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'आरोपियों को फाइव स्टार ट्रीटमेंट न दिया जाए, वरना जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया जाएगा': सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी
रेणुकास्वामी हत्याकांड में कन्नड़ एक्टर दर्शन को दी गई ज़मानत रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जेल अधिकारियों को चेतावनी दी कि वे एक्टर को उनके सेलिब्रिटी स्टेटस के आधार पर कोई विशेष सुविधा न दें।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ ने रेणुकास्वामी हत्याकांड में एक्ट दर्शन, पवित्रा गौड़ा और पांच अन्य आरोपियों को दी गई ज़मानत रद्द कर दी। कर्नाटक राज्य ने दिसंबर 2024 के हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका दायर की थी। ज़मानत रद्द करते हुए न्यायालय ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश...
'यमन में निमिषा प्रिया को तत्काल फांसी का कोई खतरा नहीं, बातचीत जारी': NGO ने सुप्रीम कोर्ट में बताया
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई आठ हफ्ते के लिए स्थगित कर दी, जिसमें यमन में मौत की सजा का सामना कर रही मलयाली नर्स निमिषा प्रिया की रिहाई सुनिश्चित करने के निर्देश देने की मांग की गई थी।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ को सूचित किया गया कि तत्काल फांसी का कोई खतरा नहीं है। पीड़िता के परिवार के साथ बातचीत जारी है। इसके बाद उन्होंने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।याचिकाकर्ता के वकील ने कहा,"बातचीत चल रही है, फिलहाल...
क्या जघन्य अपराध के मामलों में किशोर न्याय बोर्ड द्वारा प्रारंभिक मूल्यांकन की तीन माह की समयसीमा अनिवार्य है?
Child in Conflict with Law Through His Mother v. State of Karnataka (2024 INSC 387) के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने किशोर न्याय (बालकों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 (Juvenile Justice Act, 2015) की कुछ महत्वपूर्ण धाराओं की व्याख्या की।इस मामले का मुख्य विवाद तथ्यों पर नहीं बल्कि इस बात पर था कि कानून में तय प्रक्रिया और समयसीमा का पालन न होने पर उसके क्या परिणाम होंगे, विशेषकर तब जब किसी बच्चे पर जघन्य अपराध (Heinous Offence) का आरोप हो और यह तय करना हो कि उसे वयस्क (Adult) के रूप में मुकदमे...
भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 36-38 : आयोग की प्रक्रिया और आदेशों का संशोधन
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) एक विशेष नियामक निकाय (regulatory body) है जिसे भारतीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा (Competition) को बनाए रखने का महत्वपूर्ण कार्य सौंपा गया है।इस कार्य को प्रभावी ढंग से करने के लिए, CCI को न केवल व्यापक शक्तियां दी गई हैं, बल्कि उसे अपनी कार्यवाही (proceedings) को संचालित करने के लिए भी पर्याप्त स्वतंत्रता दी गई है। भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 36 (Section 36) और धारा 38 (Section 38) इसी प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक ढांचे का वर्णन करती हैं, जो CCI के कामकाज की...
पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 81 - 84: दस्तावेज़ों का गलत पृष्ठांकन, प्रतिलिपि, अनुवाद या पंजीकरण करने पर दंड
आइए पंजीकरण अधिनियम, 1908 (Registration Act, 1908) के भाग XIV को समझते हैं, जो पंजीकरण प्रक्रिया में होने वाले अपराधों और उनके लिए निर्धारित दंडों से संबंधित है। यह भाग पंजीकरण प्रणाली की अखंडता (integrity) की रक्षा करता है और इसमें शामिल सभी पक्षों - अधिकारियों और नागरिकों - की जवाबदेही सुनिश्चित करता है।81. चोट पहुँचाने के इरादे से दस्तावेज़ों का गलत पृष्ठांकन, प्रतिलिपि, अनुवाद या पंजीकरण करने पर दंड (Penalty for incorrectly endorsing, copying, translating or registering documents with intent...
वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 40-42 : कंपनियों और सरकारी विभागों द्वारा अपराध, और सद्भाव में की गई कार्रवाई का संरक्षण
वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 का यह अध्याय स्पष्ट करता है कि जब कोई अपराध किसी कंपनी, फर्म या सरकारी विभाग द्वारा किया जाता है, तो कौन जवाबदेह होगा। यह व्यक्तियों को जवाबदेह ठहराने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं को परिभाषित करता है और अधिकारियों को सद्भाव (good faith) में की गई कार्रवाइयों के लिए सुरक्षा भी प्रदान करता है।धारा 40 - कंपनियों द्वारा अपराध (Offences by Companies)यह धारा इस बात को सुनिश्चित करती है कि जब कोई कंपनी या व्यावसायिक संस्था (business entity) अपराध करती है,...
NCMEI के पास शैक्षणिक संस्थानों का अल्पसंख्यक दर्जा घोषित करने का विशेष अधिकार; 1999 का सरकारी आदेश अब प्रासंगिक नहीं रहा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालय को चल रही नीट काउंसलिंग में भाग लेने वाले कॉलेजों की सूची में शामिल करने के अनुरोध को खारिज कर दिया गया था। उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक (डीजीएमई) द्वारा पारित यह अस्वीकृति आदेश इस तथ्य पर आधारित था कि विश्वविद्यालय को दिया गया अल्पसंख्यक दर्जा 28 अगस्त, 1999 के सरकारी आदेश के अनुरूप नहीं था।जस्टिस पंकज भाटिया की पीठ ने कहा कि राष्ट्रीय...
विभिन्न धर्मों के बीच विवाह करने का विकल्प व्यक्ति की स्वायत्तता बाहरी निषेधाज्ञा से मुक्त है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि विभिन्न धर्मों के बीच विवाह करने का विकल्प व्यक्ति की स्वायत्तता है और बाहरी निषेधाज्ञा से मुक्त है।जस्टिस संजीव नरूला ने कहा,"विवाह करने का विक]ल्प, विशेष रूप से विभिन्न धर्मों के बीच, सामाजिक मानदंडों और पारिवारिक अपेक्षाओं के लचीलेपन की परीक्षा ले सकता है, फिर भी कानून में यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता और व्यक्तिगत स्वायत्तता का मामला है जो किसी भी बाहरी निषेधाज्ञा से मुक्त है।"न्यायालय ने कहा कि माता-पिता की पीड़ा समझ में आती है, लेकिन यह एक वयस्क के अपने जीवनसाथी को...
'बावला' गाने के विवाद में बादशाह को 50 लाख और जमा करने का आदेश, कुल राशि ₹2.2 करोड़
हरियाणा के करनाल जिले की एक अदालत ने हाल ही में रैपर, गायक और निर्माता आदित्य प्रतीक सिंह उर्फ बादशाह को हिंदी-हरियाणवी ऑडियो-वीडियो ट्रैक 'बावला' को लेकर यूनिसिस इन्फोसॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ चल रहे भुगतान विवाद में सुरक्षा के रूप में 50 लाख रुपये की अतिरिक्त सावधि जमा रसीद जमा करने का निर्देश दिया है।अदालत के इस नवीनतम निर्देश (दिनांक 22 जुलाई) के साथ, रैपर को कुल सुरक्षा राशि प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है, जो अब 2.2 करोड़ रुपये है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह 50 लाख रुपये पहले...
मजिस्ट्रेट/सेशन कोर्ट डिफ़ॉल्ट बेल देने में सक्षम, भले ही नियमित जमानत याचिका हाईकोर्ट में लंबित हो: P&H हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि मजिस्ट्रेट या सत्र न्यायालय, जैसा भी मामला हो, किसी अभियुक्त को डिफ़ॉल्ट ज़मानत देने का अधिकार रखता है, भले ही नियमित ज़मानत आवेदन सत्र न्यायालय या उच्च न्यायालय में लंबित हो। यह घटनाक्रम एक नियमित ज़मानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसमें आवेदन के लंबित रहने के दौरान, अभियुक्त ने 3 महीने पूरे कर लिए थे और मजिस्ट्रेट ने सीआरपीसी की धारा 167(2) के तहत डिफ़ॉल्ट ज़मानत दे दी थी, जो धारा 187(3) बीएनएसएस के अनुरूप...
