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भोजशाला मंदिर - कमाल मौला विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को ASI सर्वे रिपोर्ट खोलने का निर्देश दिया
भोजशाला मंदिर - कमाल मौला विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को ASI सर्वे रिपोर्ट खोलने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर अपील का निपटारा किया, जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को विवादित भोजशाला मंदिर सह कमाल मौला मस्जिद परिसर में जगह की असली और सही पहचान तय करने के लिए वैज्ञानिक सर्वे करने का निर्देश दिया गया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने हाईकोर्ट के लिए सर्वे रिपोर्ट खोलने, पार्टियों को कॉपी देने और फाइनल सुनवाई में उनकी आपत्तियों पर विचार करने के लिए एक समय-सीमा तय...

कैंसल टिकटों का रिफंड हो गया, फंसे हुए यात्रियों को जल्द-से-जल्द मुआवजा दिया जाएगा: इंडिगो ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा
कैंसल टिकटों का रिफंड हो गया, फंसे हुए यात्रियों को जल्द-से-जल्द मुआवजा दिया जाएगा: इंडिगो ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा

इंडिगो एयरलाइंस ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि फ्लाइट्स में हुई भारी गड़बड़ी के बीच हाल ही में उसके द्वारा कैंसल किए गए टिकटों का रिफंड कर दिया गया है और फंसे हुए यात्रियों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाएगा।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीजन बेंच ने एयरलाइंस को दो हफ़्ते के अंदर फंसे हुए यात्रियों को दिए जाने वाले मुआवजे के तरीके का ब्यौरा देते हुए हलफनामा देने को कहा।कोर्ट इंडिगो संकट और बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसल होने की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग वाली एक...

Excise Policy: ED के समन छोड़ने के मामलों में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हुए बरी
Excise Policy: ED के समन छोड़ने के मामलों में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हुए बरी

दिल्ली कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल को कथित शराब नीति घोटाले से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समन का पालन न करने के मामलों में बरी कर दिया।राउज़ एवेन्यू कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने यह फैसला सुनाया।प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जारी समन का पालन न करने के लिए केजरीवाल के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की थी।ED ने आरोप लगाया था कि जांच में शामिल होने के लिए जारी किए गए समन का केजरीवाल ने...

1984 Anti-Sikh Riots: दिल्ली कोर्ट ने जनकपुरी हिंसा मामले में पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को बरी किया
1984 Anti-Sikh Riots: दिल्ली कोर्ट ने जनकपुरी हिंसा मामले में पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को बरी किया

दिल्ली कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान राष्ट्रीय राजधानी के जनकपुरी और विकासपुरी इलाकों में हिंसा भड़काने के आरोपों से जुड़े मामले में पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को बरी किया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष उनके शामिल होने का सबूत उचित संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा।राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज (पीसी एक्ट) डिग विनय सिंह ने कहा,"नतीजतन, आरोपी की अपराध स्थल पर मौजूदगी या गैरकानूनी भीड़ का हिस्सा होने या किसी भी तरह से, चाहे उकसाने, साजिश या किसी अन्य तरह की मदद से, उसकी...

सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन के तौर पर काम करने पर रोक के खिलाफ ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया की याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन के तौर पर काम करने पर रोक के खिलाफ ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया की याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने से इनकार किया, जिसमें कहा गया कि जब तक केंद्र सरकार ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया को नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन (NSF) के रूप में मान्यता देने पर फैसला नहीं करती, तब तक न तो ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया और न ही ताइक्वांडो इंडिया NSF के तौर पर काम करेंगे।संक्षेप में मामलायह मामला ताइक्वांडो खेल के लिए 'ताइक्वांडो इंडिया' को NSF के रूप में मान्यता देने से जुड़ा है, क्योंकि ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया वर्ल्ड ताइक्वांडो से ज़रूरी मान्यता हासिल नहीं...

