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आरोप-पत्र जारी न होने तक लंबित अनुशासनात्मक कार्यवाही के आधार पर निलंबन तब तक नहीं बढ़ाया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
आरोप-पत्र जारी न होने तक लंबित अनुशासनात्मक कार्यवाही के आधार पर निलंबन तब तक नहीं बढ़ाया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित होने के आधार पर निलंबन को वैध रूप से तब तक नहीं बढ़ाया जा सकता, जब तक कि आरोप-पत्र जारी न कर दिया गया हो। इस गलत आधार पर किया गया विस्तार अमान्य है, जिससे कर्मचारी को बहाली का अधिकार मिल जाता है।पृष्ठभूमि तथ्ययाचिकाकर्ता को केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1965 के नियम 10(1)(क) के तहत 28 फरवरी, 2025 के आदेश द्वारा निलंबित कर दिया गया था। उन्हें इस आधार पर...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ज़िम्मेदार नागरिकों से अनाथालयों और वृद्धाश्रमों का सामाजिक लेखा-परीक्षण करने का आग्रह किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ज़िम्मेदार नागरिकों से अनाथालयों और वृद्धाश्रमों का सामाजिक लेखा-परीक्षण करने का आग्रह किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार (19 सितंबर) को सामाजिक लेखा-परीक्षण की अवधारणा के विकास और प्रभावी कार्यान्वयन की वकालत करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया।अदालत एक रिट याचिका खारिज करने को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें अपीलकर्ता ने अपने वकील के उपस्थित न होने के कारण पदोन्नति की मांग की थी।अपीलकर्ता ने दावा किया कि उसकी रिट याचिका 2011 से लंबित है। इसको 21 जुलाई, 2025 को सिंगल जज द्वारा अभियोजन पक्ष के अभाव में खारिज कर दी गई, क्योंकि उसके वकील मामले में उपस्थित नहीं हुए।...

भर्ती नियमों में संशोधन न होने तक पद का पुनर्नामांकन किसी अन्य संवर्ग में विलय के बराबर नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
भर्ती नियमों में संशोधन न होने तक पद का पुनर्नामांकन किसी अन्य संवर्ग में विलय के बराबर नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस विकास सूरी की खंडपीठ ने कहा कि किसी पद का पुनर्नामांकन मात्र किसी अन्य संवर्ग में विलय के बराबर नहीं है; वास्तविक विलय के लिए सेवा नियमों में संशोधन आवश्यक है। ऐसे संशोधन के बिना वेतनमान या संवर्ग लाभों में समानता का दावा नहीं किया जा सकता।पृष्ठभूमि तथ्ययाचिकाकर्ता को चंडीगढ़ के सेक्टर 10 स्थित राजकीय संग्रहालय एवं कला दीर्घा में गाइड के पद पर नियुक्त किया गया। चंडीगढ़ प्रशासन ने कर्मचारियों को बेहतर करियर की संभावनाएं प्रदान करने...

प्रधानमंत्री का अपमान, जांच सही: पहलगाम आतंकवादी हमले पर पोस्ट मामले में गायिका नेहा राठौर को राहत नहीं
'प्रधानमंत्री का अपमान, जांच सही': पहलगाम आतंकवादी हमले पर पोस्ट मामले में गायिका नेहा राठौर को राहत नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को लोक गायिका नेहा सिंह राठौर द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले पर कथित रूप से 'भड़काऊ' सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर "भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने" सहित कई आरोपों के तहत उनके खिलाफ दर्ज FIR को चुनौती दी थी।जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस सैयद क़मर हसन रिज़वी की खंडपीठ ने कहा कि FIR और अन्य सामग्री में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया एक संज्ञेय अपराध का संकेत देते हैं, जो मामले की जांच को उचित ठहराता है।खंडपीठ ने आगे...

सुप्रीम कोर्ट ने 1971 के विक्रय पत्र मामले में 71 वर्षीय महिला के खिलाफ FIR दर्ज कराने वाले वकील को फटकार लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने 1971 के विक्रय पत्र मामले में 71 वर्षीय महिला के खिलाफ FIR दर्ज कराने वाले वकील को फटकार लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने वकील को यह बताने का निर्देश दिया कि पांच दशक से भी पहले, 1971 में निष्पादित विक्रय पत्र में जालसाजी का आरोप लगाते हुए 2023 में FIR दर्ज कराने के लिए उन पर अनुकरणीय जुर्माना क्यों न लगाया जाए। यह देखते हुए कि यह मामला कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग प्रतीत होता है, अदालत ने संबंधित थाना प्रभारी को भी कारण बताने के लिए कहा कि कार्यवाही को रद्द क्यों न कर दिया जाए।FIR में आरोपी एक 71 वर्षीय महिला है।जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस एनके सिंह की पीठ उस महिला द्वारा दायर...

