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शिक्षा और उच्च पद कार्यस्थल पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से नहीं बचाते, कड़े कानूनों के बावजूद पुरुषों की मानसिकता में कोई बदलाव नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
शिक्षा और उच्च पद कार्यस्थल पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से नहीं बचाते, कड़े कानूनों के बावजूद पुरुषों की मानसिकता में कोई बदलाव नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

शेक्सपियर का हवाला देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि कड़े कानूनों और लैंगिक तटस्थता व समानता के बार-बार विलाप के बावजूद कार्यस्थल पर पुरुषों का मनोविज्ञान और मानसिकता जहां यौन उत्पीड़न महिलाओं को परेशान करता रहता है, अपरिवर्तित बनी हुई है। खासकर जब इसमें शक्ति-गतिशीलता शामिल हो।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा,"अब, अनिच्छा से ही सही, महिलाओं के काम के समान अवसर के अधिकार को मान्यता मिल गई। हालांकि, कार्यस्थल पर आने वाली चुनौतियां दुर्गम हैं। अभी भी मर्दाना रणनीतिकारों द्वारा उनका विरोध किया जाता...

सुप्रीम कोर्ट ने समय पर अपील दायर करने के लिए SCLSC के सुझावों पर HCLSC और जेल अधीक्षकों से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने समय पर अपील दायर करने के लिए SCLSC के सुझावों पर HCLSC और जेल अधीक्षकों से जवाब मांगा

गरीब वादियों और कैदियों को शीघ्र कानूनी सहायता प्रदान करने से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट विधिक सेवा समिति (SCLSC) ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रूपरेखा प्रस्तावित की, जिसने हाईकोर्ट विधिक सेवा समितियों (HCLSC) और जेल अधीक्षकों को सुझाए गए उपायों पर अपने जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।हालांकि, यह मामला पटना हाईकोर्ट के फैसले (2014) के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका से उत्पन्न हुआ था।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की खंडपीठ ने याचिका दायर करने में हुई लंबी देरी को देखते हुए SCLSC...

Electricity Act | सुप्रीम कोर्ट ने डिस्कॉम की अपीलें खारिज कीं, कहा- सभी खरीदारों को कोयले की कमी की लागत समान रूप से साझा करनी होगी
Electricity Act | सुप्रीम कोर्ट ने डिस्कॉम की अपीलें खारिज कीं, कहा- सभी खरीदारों को कोयले की कमी की लागत समान रूप से साझा करनी होगी

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (8 सितंबर) को डिस्कॉम द्वारा दायर अपीलों को खारिज किया और APTEL का आदेश बरकरार रखा, जिसमें कहा गया था कि कोयले की कमी और उससे जुड़ी लागतों को किसी भी बिजली संयंत्र से बिजली खरीदने वाले सभी खरीदारों द्वारा समान रूप से साझा किया जाना चाहिए। न्यायालय ने आगे कहा कि कोयले की कमी की स्थिति में कोई भी डिस्कॉम बिजली आपूर्ति के लिए प्राथमिकता का दावा नहीं कर सकती।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने प्रतिवादी-JKEL के 1050 मेगावाट क्षमता...

हाईकोर्ट ने रायपुर में पुलिस क्वार्टरों की जर्जर हालत पर प्रकाश डालने वाली खबर पर स्वतः संज्ञान लिया, राज्य से हलफनामा मांगा
हाईकोर्ट ने रायपुर में पुलिस क्वार्टरों की जर्जर हालत पर प्रकाश डालने वाली खबर पर स्वतः संज्ञान लिया, राज्य से हलफनामा मांगा

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया, जिसमें रायपुर के आमानाका स्थित पुलिस क्वार्टरों की जर्जर हालत और नए आवासों के निर्माण के लिए स्वीकृत धनराशि राज्य सरकार द्वारा न दिए जाने का मुद्दा उठाया गया।मीडिया में खुलासा हुआ है कि क्वार्टरों में 24 मकान लगभग 34 साल पुराने हैं। उनकी हालत ऐसी है कि छत तक जाने वाली सीढ़ियां टूटकर गिर गईं। रिपोर्ट में आगे बताया गया कि पहली मंजिल तक जाने वाली सीढ़ियां खंभों के सहारे टिकी हुई हैं। लगभग 20 परिवार वहां "भगवान की दया" पर रह रहे हैं।नगर...

दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़े भाई द्वारा बलात्कार की शिकार हुई POCSO पीड़िता की काउंसलिंग का आदेश दिया, ₹13 लाख का मुआवज़ा देने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़े भाई द्वारा बलात्कार की शिकार हुई POCSO पीड़िता की काउंसलिंग का आदेश दिया, ₹13 लाख का मुआवज़ा देने का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (DSLSA) को सहायक व्यक्ति नियुक्त करने और POCSO पीड़िता और उसके परिवार को काउंसलिंग प्रदान करने का निर्देश दिया। यह मामला उस मामले का है, जहां 15 साल की नाबालिग उम्र में उसके जैविक बड़े भाई द्वारा बार-बार बलात्कार किया गया। इस कारण वह गर्भवती हो गई थी। बाद में उसका गर्भपात हो गया।जस्टिस संजीव नरूला ने DSLSA को निर्देश दिया कि वह पीड़िता, उसके माता-पिता और बहन के लिए बाल यौन शोषण मामलों में अनुभवी योग्य नैदानिक ​​मनोवैज्ञानिक या मनोरोग सामाजिक...

साथी की वैवाहिक स्थिति जानने के बावजूद रिश्ते में रहने वाली शिक्षित महिला को कानून में शोषित नहीं कहा जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
साथी की वैवाहिक स्थिति जानने के बावजूद रिश्ते में रहने वाली शिक्षित महिला को कानून में शोषित नहीं कहा जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि जब एक स्वतंत्र और शिक्षित महिला अपने साथी की वैवाहिक स्थिति की जानकारी होने के बावजूद स्वेच्छा से प्रेम संबंध में बनी रहती है तो यह नहीं कहा जा सकता कि उसे कानून में गुमराह किया गया या उसका शोषण किया गया।जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि दो वयस्कों के बीच सहमति से असफल रिश्ते को बलात्कार के अपराध में बदलने की अनुमति देना न्याय की संवैधानिक दृष्टि के साथ-साथ यौन अपराध कानून के मूल उद्देश्य का भी उल्लंघन होगा।न्यायालय ने कहा कि बलात्कार कानून ऐसे विवादों में...

शराब और हिंसा का महिमामंडन करने वाले गानों पर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अवमानना ​​का दोषी नहीं ठहराया जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
शराब और हिंसा का महिमामंडन करने वाले गानों पर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अवमानना ​​का दोषी नहीं ठहराया जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में किए एक स्पष्टीकरण में कहा कि रीत मोहिंदर सिंह बनाम पंजाब राज्य एवं अन्य मामले में जारी निर्देशों के दायरे में यूट्यूब, एप्पल म्यूजिक, स्पॉटिफाई और अन्य जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को हिंसा का महिमामंडन करने वाले या शराब को बढ़ावा देने वाले गानों की मेजबानी के लिए अवमानना ​​का दोषी नहीं ठहराया जा सकता।रीत मोहिंदर सिंह बनाम पंजाब राज्य एवं अन्य मामले में न्यायालय ने यह सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए कि रात में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक लाउडस्पीकर...

अपीलीय न्यायालय दावेदारों द्वारा प्रति-अपील किए बिना भी Order 41 Rule 33 CPC के तहत दुर्घटना मुआवज़ा बढ़ा सकता है: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
अपीलीय न्यायालय दावेदारों द्वारा प्रति-अपील किए बिना भी Order 41 Rule 33 CPC के तहत दुर्घटना मुआवज़ा बढ़ा सकता है: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा कि मोटर दुर्घटना दावा अपीलों में यदि दावा न्यायाधिकरण का निर्णय कमतर पाया जाता है तो हाईकोर्ट दावेदारों द्वारा प्रति-अपील या प्रति-आपत्ति के अभाव में भी मुआवज़े को संशोधित और बढ़ा सकता है।जस्टिस संजय धर की पीठ ने कहा कि दावा न्यायाधिकरण का कर्तव्य है कि वह निष्पक्षता, समता और सद्विवेक के सिद्धांतों के आधार पर "उचित और उचित" मुआवज़ा प्रदान करे।न्यायालय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सीपीसी के आदेश 41 नियम 33 (Order 41 Rule 33 CPC) के तहत अपीलीय शक्तियां व्यापक...

