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हैबियस कॉर्पस केवल विदेशी अदालत के आदेश को लागू करने के लिए प्रयोग नहीं किया जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
हैबियस कॉर्पस केवल विदेशी अदालत के आदेश को लागू करने के लिए प्रयोग नहीं किया जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि हैबियस कॉर्पस की असाधारण शक्ति केवल उन मामलों में प्रयोग की जा सकती है, जहां किसी बच्चे को माता-पिता या अन्य व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से कस्टडी में रखा गया हो। हालांकि, यह शक्ति केवल विदेशी अदालत के आदेश को लागू कराने के लिए नहीं इस्तेमाल की जा सकती।मामले में पिता ने कोर्ट का रुख किया और आरोप लगाया कि उसकी पत्नी ने उनकी बेटी को उसके हिरासत से अवैध रूप से हटा लिया। पिता ने बच्चे को कनाडा वापस लाने की मांग की, जहां उसका पूरा पालन-पोषण हुआ है और जिसके लिए...

शर्मनाक: झूठी अफवाह फैलाकर आधी रात अपील दायर करने पर हाईकोर्ट ने वकील को फटकारा, 1 लाख का जुर्माना लगाया
शर्मनाक: झूठी अफवाह फैलाकर आधी रात अपील दायर करने पर हाईकोर्ट ने वकील को फटकारा, 1 लाख का जुर्माना लगाया

गुजरात हाईकोर्ट ने एक सीनियर वकील के आचरण की कड़ी निंदा की, जिन्होंने दावा किया कि ट्रायल कोर्ट द्वारा रोक आदेश न दिए जाने के कारण अधिकारी रातों-रात उनके मुवक्किलों के फ्लैट ध्वस्त कर देंगे। कोर्ट ने कहा कि वकील ने सही तथ्यों की पुष्टि किए बिना आधी रात को अपील दायर करके कोर्ट की मशीनरी का दुरुपयोग किया।जस्टिस मौलिक जे. शेलाट की पीठ ने वकील के आचरण को निंदनीय और शर्मनाक बताते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी गलती दोहराए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि एक सीनियर वकील...

चुनाव याचिकाओं में पांच साल तब लगते हैं, जब सत्तारूढ़ दल इसमें शामिल हो: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
चुनाव याचिकाओं में पांच साल तब लगते हैं, जब सत्तारूढ़ दल इसमें शामिल हो: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को तब कड़ी मौखिक फटकार लगाई, जब राज्य के एक मंत्री से संबंधित चुनाव याचिका की जानकारी निर्वाचन आयोग (ECI) को भेजने में हो रही देरी को सही ठहराने के लिए सरकारी वकील ने दलील दी कि चुनाव याचिकाओं का निपटारा होने में आमतौर पर पांच साल लग जाते हैं।कोर्ट ने मौखिक रूप से तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि चुनाव याचिकाओं में पांच साल तब लगते हैं, जब सत्तारूढ़ दल शामिल हो और जब ऐसा न हो तो वे केवल पांच महीने में निपटा दी जाती हैं।पूरा मामलाराजकुमार सिंह नामक याचिकाकर्ता ने...

विवाह रद्द होने तक अधिकार बनाए रखते हुए पत्नी को भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
विवाह रद्द होने तक अधिकार बनाए रखते हुए पत्नी को भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पत्नी का भरण-पोषण पाने का अधिकार केवल इसलिए नहीं छीना जा सकता कि विवाह रद्द किया जा सकता है, जब तक कि कोर्ट के समक्ष विवाह रद्द करने का कोई आदेश प्रस्तुत न किया गया हो।जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला ने कहा,“जब तक एक शून्य योग्य विवाह को किसी आदेश के माध्यम से रद्द नहीं किया जाता पत्नी की कानूनी स्थिति पति की विधिवत पत्नी के रूप में बनी रहती है और इससे उत्पन्न सभी अधिकार भी जारी रहते हैं।”मामले में पत्नी ने फॅमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया था,...

दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: तिहाड़ जेल के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट पर लगा इंक्रीमेंट रोकने का जुर्माना बहाल
दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: तिहाड़ जेल के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट पर लगा इंक्रीमेंट रोकने का जुर्माना बहाल

दिल्ली हाईकोर्ट ने तिहाड़ जेल के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट पर कैदियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और उनसे जबरन पैसे वसूलने के मामले में लगाया गया दो इंक्रीमेंट रोकने का जुर्माना बहाल कर दिया है। यह जुर्माना मूल रूप से साल 2005 में लगाया गया था।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस मनोज जैन की खंडपीठ ने तिहाड़ जेल के महानिदेशक (Director General) द्वारा दायर याचिका स्वीकार करते हुए केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) का आदेश रद्द कर दिया, जिसमें अनुशासनात्मक और अपीलीय अधिकारियों के आदेशों को खारिज कर दिया गया...

वयस्क महिला को उसकी इच्छा के खिलाफ शेल्टर होम में रखना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन: गुजरात हाईकोर्ट
वयस्क महिला को उसकी इच्छा के खिलाफ शेल्टर होम में रखना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी मजिस्ट्रेट को महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शेल्टर होम भेजने का अधिकार तो है लेकिन वयस्क महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध अनिश्चितकाल तक वहीं रखना असंवैधानिक है। कोर्ट ने कहा कि जब महिला स्वयं रिहाई की मांग करती है तो मजिस्ट्रेट को उसे तत्काल मुक्त करना अनिवार्य है।मामले में शिकायतकर्ता ने बलात्कार का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई थी। महिला ने मजिस्ट्रेट के सामने कहा कि उसके पास परिवार नहीं है और वह माता-पिता के घर नहीं जाना चाहती। इसी आधार पर 30...

वकील पर न्यायपालिका को भ्रष्ट कहने का आरोप, हाईकोर्ट ने शुरू की आपराधिक अवमानना कार्यवाही
वकील पर न्यायपालिका को 'भ्रष्ट' कहने का आरोप, हाईकोर्ट ने शुरू की आपराधिक अवमानना कार्यवाही

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में वकील के खिलाफ आपराधिक अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू की, जिसने न्यायपालिका और जजों को भ्रष्ट बताया और संस्था पर अपमानजनक आरोप लगाए।जस्टिस अमित शर्मा ने कहा कि प्रथम दृष्टया, वकील ने न्यायालय अवमानना ​​अधिनियम, 1971 की धारा 2(सी) में परिभाषित "आपराधिक अवमानना" की है।अदालत ने आदेश दिया कि वकील के खिलाफ आगे की कार्यवाही के लिए मामले को 19 नवंबर को खंडपीठ या रोस्टर पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए। साथ ही उसे उक्त तिथि पर उपस्थित होने का भी निर्देश दिया।वकील के खिलाफ अदालत...

गुजरात हाईकोर्ट में सीनियर डेजिग्नेशन पाने के लिए न्यूनतम आयु 45 वर्ष और 20 वर्ष की प्रैक्टिस अनिवार्य
गुजरात हाईकोर्ट में सीनियर डेजिग्नेशन पाने के लिए न्यूनतम आयु 45 वर्ष और 20 वर्ष की प्रैक्टिस अनिवार्य

गुजरात हाईकोर्ट ने अपने नव-अधिसूचित गुजरात हाईकोर्ट (सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन) नियम, 2025 में यह अनिवार्य किया कि सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन के लिए आवेदन करने वाले वकीलों की पात्रता का दावा करने के लिए न्यूनतम आयु 45 वर्ष होनी चाहिए।17 सितंबर को प्रकाशित और अधिसूचित नियमों में कहा गया:"3. वरिष्ठ अधिवक्ता पदनाम के लिए पात्रता की शर्तें:(1) एक एडवोकेट सीनियर एडवोकेट के रूप में डेजिग्नेट होने के लिए पात्र होगा, यदि वह:(i) सीनियर एडवोकेट के रूप में डेजिग्नेट होने के लिए उसके मामले पर विचार किए जाने...

