ताज़ा खबरे

यूपी सरकार 'दमन के हथियार' के तौर पर इस्तेमाल कर रही है 'गुंडा एक्ट': इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 'गुंडा एक्ट' के इस्तेमाल की कड़ी आलोचना की। कोर्ट ने कहा कि उसके सामने आए कई मामलों से पता चलता है कि राज्य सरकार 'गुंडा एक्ट' का इस्तेमाल 'दमन के हथियार' के तौर पर करने की अपनी नीति पर अड़ी हुई।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच ने गोंडा के निवासी के खिलाफ जारी आदेशों को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की। इन आदेशों में उसे 'यूपी कंट्रोल ऑफ़ गुंडाज़ एक्ट, 1970' के तहत 'गुंडा' घोषित किया गया और छह महीने के लिए गोंडा जिले से बाहर रहने का आदेश दिया गया।कोर्ट ने...

IT नियमों और 'सहयोग पोर्टल' के खिलाफ कुणाल कामरा की याचिका पर सुनवाई अनिश्चित काल के लिए स्थगित
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार (11 सितंबर) को कॉमेडियन कुणाल कामरा और सीनियर एडवोकेट हरेश जगतियानी की उन याचिकाओं पर सुनवाई अनिश्चित काल के लिए स्थगित, जिनमें 'सहयोग पोर्टल' और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स, 2021 के नियम 3(1)(d) में 2025 के संशोधन की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है।चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की डिवीजन बेंच ने गौर किया कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इसी मुद्दे पर बॉम्बे और कर्नाटक हाईकोर्ट में चल रही...

अच्छी नीयत से पुलिस में शिकायत करना मानहानि नहीं: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ़ कथित आपराधिक काम के आरोपों को लेकर पुलिस के सामने सिर्फ़ अर्ज़ी देना—जिस मामले में पुलिस को कानूनी अधिकार हो—मानहानि का अपराध नहीं माना जाएगा।भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356 / IPC की धारा 500 के अनुसार, किसी व्यक्ति पर आरोप लगाने के मामले में अगर अच्छी नीयत से उस व्यक्ति के खिलाफ़ ऐसे अधिकारी के पास आरोप लगाया जाता है, जिसके पास उस मामले में कानूनी अधिकार है, तो यह मानहानि नहीं है।याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि प्रतिवादी नंबर 2 ने नर्मदा ज़िले...

न्यायपालिका में बढ़ रही हैं 'ब्लैक शीप', हर स्तर पर बहुसंख्यकवाद की ओर बढ़ रही हैं अदालतें: जस्टिस दीपक गुप्ता
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस दीपक गुप्ता ने न्यायपालिका की मौजूदा स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में ईमानदार और सक्षम जजों की बड़ी संख्या के बावजूद 'ब्लैक शीप' (ग़लत काम करने वाले) की संख्या बढ़ रही है और देश की अदालतें धीरे-धीरे बहुसंख्यकवाद की ओर बढ़ती दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल बहुमत का शासन नहीं है बल्कि इसमें अल्पमत और असहमति की आवाज को भी समान महत्व मिलना चाहिए।स्वतंत्रता दिवस के बाद लिखे अपने लेख में जस्टिस गुप्ता ने कहा कि किसी देश की...

मिर्ज़ापुर फिल्म से 'शूरवीर' गाना हटाने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका
दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष जनहित याचिका (PIL) दायर की गई, जिसमें फिल्म "मिर्जापुर: द मूवी" के क्लाइमेक्स में "शूरवीर" गाने को हटाने की मांग की गई।याचिका प्रशांत कुमार सिंह नामक व्यक्ति द्वारा दायर की गई और वकील शशांक और शाश्वत के माध्यम से दायर की गई।जनहित याचिका में तर्क दिया गया कि यह ट्रैक मूल रूप से ऐतिहासिक प्रतीक महाराणा प्रताप को श्रद्धेय श्रद्धांजलि के रूप में बनाया गया। इसमें आरोप लगाया गया कि इस गाने का इस्तेमाल काल्पनिक गैंगस्टरों का महिमामंडन करने के लिए अनुचित तरीके से किया गया।सिंह...