समाज को 'विवाद-मुक्त' बनाने के लिए राज्य को विवाद निपटान योजना लागू करनी चाहिए: एमपी हाईकोर्ट
सार्वजनिक भूमि के कथित अतिक्रमण के खिलाफ एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को विवाद समाधान योजना, समाधान अपके द्वार को संस्थागत रूप देने का सुझाव दिया, जो पहले अदालत द्वारा शुरू की गई थी, जिसका परिणाम भूमि राजस्व मामलों को कम करके प्राप्त हुआ थाइस तरह की पहल करते हुए अदालत ने कहा कि अंतिम छोर तक कवरेज सुनिश्चित किया जाएगा और समाज को "मुकदमेबाजी मुक्त" बनाया जाएगा। अदालत एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें सरकारी भूमि को 'भूमि हड़पने वालों' के हाथों...
सुप्रीम कोर्ट ने वनतारा वाइल्डलाइफ सेंटर के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सवाल उठाए
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (14 अगस्त) को वंतारा के संचालन में अवैधता और कोल्हापुर मंदिर हाथी महादेवी के स्थानांतरण का आरोप लगाने वाली दो याचिकाओं को "अस्पष्ट" बताया, लेकिन याचिकाकर्ताओं को उनमें संशोधन करने की अनुमति दी और दोनों मामलों को 25 अगस्त को सुनवाई के लिए निर्धारित किया।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस प्रसन्न वराले की खंडपीठ ने वंतारा के संचालन और कोल्हापुर मंदिर हाथी महादेवी (जिसे माधुरी के नाम से भी जाना जाता है) को जामनगर में राधे कृष्ण मंदिर हाथी कल्याण ट्रस्ट में स्थानांतरित करने से ...
जब पुलिस रिमांड का उद्देश्य स्पष्ट रूप से बताया गया हो, तो ट्रायल कोर्ट जांच का तरीका तय नहीं कर सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी खारिज की
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक निचली अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें सांप्रदायिक हिंसा के एक मामले में एक अभियुक्त को नीतिगत हिरासत में देने से इनकार कर दिया गया था। साथ ही, निचली अदालत द्वारा की गई उन प्रतिकूल टिप्पणियों को भी हटा दिया गया है जिनमें जांच को "अदूरदर्शी" और "दुर्भावनापूर्ण" बताया गया था। निचली अदालत के आदेश को रद्द करते हुए जस्टिस वीरेंद्र सिंह ने टिप्पणी की कि,"जिस उद्देश्य के लिए पुलिस रिमांड मांगी गई है, उसका स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है और मामले की जांच करना...
आरोपियों को 'एकल' जमानत पर रिहा करें; गिरफ्तारी के बिना आरोपपत्र दाखिल होने पर उन्हें हिरासत में न भेजें: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी की अदालतों को निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश की सभी निचली अदालतों के लिए एक समान निचली अदालती कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने, अनुच्छेद 21 के तहत संवैधानिक गारंटियों को प्रभावी बनाने और इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के बाध्यकारी निर्देशों को लागू करने हेतु व्यापक निर्देश जारी किए हैं। संविधान के अनुच्छेद 227 और धारा 528 BNSS के तहत अपनी शक्ति का प्रयोग करते हुए, जस्टिस विनोद दिवाकर की पीठ ने मंगलवार को निर्देश दिया कि उन सभी मामलों में जहां बिना गिरफ्तारी के आरोपपत्र दायर किया गया है, चाहे इसलिए कि जांच के...
सरकारी निगमों में हकदारी कल्चर हावी, काबिल फर्स्ट-जेनरेशन वकीलों की अनदेखी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकारी निगमों में वकीलों की नियुक्तियों में 'हकदारी कल्चर' (Entitlement Culture) जड़ें जमा चुका है, जिसके चलते केवल प्रभावशाली परिवारों के वकीलों को मौके मिलते हैं, जबकि मेहनती और ईमानदार फर्स्ट-जेनरेशन वकीलों को नज़रअंदाज़ किया जाता है।जस्टिस अजय भनोट ने यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के वकील की लापरवाही और अक्षमता को लेकर नाराजगी जताई यह कहते हुए कि निगम में मेरिट आधारित और पारदर्शी तरीके से वकीलों की नियुक्ति अच्छे प्रशासन और संवैधानिक...
