ताज़ा खबरे
सिर्फ़ शादी वाला घर बेचना IPC की धारा 498A के तहत दहेज उत्पीड़न नहीं माना जा सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने फ़ैसला सुनाया कि सिर्फ़ शादी वाला घर बेचना अपने आपमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498-A के तहत दहेज उत्पीड़न का काम नहीं माना जा सकता।जस्टिस संदीप शर्मा ने कहा:"स्टेटस रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि शिकायतकर्ता का दिल्ली में स्थित शादी वाला घर याचिकाकर्ताओं ने बेच दिया था, लेकिन ऐसा कोई भी काम, अगर हुआ भी है, तो उसे दहेज मांगने का काम नहीं माना जा सकता।" मामले की पृष्ठभूमिशिकायतकर्ता अंजलि राणा ने आरोप लगाया कि उनकी शादी याचिकाकर्ता राहुल डधवाल के साथ 11 अक्टूबर,...
बेटे के POCSO केस से जोड़ने वाली 'मानहानिकारक' सामग्री हटाने की मांग: सिविल कोर्ट पहुंचे केंद्रीय मंत्री बंदी संजय
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने हैदराबाद सिटी सिविल कोर्ट में अर्जी देकर विभिन्न मीडिया प्लेटफ़ॉर्मों और कुछ अज्ञात लोगों (John Doe) द्वारा उनके बारे में पोस्ट की गई कथित तौर पर मानहानिकारक सामग्री को हटाने की मांग की। इस सामग्री में उन्हें उनके बेटे के खिलाफ दर्ज POCSO केस से जोड़ा गया है।मंत्री के बेटे बंदी साई भगीरथ के खिलाफ POCSO के तहत FIR दर्ज की गई। भगीरथ ने अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट में अर्जी दी।ट्रायल कोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह मामला शुक्रवार (15...
सुप्रीम कोर्ट ने ईंधन बचाने के उपाय शुरू किए: सिर्फ़ VC से सुनवाई, जज करेंगे कार-पूलिंग, स्टाफ़ के लिए WFH
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के ईंधन बचाने के उपायों के तहत तुरंत कई प्रशासनिक कदम उठाए। इनमें कुछ खास तरह के मामलों के लिए वर्चुअल सुनवाई ज़रूरी करना, जजों का कार-पूलिंग करना, और रजिस्ट्री स्टाफ़ के लिए कुछ हद तक 'वर्क-फ़्रॉम-होम' (WFH) की व्यवस्था करना शामिल है।15 मई, 2026 को जारी एक सर्कुलर में सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल भरत पराशर ने बताया कि ये कदम कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा 12 मई, 2026 को जारी ऑफ़िस मेमोरेंडम के आधार पर लागू किए जा रहे हैं। यह मेमोरेंडम अमेरिका-ईरान संघर्ष के...
दिल्ली हाईकोर्ट ने PACL मामले में ED के अटैचमेंट आदेश रद्द किए, मामला जस्टिस लोढ़ा समिति को सौंपा
दिल्ली हाईकोर्ट ने PACL से जुड़ी संपत्तियों के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी किए गए अस्थायी अटैचमेंट आदेशों को रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाले उस ढांचे के तहत निपटाया जाना चाहिए, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस आर.एम. लोढ़ा समिति कर रही है।जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने टिप्पणी की कि PACL की संपत्तियों के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कार्यवाही जारी रखना, निवेशकों के हितों की सुरक्षा और उन्हें राहत दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट...
