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अस्पष्ट और सामान्य आरोप: सुप्रीम कोर्ट ने ससुराल वालों पर दर्ज वैवाहिक क्रूरता का मामला ख़ारिज किया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (26 सितंबर) को एक महिला के ससुराल पक्ष के खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही रद्द की। महिला ने अपने ससुर, सास और ननद पर घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए। अदालत ने पाया कि ये आरोप केवल अस्पष्ट और सामान्य थे और इनमें कोई ठोस तथ्य नहीं है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बी.आर. गवई, जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने अपील स्वीकार करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसने पहले इन आरोपों को ख़ारिज करने से इनकार कर दिया था।FIR में भारतीय...
दिल्ली हाईकोर्ट ने रिटायर्ड जज एमएम धोंचक की DRT से निलंबन पर लगाई मुहर, कहा- अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित
दिल्ली हाईकोर्ट ने एमएम धोंचक रिटायर न्यायिक अधिकारी और पूर्व प्रेसीडिंग ऑफिसर डेट्स रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT) चंडीगढ़, के निलंबन को बरकरार रखा। धोंचक पर व्यवहार संबंधी शिकायतों के चलते केंद्र सरकार ने 13 फरवरी 2023 को निलंबन का आदेश पारित किया।जस्टिस प्रतीक जालान ने धोंचक द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें निलंबन आदेश को चुनौती दी गई थी। साथ ही उन्होंने 13 मई 2024 को निलंबन अवधि बढ़ाने के आदेश को भी चुनौती देने वाली याचिका को खारिज किया।अदालत ने कहा कि इस मामले में पहले ही डिवीजन...
कर्मचारी की सज़ा अपने आप बर्खास्तगी का आधार नहीं, अनुशासनात्मक जांच ज़रूरी: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अहम फ़ैसले में कहा कि किसी सरकारी कर्मचारी को केवल दोषसिद्धि के आधार पर सेवा से बर्खास्त नहीं किया जा सकता। अनुशासनात्मक प्राधिकारी को या तो विभागीय जांच करनी होगी या फिर जांच न करने के ठोस कारण दर्ज करने होंगे।जस्टिस संदीप शर्मा ने HRTC (हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन) की दलील खारिज करते हुए कहा,“यद्यपि HRTC के वकील ने यह तर्क दिया कि नियम 19(1) किसी सरकारी सेवक को दोषसिद्धि पर स्वतः सेवा से हटाने की अनुमति देता है। हालांकि, यह अदालत सहमत नहीं है। पूरे नियम 19 का...
विजयदशमी पर सोनम रघुवंशी का पुतला जलाने की मांग, हाईकोर्ट ने लगाई रोक, कहा- लोकतंत्र में पूरी तरह अस्वीकार्य
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार (26 सितंबर) को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि विजयदशमी/दशहरे पर सोनम रघुवंशी का पुतला रावण के स्थान पर न जलाया जाए। सोनम रघुवंशी पर अपने पति की मेघालय में हनीमून के दौरान हत्या करने का आरोप है।जस्टिस प्रणय वर्मा ने कहा, “याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत पैम्फलेट और अन्य दस्तावेजों से स्पष्ट है कि प्रतिवादी नंबर 6 विजयदशमी पर 02.10.2025 को याचिकाकर्ता की पुत्री का पुतला रावण के स्थान पर जलाने का इरादा रखता है। यदि ऐसा है तो यह लोकतांत्रिक देश भारत में पूरी तरह...
