ताज़ा खबरे

सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना सरकार की याचिका खारिज की, 2015 कैश-फॉर-वोट केस में एक आरोपी को राहत
सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना सरकार की याचिका खारिज की, 2015 कैश-फॉर-वोट केस में एक आरोपी को राहत

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (26 सितंबर) को 2015 के तेलंगाना कैश-फॉर-वोट्स घोटाले में आरोपी जेरूसलम मैथाई पर लगे आरोपों को खारिज करने के हाईकोर्ट के फैसले को बनाए रखा।चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने तेलंगाना सरकार द्वारा 2016 में दाखिल विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया। इसी तरह, एल्विस स्टीफेंसन की हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका भी खारिज हुई।मामला 2015 में विधान परिषद चुनाव के दौरान तत्कालीन उम्मीदवार एल्विस स्टीफेंसन को टीडीपी के पक्ष में वोट देने के...

Sec. 138 NI Act | चेक बाउंस मामलों में आरोपियों को प्रॉबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट का लाभ मिल सकता है: सुप्रीम कोर्ट
Sec. 138 NI Act | चेक बाउंस मामलों में आरोपियों को प्रॉबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट का लाभ मिल सकता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (25 सितम्बर) को फैसला दिया कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 (चेक बाउंस मामलों) में दोषी ठहराए गए आरोपियों को प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट, 1958 का लाभ मिल सकता है।कोर्ट ने कहा कि चेक बाउंस मामले समझौते (compounding) से खत्म हो सकते हैं, और अगर समझौता न हो तो भी आरोपी प्रोबेशन का लाभ पाने के हकदार हैं।जस्टिस मनमोहन और एन.वी. अंजारिया की बेंच ने कहा कि पक्षकार आपसी समझौते से मामला निपटा सकते हैं। अगर शिकायतकर्ता केवल चेक की राशि से ज्यादा रकम या पूरा कर्ज...

पति और बच्चे पत्नी/माँ का रखरखाव करने के कानूनी और नैतिक जिम्मेदार: मद्रास हाईकोर्ट
पति और बच्चे पत्नी/माँ का रखरखाव करने के कानूनी और नैतिक जिम्मेदार: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में मदुरै की फैमिली कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें पति और बेटों को पत्नी/मां को ₹21,000 प्रतिमाह भरण-पोषण देने का निर्देश दिया गया था।जस्टिस शमीम अहमद ने कहा कि किसी पुरुष का अपनी पत्नी और मां का जीवनभर भरण-पोषण करना उसका कानूनी और नैतिक कर्तव्य है। यह दायित्व इसलिए है ताकि मां और पत्नी वृद्धावस्था में सम्मान और देखभाल के साथ जीवन जी सकें।अदालत ने कहा कि यह जिम्मेदारी केवल आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि मां के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक भी है, जिन्होंने...

दिल्ली हाईकोर्ट में संजय कपूर की संपत्तियों का सील्ड कवर में खुलासा, प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों ने मीडिया में लीक न करने का दिया आश्वासन
दिल्ली हाईकोर्ट में संजय कपूर की संपत्तियों का सील्ड कवर में खुलासा, प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों ने मीडिया में लीक न करने का दिया आश्वासन

प्रिया कपूर स्वर्गीय उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी, और उनकी पूर्व पत्नी करिश्मा कपूर के बच्चे जिन्होंने अपने पिता की संपत्ति में हिस्सेदारी के लिए मुकदमा दायर किया, ने शुक्रवार (26 सितंबर) को दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि वे या उनके वकील इस मामले में कोई भी बयान मीडिया में नहीं देंगे और न ही कोई जानकारी लीक करेंगे।अदालती सुनवाई में प्रिया कपूर ने लंबित मुकदमे में यह आवेदन दायर किया कि उनके दिवंगत पति की व्यक्तिगत संपत्तियों और देनदारियों की सूची सील्ड कवर में दाखिल की जाए और सभी पक्ष गोपनीयता बनाए...

क्या AFT को मिल सकता है संविधानिक वैधता पर फैसला सुनाने का अधिकार? दिल्ली हाईकोर्ट ने फुल बेंच को सौंपी बड़ी बहस
क्या AFT को मिल सकता है संविधानिक वैधता पर फैसला सुनाने का अधिकार? दिल्ली हाईकोर्ट ने फुल बेंच को सौंपी बड़ी बहस

दिल्ली हाईकोर्ट की फुल बेंच यह तय करेगी कि आर्म्ड फोर्सेज़ ट्रिब्यूनल (AFT) को AFT Act के अलावा अन्य वैधानिक कानूनों की संवैधानिक वैधता पर निर्णय देने का अधिकार है या नहीं।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने इस सवाल को तीन जजों वाली फुल बेंच के पास भेजा है।फुल बेंच यह भी देखेगी कि हाईकोर्ट की पूर्व की तीन जजों वाली बेंच का फैसला क्या AFT को नेवी एक्ट जैसी अन्य वैधानिक व्यवस्थाओं की संवैधानिकता पर विचार करने का अधिकार देता है। इसके साथ ही यह सवाल भी तय होगा कि यदि इस...

