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सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की वकील की याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (6 अक्टूबर) को एडवोकेट मैथ्यूज जे. नेदुम्परा द्वारा दायर रिट याचिका खारिज की, जिसमें अदालती कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग के संरक्षण को सुनिश्चित करने और वकीलों व वादियों को अधिकार के रूप में उन्हें सुलभ बनाने के निर्देश देने की मांग की गई। याचिका इस तर्क पर आधारित थी कि इस तरह के उपाय से "वकीलों और वादियों के साथ दुर्व्यवहार" को रोकने में मदद मिलेगी और वकील की स्थिति की परवाह किए बिना सुनवाई के समान अवसर की गारंटी मिलेगी।जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ ने...
NEET-PG : सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए आरक्षण पर केंद्र और राज्यों से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने दो ट्रांसजेंडर व्यक्तियों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की, जिसमें 2014 के NALSA फैसले के अनुसार NEET-PG परीक्षा में आरक्षण की मांग की गई। इस फैसले में निर्देश दिया गया कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग माना जाए और शैक्षणिक संस्थानों में सभी प्रकार के आरक्षण का विस्तार किया जाए। कोर्ट ने उन राज्यों से, जिन्होंने अभी तक हलफनामा दाखिल नहीं किया, हलफनामा दाखिल करने को कहा, जिसमें यह बताया जाए कि वे ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए क्षैतिज आरक्षण कब तक...
शराब लाइसेंस मामले में FIR के खिलाफ समीर वानखेड़े की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने नया नोटिस जारी किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को विवादास्पद IRS अधिकारी समीर वानखेड़े द्वारा 2022 में दायर याचिका पर नया नोटिस जारी किया। इस याचिका में नवी मुंबई में एक होटल शुरू करने के लिए शराब लाइसेंस प्राप्त करने हेतु अपनी उम्र कथित रूप से गलत बताने के आरोप में उनके खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की मांग की गई। वानखेड़े ने नाबालिग रहते हुए नवी मुंबई में एक होटल शुरू करने के लिए शराब लाइसेंस प्राप्त किया।बता दें, ठाणे के कोपरी पुलिस स्टेशन ने वानखेड़े के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 181 (लोक सेवक को झूठा...
हाईकोर्ट ने जयपुर राजपरिवार के उत्तराधिकारियों को याचिका से 'महाराज' और 'राजकुमारी' उपसर्ग हटाने का आदेश दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर के पूर्व राजपरिवार के वंशजों को निर्देश दिया कि वे याचिकाकर्ताओं और प्रतिवादियों के नाम से "महाराज" और "राजकुमारी" उपसर्ग हटाएं, जैसा कि याचिका के शीर्षक में उल्लेखित है। ऐसा न करने पर याचिका खारिज कर दी जाएगी।अदालत महाराज पृथ्वीराज और महाराज जगत सिंह द्वारा अपने कानूनी प्रतिनिधियों के माध्यम से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल ने कहा:"याचिकाकर्ताओं के सीनियर एडवोकेट ने याचिकाकर्ताओं और प्रतिवादियों के नाम से "महाराज" और "राजकुमारी" उपसर्ग...
व्हाट्सएप मैसेज पर न्यायिक अधिकारी पर लगाया राजद्रोह का आरोप, हाईकोर्ट ने तय किए अवमानना के आरोप
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक अवमानना के आरोप तय किए, जो प्रथम दृष्टया वकीलों के बीच एक व्हाट्सएप मैसेज प्रसारित करने का दोषी पाया गया, जिसमें बस्ती में तैनात एडिशनल जिला जज पर फर्जी और जाली आदेश पत्र लिखने के लिए रिश्वत लेने और देशद्रोह करने का आरोप लगाया गया।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि कथित अवमाननाकर्ता (कृष्ण कुमार पांडे) पर न्यायालय की अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 2(सी) के अंतर्गत अदालत की प्रतिष्ठा को...
