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यूपी पुलिस तारीफ़ पाने के लिए 'हाफ एनकाउंटर' कर रही है: हाईकोर्ट ने SP/SSP को एसी गाइडलाइंस का उल्लंघन करने पर अवमानना की चेतावनी दी
पूर्ववर्ती जारी किए गए महत्वपूर्ण आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस एनकाउंटर में आरोपी को गंभीर चोट लगने के मामलों में पुलिस अधिकारियों द्वारा पालन किए जाने वाले सख्त 6-पॉइंट गाइडलाइंस जारी किए।जस्टिस अरुण कुमार देशवाल की बेंच ने यह भी साफ किया कि डिस्ट्रिक्ट पुलिस चीफ, जिसमें पुलिस अधीक्षक (SP), सीनियर पुलिस अधीक्षक (SSP) और कमिश्नर शामिल हैं, अगर उनके अधिकार क्षेत्र में एनकाउंटर के संबंध में PUCL बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन नहीं किया जाता है तो...
स्टेम सेल थेरेपी का इस्तेमाल ऑटिज्म के इलाज के तौर पर नहीं किया जा सकता, इसका इस्तेमाल सिर्फ़ क्लिनिकल ट्रायल के लिए किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) को ठीक करने के लिए क्लिनिकल सर्विस के तौर पर स्टेम सेल ट्रीटमेंट (SCT) थेरेपी देना गलत प्रैक्टिस है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि ASD के इलाज के तौर पर SCT के पास वैज्ञानिक सपोर्ट की कमी है। इसे अनुभवजन्य सबूतों द्वारा समर्थित एक सही मेडिकल प्रैक्टिस के रूप में मान्यता नहीं मिली है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने कहा कि SCT को अभी भी निगरानी वाले क्लिनिकल रिसर्च ट्रायल के लिए मंज़ूरी दी जा सकती है।बेंच ने विचार के लिए दो...
ECIR में बाद में FIR जोड़ने से ED की गिरफ्तारी अवैध नहीं होती: पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने रामप्रस्था प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर-डायरेक्टर्स द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि यदि किसी FIR को बाद में ECIR में जोड़ा जाता है तो उससे पहले की गई गिरफ्तारी अवैध नहीं हो जाती।जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने कहा कि केवल इस आधार पर कि दो FIR बाद में एडेंडम के माध्यम से ECIR का हिस्सा बनाई गईं, याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी को दोषपूर्ण नहीं ठहराया जा सकता।अदालत ने कहा कि ED पर ऐसा कोई...
स्कीयर मनजीत को 2026 शीतकालीन ओलंपिक टीम से बाहर करना मनमाना: दिल्ली हाइकोर्ट ने IOA को लगाई फटकार
दिल्ली हाइकोर्ट ने क्रॉस-कंट्री स्कीयर मनजीत को 2026 के मिलानो–कोर्तिना शीतकालीन ओलंपिक खेलों के लिए भारतीय दल से बाहर किए जाने को मनमाना, अनुचित और अंतरराष्ट्रीय योग्यता ढांचे के विपरीत करार दिया।हाइकोर्ट ने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की चयन प्रक्रिया पर कड़ी टिप्पणी करते हुए मनजीत की ओलंपिक में भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जस्टिस जस्मीत सिंह ने मनजीत द्वारा दायर याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि IOA और उसकी ऐड-हॉक कमेटी ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर ऐसे पात्रता मानदंड लागू किए, जो...
दिल्ली महिला आयोग में अध्यक्ष व स्टाफ की नियुक्ति की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल
दिल्ली महिला आयोग (DCW) में अध्यक्ष और अन्य स्टाफ पदों की लंबे समय से रिक्तियों को भरने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। यह याचिका राजद सांसद सुधाकर सिंह ने अपने अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से दायर की है।याचिका में कहा गया है कि वैधानिक रूप से गठित और महिलाओं को संस्थागत सहायता, शिकायत निवारण, परामर्श और संकट हस्तक्षेप प्रदान करने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद, दिल्ली महिला आयोग लंबे समय से न तो भौतिक रूप से सुलभ है और न ही प्रभावी रूप से...
