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इलाहाबाद हाईकोर्ट के कोर्टरूम में लगी आग, बड़ा हादसा टला
प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट के कोर्टरूम नंबर 3 में शुक्रवार तड़के अचानक आग लग गई। घटना सुबह के शुरुआती घंटों में हुई, उस समय कोर्टरूम खाली था, इसलिए किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।जानकारी के अनुसार आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब सुबह 9 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि कोर्टरूम में लगे एयर कंडीशनर में खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी।आग लगने से कोर्टरूम के भीतर कुछ सामान को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, समय...
क्या ट्रायल में देरी के आधार पर अजमल कसाब या हाफिज सईद को भी मिल सकती है जमानत? दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में उठाए सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 2020 दिल्ली दंगा “बड़ी साजिश” मामले में UAPA के तहत जेल में बंद तस्लीम अहमद और खालिद सैफी को अंतरिम जमानत देने के संकेत दिए। दोनों आरोपी वर्ष 2020 से न्यायिक हिरासत में हैं।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने दोनों की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के पिछले साल के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने अंतरिम...
माँ की सर्जरी के लिए उमर ख़ालिद को हाईकोर्ट से मिली 3 दिन की अंतरिम जमानत
दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में UAPA के तहत आरोपी पूर्व JNU छात्र नेता उमर खालिद को तीन दिन की अंतरिम जमानत दे दी है। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ ने उन्हें 1 जून से 3 जून तक सख्त शर्तों के साथ राहत दी।उमर खालिद ने अपनी मां की 2 जून को होने वाली सर्जरी और दिवंगत चाचा की चेहलुम रस्म में शामिल होने के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत मांगी थी। हालांकि हाईकोर्ट ने “सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण” अपनाते हुए सीमित अवधि के लिए राहत दी।सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस...
बरगी डैम नाव हादसे पर गठित न्यायिक जांच आयोग के बाद MP हाईकोर्ट ने PILs का किया निपटारा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर के बरगी डैम नाव हादसे को लेकर दायर जनहित याचिकाओं (PILs) के एक समूह का निपटारा कर दिया है। अदालत ने यह फैसला राज्य सरकार की उस जानकारी के बाद दिया, जिसमें बताया गया कि हादसे की जांच के लिए एक पूर्व हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग गठित किया जा चुका है।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ के समक्ष अतिरिक्त महाधिवक्ता एचएस रूपराह ने बताया कि आयोग ने आम जनता से सुझाव भी मांगे हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि 1 मई 2026 के आदेश के तहत...
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट्स पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, पत्रकार सौरव दास और AAP नेता गोपाल राय को नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पत्रकार सौरव दास और AAP नेता गोपाल राय को नोटिस जारी किया। यह नोटिस उस याचिका पर जारी हुआ है जिसमें जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित अवमाननापूर्ण पोस्ट साझा करने का आरोप लगाया गया है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंद्र दुडेजा की खंडपीठ ने मामले को पहले से लंबित स्वतः संज्ञान आपराधिक अवमानना मामले के साथ जोड़ते हुए 4 अगस्त को सुनवाई तय की है। अदालत ने रजिस्ट्री को याचिका में शामिल सोशल मीडिया सामग्री सुरक्षित रखने का निर्देश भी दिया।याचिका में...
सिर्फ मुंबई ऑफिस का पता लिख देने से नहीं बदलेगा कोर्ट का अधिकार क्षेत्र, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- जहां विवाद का हिस्सा पैदा हुआ, वहीं चलेगा मुकदमा
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि केवल चालान (Invoices) और एयरवे बिल पर मुंबई स्थित प्रशासनिक कार्यालय का पता दर्ज होने मात्र से दिल्ली की अदालतों का क्षेत्राधिकार समाप्त नहीं हो जाता, खासकर तब जब प्रतिवादी कंपनी का पंजीकृत कार्यालय दिल्ली में स्थित हो और विवाद से जुड़ा कुछ कारण दिल्ली में उत्पन्न हुआ हो।जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने यह फैसला GAC लॉजिस्टिक्स द्वारा दायर अपील को स्वीकार करते हुए सुनाया। कंपनी ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें क्षेत्राधिकार...