Section 336(2) Municipalities Act | ट्रांसफर ऑर्डर के लिए अधिकारी की सहमति आवश्यक नहीं, प्रतिनियुक्ति से भिन्न: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य नगर पालिका अधिनियम, 2009 की धारा 336(2) के अंतर्गत ट्रांसफर ऑर्डर प्रतिनियुक्ति के माध्यम से ट्रांसफर नहीं माना जा सकता, क्योंकि इस प्रावधान में अधिकारी की सहमति का प्रावधान नहीं है, जो प्रतिनियुक्ति के लिए आवश्यक है।अदालत ने कहा कि धारा 336(2) के अंतर्गत आदेश जारी होने के बाद अधिकारी/कर्मचारी के पास स्थानांतरित स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता।बता दें, धारा 336 किसी अधिकारी या सरकारी कर्मचारी के नगर पालिका से दूसरी नगर पालिका में...
'7 साल की उम्र में सबसे कम उम्र का सर्जन, 12 साल की उम्र में IIT': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने CBSE की याचिका पर विचार करते हुए प्रतिभाशाली बच्चों का हवाला दिया
क्लास 9 में 10 साल के एक बच्चे को दिए गए अस्थायी एडमिशन के खिलाफ CBSE की अपील पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (6 अक्टूबर) को असाधारण प्रतिभाओं का संज्ञान लिया और 7 साल की उम्र में सबसे कम उम्र का सर्जन बनने वाले एक बच्चे और 12 साल की उम्र में IIT में पढ़ने वाले एक बच्चे का उदाहरण दिया।इस प्रकार, अदालत ने असाधारण प्रतिभा के मामलों में कठोर आयु सीमा लगाने के औचित्य पर सवाल उठाया और केंद्र सरकार को संबंधित मंत्रालय से निर्देश प्राप्त करने के लिए समय दिया।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस...
पीड़िता का आरोपी से परिचित होना और स्वेच्छा से उसके कमरे में जाना, उसे यौन उत्पीड़न के लिए ज़िम्मेदार ठहराने का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि किसी महिला का आरोपी से परिचित होना, उसे आरोपी द्वारा उसके साथ किए गए कथित यौन उत्पीड़न के लिए ज़िम्मेदार ठहराने का कोई आधार नहीं है।जस्टिस अमित महाजन ने कहा,"सिर्फ़ इसलिए कि पीड़िता आरोपी को जानती थी या उसके साथ उसके मधुर संबंध थे, उसे यौन उत्पीड़न के लिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।"अदालत एक पत्रकार और जेएनयू की पीएचडी स्टूडेंट शिकायतकर्ता द्वारा दायर याचिका पर विचार कर रही थी, जिसमें उसने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें बलात्कार के मामले में आरोपी को...
सॉलिसिटर जनरल ने चीफ जस्टिस बीआर गवई पर वकील के हमले की निंदा की
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आज (सोमवार) तड़के वकील राकेश किशोर द्वारा चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई पर कोई वस्तु फेंकने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना की निंदा की है।एक बयान में उन्होंने कहा कि यह घटना सोशल मीडिया पर फैलाई गई गलत सूचना का परिणाम है। उन्होंने चीफ जस्टिस की शांत प्रतिक्रिया की सराहना की।एसजी मेहता ने कहा,"चीफ जस्टिस की अदालत में आज की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और निंदा के योग्य है। यह सोशल मीडिया पर फैलाई गई गलत सूचना का परिणाम है। यह वास्तव में उत्साहजनक है कि सीजेआई ने देश के...
SCBA ने CJI गवई पर हमला करने वाले वकील पर कार्रवाई पर विचार किया
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने आज एक बयान जारी कर भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई पर उसके अस्थायी सदस्य अधिवक्ता द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा की है। एससीबीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह संबंधित अधिवक्ता राकेश किशोर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार कर रही है, जिसने अदालत की कार्यवाही के दौरान मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की कोशिश की थी।बयान में कहा गया कि यह हमला खजुराहो मंदिर श्रृंखला (मध्य प्रदेश) के जवाड़ी मंदिर में स्थित 7 फीट ऊँची विष्णु प्रतिमा के पुनर्निर्माण से...
