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करिश्मा कपूर के बच्चों ने वसीयत में अपने सर्वमानों के लिंग पर उठाए सवाल, बुधवार को भी जारी रहेगी सुनवाई
करिश्मा कपूर के बच्चों ने वसीयत में अपने सर्वमानों के 'लिंग' पर उठाए सवाल, बुधवार को भी जारी रहेगी सुनवाई

एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों ने मंगलवार (14 अक्टूबर) को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि उनके दिवंगत पिता उद्योगपति संजय कपूर की कथित वसीयत में कुछ महत्वपूर्ण स्थानों पर 'वसीयतकर्ता' शब्द के स्त्रीलिंग रूप का प्रयोग किया गया। सात ही मृतक की "बुद्धि" को देखते हुए यह संभव नहीं है कि वसीयत पर उनके पिता के हस्ताक्षर हों।जस्टिस ज्योति सिंह वादी समायरा कपूर और उनके भाई के उस मुकदमे की सुनवाई कर रही हैं, जिसमें उन्होंने अपने दिवंगत पिता की निजी संपत्ति में हिस्सेदारी की मांग की। एक्ट्रेस के बच्चों ने...

पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट पहुंचे ऋतिक रोशन, कल होगी सुनवाई
पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट पहुंचे ऋतिक रोशन, कल होगी सुनवाई

बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया।इस मामले की सुनवाई बुधवार को जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा करेंगे।नामित प्रतिवादियों के अलावा, जॉन डोज़ और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी मुकदमा दायर किया गया।एक्टर ने अपने व्यक्तित्व या प्रचार अधिकारों की सुरक्षा की मांग की, जिसमें उनका नाम, आवाज़, छवि, समानता और कई अन्य विशेषताएं शामिल हैं।रोशन ने आरोप लगाया कि आर्थिक लाभ के लिए तीसरे पक्ष द्वारा उनके व्यक्तित्व अधिकारों का अनधिकृत उपयोग...

सुप्रीम कोर्ट ने ICU और CCU मानक पालन में ढुलमुल रवैये पर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य अधिकारियों को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने ICU और CCU मानक पालन में ढुलमुल रवैये पर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य अधिकारियों को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (13 अक्टूबर) को 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी किया और उन्हें 20 नवंबर, 2025 को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया। यह नोटिस इसलिए जारी किया गया क्योंकि उन्होंने ICU और CCU के लिए देशव्यापी मानक बनाने संबंधी अदालत के निर्देशों का “ढुलमुल” पालन किया।अदालत ने कहा कि किसी अधिकारी की व्यस्तता या मीटिंग बहाना स्वीकार नहीं होगा। साथ ही, अगर 20 नवंबर तक रिपोर्ट नहीं आती या ढुलमुल तरीके से आती है,...

सुप्रीम कोर्ट ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के बाद उत्तर कुंजी प्रकाशित करने के UPSC के निर्णय की सराहना की
सुप्रीम कोर्ट ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के बाद उत्तर कुंजी प्रकाशित करने के UPSC के निर्णय की सराहना की

सुप्रीम कोर्ट ने आज (14 अक्टूबर) संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के उत्तर कुंजी (Answer Keys) परीक्षा के तुरंत बाद प्रकाशित करने के निर्णय से अपनी संतुष्टि व्यक्त की।यह नीति परिवर्तन हाल ही में UPSC द्वारा एक हलफनामे (Affidavit) में प्रस्तुत किया गया, जो एक रिट याचिका के जवाब में दायर किया गया था। याचिका में सिविल सेवा परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के उपायों की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं की राहत के संबंध में, अदालत ने मामला निपटाते हुए उन्हें संबंधित...

किरायेदारी के दौरान जालसाजी के आरोप पर भी किरायेदार मकानमालिक के स्वामित्व से इनकार नहीं कर सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
किरायेदारी के दौरान जालसाजी के आरोप पर भी किरायेदार मकानमालिक के स्वामित्व से इनकार नहीं कर सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की है कि किराएदारी की अवधि के दौरान किरायेदार मकानमालिक के स्वामित्व (टाइटल) से इनकार नहीं कर सकता, भले ही जालसाजी (forgery) के आरोप लगाए गए हों।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस शैल जैन की खंडपीठ ने कहा, “एक बार जब किरायेदार को कब्जे में लिया गया हो, तो वह किराएदारी की अवधि के दौरान मकानमालिक के स्वामित्व से इनकार नहीं कर सकता। यहां तक कि जब जालसाजी के आरोप लगाए जाते हैं, तब भी विश्वसनीय साक्ष्य की अनुपस्थिति या अन्य कानूनी उत्तराधिकारियों द्वारा चुनौती न दिए जाने...

शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल की ज़मानत के खिलाफ याचिका पर बहस के लिए ED को मिला आखिरी मौका
शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल की ज़मानत के खिलाफ याचिका पर बहस के लिए ED को मिला आखिरी मौका

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) को कथित शराब नीति घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल को दी गई ज़मानत के खिलाफ अपनी याचिका पर बहस करने का "आखिरी और निर्णायक मौका" दिया।जस्टिस रविंदर डुडेजा ने यह आदेश तब दिया, जब ED की ओर से पेश हुए वकील ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू की अनुपलब्धता का हवाला देते हुए सुनवाई स्थगित करने की मांग की, जो सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस की पीठ के समक्ष एक मामले में व्यस्त थे।केजरीवाल की ओर से पेश सीनियर...

शरजील इमाम ने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के दायर अंतरिम जमानत याचिका वापस ली
शरजील इमाम ने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के दायर अंतरिम जमानत याचिका वापस ली

शरजील इमाम ने मंगलवार को दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश मामले में अंतरिम जमानत मांगने वाली अपनी याचिका दिल्ली की एक अदालत से वापस ले ली। उन्होंने यह याचिका आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में बहादुरगंज विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने के लिए दायर की थी।कारकर्डूमा अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) समीर बाजपेयी ने इमाम को याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। इमाम की ओर से अधिवक्ता अहमद इब्राहिम ने पेश होकर याचिका वापस लेने की प्रार्थना की और कहा कि इसमें कुछ तकनीकी समस्या...

सहारा कंपनी की संपत्तियां अडानी प्रॉपर्टीज को बेचने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और SEBI से मांगा जवाब
सहारा कंपनी की संपत्तियां अडानी प्रॉपर्टीज को बेचने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और SEBI से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (14 अक्टूबर) को केंद्र सरकार और सेबी (SEBI) से सहारा इंडिया कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा दायर उन आवेदनों पर जवाब मांगा है, जिनमें महाराष्ट्र स्थित अम्बी वैली और लखनऊ स्थित सहारा सिटी सहित 88 संपत्तियों को अदाणी प्रॉपर्टीज प्रा. लि. को बेचने की अनुमति मांगी गई है।न्यायालय ने सहारा को निर्देश दिया कि वह अपने आवेदन में वित्त मंत्रालय और कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) को पक्षकार बनाए। चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस...

साइबर अपराध जांच में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य परीक्षकों की कमी पर चिंता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
साइबर अपराध जांच में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य परीक्षकों की कमी पर चिंता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के लिए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य परीक्षकों की अनुपस्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि इस कमी के कारण कानून प्रवर्तन और न्यायिक प्राधिकरणों की साइबर अपराधों से तुरंत निपटने की क्षमता बाधित हो रही है।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें राज्य के लिए पर्याप्त संख्या में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य परीक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई।कोर्ट ने खेद व्यक्त करते हुए कहा,"यह वास्तव में एक महत्वपूर्ण चिंता का...

9 महीने की गर्भवती रेप पीड़िता को गर्भपात की अनुमति देने से एमपी हाईकोर्ट का इनकार, जन्म के 15 दिन बाद बच्चे को CWC को सौंपने का निर्देश
9 महीने की गर्भवती रेप पीड़िता को गर्भपात की अनुमति देने से एमपी हाईकोर्ट का इनकार, जन्म के 15 दिन बाद बच्चे को CWC को सौंपने का निर्देश

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रेप पीड़िता की 9 माह की गर्भावस्था को समाप्त करने की अनुमति देने से इनकार किया। कोर्ट ने यह देखते हुए फैसला सुनाया कि भ्रूण जीवित स्थिति में है और इस अवस्था में गर्भपात करने से पीड़िता के जीवन को खतरा हो सकता है।कोर्ट ने साथ ही यह निर्देश भी दिया कि बच्चे के जन्म के 15 दिनों के भीतर बाल कल्याण समिति (CWC) उसकी कस्टडी ले ले और बच्चे के पालन-पोषण के लिए हर देखभाल और सावधानी बरते।जस्टिस विशाल मिश्रा की पीठ ने अवलोकन किया,"गर्भावस्था को समाप्त करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।...