18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों से सिर्फ दोस्ताना रिश्ते भी कानूनन मंज़ूर नहीं, इसी वजह से कई युवा जेलों में सड़ रहे हैं: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में एक नाबालिग लड़की के कथित अपहरण के मामले में दो युवकों की सजा को रद्द करते हुए कहा कि वे 'गुड समैरिटन' (Good Samaritans) थे, जिन्होंने संकट में फंसी लड़की की मदद की, लेकिन इसके बदले उन्हें जेल जाना पड़ा। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों के साथ किसी भी प्रकार के संबंध—even यदि वह मित्रतापूर्ण हों—को कानून की मंजूरी न होने के कारण कई युवा सख्त कानूनों के तहत जेलों में सड़ रहे हैं।जस्टिस गीता गोपी ने यह टिप्पणी दो युवकों—रोहन और...
कर्ज की वापसी की मांग को आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं माना जा सकता: मध्यप्रदेश हाइकोर्ट
मध्यप्रदेश हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति द्वारा अपने कर्ज की रकम वापस मांगना या उसके बदले मृतक की मोटरसाइकिल अपने पास रखना, आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध नहीं माना जा सकता।हाइकोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत लगाए गए आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप रद्द कर दिया।जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की एकल पीठ ने कहा कि आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध तभी बनता है जब आरोपी की मंशा स्पष्ट रूप से मृतक को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की हो। केवल कर्ज की वापसी की मांग को ऐसी मंशा नहीं माना...
चेक बाउंस मामले में यदि आरोपी की दलील प्रथम दृष्टया विश्वसनीय हो तो अंतरिम मुआवजा नहीं दिया जा सकता: गुवाहाटी हाइकोर्ट
गुवाहाटी हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि चेक बाउंस मामले में ऐसे विवादित तथ्य हों जिनका निपटारा साक्ष्यों के माध्यम से किया जाना आवश्यक हो, तो उस अवस्था में परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI Act) की धारा 143-ए के तहत अंतरिम मुआवजा देना उचित नहीं होगा।जस्टिस प्रांजल दास ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें आरोपी को चेक राशि का 20 प्रतिशत अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश दिया गया था।हाइकोर्ट ने कहा कि अंतरिम मुआवजा देने से पहले कोर्ट का यह संतुष्ट होना आवश्यक है कि शिकायतकर्ता के पक्ष में...
'कानून से ऊपर कोई नहीं': न्यायिक आदेशों की अवहेलना पर राजस्थान हाईकोर्ट ने डिप्टी कलेक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने 70 वर्षीय विधवा महिला द्वारा माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत दायर आवेदन पर समयबद्ध निर्णय न देने और अदालत के आदेशों की बार-बार अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी जिला कलेक्टर एवं मजिस्ट्रेट के आचरण पर कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह अधिनियम त्वरित राहत के उद्देश्य से बनाया गया है और कोई भी प्राधिकारी मामले को अनिश्चितकाल तक लंबित रखकर अदालत के निर्देशों की जानबूझकर अनदेखी नहीं कर सकता।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने...
BREAKING| मासिक धर्म स्वास्थ्य अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- स्कूलों में लड़कियों को मुफ्त सैनिटरी पैड मिलें
संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मासिक धर्म स्वास्थ्य के अधिकार को जीवन के अधिकार का हिस्सा घोषित करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कई निर्देश जारी किए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर स्कूल किशोर लड़कियों को मुफ्त में बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए।कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि स्कूलों में काम करने वाले और स्वच्छ लिंग-विभाजित शौचालय हों।कोर्ट ने कक्षा 6-12 तक की किशोर लड़कियों के लिए स्कूलों में केंद्र सरकार की राष्ट्रीय नीति 'स्कूल जाने वाली लड़कियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता...
