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बीमा कंपनी ने सुरक्षा खामियों की जानकारी के बावजूद प्रीमियम लिया, डकैती में बैंक का नुकसान भरना होगा: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी बैंक ने बीमा पॉलिसी लेने से पहले अपनी सुरक्षा व्यवस्था में कमी की जानकारी बीमा कंपनी को दे दी थी और इसके बावजूद कंपनी ने प्रीमियम स्वीकार कर पॉलिसी जारी की, तो बाद में डकैती में हुए नुकसान का दावा केवल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सुरक्षा निर्देशों का पालन नहीं होने के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की अदालत ने कहा कि बीमा कंपनी ने बैंक की सुरक्षा संबंधी स्थिति की जानकारी होने के बावजूद प्रीमियम स्वीकार कर पॉलिसी जारी की थी। ऐसे में वह...

BREAKING | चौकीदार चोर टिप्पणी पर राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि मामला रद्द करने से हाईकोर्ट का इनकार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार (8 सितंबर) को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला रद्द करने से इनकार किया। यह मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को "चोरों के सरदार" और "कमांडर-इन-थीफ" (चोरों का कमांडर) कहने वाली उनकी कथित टिप्पणियों से जुड़ा है।गांधी ने इस मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट के समन को चुनौती दी और तर्क दिया कि बीजेपी कार्यकर्ता द्वारा दायर शिकायत सुनवाई योग्य नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पार्टी का नाम नहीं लिया था और किसी "पहचान योग्य या निश्चित वर्ग" को निशाना...

शादीशुदा महिला खुद होटल गई तो केवल शादी के वादे को यौन संबंध की वजह नहीं माना जा सकता: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में शादीशुदा महिला से यौन संबंध बनाने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत दर्ज आपराधिक मामला रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि यदि एक विवाहित महिला अपनी इच्छा से किसी दूसरे पुरुष के साथ होटल के कमरे में जाती है और उसके साथ यौन संबंध बनाती है तो केवल शादी के वादे के आरोप के आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि उसकी सहमति सिर्फ उसी वादे से हासिल की गई।जस्टिस जॉबिन सेबेस्टियन ने कहा कि जब महिला का विवाह कायम है और वह स्वेच्छा से आरोपी के साथ होटल गई तो...

ChatGPT के खिलाफ कॉपीराइट केस में अंतरिम राहत खारिज किए जाने कोर ANI ने दिल्ली हाईकोर्ट में दी चुनौती

समाचार एजेंसी एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI) ने ChatGPT बनाने वाली कंपनी OPENAI के खिलाफ दायर कॉपीराइट उल्लंघन मामले में अंतरिम रोक की मांग खारिज किए जाने के दिल्ली हाईकोर्ट के सिंगल जज के आदेश को चुनौती दी। ANI ने मंगलवार को खंडपीठ के समक्ष अपील दाखिल की।मामला जस्टिस वी. कामेश्वर राव की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के सामने सूचीबद्ध था लेकिन पीठ के नहीं बैठने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। मामले को अब 14 सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया। जस्टिस राव की पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में...

सरकारी कर्मचारी ने दूसरी शादी की तो दूसरी पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार नहीं: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारी की दूसरी पत्नी अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का दावा नहीं कर सकती यदि कर्मचारी ने सेवा में रहते हुए दूसरी शादी के लिए आचरण नियमों के तहत सरकार से अनुमति नहीं ली थी। दूसरी शादी संबंधित समुदाय की प्रथा के तहत वैध मानी जाती हो तब भी सेवा नियमों में निर्धारित अनुमति की अनिवार्यता खत्म नहीं होती।चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने दूसरी पत्नी की ओर से दायर अपील खारिज करते हुए सिंगल जज का फैसला बरकरार रखा।मामला एक...