S. 37 Provincial Insolvency Act | दिवालियापन के दौरान की गई वैध बिक्री ही दिवालियापन निरस्तीकरण के बाद सुरक्षित रहेगी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दिवालियापन की कार्यवाही के निरस्तीकरण के दिवालियापन अवधि के दौरान किए गए लेन-देन पर प्रभाव को स्पष्ट किया।यह मामला 1963 में स्थापित साझेदारी फर्म मेसर्स गविसिद्धेश्वर एंड कंपनी में शेयरधारिता को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद से उत्पन्न हुआ था। 1975 में एक साझेदार की मृत्यु के बाद उसके बेटे (अपीलकर्ता) और विधवा को भारी कर्ज के कारण दिवालिया घोषित कर दिया गया। दिवालियापन के दौरान, जिला कोर्ट ने अदालत द्वारा नियुक्त रिसीवर को निर्देश दिया कि वह मृतक साझेदार के फर्म में एक आना शेयर...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बांग्लादेशी बताकर निर्वासित किए गए लोगों को 4 सप्ताह के भीतर वापस लाने का आदेश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल के उन निवासियों को वापस लाने का निर्देश दिया, जिन्हें दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में बांग्लादेश निर्वासित कर दिया था।जस्टिस तपब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस रीतोब्रतो कुमार मित्रा ने चार सप्ताह के भीतर नागरिकों की वापसी का निर्देश दिया और कहा:"लोगों की जीवनशैली कानून की रूपरेखा तय करती है, न कि इसके विपरीत। कानून को संदर्भ से अलग नहीं किया जा सकता। मौलिक अधिकारों को नीरस, बेजान शब्दों की तरह नहीं पढ़ा जा सकता। यदि कोई अनियंत्रित या दिशाहीन शक्ति...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने UPPSC मुख्य परीक्षाएं निर्धारित समय पर आयोजित करने का निर्देश दिया, परिणाम अपील के परिणाम के अधीन
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सिंगल जज के उस आदेश पर रोक लगाई, जिसके तहत विभिन्न पदों के लिए UPPSC मुख्य परीक्षा प्रारंभिक परीक्षा की नई मेरिट सूची तैयार होने तक स्थगित कर दी गई थी।अतिरिक्त उल्लेख पर सिंगल जज के आदेश के विरुद्ध विशेष अपील पर सुनवाई करते हुए जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने कहा,“तथ्यों और परिस्थितियों तथा मामले की तात्कालिकता को ध्यान में रखते हुए अंतरिम उपाय के रूप में हम प्रावधान करते हैं कि 28.09.2025 को होने वाली मुख्य परीक्षा, निर्धारित कार्यक्रम के...
केवल व्यभिचार के आरोप के आधार पर पत्नी को पति की फैमिली पेंशन में अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में शुक्रवार को कहा कि किसी महिला पर केवल "व्यभिचार" का आरोप लगाने मात्र से उसे महाराष्ट्र सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1982 (MCSR) के तहत अपने मृत पति की फैमिली पेंशन में अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।इसलिए जस्टिस मनीष पिताले और जस्टिस यशवराज खोबरागड़े की खंडपीठ ने एक मृत व्यक्ति के भाई और माँ को कोई राहत देने से इनकार किया, जो अपनी पत्नी पर व्यभिचार का आरोप लगाने के बाद उससे अलग रह रहा था।जजों ने कहा कि MCSR के अनुसार, "भाई और माँ" जैसे रिश्ते "परिवार के...
Punjab Police Rules| राज्य पुलिस अधिकारी को एक महीने से ज़्यादा सश्रम कारावास की सज़ा सुनाए जाने पर बर्खास्तगी के अलावा कोई और सज़ा नहीं दे सकता: पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब पुलिस नियम (हरियाणा में लागू) (PPR) की विस्तृत व्याख्या करते हुए एक फैसले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार उन मामलों में सेवा से बर्खास्तगी के अलावा कोई और सज़ा नहीं दे सकती, जहां किसी पुलिस अधिकारी को एक महीने से ज़्यादा सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई गई हो। अदालत ने ज़ोर देकर कहा कि नियम ऐसी परिस्थितियों में अनुशासनात्मक प्राधिकारी को कोई विवेकाधिकार नहीं देते।जस्टिस जगमोहन बंसल ने उप-नियम (2) PPR 16.2 (2) का हवाला देते हुए कहा,"यदि किसी रजिस्टर्ड पुलिस अधिकारी को एक...
सिखों के खिलाफ टिप्पणी मामले में हाईकोर्ट ने राहुल गांधी को राहत देने से किया इनकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने वाराणसी कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें अमेरिका यात्रा के दौरान सिखों पर की गई कथित टिप्पणियों को लेकर उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया गया।जस्टिस समीर जैन की पीठ ने ट्रायल पुनर्विचार कोर्ट के आदेश में कोई अवैधता नहीं पाई और मामले को संबंधित मजिस्ट्रेट के पास वापस भेज दिया।सिंगल जज ने कहा,"...ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित मजिस्ट्रेट...
