ताज़ा खबरे

इतने संवेदनशील क्यों? फ़रहान अख्तर की फ़िल्म का नाम बदलने की याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार
इतने संवेदनशील क्यों? फ़रहान अख्तर की फ़िल्म का नाम बदलने की याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को फ़रहान अख्तर की आने वाली फ़िल्म '120 वीर बहादुर' का टाइटल बदलने की मांग वाली जनहित याचिका पर हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।याचिका में फ़िल्म का नाम बदलकर '120 वीर अहीर' करने की मांग की गई थी। अदालत ने साफ़ कहा कि फ़िल्म के प्रमाणन की पुनर्विचार प्रक्रिया अभी लंबित है और केंद्र सरकार ने आश्वस्त किया कि इस पर दो दिन के भीतर निर्णय ले लिया जाएगा, क्योंकि फ़िल्म का प्रदर्शन इस शुक्रवार, 21 नवंबर को प्रस्तावित है।यह याचिका संयुक्‍त आखिर रेजीमेंट मोर्चा की ओर से...

राज शमानी के पर्सनालिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए अंतरिम आदेश जारी करेगा हाईकोर्ट
राज शमानी के पर्सनालिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए अंतरिम आदेश जारी करेगा हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह पॉडकास्टर राज शमानी के नाम, छवि, आवाज़ और व्यक्तित्व के अनधिकृत उपयोग पर रोक लगाने के लिए अंतरिम आदेश पारित करेगी। इसके साथ ही अदालत ने गूगल, मेटा और टेलीग्राम के खिलाफ दायर पर्सनालिटी राइट्स संरक्षण संबंधी मुकदमे में समन भी जारी किया।सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट दिक्षा कपूर ने अदालत को बताया कि शमानी के नाम पर AI-जनित डीपफेक, फर्जी एंडोर्समेंट, अनधिकृत चैटबॉट और टेलीग्राम चैनल चलाए जा रहे हैं जो उनकी पहचान का इस्तेमाल करके सलाह दे रहे हैं, धन जुटा रहे...

कैपिटल फाउंडेशन ने जस्टिस कृष्ण अय्यर जयंती पर DNLU कुलपति प्रो. सिन्हा को दिया प्रतिष्ठित पुरस्कार
कैपिटल फाउंडेशन ने जस्टिस कृष्ण अय्यर जयंती पर DNLU कुलपति प्रो. सिन्हा को दिया प्रतिष्ठित पुरस्कार

कैपिटल फाउंडेशन सोसाइटी ने 16 नवंबर 2025 को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में जस्टिस वी.आर. कृष्ण अय्यर की 110वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक विशेष समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम में भारत की न्याय व्यवस्था में जस्टिस अय्यर के दूरदर्शी नेतृत्व, प्रगतिशील विचारों और अद्वितीय योगदान को श्रद्धांजलि दी गई।समारोह में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुइयां मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कैपिटल फाउंडेशन के अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश माननीय जस्टिस सीकिर विशिष्ट...

जोधपुर सफाई अभियान पर हाईकोर्ट की सख्त निगरानी, लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई की तैयारी
जोधपुर सफाई अभियान पर हाईकोर्ट की सख्त निगरानी, लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई की तैयारी

राजस्थान हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जोधपुर शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की विस्तृत रिपोर्ट पेश की। इसमें सरकार ने बताया कि शहरभर में सफाई और स्वच्छता कार्यों की निगरानी के लिए विशेष मॉनिटरिंग सेल का गठन किया गया, जो पूरे सफाई तंत्र की तैनाती और वास्तविक जमीनी काम की देखरेख करेगा।सुनवाई हाईकोर्ट की दो जजों की पीठ जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस बिपिन गुप्ता के समक्ष हुई, जिसमें जोधपुर की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर दायर जनहित...

CSI मेडिकल कॉलेज रिश्वतखोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट ने साउथ इंडिया चर्च के पूर्व बिशप के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग ट्रायल पर रोक लगाई
CSI मेडिकल कॉलेज रिश्वतखोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट ने साउथ इंडिया चर्च के पूर्व बिशप के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग ट्रायल पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने आज चर्च ऑफ साउथ इंडिया (CSI) के पूर्व बिशप ए. धर्मराज रसलम द्वारा दायर उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने कराकोनम CSI मेडिकल कॉलेज भ्रष्टाचार मामले में दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस को रद्द करने की मांग की है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने नोटिस चार सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए लौटाने योग्य बनाया और इस बीच ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी। कोर्ट ने आदेश दिया, “नोटिस जारी करें, चार सप्ताह में returnable। इस बीच ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही...