हज किराये में अतिरिक्त 10 हजार रुपये वसूली को चुनौती देने वाली याचिका खारिज, गैर-यात्री को सुनवाई का अधिकार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हज यात्रियों से बढ़े हुए हवाई ईंधन दामों के कारण अतिरिक्त 10 हजार रुपये लेने संबंधी परिपत्र को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की। अदालत ने कहा कि जिसने खुद हज यात्रा के लिए पंजीकरण नहीं कराया, उसे इस मामले में याचिका दायर करने का अधिकार नहीं है।जस्टिस एस. विश्वजीत शेट्टी की एकल पीठ ने 7 मई को यह आदेश पारित किया।अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ने वर्ष 2026 की हज यात्रा के लिए अपना नाम पंजीकृत नहीं कराया और न ही हज समिति के पास कोई राशि जमा की है। ऐसे में वह संबंधित परिपत्र से...
शराब कारोबारी की आत्महत्या मामले में CBI जांच के आदेश, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने FIR में देरी पर पुलिस को फटकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शराब कारोबारी की आत्महत्या मामले में बड़ा आदेश देते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को FIR दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी FIR दर्ज करने में जानबूझकर देरी करते दिखे और ऐसा प्रतीत होता है कि वे आबकारी अधिकारी के प्रभाव में काम कर रहे थे।जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की पीठ ने कहा कि मृतक द्वारा छोड़े गए वीडियो सुसाइड नोट में जिन रकमों का उल्लेख किया गया, वे बेहद बड़ी हैं और आत्महत्या से पहले वीडियो रिकॉर्ड किया जाना मामले को...
कार सर्विसिंग में लापरवाही से इंजन खराब: उपभोक्ता आयोग ने अधिकृत सर्विस सेंटर पर लगाया ₹1 लाख हर्जाना और मरम्मत का आदेश
आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मारुति ब्रेज़ा कार की सर्विसिंग में लापरवाही बरतने पर अधिकृत सर्विस सेंटर आदर्शा ऑटोमोटिव्स प्राइवेट लिमिटेड को सेवा में कमी और लापरवाही का दोषी ठहराया है। आयोग ने कहा कि समय पर इंजन कूलेंट की सही जांच और बदलाव न करने के कारण वाहन का इंजन ओवरहीट होकर खराब हो गया।मामला कुरनूल की सरकारी शिक्षिका पी. मसुम्बी से जुड़ा है, जिन्होंने आरोप लगाया कि वह नियमित रूप से अपनी मारुति ब्रेज़ा की सर्विसिंग अधिकृत सर्विस सेंटर से कराती थीं, लेकिन सर्विस...
राहुल गांधी के खिलाफ याचिकाएं दायर करने वाले BJP कार्यकर्ता की Z+ सुरक्षा मांग पर 3 हफ्ते में फैसला करे केंद्र: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि कर्नाटक के भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा मांगी गई अखिल भारतीय स्तर की Z+ सुरक्षा पर तीन सप्ताह के भीतर कारणयुक्त फैसला लिया जाए।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अभदेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश शिशिर की याचिका का निस्तारण करते हुए दिया।शिशिर ने अपनी याचिका में मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाकर अखिल भारतीय स्तर पर Z+ सुरक्षा देने की मांग की थी। फिलहाल उन्हें सीएपीएफ सुरक्षा अधिकारी की चौबीसों घंटे सुरक्षा...
बुजुर्ग माता-पिता की सुरक्षा के लिए बेटे-बहू को घर से बेदखल करना सही: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने सीनियर सिटीजन्स के अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि बुजुर्ग माता-पिता की गरिमा और शांतिपूर्ण जीवन की रक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर बेटे, बहू या अन्य रिश्तेदारों को संपत्ति से बेदखल किया जा सकता है।जस्टिस समीर जैन की पीठ ने सीनियर सिटीजन दंपति और उनके बेटे-बहू द्वारा दायर याचिका खारिज की। यह याचिका 80 वर्ष से अधिक उम्र के माता-पिता द्वारा संपत्ति से बेदखली के आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई।अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि बुजुर्ग माता-पिता को...
