाहर करना अवैध नहीं है।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने यह फैसला दृष्टिबाधित उम्मीदवार की याचिका खारिज करते हुए दिया, जिसने वाणिज्य संकाय में सहायक प्रोफेसर के पद पर आरक्षण की मांग की...

बैंक की शर्तें पूरी किए बिना चूककर्ता उधारकर्ता OTS लाभ का दावा नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट ने SBI की अपील स्वीकार की
बैंक की शर्तें पूरी किए बिना चूककर्ता उधारकर्ता OTS लाभ का दावा नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट ने SBI की अपील स्वीकार की

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बैंक की एकमुश्त निपटान (OTS) स्कीम का लाभ उठाना उधारकर्ता का अधिकार नहीं है, खासकर तब जब अनिवार्य पूर्व शर्तों, जैसे कि आवश्यक अग्रिम भुगतान, का पालन न किया गया हो।यदि कोई उधारकर्ता OTS लाभ के लिए पात्र भी है तो भी जब तक OTS स्कीम में निर्धारित शर्तें पूरी नहीं की जातीं, तब तक उसे लाभ प्राप्त करने का कोई निहित अधिकार नहीं है।अदालत ने कहा,"पात्रता की सीमा पार करने पर चूककर्ता उधारकर्ता को अपने आवेदन पर विचार का दावा करने का अधिकार नहीं होगा, जब तक कि आवेदन स्वयं अन्य...

साझा उद्देश्य के लिए दान की गई मगर अप्रयुक्त भूमि मालिकों को लौटाई जानी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा
साझा उद्देश्य के लिए दान की गई मगर अप्रयुक्त भूमि मालिकों को लौटाई जानी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा

हरियाणा के भूस्वामियों को राहत प्रदान करते हुए महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (16 सितंबर) को कहा कि पंचायतों में साझा उद्देश्यों के लिए निर्धारित भूमि के उपयोग के बाद बची हुई 'बचत भूमि' या अप्रयुक्त भूमि को मालिकों के बीच उस हिस्से के अनुसार पुनर्वितरित किया जाना चाहिए, जिसमें उन्होंने साझा उद्देश्यों के लिए अपनी भूमि दान की थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के भूस्वामियों-स्वामियों के पक्ष में...

न्यूनतम 75% उपस्थिति के बिना स्टूडेंट दिल्ली यूनिवर्सिटी कॉलेज छात्र संघ चुनाव नहीं लड़ सकते: हाईकोर्ट
न्यूनतम 75% उपस्थिति के बिना स्टूडेंट दिल्ली यूनिवर्सिटी कॉलेज छात्र संघ चुनाव नहीं लड़ सकते: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि न्यूनतम 75% उपस्थिति के मानदंडों को पूरा नहीं करने वाले स्टूडेंट को दिल्ली यूनिवर्सिटी कॉलेज छात्र संघ चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती।जस्टिस मिनी पुष्करणा ने कहा कि यदि किसी उम्मीदवार की उपस्थिति न्यूनतम 75% उपस्थिति के मानदंड से कम है तो संबंधित कॉलेज ऐसे व्यक्ति का नामांकन अस्वीकार करने के अपने अधिकार में होगा।अदालत मुस्कान नामक महिला द्वारा दायर याचिका पर विचार कर रहा था, जिसमें 11 सितंबर को जारी चुनाव नोटिस को चुनौती दी गई। इसके तहत उसका नामांकन सत्यवती...

प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ पाकिस्तान निर्मित वीडियो शेयर करने के आरोपी को मिली जमानत
प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ पाकिस्तान निर्मित वीडियो शेयर करने के आरोपी को मिली जमानत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में UAPA और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गंभीर अपराधों के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को ज़मानत दी। उक्त व्यक्ति पर कथित तौर पर अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणियों वाला पाकिस्तान निर्मित वीडियो प्रसारित करने का आरोप है।जस्टिस संतोष राय की पीठ ने 'भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने' और 'भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्यों' सहित गंभीर अपराधों के लिए आरोपी सवेज को ज़मानत दी। उन्हें इस साल 10 मई को...

