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सिर्फ इतना कहना कि 'बेटी दुखी थी' या 'अक्सर रोती थी' 498A के तहत ससुराल वालों या पति को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि किसी महिला के ससुराल वालों या पति को केवल इस आधार पर धारा 498A (क्रूरता) के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता कि महिला के माता-पिता ने कहा हो कि उनकी बेटी शादी में 'असंतुष्ट' थी या 'रोती रहती थी'।जस्टिस मिलिंद सथाये ने पुणे की सत्र न्यायालय के 17 नवंबर 1998 के फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें रामप्रकाश मनोहर को धारा 498A (क्रूरता) और धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत उसकी पत्नी रेखा की आत्महत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। रेखा ने नवंबर...
BREAKING| अकोला दंगों की जांच के लिए हिंदू-मुस्लिम अधिकारियों वाली SIT के गठन के आदेश के पुनर्विचार पर सुप्रीम कोर्ट का खंडित फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की उस याचिका पर विभाजित फैसला सुनाया, जिसमें 2023 के अकोला दंगों के दौरान हुए एक हमले की जांच में राज्य सरकार की विफलता से संबंधित आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन के निर्देश देने वाले आदेश की पुनर्विचार की मांग की गई थी।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार की उस याचिका पर यह आदेश पारित किया, जिसमें 11 सितंबर के अपने आदेश की पुनर्विचार की मांग की गई थी। इस आदेश में हमले की जांच में विफल रहने के लिए महाराष्ट्र...
लंबी तारीखें न दें, जल्दी साक्ष्य दर्ज करें : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का ट्रायल कोर्ट्स को निर्देश
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने निचली अदालतों (ट्रायल कोर्ट्स) को सलाह दी है कि वे अनावश्यक रूप से लंबी तारीखें (adjournments) न दें, क्योंकि इससे मुकदमों के निपटारे में देरी होती है। अदालत ने कहा कि विशेष रूप से तब जब आरोपी न्यायिक हिरासत में हो, साक्ष्य दर्ज करने (recording of evidence) के लिए छोटी और लगातार तारीखें तय की जानी चाहिए।चीफ़ जस्टिस रमेश सिन्हा ने टिप्पणी की, “यह देखा गया है कि कई मामलों में ट्रायल कोर्ट्स लंबे समय की तारीखें दे देते हैं, भले ही आरोपी जेल में हो। ऐसी प्रथा न केवल मुकदमे के...
जस्टिस अशोक भूषण को दूसरी बार NCLAT का चेयरपर्सन नियुक्त किया गया
केंद्र सरकार ने भारत के पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस अशोक भूषण की राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण (NCLAT) के चेयरपर्सन के रूप में दूसरी बार नियुक्ति को मंजूरी दी। यह पुनर्नियुक्ति उनके कार्यभार संभालने की तिथि से प्रभावी होगी और वे 70 वर्ष की आयु तक इस पद पर बने रहेंगे यानी 4 जुलाई 2026 तक।जस्टिस भूषण को पहली बार 29 अक्टूबर 2021 को NCLAT का चेयरपर्सन नियुक्त किया गया था। उन्होंने 8 नवंबर, 2021 को पदभार ग्रहण किया था। उनका वर्तमान कार्यकाल आज (शुक्रवार) समाप्त हो रहा है।जस्टिस अशोक भूषण का...
RSS रूट मार्च पर कर्नाटक सरकार का रुख सकारात्मक, हाईकोर्ट को दी जानकारी
कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार (7 नवंबर) को हाईकोर्ट को सूचित किया कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कलबुर्गी के संयोजक द्वारा चित्तापुर शहर में प्रस्तावित पथसंचलन आयोजित करने के प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करेगी।यह जानकारी राज्य के एडवोकेट जनरल शशिकिरण शेट्टी ने जस्टिस एम.जी.एस. कमल की अदालत में दी। उन्होंने कहा कि 5 नवंबर को आयोजित बैठक में RSS संयोजक अशोक पाटिल सहित सभी पक्षों ने भाग लिया और चर्चा रचनात्मक रही।30 अक्टूबर को अदालत ने RSS कलबुर्गी के संयोजक अशोक पाटिल को निर्देश दिया था कि वह 5...
