BREAKING | शराब पॉलिसी केस में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी आरोपी बरी, कोर्ट ने CBI जांच पर उठाए गंभीर सवाल

Amir Ahmad

27 Feb 2026 12:25 PM IST

  • BREAKING | शराब पॉलिसी केस में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी आरोपी बरी, कोर्ट ने CBI जांच पर उठाए गंभीर सवाल

    राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को चर्चित आबकारी नीति मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (AAP) के सीनियर नेता मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को आरोपमुक्त किया।

    स्पेशल जस्टिस जितेंद्र सिंह ने अपने आदेश में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की जांच पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रस्तुत आरोपपत्र में गंभीर त्रुटियाँ और विरोधाभास हैं।

    अदालत ने कहा कि CBI द्वारा दाखिल हजारों पृष्ठों का आरोपपत्र ऐसे तथ्यों और कथनों से भरा है, जिनका किसी गवाह या साक्ष्य से समर्थन नहीं होता। जस्टिस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मनीष सिसोदिया के विरुद्ध प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि सिसोदिया की संलिप्तता दर्शाने वाला कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य या बरामदगी रिकॉर्ड पर नहीं है।

    अरविंद केजरीवाल के संबंध में अदालत ने कहा कि उन्हें “बिना किसी ठोस और विश्वसनीय सामग्री के आरोपित किया गया, जो कानून के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है, विशेषकर तब जब मामला एक संवैधानिक पद धारण करने वाले व्यक्ति से जुड़ा हो। अदालत ने यह भी कहा कि किसी गवाह के बयान या ठोस साक्ष्य के अभाव में कथित साजिश में उनकी भूमिका सिद्ध नहीं की जा सकती।

    मुख्य आरोपी के रूप में नामित कुलदीप सिंह के बारे में अदालत ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि जब रिकॉर्ड पर कोई ठोस सामग्री नहीं है, तब उन्हें प्रथम आरोपी क्यों बनाया गया। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपपत्र में आंतरिक विरोधाभास हैं जो कथित साजिश की पूरी थ्योरी की जड़ पर प्रहार करते हैं।

    इस मामले में कुल 23 आरोपियों को राहत मिली है। इनमें कुलदीप सिंह, नरेंद्र सिंह, विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली, अरुण पिल्लई, मूथा गौतम, समीर महेंद्रू, मनीष सिसोदिया, अमनदीप सिंह ढल्ल, अर्जुन पांडे, बुच्चीबाबू गोरंटला, राजेश जोशी, दामोदर प्रसाद शर्मा, प्रिंस कुमार, अरविंद कुमार सिंह, चनप्रीत सिंह, के. कविता, अरविंद केजरीवाल, दुर्गेश पाठक, अमित अरोड़ा, विनोद चौहान, आशीष चंद्र माथुर और सरथ रेड्डी शामिल हैं।

    अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि जांच में गंभीर चूक हुई और मामले के जांच अधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच के निर्देश दिए गए।

    गौरतलब है कि वर्ष 2021 में दिल्ली सरकार द्वारा नई आबकारी नीति लागू की गई, जिसका उद्देश्य राजस्व बढ़ाना और शराब व्यापार में सुधार करना बताया गया। बाद में अनियमितताओं के आरोप लगने पर तत्कालीन उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मामले की जांच CBI को सौंप दी। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने आरोप लगाया कि नीति के माध्यम से निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।

    मनीष सिसोदिया को CBI ने 26 फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया। बाद में ED ने 9 मार्च 2023 को हिरासत में लिया। वे लगभग 530 दिनों तक जेल में रहे।

    अरविंद केजरीवाल को 26 जून, 2024 को CBI ने औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया, जब वह पहले से ही ED की हिरासत में थे। वह कुल लगभग 156 दिन जेल में रहे और 13 सितंबर 2024 को हाइकोर्ट से राहत मिलने के बाद रिहा हुए।

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