कई राज्यों में अलग-अलग लेन-देन से संबंधित FIR को एक साथ जोड़ना असंभव: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (26 सितंबर) को कहा कि विभिन्न गवाहों, कानूनों और साक्ष्यों से संबंधित देशव्यापी FIR को एक साथ जोड़ना अस्वीकार्य है। कोर्ट ने आगे कहा कि FIR को एक साथ जोड़ना तभी स्वीकार्य है, जब एक ही घटना/लेन-देन से संबंधित कई FIR दर्ज हों।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले में अपीलकर्ता के खिलाफ विभिन्न राज्यों में दर्ज कई FIR को एक साथ जोड़ने से इनकार किया, जिसमें विभिन्न स्थानीय कानून और गवाह शामिल हैं। अदालत...
सारंडा और सासंगदाबुरु वन्यजीव अभयारण्यों को अधिसूचित करने में देरी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार को फटकार लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सारंडा/सासंगदाबुरु वनों को वन्यजीव अभयारण्य और संरक्षण रिजर्व घोषित करने के अपने पिछले आश्वासनों का बार-बार पालन न करने पर झारखंड राज्य की खिंचाई की। अदालत ने कहा कि यदि इस मुद्दे पर पिछले आदेशों का अनुपालन अगली सुनवाई की तारीख से पहले नहीं किया जाता है तो राज्य के मुख्य सचिव को कारण बताना होगा कि उनके खिलाफ अवमानना का मुकदमा क्यों न चलाया जाए।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ टीएन गोदावर्मन मामले के तहत पर्यावरण संबंधी...
केंद्र ने अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणि का कार्यकाल दो साल के लिए बढ़ाया
केंद्र सरकार ने सीनियर एडवोकेट आर. वेंकटरमणि का अटॉर्नी जनरल के रूप में कार्यकाल 1 अक्टूबर, 2025 से दो साल के लिए बढ़ा दिया।विधि एवं न्याय मंत्रालय (विधि मामलों का विभाग) द्वारा शुक्रवार को जारी अधिसूचना में कहा गया:"राष्ट्रपति आर. वेंकटरमणि, सीनियर एडवोकेट को 01.10.2025 से दो साल की अतिरिक्त अवधि के लिए भारत के अटॉर्नी जनरल के रूप में पुनः नियुक्त करते हुए प्रसन्न हैं।"चार दशकों से अधिक के अनुभवी वकील वेंकटरमणि को पहली बार अक्टूबर 2022 में तीन साल के कार्यकाल के लिए अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया...
आजकल झूठी शिकायतों से सास और पति सतर्क, धारा 498A बेहद कठोर व दुरुपयोगी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक बार फिर आईपीसी की धारा 498A (अब भारत न्याय संहिता, 2023 की धारा 84) के दुरुपयोग पर चिंता जताई। यह मामला विवाह के डेढ़ महीने के भीतर पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा था।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि अक्सर पति और सास झूठी शिकायतों के डर में रहते हैं। जस्टिस नागरत्ना ने टिप्पणी की – “498A बहुत कठोर और अक्सर दुरुपयोग की जाने वाली धारा है। यह रिश्ते पर नींबू निचोड़ने जैसा असर डालती है।” कोर्ट ने पति, पत्नी और...
नजूल ज़मीन किसे कहते हैं?
भारत में किसी समय अंग्रेजों का शासन रहा है।अंग्रेजों के रूल्स भारत में चलते थे। शासन व्यवस्था अंग्रेजों के पास ही थी। अंग्रेजों के विरुद्ध कई भारतीयों ने विद्रोह किया है, जिन्हें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कहा गया। ऐसा विद्रोह सभी स्तर पर किया गया है। एक आम आदमी से लेकर एक राजा द्वारा भी विद्रोह किया गया है। अंग्रेजों के शासन के पहले भारत कोई एक देश नहीं था बल्कि अलग-अलग इलाकों पर अलग-अलग राजाओं की हुकूमत रहा करती थी, बहुत सारी रियासतें थी। इन रियासतों में कई रियासत अंग्रेजों का समर्थन करती थी और...