कक्षा 9 और 10 में तीसरी भाषा अनिवार्य करने के CBSE फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल कर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के उस फैसले को चुनौती दी गई, जिसके तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों के लिए तीसरी भाषा पढ़ना अनिवार्य किया गया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने मामले को अगले सप्ताह सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई। यह अनुरोध सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने अदालत के समक्ष मौखिक उल्लेख के जरिए किया।सुनवाई के दौरान मुकुल रोहतगी ने कहा कि यह याचिका देशभर के विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों की ओर से दायर की...
कानूनी पेशे में महिलाओं के लिए 'सिस्टरहुड' बेहद जरूरी: जस्टिस बीवी नागरत्ना
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि कानूनी पेशे में महिलाओं के लिए सिस्टरहुड यानी आपसी सहयोग और एकजुटता बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह व्यवस्था अब भी काफी हद तक पुरुष प्रधान बनी हुई है।सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह की पुस्तक 'कांस्टीट्यूशन इज़ माई होम' के विमोचन समारोह में बोलते हुए जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि पुरुषों को पेशेवर दुनिया में स्वाभाविक सहजता और नेटवर्क का लाभ मिलता रहा है जबकि महिलाओं को अपनी जगह खुद बनानी पड़ी है।उन्होंने कहा,“कानूनी पेशा बेहद प्रतिस्पर्धी हो सकता है लेकिन...
सुप्रीम कोर्ट ने सात पूर्व हाईकोर्ट जजों को दिया सीनियर एडवोकेट का दर्जा
सुप्रीम कोर्ट ने देश के विभिन्न हाईकोर्टों के सात पूर्व जजों को सीनियर एडवोकेट के रूप में डेजिग्नेशन किया। इस संबंध में 21 मई को अधिसूचना जारी की गई।अधिसूचना के अनुसार 20 मई को हुई फुल कोर्ट बैठक में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) और सुप्रीम कोर्ट के जजों ने इन नामों को मंजूरी दी। सीनियर एडवोकेट का दर्जा 20 मई 2026 से प्रभावी माना गया।जिन पूर्व जजों को सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेट किया गया, उनमें शामिल हैं—1. जस्टिस बाबू के., पूर्व जज, केरल हाईकोर्ट।2. जस्टिस देबब्रत दास, पूर्व जज, ओडिशा हाईकोर्ट।2....
भोजशाला-कमाल मौला विवाद: स्थल को 'मंदिर' घोषित करने के हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
लंबे समय से चले आ रहे भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। इस मामले में एक मुस्लिम पक्ष ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के हालिया फैसले को चुनौती दी, जिसमें धार स्थित विवादित जगह को मंदिर घोषित किया गया और वहां नमाज़ पढ़ने पर रोक लगा दी गई।यह विशेष अनुमति याचिका (SLP) काज़ी मोइनुद्दीन ने दायर की, जो मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चल रही कार्यवाही में हस्तक्षेपकर्ता (Intervener) थे। इस याचिका में उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 15 मई के उस आदेश को चुनौती दी, जो 'हिंदू...
संविधान सभी नागरिकों का है, न कि कुछ खास लोगों का: CJI सूर्यकांत
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने गुरुवार को कहा कि संविधान हर नागरिक का समान रूप से है और यह कुछ ऐसे खास लोगों के लिए आरक्षित विशेषाधिकार नहीं है, जो महंगी कानूनी प्रक्रियाओं और बेहतरीन कानूनी प्रतिनिधित्व का खर्च उठा सकते हैं।सीनियर वकील इंदिरा जयसिंह की संस्मरण 'द कॉन्स्टिट्यूशन इज़ माई होम: कन्वर्सेशन्स ऑन अ लाइफ इन लॉ' के विमोचन समारोह में मुख्य भाषण देते हुए CJI ने संवैधानिकवाद, अधिकारों के न्यायशास्त्र के विकास और भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को आकार देने में बेंच (न्यायालय) और बार...
