ताज़ा खबरे

बिना निर्धारित योग्यता के शिक्षक नियुक्त नहीं किए जा सकते: सुप्रीम कोर्ट
शिक्षकों की नियुक्ति और सेवा जारी रखने के लिए आरटीई अधिनियम, एनसीटीई अधिनियम और यूजीसी अधिनियम के तहत निर्धारित योग्यता जरूरीसुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि जिन शिक्षकों के पास संबंधित कानूनों के तहत निर्धारित आवश्यक योग्यता नहीं है, उन्हें न तो नियुक्त किया जाए और न ही उनकी सेवा जारी रखी जाए।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की खंडपीठ ने अंतरिम व्यवस्था के तौर पर यह निर्देश...

लिव-इन पार्टनर की हत्या, परिवार को बताए बिना शव का अंतिम संस्कार: दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देने से किया इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने लिव-इन पार्टनर की हत्या करने और उसके परिवार को सूचना दिए बिना शव का अंतिम संस्कार करने के आरोपी व्यक्ति को जमानत देने से इनकार किया। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से संकेत मिलता है कि आरोपी ने महिला की मौत का कारण बनने के साथ-साथ उसके रिश्तेदारों को गलत जानकारी दी और पुलिस को भी गुमराह किया, जिसके चलते FIR दर्ज करने में देरी हुई।जस्टिस मधु जैन ने संदीप कुमार की जमानत याचिका खारिज की। आरोपी 22 अप्रैल 2022 से न्यायिक हिरासत में है। मामला फर्श बाजार थाने...

जजों की नियुक्ति पर Collegium की सिफारिशों में देरी का मामला: सुप्रीम कोर्ट याचिका को जल्द सूचीबद्ध करने पर सहमत
सुप्रीम कोर्ट ने Centre for Public Interest Litigation (CPIL) की 2018 से लंबित उस याचिका को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है, जिसमें केंद्र सरकार को Collegium द्वारा जजों की नियुक्ति के लिए की गई सिफारिशों पर एक तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की गई है।एडवोकेट प्रशांत भूषण ने मंगलवार को मामले की तत्काल लिस्टिंग के लिए चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत के समक्ष इसका उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2023 के बाद से यह मामला सूचीबद्ध नहीं हुआ है, जब मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस...

महिला को बांग्लादेश भेजने पर गौहाटी हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार को ₹2 लाख मुआवजे का आदेश
फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल ने आदेश की Certified Copy जारी करने में जानबूझकर देरी की: हाईकोर्ट; इसे 'Malice in Law' मानागौहाटी हाईकोर्ट ने एक महिला को विदेशी घोषित किए जाने के बाद भारत से निकालकर बांग्लादेश भेजे जाने के मामले में असम सरकार को ₹2 लाख का अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश दिया है।जस्टिस कल्याण राय सुराना और जस्टिस सुस्मिता फूकन खौंद की खंडपीठ ने कहा कि फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल ने 30 मई 2026 के अपने opinion की Certified Copy जारी करने में जानबूझकर देरी की, ताकि इस दौरान महिला को अलग-अलग स्थानों पर...

S.106 BNS | अगर लापरवाही साबित न हो तो किराये के घर में हुई एक्सीडेंटल मौत के लिए मकान मालिक ज़िम्मेदार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी जगह का मालिक होने मात्र से मकान मालिक पर एक्सीडेंटल मौत के लिए आपराधिक ज़िम्मेदारी (Vicarious Criminal Liability) नहीं डाली जा सकती, जब तक कि अभियोजन पक्ष के सबूतों से मालिक की ओर से कोई कानूनी रूप से साबित होने वाली लापरवाही या चूक का पता न चले।जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव की बेंच ने यह टिप्पणी तब की, जब वह एक मकान मालिक के खिलाफ़ चार्जशीट, संज्ञान/समन आदेश और पूरी आपराधिक कार्यवाही रद्द कर रहे थे। यह मामला जनवरी 2025 में एक युवा छात्र (IIT एस्पिरेंट) की मौत से जुड़ा...

हाईकोर्ट का जामिया को निर्देश- सभी महिला फैकल्टी सदस्यों के लिए खास तौर पर टॉयलेट की सुविधा सुनिश्चित किया जाए
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) में महिला फैकल्टी सदस्यों के लिए खास तौर पर तय की गई टॉयलेट सुविधा का इस्तेमाल सभी महिला फैकल्टी सदस्य करेंगी, और किसी भी व्यक्ति को उस पर ताला-चाबी लगाने की इजाज़त नहीं होगी।जस्टिस मिनी पुष्करणा ने यूनिवर्सिटी के इस बयान को रिकॉर्ड पर लिया कि दूसरी मंज़िल पर मौजूद टॉयलेट को खास तौर पर महिला फैकल्टी सदस्यों और दिव्यांग (PWD) महिलाओं के लिए तय किया जाएगा।कोर्ट JMI में सीनियर प्रोफेसर के तौर पर काम कर रही प्रोफेसर सुजाता ऐश्वर्या की याचिका पर...