यूपी पुनर्गठन अधिनियम को चुनौती: हाईकोर्ट ने राष्ट्रपति को पक्षकार बनाने से किया इनकार, उत्तराखंड के पहले मुख्यमंत्री के खिलाफ़ याचिका खारिज
'यूपी पुनर्गठन अधिनियम' को चुनौती: हाईकोर्ट ने राष्ट्रपति को पक्षकार बनाने से किया इनकार, उत्तराखंड के पहले मुख्यमंत्री के खिलाफ़ याचिका खारिज

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने पिछले हफ़्ते एक रिट याचिका (2000 में दायर की गई) में भारत के राष्ट्रपति को पक्षकार बनाने की याचिका खारिज की। यह याचिका उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के लागू होने/अधिसूचना को चुनौती देती थी।जस्टिस संगीता चंद्रा और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की बेंच ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता कानून से परेशान है तो राष्ट्रपति के बजाय उस विभाग के उचित प्रमुख को पक्षकार बनाया जाना चाहिए, जो विवादित कानून को लाने और पास करने के लिए ज़िम्मेदार है।यह टिप्पणी तब आई, जब कोर्ट 26 साल...

सरकारी स्कूलों में स्टाफ की कमी: एमपी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से शिक्षकों की खाली पदों का डेटा रिकॉर्ड पर रखने को कहा
सरकारी स्कूलों में स्टाफ की कमी: एमपी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से शिक्षकों की खाली पदों का डेटा रिकॉर्ड पर रखने को कहा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार (20 जनवरी) को राज्य सरकार को जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकारी स्कूलों में खाली पड़े टीचिंग पदों की संख्या बताते हुए हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। इस याचिका में दावा किया गया था कि लगभग 600 सरकारी स्कूलों में स्टाफ की कमी है या कोई टीचिंग स्टाफ नहीं है।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सर्राफ की डिवीजन बेंच ने कहा,"राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए कुछ और समय मांगा। अनुरोध पर मामले को 24.02.2026 को लिस्ट किया जाए। प्रतिवादी...

वायु प्रदूषण मामले में लार्सन एंड टूब्रो के निदेशकों के खिलाफ जारी समन इलाहाबाद हाइकोर्ट ने रद्द किए
वायु प्रदूषण मामले में लार्सन एंड टूब्रो के निदेशकों के खिलाफ जारी समन इलाहाबाद हाइकोर्ट ने रद्द किए

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत दर्ज एक आपराधिक मामले में लार्सन एंड टूब्रो कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ जारी समन रद्द किया।कोर्ट ने कहा कि समन जारी करते समय संबंधित मजिस्ट्रेट ने रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेजों पर समुचित रूप से विचार नहीं किया और बिना सही तथ्यात्मक आधार के आदेश पारित कर दिया।यह आदेश जस्टिस बृज राज सिंह द्वारा पारित किया गया।मामले का पूरा विवरणइस मामले में लार्सन एंड टूब्रो के पूर्णकालिक निदेशक एवं वरिष्ठ कार्यकारी उपाध्यक्ष, पूर्णकालिक...

वकील मुवक्किल का केवल मुखपत्र नहीं, निरर्थक मामलों से बचना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
वकील मुवक्किल का केवल मुखपत्र नहीं, निरर्थक मामलों से बचना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि कोई भी वकील अपने मुवक्किल का केवल मुखपत्र नहीं होता और उसे ऐसे निरर्थक मामलों को स्वीकार करने से बचना चाहिए, जिनसे न्यायालय का कीमती समय बर्बाद होता है।हालांकि, कोर्ट ने एक युवा वकील पर लागत (कॉस्ट) लगाने से परहेज किया, क्योंकि उनका नामांकन हाल ही में वर्ष 2024 में हुआ था।यह टिप्पणी जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने की।जस्टिस विद्यार्थी ने कहा,“वकील को यह समझना चाहिए कि वह भले ही अपने मुवक्किल का प्रतिनिधित्व करता हो, लेकिन वह उसका मात्र मुखपत्र नहीं है।...

आपराधिक मामले में प्रोबेशन पर रिहाई से विभागीय सजा कम नहीं की जा सकती: सुप्रीम कोर्ट
आपराधिक मामले में प्रोबेशन पर रिहाई से विभागीय सजा कम नहीं की जा सकती: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी कर्मचारी को आपराधिक मामले में प्रोबेशन (परिवीक्षा) का लाभ मिल जाना, विभागीय कार्यवाही में दी गई सजा को कम करने का आधार नहीं हो सकता। कोर्ट ने कहा कि प्रोबेशन पर रिहाई से दोषसिद्धि (कन्विक्शन) का दाग समाप्त नहीं होता।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ ने मद्रास हाईकोर्ट के उस फैसले को गलत ठहराया, जिसमें केवल इस आधार पर कर्मचारी की सजा कम कर दी गई कि उसे आपराधिक मामले में प्रोबेशन का लाभ दिया गया।पीठ ने कहा,“हाईकोर्ट यह मानकर गलती कर...