POCSO Act के तहत शारीरिक सज़ा अपराध नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने टीचर के खिलाफ़ केस रद्द किया
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में POCSO Act, 2012 (बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम) की धारा 10 के तहत गंभीर यौन हमले के आरोपी एक स्कूल टीचर के खिलाफ़ दर्ज केस रद्द किया। कोर्ट ने यह कहते हुए केस रद्द किया कि शारीरिक सज़ा देने का उनका व्यवहार, भले ही अनुचित और असंवेदनशील था, लेकिन इसमें अपराध साबित करने के लिए ज़रूरी यौन मंशा नहीं थी। कोर्ट ने यह भी कहा कि बाद में बरी होने पर भी प्रॉसिक्यूशन (मुकदमा चलाने) से हुए नुकसान की भरपाई "पूरी तरह से अपर्याप्त" होगी और टीचर पर हमेशा के लिए दाग लग...

बार एसोसिएशन की सदस्यता का विवाद निजी मामला, रिट क्षेत्राधिकार में नहीं आता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि बार एसोसिएशन की सदस्यता, निलंबन या किसी सदस्य को संगठन से बाहर करने से जुड़े विवाद मूल रूप से निजी प्रकृति के होते हैं और ऐसे मामलों में संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका दाखिल नहीं की जा सकती।हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि बार एसोसिएशन और उसके सदस्यों के बीच ऐसे विवाद में कोई सार्वजनिक कानून का तत्व शामिल नहीं होता। जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अब्देश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह टिप्पणी लखीमपुर खीरी जिले की तहसील गोला गोकर्णनाथ स्थित सेंट्रल बार एसोसिएशन के एक...

सहारनपुर मस्जिद विध्वंस | हाईकोर्ट ने बेदखली के खिलाफ याचिका पर यूपी सरकार से जवाब मांगा, ₹6.41 करोड़ के हर्जाने की वसूली पर रोक लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहारनपुर में मस्जिद को गिराने और वहां से बेदखल करने के खिलाफ दायर याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा। साथ ही कोर्ट ने सहारनपुर के सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा लगाए गए ₹6.41 करोड़ के हर्जाने की वसूली पर रोक लगाई।जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की बेंच ने राज्य सरकार को 3 हफ़्ते के अंदर अपना जवाब (काउंटर-एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके बाद याचिकाकर्ता को जवाब का जवाब (रिज़ॉइंडर) दाखिल करने के लिए 1 हफ़्ते का समय दिया गया।मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर, 2026 को होगी। यह...

बालाघाट में बैगा समुदाय के 25 बच्चों की मौत का मामला, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बैगा समुदाय के 25 बच्चों की कथित तौर पर संक्रामक बीमारियों और कुपोषण के कारण हुई मौतों का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया।इस मामले में दायर जनहित याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा। याचिका में आरोप लगाया गया कि दूरदराज के गांवों में रहने वाले विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के बच्चों को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिसके चलते उन्हें गंभीर बीमारियों और कुपोषण का सामना करना पड़ रहा है। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस...

ई-रिक्शा के लिए देशभर में नीति बनाए केंद्र, 60 दिन में सभी राज्यों को भेजे: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को देशभर में ई-रिक्शा के संचालन को नियंत्रित करने के लिए 60 दिन के भीतर एक समान नीति तैयार कर सभी राज्यों को भेजने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि ई-रिक्शा की संख्या और उनके मार्गों को विनियमित करने की व्यवस्था जरूरी है, ताकि शहरों की सड़कों पर बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था को कम किया जा सके।जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने केंद्र को निर्देश दिया कि ई-रिक्शा के संचालन के लिए ऐसी नीति तैयार की जाए, जिसमें किसी शहर की सड़क पर इनकी...