'अनुबंध के पालन के मुकदमे में वादी को सबसे पहले संदिग्ध हालात को स्पष्ट करना होगा: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि जब कोई वादी बिक्री के किसी ऐसे समझौते के 'स्पेसिफिक परफॉर्मेंस' (अनुबंध के पालन) की मांग करता है, जिसकी असलियत पर संदिग्ध हालात के कारण शक हो, तो सबूत पेश करने की जिम्मेदारी प्रतिवादी पर आने से पहले वादी को उन हालात को संतोषजनक ढंग से समझाना होगा।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट और फर्स्ट अपीलेट कोर्ट के उन फैसलों को रद्द किया, जिन्होंने ट्रायल कोर्ट द्वारा प्रतिवादी-वादी के 'स्पेसिफिक परफॉर्मेंस' के मुकदमे...

Sambhal Violence: आरोपी को NSA के तहत हिरासत में लेने पर सुप्रीम कोर्ट का राज्य सरकार से सवाल, आदेश सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा कि क्या नवंबर 2024 की संभल हिंसा के बाद एक व्यक्ति की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर पुलिस हिरासत में कथित तौर पर किए गए कबूलनामे के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत निवारक हिरासत (Preventive Detention) का आदेश पारित किया जा सकता है।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने 2024 की संभल हिंसा का मास्टरमाइंड होने के आरोपी मुल्ला अफरोज़ की याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया, जिसमें NSA के तहत इस निवारक हिरासत को चुनौती...

केंद्र की मांग- बॉम्बे हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट ट्रांसफर किया जाए अनिल अंबानी के खिलाफ 'ब्लैक मनी एक्ट' का मामला
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि उद्योगपति अनिल अंबानी द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर उस याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया जाए, जिसमें 'ब्लैक मनी (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और टैक्स लगाने का कानून, 2015' को चुनौती दी गई।मंगलवार को ट्रांसफर याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने केंद्र से पूछा कि इसे दिल्ली हाई कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग क्यों की जा रही है।CJI सूर्य कांत ने पूछा,"हम एक...

कंपनी के खिलाफ आपराधिक मामला सिर्फ इसलिए रद्द नहीं होगा कि किसी निदेशक या कर्मचारी को आरोपी नहीं बनाया गया: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कंपनियों की आपराधिक जिम्मेदारी को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि किसी कंपनी के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को सिर्फ इस आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता कि कंपनी की ओर से काम करने वाले किसी निदेशक, अधिकारी या कर्मचारी को अलग से आरोपी नहीं बनाया गया है।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की खंडपीठ ने यह फैसला एक दवा कंपनी की याचिका पर सुनाया। कंपनी के खिलाफ भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) के लिए दवाओं की खरीद में कथित अनियमितताओं को लेकर भ्रष्टाचार और...

पदोन्नति के लिए सेवा अवधि नियुक्ति की तारीख से नहीं, संबंधित कैलेंडर वर्ष से गिनी जाएगी: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पदोन्नति के लिए निर्धारित सेवा अवधि की गणना को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि पात्रता सेवा की गणना संबंधित संवर्ग में नियुक्ति की वास्तविक तारीख से नहीं, बल्कि उस कैलेंडर वर्ष से की जाएगी, जिसमें कर्मचारी ने पदोन्नति के लिए निर्धारित मूल संवर्ग में प्रवेश किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ लोक सेवाएं (पदोन्नति) नियम, 2003 के नियम 6(2) में सेवा अवधि की गणना के लिए कैलेंडर वर्ष को आधार बनाया गया।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने...

योजना बंद होने के बाद संविदा कर्मियों को सेवा जारी रखने का अधिकार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी सरकारी योजना के तहत संविदा पर नियुक्त व्यक्ति योजना बंद होने के बाद सेवा में बने रहने के लिए परमादेश की मांग नहीं कर सकता। जब तक नियमितीकरण या समायोजन का प्रावधान करने वाला कोई नियम, विनियम या सरकारी आदेश मौजूद न हो तब तक ऐसे संविदा कर्मी के पक्ष में सेवा जारी रखने का कोई कानूनी अधिकार नहीं बनता।जस्टिस विकास बुधवार ने कहा कि नियोक्ता की ओर से किसी योजना को जारी रखने या बंद करने का फैसला अदालत में तब तक चुनौती नहीं दिया जा सकता, जब तक कर्मचारी या संविदा कर्मी यह...

सत्य निकेतन पीजी हादसा: हाईकोर्ट का DU के सभी कॉलेजों में हॉस्टल की मांग वाली जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार
सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी भवन गिरने की घटना के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के सभी कॉलेजों में हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को तत्काल सुनवाई से इनकार किया। अदालत ने कहा कि इस तरह का निर्देश अंतरिम चरण में जारी नहीं किया जा सकता। याचिका को नियमानुसार सूचीबद्ध किया जाएगा।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ के समक्ष वकील ने मामले को मंगलवार को ही तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। वकील ने दलील...

