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वोटर लिस्ट से हटा कपिल सिब्बल की बहन का नाम, पूछा- क्या ECI प्रधानमंत्री से पूछा रहा है, SIR, हम वही करेंगे जो आप चाहेंगे

चुनाव आयोग की 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने शनिवार को कहा कि वोटर लिस्ट से उनकी बहन का नाम हटा दिया गया। सिब्बल ने आगे कहा कि इसी तरह जजों और विदेशी राजनयिकों के नाम भी हटाई गई लिस्ट में पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं, लेकिन बहुत कम लोगों ने नाम जुड़वाने के लिए फ़ॉर्म भरा है क्योंकि उन्हें डर है कि उन्हें परेशान किया जाएगा।वह कोच्चि में 'ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन' द्वारा 'हॉर्स-ट्रेडिंग और लोकतंत्र' पर आयोजित...

CJP प्रदर्शनकारी पर हमले का मामला: स्वतंत्र भारद्वाज की ज़मानत अर्ज़ी पर दिल्ली कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा

दिल्ली कोर्ट ने सोमवार को स्वतंत्र भारद्वाज की ज़मानत अर्ज़ी पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया। यह मामला जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले से जुड़ा है।पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह ललेर कल (मंगलवार) इस मामले में आदेश सुनाएंगे।इससे पहले सोमवार को अदालत ने बंद कमरे में सुनवाई करने का फ़ैसला किया, क्योंकि अदालत को बताया गया कि भारद्वाज के ख़िलाफ़ SC/ST Act और POCSO Act के तहत दो FIR दर्ज की...

अनुशासनात्मक कार्रवाई ही रद्द हो गई तो प्रतिकूल सेवा टिप्पणी का आधार भी खत्म: उड़ीसा हाईकोर्ट

उड़ीसा हाईकोर्ट ने अपने पूर्व रजिस्ट्रार (न्यायिक) की सेवा पुस्तिका में दर्ज प्रतिकूल टिप्पणियों के मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया।हाईकोर्ट ने कहा कि जिन गंभीर आरोपों के आधार पर अधिकारी की गोपनीय चरित्रावली में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज की गई, उन आरोपों पर हुई विभागीय कार्रवाई और उसमें दी गई सजा को बाद में अदालत पहले ही रद्द कर चुकी है। ऐसे में प्रतिकूल टिप्पणी के आधार की दोबारा समीक्षा जरूरी है।जस्टिस मनाश रंजन पाठक और जस्टिस सिबो शंकर मिश्रा की खंडपीठ ने पूर्व रजिस्ट्रार (न्यायिक) ललित कुमार दास...

छात्रों से धार्मिक प्रार्थना कराने के आरोप में निलंबित शिक्षक को हाईकोर्ट से राहत, 15 दिन में जांच पूरी करने का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्कूल में छात्रों से इस्लामी प्रार्थना कराने और उन्हें एक विशेष समुदाय से संबंधित दिखाने वाली वर्दी पहनाने के आरोप में निलंबित शिक्षक को राहत दी।हाईकोर्ट ने विभागीय जांच जल्द पूरी करने का निर्देश देते हुए कहा कि जांच पूरी होने तक शिक्षक का निलंबन आदेश प्रभावी नहीं रहेगा। जस्टिस मंजू रानी चौहान की पीठ ने शिक्षक मोहम्मद अनजर अहमद की याचिका पर सुनवाई करते हुए विभागीय जांच को कानून के अनुसार जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा कि जांच को प्राथमिकता के आधार पर,...

वक्फ बोर्ड नियमों को दरकिनार कर एड हॉक समिति नहीं बना सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट की धारवाड़ पीठ ने कहा कि वक्फ बोर्ड वैधानिक प्रक्रिया को दरकिनार कर किसी वक्फ संस्था के प्रबंधन के लिए अपनी मर्जी से एड हॉक समिति नियुक्त नहीं कर सकता।हाईकोर्ट ने राज्य वक्फ बोर्ड की ओर से 11 महीने के लिए बनाई गई 11 सदस्यीय तदर्थ समिति से संबंधित कार्यालय ज्ञापन रद्द किया। जस्टिस सचिन शंकर मगदुम ने मुडलगि की बज्मे तौहीद तंजीम समिति की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।याचिका में वक्फ संस्था के प्रबंधन और निगरानी के लिए बोर्ड द्वारा तदर्थ समिति गठित करने के फैसले को...