नैतिक साहस एक वकील के लिए दायित्व नहीं, सबसे बड़ी संपत्ति है: NLSIU दीक्षांत समारोह में बोले जस्टिस सूर्यकांत
'नैतिक साहस एक वकील के लिए दायित्व नहीं, सबसे बड़ी संपत्ति है': NLSIU दीक्षांत समारोह में बोले जस्टिस सूर्यकांत

नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) के 33वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में रविवार (7 सितंबर) को बोलते हुए सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस सूर्यकांत ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अपनी अंतरात्मा की आवाज़ पर अड़े रहने से रास्ते बंद नहीं होते, बल्कि उन्हें परिभाषित किया जाता है और नैतिक साहस एक वकील के लिए दायित्व नहीं, बल्कि सबसे बड़ी संपत्ति है।जज ने 2025 के ग्रेजुएट वर्ग सहित उपस्थित श्रोताओं को अध्यक्षीय भाषण देते हुए कहा कि वकील अपने पेशेवर करियर में तीन निर्णायक क्षणों का अनुभव करता है। पहला...

सहारा कर्मचारियों के बकाया वेतन भुगतान की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सहारा कर्मचारियों के बकाया वेतन भुगतान की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सहारा समूह को 16 करोड़ रुपये से अधिक के बकाया वेतन के भुगतान के निर्देश देने की मांग की गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की पीठ के समक्ष वकील ने उल्लेख किया कि SEBI बनाम सहारा मामले में सहारा कर्मचारियों के बकाया वेतन भुगतान के संबंध में निर्देश देने के लिए एक आवेदन दायर किया गया।वकील ने कहा,"हमने सहारा के कर्मचारियों के वेतन भुगतान से संबंधित आवेदन दायर किया। 16 करोड़ रुपये का वेतन भुगतान किया जाना है।...

सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार क्षेत्राधिकार के सिद्धांतों का सारांश प्रस्तुत किया, बेटी को सहदायिक अधिकार दिया
सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार क्षेत्राधिकार के सिद्धांतों का सारांश प्रस्तुत किया, बेटी को सहदायिक अधिकार दिया

हिंदू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2005 (HSA) के तहत बेटी के सहदायिक हिस्से का वैधानिक अधिकार बरकरार रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (8 सितंबर) को मद्रास हाईकोर्ट का पुनर्विचार आदेश रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने अपने इस आदेश में तथ्यों की पुनर्व्याख्या की थी और उसके अधिकार पर सवाल उठाया था। न्यायालय ने कहा कि ऐसा कोई भी प्रयास हाईकोर्ट के पुनर्विचार क्षेत्राधिकार के दायरे से बाहर है।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस एसवीएन भट्टी की खंडपीठ ने उस मामले की सुनवाई की, जहां विवाद एक विभाजन मुकदमे...

सुप्रीम कोर्ट का मेधा पाटकर से सवाल: वीके सक्सेना के खिलाफ 25 साल पुराने मानहानि मामले को क्यों घसीट रही हैं?
सुप्रीम कोर्ट का मेधा पाटकर से सवाल: वीके सक्सेना के खिलाफ 25 साल पुराने मानहानि मामले को क्यों घसीट रही हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मेधा पाटकर की उस याचिका पर विचार करने से इनकार किया, जिसमें उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी, जिसमें उन्हें दिल्ली के उपराज्यपाल (Delhi LG) वीके सक्सेना के खिलाफ 2000 में दायर आपराधिक मानहानि के मामले में अतिरिक्त गवाह से पूछताछ करने की अनुमति नहीं दी गई। बता दें, उस समय वीके सक्सेना , एनजीओ नेशनल काउंसिल फॉर सिविल लिबर्टीज के प्रमुख थे।जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने पाटकर को हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने की अनिच्छा...

5 साल से ज़्यादा समय से जेल में बंद UAPA आरोपी की ज़मानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
5 साल से ज़्यादा समय से जेल में बंद UAPA आरोपी की ज़मानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार व्यक्ति की ज़मानत याचिका पर नोटिस जारी किया। यह व्यक्ति पिछले 5 साल से ज़्यादा समय से हिरासत में है।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता के वकील की दलील सुनने के बाद यह आदेश पारित किया, जिन्होंने तर्क दिया कि भारत संघ बनाम केए नजीब मामले में दिया गया फ़ैसला इस मामले पर लागू होगा।जस्टिस कांत ने टिप्पणी की,"मैं हाईकोर्ट के फ़ैसले को समझ नहीं पाया।"संक्षेप में मामलावर्तमान मामला वामपंथी...

सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पत्रकार महेश लांगा की ज़मानत याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पत्रकार महेश लांगा की ज़मानत याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार महेश लांगा की ज़मानत याचिका पर नोटिस जारी किया, जो दो FIR (जिनमें धोखाधड़ी का अपराध भी शामिल है) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दर्ज है।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल (लांगा की ओर से) की दलील सुनने के बाद यह आदेश पारित किया, जिन्होंने तर्क दिया कि ये मामले झूठे आरोपों पर दर्ज किए गए।सिब्बल ने आग्रह किया,"एक FIR अग्रिम ज़मानत। दूसरी FIR अग्रिम ज़मानत। तीसरी FIR वे कहते हैं कि आयकर चोरी है।” आरोपों के आधार...

साक्ष्य के लिए पुलिस के अदालतों में पेश होने के निर्देश के बाद दिल्ली बार एसोसिएशन ने वापस ली हड़ताल
साक्ष्य के लिए पुलिस के अदालतों में पेश होने के निर्देश के बाद दिल्ली बार एसोसिएशन ने वापस ली हड़ताल

दिल्ली पुलिस द्वारा आज (8 सितंबर) जारी किए गए स्पष्टीकरण के बाद कि उसके अधिकारी राष्ट्रीय राजधानी की अदालतों में गवाही देने या साक्ष्य दर्ज कराने के लिए शारीरिक रूप से उपस्थित होंगे, दिल्ली के जिला न्यायालय बार एसोसिएशनों ने अपनी हड़ताल वापस लेने का फैसला किया।दिल्ली के सभी जिला न्यायालय बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया,“चूँकि पुलिस आयुक्त के कार्यालय से परिपत्र जारी किया गया कि "सभी आपराधिक मुकदमों में सभी पुलिस अधिकारी/कर्मचारी गवाही/साक्ष्य के उद्देश्य से माननीय...

नयागांव में खुले मैनहोलों की मरम्मत में लापरवाही पर सख्त हाईकोर्ट, कहा- आदेश का पालन न हुआ तो लगेगा भारी जुर्माना
नयागांव में खुले मैनहोलों की मरम्मत में लापरवाही पर सख्त हाईकोर्ट, कहा- आदेश का पालन न हुआ तो लगेगा भारी जुर्माना

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ से सटे पंजाब सरकार के अधीन नयागांव इलाके में खुले व टूटे हुए मैनहोलों की मरम्मत में बरती जा रही लापरवाही पर नाराज़गी जताई है। कोर्ट ने साफ चेतावनी दी कि यदि नगर परिषद ने आदेशों का पालन नहीं किया तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा या फिर उसके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा,“कितना इंतज़ार करेंगे अब हम आप पर भारी कॉस्ट (जुर्माना) डालेंगे।”कोर्ट ने याद दिलाया कि 28 मई को ही नगर परिषद...

स्वतंत्रता सेनानियों की बदौलत ही अधिकारी आज लाभ उठा रहे हैं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शहीद की विधवा को पेंशन न देने पर सरकार को फटकारा
स्वतंत्रता सेनानियों की बदौलत ही अधिकारी आज लाभ उठा रहे हैं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शहीद की विधवा को पेंशन न देने पर सरकार को फटकारा

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतंत्रता सेनानी की विधवा को पेंशन देने से इनकार करने पर केंद्र और राज्य सरकार की अपीलों को खारिज कर दिया।अदालत ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी सम्मान पेंशन योजना का उद्देश्य सेनानियों के त्याग और बलिदान को सम्मानित करना है, न कि तकनीकी कारणों से लाभ से वंचित करना।चीफ जस्टिस जी.एस. संधावालिया और जस्टिस रंजन शर्मा की खंडपीठ ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा,“जिन कार्यालयों पर ये अधिकारी आज आसीन हैं और जिन सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं, वे केवल इसलिए संभव हैं, क्योंकि स्वतंत्रता...