कांग्रेस अध्यक्ष, तमिलनाडु व केरल के मुख्यमंत्रियों ने सुप्रीम कोर्ट में CJI बी. आर. गवई पर हमले की कड़ी निंदा की
एक चौंकाने वाली घटना में सुप्रीम कोर्ट के भीतर भारत के CJI बी. आर. गवई पर हमला करने की कोशिश की गई। एक वकील ने कार्यवाही के दौरान मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उसे तुरंत काबू में कर लिया।इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश फैला दिया और राजनीतिक दलों के नेताओं ने इसकी कड़ी निंदा की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस घटना को “अभूतपूर्व, शर्मनाक और घृणित” करार देते हुए कहा कि यह “हमारी न्यायपालिका और कानून के शासन की गरिमा पर हमला” है। उन्होंने कहा कि एक...
BREAKING| सीजेआई गवई पर हमले का प्रयास करने वाले वकील को BCI ने किया निलंबित
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई पर आज (सोमवार) सुबह हुए हमले के प्रयास के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने दोषी वकील का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने का प्रयास करने वाले वकील राकेश किशोर को निलंबित कर दिया गया।BCI द्वारा जारी आधिकारिक प्रैक्टिस निलंबन आदेश में कहा गया:यह अंतरिम आदेश एडवोकेट एक्ट, 1961 और BCI के व्यावसायिक आचरण और शिष्टाचार मानकों पर नियमों के अध्याय II (भाग VI), विशेष रूप से धारा I, नियम 1, 2 और 3 के तहत जारी किया गया, जो यह अनिवार्य...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने घरेलू टूर्नामेंट खेलने के इच्छुक OCI क्रिकेटरों को अंतरिम राहत देने से इनकार किया
यह देखते हुए कि OCI कार्डधारकों को भारत में घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंटों में खेलने की अनुमति देना भारतीय नागरिकों की कीमत पर होगा, बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में भारतीय प्रवासी नागरिकों (OCI) के एक समूह को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उस प्रस्ताव को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें ऐसे टूर्नामेंटों में भाग लेने से प्रतिबंधित किया गया।जस्टिस एम एस सोनक और जस्टिस अद्वैत एम सेठना की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने स्पष्ट मनमानी का मामला नहीं बनाया या...
सुप्रीम कोर्ट ने सेंथिल बालाजी की मंत्री पद से इस्तीफे वाले आदेश के खिलाफ दायर अर्जी खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने आज तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी की उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया जिसमें उन्होंने अदालत द्वारा की गई उन टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटाने (expunge) की मांग की थी, जिनकी वजह से उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।अप्रैल में, जस्टिस ए.एस. ओका और जस्टिस ए.जी. मसीह की खंडपीठ ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत मिलने के तुरंत बाद मंत्री पद संभालने पर बालाजी की कड़ी आलोचना की थी। न्यायमूर्ति ओका की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मौखिक रूप से चेतावनी दी थी कि यदि...
डिजिटल धोखाधड़ी के मामले बढ़े, अपराधियों ने कानून से बचने के लिए तकनीक का किया दुरुपयोग: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी और फ्रॉड के मामले में आरोपी को पूर्व गिरफ्तारी जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि डिजिटल फ्रॉड के मामले बढ़ रहे हैं और तकनीक का दुरुपयोग अपराधियों द्वारा कानून से बचने के लिए किया जा रहा है।जस्टिस अमित महाजन ने कहा, “यह मामले गंभीर डिजिटल धोखाधड़ी से जुड़े हैं, जिसमें जटिल तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल करके भोले-भाले पीड़ितों को ठगा गया। ऐसे अपराध बढ़ रहे हैं और इन्हें पकड़ना कठिन है क्योंकि तकनीक का गलत इस्तेमाल करके अपराधी कानून को चकमा देते हैं। जांच एजेंसी का काम...