कैश फॉर क्वेरी मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने महुआ मोइत्रा की अर्जी पर तत्काल आदेश देने से किया इनकार
कैश फॉर क्वेरी मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने महुआ मोइत्रा की अर्जी पर तत्काल आदेश देने से किया इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा की उस अर्जी पर कोई तत्काल आदेश पारित करने से इनकार किया, जिसमें उन्होंने मांग की कि लोकपाल में उनके खिलाफ लंबित कार्यवाही के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को छह अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में न सुना जाए।मोइत्रा ने यह प्रार्थना इस आधार पर की कि दुबे ने लोकपाल की कार्यवाही से संबंधित गोपनीय सूचनाएं और दस्तावेज़ मीडिया में लीक किए।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने कहा कि इस स्तर पर मोइत्रा की अर्जी पर कोई आदेश...

न्यायपालिका पर आपत्तिजनक टिप्पणी: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने श्रीनगर SSP को लगाई फटकार
न्यायपालिका पर आपत्तिजनक टिप्पणी: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने श्रीनगर SSP को लगाई फटकार

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख हाईकोर्ट ने निरोधात्मक हिरासत आदेश रद्द करते हुए श्रीनगर के तत्कालीन SSP इम्तियाज़ हुसैन की कड़ी निंदा की। अदालत ने कहा कि SSP द्वारा तैयार किए गए डोज़ियर में न्यायपालिका के खिलाफ़ की गई टिप्पणियां अवमाननापूर्ण और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाली हैं।जस्टिस मोक्ष खजूरिया काज़मी की सिंगल बेंच ने पाया कि SSP ने अपने डोज़ियर में लिखा था,"जब भी विषय (हिरासत में लिए गए व्यक्ति) को गिरफ़्तार किया गया, उसने अदालत से जमानत ले ली या हिरासत आदेश को चुनौती दी, क्योंकि वह प्रभाव...

सिर्फ़ संदेह के आधार पर जनप्रतिनिधि को निलंबित करना जनता के हितों के विपरीत : राजस्थान हाईकोर्ट
सिर्फ़ संदेह के आधार पर जनप्रतिनिधि को निलंबित करना जनता के हितों के विपरीत : राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने जैतारण नगरपालिका बोर्ड के चेयरमैन का निलंबन आदेश रद्द करते हुए कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि को बिना ठोस आरोप या प्रमाण के केवल संदेह या शिकायत के आधार पर निलंबित करना न केवल उसे चुनने वाली जनता की इच्छा के खिलाफ़ है, बल्कि उसके स्वयं के हितों को भी नुकसान पहुंचाता है।जस्टिस कुलदीप माथुर की सिंगल बेंच ने कहा कि जनप्रतिनिधि से अपेक्षा की जाती है कि वे शासकीय अधिकारियों की सलाह और रिपोर्ट के आधार पर कार्य करें। यदि कोई फ़ाइल अधिकारियों द्वारा जांच-परख कर रखी जाती है तो सामान्य...

अश्लील और यौन संकेतों वाले पोस्ट अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं: गौरव भाटिया के खिलाफ मानहानिपूर्ण पोस्ट हटाने का आदेश
अश्लील और यौन संकेतों वाले पोस्ट अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं: गौरव भाटिया के खिलाफ मानहानिपूर्ण पोस्ट हटाने का आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता गौरव भाटिया के खिलाफ सोशल मीडिया पर डाले गए दो मानहानिपूर्ण पोस्ट तत्काल हटाने का आदेश दिया। ये पोस्ट उनके हाल ही में एक टीवी डिबेट में शामिल होने के दौरान वायरल हुए वीडियो पर बनाए गए।जस्टिस अमित बंसल ने कहा कि किसी की गरिमा पर अश्लील और यौन संकेतों वाले शब्दों से हमला करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है।कोर्ट ने स्पष्ट किया,“प्रतिवादी नंबर 1 और 11 द्वारा किए गए पोस्ट इसी श्रेणी में आते हैं...

सुप्रीम कोर्ट ने सलमान रुश्दी की किताब द सैटेनिक वर्सेज पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने सलमान रुश्दी की किताब 'द सैटेनिक वर्सेज' पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय-ब्रिटिश उपन्यासकार सलमान रुश्दी की किताब "द सैटेनिक वर्सेज" पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर यह आदेश पारित किया, जिसमें दावा किया गया कि यह किताब ईशनिंदा और संविधान के अनुच्छेद 19(2) का उल्लंघन करती है।खंडपीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि रिट याचिका के माध्यम से याचिकाकर्ता अप्रत्यक्ष रूप से दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दे रहे हैं, जिसने किताब पर से प्रतिबंध हटा दिया था।जस्टिस...

सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट मामले में MLA अब्बास अंसारी की ज़मानत की शर्तों में ढील दी
सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट मामले में MLA अब्बास अंसारी की ज़मानत की शर्तों में ढील दी

गैंगस्टर एक्ट मामले में ज़मानत की शर्तों में ढील देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूपी विधायक अब्बास अंसारी को ट्रायल कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना उत्तर प्रदेश राज्य से बाहर यात्रा करने की अनुमति दी।अदालत ने कहा कि जब अंसारी राज्य से बाहर यात्रा करना चाहें तो उन्हें जांच अधिकारी को यात्रा स्थल और संपर्क विवरण सहित विस्तृत जानकारी देनी होगी। सार्वजनिक बयानों पर प्रतिबंध लगाने वाली ज़मानत की शर्तों के बारे में, राजनेता को सलाह दी गई कि लंबित मामलों पर बयान न दिए जाएं।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जयमाल्या...

सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत में मौत के मामले में फरार मध्य प्रदेश पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी के लिए CBI की समय-सीमा तय की
सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत में मौत के मामले में फरार मध्य प्रदेश पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी के लिए CBI की समय-सीमा तय की

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि वह 26 वर्षीय देवा पारधी की हिरासत में मौत के लिए कथित रूप से ज़िम्मेदार दो पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार करने में विफल रहने पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और मध्य प्रदेश राज्य के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​के आरोप तय करेगा और आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए उन्हें 7 अक्टूबर तक का समय दिया।कोर्ट ने कहा,"सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करें। अगर पालन नहीं किया जाता है तो हम जानते हैं कि पालन कैसे करवाया जाता है। हम न्यायालय की अवमानना ​​अधिनियम के...

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के जजों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने वाले न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी बरकरार रखी
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के जजों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने वाले न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी बरकरार रखी

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व न्यायिक अधिकारी की याचिका खारिज की, जिसे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस और जज के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के कारण सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की और टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता किसी भी सरकारी सेवा में रहने के लायक नहीं है, न्यायिक सेवा तो दूर की बात है।संक्षेप में मामलायाचिकाकर्ता प्रभाकर ग्वाल छत्तीसगढ़ में न्यायिक अधिकारी है। उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया, क्योंकि पूर्ण...

न्यूज़लॉन्ड्री और रविश कुमार ने अडानी एंटरप्राइजेज के साथ किया समझौता किया, हाईकोर्ट ने बंद की याचिकाएं
न्यूज़लॉन्ड्री और रविश कुमार ने अडानी एंटरप्राइजेज के साथ किया समझौता किया, हाईकोर्ट ने बंद की याचिकाएं

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार (26 सितंबर) को डिजिटल न्यूज प्लेटफ़ॉर्म न्यूज़लॉन्ड्री और पत्रकार रविश कुमार द्वारा दायर दो याचिकाओं को बंद किया। ये याचिकाएं केंद्र सरकार द्वारा जारी आदेश के खिलाफ थीं, जिसमें उन्हें अडानी ग्रुप से संबंधित कई रिपोर्ट और वीडियो हटाने को कहा गया। कोर्ट ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि पक्षकारों के बीच एक समझौता हो गया।जस्टिस सचिन दत्ता ने अडानी एंटरप्राइजेज द्वारा दोनों याचिकाओं में दायर आवेदन की अनुमति देते हुए याचिकाकर्ताओं को संशोधित पार्टी मेमो दाखिल करने को कहा।...

छत्तीसगढ़ मुठभेड़ में मारे गए कथित माओवादी के शव को सुप्रीम कोर्ट द्वारा बेटे की जांच याचिका पर फैसला आने तक सुरक्षित रखने का निर्देश
छत्तीसगढ़ मुठभेड़ में मारे गए कथित माओवादी के शव को सुप्रीम कोर्ट द्वारा बेटे की जांच याचिका पर फैसला आने तक सुरक्षित रखने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि छत्तीसगढ़ में कथित माओवादी कमांडर के रूप में मुठभेड़ में मारे गए कथा रामचंद्र रेड्डी के शव को तब तक मुर्दाघर में सुरक्षित रखा जाए, जब तक कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट उनके बेटे द्वारा मुठभेड़ के खिलाफ दायर रिट याचिका पर फैसला नहीं सुना देता।पुत्र राजा चंद्रा का आरोप है कि यह एक फर्जी मुठभेड़ थी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और कहा कि हाईकोर्ट ने पूजा की छुट्टियों के कारण बंद होने से पहले उनकी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार किया।जस्टिस दीपांकर दत्ता और...