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एक्टर मोहनलाल ने हाइकोर्ट से अंतरिम राहत की अर्जी वापस ली, दोबारा दायर करने की मिली छूट
दिल्ली हाइकोर्ट में मलयालम एक्टर मोहनलाल ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े मामले में दायर अंतरिम राहत की अर्जी मंगलवार को वापस ले ली।इसके साथ ही अदालत ने उन्हें यह अर्जी बेहतर और विस्तृत तथ्यों के साथ दोबारा दाखिल करने की अनुमति दी।जस्टिस ज्योति सिंह ने सुनवाई के दौरान कहा कि याचिकाकर्ता के वकील ने अर्जी वापस लेने की अनुमति मांगी ताकि उसे अधिक स्पष्ट और पूर्ण विवरण के साथ फिर से दाखिल किया जा सके।अदालत ने यह अनुमति देते हुए अर्जी का निस्तारण कर दिया और मुख्य मामले को शुक्रवार के...
सशस्त्र बलों में स्थायी कमीशन के लिए महिला अधिकारियों के मूल्यांकन में असमानता: सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता, दी राहत
सुप्रीम कोर्ट ने सेना, नौसेना और वायुसेना में महिला शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारियों (SSCOs) के मूल्यांकन में मौजूद गहरी संरचनात्मक असमानताओं को रेखांकित करते हुए कहा है कि पूर्व में लागू नीतियों ने उनके करियर को प्रभावित किया। अदालत ने पाया कि जब महिलाओं को स्थायी कमीशन (Permanent Commission) के लिए पात्र नहीं माना जाता था, उस दौर में विकसित मूल्यांकन प्रणाली ने उनके प्रदर्शन आकलन को विकृत किया।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस एन.के. सिंह की खंडपीठ ने तीन अलग-अलग फैसलों में...
UAPA मामलों की सुनवाई एक साल में पूरी करें: सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से मांगा स्पेशल कोर्ट का खाका
सुप्रीम कोर्ट ने UAPA जैसे गंभीर मामलों में लंबित ट्रायल को तेजी से निपटाने के लिए बड़ा निर्देश देते हुए 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पूछा कि एक साल के भीतर सुनवाई पूरी करने के लिए उन्हें कितनी स्पेशल कोर्ट की जरूरत है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि राज्य सरकारें यह तय करें कि UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए कितनी एक्सक्लूसिव अदालतें स्थापित करनी होंगी। साथ ही यह स्पष्ट प्रतिबद्धता भी देनी होगी कि हर ट्रायल हर हाल में एक वर्ष के भीतर...
लालू यादव को बड़ा झटका: नौकरी के बदले जमीन मामले में CBI की FIR रद्द करने से हाइकोर्ट का इनकार
दिल्ली हाइकोर्ट ने राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव को बड़ा झटका देते हुए नौकरी के बदले जमीन घोटाले से जुड़े मामले में दर्ज CBI की FIR रद्द करने से इनकार किया।जस्टिस रविंदर डुडेजा ने न केवल FIR रद्द करने की मांग ठुकराई, बल्कि इस मामले में दाखिल तीन आरोपपत्रों और निचली अदालत द्वारा लिए गए संज्ञान को भी बरकरार रखा।अदालत ने कहा कि याचिका में कोई ठोस आधार नहीं है और इसे खारिज किया जाता है।बता दें, इससे पहले भी मई, 2025 में हाइकोर्ट ने मामले की सुनवाई पर रोक लगाने से इनकार किया था और कहा था...
DSLSA ने शुरू की कई अहम पहलें, विधिक सहायता को घर-घर तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम
दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (DSLSA) ने दिल्ली उच्च न्यायालय परिसर स्थित एस–ब्लॉक ऑडिटोरियम में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और पहलों की शुरुआत की। इन पहलों का शुभारंभ चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत एवं नालसा (NALSA) के संरक्षक-प्रमुख के मार्गदर्शन में किया गया।इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी. वी. संजय कुमार, दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय, न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव (कार्यकारी अध्यक्ष, DSLSA), न्यायमूर्ति नितिन वासुदेव साम्ब्रे, एडिशनल...