एडवोकेट देवव्रत चुने गए SCAORA के अध्यक्ष, निखिल जैन बने उपाध्यक्ष
गुरुवार (21 मई) को हुए चुनाव में एडवोकेट देवव्रत को सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) का अध्यक्ष चुना गया।एडवोकेट निखिल जैन को उपाध्यक्ष चुना गया। वहीं एडवोकेट युगंधरा पवार झा सचिव बने।देवव्रत ने अध्यक्ष पद की दौड़ में एडवोकेट शिवाजी एम. जाधव को हराया।कोषाध्यक्ष, संयुक्त सचिव, संयुक्त कोषाध्यक्ष और कार्यकारी सदस्यों के पदों के लिए वोटों की गिनती अभी बाकी है।
'ज़मानत के अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल आम निर्देश जारी करने के लिए नहीं किया जा सकता': सुप्रीम कोर्ट ने समन तामील पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों को रद्द किया
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा ज़मानत की कार्यवाही में जारी किए गए उन निर्देशों को रद्द कर दिया, जिनमें ट्रायल कोर्ट को समन और ज़बरदस्ती की प्रक्रियाओं की तामील के लिए खास कदम उठाने को कहा गया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 483 के तहत ज़मानत के अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करते हुए इतने दूरगामी निर्देश जारी नहीं किए जा सकते।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने आरोपी रामबालक द्वारा दायर अपील पर यह फ़ैसला सुनाया। रामबालक ने...
सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के हरियाणा सिविल सर्विस भर्ती में जालसाजी के आरोपों पर चार्जशीट रद्द करने वाले आदेश पर उठाया सवाल
2002 में भर्ती को लेकर हरियाणा सिविल सेवा के 8 अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश की आलोचना की, जिसमें आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट रद्द कर दी गई थी।कोर्ट ने हाईकोर्ट के जांच एजेंसियों की भूमिका निभाने पर सवाल उठाया, क्योंकि उसने राज्य के अतिरिक्त एडवोकेट जनरल द्वारा उसके सामने रखे गए एक हलफनामे की सच्चाई परखने के लिए उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की थी। कोर्ट ने आगे यह भी कहा कि हाईकोर्ट ने उत्तर पुस्तिकाओं को...
नया घर बनाने के लिए POCSO दोषी को पैरोल दी, नवी मुंबई एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए गिरा दिया गया था पुराना घर
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में 'यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम' (POCSO Act) के तहत दोषी ठहराए गए व्यक्ति को 25 दिनों की पैरोल दी। यह पैरोल उसे एक नया घर बनाने के लिए दी गई। उसका पिछला घर महाराष्ट्र सरकार ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए ज़मीन (जिस पर उसका घर बना था) का अधिग्रहण करने के बाद गिरा दिया था।नागपुर पीठ में बैठी जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के और जस्टिस निवेदिता मेहता की खंडपीठ ने गौर किया कि दोषी प्रदीप गायकवाड़ पहले ही जेल में नौ साल से ज़्यादा समय बिता चुका है।...
गंगा इफ्तार | हिंदू समुदाय से माफ़ी मांगने और 'माँ गंगा' का जीवन भर सम्मान करने के वादा पर मिली आरोपियों को जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को 3 मुस्लिम पुरुषों को ज़मानत दी। इन पर इफ्तार पार्टी आयोजित करने, गंगा नदी (वाराणसी में) में एक नाव पर मांसाहारी भोजन करने और बचा हुआ कचरा नदी में फेंकने का आरोप है।जस्टिस राजीव लोचन की बेंच ने कहा कि आरोपियों ने कोर्ट में बिना शर्त माफ़ी मांगकर "सच्चा पछतावा" दिखाया। इसी बेंच ने पहले एक अलग आदेश के ज़रिए 5 अन्य सह-आरोपियों को भी राहत दी थी।उनके सप्लीमेंट्री हलफ़नामे पर भरोसा करते हुए कोर्ट ने कहा कि आवेदकों ने 'हाथ जोड़कर' हिंदू समुदाय से माफ़ी मांगी और पूरी...
