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अंतरिम निषेधाज्ञा पर केवल नोटिस जारी करने का आदेश अपील योग्य नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट का स्पष्ट निर्देश
अंतरिम निषेधाज्ञा पर केवल नोटिस जारी करने का आदेश अपील योग्य नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट का स्पष्ट निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में यह साफ कर दिया कि अंतरिम निषेधाज्ञा (इंजंक्शन) के लिए दायर आवेदन पर केवल नोटिस जारी करने का आदेश न तो निषेधाज्ञा देने के समान है और न ही उसे अस्वीकार करने के रूप में देखा जा सकता है। अदालत ने कहा कि ऐसा आदेश न तो अंतिम निर्णय है और न ही अपील योग्य, इसलिए इसे वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015 की धारा 13 के तहत चुनौती नहीं दी जा सकती।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने यह फैसला परपेचुअल विज़न एलएलपी एवं अन्य द्वारा दायर अपील खारिज करते हुए...

हेड कॉन्स्टेबल पर रिश्वत लेते दिखाने वाले एडिटिड वीडियो मामले में पत्रकार को मिली अग्रिम ज़मानत
हेड कॉन्स्टेबल पर रिश्वत लेते दिखाने वाले एडिटिड वीडियो मामले में पत्रकार को मिली अग्रिम ज़मानत

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार 17 नवंबर को तेज़ इंडिया यूट्यूब चैनल पर वायरल हुए वीडियो के मामले में पत्रकार रफ़ीक़ ख़ान की अग्रिम ज़मानत मंज़ूर की। ख़ान पर आरोप है कि उन्होंने वीडियो को एडिट कर ऐसा दिखाया कि रतलाम के एक हेड कॉन्स्टेबल ने ऑटोरिक्शा चालक से रिश्वत ली।मामले की डायरी के अनुसार हेड कॉन्स्टेबल ने थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी कि रेलवे स्टेशन क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान उन्हें ऑटोरिक्शा चालक वाहनों की आवाजाही में बाधा डालता मिला। चालक के भागने पर कुछ दूरी पर उसे रोककर 'नो पार्किंग...

संरक्षित वन्यजीवों के शिकार से पारिस्थितिक संतुलन पर गंभीर असर, सख्ती से निपटना ज़रूरी: एमपी हाईकोर्ट ने आरोपी की ज़मानत याचिका खारिज की
संरक्षित वन्यजीवों के शिकार से पारिस्थितिक संतुलन पर गंभीर असर, सख्ती से निपटना ज़रूरी: एमपी हाईकोर्ट ने आरोपी की ज़मानत याचिका खारिज की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार, 14 नवंबर को सोन चिड़िया अभयारण्य, घटियागांव में अवैध शिकार के आरोप में गिरफ्तार एक व्यक्ति की ज़मानत याचिका खारिज की। अदालत ने कहा कि संरक्षित वन्यजीवों का शिकार न केवल कानून का गंभीर उल्लंघन है बल्कि जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन पर भी गहरा प्रभाव डालता है। इसलिए ऐसे अपराधों से कठोरता से निपटना आवश्यक है।जस्टिस मिलिंद रमेश फडके की सिंगल बेंच ने टिप्पणी की कि आरोपित कृत्य संरक्षण कानूनों के तहत संरक्षित प्रजाति के अवैध शिकार से संबंधित हैं। इस तरह के अपराध...

BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने वनशक्ति मामले में कार्योत्तर पर्यावरणीय मंज़ूरी देने पर रोक लगाने वाला फैसला वापस लिया, जस्टिस भुयान ने जताई असहमति
BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने 'वनशक्ति' मामले में कार्योत्तर पर्यावरणीय मंज़ूरी देने पर रोक लगाने वाला फैसला वापस लिया, जस्टिस भुयान ने जताई असहमति

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (18 नवंबर) को 2:1 के बहुमत से वनशक्ति मामले में अपने उस फैसले को वापस ले लिया, जिसमें केंद्र सरकार को कार्योत्तर पर्यावरणीय मंज़ूरी देने से रोक दिया गया था।वनशक्ति बनाम भारत संघ मामले में जस्टिस अभय एस. ओक और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की खंडपीठ ने 15 मई को दिए गए अपने फैसले में केंद्र सरकार को भविष्य में "कार्योत्तर" पर्यावरणीय मंज़ूरी (EC) देने से रोक दिया और खनन परियोजनाओं के लिए कार्योत्तर पर्यावरणीय मंज़ूरी देने की अनुमति देने वाले पिछले कार्यालय ज्ञापनों और अधिसूचनाओं को...

