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जजों को जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए विनम्रता और जिम्मेदारी से शक्ति का प्रयोग करना चाहिए: CJI बी.आर. गवई
जजों को जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए विनम्रता और जिम्मेदारी से शक्ति का प्रयोग करना चाहिए: CJI बी.आर. गवई

चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया ने शनिवार को सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) के 10वें अखिल भारतीय सम्मेलन 2025 को संबोधित करते हुए कहा कि जजों को अपनी शक्ति का प्रयोग हमेशा विनम्रता और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए।उन्होंने कहा,“न्यायिक अधिकारी, जज और ट्रिब्यूनल के सदस्य होने के नाते हमारे पास अपार शक्ति होती है, लेकिन हमें इस शक्ति को अत्यधिक विनम्रता और जिम्मेदारी के साथ निभाना चाहिए। हमारे समक्ष आने वाले प्रत्येक वादकारी को यह विश्वास होता है कि उन्हें न्याय मिलेगा, इसलिए हमारे निर्णय निष्पक्ष...

चार्जशीट या निलंबन के बिना सील्ड कवर प्रक्रिया लागू नहीं की जा सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
चार्जशीट या निलंबन के बिना सील्ड कवर प्रक्रिया लागू नहीं की जा सकती: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति मामलों में सील्ड कवर प्रक्रिया केवल तभी अपनाई जा सकती है, जब कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही में चार्जशीट जारी की गई हो, आपराधिक अभियोजन में आरोपपत्र दाखिल हुआ हो या वह निलंबित किया गया हो। महज़ FIR दर्ज होने या जांच लंबित रहने की स्थिति में यह प्रक्रिया लागू नहीं की जा सकती।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ ने यह निर्णय उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें केंद्र सरकार ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के आदेश को चुनौती दी थी।...

प्रति माह 10-15% लाभ का वादा प्रथम दृष्टया बेईमानी का इरादा दर्शाता है: बॉम्बे हाईकोर्ट ने ट्रेडिंग घोटाला मामले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज की
प्रति माह 10-15% लाभ का वादा प्रथम दृष्टया बेईमानी का इरादा दर्शाता है: बॉम्बे हाईकोर्ट ने ट्रेडिंग घोटाला मामले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि शेयर बाज़ार में प्रतिमाह 10 से 15 प्रतिशत तक के गारंटीड मुनाफे का वादा अपने आप में शुरू से ही धोखाधड़ी की मंशा को दर्शाता है। कोर्ट ने माना कि कोई भी वैध और वास्तविक व्यापार इस तरह के असाधारण और सुनिश्चित लाभ नहीं दे सकता, इसलिए ऐसे प्रलोभन को केवल सिविल विवाद मानकर खारिज नहीं किया जा सकता।जस्टिस अमित बोरकर एक अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें आरोपियों ने गिरफ्तारी से राहत मांगी थी। मामला भारतीय दंड संहिता 2023 (IPC) की धारा 318(4) और...

फर्जी मुठभेड़ मामले में दो पुलिसकर्मियों को मिली अग्रिम जमानत, कोर्ट ने जांच पर उठाए सवाल
फर्जी मुठभेड़ मामले में दो पुलिसकर्मियों को मिली अग्रिम जमानत, कोर्ट ने जांच पर उठाए सवाल

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 2009 के फर्जी मुठभेड़ मामले में दो पुलिसकर्मियों को अग्रिम जमानत दी। इस मामले में वांछित अपराधी को मृत घोषित कर दिया गया था, जबकि 2012 में वह जिंदा पाया गया था।जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने अपने फैसले में कहा कि गवाहों ने आरोपी पुलिसकर्मी अनिल पाटीदार का नाम उस व्यक्ति के रूप में नहीं लिया, जिसने उन पर वांछित अपराधी बंसीलाल गुर्जर के रूप में शव की गलत पहचान करने का दबाव बनाया था। पीठ ने यह भी पाया कि दूसरा आरोपी पुलिसकर्मी, मुख्तार रशीद कुरैशी अन्य पुलिस स्टेशन में तैनात था और...

