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सेल डीड शून्य हो तो कब्जे का मुकदमा अनुच्छेद 59 के बजाय अनुच्छेद 65 के तहत 12 वर्ष की परिसीमा अवधि द्वारा शासित होगा: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रतिवादी के सेल डीड के शून्य होने के आधार पर अचल संपत्ति पर कब्जे के लिए दायर किया गया मुकदमा, परिसीमा अधिनियम, 1963 के अनुच्छेद 65 के तहत 12 वर्ष की सीमा अवधि द्वारा शासित होगा, न कि अधिनियम के अनुच्छेद 59 के तहत 3 वर्ष की छोटी अवधि द्वारा।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि जहां प्रतिवादी द्वारा जाली और शून्य सेल डीड के आधार पर संपत्ति पर कब्जे का दावा किया जाता है, वहां मुकदमा 12 वर्ष के भीतर दायर किया जा सकता है, क्योंकि ऐसा...
The Indian Contract Act में एजेंसी के कॉन्ट्रैक्ट में एजेंट का प्राधिकार
इस एक्ट में एजेंट का प्राधिकार दो तरह से होताअभिव्यक्त, विविक्षितप्राधिकार जब अभिव्यक्त होता है जबकि वह लिखित या मौखिक शब्दों द्वारा किया जाता है और वह भी विकसित होता है जबकि उसका अनुमान मामले की परिस्थितियों पर आधारित होता है।हरिचरण बनाम तारा प्रसन्ना 1925 कोलकाता 541 के प्रकरण में कहा गया है इस संबंध में यह साबित किया जाना आवश्यक होता है कि यदि अ और ब के मध्य कोई संविदा की जाती है जिससे स नामक व्यक्ति मध्य में अभिकर्ता था तो उसे एक अभिकर्ता की हैसियत से अपने कार्यों का संपादन करना चाहिए।जब...
The Indian Contract Act में एजेंसी के कॉन्ट्रैक्ट
भारतीय संविदा अधिनियम एजेंसी पर एक पूरे अध्याय में उल्लेख करता है। अधिनियम की धारा 182 एजेंसी की परिभाषा प्रस्तुत करती है।धारा 182 के अनुसार अभिकर्ता वह व्यक्ति होता है जो किसी अन्य की ओर से कोई कार्य करने के लिए नियोजित होता है। वह दूसरे व्यक्ति से व्यवहारों में किसी अन्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियोजित होता है। इस प्रकार यह स्पष्ट है कि अभिकर्ता वह व्यक्ति है जो किसी अन्य की ओर से कोई कार्य करने के लिए व्यवसायों में किसी अन्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियोजित है।अंग्रेजी विधि के सामान्य...
यूसुफ पठान ने बिना किसी आदेश के सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण किया, इसलिए उन्हें भूखंड छोड़ना होगा: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाीकोर्ट ने हाल ही में वडोदरा नगर निगम को पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद यूसुफ पठान द्वारा एक भूखंड पर अतिक्रमण हटाने के लिए कदम उठाने का निर्देश देने वाला आदेश बरकरार रखा।ऐसा करते हुए अदालत ने कहा कि पठान द्वारा बिना किसी प्रतिफल के भूखंड पर "लंबे समय तक कब्ज़ा" रखने से उन्हें ज़मीन पर कोई अधिकार नहीं मिलता। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि इस तरह की अवैधता को जारी नहीं रखा जा सकता। पठान को अतिक्रमणकारी पाते हुए अदालत ने कहा कि उन्हें भूखंड आवंटित करने का कोई आदेश पारित नहीं...
दिल्ली हाईकोर्ट ने नए डेंटल कॉलेज खोलने के लिए राज्य सरकार की NOC अनिवार्य करने वाला नियम बरकरार रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय दंत चिकित्सा परिषद (नए डेंट कॉलेजों की स्थापना, नए या हायर रिसर्च या ट्रेनिंग कोर्स शुरू करना और डेंटल कॉलेजों में एडमिशन क्षमता में वृद्धि) विनियम, 2006 के खंड 6(2)(ई) के प्रभाव को बरकरार रखा, जो नए डेंटल कॉलेजों की स्थापना, नए रिसर्च कोर्स आदि की अनुमति से संबंधित है।उल्लेखनीय है कि ये विनियम डेंटल एक्ट, 1948 की धारा 20 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारतीय दंत चिकित्सा परिषद द्वारा तैयार किए गए ।विनियम 6 पात्रता और अर्हता मानदंडों से संबंधित है।विनियम 6(2) में...
गंभीर अपराधों में जब साक्ष्य अभियुक्त को अपराध से जोड़ते हों तो ट्रायल में देरी अपने आप में ज़मानत का आधार नहीं हो सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अभियुक्त के शीघ्र मुकदमे का अधिकार, हालांकि पवित्र है, मगर उन मामलों में कम नहीं किया जा सकता, जहां अभियुक्त के विरुद्ध दोष सिद्ध होने के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हों।जस्टिस रविंदर दुदेजा ने कहा,"मुकदमे में देरी, हालांकि खेदजनक है, अपने आप में गंभीर और जघन्य अपराधों से जुड़े मामलों में ज़मानत का आधार नहीं है। खासकर जहां साक्ष्य अभियुक्त को अपराध से जोड़ते हों।"पीठ एक "भाड़े के हत्यारे" द्वारा दायर ज़मानत याचिका पर विचार कर रही थी। उसके बारे में कहा गया कि उसने पीड़िता को...
सुप्रीम कोर्ट ने UAPA और MCOCA मामलों की सुनवाई के लिए रिटायर जजों की नियुक्ति का सुझाव दिया
स्पेशल क़ानूनों के तहत मामलों की विशेष सुनवाई के लिए समर्पित अदालतों की आवश्यकता पर फिर से ज़ोर देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि मौजूदा संख्या के भीतर ही मामलों को निर्धारित करने के बजाय न्यायिक अधिकारियों की कैडर संख्या बढ़ाई जाए, क्योंकि ऐसा करने से अन्य अदालतों पर बोझ बढ़ेगा।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ सुनवाई में देरी का हवाला देते हुए दो मामलों पर विचार कर रही थी, जिनमें से NIA से संबंधित था, जब उसने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी और एसडी संजय को अपनी...
'आवास का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत एक मौलिक अधिकार': सुप्रीम कोर्ट
घर खरीदारों की सुरक्षा के उद्देश्य से महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने घोषणा की कि आवास का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से दिवालियापन की कार्यवाही से गुजर रही संकटग्रस्त रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के लिए वित्तपोषण प्रदान करने हेतु एक पुनरुद्धार कोष बनाने का आग्रह किया।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ ने कहा कि इसका उद्देश्य अन्यथा व्यवहार्य रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के परिसमापन को रोकना और वास्तविक घर खरीदारों के हितों की रक्षा...
पटाखों पर दिल्ली-NCR जैसी पाबंदी अब पूरे देश में लागू होनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
कोर्ट ने आज पूरे देश में पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता पर मौखिक टिप्पणी की, यह कहते हुए कि स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त हवा का अधिकार केवल दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले नागरिकों के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लोगों के लिए है।चीफ़ जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ एम.सी. मेहता केस की सुनवाई कर रही थी, जिसमें दिल्ली-एनसीआर में पटाखों और पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाया गया है। पहले जस्टिस अभय एस. ओका और जस्टिस उज्जल भुयान की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश,...
राजनीतिक दलों के रजिस्ट्रेशन नियम बनाकर काले धन पर रोक लगाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने आज एक जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें चुनाव आयोग को राजनीतिक दलों के पंजीकरण और विनियमन (Registration & Regulation) के लिए नियम बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है, ताकि राजनीति में भ्रष्टाचार और काले धन के इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सके।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता- एडवोकेट अश्विनी कुमार उपाध्याय को सुनने के बाद आदेश दिया और कहा कि चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त सभी राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को भी पक्षकार बनाया जाए। ...
गृहिणी के प्रयासों से पति की संपत्ति बनती है, पर स्वामित्व अधिकार देने का कानून नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि इस समय गृहिणियों द्वारा घर, परिवार और बच्चों की देखभाल में किए गए योगदान को मान्यता देने के लिए कोई वैधानिक आधार मौजूद नहीं है। ऐसे योगदान अक्सर “छिपे हुए और कम आंके गए” रहते हैं, इसलिए इन आधारों पर न तो स्वामित्व अधिकार तय किए जा सकते हैं और न ही इनके मूल्य का आकलन किया जा सकता है।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने कहा, “शायद भविष्य में विधायिका ऐसे कदम उठाए जिससे गृहिणियों के योगदान को अर्थपूर्ण ढंग से दर्शाया जा सके और उनके अधिकारों...
दिल्ली के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट को भी बम की धमकी, परिसर खाली कराया गया
दिल्ली हाईकोर्ट के बाद शुक्रवार दोपहर बॉम्बे हाईकोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद कोर्ट परिसर को तत्काल खाली करा लिया गया। धमकी के कारण जजों को दोपहर के भोजन अवकाश से पहले ही अपनी पीठ से उठना पड़ा।शुरुआत में चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अनखड़ की खंडपीठ ने अपनी सुनवाई अचानक बंद कर दी।इसके बाद जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस संदेश पाटिल की खंडपीठ को भी उठने के लिए कहा गया और धीरे-धीरे सभी जजों ने अपने कोर्ट रूम छोड़ दिए।हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से इस खबर की कोई आधिकारिक...
मद्रास हाईकोर्ट ने ईशा फाउंडेशन पर प्रदूषण नियमों के उल्लंघन के आरोप वाली याचिका खारिज की
मद्रास हाईकोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें ईशा फाउंडेशन पर सीवेज और गंदे पानी को पास की जमीन पर छोड़ने का आरोप लगाया गया था और अधिकारियों को कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।चीफ़ जस्टिस मनीन्द्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस जी. अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने नोट किया कि इसी मुद्दे पर याचिकाकर्ता ने बाद में एक और याचिका दायर की थी, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने निरीक्षण कर संतोषजनक रिपोर्ट दी थी। इसके बाद कोर्ट ने माना कि मौजूदा याचिका में अब कुछ नहीं बचा है और उसे खारिज कर दिया।...
दिल्ली हाईकोर्ट का एयर इंडिया यात्री पर सख्त रुख, आक्रामक व्यवहार के आरोप में नए सिरे से आरोप तय करने का आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने एयर इंडिया की उड़ान में आक्रामक और अभद्र व्यवहार के आरोपी एक व्यक्ति के खिलाफ नए सिरे से आरोप तय करने का आदेश दिया। आरोपी पर चालक दल को धमकाने और उड़ान के दौरान विमान का दरवाजा खोलने की कोशिश करने का भी आरोप है।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने आरोपी हार्वे मान की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। मान ने अपने खिलाफ तय किए गए आरोपों को चुनौती दी। कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष ने जिन तीन लोगों को गवाह के रूप में नामित किया, उनके बयान दर्ज ही नहीं किए गए।कोर्ट ने कहा कि ट्रायल...
सुप्रीम कोर्ट ने सेबी-सहारा फंड से जमाकर्ताओं को 5000 करोड़ रुपये जारी करने की अनुमति दी
केंद्र सरकार के अनुरोध पर सुप्रीम कोर्ट ने आज सहारा समूह की कोऑपरेटिव सोसाइटियों के जमाकर्ताओं का बकाया चुकाने के लिए, सहारा समूह द्वारा भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) में जमा धनराशि में से 5,000 करोड़ रुपये की नई किश्त जारी करने की अनुमति दी।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने यह आदेश दिया। साथ ही, मार्च 2023 के आदेश और आज के आदेश के तहत निवेशकों को राशि वितरण की समयसीमा 31 दिसंबर, 2026 तक बढ़ा दी गई। SEBI की ओर से पेश हुए वकील ने सोमवार तक का समय मांगा, लेकिन...
पटना हाईकोर्ट ने बिहार के शराबबंदी कानून को 'ड्रैकोनियन' बताया, कहा- घर जब्त करना मनमाना
पटना हाईकोर्ट ने बिहार निषेध और उत्पाद शुल्क अधिनियम, 2016 और बिहार निषेध और उत्पाद शुल्क नियम, 2021 के प्रावधानों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें 'ड्रैकोनियन' (अत्याचारी) बताया। कोर्ट ने कहा कि ये कानून अधिकारियों को बिना किसी स्पष्ट दिशा-निर्देश के मनमाने और बेलगाम अधिकार देते हैं, जिससे घरों को जब्त करने का एक परेशान करने वाला चलन शुरू हो गया।एक्टिंग चीफ जस्टिस पीबी बाजनथ्री और जस्टिस एसबी पीडी सिंह की खंडपीठ ने महेंद्र प्रसाद सिंह द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की।...
आपराधिक मामलों में योगदान देने वाली लापरवाही का सिद्धांत लागू नहीं: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में यह स्पष्ट किया कि आपराधिक मामलों में योगदान देने वाली लापरवाही का सिद्धांत लागू नहीं होता। कोर्ट ने कहा कि यदि कोई ड्राइवर लापरवाही से गाड़ी चलाकर किसी की मौत का कारण बनता है तो वह भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304A के तहत दंडनीय होगा भले ही पीड़ित की ओर से भी कुछ लापरवाही रही हो।जस्टिस मल्लिकार्जुन राव की एकल पीठ ने आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (APSRTC) के एक बस चालक की अपील पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। बस चालक को एक 75 वर्षीय महिला...
सिर्फ टैक्स केस लंबित होने से विदेश यात्रा पर रोक नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट का अहम फैसला
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ सिर्फ टैक्स संबंधी मुकदमा लंबित होने के आधार पर उसे विदेश यात्रा करने से नहीं रोका जा सकता। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि विदेश यात्रा का अधिकार मौलिक अधिकार है।जस्टिस एस.एम. मोदक ने यह टिप्पणी राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए की। DRI ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें कस्टम एक्ट के तहत दर्ज मामले में आरोपी को विदेश जाने की अनुमति दी गई।मामले के अनुसार आरोपी फर्नीचर व्यवसायी...
गुजरात पुलिस द्वारा नाबालिग से हिरासत में मारपीट और यौन शोषण के आरोप पर SIT/CBI जांच की मांग
सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की गई है जिसमें गुजरात पुलिस पर 17 वर्षीय किशोर के साथ यौन शोषण और पुलिस हिरासत में यातना देने का आरोप लगाया गया है। याचिका में इस घटना की जांच के लिए एसआईटी या सीबीआई जांच की मांग की गई है।एडवोकेट रोहिन भट्ट ने चीफ़ जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ के सामने उल्लेख किया कि अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर की गई है, जिसमें याचिकाकर्ता के नाबालिग भाई के साथ पुलिस द्वारा की गई बर्बरता और यौन शोषण का आरोप है। उन्होंने कहा कि याचिका में एम्स के...
दिल्ली हाईकोर्ट में बम की धमकी, खाली कराने का काम जारी
दिल्ली हाईकोर्ट के जज शुक्रवार को बम की धमकी वाला ईमेल मिलने के बाद अचानक अपनी अदालतों से उठ खड़े हुए।वकीलों द्वारा पूछे गए प्रश्नों पर विभिन्न जजों के न्यायालय कर्मचारियों ने सूचित किया कि न्यायाधीश नहीं बैठेंगे। इसके बाद सभी मामलों में तारीखें दे दी गईं।बम की धमकी वाला ईमेल हाईकोर्ट के महापंजीयक अरुण भारद्वाज को सुबह 10:41 बजे मिला।इसके बाद जज अपनी अदालतों से उठ खड़े हुए। इसके तुरंत बाद एक बम निरोधक दस्ता भी हाईकोर्ट परिसर में पहुंच गया।




