सलाह देने की प्रोफेशनल हैसियत से वकील की मौजूदगी को आपराधिक धमकी नहीं माना जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक वकील के खिलाफ आपराधिक धमकी का मामला यह मानते हुए रद्द कर दिया कि प्रोफेशनल ड्यूटी के दौरान क्लाइंट को दी गई सलाह या सुझाव को आपराधिक धमकी नहीं माना जा सकता।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने कहा,"...एक वकील (इस मामले में अपीलकर्ता) की प्रोफेशनल ड्यूटी निभाने की हैसियत से सिर्फ सलाह या सुझाव देने की मौजूदगी को धमकी नहीं माना जा सकता।" यह मामला था, जिसमें शिकायतकर्ता यौन अपराध मामले में पीड़ित थी। उसने आरोप लगाया कि अपीलकर्ता-वकील ने उसे धमकी...
1991 विधानसभा हंगामा मामले को हाईकोर्ट ने किया रद्द, यूपी सरकार को पुराने मुकदमों पर नीति बनाने का निर्देश
न्यायपालिका के सीमित संसाधनों और लंबित मामलों के बढ़ते बोझ पर गंभीर टिप्पणी करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ पीठ) ने बुधवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में कथित हंगामे से जुड़े 34 वर्ष पुराने आपराधिक मुकदमे को रद्द कर दिया। अदालत ने ऐसे पुराने और निष्प्रभावी मुकदमों को “निरर्थक (futile) अभ्यास” करार देते हुए राज्य सरकार से कहा कि वह विभिन्न अदालतों में लंबित ऐसे मामलों के “डेडवुड को काटे”।जस्टिस पंकज भाटिया की पीठ ने धारा 482 दंप्रसं के तहत दायर याचिकाओं को स्वीकार करते हुए 1991 में विधानसभा के गेट...
सुप्रीम कोर्ट की आपत्ति के बाद यूपी सरकार ने मोटर वाहन मामलों में ट्रायल समाप्त करने वाले कानून में संशोधन का प्रस्ताव रखा
सुप्रीम कोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश के कानून पर गंभीर चिंता जताए जाने के बाद राज्य सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज मामलों में ट्रायल समाप्त (एबेट) करने से संबंधित प्रावधान में संशोधन का प्रस्ताव रखा।यह मामला उत्तर प्रदेश आपराधिक कानून (अपराधों का संयोजन और ट्रायल की समाप्ति) अधिनियम से जुड़ा है, जिसके तहत 31 दिसंबर 2021 तक लंबित मोटर वाहन अधिनियम के मामलों को स्वतः समाप्त करने का प्रावधान किया गया।पिछले वर्ष नवंबर में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून पर सवाल उठाते हुए कहा...
सुप्रीम कोर्ट ने NDPS केस को लापरवाही से संभालने पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डायरेक्टर और NCB IG की व्यक्तिगत पेशी का आदेश दिया
नशीले पदार्थों की कमर्शियल मात्रा से जुड़े मामले में देरी पर गंभीर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के डायरेक्टर और NCB गुवाहाटी के इंस्पेक्टर जनरल को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने यह आदेश तब दिया, जब वे गुवाहाटी हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने वाली NCB की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें एक आरोपी को जमानत दी गई, जिसके पास कथित तौर पर 1.045 किलोग्राम हेरोइन पाई गई।...
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग में नियुक्तियों में देरी पर सुप्रीम कोर्ट की नाराज़गी, चार सप्ताह का दिया अंतिम अवसर
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति में हो रही लगातार देरी पर गहरी नाराज़गी जताई। कोर्ट ने कहा कि बार-बार दिए गए आश्वासनों के बावजूद अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई और नियुक्तियों की प्रक्रिया अत्यंत धीमी गति से आगे बढ़ रही है।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की खंडपीठ ने 27 जनवरी को पारित आदेश में केंद्र सरकार को अंतिम अवसर देते हुए कहा कि यदि चार सप्ताह के भीतर राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति नहीं की गई तो...