बीमा सुगम डोमेन नामों के हस्तांतरण के आदेश पर दिल्ली हाईकोर्ट की रोक
दिल्ली हाईकोर्ट ने बीमा सुगम इंडिया फेडरेशन को www.bimasugam.com और www.bimasugam.in डोमेन नाम हस्तांतरित करने के सिंगल जज के आदेश पर रोक लगा दी।अदालत ने यह अंतरिम आदेश उस अपील पर सुनाया, जिसमें बीमा एजेंट और निजी व्यक्ति ए. रेंज गौड़ा ने 16 अक्टूबर, 2025 को पारित आदेश को चुनौती दी थी।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने 30 अक्टूबर, 2025 को आदेश पारित करते हुए कहा कि जब तक ट्रेडमार्क विवाद का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक डोमेन हस्तांतरण नहीं किया जाएगा।मामले की...
मूल दस्तावेज़ के खो जाने या नष्ट होने का सख्त प्रमाण मिलने पर ही स्वीकार होगे द्वितीयक साक्ष्य: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम निर्णय में कहा कि अदालतें तभी द्वितीयक साक्ष्य स्वीकार कर सकती हैं जब मूल दस्तावेज़ के खो जाने, नष्ट होने या विपक्षी पक्ष द्वारा जानबूझकर रोककर रखने का ठोस और विश्वसनीय प्रमाण प्रस्तुत किया जाए। केवल आरोप लगाना या बिना साक्ष्य के दावा करना इस आधार पर पर्याप्त नहीं होगा।जस्टिस अजय मोहन गोयल की एकल पीठ ने कहा,“जांच रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि वादी द्वारा पंजीकरण के लिए कोई मूल दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं किया गया था। उसने केवल वसीयत की फोटोकॉपी जमा की थी और इस संबंध में...
घरेलू सहायिका आत्महत्या मामले में SP MLA और पत्नी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत, ट्रायल पर लगी रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में भदोही से समाजवादी पार्टी (SP) के विधायक ज़ाहिद बेग @ ज़ाहिद जमाल बेग और उनकी पत्नी सीमा बेग के खिलाफ चल रहे सेशन ट्रायल की आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। विधायक और उनकी पत्नी पर उनकी घरेलू सहायिका की आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।जस्टिस समीर जैन की एकल पीठ ने विधायक और उनकी पत्नी द्वारा दायर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528 के तहत याचिका पर अंतरिम आदेश पारित किया। यह याचिका दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा की मांग कर रही थी।आवेदकों की ओर से...
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया जेल में बंद सांसद इंजीनियर राशिद की याचिका पर विभाजित फैसला, मामला चीफ जस्टिस की पीठ को भेजा गया
जम्मू-कश्मीर के बारामूला से सांसद इंजीनियर राशिद की याचिका पर शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने विभाजित फैसला सुनाया। राशिद ने ट्रायल कोर्ट द्वारा संसद सत्र में शामिल होने के लिए दी गई हिरासत परोल की अनुमति के साथ लगाए गए चार लाख रुपये के खर्चे को चुनौती दी थी।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस अनुप जयराम भांबनी की खंडपीठ में इस मामले की सुनवाई हुई। जहां जस्टिस विवेक चौधरी ने राशिद की याचिका को खारिज कर दिया, वहीं जस्टिस भांबनी ने याचिका को स्वीकार कर लिया।दोनों जजों के बीच मतभेद होने के कारण अब यह मामला...
बांग्लादेश से हो रहा अवैध प्रवास बदल रहा असम की जनसांख्यिकी, राज्य में बढ़ रहा है असंतोष: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी में कहा कि बांग्लादेश से हो रहा अवैध प्रवास असम की जनसांख्यिकी (demography) को बदल रहा है, जिसके कारण राज्य में व्यापक असंतोष फैल रहा है।कोर्ट ने यह भी माना कि राज्य सरकार के पास “घोषित विदेशी नागरिकों” (declared foreign nationals) को देश से बाहर निकालने की पूरी शक्ति है। अगर किसी कारण से ऐसे व्यक्तियों को निष्कासित (expel) नहीं किया जा सकता, तो राज्य सरकार उन्हें रोजगार पाने, भूमि खरीदने, भारतीय नागरिक से विवाह करने आदि से रोक सकती है — इसके...