मुजफ्फरनगर के शिक्षक की करीब 37 साल के सर्विस केस में हाईकोर्ट ने कहा- जरूरी योग्यता के बिना नियुक्ति शुरू से ही शून्य, नियमितीकरण से नहीं हो सकती वैध

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा आयोग एवं चयन बोर्ड अधिनियम, 1982 की धारा 21 के तहत मिलने वाला संरक्षण एडहॉक शिक्षकों को उपलब्ध नहीं है। धारा 21 के तहत प्रबंध समिति को किसी शिक्षक को सेवा से हटाने या बर्खास्त करने से पहले बोर्ड की पूर्व मंजूरी लेना जरूरी है, लेकिन यह सुरक्षा बोर्ड की संस्तुति पर नियमित रूप से नियुक्त शिक्षकों के लिए है।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि प्रथम कठिनाई निवारण आदेश, 1981 के तहत...

चल रही भर्ती प्रक्रिया से कानूनी रूप से उपलब्ध न होने वाले पदों को हटाना नियम बदलने जैसा नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि चल रही भर्ती प्रक्रिया से खाली पदों को हटाना — क्योंकि उन पदों को विज्ञापन में बताए गए नियमों के तहत कानूनी रूप से नहीं भरा जा सकता — "खेल के नियम" बीच में बदलने जैसा नहीं है।कोर्ट ने माना कि खाली पदों की संख्या को सही करना, योग्यता या चयन के मानदंडों को बदलने से बिल्कुल अलग बात है। कोर्ट ने कहा कि संविधान पीठ के 'तेज प्रकाश पाठक बनाम राजस्थान हाई कोर्ट' मामले के फैसले के तहत केवल बाद वाली चीज़ (यानी योग्यता या चयन के मानदंड बदलना) पर रोक है।'तेज प्रकाश पाठक' मामले...

एनकाउंटर, NSA हिरासत और संपत्ति ज़ब्त करने की नीति को जज का समर्थन, कहा- यूपी सरकार की पॉलिसी से अपराध कम हुए

मुज़फ़्फ़रनगर के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज रवि कुमार दिवाकर ने राज्य के इस दावे से सहमति जताई कि अपराधियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने की पॉलिसी – जिसमें एनकाउंटर, अपराधियों की संपत्ति ज़ब्त करना और नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत हिरासत में लेना शामिल है – से अपराध में कमी आई।यह बात जज दिवाकर ने सोमवार को सुनाए गए 38 पन्नों के फ़ैसले में कही। इस फ़ैसले में नदीम को अपनी पत्नी शहज़ादी पर जानबूझकर केरोसिन डालकर उसे ज़िंदा जलाने के लिए मौत की सज़ा सुनाई गई। कोर्ट ने पाया कि यह अपराध...

पीड़िता ने कोर्ट में आरोपी की पहचान नहीं की: सुप्रीम कोर्ट ने 5 साल की बच्ची के रेप के दोषी को बरी किया

सुप्रीम कोर्ट ने फिर कहा कि टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (TIP) के दौरान आरोपी की पहचान को पहचान का पक्का सबूत नहीं माना जा सकता है; इसका मकसद सिर्फ़ गवाह द्वारा बाद में कोर्ट में की गई पहचान की पुष्टि करना होता है।कोर्ट ने कहा,"TIP का मकसद गवाह की याददाश्त और किसी व्यक्ति को पहचानने की क्षमता की जांच करना है, जिसे गवाह ने घटना के समय देखा हो। बाद में कोर्ट के सामने की गई पहचान की पुष्टि करना है। जांच के दौरान की गई टेस्ट आइडेंटिफिकेशन की कार्यवाही को पहचान का पक्का सबूत नहीं माना जा सकता। पक्का सबूत...

महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट रद्द, हाईकोर्ट ने शिकायत MP/MLA कोर्ट में ट्रांसफर की

कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ शिकायत मामले में कृष्णानगर मजिस्ट्रेट द्वारा मामले का संज्ञान लेने का आदेश रद्द किया। साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस मामले की कार्यवाही को बिधाननगर, उत्तर 24-परगना में सांसदों और विधायकों के खिलाफ मामलों की सुनवाई के लिए तय विशेष अदालत में ट्रांसफर किया जाए।जस्टिस देबांग्सु बसाक और जस्टिस आर्यक दत्त की डिवीजन बेंच ने 7 सितंबर को यह आदेश पारित किया। बेंच ने मोइत्रा की क्रिमिनल रिवीजन याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश...

जवाई लेपर्ड हैबिटैट के आस-पास 1 किलोमीटर के इलाके को अंतरिम रेगुलेटरी ज़ोन घोषित, नए निर्माण पर रोक

राजस्थान हाईकोर्ट ने पाली ज़िले के जवाई इलाके में तेंदुए के रहने की जगह (हैबिटैट) की सुरक्षा को लेकर चिंता जताने वाली और निर्माण व पर्यटन पर नियम बनाने की मांग करने वाली PIL (जनहित याचिका) का निपटारा किया। कोर्ट ने जवाई लेपर्ड कंजर्वेशन रिज़र्व की नोटिफाइड सीमा से एक किलोमीटर के दायरे को 'अंतरिम रेगुलेटरी थ्रेशोल्ड' (नियमन की अंतरिम सीमा) घोषित किया।यह साफ़ किया गया,“इसलिए इस दूरी को कोई पक्की इकोलॉजिकल सीमा या निर्माण-मुक्त दायरा नहीं माना जा रहा है। इसे एक अंतरिम और सबूतों पर आधारित नियमन सीमा...

अपनी अदालत से आपराधिक मामले वापस लेने पर भड़के यूपी जज, कहा- मैं कायर जज कहलाने के बजाय मर जाना पसंद करूंगा

उत्तर प्रदेश के जज रवि कुमार दिवाकर ने सोमवार (7 सितंबर) को दावा किया कि माफिया और अपराधियों को लाभ पहुंचाने के लिए उनकी अदालत से गंभीर मामले वापस ले लिए गए, क्योंकि उन्होंने कहा कि वह आचरण से "गहराई से आहत और दुखी" थे। उन्होंने कहा कि वह "कायर न्यायाधीश" कहलाने के बजाय मरना पसंद करेंगे।ये टिप्पणियां एक फैसले में आईं, जिसमें मुजफ्फरनगर के एडिशनल जिला एवं सेशन जज दिवाकर ने जानबूझकर अपनी पत्नी (शहजादी) को जिंदा जलाने के लिए नदीम नामक व्यक्ति को मौत की सजा सुनाई। अदालत ने माना कि जिस तरह से नदीम ने...

बायो-मेडिकल वेस्ट फैसिलिटी के लिए एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस की अर्ज़ी देने से पहले ज़मीन का कब्ज़ा ज़रूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (7 सितंबर) को कहा कि कॉमन बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी (CBWTF) बनाने के मकसद से एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस (EC) के लिए अर्ज़ी जमा करते समय ज़मीन का पहले से अलॉटमेंट या कानूनी कब्ज़ा होना ज़रूरी नहीं है।कोर्ट ने कहा,"EIA, 2006 के क्लॉज़ 6 में कहा गया कि संभावित साइट(साइटों) की पहचान के बाद फॉर्म 1 में अर्ज़ी दी जा सकती है। इसलिए फॉर्म 1 के तहत अर्ज़ी देने के लिए ज़मीन का अलॉटमेंट एक ज़रूरी शर्त नहीं मानी जा सकती।" जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने...

दूसरे देश में हुए हमले के बाद लापता भारतीय की तलाश के लिए केंद्र की कानूनी ज़िम्मेदारी क्या है? सुप्रीम कोर्ट ने पूछा

यूक्रेन के पास ब्लैक सी में कार्गो जहाज MV AGN Ragnar पर हमले के बाद लापता हुए भारतीय नाविक दीपक कुमार गुप्ता से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज याचिकाकर्ता से जांच की मांग करने वाली उनकी अर्ज़ी के लिए कानूनी प्रावधान के बारे में पूछा।यह मामला चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच के सामने है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए।सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता के वकील ने आरोप लगाया कि भारतीय अधिकारियों ने घटना की जांच के लिए...