NEET-UG Paper Leak: आरोपी की गिरफ्तारी को चुनौती खारिज, दिल्ली हाईकोर्ट ने लगाया 25 हजार का जुर्माना
NEET-UG पेपर लीक मामले में आरोपी धनंजय निवृत्ति लोखंडे को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने उसकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज करते हुए उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की खंडपीठ ने याचिका को बिल्कुल निराधार बताते हुए कहा कि यह कानून की प्रक्रिया के दुरुपयोग के समान है। अदालत ने 25 हजार रुपये की राशि अधिवक्ता कल्याण कोष में जमा कराने का निर्देश दिया।लोखंडे को 13 मई को गिरफ्तार किया गया। उसने अपनी तत्काल रिहाई की मांग करते...

RTI Act के तहत सीधे CCTV फुटेज नहीं मांग सकता आवेदक, शिकायत पर कोर्ट या आयोग करा सकता है सुरक्षित: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) के तहत मांगा गया CCTV फुटेज यदि अधिनियम की धारा 8(1)(g) में दिए गए अपवाद के दायरे में आता है तो उसे सीधे RTI आवेदक को नहीं दिया जा सकता। हालांकि, आवेदक संबंधित अदालत या आयोग के समक्ष शिकायत कर सकता है, जहां जरूरत पड़ने पर CCTV फुटेज मंगाने और उसे सुरक्षित रखने का आदेश दिया जा सकता है।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अब्धेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए याचिका का निस्तारण किया।मामले में याचिकाकर्ता ने संविधान के अनुच्छेद...

सत्य निकेतन पीजी हादसा: मालिक और पत्नी न्यायिक हिरासत में, बेटे को दो दिन की पुलिस हिरासत
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने के मामले में अदालत ने भवन मालिक हरिराम गुप्ता और उसकी पत्नी उर्मिला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं उनके बेटे महेश को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।पटियाला हाउस कोर्ट की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी भव्या करहैल ने सोमवार शाम यह आदेश दिया। तीनों आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद देर रात न्यायाधीश के आवास पर पेश किया गया।सत्य निकेतन इलाके में छह सितंबर को पांच मंजिला पीजी इमारत अचानक ढह गई थी। इमारत में दिल्ली विश्वविद्यालय...

भरण-पोषण मामले में हाईकोर्ट ने 80 वर्षीय महिला की याचिका खारिज की, कहा- स्टूडेंट पोती से ऐसी मांग करना अनुचित
केरल हाईकोर्ट ने कहा कि पढ़ाई कर रही और शिक्षा के लिए कर्ज ले रही पोती से अपनी पेंशन पाने वाली दादी का भरण-पोषण करने की उम्मीद नहीं की जा सकती। कोर्ट ने 80 वर्षीय महिला की उस याचिका को खारिज किया, जिसमें उसने अपनी बहू और पोती से भरण-पोषण दिलाने की मांग की थी।जस्टिस हरिशंकर वी. मेनन ने कहा कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत बहू पर सास के भरण-पोषण का दायित्व नहीं है। कोर्ट ने पोती को भी इस मामले में भरण-पोषण के लिए बाध्य मानने से इनकार किया।महिला के बेटे की...

बीमा कंपनी ने सुरक्षा खामियों की जानकारी के बावजूद प्रीमियम लिया, डकैती में बैंक का नुकसान भरना होगा: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी बैंक ने बीमा पॉलिसी लेने से पहले अपनी सुरक्षा व्यवस्था में कमी की जानकारी बीमा कंपनी को दे दी थी और इसके बावजूद कंपनी ने प्रीमियम स्वीकार कर पॉलिसी जारी की, तो बाद में डकैती में हुए नुकसान का दावा केवल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सुरक्षा निर्देशों का पालन नहीं होने के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की अदालत ने कहा कि बीमा कंपनी ने बैंक की सुरक्षा संबंधी स्थिति की जानकारी होने के बावजूद प्रीमियम स्वीकार कर पॉलिसी जारी की थी। ऐसे में वह...

BREAKING | 'चौकीदार चोर' टिप्पणी पर राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि मामला रद्द करने से हाईकोर्ट का इनकार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार (8 सितंबर) को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला रद्द करने से इनकार किया। यह मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को "चोरों के सरदार" और "कमांडर-इन-थीफ" (चोरों का कमांडर) कहने वाली उनकी कथित टिप्पणियों से जुड़ा है।गांधी ने इस मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट के समन को चुनौती दी और तर्क दिया कि बीजेपी कार्यकर्ता द्वारा दायर शिकायत सुनवाई योग्य नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पार्टी का नाम नहीं लिया था और किसी "पहचान योग्य या निश्चित वर्ग" को निशाना...

शादीशुदा महिला खुद होटल गई तो केवल शादी के वादे को यौन संबंध की वजह नहीं माना जा सकता: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में शादीशुदा महिला से यौन संबंध बनाने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत दर्ज आपराधिक मामला रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि यदि एक विवाहित महिला अपनी इच्छा से किसी दूसरे पुरुष के साथ होटल के कमरे में जाती है और उसके साथ यौन संबंध बनाती है तो केवल शादी के वादे के आरोप के आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि उसकी सहमति सिर्फ उसी वादे से हासिल की गई।जस्टिस जॉबिन सेबेस्टियन ने कहा कि जब महिला का विवाह कायम है और वह स्वेच्छा से आरोपी के साथ होटल गई तो...