S.480 BNSS | केवल महिला होने से हत्या जैसे गंभीर मामलों में जमानत नहीं मिल सकती: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के गंभीर मामले में सास की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि केवल महिला होने के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती, विशेषकर तब जब आरोप बेहद गंभीर हों।जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की पीठ ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 480 के तहत महिला होने के आधार पर राहत देने की दलील अस्वीकार की।अदालत ने रेखा के.सी. बनाम ज्योतिभाई मामले का हवाला देते हुए कहा कि केवल आरोपी का महिला होना जमानत का पर्याप्त आधार नहीं हो सकता, खासकर तब जब उसके खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के...
वाराणसी गंगा नाव इफ्तार विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट से 8 आरोपियों को मिली जमानत
उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी में गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी आयोजित करने, कथित रूप से मांसाहारी भोजन करने और बचा हुआ खाना नदी में फेंकने के आरोप में गिरफ्तार 8 मुस्लिम युवकों को जमानत दी।जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला ने पांच आरोपियों को जमानत दी, जबकि जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा ने तीन अन्य आरोपियों की जमानत मंजूर की। इसके साथ ही इस मामले में कुल 14 आरोपियों में से 8 को अब तक जमानत मिल चुकी है।जिन आरोपियों को जमानत मिली है, उनमें मोहम्मद आजाद अली, मोहम्मद तहसीम, निहाल अफरीदी,...
शिवसेना विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने UBT गुट को चेतावनी दी - फैसले में देरी के लिए कोर्ट पर आरोप न लगाएं
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उद्धव बालासाहेब ठाकरे (UBT) गुट को सार्वजनिक बयान देने से मना किया। ये बयान ऐसे थे, जिनसे यह संकेत मिलता था कि कोर्ट शिवसेना में विभाजन के लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर फैसला नहीं ले रहा है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने कोर्ट को निशाना बनाने वाले "गैर-जिम्मेदाराना बयानों" के खिलाफ चेतावनी दी।CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ उद्धव ठाकरे द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने भारत के चुनाव आयोग (ECI) के उस फैसले को चुनौती दी थी,...
“दिल्ली में हजारों फर्जी वकील”: CJI सूर्यकांत बोले- LLB डिग्रियों की CBI जांच कराने पर विचार कर रहा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने शुक्रवार (15 मई) को दिल्ली में बड़ी संख्या में फर्जी वकीलों की मौजूदगी पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही कई वकीलों की एलएलबी डिग्रियों की सत्यता की जांच के लिए CBI जांच के आदेश देने पर विचार कर रहे हैं।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच एक वकील की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट में सीनियर एडवोकेट पदनाम को लेकर शिकायत की गई थी। सुनवाई के दौरान CJI ने कुछ वकीलों के सोशल मीडिया व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए...
सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन को लेकर बार-बार याचिका दाखिल करने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI बोले- “आप इस सम्मान के योग्य नहीं”
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (15 मई) को दिल्ली हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता (Senior Advocate) पदनाम को लेकर बार-बार याचिकाएं दाखिल करने वाले एक वकील को कड़ी फटकार लगाई। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने वकील के पेशेवर आचरण पर गंभीर टिप्पणी की।वकील ने व्यक्तिगत रूप से पेश होकर कहा कि यह तीसरी बार है जब उन्हें सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है, क्योंकि दिल्ली हाईकोर्ट ने वरिष्ठ पदनाम से संबंधित उनकी याचिका पर समयबद्ध तरीके से विचार नहीं किया। इस पर...
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ अवमानना याचिका खारिज, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- जमानत रद्द कराने का रास्ता खुला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दायर अवमानना याचिका खारिज की। याचिका में आरोप लगाया गया कि उन्होंने POCSO मामले में अदालत द्वारा लगाई गई जमानत शर्तों का उल्लंघन किया।जस्टिस दिनेश पाठक की पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया अदालत की अवमानना का मामला नहीं बनता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जमानत की शर्तों का उल्लंघन हो रहा है, तो संबंधित पक्ष जमानत निरस्तीकरण याचिका दायर कर सकता है।यह अवमानना याचिका आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने दायर की थी।...