DV Act मामलों में समन के बाद गैर-हाजिरी पर वारंट जारी नहीं कर सकते मजिस्ट्रेट: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
DV Act मामलों में समन के बाद गैर-हाजिरी पर वारंट जारी नहीं कर सकते मजिस्ट्रेट: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 (DV Act) की धारा 12 के तहत चलने वाली कार्यवाही में मजिस्ट्रेट गिरफ्तारी वारंट जैसे दंडात्मक आदेश जारी नहीं कर सकते, जब तक कि अधिनियम के तहत कोई विशिष्ट दंडनीय अपराध आरोपित न हो।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि प्रतिवादी को विधिवत समन भेजा जा चुका है और वह फिर भी उपस्थित नहीं होता तो मजिस्ट्रेट केवल एक्स-पार्टी कार्यवाही आगे बढ़ा सकते हैं।जस्टिस संजय धर ने गैर-जमानती वारंट रद्द करते हुए कहा,“जब प्रतिवादी समन...

केंद्रीय यूनिवर्सिटी जैसी सुविधाओं का दावा नहीं कर सकते घटक संस्थान के कर्मचारी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
केंद्रीय यूनिवर्सिटी जैसी सुविधाओं का दावा नहीं कर सकते घटक संस्थान के कर्मचारी: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी स्वायत्त संस्थान को केवल केंद्रीय यूनिवर्सिटी का घटक बना देने भर से उसके कर्मचारियों को केंद्रीय विश्वविद्यालय के कर्मचारियों जैसी सुविधाएं स्वतः नहीं मिल सकतीं।अदालत ने कहा कि जब तक कोई विशिष्ट नीति या प्रावधान लागू न हो ऐसे लाभ देने का कोई आधार नहीं बनता।जस्टिस सौरभ श्याम शम्शेरी की एकल पीठ ने यह फैसला जी.बी. पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान इलाहाबाद के कर्मचारियों द्वारा दाखिल याचिका को खारिज करते हुए सुनाया। यह संस्थान भारतीय सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत...

पटना हाईकोर्ट का सख्त रुख : छह दिन की अवैध हिरासत पर 2 लाख रुपये का मुआवज़ा, IG जेल को दिशानिर्देश जारी करने का आदेश
पटना हाईकोर्ट का सख्त रुख : छह दिन की अवैध हिरासत पर 2 लाख रुपये का मुआवज़ा, IG जेल को दिशानिर्देश जारी करने का आदेश

पटना हाईकोर्ट ने अहम फैसले में राज्य सरकार को आदेश दिया कि वह एक आरोपी को छह दिन तक अवैध रूप से हिरासत में रखने के लिए 2 लाख रुपये का मुआवज़ा दे।अदालत ने माना कि यह घटना न केवल न्यायिक आदेशों की अवहेलना है, बल्कि सीधे-सीधे व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है।जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद और जस्टिस सौरेंद्र पांडेय की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। आरोपी बिहार निषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 के तहत गिरफ्तार था। 29 सितंबर 2025 को स्पेशल एक्साइज जज ने उसकी जमानत...

जयपुर कैथोलिक वेलफेयर सोसायटी ने राजस्थान के धर्मांतरण विरोधी कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
जयपुर कैथोलिक वेलफेयर सोसायटी ने राजस्थान के धर्मांतरण विरोधी कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी

जयपुर कैथोलिक वेलफेयर सोसायटी ने सुप्रीम कोर्ट में राजस्थान धार्मिक रूपांतरण निषेध अधिनियम, 2025 को दी चुनौती; कहा— संविधान का उल्लंघनजयपुर कैथोलिक वेलफेयर सोसायटी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर राजस्थान धार्मिक रूपांतरण निषेध अधिनियम, 2025 को असंवैधानिक बताते हुए रद्द करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि यह कानून अनुच्छेद 14, 19(1)(a), 21, 25 और 300A का उल्लंघन करता है और धार्मिक स्वतंत्रता पर “चिलिंग इफेक्ट” डालता है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने राज्य...

कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व में हुई पारिस्थितिक तबाही की भरपाई करें, अवैध निर्माण गिराएं : सुप्रीम कोर्ट का उत्तराखंड सरकार को सख्त आदेश
कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व में हुई पारिस्थितिक तबाही की भरपाई करें, अवैध निर्माण गिराएं : सुप्रीम कोर्ट का उत्तराखंड सरकार को सख्त आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तराखंड सरकार को कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व में अवैध पेड़ कटान और अनधिकृत निर्माणों से हुई व्यापक पारिस्थितिक क्षति की तत्काल भरपाई करने और सभी अवैध संरचनाओं को गिराने के सख्त निर्देश दिए।ये आदेश मार्च 2024 के उस फैसले के अनुपालन में जारी किए गए, जिसमें रिज़र्व क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बी आर गवई, जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ ने अपने विस्तृत निर्देशों में कहा कि कॉर्बेट में अनधिकृत...

डिजिटल अरेस्ट घोटाला | सुप्रीम कोर्ट का कड़ा कदम, 73 वर्षीय महिला AoR को ठगने वाले आरोपियों की जमानत पर रोक
डिजिटल अरेस्ट घोटाला | सुप्रीम कोर्ट का कड़ा कदम, 73 वर्षीय महिला AoR को ठगने वाले आरोपियों की जमानत पर रोक

'डिजिटल अरेस्ट' घोटालों पर स्वतः संज्ञान (suo motu) लिए गए मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज 73 वर्षीय महिला एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (AoR) को ठगने के आरोपियों की जेल से रिहाई पर रोक लगा दी।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्य बागची की खंडपीठ ने यह आदेश तब पारित किया जब AoR विपिन नायर ने SCAORA की इंटरवेंशन अर्जी का उल्लेख करते हुए महिला AoR के साथ हुए पूरे घटनाक्रम को कोर्ट के सामने रखा। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने विशेष पीठ में अपनी व्यस्तता के कारण स्थगन की मांग की, लेकिन उन्होंने SCAORA की इंटरवेंशन...

Delhi-NCR Air Pollution पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई: सालभर निर्माण प्रतिबंध से कोर्ट का इंकार, कहा— आजीविका पर पड़ेगा भारी असर
Delhi-NCR Air Pollution पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई: सालभर निर्माण प्रतिबंध से कोर्ट का इंकार, कहा— आजीविका पर पड़ेगा भारी असर

दिल्ली–एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने आज स्पष्ट किया कि वह सालभर का निर्माण प्रतिबंध जैसे कठोर कदम उठाने के पक्ष में नहीं है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा आदेश लाखों लोगों की आजीविका पर गहरा प्रभाव डालेगा।एम.सी. मेहता मामले में सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन ने तर्क दिया कि स्थिति “आपातकाल” जैसी हो चुकी है और बच्चों के स्वास्थ्य पर अपूरणीय नुकसान हो रहा है। उन्होंने निर्माण, निजी वाहनों पर रोक, कारपूलिंग और कारों पर टैक्स जैसे कठोर उपायों की मांग की। उन्होंने कहा कि एनसीआर में हर दस...

HPNLU शिमला ने “फोरेंसिक विज्ञान में वर्तमान रुझान: विधि शिक्षा और न्याय प्रशासन” विषय पर एक सप्ताह के संकाय विकास कार्यक्रम का शुभारंभ किया
HPNLU शिमला ने “फोरेंसिक विज्ञान में वर्तमान रुझान: विधि शिक्षा और न्याय प्रशासन” विषय पर एक सप्ताह के संकाय विकास कार्यक्रम का शुभारंभ किया

हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचपीएनएलयू), शिमला के अपराध विज्ञान एवं फोरेंसिक विज्ञान केंद्र (सीसीएफएस) ने माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रीति सक्सेना के नेतृत्व में, राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, हिमाचल प्रदेश, जुन्गा के सहयोग से “फोरेंसिक विज्ञान में वर्तमान रुझान: विधि शिक्षा और न्याय प्रशासन” विषय पर एक सप्ताह के संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपी) का औपचारिक उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम 10 से 15 नवंबर 2025 तक आयोजित होगा।उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. भीमराव अंबेडकर...

रिलायंस कम्युनिकेशंस व अनिल अंबानी पर बैंक घोटाले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका
रिलायंस कम्युनिकेशंस व अनिल अंबानी पर बैंक घोटाले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका

देश के सबसे बड़े कथित बैंक घोटालों में से एक की स्वतंत्र और न्यायालय-निगरानी में जांच कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। यह याचिका पूर्व केंद्रीय सचिव ई.ए.एस. शर्मा ने अनुच्छेद 32 के तहत दायर की, जिसमें रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड उसकी समूह कंपनियों और प्रमोटर अनिल अंबानी पर भारी धन-हेरफेर, फर्जीवाड़ा, खातों में हेर-फेर, शेल कंपनियों के जरिए धन-स्थानांतरण तथा संगठित वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए।याचिकाकर्ता की ओर से पेश एडवोकेट प्रशांत भूषण ने मामले का...

