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पारिवारिक अस्वीकृति, सहमति देने वाले वयस्कों की जीवनसाथी चुनने की स्वायत्तता को कम नहीं कर सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
पारिवारिक अस्वीकृति, सहमति देने वाले वयस्कों की जीवनसाथी चुनने की स्वायत्तता को कम नहीं कर सकती: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि पारिवारिक अस्वीकृति, सहमति देने वाले दो वयस्कों की जीवनसाथी चुनने की स्वायत्तता को कम नहीं कर सकती।जस्टिस संजीव नरूला ने कहा,"दो वयस्कों का एक-दूसरे को जीवनसाथी चुनने और शांति से साथ रहने का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता, निजता और गरिमा का एक पहलू है। पारिवारिक अस्वीकृति उस स्वायत्तता को कम नहीं कर सकती।"न्यायालय ने एक ऐसे जोड़े को पुलिस सुरक्षा प्रदान की, जिन्होंने कानूनी रूप से अपनी शादी की थी लेकिन अपने परिवार के...

अंधा होना सपनों को नष्ट नहीं कर सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने कोर्स पूरा करने में MBBS छात्र की मदद के लिए पैनल का गठन किया, जिसने 2 साल बाद दृष्टि खो दी थी
'अंधा होना सपनों को नष्ट नहीं कर सकता': राजस्थान हाईकोर्ट ने कोर्स पूरा करने में MBBS छात्र की मदद के लिए पैनल का गठन किया, जिसने 2 साल बाद दृष्टि खो दी थी

राजस्थान हाईकोर्ट ने एम्स, दिल्ली में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है, जो एक एमबीबीएस छात्रा की जांच करेगी जो दो साल का कोर्स पूरा करने के बाद दृष्टिहीन हो गई थी। समिति ने उसे कोर्स पूरा करने में सक्षम बनाने के लिए उपयुक्त तौर-तरीकों और पद्धतियों की सिफारिश की है। जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने कहा कि भारत और विदेशों में ऐसे कई लोग हैं जो दृष्टिबाधित होने के बावजूद सफल डॉक्टर बने। उन्होंने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम का हवाला दिया और कहा कि दिशानिर्देश बनाते समय दिव्यांग डॉक्टरों पर भी विचार किया...

मुकदमेबाज वकील को मिली सजा, 5 मामलों में निःशुल्क पेश होने का निर्देश
'मुकदमेबाज' वकील को मिली सजा, 5 मामलों में निःशुल्क पेश होने का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह कड़े आदेश में उत्तर प्रदेश जल निगम के असिस्टेंट इंजीनियर के खिलाफ विभागीय जांच की मांग करने वाली वकील द्वारा दायर रिट याचिका खारिज की। न्यायालय ने कहा कि यह याचिका दुर्भावना से प्रेरित थी और न्यायालय की प्रक्रिया का दुरुपयोग है।जस्टिस अजय भनोट की पीठ ने दंड स्वरूप उन्हें गौतमबुद्ध नगर की निचली अदालत में पांच मामलों में निःशुल्क सहायता करने का निर्देश दिया।न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता न तो जल निगम का कर्मचारी है और न ही अनुशासनात्मक प्राधिकारी इसलिए उसे सरकारी...

हाईकोर्ट ने बिलासपुर में बसों का संचालन बंद करने पर चिंता व्यक्त की, परिवहन आयुक्त को भ्रामक हलफनामे पर अवमानना की चेतावनी दी
हाईकोर्ट ने बिलासपुर में बसों का संचालन बंद करने पर चिंता व्यक्त की, परिवहन आयुक्त को भ्रामक हलफनामे पर अवमानना की चेतावनी दी

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर में सिटी बस सेवाओं के बंद होने पर कड़ा रुख अपनाया और कहा कि न्यायालय के पूर्व हस्तक्षेप के बाद कुछ समय के लिए बस सेवाओं के पुनः चालू होने के बावजूद इस निरंतर निलंबन से शहरवासियों को भारी कठिनाई हो रही है।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए टिप्पणी की,“शहर से 30 किलोमीटर के दायरे में पिछले दस वर्षों से सिटी बसें चल रही हैं। तखतपुर, कोटा, खूंटाघाट, बिल्हा रूट पर पुरानी होने के बावजूद किसी तरह बसें चलाई...

सुप्रीम कोर्ट ने बंगाली मुस्लिम कामगारों को बांग्लादेशी बताकर हिरासत में रखने का आरोप लगाने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने बंगाली मुस्लिम कामगारों को बांग्लादेशी बताकर हिरासत में रखने का आरोप लगाने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि पश्चिम बंगाल के प्रवासी मुस्लिम कामगारों को बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में कई राज्यों में हिरासत में रखा जा रहा है।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की और केंद्र के साथ-साथ प्रतिवादी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (ओडिशा, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और पश्चिम बंगाल) से जवाब तलब किया। मौखिक रूप से खंडपीठ ने सवाल किया कि मांगे गए निर्देशों...