आवारा कुत्तों के प्रबंधन हेतु योजना के क्रियान्वयन की मांग वाली अवमानना ​​याचिका सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर
आवारा कुत्तों के प्रबंधन हेतु योजना के क्रियान्वयन की मांग वाली अवमानना ​​याचिका सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन हेतु योजना के क्रियान्वयन की मांग वाली अवमानना ​​याचिका को सुप्रीम कोर्ट को ट्रांसफर किया। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मुद्दे पर राष्ट्रीय नीति बनाने के हालिया निर्णय के बाद लिया गया।दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से टीकाकरण के लिए उठाए गए आवारा कुत्तों को न छोड़ने के खंडपीठ के निर्देश पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ ने इस मामले का दायरा अखिल भारतीय स्तर पर बढ़ा दिया और हाईकोर्ट में लंबित इसी प्रकार की याचिकाओं को अपने...

S.179(1) BNSS | पुलिस अधिकार के तौर पर मामले से परिचित किसी भी व्यक्ति की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं कर सकती: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
S.179(1) BNSS | पुलिस अधिकार के तौर पर मामले से परिचित 'किसी भी व्यक्ति' की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं कर सकती: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 179(1) के तहत किसी पुलिस अधिकारी की "किसी भी व्यक्ति" की उपस्थिति सुनिश्चित करने की शक्ति क्षेत्रीय रूप से उसके अपने पुलिस थाने या आसपास के किसी थाने की सीमा के भीतर रहने वाले व्यक्तियों तक सीमित है। इसलिए यह शक्ति उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर रहने वाले व्यक्तियों तक विस्तारित नहीं होती है। अदालत ने आगे कहा कि कोई पुलिसकर्मी ऐसे व्यक्ति की उपस्थिति "अधिकार के तौर पर" सुनिश्चित नहीं कर सकता।BNSS की धारा 179(1) एक पुलिस...

महाराष्ट्र सदन घोटाला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने चमनकर बंधुओं के खिलाफ ED का मनी लॉन्ड्रिंग मामला खारिज किया
महाराष्ट्र सदन घोटाला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने चमनकर बंधुओं के खिलाफ ED का मनी लॉन्ड्रिंग मामला खारिज किया

महाराष्ट्र सदन घोटाला मामले में राज्य के कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल से जुड़े मुख्य आरोपियों में से एक चमनकर बंधुओं को बड़ी राहत देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार (16 सितंबर) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा उनके खिलाफ दर्ज मामला रद्द कर दिया।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस राजेश पाटिल की खंडपीठ ने कृष्णा और प्रसन्ना चमनकर (दोनों भाई) के खिलाफ कड़े धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज ED का मामला खारिज कर दिया। ये दोनों भाई ठेकेदार केएस चमनकर एंटरप्राइजेज के मालिक हैं, जिन पर धोखाधड़ी से ठेका...

S.11 A&C Act | बकाया राशि पर ब्याज छोड़ने का अनुरोध वाला पत्र, चल रहे विवाद का संकेत देता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
S.11 A&C Act | बकाया राशि पर ब्याज छोड़ने का अनुरोध वाला पत्र, चल रहे विवाद का संकेत देता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

