पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रायल में देरी पर जज से जवाब मांगा, पब्लिक प्रॉसिक्यूटर, डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी को समन भेजा

Shahadat

25 Feb 2026 8:15 PM IST

  • पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रायल में देरी पर जज से जवाब मांगा, पब्लिक प्रॉसिक्यूटर, डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी को समन भेजा

    पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने क्रिमिनल केस में चार्ज फ्रेम होने में पांच साल की देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट और प्रॉसिक्यूटर दोनों ही अपनी ड्यूटी निभाने में “बहुत लापरवाह” लग रहे हैं।

    कोर्ट को बहस के दौरान बताया गया कि केस में चालान 31.07.2021 को पेश किया गया और तब से मामला चार्ज फ्रेम होने के स्टेज पर पेंडिंग है।

    जस्टिस एन.एस. शेखावत ने कहा,

    "आज बहस के दौरान कोर्ट को बताया गया कि इस केस में चालान 31.07.2021 को पेश किया गया और तब से केस चार्ज फ्रेम होने के लिए लिस्टेड है। इस कोर्ट की पहली नज़र में राय है कि ट्रायल को हैंडल कर रहे ज्यूडिशियल ऑफिसर और केस को हैंडल कर रहे पब्लिक प्रॉसिक्यूटर, अपनी ड्यूटी निभाने में बहुत लापरवाह हैं।"

    संबंधित ज्यूडिशियल ऑफिसर को यह बताने का निर्देश दिया जाता है कि ट्रायल में 5 साल की देरी कैसे हुई। कोर्ट ने आगे कहा कि संबंधित पब्लिक प्रॉसिक्यूटर और डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी, गुरुग्राम को अगली सुनवाई की तारीख पर कोर्ट में मौजूद रहने का निर्देश दिया जाता है।

    ट्रायल में तेज़ी से प्रगति सुनिश्चित करने के लिए कोर्ट ने आदेश दिया कि उसके निर्देशों की एक कॉपी गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर और गुरुग्राम के डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज को भेजी जाए। यह आदेश संबंधित डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज को ईमेल के ज़रिए भी बताया जाए। ज्यूडिशियल ऑफिसर को अगली सुनवाई की तारीख पर या उससे पहले अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया।

    कोर्ट के सामने याचिका में रेस्पोंडेंट नंबर 3, राजेश मलिक को एडिशनल सेशंस जज, गुरुग्राम द्वारा 29.06.2021 के आदेश के ज़रिए दी गई ज़मानत रद्द करने की मांग की गई।

    यह मामला 27.05.2021 को गुरुग्राम के DLF फेज-I पुलिस स्टेशन में इंडियन पैनल कोड, 1860 (IPC) की धारा 406, 420, 467 और 471 के तहत दर्ज FIR से जुड़ा है।

    ज़मानत रद्द करने की मांग के अलावा, याचिकाकर्ता ने हरियाणा के पुलिस डायरेक्टर जनरल को 02.07.2021 के उनके रिप्रेजेंटेशन पर फैसला करने और FIR में आगे और सही जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाने का निर्देश देने की भी मांग की।

    याचिकाकर्ता ने गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर को 30.06.2021 के दिए गए रिप्रेजेंटेशन के आधार पर मामले में और भी लोगों पर मुकदमा चलाने के निर्देश मांगे हैं।

    अब इस मामले की सुनवाई 5 मार्च को होगी।

    Title: GAURAV CHAUDHARY V/S STATE OF HARYANA AND ANOTHER v. RAJESH MALIK V/S STATE OF HARYANA AND ANOTHER

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