न्यायिक अधिकारी के रूप में अनुभव को सिविल जज परीक्षाओं के लिए 'तीन साल की प्रैक्टिस' में नहीं गिना जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने तीन साल की प्रैक्टिस नियम पर अपने पहले के आदेश में संशोधन करने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार किया। उक्त आदेश में कहा गया था कि न्यायिक अधिकारी के अनुभव को एक प्रैक्टिसिंग वकील के समकक्ष माना जाए। कोर्ट ने कहा कि इससे भानुमती का पिटारा खुल जाएगा।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ हाल ही में आए उस फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें न्यायिक सेवा में प्रवेश स्तर के पदों के लिए आवेदन करने हेतु उम्मीदवार के लिए...
BREAKING| वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों की सूची प्रकाशित करें, नाम हटाने का कारण भी बताएं: सुप्रीम कोर्ट का ECI को निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (14 अगस्त) को भारत के निर्वाचन आयोग (ECI) को निर्देश दिया कि वह बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद प्रकाशित वोटर लिस्ट से हटाए गए लगभग 65 लाख मतदाताओं की जिलावार सूची जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर प्रकाशित करे। न्यायालय ने यह भी कहा कि नाम हटाने के कारण जैसे मृत्यु, प्रवास, दोहरा पंजीकरण आदि, स्पष्ट किए जाने चाहिए।यह जानकारी बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी प्रदर्शित की जानी चाहिए। दस्तावेजों को EPIC नंबरों के आधार पर सर्च किया...
हरियाणा SSC प्रथम दृष्टया अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन न करने के लिए अवमानना का दोषी: हाईकोर्ट ने परीक्षा परिणाम वापस लेने का निर्देश दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक सत्यापन के निर्देश देने वाले अपने आदेश का पालन न करने पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) को प्रथम दृष्टया अवमानना का दोषी ठहराया है। अनुपालन न करने को गंभीरता से लेते हुए, न्यायालय ने आयोग से जूनियर इंजीनियर (सिविल) के पद के लिए अनिवार्य सत्यापन किए बिना घोषित परिणाम वापस लेने को कहा है।जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज ने कहा, "प्रथम दृष्टया, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अधिकारी इस न्यायालय की अवमानना...
दोषसिद्धि पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति की सजा 'अनुपातहीन', जबकि अदालत ने कर्मचारी को परिवीक्षा पर रिहा कर दिया हो: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने वायु सेना के एक लेखा लेखा परीक्षक को बहाल कर दिया है, जिन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए के तहत दहेज उत्पीड़न के लिए दोषी ठहराए जाने के बाद अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई थी। जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रेणु भटनागर की खंडपीठ ने इस सजा को 'अनुपातहीन' पाया, खासकर इस तथ्य के मद्देनजर कि याचिकाकर्ता-कर्मचारी के साथ आपराधिक न्यायालय ने भी नरमी बरती थी, जिसने उसे अपराधी परिवीक्षा अधिनियम, 1958 के तहत परिवीक्षा पर रिहा कर दिया था।पीठ ने कहा, "जब एक आपराधिक न्यायालय ने...
पारिवारिक अस्वीकृति, सहमति देने वाले वयस्कों की जीवनसाथी चुनने की स्वायत्तता को कम नहीं कर सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि पारिवारिक अस्वीकृति, सहमति देने वाले दो वयस्कों की जीवनसाथी चुनने की स्वायत्तता को कम नहीं कर सकती।जस्टिस संजीव नरूला ने कहा,"दो वयस्कों का एक-दूसरे को जीवनसाथी चुनने और शांति से साथ रहने का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता, निजता और गरिमा का एक पहलू है। पारिवारिक अस्वीकृति उस स्वायत्तता को कम नहीं कर सकती।"न्यायालय ने एक ऐसे जोड़े को पुलिस सुरक्षा प्रदान की, जिन्होंने कानूनी रूप से अपनी शादी की थी लेकिन अपने परिवार के...




