जस्टिस जसप्रीत सिंह की इलाहाबाद हाईकोर्ट की पीठ ने मध्यस्थता अधिनियम के तहत धारा 11 के तहत याचिका पर सुनवाई करते हुए पाया कि प्रतिवादी द्वारा याचिकाकर्ता को संबोधित पत्र, जिसमें उनसे बकाया राशि पर ब्याज का दावा छोड़ने का अनुरोध किया गया, दर्शाता है कि दावे अभी भी विचाराधीन हैं। इसलिए दावों को समाप्त नहीं माना जा सकता और धारा 11 की याचिका सीमा अवधि के भीतर है।तथ्यात्मक मैट्रिक्स:दोनों पक्षकारों ने विद्युत चालित डेंटल चेयर माउंट इकाइयों की आपूर्ति के लिए 28.03.2008 को समझौता किया। याचिकाकर्ता ने...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लॉ स्टूडेंट्स पर पुलिस बर्बरता की न्यायिक जांच से इनकार किया, कहा- किसी भी अवैध कृत्य का समर्थन नहीं किया जा रहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लॉ स्टूडेंट्स पर 'पुलिस बर्बरता' की न्यायिक जांच से इनकार किया, कहा- 'किसी भी अवैध कृत्य का समर्थन नहीं किया जा रहा'

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह बाराबंकी स्थित श्री रामस्वरूप स्मारक यूनिवर्सिटी (SRM) के प्रदर्शनकारी लॉ स्टूडेंट्स पर कथित पुलिस बर्बरता की न्यायिक जांच की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर विचार करने से इनकार किया।हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि उसके आदेश को अधिकारियों या प्राइवेट यूनिवर्सिटी द्वारा किसी भी अवैध कृत्य का समर्थन करने के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। संदर्भ के लिए, स्टूडेंट्स प्रशासन द्वारा नियमों का उल्लंघन करके और बिना उचित नवीनीकरण/अनुमोदन के लॉ कोर्स चलाने के विरोध में...

कैदियों को पारिवारिक समस्याओं को सुलझाने की अनुमति मिलनी चाहिए: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पैरोल मंजूर की
कैदियों को पारिवारिक समस्याओं को सुलझाने की अनुमति मिलनी चाहिए: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पैरोल मंजूर की

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि कैदियों के लिए पारिवारिक और सामाजिक संबंध बनाए रखना महत्वपूर्ण है। उन्हें अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक ज़िम्मेदारियों को पूरा करने के लिए पैरोल दी जानी चाहिए।जस्टिस वीरेंद्र सिंह ने कहा,"केवल FIR दर्ज होने को याचिकाकर्ता को पैरोल देने से इनकार करने का आधार नहीं बनाया जा सकता, क्योंकि कैदियों को अपने पारिवारिक और सामाजिक संबंध बनाए रखने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्हें अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक समस्याओं को सुलझाने और समाज के साथ जुड़ाव बनाए रखने का अवसर भी दिया...

सिर्फ़ रुपये की बरामदगी रिश्वत नहीं मानी जाएगी, मांग का सबूत ज़रूरी: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
सिर्फ़ रुपये की बरामदगी रिश्वत नहीं मानी जाएगी, मांग का सबूत ज़रूरी: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक वन अधिकारी की बरी होने की सज़ा को बरकरार रखा है, जिस पर ₹3000 रिश्वत मांगने और लेने का आरोप था। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ आरोपी के पास रंगे हाथ पकड़े गए नोट मिलना रिश्वत साबित करने के लिए काफ़ी नहीं है, जब तक अवैध मांग और स्वेच्छा से स्वीकार करने का सबूत न हो।जस्टिस सुशील कुक्रेजा ने कहा कि मांग और स्वीकार्यता के अभाव में अभियोजन अपना केस संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा और ट्रायल कोर्ट ने सही ढंग से आरोपी को बरी किया।मामला 2010 का है, जब आरोपी ब्लॉक फॉरेस्ट ऑफिसर...