कुछ अपराध समझौते के आधार पर रद्द कर दिए जाते हैं तो उसी लेन-देन से संबंधित अन्य अपराधों के लिए FIR कायम नहीं रखी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट
कुछ अपराध समझौते के आधार पर रद्द कर दिए जाते हैं तो उसी लेन-देन से संबंधित अन्य अपराधों के लिए FIR कायम नहीं रखी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (17 नवंबर) को बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कुछ आरोपों को हटाकर FIR आंशिक रूप से रद्द कर दी गई थी, जबकि डकैती के आरोप को बरकरार रखा गया था, जबकि सभी कथित अपराध एक ही लेन-देन से उत्पन्न हुए थे और एक ही घटना का परिणाम थे।कोर्ट ने कहा,"एक बार जब हाईकोर्ट ने प्रतिवादी नंबर 2-शिकायतकर्ता के स्वैच्छिक हलफनामे के आधार पर BNS की धारा 115(2), 351(2), 351(3) और 352 [IPC की धारा 326, 506 और 504] के तहत दंडनीय अपराधों के संबंध में FIR रद्द करने के...

पूर्व सूचना या सहमति के बिना पेंशन से वसूली नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने RBI को बैंकों को निर्देश जारी करने का निर्देश दिया
'पूर्व सूचना या सहमति के बिना पेंशन से वसूली नहीं': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने RBI को बैंकों को निर्देश जारी करने का निर्देश दिया

रिटायर सरकारी कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करने वाले महत्वपूर्ण फैसले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) को सभी एजेंसी बैंकों को निर्देश जारी करने का निर्देश दिया कि पेंशनभोगी की जानकारी, सहमति या पूर्व सूचना के बिना अतिरिक्त पेंशन की वसूली नहीं की जा सकती। ऐसी कोई भी वसूली सेवा नियमों के अनुसार होनी चाहिए।यह निर्देश कैथल नगर परिषद के रिटायर कार्यकारी अधिकारी द्वारा दायर रिट याचिका स्वीकार करते हुए दिया गया। उनके पेंशन खाते से पंजाब नेशनल बैंक ने बिना किसी नोटिस या...

Punjab Police Rules | हाईकोर्ट ने DGP को सड़क दुर्घटना मामले में आरोपी कांस्टेबल पद के उम्मीदवार की उम्मीदवारी पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया
Punjab Police Rules | हाईकोर्ट ने DGP को सड़क दुर्घटना मामले में आरोपी कांस्टेबल पद के उम्मीदवार की उम्मीदवारी पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक कांस्टेबल पद के उम्मीदवार की उम्मीदवारी पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया, जिसकी नियुक्ति इस आधार पर खारिज कर दी गई कि पूर्ववृत्त सत्यापन के समय वह एक सड़क दुर्घटना मामले में मुकदमे का सामना कर रहा था।जस्टिस जगमोहन बंसल ने पंजाब पुलिस नियम (हरियाणा में लागू) के अनुसार,"जहां किसी उम्मीदवार के विरुद्ध नैतिक अधमता से जुड़े अपराध या तीन वर्ष या उससे अधिक के कारावास से दंडनीय अपराध के लिए आरोप तय किए गए हों, उसकी नियुक्ति पर विचार...

फार्मासिस्ट के कर्तव्यों में खड़े रहना और चलना शामिल है: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 50% गति-बाधित आवेदक की याचिका खारिज की
'फार्मासिस्ट के कर्तव्यों में खड़े रहना और चलना शामिल है': हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 50% गति-बाधित आवेदक की याचिका खारिज की

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने फार्मासिस्ट के पद पर अन्य उम्मीदवार के चयन को चुनौती देने वाली 50% गति-बाधित उम्मीदवार की याचिका खारिज की।राज्य का फैसला बरकरार रखते हुए कोर्ट ने टिप्पणी की कि उम्मीदवार आवश्यक दिव्यांगता प्रमाण पत्र होने के बावजूद, खड़े होने और चलने में असमर्थ होने के कारण फार्मासिस्ट के कर्तव्यों के लिए मेडिकल रूप से अयोग्य था।जस्टिस संदीप शर्मा ने टिप्पणी की:"याचिकाकर्ता, जो 50% गति-बाधित है, को ठीक से खड़े न होने और न चलने के कारण फार्मासिस्ट के पद के लिए अयोग्य पाया गया।...