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने चार साल के बच्चे की हत्या के मामले में दोषियों की मृत्युदंड की सजा कम की
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने चार साल के बच्चे की हत्या के मामले में दोषियों की मृत्युदंड की सजा कम की

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 2014 के युग गुप्ता हत्याकांड में चंदर शर्मा (26) और विक्रांत बख्शी (22) को सुनाई गई मृत्युदंड की सजा कम करते हुए निर्देश दिया कि वे "अपनी अंतिम सांस तक" आजीवन कारावास की सजा काटेंगे।अदालत ने कहा,"...हमारे लिए इस धारणा पर आगे बढ़ना बहुत मुश्किल है कि दोषी ने युग के साथ क्रूरता से व्यवहार किया, जिससे मृत्युदंड की कठोर सजा देना उचित हो... यह दलील कि आरोपी ने बच्चे को जिंदा टैंक में फेंक दिया था, रिकॉर्ड में मौजूद साक्ष्यों से समर्थित नहीं है।"अदालत ने सह-अभियुक्त तेजिंदर...

नाबालिग बेटी को चुप कराने और आरोपी को यौन उत्पीड़न की अनुमति देने वाली माँ का कृत्य, POCSO Act के तहत उकसाने के समान: दिल्ली हाईकोर्ट
नाबालिग बेटी को चुप कराने और आरोपी को यौन उत्पीड़न की अनुमति देने वाली माँ का कृत्य, POCSO Act के तहत 'उकसाने' के समान: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि माँ द्वारा अपनी नाबालिग बेटी को चुप कराने और आरोपी को उसका यौन शोषण और उत्पीड़न करने की अनुमति देने का कृत्य POCSO Act की धारा 17 के तहत "उकसाने" के समान है।जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने POCSO Act की धारा 6 (पठित 17 और 21) के तहत अपराधों के लिए अपनी 11 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ बलात्कार के लिए उकसाने वाली एक माँ की दोषसिद्धि बरकरार रखी।अदालत ने उसे दी गई 25 साल के कठोर कारावास की सजा भी बरकरार रखी।अदालत ने कहा,"पीड़िता को चुप कराने, उसे समर्पण करने का निर्देश देने और...

Motor Accident Compensation - न्यूनतम मज़दूरी केवल शैक्षिक योग्यता के आधार पर तय नहीं की जा सकती: सुप्रीम कोर्ट
Motor Accident Compensation - न्यूनतम मज़दूरी केवल शैक्षिक योग्यता के आधार पर तय नहीं की जा सकती: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्यूनतम मज़दूरी किसी व्यक्ति की शैक्षिक योग्यता के आधार पर उसके द्वारा किए जा रहे कार्य की प्रकृति के संदर्भ के बिना निर्धारित नहीं की जा सकती।अदालत मोटर दुर्घटना मुआवज़े के मामले पर निर्णय दे रहा था, जहां आय की मात्रा पर विवाद था।यह मामला एक 20 वर्षीय बी.कॉम फाइनल इयर स्टूडेंट से संबंधित था, जिसने भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट्स संस्थान में भी दाखिला लिया था। हालांकि, 2001 में एक मोटर दुर्घटना के बाद वह लकवाग्रस्त हो गया और अपनी मृत्यु तक दो दशकों तक बिस्तर पर पड़ा रहा।...