लाइसेंस के बगैर ब्याज पर उधार रुपये देना
अनेक लोग ऐसे होते हैं जिन्हें बैंक द्वारा लोन नहीं दिया जाता है, क्योंकि बैंक लोन लेने के लिए जिन शर्तों को लगाती है, वे लोग इन शर्त को पूरी नहीं कर पाते हैं, बैंक उन्हें लोन लेने का पात्र नहीं मानती है। बैंक की ऐसी शर्त की पूर्ति नहीं करने के कारण व्यक्ति कर्ज़ लेने के लिए निजी लोगों के पास जाता है।ब्याज़ से संबंधित कोई भी काम करने के लिए मनी लेंडिंग एक्ट के अंतर्गत सरकार द्वारा स्थापित संस्था से लाइसेंस लेना होता है। अलग-अलग प्रदेशों में साहूकार अधिनियम भी होता है। इस साहूकार अधिनियम के अंतर्गत...
WB Universities VC Appointments: सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री से समिति की सिफारिशों पर आपत्तियों के कारण बताने को कहा
पश्चिम बंगाल के विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री से कहा कि वे नियुक्ति के लिए खोज-सह-चयन समिति द्वारा अनुशंसित कुछ उम्मीदवारों के बारे में अपनी आपत्तियों, यदि कोई हों, के पीछे के कारण अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की।इससे पहले, न्यायालय ने जुलाई में जारी निर्देशों में संशोधन किया और शेष 15 विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्तियों के संबंध में अपनी...
इलाहाबाद हाईकोर्ट को मिले 24 नए जज, केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना
केंद्र सरकार ने आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में 10 वकीलों और 14 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति न्यायाधीश के रूप में अधिसूचित की है।24 नियुक्त व्यक्तियों में से तीन—सीनियर एडवोकेट गरिमा प्रसाद, स्वरूपमा चतुर्वेदी और अभदेश कुमार चौधरी—सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं।नियुक्त व्यक्तियों की सूची:वकील (10):1. विवेक सरन2. विवेक कुमार सिंह3. गरिमा प्रसाद4. सुधांशु चौहान5. अभदेश कुमार चौधरी6. स्वरूपमा चतुर्वेदी7. सिद्धार्थ नंदन8. कुनाल रवि सिंह9. इंद्रजीत शुक्ला10. सत्यवीर सिंहन्यायिक अधिकारी (14):11. डॉ....
राम रहीम मामला: 'क्या 2017 पंचकूला डेरा हिंसा में हरियाणा सरकार की मिलीभगत थी?' हाईकोर्ट में हुई सुनवाई
2017 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बलात्कार मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद पंचकूला में हुई हिंसा (25 अगस्त 2017) में 32 लोगों की मौत हुई और लगभग ₹118 करोड़ की संपत्ति नष्ट हुई। अब हाईकोर्ट इस पर सुनवाई करेगा कि क्या हरियाणा सरकार ने भीड़ रोकने में नाकामी दिखाई या डेरे समर्थकों को राजनीतिक कारणों से मदद दी।चीफी जस्टिस शील नागू, जस्टिस स. भारद्वाज और जस्टिसि क्रम अग्रवाल की खंडपीठ अमिकस क्यूरी सीनियर एडवोकेट अनुपम गुप्ता की दलीलें सुन रही थी। उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया कि 2017...
NEET PG 2025: Answer key प्रकाशित करने वाली 3 याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने आज (26 सितंबर) तीन याचिकाओं में नोटिस जारी किया, जिनमें NEET-PG परीक्षा में उत्तर कुंजी (Answer Keys) प्रकाशित करने की मांग की गई है।जस्टिस जे.बी. परदिवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट को बताया गया कि परीक्षा में 2 लाख से अधिक छात्र उपस्थित हुए थे, और मेघराज रॉय की याचिका में 20 याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट का रुख किया है, जिसमें केवल प्रश्न और उत्तर कुंजी के खुलासे की मांग नहीं बल्कि पारदर्शिता (Transparency) से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए हैं। इस पर...




