“हम बार पर भरोसा करते हैं, उसे तोड़ें नहीं” — सुप्रीम कोर्ट ने तथ्य छिपाने पर वकीलों को डांटा
सुप्रीम कोर्ट ने आज एक मामले में तथ्यों को छिपाने (suppression of facts) के लिए प्रत्येक अपीलकर्ता पर ₹10,000 का उदाहरणीय जुर्माना लगाते हुए कहा कि “अदालत का भरोसा बार (वकीलों) द्वारा कभी टूटना नहीं चाहिए।”यह टिप्पणी जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस विपुल एम. पांचोली की खंडपीठ ने तब की, जब एक वकील ने interlocutory application (IA) सूचीबद्ध करने का उल्लेख किया था। अदालत ने उस समय इसे सूचीबद्ध करने की अनुमति दी, लेकिन बाद में पता चला कि उसी मामले में एक review petition (पुनर्विचार याचिका) लंबित...
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व CM अजीत जोगी के बेटे की बरी होने के खिलाफ CBI की अपील पर फिर से विचार करने का आदेश दिया
एक महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की उस अपील को बहाल कर दिया है, जिसे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राजनीतिक नेता रामअवतार जग्गी की हत्या मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी की बरी होने के खिलाफ खारिज कर दिया था।अमित जोगी की बरी होने के खिलाफ तीन अपीलें दायर की गई थीं — एक सीबीआई द्वारा, और बाकी दो राज्य सरकार व शिकायतकर्ता द्वारा। हाईकोर्ट ने सीबीआई की अपील देरी के आधार पर खारिज कर दी थी, जबकि अन्य दो अपीलों को अवैध (non-maintainable) मानते हुए खारिज किया था। जस्टिस...
देशभर की सड़कों से हटाए जाए आवारा जानवर: सुप्रीम कोर्ट ने आश्रयों में भेजने का दिया आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने आज राष्ट्रीय और राज्य प्राधिकरणों को आदेश दिया कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी राजमार्गों और एक्सप्रेसवे से तुरंत आवारा जानवरों, जिनमें मवेशी भी शामिल हैं, को हटाएं।न्यायालय ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उन राजमार्गों और सार्वजनिक स्थानों की पहचान करें जहां आवारा जानवर अक्सर दिखाई देते हैं और उन्हें कानून के अनुसार निर्दिष्ट आश्रयों में स्थानांतरित करें। साथ ही, कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि राजमार्गों और समान स्थलों पर नियमित अंतराल पर हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित...
पति की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति लेकर सास-ससुर को छोड़ा: राजस्थान हाईकोर्ट का सैलरी से 20K काटने का आदेश
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह पति की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर नियुक्त हुई विधवा के वेतन का एक हिस्सा काटे और उसे उसके आश्रित ससुर के खाते में जमा करे। न्यायालय ने पाया कि विधवा ने नियुक्ति मिलते ही अपने ससुराल का घर छोड़ दिया और सास-ससुर को त्याग दिया।जस्टिस फरजंद अली की पीठ ने यह राय व्यक्त की कि अनुकंपा नियुक्ति किसी व्यक्ति विशेष को उसकी व्यक्तिगत क्षमता में नहीं बल्कि मृतक पर आश्रित पूरे परिवार के प्रतिनिधि के रूप में दी जाती है। इसलिए...
पढ़ाई पर ध्यान दो: LLB में 499/500 अंकों की मांग करने वाली याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लॉ स्टूडेंट पर लगाया 20 हजार का जुर्माना
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में लॉ स्टूडेंट द्वारा दायर याचिका को 20,000 के जुर्माने के साथ खारिज कर दिया। छात्रा ने छत्रपति साहूजी महाराज यूनिवर्सिटी कानपुर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अपनी पहले सेमेस्टर की LLB परीक्षा में 500 में से 499 अंक देने की मांग की थी।जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की पीठ ने याचिकाकर्ता को पुरानी मुकदमेबाज बताया यह देखते हुए कि उसने 2021 और 2022 के बीच कम से कम दस याचिकाएँ जिनमें रिट, समीक्षा और विशेष अपीलें शामिल हैं, दायर की थीं।पांच वर्षीय LLB पाठ्यक्रम की स्टूडेंट ने...
दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश: पत्रकार रजत शर्मा के डीपफेक वीडियो होस्ट करने वाले यूट्यूब चैनल बंद करें
दिल्ली हाईकोर्ट ने वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा के डीपफेक और मनगढ़ंत वीडियो को होस्ट और प्रसारित करने वाले दो यूट्यूब चैनलों को तत्काल हटाने का आदेश दिया। न्यायालय ने यह फैसला रजत शर्मा के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की मांग वाली एक याचिका पर सुनाया।जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने यूट्यूब प्लेटफॉर्म की मेजबानी करने वाली गूगल एलएलसी को 36 घंटे के भीतर इन दोनों चैनलों को हटाने का निर्देश दिया।इसके साथ ही कोर्ट ने गूगल को एक सप्ताह के भीतर शर्मा को इन चैनलों के BSI विवरण संपर्क जानकारी और...
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट: मेडिकल कोर्स में पूर्ण डोमिसाइल आरक्षण असंवैधानिक, खाली सीटें बाहरी उम्मीदवारों के लिए खोलें
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि भले ही केंद्र शासित प्रदेश स्थानीय उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाने के लिए मेडिकल और संबद्ध व्यावसायिक कॉलेजों में सीटों का एक हिस्सा आरक्षित कर सकता है लेकिन ऐसा आरक्षण पूर्ण नहीं हो सकता।न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि स्थानीय आवेदकों की काउंसलिंग के बाद भी सीटें खाली रह जाती हैं तो डोमिसाइल (अधिवास) प्रतिबंध में ढील दी जानी चाहिए, जिससे बाहर के उम्मीदवार भी उन सीटों पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।जस्टिस संजय धर की पीठ जम्मू कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी और...
बार एसोसिएश नें खुद भरें बिजली का बिल: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- वकील कोर्ट के अधिकारी हैं, लेकिन निजी व्यवसायी भी हैं
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि राज्य सरकार को बार एसोसिएशनों के बिजली बिलों का भुगतान करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता।कोर्ट ने कहा कि यद्यपि वकील न्यायालय के अधिकारी होते हैं लेकिन वे निजी डॉक्टरों का एक निकाय भी हैं। उन्हें उन सुविधाओं की लागत स्वयं वहन करनी चाहिए जिनका वे उपयोग करते हैं।जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने सिविल बार एसोसिएशन, बस्ती द्वारा दायर एक याचिका को खारिज कर दिया।याचिका में जिला न्यायालय परिसर के भीतर स्थित बार एसोसिएशन भवन के बिजली...
सुप्रीम कोर्ट ने उज्जैन की तकिया मस्जिद के ध्वस्तिकरण को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने आज उज्जैन की तकिया मस्जिद से संबंधित याचिका को खारिज कर दिया, जिसे मध्य प्रदेश प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवज़ा देकर ध्वस्त कर दिया था।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया, जब याचिकाकर्ताओं ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें कहा गया था कि धर्म का पालन करने का अधिकार किसी विशेष स्थान से जुड़ा नहीं होता और मस्जिद वाली भूमि के अधिग्रहण से यह अधिकार प्रभावित नहीं होता। सीनियर एडवोकेट एम.आर. शमशाद ने याचिकाकर्ताओं की...
संविधान विशेषाधिकार का चार्टर नहीं: प्रमोशन में आरक्षण के लिए वैधानिक संशोधन जरूरी, कार्यकारी आदेश पर्याप्त नहीं : पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत बनाए गए सक्षम वैधानिक नियम के अभाव में केवल कार्यकारी कार्रवाई या नीतिगत निर्णय के आधार पर पदोन्नति में आरक्षण लागू नहीं किया जा सकता।जस्टिस संदीप मौदगिल की पीठ ने पाया कि हरियाणा स्वास्थ्य विभाग अधीनस्थ कार्यालय लिपिकीय स्टाफ (समूह-सी) सेवा नियम 1997 और समूह-बी सेवा नियम, 1982 में पदोन्नति में ऐसे आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं था। इसके बावजूद, विभाग ने आरक्षण का विस्तार करते हुए अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से संबंधित...




