न कोई पीड़ित, न कोई अपराधी: दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग पत्नी से संबंध के मामले में पति को दी अंतरिम जमानत
न कोई पीड़ित, न कोई अपराधी: दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग पत्नी से संबंध के मामले में पति को दी अंतरिम जमानत

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक 24 वर्षीय युवक को पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) के मामले में अंतरिम जमानत दी। यह मामला तब सामने आया, जब दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि उनकी शादी से पहले उनके आपसी सहमति से बने संबंध के समय उसकी पत्नी नाबालिग थी, जिससे उसकी सहमति कानूनी रूप से अप्रासंगिक हो गई।जस्टिस अरुण मोंगा ने इस मामले को अजीब बताते हुए कहा कि इसमें न तो कोई पीड़ित है, न कोई अपराधी और न ही कोई शिकायतकर्ता। फिर भी 24 वर्षीय आरोपी कानून के घेरे में है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले को और भी खास बनाता है कि...

जाति महिमा मंडन राष्ट्रविरोधी, संविधान का सम्मान ही सच्ची देशभक्ति: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने FIR व सार्वजनिक स्थलों से जाति संदर्भ हटाने का दिया निर्देश
"जाति महिमा मंडन 'राष्ट्रविरोधी', संविधान का सम्मान ही 'सच्ची देशभक्ति': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने FIR व सार्वजनिक स्थलों से जाति संदर्भ हटाने का दिया निर्देश"

हाल ही के एक महत्वपूर्ण निर्णय में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाज में जाति महिमा मंडन की प्रवृत्ति पर कड़ी आपत्ति जताई और उत्तर प्रदेश सरकार को व्यापक निर्देश दिए कि एफआईआर, पुलिस दस्तावेज़, सार्वजनिक रिकॉर्ड, मोटर वाहनों और सार्वजनिक बोर्ड से जाति संदर्भ हटाए जाएं।जस्टिस विनोद दिवाकर की पीठ ने कहा कि ऐसा जाति महिमा मंडन "राष्ट्रविरोधी" है और संविधान के प्रति श्रद्धा ही "सच्ची देशभक्ति" और "राष्ट्र सेवा का सर्वोच्च रूप" है। महत्वपूर्ण रूप से, एकल न्यायाधीश ने कहा कि यदि भारत को 2047 तक वास्तव में...

लोकतंत्र पर दुखद टिप्पणी: दिल्ली हाईकोर्ट DUSU उम्मीदवारों के बड़े वाहनों व JCB इस्तेमाल से नाराज़
"लोकतंत्र पर दुखद टिप्पणी: दिल्ली हाईकोर्ट DUSU उम्मीदवारों के बड़े वाहनों व JCB इस्तेमाल से नाराज़"

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों द्वारा 'बड़ी कारों' और जेसीबी के इस्तेमाल पर शुक्रवार को निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले साल की स्थिति से कोई सबक नहीं सीखा।चीफ़ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने स्थिति को 'दर्दनाक' बताते हुए टिप्पणी की: उन्होंने कहा, 'यह बहुत दुखद है, स्थिति पर एक दुखद टिप्पणी है, समाज के हमारे लोकतांत्रिक कामकाज पर एक दुखद टिप्पणी है, यहां के संस्थानों के लोकतांत्रिक कामकाज पर एक दुखद...

भारतीय राज्य के खिलाफ लड़ाई वाली टिप्पणी मामले में राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज
'भारतीय राज्य के खिलाफ लड़ाई' वाली टिप्पणी मामले में राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज

उत्तर प्रदेश के लखनऊ ज़िला कोर्ट ने पिछले हफ़्ते विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के खिलाफ वकील द्वारा दायर याचिका पर शिकायत दर्ज करने का निर्देश दिया। याचिका में आरोप लगाया गया कि कांग्रेस (Congress) नेता ने बयान दिथा कि "हम अब भाजपा, आरएसएस और भारतीय राज्य से लड़ रहे हैं"।अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने शिकायतकर्ता का बयान दर्ज करने के लिए मामले की सुनवाई 1 अक्टूबर तक स्थगित की।वकील नृपेंद्र पांडे द्वारा दायर याचिका में कहा गया कि गांधी की कथित टिप्पणी देश को अस्थिर करने...