हाईकोर्ट ने जोधपुर में गंभीर जल संकट का स्वतः संज्ञान लिया; अंतरिम निर्देश जारी किए
राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर में गंभीर जल संकट का स्वतः संज्ञान लिया। इसमें प्राचीन जल निकायों और पारंपरिक जल संचयन प्रणालियों की उपेक्षित स्थिति; वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण से संबंधित वैधानिक प्रावधानों का अप्रभावी कार्यान्वयन और जलाशयों, बांधों तथा शहरी जल संरक्षण की चिंताजनक स्थिति शामिल है।डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और डॉ. जस्टिस नूपुर भाटी की खंडपीठ ने स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल के अधिकार पर प्रकाश डाला, जिसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मान्यता प्राप्त है। साथ ही संविधान के...
बिना किसी विरोध के आदमी ने पिया कीचड़: गर्मियों में झारखंड
झारखड़ के झुलसे हुए गांवों में पानी एक अफवाह बन गया है और गर्मी आपको इसे भूलने नहीं देगी।एक तस्वीर है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। एक आदमी, चेहरा फटी हुई धरती में दबा हुआ था, जो कुछ भी थोड़ा सा पानी खोखले में इकट्ठा हुआ है उसे पी रहा था। यह एक आपदा फिल्म के एक स्थिर की तरह दिखता है। ये इतना ही नहीं है। यह झारखंड में लिया गया था, विशेष रूप से पलामू जिले में, जो एक सूखाग्रस्त राज्य के सबसे गरीब और सूखाग्रस्त क्षेत्रों में से एक है, जिस पर देश के अधिकांश हिस्सों ने केवल आधा ध्यान दिया।आइए हम...
From Deference To Scrutiny: देखभाल के मानक, सूचित सहमति और स्टेम सेल थेरैपी का विनियामक वर्गीकरण
भारतीय चिकित्सा कानून लंबे समय से न्यायिक सम्मान के ढांचे के भीतर काम करता रहा है। लगभग सात दशकों तक, एक परीक्षण ने सामान्य कानून क्षेत्राधिकारों में चिकित्सा लापरवाही मानक को परिभाषित किया है, जिसे मैकनेयर जे द्वारा बोलम बनाम फ्रिर्न अस्पताल प्रबंधन समिति [1957] 1 WLR 582 में बताया गया है, एक डॉक्टर लापरवाह नहीं है यदि वह उस विशेष कला में कुशल चिकित्सा पुरुषों के एक जिम्मेदार निकाय द्वारा उचित रूप से स्वीकार किए गए अभ्यास के अनुसार कार्य करती है।तर्क डिजाइन द्वारा स्थगित था। अदालतें चिकित्सा...
अटेंडेंट इन लॉ एजुकेशन: परीक्षाओं से परे एक बहस
कानूनी शिक्षा में उपस्थिति के बारे में हालिया बहस ने परिसरों, सोशल मीडिया और कानूनी हलकों में कड़ी प्रतिक्रियाएं शुरू कर दी हैं। दुर्भाग्य से, अधिकांश बातचीत भावनात्मक कहानियों और चयनात्मक व्याख्याओं से प्रेरित हुई है, बजाय इसके कि कानूनी शिक्षा वास्तव में क्या हासिल करने के लिए है। कई मामलों में, बातचीत वास्तव में यह समझने की तुलना में पक्ष लेने के बारे में अधिक हो गई है कि पेशेवर कानूनी शिक्षा कैसे काम करती है।ऐसे समय में जब कानूनी शिक्षा की गुणवत्ता पहले से ही जांच के दायरे में है, इस बातचीत...




