भर्ती परीक्षा अपडेट देखने की जिम्मेदारी अभ्यर्थी की ही: एमपी हाई कोर्ट ने मेडिकल आधार पर अनिवार्य समय-सीमा में ढील से किया इनकार
भर्ती परीक्षा अपडेट देखने की जिम्मेदारी अभ्यर्थी की ही: एमपी हाई कोर्ट ने मेडिकल आधार पर अनिवार्य समय-सीमा में ढील से किया इनकार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों की यह स्वयं की जिम्मेदारी है कि वे परीक्षा/भर्ती से जुड़ी सभी सूचनाओं, निर्देशों और अपडेट्स के लिए आधिकारिक वेबसाइट की नियमित निगरानी करें। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आयोग ई-मेल, पत्राचार या फोन कॉल के माध्यम से अलग से सूचना देने के लिए बाध्य नहीं है।जस्टिस जय कुमार पिल्लै की एकलपीठ ने सहायक प्राध्यापक (बॉटनी) पद की अभ्यर्थी द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि दस्तावेज़ सत्यापन के लिए तय कट-ऑफ तारीख...

क्या SIR नियमों से हटकर हो सकता है? प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग से सवाल
क्या SIR नियमों से हटकर हो सकता है? प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग से सवाल

विभिन्न राज्यों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से अहम सवाल उठाए हैं।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21(3) के तहत चुनाव आयोग को असीमित और बिना नियंत्रण की शक्तियां नहीं दी जा सकतीं।कोर्ट ने कहा कि जिस तरीके से आयोग उचित समझे का अर्थ यह नहीं है कि प्रक्रिया संविधान और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों से बाहर हो।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष चुनाव...

Breaking | नोएडा में पानी भरे गड्ढे में टेक इंजीनियर की मौत पर NGT ने स्वतः संज्ञान लिया, कहा- प्रशासनिक लापरवाही से गई जान
Breaking | नोएडा में पानी भरे गड्ढे में टेक इंजीनियर की मौत पर NGT ने स्वतः संज्ञान लिया, कहा- प्रशासनिक लापरवाही से गई जान

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पानी से भरे गड्ढे में डूबकर मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियों की लापरवाही और सुधारात्मक कदम न उठाने के कारण यह दर्दनाक घटना हुई।NGT ने प्रारंभिक तौर पर इसे पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के उल्लंघन का मामला माना है।NGT की पीठ जिसकी अध्यक्षता जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव कर रहे थे और जिसमें विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल शामिल थे ने 20 जनवरी 2026 को टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट के...

पश्चिम बंगाल में 8 कुलपति नियुक्तियों पर राज्य सरकार–राज्यपाल की सहमति, शेष मामलों को सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस ललित समिति पर छोड़ा
पश्चिम बंगाल में 8 कुलपति नियुक्तियों पर राज्य सरकार–राज्यपाल की सहमति, शेष मामलों को सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस ललित समिति पर छोड़ा

पश्चिम बंगाल की विश्वविद्यालयों में कुलपतियों (Vice Chancellors) की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से जारी गतिरोध के बीच गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच 8 और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के नामों पर सहमति बन गई है।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ को यह जानकारी पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता तथा राज्यपाल की ओर से आर. वेंकटरमणि ने दी।जिन विश्वविद्यालयों के लिए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल के बीच...

सहमति से बने रिश्तों के टूटने को अपराध नहीं बनाया जा सकता: दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा, ब्रेकअप को बलात्कार कानून का हथियार न बनाएं
सहमति से बने रिश्तों के टूटने को अपराध नहीं बनाया जा सकता: दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा, ब्रेकअप को बलात्कार कानून का हथियार न बनाएं

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि वयस्कों के बीच सहमति से बने रिश्ते के टूटने को बलात्कार कानून का सहारा लेकर अपराध का रूप नहीं दिया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि असफल या टूटे हुए रिश्तों को आपराधिक रंग देना कानून का दुरुपयोग है।जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा ने कहा कि एक शिक्षित और स्वतंत्र वयस्क व्यक्ति, जो अपनी स्वतंत्र और सचेत इच्छा से किसी सहमति-आधारित रिश्ते में प्रवेश करता है, उसे यह समझना चाहिए कि सिर्फ़ रिश्ता टूट जाने भर से आपराधिक जिम्मेदारी उत्पन्न नहीं...