सरकारी नौकरी में अलग-अलग तैनाती को 'परित्याग' नहीं माना जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि सरकारी सेवाओं में कार्यरत पति-पत्नी का अलग-अलग स्थानों पर रहना असामान्य नहीं है। केवल नौकरी की तैनाती के कारण अलग रहना अपने आप में “परित्याग” नहीं माना जा सकता और न ही इसे तलाक का आधार बनाया जा सकता है।जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने यह भी कहा कि हर झगड़ा, कटु शब्द या घरेलू विवाद “क्रूरता” की श्रेणी में नहीं आता।अदालत ने कहा कि तलाक के लिए क्रूरता इतनी गंभीर होनी चाहिए, जिससे पीड़ित पक्ष के मन में यह उचित आशंका पैदा हो कि...
जितना गंभीर अपराध, उतने मजबूत सबूत जरूरी: दुष्कर्म साजिश मामले में महिला को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने किया बरी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने वर्ष 2002 के दुष्कर्म मामले में आपराधिक साजिश के आरोप में दोषी ठहराई गई महिला को बरी करते हुए कहा कि केवल शक या सीमित भूमिका के आधार पर किसी व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120-बी के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता।जस्टिस रूपिंदरजीत चहल ने कहा,“अपराध कितना भी गंभीर या विचलित करने वाला क्यों न हो, केवल संदेह कानूनी सबूत का स्थान नहीं ले सकता। आपराधिक न्याय व्यवस्था का स्थापित सिद्धांत है 'जितना गंभीर अपराध, उतने मजबूत सबूत।' इसलिए कानून स्पष्ट रूप से कहता है...
उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सेंगर की सजा निलंबित करने का आदेश किया रद्द, नए सिरे से सुनवाई के निर्देश
उन्नाव रेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (15 मई) को बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित करने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया। शीर्ष अदालत ने मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए वापस दिल्ली हाईकोर्ट भेज दिया है।चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने CBI की अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट से कहा कि या तो सेंगर की दोषसिद्धि के खिलाफ दायर अपील पर तीन महीने के भीतर फैसला किया जाए या फिर सजा निलंबन की...
न्यायपालिका के खिलाफ लगातार अपमानजनक अभियान पर चुप्पी जनता का भरोसा कमजोर कर सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के कई नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करते हुए कहा कि न्यायपालिका के खिलाफ लगातार चलाए जाने वाले अपमानजनक अभियानों के सामने अदालत की चुप्पी को आत्मसमर्पण नहीं माना जा सकता।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने 68 पन्नों के विस्तृत फैसले में कहा कि अदालत के सामने दो विकल्प थे या तो चुप रहना या अपने संवैधानिक कर्तव्य का निर्वहन करना। अदालत ने दूसरा रास्ता चुना, क्योंकि न्यायालय और न्यायपालिका की संस्था के खिलाफ सुनियोजित बदनाम करने का अभियान चलाया...
Opindia को अंतरिम राहत मामले में झटका: स्वाति चतुर्वेदी पर प्रकाशित दो लेख हटाने का आदेश
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने समाचार पोर्टल Opindia चलाने वाली कंपनी आधार्यासी मीडिया एंड कंटेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी के खिलाफ प्रकाशित दो कथित मानहानिकारक लेख हटाने का निर्देश दिया।जिला जज मीनू कौशिक ने स्वाति चतुर्वेदी की ओर से दायर अंतरिम निषेधाज्ञा याचिका स्वीकार करते हुए यह आदेश पारित किया।स्वाति चतुर्वेदी ने अदालत में कहा कि ओपइंडिया ने उनके खिलाफ ऐसे लेख प्रकाशित किए, जिनमें गलत तरीके से दावा किया गया कि वह वामपंथी प्रचार वेबसाइट 'द वायर' से जुड़ी हैं।...




