योग्य आवेदक को निकाह के लिए NOC जारी न करना अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का उल्लंघन: मद्रास हाईकोर्ट
योग्य आवेदक को निकाह के लिए NOC जारी न करना अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का उल्लंघन: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि यदि आवेदक अन्यथा अयोग्य नहीं है तो क्षेत्राधिकार प्राप्त जमात निकाह कराने के लिए आवेदक को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने के लिए बाध्य है।जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन ने कहा कि योग्य आवेदक को NOC जारी न करना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत आवेदक के मौलिक अधिकार का उल्लंघन होगा। अदालत ने कहा कि इस्लामी परंपरा के अनुसार, निकाह संपन्न कराने के लिए क्षेत्राधिकार प्राप्त जमात द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना आवश्यक है। इसलिए न्यायालय ने कहा कि जब यह प्रथा लागू हो तो...

महिला ने सीनियर एडवोकेट पर लगाया बलात्कार का झूठा आरोप, हाईकोर्ट ने दिया दंडात्मक कार्रवाई का आदेश
महिला ने सीनियर एडवोकेट पर लगाया बलात्कार का झूठा आरोप, हाईकोर्ट ने दिया दंडात्मक कार्रवाई का आदेश

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महिला के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का आदेश दिया, जिसने 20 साल से वकालत कर रहे सीनियर एडवोकेट पर रात में उनके घर में घुसकर उनकी दो साल की बेटी के साथ बलात्कार करने का झूठा आरोप लगाया था।जस्टिस विशाल मिश्रा उस महिला से नाराज़ थे, जिसने "अपनी बेटी के भविष्य की परवाह नहीं की"। साथ ही सीनियर एडवोकेट के साथ "अपना बदला चुकाने" में ज़्यादा दिलचस्पी दिखाई, जिन्होंने नैतिक आधार पर उनके मामले को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया था।वकील के अनुसार, महिला ने उनसे पुनर्विचार याचिका दायर...

असफल सगाई सहमति से संबंध नहीं बनाती, शादी के झूठे वादे पर बलात्कार: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
असफल सगाई 'सहमति से संबंध' नहीं बनाती, शादी के झूठे वादे पर बलात्कार: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि वयस्कों के बीच सहमति से बनाए गए शारीरिक संबंध को केवल इसलिए बलात्कार नहीं माना जा सकता, क्योंकि वह विवाह में परिणत नहीं हुआ।अदालत ने कथित बलात्कार के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज FIR यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसने अपनी मंगेतर के साथ सहमति से संबंध बनाए, जिसमें रोका समारोह के बाद दोनों पक्षों के बीच मतभेदों के कारण विवाह नहीं हो सका।जस्टिस कीर्ति सिंह ने स्पष्ट किया,"इस आधार पर बलात्कार का अपराध दर्ज करने के लिए कि शादी के झूठे बहाने पर सहमति प्राप्त...

मांग नोटिस में चेक की सही राशि का उल्लेख नहीं है तो NI Act की धारा 138 के तहत शिकायत सुनवाई योग्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट
मांग नोटिस में चेक की सही राशि का उल्लेख नहीं है तो NI Act की धारा 138 के तहत शिकायत सुनवाई योग्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (NI Act) की धारा 138 के तहत किसी शिकायत को सुनवाई योग्य बनाने के लिए मांग के वैधानिक नोटिस में चेक की राशि का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। यदि मांग नोटिस में उल्लिखित राशि चेक की राशि से भिन्न है, तो शिकायत सुनवाई योग्य नहीं है।अदालत ने कहा,"NI Act की धारा 138 के प्रावधान (बी) के तहत जारी किए जाने वाले नोटिस में उसी राशि का उल्लेख होना चाहिए, जिसके लिए चेक जारी किया गया। यह अनिवार्य है कि वैधानिक नोटिस में मांग चेक की राशि के बराबर ही हो।"चीफ...