किराएदार के खिलाफ बेदखली मुकदमे में स्वतंत्र मालिकाना हक जताने वाला तीसरा व्यक्ति जरूरी पक्षकार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किराए की संपत्ति पर स्वतंत्र मालिकाना हक का दावा करने वाला तीसरा व्यक्ति केवल इसलिए स्मॉल कॉज कोर्ट में बेदखली के मुकदमे का जरूरी या उचित पक्षकार नहीं बन जाता, क्योंकि उसका दावा मकान मालिक के मालिकाना हक से टकराता है।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 1 नियम 10 के तहत किसी तीसरे व्यक्ति को पक्षकार बनाने की प्रक्रिया का इस्तेमाल सीमित अधिकार क्षेत्र वाली बेदखली कार्यवाही में अलग मालिकाना विवाद लाने के लिए नहीं किया जा सकता। जस्टिस डॉ. योगेंद्र...

अक्ल दांत और शरीर पर बाल से नाबालिग साबित नहीं होती लड़की, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपहरण मामले में दोषी को किया बरी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2011 के अपहरण मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 366 के तहत दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी करते हुए कहा कि केवल अक्ल दांत का न निकलना या बगल और जननांगों पर बाल होने के आधार पर किसी लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम नहीं मानी जा सकती। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन यह साबित करने में विफल रहा कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने कहा कि तीसरी दात यानी अक्ल दांत का न निकलना इस निष्कर्ष का आधार नहीं हो सकता कि संबंधित व्यक्ति ने 18 वर्ष की उम्र पूरी नहीं की...

'लोगों को विरोध करने से नहीं रोक सकते, हम एक लोकतंत्र हैं': मराठा नेता मनोज जारांगे के 'मुंबई मार्च' के खिलाफ याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सवाल किया कि वह मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे-पाटिल को विरोध करने से कैसे रोक सकता है, यह देखते हुए कि भारत एक लोकतंत्र है और "आंदोलन करने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है"।चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की डिवीजन बेंच पाटिल द्वारा दिए गए "मुंबई मार्च" के आह्वान के संबंध में निर्देश मांगने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पाटिल ने हाल ही में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर अपनी 12 दिन की भूख हड़ताल खत्म की थी।याचिकाकर्ता का...

उड़ीसा हाईकोर्ट ने डिप्टी चीफ मिनिस्टर की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
उड़ीसा हाईकोर्ट ने राज्य में डिप्टी चीफ मिनिस्टर की नियुक्ति की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली PIL (जनहित याचिका) खारिज की। कोर्ट ने कहा कि यह पद "सिर्फ नाम का" है और इस पद पर बैठे व्यक्ति को मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों की तुलना में कोई उच्च संवैधानिक शक्ति प्राप्त नहीं होती है। [2026 LiveLaw (Ori) 107]इस पद के औपचारिक उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए चीफ जस्टिस हरीश टंडन और जस्टिस चित्तरंजन डैश की डिवीजन बेंच ने कहा,“ऊपर बताई गई रिपोर्ट में दिए गए सिद्धांत पर हमारे मन में कोई संदेह नहीं है कि...

गणेश चतुर्थी पर 12 दिन की शराबबंदी तर्कहीन: बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को फटकारा, कहा- अस्पताल मरीजों से भर जाएंगे
गणेश चतुर्थी के दौरान महाराष्ट्र सरकार की ओर से खासकर पुणे जिले में 12 दिनों तक शराब की बिक्री पर लगाए गए व्यापक प्रतिबंध पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की खंडपीठ ने ऐसी व्यापक शराबबंदी को तर्कहीन बताते हुए कहा कि केवल यह मान लेना उचित नहीं है कि शराब पीने वाला हर व्यक्ति त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा करेगा।चीफ जस्टिस ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि अदालत ऐसी व्यापक पाबंदी की व्यवस्था को स्वीकार नहीं करती। उन्होंने कहा...

