जब्त मादक पदार्थ की वीडियो रिकॉर्डिंग ट्रांसक्रिप्ट के बिना भी सबूत के तौर पर मान्य: सुप्रीम कोर्ट

Praveen Mishra

16 Sept 2025 3:52 PM IST

  • जब्त मादक पदार्थ की वीडियो रिकॉर्डिंग ट्रांसक्रिप्ट के बिना भी सबूत के तौर पर मान्य: सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब्त मादक पदार्थ की वीडियो रिकॉर्डिंग ट्रांसक्रिप्ट के बिना भी सबूत मानी जाएगी, बशर्ते भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65B के तहत वैध इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणपत्र प्रस्तुत हो। अदालत ने स्पष्ट किया कि वीडियो को हर गवाह की गवाही के दौरान चलाना आवश्यक नहीं है।

    जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्जल भुयान की खंडपीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट का वह आदेश रद्द किया जिसमें एनडीपीएस मामले में सिर्फ इसलिए पुनःविचारण का निर्देश दिया गया था क्योंकि वीडियो गवाहों के सामने नहीं चलाया गया और न ही उसका ट्रांसक्रिप्ट बनाया गया।

    फैसले में कहा गया कि सीडी एक इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड है और धारा 65B की शर्तें पूरी होने पर यह दस्तावेज़ की तरह स्वीकार्य है। वीडियो की सामग्री देखकर अदालत निष्कर्ष निकाल सकती है। ट्रायल कोर्ट में वीडियो आरोपियों, वकीलों और न्यायाधीश की मौजूदगी में चलाया गया था और अदालत ने गवाहों व आरोपियों की उपस्थिति भी देखी थी, इसलिए पुनःविचारण आवश्यक नहीं।

    पृष्ठभूमि में, पुलिस ने छापों में 147 किलो गांजा जब्त किया था। ट्रायल कोर्ट ने दो को दोषी ठहराया और दो को बरी किया। हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि रद्द कर पुनःविचारण का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि धारा 52A NDPS अधिनियम के तहत इन्वेंट्री, सील नमूने और फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार होने पर संपूर्ण मादक पदार्थ अदालत में पेश न होना अभियोजन के लिए घातक नहीं है।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

    Next Story