IPC की धारा 498A की हर सजा को नैतिक अधमता नहीं माना जा सकता: हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498ए के तहत हर दोषसिद्धि को स्वतः 'नैतिक अधमता' (मोरल टरपिट्यूड) का अपराध नहीं माना जा सकता।हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा कोई सामान्य नियम नहीं बनाया जा सकता, क्योंकि हर मामला अपने तथ्यों और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।यह टिप्पणी जस्टिस संदीप मौदगिल ने एक मामले की सुनवाई के दौरान की, जिसमें भारतीय स्टेट बैंक के एक पूर्व शाखा प्रबंधक को सेवा से हटा दिया गया था। बैंक ने यह कार्रवाई इस आधार पर की थी कि...
जजों की सुरक्षा पर सख्त रुख: दिल्ली हाइकोर्ट ने सरकार, पुलिस और गृह मंत्रालय की संयुक्त बैठक के दिए आदेश
दिल्ली हाइकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय को संयुक्त बैठक करने का निर्देश दिया।जस्टिस मनोज जैन की एकल पीठ ने कहा कि याचिका में उठाए गए मुद्दे की गंभीरता को किसी भी स्तर पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि जजों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था जरूरी है।यह आदेश न्यायिक सेवा संघ द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें जिला न्यायपालिका के जजों को व्यक्तिगत सुरक्षा...
प्रधानमंत्री पर पोस्ट मामले में यूट्यूबर को राहत, बॉम्बे हाइकोर्ट ने हलफनामा दाखिल करने की दी अनुमति
बॉम्बे हाइकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में आरोपी डॉक्टर और यूट्यूबर डॉ. संग्राम पाटिल को राहत देते हुए उन्हें हलफनामा दाखिल करने की अनुमति दी।जस्टिस अश्विन भोबे की एकल पीठ ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता विदेश (UK) लौटना चाहते हैं तो उन्हें यह आश्वासन देना होगा कि वे जांच में लगातार सहयोग करते रहेंगे। अदालत ने मुंबई पुलिस को निर्देश दिया कि इस अनुरोध पर शीघ्र निर्णय लिया जाए।याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट ने दलील दी कि डॉ. पाटिल पहले से ही जांच...
“जातिविहीन समाज के बजाय हम समाज को बांट रहे हैं” : DNT जनगणना की मांग पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 2027 की जनगणना में डिनोटिफाइड, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों (DNT) की अलग से गणना की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यह मामला नीति (policy) से जुड़ा है और न्यायिक समीक्षा (justiciable issue) के दायरे में नहीं आता। हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ताओं को संबंधित प्राधिकरणों के समक्ष अपनी मांग रखने की स्वतंत्रता दी।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। यह याचिका DNT समुदाय के नेता...
चयनित उम्मीदवार के जॉइन न करने पर अगली मेरिट वाले को नियुक्ति का अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी उम्मीदवार को केवल इस आधार पर नियुक्ति का अधिकार नहीं मिल जाता कि चयनित उम्मीदवार ने जॉइन नहीं किया या प्री-अपॉइंटमेंट औपचारिकताएं पूरी नहीं कीं। कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति में रिक्त पद को उसी सेलेक्ट लिस्ट से भरना अनिवार्य नहीं है, बल्कि संबंधित भर्ती नियमों के अनुसार ही प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने कर्नाटक सरकार की अपील स्वीकार करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें उत्तरदाता को...