सड़क पर दो लोगों का जोर-जोर से चिल्लाना संज्ञेय अपराध नहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने FIR रद्द की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक सड़क पर दो लोगों का एक-दूसरे से सिर्फ जोर-जोर से चिल्लाकर बात करना, अपने आप में महाराष्ट्र निषेध अधिनियम, 1949 की धारा 85(1) के तहत संज्ञेय अपराध नहीं बनता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल इस आरोप के आधार पर कि दोनों व्यक्ति शराब के नशे में एक-दूसरे पर चिल्ला रहे थे, उनके खिलाफ आपराधिक मामला नहीं चलाया जा सकता, जब तक अश्लीलता, अनैतिकता या आपत्तिजनक आचरण का कोई ठोस आरोप न हो।जस्टिस मिलिंद एन. जाधव दो आरोपियों की उस अर्जी पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें पिंपरी पुलिस...

रिश्तेदारों को शादी पसंद नहीं तो FIR के जरिए बालिग दंपती को धमका-प्रताड़ित नहीं कर सकते: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि अगर किसी बालिग दंपती की शादी उनके रिश्तेदारों को पसंद नहीं है तो महज इस वजह से FIR दर्ज कराकर पुलिस मशीनरी का इस्तेमाल करते हुए उन्हें धमकाया या प्रताड़ित नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने एक विवाहित जोड़े को पुलिस सुरक्षा देते हुए निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें न तो परेशान किया जाए और न ही उनके खिलाफ किसी तरह की हिंसा होने दी जाए।जस्टिस एमके ठक्कर की अदालत उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें एक महिला के परिवार की ओर से उसके पति के खिलाफ दर्ज FIR को...

विनेश फोगाट को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, वर्ल्ड चैंपियनशिप ट्रायल में शामिल होने की अंतरिम अनुमति नहीं
पहलवान विनेश फोगाट को 2026 सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के भारतीय टीम चयन ट्रायल में शामिल होने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम राहत नहीं मिली। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने 14 सितंबर को होने वाले महिला चयन ट्रायल में शामिल होने के लिए पात्रता मानदंड से अंतरिम छूट देने से इनकार किया।कोर्ट ने कहा कि 7 सितंबर 2026 के भारतीय कुश्ती महासंघ के परिपत्र में तय पात्रता मानदंड सभी खिलाड़ियों पर समान रूप से लागू होते हैं और निर्धारित प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं लेने वाला खिलाड़ी, कारण चाहे जो...

अच्छी अदालत की पहली जरूरत अच्छा बार, वकील जज को वह दिखा सकता है जो शायद छूट जाए: चीफ जस्टिस अल्पेश कोगजे
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के नवनियुक्त चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे ने अपने स्वागत समारोह में स्वतंत्र और मजबूत बार को बेहतर न्याय व्यवस्था की पहली शर्त बताया। उन्होंने कहा कि एक जज के पास ज्ञान, अनुभव और अच्छे संस्थान का समर्थन हो सकता है, लेकिन एक अच्छा वकील जज को वह पक्ष दिखा सकता है, जो अन्यथा उसकी नजर से छूट जाता। यही प्रतिद्वंद्वी न्याय प्रणाली की खूबसूरती है वकील अपनी दलील रखता है और जज उसे सुनता है।चीफ जस्टिस कोगजे ने कहा कि गुजरात हाईकोर्ट से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट आना उनके लिए सम्मान और...

'हनी ट्रैप का शिकार था तो भी एयरफोर्स स्टेशन की तस्वीरें क्यों भेजीं?' हाईकोर्ट ने जमानत खारिज की
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने Official Secrets Act और BNS की धारा 152 के तहत आरोपी एक व्यक्ति की जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी पर अंबाला कैंट एयरफोर्स स्टेशन और Rafale विमानों की तस्वीरें पाकिस्तान में मौजूद एक महिला को भेजने का आरोप है।जस्टिस विक्रम अग्रवाल ने कहा कि भले ही आरोपी हनी ट्रैप का शिकार हुआ हो, लेकिन किसी अज्ञात व्यक्ति को एयरफोर्स स्टेशन और Rafale की तस्वीरें भेजने का कोई औचित्य नहीं था। ऐसे में जांच एजेंसियों का इसे जासूसी का मामला मानना उचित था।आरोपी को 2 जनवरी 2026 को गुप्त...