जब सड़क खराब हालत में हो, तो टोल कैसे वसूला जा सकता है?: सुप्रीम कोर्ट ने NHAI से NH 544 के पलियेक्कारा में टोल वसूली पर पूछा
'जब सड़क खराब हालत में हो, तो टोल कैसे वसूला जा सकता है?': सुप्रीम कोर्ट ने NHAI से NH 544 के पलियेक्कारा में टोल वसूली पर पूछा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (14 अगस्त) को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से दायर उस याचिका पर विचार करने में अनिच्छा व्यक्त की, जिसमें केरल हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग 544 पर स्थित त्रिशूर जिले के पलियेक्कारा टोल प्लाजा पर राजमार्ग की खराब स्थिति के कारण टोल संग्रह निलंबित कर दिया गया था। दो जजों की पीठ के सदस्य, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन, दोनों ने कहा कि उन्होंने सड़क की खराब स्थिति का व्यक्तिगत रूप से अनुभव...

दिल्ली की अदालत ने नाबालिग बलात्कार पीड़िता की पहचान उजागर करने के मामले में पूर्व DCW प्रमुख स्वाति मालीवाल और एक अन्य को बरी किया
दिल्ली की अदालत ने नाबालिग बलात्कार पीड़िता की पहचान उजागर करने के मामले में पूर्व DCW प्रमुख स्वाति मालीवाल और एक अन्य को बरी किया

दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार (13 अगस्त) को दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल को नाबालिग बलात्कार पीड़िता की पहचान उजागर करने के आरोप में 2016 में दर्ज एक एफआईआर के मामले में बरी कर दिया। मालीवाल और डीसीडब्ल्यू के जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र सिंह पर किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74 के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि तत्कालीन डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष मालीवाल ने संबंधित एसएचओ को पीड़िता का नाम लेकर एक नोटिस जारी किया था जिसमें जांच का विवरण मांगा गया था।यह आरोप लगाया गया कि भूपेंद्र...

सावरकर मानहानि मामले में राहुल गांधी के वकील ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए याचिका ली वापस
सावरकर मानहानि मामले में राहुल गांधी के वकील ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए याचिका ली वापस

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए, खासकर कथित "वोट चोरी" का "पर्दाफाश" करने के बाद, याचिका दायर करने के एक दिन बाद उनके वकील ने गुरुवार को उक्त याचिका वापस ले ली। स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट ने इस याचिका को रिकॉर्ड में लिया। अदालत वर्तमान में दक्षिणपंथी नेता विनायक सावरकर के खिलाफ उनकी टिप्पणियों को लेकर उनके खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि के मामले में सुनवाई कर रही थी।वकील मिलिंद पवार ने याचिका में इस बात पर प्रकाश डाला था कि कैसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता आरएन बिट्टू ने...

कर्नाटक हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: प्राइवेट अनएडेड स्कूल द्वारा किसी स्टूडेंट को एडमिशन न देना अनुच्छेद 21 का उल्लंघन नहीं
कर्नाटक हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: प्राइवेट अनएडेड स्कूल द्वारा किसी स्टूडेंट को एडमिशन न देना अनुच्छेद 21 का उल्लंघन नहीं

कर्नाटक हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि किसी प्राइवेट अनएडेड स्कूल द्वारा किसी स्टूडेंट को एडमिशन न देना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) का उल्लंघन नहीं है। जस्टिस सूरज गोविंदराज की बेंच ने यह टिप्पणी करते हुए मुजम्मिल काज़ी की याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने अपने नाबालिग बेटे को सेंट पॉल्स हाई स्कूल के एलकेजी में दाखिला दिलाने के लिए निर्देश मांगे थे।अदालत ने कहा कि एलकेजी में दाखिले से इनकार होने पर भी स्टूडेंट के पास कई अन्य स्कूलों में आवेदन करने और...

दिल्ली हाईकोर्ट ने ड्रग्स और हथियार वितरण जैसे अपराधों के लिए बच्चों के इस्तेमाल की प्रवृत्ति पर चिंता जताई, आरोपी को अग्रिम ज़मानत देने से किया इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने ड्रग्स और हथियार वितरण जैसे अपराधों के लिए बच्चों के इस्तेमाल की प्रवृत्ति पर चिंता जताई, आरोपी को अग्रिम ज़मानत देने से किया इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (13 अगस्त) को व्यक्ति को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार कर दिया, जिस पर 450 क्वार्टर अवैध शराब की ढुलाई के लिए एक बच्चे का इस्तेमाल करने का आरोप है।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कहा,"पिछले कुछ समय से यह देखा जा रहा है कि अपराधी बच्चों का इस्तेमाल कई तरह के अपराधों के लिए करते हैं, जिनमें न केवल शराब और ड्रग्स की तस्करी, बल्कि हथियार/गोला-बारूद और यहां तक कि अत्यधिक हिंसा के कृत्य भी शामिल हैं जिसके कारण समाज किशोर आयु की पुनर्निर्धारण पर विचार कर रहा है।"जज ने आगे कहा कि ऐसे...