जिला अदालतें नागरिकों की अदालतें, यहां प्रैक्टिस करने वाले वकील न्याय व्यवस्था का अहम हिस्सा: जस्टिस अभय ओक

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस अभय ओक ने कहा कि जिला अदालतें आम नागरिकों के लिए न्याय व्यवस्था से सीधे जुड़ने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम हैं और वहां प्रैक्टिस करने वाले वकील न्याय व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। उन्होंने युवा वकीलों से कानून की बुनियादी समझ के साथ-साथ अदालती प्रक्रिया और पेशेवर कौशल को लगातार मजबूत करने का आह्वान किया।जस्टिस अभय ओक पुणे के आईएलएस लॉ कॉलेज में विधि शिक्षा के सतत कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वकालत के क्षेत्र में सफलता के लिए मेहनत सबसे...

76 साल के बीमार आरोपी को जमानत देते हुए हाईकोर्ट बोला- न्याय के लिए जज में रीढ़ की हड्डी होनी चाहिए

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 76 वर्षीय आरोपी को खराब स्वास्थ्य और पांच साल से अधिक समय से जेल में रहने के आधार पर अंतरिम जमानत दी। हाईकोर्ट ने कहा कि 75 वर्ष से अधिक उम्र के किसी बीमार व्यक्ति की जमानत याचिका पर फैसला करते समय अदालत को उसकी उम्र और स्वास्थ्य को बेहद संवेदनशीलता के साथ देखना चाहिए। ऐसी याचिका खारिज करने से पहले जज को इसके कारण भी स्पष्ट रूप से दर्ज करने चाहिए।जस्टिस अनूप चितकारा और जस्टिस हरमीत सिंह देओल की पीठ ने कहा कि अस्वस्थ वृद्धावस्था एक अभिशाप है।...

कोर्ट की गलती से पुलिस अधिकारी पर लगा जुर्माना, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आदेश वापस लिया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने ही पुराने आदेश में हुई तथ्यात्मक गलती को सुधारते हुए मेवात के पुलिस अधीक्षक पर लगाए गए 5 हजार रुपये के जुर्माने का आदेश वापस ले लिया। कोर्ट ने माना कि 7 सितंबर को जुर्माना लगाते समय यह तथ्य सही ढंग से दर्ज नहीं हो पाया कि राज्य सरकार की ओर से जवाब उसी दिन अदालत में पेश करने का प्रयास किया गया।जस्टिस सुमीत गोयल ने मामले में अदालत की गलती से किसी पक्ष को नुकसान न होने के सिद्धांत को लागू करते हुए कहा कि अदालत की अपनी भूल के कारण किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं...

छात्र को NSA हिरासत में लेने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की फटकार वाले आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं नोएडा DM

गौतम बुद्ध नगर की डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट मेधा रूपम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जिसमें छात्र आकृति चौधरी को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत हिरासत में लेने के मामले में उनकी सैलरी से 5 लाख रुपये का मुआवज़ा देने का निर्देश दिया गया।बात दें, दिल्ली यूनिवर्सिटी की लॉ स्टूडेंट और एक्टिविस्ट, 24 वर्षीय आकृति चौधरी की NSA हिरासत रद्द करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट द्वारा हिरासत का आदेश जारी करने के तरीके की कड़ी आलोचना की थी।बेंच ने...

कार्यकाल के बीच में पार्टी बदलने वाले नेताओं को अयोग्य घोषित करने के लिए कपिल सिब्बल का सुझाव, 10वीं अनुसूची को खत्म किया जाए

सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि संविधान की मौजूदा 10वीं अनुसूची राजनीतिक दल-बदल की समस्या से निपटने के लिए काफी नहीं है। इसमें पूरी तरह बदलाव की ज़रूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि 10वीं अनुसूची - जिसमें विलय के लिए छूट दी गई और स्पीकर को फैसला लेने का अधिकार है - को एक आसान नियम से बदल दिया जाए। इस नियम के तहत कार्यकाल के बीच में पार्टी बदलने वाले किसी भी नेता को दस साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस्तीफ़ा या विलय अयोग्यता से बचने का तरीका नहीं होना चाहिए, जैसा कि अभी...

सुप्रीम कोर्ट ने जजों के लिए नेशनल ज्यूडिशियल पे कमीशन की मांग वाली याचिका पर केंद्र और राज्यों से मांगा जवाब

महाराष्ट्र स्टेट जजेज एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की इसमें देश भर के जजों के वेतन और सेवा शर्तों की समीक्षा के लिए 'नेशनल ज्यूडिशियल पे कमीशन' (NJPC) बनाने की मांग की गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने इस रिट याचिका पर नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर, 2026 की तारीख तय की।यह याचिका महाराष्ट्र स्टेट जजेज एसोसिएशन ने एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड दिलीप अन्नासाहेब तौर के ज़रिए दायर की। कोर्ट में याचिकाकर्ता की ओर से...