9 घंटे हिरासत में रखने का मामला: पूर्व नौकरशाह आशीष जोशी ने X पोस्ट को लेकर दर्ज FIR की कॉपी के लिए कोर्ट का रुख किया

पूर्व नौकरशाह आशीष जोशी ने दिल्ली कोर्ट में अर्ज़ी देकर X कॉर्प (पहले ट्विटर) पर किए गए पोस्ट के मामले में अपने खिलाफ दर्ज FIR की कॉपी मांगी। उन्हें 2 सितंबर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 9 घंटे तक हिरासत में रखकर पूछताछ की थी।उनकी अर्ज़ी पर मंगलवार को चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मृदुल गुप्ता सुनवाई करेंगे।जोशी ने स्पेशल सेल के SHO या जांच अधिकारी को निर्देश देने की मांग की कि उन्हें संबंधित FIR की कॉपी तुरंत उपलब्ध कराई जाए।अर्ज़ी के अनुसार, लगभग 60 वर्षीय जोशी 2 सितंबर को सुबह करीब 8:45 बजे...

रेगुलर होने से पहले की सर्विस पेंशन के लिए ज़रूरी सर्विस में गिनी जाएगी, लेकिन पेंशन की रकम तय करने में नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी कर्मचारी की रेगुलर होने से पहले की सर्विस - चाहे वह सीज़नल, एड-हॉक, वर्क-चार्ज्ड या टेम्पररी कर्मचारी के तौर पर हो - उसे यह तय करते समय गिना जाना चाहिए कि क्या उसके पास पेंशन के लिए ज़रूरी सर्विस है या नहीं। कोर्ट ने कहा कि पेंशन की रकम सिर्फ़ उसकी रेगुलर सर्विस के आधार पर ही तय की जा सकती है।कोर्ट ने 'प्रेम सिंह बनाम यूपी राज्य' और 'उदय प्रताप ठाकुर बनाम बिहार राज्य' मामलों में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला दिया। इन फैसलों में यह साफ़ किया गया था कि पिछली...

स्वीकार्य दस्तावेज़ को साबित करने के लिए प्रतिवादी को गवाह के कटघरे में जाने की ज़रूरत नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब बचाव पक्ष का आधार पहले से रिकॉर्ड पर मौजूद किसी निर्विवाद दस्तावेज़ पर टिका हो, तो प्रतिवादी को गवाह के कटघरे में जाने की ज़रूरत नहीं है।जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने उस मामले की सुनवाई की, जिसमें अपीलकर्ता-वादी ने प्रतिवादी-किरायेदार के खिलाफ़ अनिवार्य निषेधाज्ञा और कब्ज़े का मुकदमा दायर किया। वादी का दावा था कि वह संपत्ति का मालिक है और उसने प्रतिवादी को लाइसेंसधारी के तौर पर संपत्ति का इस्तेमाल करने की इजाज़त दी।ट्रायल कोर्ट ने...

हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट करने के प्रस्ताव को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट कॉम्प्लेक्स को नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट करने के प्रस्ताव को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा कि यह रिट याचिका समय से पहले दायर की गई थी क्योंकि मामला अभी ज़मीन की पहचान करने के चरण में है। कोर्ट ने कहा कि जब वन भूमि को डी-रिज़र्व करने या उसे गैर-वन उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करने का चरण आएगा, तब वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 की धारा 2 के तहत केंद्र सरकार की पूर्व मंज़ूरी की आवश्यकता होगी।जस्टिस मनोज कुमार तिवारी और जस्टिस पंकज पुरोहित की डिवीज़न बेंच उस...