सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना सरकार की याचिका खारिज की, 2015 कैश-फॉर-वोट केस में एक आरोपी को राहत

  • सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना सरकार की याचिका खारिज की, 2015 कैश-फॉर-वोट केस में एक आरोपी को राहत

    सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (26 सितंबर) को 2015 के तेलंगाना कैश-फॉर-वोट्स घोटाले में आरोपी जेरूसलम मैथाई पर लगे आरोपों को खारिज करने के हाईकोर्ट के फैसले को बनाए रखा।

    चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने तेलंगाना सरकार द्वारा 2016 में दाखिल विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया। इसी तरह, एल्विस स्टीफेंसन की हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका भी खारिज हुई।

    मामला 2015 में विधान परिषद चुनाव के दौरान तत्कालीन उम्मीदवार एल्विस स्टीफेंसन को टीडीपी के पक्ष में वोट देने के लिए रिश्वत देने के आरोप से जुड़ा था। मुख्यमंत्री रेवंथ रेड्डी (तत्कालीन टीडीपी सदस्य) भी इस मामले के आरोपी हैं।

    CBI की जांच में पाया गया कि मैथाई ने शिकायतकर्ता को 50 लाख रुपए की रिश्वत दी थी और अन्य आरोपियों के संपर्क में था। हाईकोर्ट ने कहा कि मैथाई के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला, इसलिए मामला खारिज किया।

    राज्य ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए कहा कि अदालत ने उपलब्ध सबूतों और अन्य आरोपियों से जुड़े तथ्यों को नजरअंदाज किया। साथ ही, मैथाई घटना के दिन से फरार रहा, जिससे उसका बयान नहीं लिया जा सका।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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