सुप्रीम कोर्ट ने डीएम गेमिंग लिमिटेड के खिलाफ FIR रद्द करने का फैसला बरकरार रखा
सुप्रीम कोर्ट ने डीएम गेमिंग लिमिटेड के खिलाफ FIR रद्द करने का फैसला बरकरार रखा

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कर्नाटक हाईकोर्ट का आदेश बरकरार रखा, जिसमें मेसर्स डीएम गेमिंग लिमिटेड के स्वामित्व वाले बेंगलुरु के एक मनोरंजन क्लब के खिलाफ दर्ज FIR रद्द कर दी गई थी, जहां पोकर खेला जाता है और इसमें अवैध गेमिंग का आरोप लगाया गया।हाईकोर्ट ने एक अन्य मामले रोहित तिवारी बनाम कर्नाटक राज्य में अपने फैसले का हवाला देते हुए FIR रद्द दी थी, जिसमें कहा गया था कि पोकर और रम्मी कौशल के खेल हैं।हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के रद्द करने के आदेश के खिलाफ राज्य की विशेष अनुमति याचिका खारिज...

केंद्र के सहयोग पोर्टल को बरकरार रखने वाले फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा X कॉर्प
केंद्र के 'सहयोग' पोर्टल को बरकरार रखने वाले फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा X कॉर्प

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) ने घोषणा की कि वह कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करेगी, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए सहयोग पोर्टल को दी गई चुनौती को खारिज कर दिया गया। इस पोर्टल का इस्तेमाल बिचौलियों को गैरकानूनी ऑनलाइन सामग्री हटाने के लिए स्वचालित नोटिस भेजने के लिए किया जाता है।सोमवार को एक पोस्ट में ग्लोबल अफेयर्स X ने कहा कि कंपनी हाईकोर्ट के फैसले से सम्मानपूर्वक असहमत है। इसने कहा कि प्लेटफॉर्म अपीलीय उपायों का सहारा लेने का इरादा रखता है।पिछले...

बिहार शराब पर प्रतिबंध अधिनियम गैर-मादक पेय पदार्थों पर लागू नहीं होता: पटना हाईकोर्ट ने एनर्जी ड्रिंक निर्माता के खिलाफ FIR रद्द की
'बिहार शराब पर प्रतिबंध अधिनियम गैर-मादक पेय पदार्थों पर लागू नहीं होता': पटना हाईकोर्ट ने एनर्जी ड्रिंक निर्माता के खिलाफ FIR रद्द की

पटना हाईकोर्ट ने मेसर्स सिद्धि एंटरप्राइजेज और उसके कर्मचारियों के खिलाफ एनर्जी ड्रिंक के रूप में बीयर बेचने के आरोप में दर्ज FIR रद्द की। अदालत ने कहा कि संबंधित पेय पदार्थ भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा निर्धारित गैर-मादक पेय पदार्थों के स्वीकार्य मानकों के अंतर्गत आते हैं।जस्टिस आलोक कुमार पांडे ने सिद्धि एंटरप्राइजेज की मालिक कुमारी पूनम और दो अन्य लोगों द्वारा दायर रिट याचिका स्वीकार करते हुए फैसला सुनाया कि FIR में बिहार मद्य निषेध और उत्पाद शुल्क अधिनियम, 2016 के तहत किसी संज्ञेय अपराध...

दिवंगत कर्मचारी के परिवार को मिलने वाले मुआवज़े के लिए टर्मिनल लाभ पर काल्पनिक ब्याज भी गिना जाएगा : दिल्ली हाईकोर्ट
दिवंगत कर्मचारी के परिवार को मिलने वाले मुआवज़े के लिए टर्मिनल लाभ पर 'काल्पनिक ब्याज' भी गिना जाएगा : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि दिवंगत सरकारी कर्मचारी के परिवार को एक्स-ग्रेशिया मुआवज़ा देने के मामले में परिवार को मिले रिटायरमेंट लाभ (टर्मिनल बेनिफिट्स) पर मिलने वाले काल्पनिक ब्याज को भी आय का हिस्सा माना जाएगा।जस्टिस प्रतीक जालान ने टिप्पणी की कि इस योजना का उद्देश्य परिवार को कर्मचारी की मृत्यु के बाद तुरंत आर्थिक राहत पहुंचाना है। यह किसी तरह का अधिकार या हक़ नहीं है बल्कि परिवार की तत्काल ज़रूरत को देखते हुए बनाई गई योजना है।मामला बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक कर्मचारी से जुड़ा...