निरीक्षण से पहले दोषपूर्ण उत्पाद हटाने पर उपभोक्ता शिकायत सुनवाई योग्य नहीं: दिल्ली राज्य आयोग
दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (अध्यक्ष जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल और सदस्य बिमला कुमारी) ने सैमसंग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स प्रा. लि. के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि जब शिकायतकर्ता ने कथित रूप से खराब रेफ्रिजरेटर को पहले ही नष्ट/बेच दिया, तो उसकी जांच संभव नहीं रही और दोष का सत्यापन नहीं किया जा सकता।आयोग ने जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि जब उत्पाद ही निरीक्षण के लिए उपलब्ध नहीं है, तो दोष से संबंधित विवाद का निपटारा नहीं किया जा सकता।संक्षिप्त...
पूरी तरह बेतुका: मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने टाइगर कॉरिडोर में सीमित रास्तों पर उठाए सवाल, अधिकारियों को किया तलब
मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने NH-46 के चौड़ीकरण परियोजना में टाइगर कॉरिडोर के लिए प्रस्तावित सीमित वन्यजीव मार्गों पर कड़ा सवाल उठाते हुए इसे पूरी तरह बेतुका करार दिया।कोर्ट ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण और राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड के सीनियर अधिकारियों को तलब कर विस्तृत जवाब मांगा।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने पाया कि 16 किलोमीटर लंबे महत्वपूर्ण वन्यजीव कॉरिडोर में केवल लगभग 1.2 से 1.5 किलोमीटर हिस्से में ही पशुओं के लिए मार्ग प्रस्तावित किया गया, जबकि पहले से बना एक...
लखनऊ में अवैध वकील चैंबर हटेंगे: हाइकोर्ट का सख्त आदेश, बिना नोटिस भी हो सकती है कार्रवाई
इलाहाबाद हाइकोर्ट ने लखनऊ स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय (पुराना हाइकोर्ट परिसर) के आसपास वकीलों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस राजीव भारती की खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक भूमि, फुटपाथ या सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए पहले से नोटिस देना अनिवार्य नहीं है।अदालत ने कहा, “कानून का शासन बनाए रखने के लिए ऐसे अतिक्रमणों को तुरंत हटाया जाना चाहिए।” हालांकि लखनऊ नगर निगम ने...
Hindu Marriage Act के तहत जनजातियों को बहुविवाह की खुली छूट नहीं: मध्य प्रदेश हाइकोर्ट का स्पष्ट फैसला
मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया कि हिंदू विवाह अधिनियम (Hindu Marriage Act) की धारा 2(2) के तहत अनुसूचित जनजातियों को दी गई छूट का मतलब यह नहीं है कि वे बिना किसी परंपरा के बहुविवाह को उचित ठहरा सकें।जस्टिस विवेक जैन की पीठ ने कहा कि यह प्रावधान केवल जनजातीय परंपराओं और मान्यताओं की रक्षा के लिए है, न कि बहुविवाह जैसे प्रथाओं को मनमाने ढंग से अपनाने की अनुमति देने के लिए।मामला मुन्नी बाई द्वारा दायर याचिका से जुड़ा था, जिसमें उसने अपने पति की मृत्यु के बाद उत्तराधिकार...
32वीं एवेन्यू के CEO को राहत: पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने कई FIR की जांच पर लगाई रोक
पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने गुरुग्राम स्थित 32वीं एवेन्यू के CEO ध्रुव दत्त शर्मा को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज कई FIR की जांच पर अंतरिम रोक लगाई। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि एक प्रमुख मामले में जांच जारी रहेगी।जस्टिस सुभाष मेहला की पीठ ने आदेश देते हुए कहा कि पहली FIR जिसमें धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और साजिश के आरोप हैं की जांच जारी रहेगी, जबकि अन्य FIR में फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।यह मामला उस आरोप से जुड़ा है कि एक ही व्यावसायिक यूनिट को कई खरीदारों को बेच दिया गया।...