अडानी ग्रुप के खिलाफ कंटेंट हटाने के आदेश को रवीश कुमार ने हाईकोर्ट में दी चुनौती
अडानी ग्रुप के खिलाफ कंटेंट हटाने के आदेश को रवीश कुमार ने हाईकोर्ट में दी चुनौती

पत्रकार रवीश कुमार ने केंद्र सरकार के उस आदेश को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया, जिसमें उन्हें अडानी एंटरप्राइजेज के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक कंटेंट हटाने का निर्देश दिया गया था।इस मामले की सुनवाई सोमवार को जस्टिस सचिन दत्ता करेंगे।गौरतलब है कि इसी आदेश को चुनौती देते हुए न्यूज़लॉन्ड्री द्वारा दायर एक ऐसी ही याचिका भी सोमवार को जज के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।अपनी याचिका में कुमार ने कहा कि यह आदेश कार्यपालिका शक्ति का अभूतपूर्व और असंवैधानिक प्रयोग है, जो लोकतांत्रिक शासन,...

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ को कॉमर्शियल विवाद में मध्यस्थ नियुक्त किया
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ को कॉमर्शियल विवाद में मध्यस्थ नियुक्त किया

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (19 सितंबर) को पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डी.वाई. चंद्रचूड़ को जबलपुर के सिहोरा में 1,70,000 मीट्रिक टन लौह अयस्क के स्वामित्व को लेकर दो कंपनियों के बीच विवाद में मध्यस्थ नियुक्त किया।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की खंडपीठ ने यूरो प्रतीक इस्पात लिमिटेड की उस अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया, जिसमें मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई, जिसमें कॉमर्शियल कोर्ट एक्ट, 2015 की धारा 12ए का पालन न करने के कारण कॉमर्शियल कोर्ट...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी की आजीवन सजा निलंबित की, 10 पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का निर्देश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी की आजीवन सजा निलंबित की, 10 पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का निर्देश दिया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हत्या के एक मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति की आजीवन कारावास की सजा निलंबित की। अदालत ने यह देखते हुए कि वह 10 साल से अधिक समय तक हिरासत में रह चुका है और उसके दो सह-आरोपियों, जिन्होंने इतनी ही अवधि हिरासत में बिताई, उसको पहले ही जमानत पर रिहा किया जा चुका है।अदालत ने अपीलकर्ता को 10 फलदार/नीम या पीपल के पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का भी निर्देश दिया।अदालत महेश शर्मा की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने 2021 के ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी,...

सुप्रीम कोर्ट का हिमाचल प्रदेश में अतिक्रमणों को नियमित करने के अधिकार को रद्द करने के फैसले पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट का हिमाचल प्रदेश में अतिक्रमणों को नियमित करने के अधिकार को रद्द करने के फैसले पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया, जिसमें हिमाचल प्रदेश भूमि राजस्व अधिनियम, 1952 की धारा 163-ए को असंवैधानिक घोषित किया गया था।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने मामले में नोटिस जारी किया।अधिनियम की धारा 163-ए राज्य सरकार को सरकारी भूमि पर अतिक्रमणों के नियमितीकरण के लिए नियम बनाने का अधिकार देती है।हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि विवादित प्रावधान 'बेईमान व्यक्तियों के एक वर्ग के लिए...

चीफ जस्टिस ने लंबित मामलों को कम करने के लिए सरकारी अपीलों को दायर करने से पहले फ़िल्टर करने का सुझाव दिया
चीफ जस्टिस ने लंबित मामलों को कम करने के लिए सरकारी अपीलों को दायर करने से पहले फ़िल्टर करने का सुझाव दिया

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) भूषण रामकृष्ण गवई ने शनिवार को एक केंद्रीय एजेंसी का आह्वान किया, जो अदालतों में लंबित मामलों की संख्या को कम करने के लिए यह फ़िल्टर करे कि सरकार किन फैसलों के लिए अपील करती है।वह केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के 10वें अखिल भारतीय सम्मेलन, 2025 को संबोधित कर रहे थे।जस्टिस गवई ने कहा कि वर्तमान में CAT के समक्ष एक लाख से अधिक मामले और राज्य प्रशासनिक न्यायाधिकरणों के समक्ष कई अन्य मामले लंबित हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में सबसे...

आर्बिट्रेशन कार्यवाही में AI से समय की बचत संभव, गोपनीयता चिंताओं के कारण नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता: जस्टिस विक्रम नाथ
आर्बिट्रेशन कार्यवाही में AI से समय की बचत संभव, गोपनीयता चिंताओं के कारण नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता: जस्टिस विक्रम नाथ

दिल्ली आर्बिट्रेशन वीकेंड 2025 (DAW) के तहत आयोजित सत्र 'Arbitration 2.0: आर्बिट्रेशन की दक्षता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य तकनीकों का समावेश' में बोलते हुए, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि कानून, भले ही वैज्ञानिक क्षेत्र न हो, लेकिन यह कानूनी समुदाय को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अपनाने से हतोत्साहित नहीं करता।इस पैनल में मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस एन. आनंद वेंकटेश, भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, मार्क डेम्पसी (SC) और टिम लॉर्ड (KC), ब्रिक कोर्ट चेम्बर भी...