दिल्ली हाईकोर्ट ने बार काउंसिल्स से दिवंगत वकीलों के परिवारों को आर्थिक सहायता की नीति बनाने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने बार काउंसिल्स से दिवंगत वकीलों के परिवारों को आर्थिक सहायता की नीति बनाने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) को निर्देश दिया कि वे ऐसी नीति या योजना तैयार करें जिससे दिवंगत वकीलों के परिवारों को आर्थिक मदद मिल सके।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने कहा कि वकीलों की आमदनी पूरी तरह उनके पेशेवर कामकाज पर निर्भर करती है। उनके निधन के बाद परिवार के पास कोई वित्तीय सहारा नहीं रहता।अदालत ने टिप्पणी की, “BCI और BCD से अनुरोध है कि वे कोई ऐसी नीति या योजना बनाएं, जिससे वकीलों के परिवार उनके...

दिल्ली हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में तीन आरोपियों को जमानत दी, ED के रवैये को बताया मनमाना
दिल्ली हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में तीन आरोपियों को जमानत दी, ED के रवैये को बताया मनमाना

दिल्ली हाईकोर्ट ने 641 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तीन आरोपियों विपिन यादव, अजय और राकेश करवा को ज़मानत दी। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्य आरोपी रोहित अग्रवाल जिसका रोल अधिक गंभीर बताया गया, उसको गिरफ्तार न करना और अन्य आरोपियों को जेल में रखना स्पष्ट रूप से मनमाना है।जस्टिस अमित महाजन ने कहा,“जब ऐसे आरोपी को गिरफ्तार ही नहीं किया गया, जिसका रोल आवेदकों से अधिक गंभीर बताया गया। एक ऐसे व्यक्ति को भी शामिल नहीं किया गया, जिस पर म्यूल...

राज्य अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों से नहीं बच सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने ठेकेदार को बकाया भुगतान के साथ ब्याज देने का आदेश दिया
राज्य अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों से नहीं बच सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने ठेकेदार को बकाया भुगतान के साथ ब्याज देने का आदेश दिया

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि राज्य अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों से नहीं बच सकता और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ठेकेदार को वर्ष 2017 से लंबित 97.87 लाख की राशि 6% ब्याज सहित अदा करें।जस्टिस वसीम सादिक नरगल ने यह आदेश मेसर्स सेंट सोल्जर इंजीनियर एंड कॉन्ट्रैक्टर प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया। अदालत ने टिप्पणी की कि प्रशासनिक देरी या धन की कमी का बहाना बनाकर स्वीकृत भुगतान को रोकना मनमाना और असंवैधानिक है।मामला उस समय शुरू हुआ, जब...

दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग बेटी से बार-बार बलात्कार के दोषी पिता की 20 साल की जेल की सजा बरकरार रखी
दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग बेटी से बार-बार बलात्कार के दोषी पिता की 20 साल की जेल की सजा बरकरार रखी

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में अपनी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी से बार-बार बलात्कार के दोषी पिता को दी गई 20 साल के कठोर कारावास की सजा बरकरार रखी।जस्टिस संजीव नरूला ने कहा कि यह सजा न्यायोचित और आनुपातिक है, जो अपराध की गंभीरता और पॉक्सो अधिनियम के वैधानिक प्रावधानों को दर्शाती है।अदालत ने कहा, "पीड़िता की गवाही हालांकि दोषरहित नहीं है। मूल आरोप पर विश्वसनीय है और DNA रिपोर्ट से भी इसकी पुष्टि होती है। झूठे आरोप लगाने का कोई कारण साबित नहीं हुआ है। उसके जननांगों के नमूनों में अपीलकर्ता के वीर्य...