यूनिवर्सिटी में असहमति दबाना नहीं, विचारों को बढ़ावा देना जरूरी: दिल्ली हाइकोर्ट की अहम टिप्पणी
दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि यूनिवर्सिटी का काम स्टूडेंट्स की आवाज दबाना नहीं बल्कि स्वतंत्र सोच और अभिव्यक्ति को बढ़ावा देना है। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल इसलिए किसी स्टूडेंट के विचारों को नहीं रोका जा सकता क्योंकि वे प्रबंधन की सोच से मेल नहीं खाते।जस्टिस जस्मीत सिंह ने कहा कि यूनिवर्सिटी केवल पढ़ाई का स्थान नहीं बल्कि ऐसा मंच है, जहां स्टूडेंट्स को स्वतंत्र सोच, सवाल पूछने और आलोचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर मिलना चाहिए।अदालत ने कहा,“शांतिपूर्ण विरोध और असहमति विश्वविद्यालय जीवन का...
सहमति: डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन की नींव
कंसियसनेस फेसिट लेगेम, जिसका अर्थ है सहमति कानून बनाती है। सहमति की प्रधानता न केवल अनुबंधों के गठन तक ही सीमित है, बल्कि कानूनी संबंधों की एक विस्तृत श्रृंखला को भी रेखांकित करती है और व्यक्तिगत स्वायत्तता के लिए एक दार्शनिक प्रतिबद्धता को उजागर करती है। हमारा संविधान प्रस्तावना से शुरू होता है, जहां हम पीढ़ियों से एक-दूसरे से अपनी सामूहिक सहमति का वादा करते हैं, जैसे "हम, भारत के लोग, गंभीरता से हल कर चुके हैं... यहां अपनाइए, इस संविधान को अपनाइए, लागू करें और खुद को दें। सहमति और स्वतंत्र...
रिटायरमेंट के बाद उत्पीड़न: रिटायरमेंट लाभों को अवैध रूप से रोकना
एक वकील अक्सर सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों द्वारा दायर सेवा मामलों का सामना करता है जो उनके पेंशन लाभों को जारी करने की मांग करते हैं। ये मामले एक आवर्ती और परेशान करने वाले पैटर्न को प्रकट करते हैं - सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर किया जाता है क्योंकि उनकी पेंशन, ग्रेच्युटी या अन्य सेवानिवृत्ति लाभों को या तो रोक दिया जाता है या प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अनावश्यक रूप से देरी की जाती है।पेंशन और ग्रेच्युटी केवल वित्तीय लाभ नहीं हैं; वे एक सेवानिवृत्त कर्मचारी...
आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार नियमों की अनुमति होने पर छूट का लाभ उठाने के बावजूद मेरिट के आधार पर सामान्य सीटों का दावा कर सकते हैं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (23 मार्च) को यह टिप्पणी की कि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार, जिन्होंने किसी योग्यता परीक्षा में छूट का लाभ उठाया, उन्हें अभी भी सामान्य वर्ग के पदों के लिए विचार किया जा सकता है, बशर्ते वे अंतिम चयन चरण में उच्च मेरिट हासिल करें और संबंधित नियम इसकी अनुमति देते हों।TET उम्मीदवारों को राहत देते हुए जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ का फैसला रद्द किया, जिसमें यह कहा गया था कि जिन उम्मीदवारों ने छूट का लाभ उठाया है, वे...
सुप्रीम कोर्ट ने 'वनशक्ति' की पुनर्विचार याचिका पर उठाया सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यह सवाल उठाया कि क्या अदालतें, घटना के बाद दी जाने वाली पर्यावरण मंज़ूरियों पर पूरी तरह से रोक लगाने का कोई सख़्त नियम अपना सकती हैं? साथ ही क्या विधायिका या किसी अधिकृत कानून-निर्माता को, ऐसी व्यवस्था बनाने की शक्ति से पूरी तरह से वंचित माना जा सकता है?चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ, 'वनशक्ति' नामक NGO द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में घटना के बाद पर्यावरण मंज़ूरी देने की अनुमति देने...




