अवैध हिरासत आदेश को मंज़ूरी देने पर MP हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को फटकारा, जुर्माने की चेतावनी
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक पिता की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के प्रति कड़ी नाराज़गी व्यक्त की। यह याचिका बेटे की अवैध हिरासत से संबंधित थी। कोर्ट ने पाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत पारित हिरासत आदेश में तथ्यात्मक गलतियां होने के बावजूद राज्य सरकार ने उसे मंज़ूरी दी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार ने बिना किसी विवेक के इस्तेमाल के आदेश को अनुमोदित किया।जस्टिस विवेक अग्रवाल और अवनिंद्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि अगर राज्य सरकार आदेश को पढ़ने की...
बार एसोसिएशन के सदस्यों को हटाने को चुनौती देने वाली राज्य बार काउंसिल के समक्ष याचिका सुनवाई योग्य नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि एक बार एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा अपने अवैध निष्कासन के खिलाफ उत्तर प्रदेश राज्य बार काउंसिल के समक्ष दायर याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने नरेश कुमार मिश्रा और तीन अन्य द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया, जिन्हें एकीकृत बार एसोसिएशन, माटी, कानपुर देहात की आम सभा के सदस्यों के पद से हटा दिया गया।याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट के समक्ष उत्तर प्रदेश राज्य बार काउंसिल (प्रतिवादी नंबर 1) द्वारा...
मामले में बाद के वकील की अलग राय गवाह को वापस बुलाने का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में आगे अभियोजन कैसे किया जाए इस बारे में बाद के वकील की अलग राय CrPC की धारा 311 के तहत गवाह को वापस बुलाने का आधार नहीं है।जस्टिस अमित महाजन ने कहा,"CrPC की धारा 311 के तहत शक्ति का प्रयोग इतनी देरी से केवल वकील बदलने के कारण नहीं किया जा सकता। मामले में अभियोजन कैसे किया जाए, इस बारे में बाद के वकील की अलग राय गवाह को वापस बुलाने का कानूनी आधार नहीं हो सकती।"अदालत ने आगे कहा,"अगर इस तरह की दलीलों को स्वीकार कर लिया जाता है तो मुकदमा एक अंतहीन प्रयास होगा,...
सीलबंद संपत्ति से छेड़छाड़ और विलंब के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने 25 लाख का भारी जुर्माना लगाया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में यह स्पष्ट किया कि कोई भी अधिभोगी (Occupant) जो कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त किरायेदार नहीं है। उसे मालिक की अनुमति के बिना परिसर में किसी भी तरह के तीसरे पक्ष के अधिकार बनाने या सौंपने का कोई हक़, शीर्षक या हित नहीं है।जस्टिस कमल खाता ने ऑटो क्रेडिट कॉर्पोरेशन और रेखा प्रकाश जैन के आचरण पर गंभीर संज्ञान लिया। इन दोनों ने सील की गई संपत्ति में हस्तक्षेप करने और वसीयत संबंधी कार्यवाही में देरी करने की कोशिश की। कोर्ट ने न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग के लिए...
इलाहाबाद हाईकोर्ट में गांधी जयंती समारोह, सीनियर जज ने महात्मा के दूरदर्शी कानूनी फैसलों पर ज़ोर दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गरिमापूर्ण समारोह के साथ गाँधी जयंती मनाई, जिसमें राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर लखनऊ बेंच के माननीय सीनियर जज रजिस्ट्री के अधिकारी और हाईकोर्ट के कर्मचारी उपस्थित रहे।लखनऊ बेंच के सीनियर जज मिस्टर राजन रॉय ने समारोह की अध्यक्षता की। कार्यक्रम की शुरुआत जस्टिस रॉय द्वारा महात्मा गाँधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई, जिसके बाद राष्ट्रीय गान गाया गया।अपने संबोधन में जस्टिस रॉय ने गाँधीवादी दर्शन की...




