नागरिकता अधिनियम की अंतिम तारीख: धारा 3 और धारा 6ए पर सुप्रीम कोर्ट के संतुलनकारी निर्णय का विश्लेषण
नागरिकता अधिनियम की अंतिम तारीख: धारा 3 और धारा 6ए पर सुप्रीम कोर्ट के संतुलनकारी निर्णय का विश्लेषण

कानूनी पहलुओं पर चर्चा करने से पहले, असम के विशिष्ट इतिहास और राजनीतिक स्थिति को समझना आवश्यक है। भारत में अद्वितीय यह संदर्भ, 26 जनवरी, 1950 को राज्य के गठन के बाद से इन मुद्दों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्यसदियों से, विभिन्न जातीय समूहों ने अलग-अलग समय पर असम में प्रवेश किया है। असम में सबसे पहले प्रवेश का श्रेय उत्तर भारत से आए इंडो-आर्यों को दिया जाता है, जो तीसरी शताब्दी ईस्वी के दौरान वर्मन शासन के दौरान ब्रह्मपुत्र घाटी में प्रवास कर गए थे। एक और उल्लेखनीय प्रवास कुछ...

चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली समिति से सीजेआई को हटाने के मामले पर 11 नवंबर को होगी सुनवाई
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली समिति से सीजेआई को हटाने के मामले पर 11 नवंबर को होगी सुनवाई

मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 11 नवंबर को सुनवाई करेगा। बता दें, इस अधिनियम के तहत चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली समिति से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) को हटा दिया गया था।यह मामला जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध था, जो समय की कमी के कारण अपनी बारी आने पर इस पर सुनवाई नहीं कर सकी। जब याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट प्रशांत भूषण ने इसका उल्लेख किया तो मामला 11 नवंबर के लिए सूचीबद्ध हो...

UAPA ट्रिब्यूनल के कार्य सिविल कोर्ट के समान क्यों नहीं हैं? दिल्ली हाईकोर्ट ने PFI मामले में दिया जवाब
UAPA ट्रिब्यूनल के कार्य सिविल कोर्ट के समान क्यों नहीं हैं? दिल्ली हाईकोर्ट ने PFI मामले में दिया जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गठित ट्रिब्यूनल (UAPA Tribunal) के कार्यों को एक सिविल कोर्ट के कार्यों के बराबर नहीं माना जा सकता।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गडेला की खंडपीठ ने कहा कि UAPA ट्रिब्यूनल का कार्य केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए संदर्भ पर निर्णय लेना है कि क्या किसी संगठन को गैरकानूनी घोषित करने का पर्याप्त कारण मौजूद है या नहीं। ट्रिब्यूनल का कार्यक्षेत्र किसी सिविल कोर्ट की तरह पक्षों के बीच विवाद (lis) का...

विलंब माफ़ी के बाद निचली अदालत सीमा अवधि पर दोबारा विचार नहीं कर सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
विलंब माफ़ी के बाद निचली अदालत सीमा अवधि पर दोबारा विचार नहीं कर सकती: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांत को स्थापित करते हुए कहा कि एक बार जब हाई कोर्ट द्वारा किसी मामले में सीमा अवधि से हुई देरी को माफ कर दिया जाता है तो जिला अदालत उसी मुद्दे पर पुनर्विचार नहीं कर सकती है। कोर्ट ने यह फैसला दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL) द्वारा दायर एक अपील को खारिज करते हुए दिया जिसमें DTL ने हिंदुस्तान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पक्ष में दिए गए मध्यस्थ निर्णय को चुनौती दी।जस्टिस अनिल क्षेतरपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने मध्यस्थता और सुलह अधिनियम...

NDPS Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा छापा मारने वाली टीम और शिकायतकर्ता के कॉल रिकॉर्ड्स पेश करने पर रोक नहीं, बशर्ते गोपनीयता बनी रहे
NDPS Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा छापा मारने वाली टीम और शिकायतकर्ता के कॉल रिकॉर्ड्स पेश करने पर रोक नहीं, बशर्ते गोपनीयता बनी रहे

दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस अधिनियम (NDPS Act) के मामलों में छापा मारने वाली टीम के सदस्यों और पुलिस शिकायतकर्ता के कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDRs) और लोकेशन चार्ट पेश करने पर कोई रोक नहीं है बशर्ते उनकी सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित की जाए।जस्टिस रविंदर डुडेजा ने कहा,"CDRs/लोकेशन चार्ट को कोर्ट के सामने उचित चरण में पेश करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है, जबकि छापा मारने वाली टीम के सदस्यों और पुलिस शिकायतकर्ता की सुरक्षा और गोपनीयता के...