UP Municipalities Act | निजी ज़मीन पर भी मवेशी बाज़ार के लिए लाइसेंस देने का अधिकार नगर पंचायत के पास: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि नगर पंचायत के पास उत्तर प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1916 के तहत अपनी स्थानीय सीमा के भीतर मवेशी बाज़ारों को लाइसेंस देने और उन्हें रेगुलेट करने का अधिकार है। कोर्ट ने मवेशी बाज़ार लगाने के लिए दिए गए लाइसेंस को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करते हुए यह बात कही।जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की बेंच याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दिसंबर 2025 और मार्च 2026 के आदेशों को चुनौती दी गई। इन आदेशों में प्रतिवादी नंबर 7 को मथुरा ज़िले के महावन शहर में एक जगह...

राजस्थान हाईकोर्ट ने वोटर लिस्ट से नाम हटाने के खिलाफ याचिका खारिज की, आर्टिकल 243ZG के तहत रोक का हवाला दिया

राजस्थान हाईकोर्ट ने नगर पालिका आम चुनाव 2026 के लिए वोटर लिस्ट से अपना नाम हटाए जाने को चुनौती देने वाली व्यक्ति की याचिका खारिज की। कोर्ट ने भारत के संविधान के आर्टिकल 243-ZG के तहत लगाई गई रोक का हवाला दिया।आर्टिकल 243 ZG अदालतों को नगर पालिका चुनावों से जुड़े मामलों में दखल देने से रोकता है।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच ने कहा कि यह मामला आने वाले नगर पालिका चुनावों में वोट डालने से जुड़ा है, जिसके लिए राजस्थान राज्य चुनाव आयोग ने पहले ही विस्तृत चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है, इसलिए चुनाव...

CPC की धारा 10 के तहत मुकदमा रोकने से स्मॉल कॉज़ कोर्ट के इनकार के खिलाफ अनुच्छेद 227 के तहत याचिका स्वीकार्य: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि 'स्मॉल कॉज़ कोर्ट' (छोटी अदालतों) में लंबित मुकदमे को रोकने के लिए CPC की धारा 10 और धारा 151 के तहत दी गई अर्ज़ी को खारिज करने का आदेश, 'प्रोविंशियल स्मॉल कॉज़ कोर्ट्स एक्ट, 1887' की धारा 25 के अर्थ में "तय किया गया मामला" (केस डिसाइडेड) नहीं माना जाएगा।कोर्ट ने कहा कि चूंकि धारा 25 के तहत रिविज़न (पुनरीक्षण) का उपाय उपलब्ध नहीं था, इसलिए ऐसे आदेश के खिलाफ संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत याचिका स्वीकार्य है।'प्रोविंशियल स्मॉल कॉज़ कोर्ट्स एक्ट, 1887' की धारा 25...

राजस्थान हाईकोर्ट ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा के नतीजों की घोषणा पर रोक लगाई, मामला आंसर की पर आपत्तियों से जुड़ा

राजस्थान हाईकोर्ट ने असिस्टेंट प्रोफेसर (अंग्रेज़ी) के पद पर भर्ती प्रक्रिया में चुने गए उम्मीदवारों के अंतिम नतीजों की घोषणा पर रोक लगाई।जस्टिस गणेश राम मीना की बेंच एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि असिस्टेंट प्रोफेसर (अंग्रेज़ी) पद के लिए हुई लिखित परीक्षा की मॉडल 'आंसर की' (जो 31.12.2025 को जारी की गई) पर उठाई गई आपत्तियों पर विचार किए बिना ही राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि दिसंबर 2025 में राज्य ने भर्ती प्रक्रिया की लिखित...

बड़े पैमाने पर चलने वाले बूचड़खाने के लिए रेगुलर FSSAI लाइसेंस ज़रूरी, सिर्फ़ रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट काफ़ी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि 'छोटे फ़ूड बिज़नेस' (Petty Food Business) के लिए तय क्षमता से ज़्यादा क्षमता पर चलने वाले बड़े पैमाने के बूचड़खाने के लिए 'फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' (FSSAI) के तहत रेगुलर लाइसेंस की ज़रूरत होती है और सिर्फ़ रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट से ऐसी गतिविधि की इजाज़त नहीं मिल सकती।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 19(1)(g) के तहत व्यापार या कारोबार करने का मौलिक अधिकार, फ़ूड सेफ़्टी और पब्लिक हेल्थ के हित में लागू वैध...