DUSU चुनाव से पहले अधिकारियों को कर्तव्य निभाने की याद दिलाना विडंबना: दिल्ली हाईकोर्ट
DUSU चुनाव से पहले अधिकारियों को कर्तव्य निभाने की याद दिलाना विडंबना: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह उम्मीद करता है कि 18 सितंबर को होने वाले दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) चुनावों में कोई नियम उल्लंघन नहीं होगा। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने कहा कि चुनावों का सही संचालन सुनिश्चित करना यूनिवर्सिटी, दिल्ली पुलिस, उम्मीदवारों और उनके संगठनों की जिम्मेदारी है।दिल्ली पुलिस के वकील ने कोर्ट को बताया कि 149 ट्रैफिक स्टाफ और 35 मोटरसाइकिलें तैनात की गई हैं और 24 अगस्त से अब तक 4,593 चालान उम्मीदवारों द्वारा किए गए...

Delhi Ridge Tree Felling : सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिपूरक वनरोपण पर वन विभाग से रिपोर्ट मांगी
Delhi Ridge Tree Felling : सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिपूरक वनरोपण पर वन विभाग से रिपोर्ट मांगी

दिल्ली रिज वृक्ष कटाई अवमानना ​​मामले की अगली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के वन विभाग से प्रतिपूरक वनरोपण/वृक्षारोपण के लिए आवंटित 185 एकड़ भूमि की उपयुक्तता के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तलब की।अदालत ने कहा,"[रिपोर्ट] में उन पौधों की प्रजातियों का भी संक्षेप में उल्लेख किया जाएगा, जिन्हें रोपने का संकल्प लिया गया। वह समय-सीमा जिसके भीतर वृक्षारोपण पूरा हो जाएगा। अन्य निर्देशों के संबंध में भी मुख्य सचिव, दिल्ली सरकार और उपाध्यक्ष, दिल्ली विकास प्राधिकरण को अपनी-अपनी स्टेटस रिपोर्ट...

विवाह के लिए लिये गए डेब्ट का व्यापक प्रभाव पड़ता है: सुप्रीम कोर्ट ने बेटी की शादी के बाद पारिवारिक संपत्ति बेचने का फैसला सही ठहराया
'विवाह के लिए लिये गए डेब्ट का व्यापक प्रभाव पड़ता है': सुप्रीम कोर्ट ने बेटी की शादी के बाद पारिवारिक संपत्ति बेचने का फैसला सही ठहराया

सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) कर्ता को 'कानूनी आवश्यकता' के लिए संयुक्त परिवार की संपत्ति को हस्तांतरित करने का अधिकार है, जिसमें बेटी की शादी भी शामिल है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसा हस्तांतरण तब भी वैध रहता है, जब संपत्ति के हस्तांतरण से पहले ही विवाह हो चुका हो।अदालत ने कर्ता द्वारा अपनी बेटी की शादी में किए गए खर्चों से निपटने के लिए संपत्ति हस्तांतरित करने को उचित ठहराते हुए कहा,"यह सर्वविदित है कि परिवार अपनी बेटियों की शादी के लिए भारी लोन लेते हैं और...

पुनः जांच का आदेश केवल हाईकोर्ट जैसी श्रेष्ठ अदालत ही दे सकती है, मजिस्ट्रेट नहीं : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पुनः जांच का आदेश केवल हाईकोर्ट जैसी श्रेष्ठ अदालत ही दे सकती है, मजिस्ट्रेट नहीं : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पुनः जांच का आदेश केवल हाईकोर्ट जैसी श्रेष्ठ अदालत ही दे सकती है, मजिस्ट्रेट नहीं : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी मामले में पुनः जांच का आदेश केवल हाईकोर्ट जैसी श्रेष्ठ अदालत ही दे सकती है। मजिस्ट्रेट को ऐसा आदेश देने का अधिकार प्राप्त नहीं है।जस्टिस जसजीत सिंह बेदी ने कहा,“पुनः जांच के आदेश केवल हाईकोर्ट जैसी श्रेष्ठ अदालत ही पारित कर सकती है। मजिस्ट्रेट ऐसा आदेश नहीं दे सकता। वहीं फर्दर इन्वेस्टिगेशन जांच एजेंसी का अधिकार क्षेत्र है। हालांकि...