होनहार छात्रा होना FIR रद्द करने का आधार नहीं : बॉम्बे हाईकोर्ट ने ऑपरेशन सिन्दूर पोस्ट मामले में छात्रा की याचिका पर कहा
'होनहार छात्रा होना FIR रद्द करने का आधार नहीं' : बॉम्बे हाईकोर्ट ने ऑपरेशन सिन्दूर पोस्ट मामले में छात्रा की याचिका पर कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि 19 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्रा के खिलाफ दर्ज FIR केवल इसलिए रद्द नहीं की जा सकती क्योंकि उसने माफी मांगी है, वह होनहार छात्रा है या अच्छे अंकों से पास हुई है। यह FIR मई 2024 में पुणे पुलिस ने छात्रा के खिलाफ दर्ज की थी, जब उसने सोशल मीडिया पर विवादित "ऑपरेशन सिन्दूर" संबंधी पोस्ट री-पोस्ट किया था।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड की डिवीजन बेंच ने कहा—“यह बहुत गंभीर मामला है… पढ़ाई करने वाली बच्ची होने का विचार ज़मानत में हो...

1990 से छह सरकारों ने कश्मीर मसले पर मुझसे संवाद किया: यासीन मलिक ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा
'1990 से छह सरकारों ने कश्मीर मसले पर मुझसे संवाद किया': यासीन मलिक ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा

कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक, जिन्हें 2022 में NIA कोर्ट ने आतंकी फंडिंग और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी, ने दिल्ली हाईकोर्ट में दावा किया है कि 1990 से लेकर मनमोहन सिंह सरकार तक छह लगातार प्रधानमंत्रियों (वी.पी. सिंह, चंद्रशेखर, पी.वी. नरसिम्हा राव, एच.डी. देवगौड़ा, आई.के. गुजराल, अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह) से उनका "वर्किंग रिलेशनशिप" रहा।यासीन ने लिखित जवाब में कहा कि उन्हें कई बार कश्मीर और क्षेत्रीय स्थिरता पर संवाद के लिए बुलाया गया...

भारतीय फुटबॉल में बदलाव की उम्मीद: सुप्रीम कोर्ट ने AIFF संविधान को अंतिम रूप दिया, 4 हफ्तों में अपनाने का निर्देश
"भारतीय फुटबॉल में बदलाव की उम्मीद": सुप्रीम कोर्ट ने AIFF संविधान को अंतिम रूप दिया, 4 हफ्तों में अपनाने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (19 सितंबर) को अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के संविधान का ड्राफ्ट अंतिम रूप दे दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि महासंघ जल्द से जल्द, अधिमानतः 4 हफ्तों के भीतर, जनरल बॉडी मीटिंग बुलाकर संविधान को अपनाए। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने यह फैसला 2017 के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश (जिसमें तत्कालीन अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल सहित AIFF पदाधिकारियों का चुनाव रद्द किया गया था) के खिलाफ AIFF की याचिका पर दिया।कोर्ट ने कहा कि खेल संवैधानिक आदर्श बंधुत्व से...

हाईकोर्ट ने कोर्ट परिसर में हिंसा पर स्वतः संज्ञान लिया; तलवार लेकर आए वकील की शिकायत पर बार के खिलाफ कार्रवाई पर रोक
हाईकोर्ट ने कोर्ट परिसर में हिंसा पर स्वतः संज्ञान लिया; तलवार लेकर आए वकील की शिकायत पर बार के खिलाफ कार्रवाई पर रोक

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (HCBA) के सचिव की चिट्ठी पर स्वतः संज्ञान लिया है। इसमें आरोप है कि एडवोकेट रवनीत कौर ने 17 सितंबर को कोर्ट परिसर में बार सदस्यों पर हुए हिंसक हमले के लिए एडवोकेट सिमरनजीत सिंह ब्लासी को उकसाया, जिसने तलवार भी लहराई।चिट्ठी में यह भी कहा गया कि कौर ने सचिव के खिलाफ सोशल मीडिया पर अश्लील और मानहानिपूर्ण सामग्री पोस्ट की। इस पर कोर्ट ने खुद कार्रवाई शुरू की। सुनवाई के दौरान UT के सीनियर स्टैंडिंग काउंसल अमित झांजी ने बताया कि ब्लासी की ओर से एक...