जम्मू-कश्मीर कोर्ट ने कथित अवैध दवाओं की बिक्री की SIR जांच के आदेश दिए, FIR दर्ज करने में 6 महीने की देरी के लिए पुलिस को फटकार लगाई
जम्मू-कश्मीर कोर्ट ने कथित अवैध दवाओं की बिक्री की SIR जांच के आदेश दिए, FIR दर्ज करने में 6 महीने की देरी के लिए पुलिस को फटकार लगाई

उधमपुर के प्रधान सेशन कोर्ट (NDPS Act के तहत स्पेशल जज) वीरेंद्र सिंह भाऊ ने उधमपुर के सीनियर पुलिस अधीक्षक और उधमपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी को मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और मरीज़ों के रिकॉर्ड से छेड़छाड़ के गंभीर आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया।यह निर्देश उधमपुर के प्राइवेट न्यूरो-साइकियाट्रिक क्लिनिक से जुड़े कथित बड़े पैमाने पर उल्लंघनों की जांच की मांग वाली शिकायत के बाद जारी किया गया, जहां मालिक बिना किसी अधिकृत डॉक्टर के NDPS Act के तहत आने वाली...

सैनिक फार्म कॉलोनियों के नियमितीकरण पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से की सख्त पूछताछ, कहा- जिम्मेदारी से बचने की लगी है होड़
सैनिक फार्म कॉलोनियों के नियमितीकरण पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से की सख्त पूछताछ, कहा- जिम्मेदारी से बचने की लगी है होड़

दिल्ली हाईकोर्ट ने सैनिक फार्म इलाके में कथित अवैध निर्माणों के नियमितीकरण को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे हर कोई जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहा है और अंत में यह मामला अदालत पर आकर रुकता है।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने दोनों सरकारों और संबंधित अधिकारियों को मार्च में दिए गए अपने आदेश की याद दिलाई, जिसमें उन्हें मिलकर इस मुद्दे का समाधान खोजने को कहा गया था।अदालत ने नाराज़गी जताई कि यह याचिका 2015 से लंबित...

हिंदू पौराणिक कथाओं में बलात्कार के कथित संदर्भ पर दर्ज FIR में AMU प्रोफेसर को मिली अग्रिम ज़मानत
हिंदू पौराणिक कथाओं में बलात्कार के कथित संदर्भ पर दर्ज FIR में AMU प्रोफेसर को मिली अग्रिम ज़मानत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के प्रोफेसर (डॉ. जितेंद्र कुमार) को अग्रिम ज़मानत दी, जिन पर 2022 में फोरेंसिक मेडिसिन की एक कक्षा के दौरान हिंदू पौराणिक कथाओं में बलात्कार के उदाहरणों का कथित तौर पर उल्लेख करने के लिए FIR दर्ज की गई थी।जस्टिस गौतम चौधरी की पीठ ने आवेदक की भूमिका और मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें राहत प्रदान की।गौरतलब है कि पिछले अगस्त में डॉ. कुमार को अंतरिम अग्रिम ज़मानत दी गई थी, क्योंकि अदालत ने पाया था कि...

ज़मीनी हकीकत देखनी होगी, पहलगाम हमले को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता: जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट
'ज़मीनी हकीकत देखनी होगी, पहलगाम हमले को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता': जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल करने के निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए मौखिक रूप से कहा कि इस क्षेत्र की ज़मीनी हकीकत पर विचार करना बेहद ज़रूरी है। हाल ही में हुए पहलगाम आतंकवादी हमले जैसी घटनाओं को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।आवेदक और कॉलेज...

BREAKING| आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देशों पर रोक लगाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
BREAKING| आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देशों पर रोक लगाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आवारा कुत्तों को आश्रय गृहों में भेजने के लिए 11 अगस्त को दो जजों की खंडपीठ द्वारा पारित निर्देशों पर रोक लगाने की याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की तीन जजों की बेंच ने मामले की सुनवाई की।बता दें, बुधवार को एक नाटकीय घटनाक्रम में आवारा कुत्तों से संबंधित स्वतः संज्ञान मामला, जिसमें 11 अगस्त को जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ ने निर्देश पारित किए थे, इस तीन...

आवारा कुत्तों को स्थानांतरित करने के निर्देश अव्यावहारिक और अवैध: NGO ने आदेश वापस लेने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की
'आवारा कुत्तों को स्थानांतरित करने के निर्देश अव्यावहारिक और अवैध': NGO ने आदेश वापस लेने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

Delhi-NCR से आवारा कुत्तों को स्थानांतरित करने के निर्देश पर रोक लगाने के साथ-साथ उन्हें वापस लेने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई।यह याचिका 12 अगस्त को दायर की गई, जिसके एक दिन पहले ही जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के अधिकारियों को सभी इलाकों से आवारा कुत्तों को तुरंत उठाकर डॉग शेल्टर में स्थानांतरित करने के निर्देश जारी किए। ये निर्देश नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद पर भी लागू होते हैं।मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान...