सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार पर अधिकारियों के खिलाफ आरोपों वाले स्वतः संज्ञान मामले में हाईकोर्ट से नरमी बरतने को कहा

Praveen Mishra

16 Sept 2025 5:02 PM IST

  • सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार पर अधिकारियों के खिलाफ आरोपों वाले स्वतः संज्ञान मामले में हाईकोर्ट से नरमी बरतने को कहा

    सुप्रीम कोर्ट ने कल पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से पत्रकार प्रदीप शर्मा से जुड़े स्वतः संज्ञान मामले में नरमी बरतने को कहा। मामला 2023 में दिए गए आश्वासन के बाद भी शर्मा द्वारा 2023-25 के बीच 200 से अधिक ईमेल लिखने से जुड़ा है, जिनमें अधिकारियों और न्यायाधीशों पर आरोप लगाए गए थे।

    सिनियर एडवोकेट देवदत्त कामत ने बताया कि आदेश के बाद से शर्मा ने कोई सार्वजनिक पोस्ट नहीं की, केवल ईमेल भेजे। इस पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि ईमेल गोपनीय नहीं रह सकते और सुझाव दिया कि आगे से यदि शिकायत हो तो सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजी जाए। कामत ने आश्वासन दिया कि शर्मा आगे ऐसा करेंगे और बिना शर्त माफी मांगने को तैयार हैं।

    खंडपीठ ने दर्ज किया कि ईमेल सार्वजनिक डोमेन में नहीं डाले गए, फिर भी शर्मा undertakings देंगे कि भविष्य में ऐसा नहीं करेंगे। इस शर्त पर हाईकोर्ट से कहा गया कि नरमी से देखते हुए कार्यवाही समाप्त करने का प्रयास करे। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को (रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से) पक्षकार बनाया।

    जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि शर्मा को गुमराह किया गया है और कहा कि कभी उन्होंने न्यायिक अधिकारियों की अनियमितताओं पर अच्छे मुद्दे उठाए हैं, पर केवल बदनाम करने के लिए सिस्टम को निशाना नहीं बनाया जा सकता। अदालत ने उनके बर्खास्त डीएसपी बलविंदर सेखों के साथ मंच साझा करने पर भी आपत्ति जताई। कामत ने माना कि यह गलत था और बताया कि शर्मा पहले जेल भी काट चुके हैं और उसके बाद कोई पोस्ट नहीं किया है।

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    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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