हाइपरटेंशन, डायबिटीज़ को 'लाइफस्टाइल डिज़ीज़' बताकर सैन्य कर्मियों को दिव्यांगता पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाइकोर्ट
बॉम्बे हाइकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि हाइपरटेंशन, डायबिटीज़, स्पॉन्डिलाइटिस जैसी बीमारियों को केवल 'लाइफस्टाइल' या 'संवैधानिक' रोग बताकर सशस्त्र बलों के कर्मियों को दिव्यांगता पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता। हाइकोर्ट ने सशस्त्र बल अधिकरण (AFT), मुंबई का निर्णय बरकरार रखा, जिसमें सेना और नौसेना के कर्मियों को यह मानते हुए दिव्यांगता पेंशन देने का निर्देश दिया गया कि ये बीमारियां उनकी सेवा के दौरान उत्पन्न हुईं या सेवा की परिस्थितियों के कारण बढ़ीं।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखाड...
PF-ESI अंशदान की देर से जमा राशि पर कर कटौती मिलेगी या नहीं? परस्पर विरोधी फैसलों पर सुप्रीम कोर्ट करेगा निर्णय
सुप्रीम कोर्ट ने आयकर कानून के तहत एक विवादित मुद्दे की जांच करने पर सहमति जताई है कि क्या नियोक्ता (Employer) कर्मचारियों के भविष्य निधि (PF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) के अंशदान पर आयकर कटौती (deduction) का दावा कर सकता है, यदि ये रकम निर्धारित वैधानिक समय-सीमा के बाद जमा की गई हो।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने इस मुद्दे पर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर अपील में नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा था कि कर्मचारियों के PF और ESI अंशदान, यदि...
Article 21 | आपात स्थिति में गैर-सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज पर मेडिकल रिइम्बर्समेंट से इनकार नहीं किया जा सकता: पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया कि वह एक सरकारी कर्मचारी की पत्नी के आपातकालीन इलाज पर गैर-सूचीबद्ध निजी अस्पताल में हुए शेष मेडिकल खर्च का भुगतान करे। हाइकोर्ट ने कहा कि बिना कारण बताए मेडिकल रिइम्बर्समेंट से इनकार करना मनमाना है और यह संविधान के आर्टिकल 21 के तहत जीवन के अधिकार का उल्लंघन है।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा कि जीवन-रक्षक आपात परिस्थितियों में मरीज या उसके परिजन के पास PGIMER जैसे सरकारी अस्पताल में भर्ती होने की प्रतीक्षा करने का कोई वास्तविक विकल्प नहीं...
UP STF IG पर रिश्वत लेकर अपराधी छोड़ने के आरोप वाली खबर मामले में न्यूज़18 के पत्रकारों को हाइकोर्ट से राहत नहीं
इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ बेंच ने न्यूज़18 चैनल के एग्जीक्यूटिव एडिटर और अन्य पत्रकारों द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें उनके खिलाफ जारी समन आदेश को चुनौती दी गई थी। यह समन सीनियर आईपीएस अधिकारी अमिताभ यश द्वारा दायर आपराधिक मानहानि के मामले में जारी किया गया।जस्टिस ब्रिज राज सिंह की पीठ ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 482 के तहत दाखिल याचिका पर सुनवाई करते समय हाइकोर्ट “मिनी ट्रायल” नहीं कर सकता और न ही इस स्तर पर पत्रकारों की निर्दोषता से संबंधित साक्ष्यों का मूल्यांकन किया जा...
शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत वापस लेने के बाद BCI की अनुशासनात्मक समिति अधिवक्ता पर दंड नहीं लगा सकती: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (29 जनवरी) को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की अनुशासनात्मक समिति के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक अधिवक्ता को पेशेवर कदाचार का दोषी ठहराया गया था। अदालत ने कहा कि जब शिकायतकर्ता-मुवक्किल ने स्पष्ट रूप से अपनी शिकायत वापस ले ली हो और अधिवक्ता की सेवाओं से पूर्ण संतोष व्यक्त किया हो, तो ऐसी स्थिति में अनुशासनात्मक कार्यवाही को जारी नहीं रखा जा सकता।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने एडवोकेट की अपील स्वीकार करते हुए कहा“जब प्रतिवादी-शिकायतकर्ता ने...




