दिल्ली कोर्ट ने अनिल अंबानी के मानहानि मामले में कोबरापोस्ट और इकोनॉमिक टाइम्स को समन जारी किया
दिल्ली कोर्ट ने अनिल अंबानी के मानहानि मामले में कोबरापोस्ट और इकोनॉमिक टाइम्स को समन जारी किया

रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी द्वारा कोबरापोस्ट, इकोनॉमिक टाइम्स के प्रकाशक बेनेट, कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड और अन्य के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे में दिल्ली कोर्ट ने समन जारी किया। इन रिपोर्टों में उनकी कंपनियों पर 41,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया। अदालत ने इन प्रकाशनों पर कोई अंतरिम रोक लगाने का आदेश नहीं दिया।इस मामले की सुनवाई कड़कड़डूमा अदालत में सीनियर सिविल जज विवेक बेनीवाल ने की।अंबानी ने इन प्रकाशनों के खिलाफ एकपक्षीय अंतरिम रोक लगाने के लिए एक आवेदन...

अगस्ता वेस्टलैंड मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रिश्चियन मिशेल की याचिका सुनने से किया इनकार, भारत–यूएई प्रत्यर्पण संधि को चुनौती देने की अनुमति नहीं
अगस्ता वेस्टलैंड मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रिश्चियन मिशेल की याचिका सुनने से किया इनकार, भारत–यूएई प्रत्यर्पण संधि को चुनौती देने की अनुमति नहीं

दिल्ली हाईकोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल की उस याचिका को सुनने से इनकार किया, जिसमें उसने भारत–यूएई प्रत्यर्पण संधि के अनुच्छेद 17 को चुनौती दी थी। यह संधि वर्ष 1999 में लागू हुई थी और इसी के तहत मिशेल को दिसंबर 2018 में दुबई से भारत प्रत्यर्पित किया गया था।मिशेल का तर्क था कि सामान्यतः किसी व्यक्ति को उसी अपराध के लिए अभियोजित किया जा सकता है, जिसके लिए उसका प्रत्यर्पण हुआ हो लेकिन अनुच्छेद 17 भारत सरकार को उससे संबद्ध अपराधों के लिए भी अभियोजन...

NEET-UG : फीस जमा करने की समय-सीमा चूकने पर MBBS सीट खोने वाली स्टूडेंट सुप्रीम कोर्ट पहुंची
NEET-UG : फीस जमा करने की समय-सीमा चूकने पर MBBS सीट खोने वाली स्टूडेंट सुप्रीम कोर्ट पहुंची

तमिलनाडु की एक स्टूडेंट जिसे फीस भुगतान की अंतिम तारीख चूक जाने के कारण MBBS सीट गंवानी पड़ी, उसने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई 19 नवंबर को करेगा। स्टूडेंट का कहना है कि आर्थिक तंगी और तकनीकी सीमाओं के कारण वह समय पर ऑनलाइन भुगतान नहीं कर सकी।मामले का ज़िक्र चीफ जस्टिस बी.आर. गवई, जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ के सामने किया गया। स्टूडेंट की ओर से एडवोकेट ने कहा कि मामला अत्यंत तात्कालिक है क्योंकि उसी दिन स्ट्रे काउंसलिंग हो रही...

सुप्रीम कोर्ट ने अडानी प्रॉपर्टीज़ लिमिटेड को संपत्ति बेचने की सहारा की याचिका स्थगित की
सुप्रीम कोर्ट ने अडानी प्रॉपर्टीज़ लिमिटेड को संपत्ति बेचने की सहारा की याचिका स्थगित की

केंद्र सरकार ने सोमवार को सहारा इंडिया कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा दायर आवेदनों पर जवाब देने के लिए और समय मांगा, जिसमें महाराष्ट्र में एम्बी वैली और लखनऊ में सहारा शहर सहित अपनी 88 संपत्तियों को अडानी प्रॉपर्टीज़ प्राइवेट लिमिटेड को बेचने की अनुमति मांगी गई थी।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा चार सप्ताह का समय दिए जाने के अनुरोध को स्वीकार करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने मामले की सुनवाई छह सप्ताह बाद के लिए स्थगित कर...