गवाहों से वर्चुअल माध्यम से पूछताछ की जाती है तो उनके पूर्व बयान उन्हें इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित किए जाने चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से कहा
गवाहों से वर्चुअल माध्यम से पूछताछ की जाती है तो उनके पूर्व बयान उन्हें इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित किए जाने चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से कहा

सोमवार (17 नवंबर) को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने वर्चुअल ट्रायल में महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक कमी को दूर करने के लिए बाध्यकारी निर्देश जारी किया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने आदेश दिया कि सभी कार्यवाहियों में जहां किसी गवाह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूछताछ की जाती है, ट्रायल कोर्ट को गवाह के पूर्व बयानों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित करने की सुविधा प्रदान करनी चाहिए।अदालत ने कहा कि यह उपाय उस "प्रक्रियात्मक अनियमितता" को दूर करता है, जिससे...

Cash For Query Row: महुआ मोइत्रा ने CBI चार्जशीट के लिए लोकपाल की मंज़ूरी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया
Cash For Query Row: महुआ मोइत्रा ने CBI चार्जशीट के लिए लोकपाल की मंज़ूरी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया

तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता महुआ मोइत्रा ने पूछताछ के लिए पैसे के विवाद में CBI को उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने की मंज़ूरी देने वाले भारत के लोकपाल के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी।इस मामले की सुनवाई मंगलवार को जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ करेगी।महुआ ने 12 नवंबर को पारित आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि यह आदेश त्रुटिपूर्ण है, लोकपाल अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करता है और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का घोर उल्लंघन है।उनका कहना है कि उनसे दलीलें और...

Maharashtra Local Body Elections | आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता, अधिकारियों ने हमारे आदेश को गलत समझा: सुप्रीम कोर्ट
Maharashtra Local Body Elections | 'आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता, अधिकारियों ने हमारे आदेश को गलत समझा': सुप्रीम कोर्ट

महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता और राज्य के अधिकारियों ने उसके आदेश को गलत समझा।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की।जस्टिस कांत ने सुनवाई के दौरान इस बात पर ज़ोर देते हुए कि न्यायालय ने आरक्षण को 50% से अधिक करने की अनुमति देने वाला कोई आदेश पारित नहीं किया, कहा,"हम इस मामले में बिल्कुल स्पष्ट हैं। जब हमने कहा कि चुनाव मौजूदा क़ानून के अनुसार ही होने चाहिए तो क़ानून...

गवाह को TIP से पहले अभियुक्त को देखने का अवसर मिला था तो आइडेंटिफिकेशन टेस्ट की कार्यवाही विश्वसनीय नहीं: सुप्रीम कोर्ट
गवाह को TIP से पहले अभियुक्त को देखने का अवसर मिला था तो आइडेंटिफिकेशन टेस्ट की कार्यवाही विश्वसनीय नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (17 नवंबर) को डकैती के दौरान एक वृद्ध व्यक्ति की हत्या के आरोपी व्यक्ति को बरी कर दिया। न्यायालय ने घटना के लगभग आठ साल बाद एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी द्वारा की गई अभियुक्त की पहचान यह देखते हुए खारिज की कि उसकी कमज़ोर दृष्टि और बाद में गवाही में हुए सुधार के कारण यह विश्वास पैदा नहीं कर सकती।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने कहा,"एक बार जब अभियुक्त-अपीलकर्ता की न्यायालय में की गई पहचान खारिज कर दी जाती है तो अभियुक्त को अपराध से जोड़ने के लिए कोई ठोस सबूत...

हमें पता है कि CBI कैसे काम करती थी, अब सब ध्वस्त हो गया: विमल नेगी आत्महत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच की आलोचना की
हमें पता है कि CBI कैसे काम करती थी, अब सब ध्वस्त हो गया: विमल नेगी आत्महत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच की आलोचना की

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के खिलाफ मौखिक रूप से तीखी टिप्पणियां कीं और उसके कुछ अधिकारियों की जांच को सही ढंग से संचालित करने की क्षमता पर सवाल उठाए।अदालत ने CBI टीम के इस दावे पर सवाल उठाया कि आरोपी ने जांच में सहयोग नहीं किया, जबकि वह केवल अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से इनकार करने की कोशिश कर रहा था।ये मौखिक टिप्पणियां जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की खंडपीठ ने आरोपी देश राज की अग्रिम जमानत के मामले की सुनवाई के दौरान कीं। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट...

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को मानव-वन्यजीव संघर्ष को प्राकृतिक आपदा मानने पर विचार करने का निर्देश दिया, पीड़ितों को 10 लाख रुपये देने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को मानव-वन्यजीव संघर्ष को 'प्राकृतिक आपदा' मानने पर विचार करने का निर्देश दिया, पीड़ितों को 10 लाख रुपये देने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को मानव-वन्यजीव संघर्ष को "प्राकृतिक आपदा" के रूप में वर्गीकृत करने पर सक्रिय रूप से विचार करने और ऐसी घटनाओं में हुई प्रत्येक मानव मृत्यु के लिए 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने कहा कि यह एकसमान मुआवज़ा अनिवार्य है, जैसा कि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा वन्यजीव आवासों के एकीकृत विकास की सीएसएस योजना के तहत निर्धारित किया गया है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस एजी मसीह और जस्टिस एएस...