अत्यधिक संवेदनशील रवैया: दिल्ली हाईकोर्ट ने टीवी टुडे से कहा- न्यूज़लॉन्ड्री की आलोचना हर हाल में अपमानजनक नहीं
अत्यधिक संवेदनशील रवैया: दिल्ली हाईकोर्ट ने टीवी टुडे से कहा- न्यूज़लॉन्ड्री की आलोचना हर हाल में अपमानजनक नहीं

दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को टीवी टुडे नेटवर्क को कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि वह डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म न्यूज़लॉन्ड्री द्वारा बनाए गए वीडियो को लेकर “अत्यधिक संवेदनशील (over sensitive)” रवैया अपना रहा है और हर आलोचनात्मक टिप्पणी को अपमानजनक या मानहानिकारक बताने की कोशिश कर रहा है।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि न्यूज़लॉन्ड्री के 75 वीडियो में से केवल एक वीडियो संदिग्ध हो सकता है, लेकिन शेष वीडियो केवल आलोचनात्मक टिप्पणियाँ हैं, जिन्हें अपमानजनक नहीं कहा जा...

रैलियों के लिए देशव्यापी SOP बनाना अदालत के लिए कठिन: सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को गृह मंत्रालय और निर्वाचन आयोग से संपर्क करने को कहा
रैलियों के लिए देशव्यापी SOP बनाना अदालत के लिए कठिन: सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को गृह मंत्रालय और निर्वाचन आयोग से संपर्क करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को रैलियों, जनसभाओं और प्रदर्शनों के दौरान भगदड़ की घटनाओं को रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तय करने की मांग वाली एक जनहित याचिका (PIL) का निपटारा कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता दी कि वह इस संबंध में पहले से गृह मंत्रालय को भेजे गए अपने प्रतिवेदन को आगे बढ़ाए।इसके साथ ही, कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह भी अनुमति दी कि वह राजनीतिक रैलियों और रोड शो के लिए SOP तय करने के उद्देश्य से अपना प्रतिवेदन भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष भी प्रस्तुत कर सकता...

भोज शाला–कमाल मौला मस्जिद में एक साथ होगी पूजा और नमाज़, सुप्रीम कोर्ट ने तय की टाइमिंग
भोज शाला–कमाल मौला मस्जिद में एक साथ होगी पूजा और नमाज़, सुप्रीम कोर्ट ने तय की टाइमिंग

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के धार स्थित भोज शाला–कमाल मौला परिसर में बसंत पंचमी की पूजा और शुक्रवार की जुमे की नमाज़ दोनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए अहम दिशा-निर्देश जारी किए। यह परिसर लंबे समय से धार्मिक स्वरूप को लेकर हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच विवाद का विषय रहा है।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस द्वारा दायर एक आवेदन पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें 23 जनवरी को पड़ने वाली बसंत पंचमी के अवसर पर...

पत्नी के अडल्ट्री के आरोप सिद्ध करने के लिए DNA जांच का आदेश सही: मध्य प्रदेश हाइकोर्ट
पत्नी के अडल्ट्री के आरोप सिद्ध करने के लिए DNA जांच का आदेश सही: मध्य प्रदेश हाइकोर्ट

मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश सही ठहराया, जिसमें पति की अर्जी पर नाबालिग बच्ची का DNA टेस्ट कराने की अनुमति दी गई थी। पति ने यह DNA जांच पत्नी पर लगाए गए व्यभिचार (अडल्ट्री) के आरोपों को साबित करने के लिए मांगी थी।जस्टिस विवेक जैन की एकल पीठ ने पत्नी द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में फैमिली कोर्ट द्वारा DNA जांच का आदेश देना पूरी तरह उचित है।कोर्ट ने मामले के तथ्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि पति भारतीय सेना में कार्यरत है जबकि पत्नी मध्य प्रदेश पुलिस में...