पूर्व में की गई निंदा कर्मचारी की पदोन्नति पर विचार करने से नहीं रोक सकती: राजस्थान हाईकोर्ट
पूर्व में की गई निंदा कर्मचारी की पदोन्नति पर विचार करने से नहीं रोक सकती: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि किसी कर्मचारी पर लगाए गए दंड के बावजूद, विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) पदोन्नति के लिए कर्मचारी की उपयुक्तता पर निर्णय ले सकती है और केवल लगाए गए दंड के आधार पर पदोन्नति पर विचार करने से इनकार नहीं किया जा सकता।जस्टिस फरजंद अली की पीठ एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें याचिकाकर्ता (लेक्चरर) को वर्ष 2022-23 के लिए डीपीसी द्वारा केवल वर्ष 2019 में उसकी पूर्व में की गई निंदा के आधार पर पदोन्नति से वंचित करने को चुनौती दी गई, जिसमें उसे इस आधार पर पदोन्नति के लिए अयोग्य...

बिना ठोस सबूत के निर्वासन व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने डीएम का आदेश रद्द किया
बिना ठोस सबूत के निर्वासन व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने डीएम का आदेश रद्द किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत निर्वासन आदेश यंत्रवत् पारित नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह किसी भी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर गंभीर प्रतिबंध लगाता है।ऐसा करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने निर्वासन आदेश यह देखते हुए रद्द कर दिया कि अपराध में अपराधी की तत्काल संलिप्तता दर्शाने वाले कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं।खंडपीठ ने कहा;"अभिलेख में पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं थे, जो यह दर्शाते हों कि अपराध...

अगस्ता वेस्टलैंड मामले में वकील गौतम खेतान की संपत्तियों की कुर्क करने का फैसला बरकरार
अगस्ता वेस्टलैंड मामले में वकील गौतम खेतान की संपत्तियों की कुर्क करने का फैसला बरकरार

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में वकील गौतम खेतान की संपत्तियों की प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई अस्थायी कुर्की बरकरार रखी। साथ ही अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में कार्रवाई को चुनौती देने वाली उनकी याचिका खारिज की।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने फरवरी 2015 के सिंगल जज के आदेश के खिलाफ खेतान की अपील खारिज की थी, जिसमें ED द्वारा कुर्की के खिलाफ उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी।कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि "ऐसे मामलों में जहां सत्ता का...

पैन कार्ड जालसाजी मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला को दोषी क़रार, प्रत्येक को 7 साल की जेल
पैन कार्ड जालसाजी मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला को दोषी क़रार, प्रत्येक को 7 साल की जेल

रामपुर की स्पेशल सांसद/विधायक अदालत ने समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद आजम खान और पूर्व विधायक उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को अलग-अलग जन्मतिथियों का उपयोग करके प्राप्त दो अलग-अलग पैन कार्डों के इस्तेमाल से संबंधित जालसाजी के मामले में दोषी ठहराया। दोनों को सात साल की कैद की सजा सुनाई गई।एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट शोबित बंसल ने उन्हें जालसाजी, धोखाधड़ी, जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल और आपराधिक साजिश के अपराधों के लिए भारतीय दंड संहिता (ICP) की धारा 467, 468, 420, 471 और 120-बी के तहत दोषी...

झारखंड हाईकोर्ट ने जिला न्यायपालिका के लिए लॉन्च किया नया ऐप लॉन्च किया, ऐसे करें डाउनलोड
झारखंड हाईकोर्ट ने जिला न्यायपालिका के लिए लॉन्च किया नया ऐप लॉन्च किया, ऐसे करें डाउनलोड

झारखंड हाईकोर्ट ने "झारखंड जिला न्यायपालिका" नामक नया मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया। न्यायालय ने 15 नवंबर को अपने सिल्वर जुबली समारोह के दौरान हाईकोर्ट का एक नया आधिकारिक लोगो भी लॉन्च किया। भारत के मनोनीत मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने ऐप और लोगो का शुभारंभ किया।हाईकोर्ट का नया लोगो राज्य की प्राकृतिक विरासत और सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाता है। झारखंड के राज्य पुष्प "पलाश" को बाहरी दीवार पर दर्शाया गया, जबकि राज्य की आदिवासी संस्कृति को हरे रंग के साल के पत्तों द्वारा दर्शाया गया। देश की...