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हाईकोर्ट ने राज्य के कानून के तहत निजी व्यक्ति द्वारा गौ-रक्षा का आरोप लगाने वाली याचिका पर हरियाणा सरकार से जवाब मांगा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को हरियाणा सरकार से उस याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें एक निजी व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर हरियाणा गौवंश संरक्षण एवं गौसंवर्धन अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के तहत गौ-रक्षा का आरोप लगाया गया।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ राष्ट्रीय भारतीय महिला महासंघ (NFIW) द्वारा दायर जनहित याचिका (PILल) पर सुनवाई कर रहे थे और उन्होंने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ता के वकील अर्जुन श्योराण ने तर्क दिया कि हरियाणा गौवंश संरक्षण एवं गौसंवर्धन...
एम.एफ. हुसैन की करोड़ों की पेंटिंग न लौटाने के मामले में कांग्रेस नेता के खिलाफ मुकदमे का आदेश
दिल्ली कोर्ट ने कांग्रेस नेता और पूर्व गृह राज्य मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह के खिलाफ मशहूर चित्रकार एम.एफ. हुसैन की एक पेंटिंग न लौटाने के आरोप में आपराधिक विश्वासघात (धारा 406 आईपीसी) के तहत मुकदमा चलाने का आदेश दिया।राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज जीतेन्द्र सिंह ने कहा कि आरोपी का आचरण बार-बार मौखिक और लिखित अनुरोधों के बावजूद पेंटिंग वापस न करना, झूठे आश्वासन देना और अंततः लौटाने से इनकार करना आपराधिक विश्वासघात के सभी तत्वों को पूरा करता है।अदालत ने अपने आदेश में कहा,“रिकॉर्ड पर उपलब्ध...
आईपीएस वाई पूरन आत्महत्या मामला | पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्वतंत्र एजेंसी को जाँच सौंपने की याचिका खारिज की
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या की जांच एक स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस द्वारा की जा रही जांच पर संदेह करने का कोई आधार नहीं है।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने कहा,"यूटी चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाले सीनियर एडवोकेट अमित झांजी ने बताया कि उक्त प्राथमिकी में 14 लोगों को आरोपी बनाया गया और प्राथमिकी दर्ज होने के बाद कुछ सामग्री ज़ब्त कर ली गई और एफएसएल को भेज दी...
हाईकोर्ट ने कुतुब मीनार के पास अनधिकृत निर्माणों को गिराने की मांग वाली शिकायत पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए
दिल्ली हाईकोर्ट ने अधिकारियों को दिल्ली के महरौली इलाके में कुतुब मीनार परिसर के पास अवैध अतिक्रमण का आरोप लगाने वाली शिकायत पर विचार करने का निर्देश दिया।इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने की।याचिकाकर्ता ने कहा कि उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर कुतुब सराय इलाके में हुए अवैध निर्माणों की सूचना दी थी।याचिकाकर्ता ने कहा कि कुतुब एक विरासत स्मारक है, इसलिए उन्होंने अवैध ढांचों को गिराने की मांग...
मोटर दुर्घटना दावा | पॉलिसी उल्लंघन के बावजूद बीमा कंपनियों को पीड़ितों को मुआवज़ा देना होगा, वाहन मालिक से भी वसूला जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि बीमा कंपनियाँ मोटर दुर्घटना के मामलों में पीड़ितों को मुआवज़ा देने के अपने दायित्व से बच नहीं सकतीं भले ही पॉलिसी की किसी शर्त का उल्लंघन हुआ हो। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बीमा कंपनियों के पास उसके बाद भी वाहन मालिक से मुआवज़ा वसूलने का अधिकार सुरक्षित है।जस्टिस संजय करोल और मनोज मिश्रा की खंडपीठ ने एक दावेदार की अपील स्वीकार करते हुए और तेलंगाना हाईकोर्ट का आदेश रद्द करते हुए टिप्पणी की, जिसमें केवल इसलिए मुआवज़ा देने से इनकार कर दिया गया था क्योंकि मृतक पांच सीटों...
'ऐसी घटनाएं रोकने के सुझाव दें': सुप्रीम कोर्ट ने सीजेआई पर जूता फेंकने के मामले में सुनवाई टाली
सुप्रीम कोर्ट ने आज सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) द्वारा दायर उस अवमानना याचिका की सुनवाई स्थगित कर दी, जो अधिवक्ता राकेश किशोर के खिलाफ दायर की गई थी। किशोर ने 6 अक्टूबर को विष्णु मूर्ति मामले में दिए गए सीजेआई बी.आर. गवई के बयान पर आपत्ति जताते हुए उन पर जूता फेंकने का प्रयास किया था।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने पहले ही यह संकेत दिया था कि वे इस मामले में आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के इच्छुक नहीं हैं और इसके बजाय भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए...
शिवसेना और NCP चुनाव चिन्ह विवाद की अंतिम सुनवाई 21 जनवरी को करेगी सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के चुनाव चिन्ह विवाद से जुड़ी याचिकाओं की अंतिम सुनवाई की तारीख तय करते हुए मामला 21 जनवरी, 2026 को सुनने का निर्णय लिया।मुख्य याचिका शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) द्वारा दायर की गई, जिसमें चुनाव आयोग के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें एकनाथ शिंदे गुट को आधिकारिक शिवसेना के रूप में मान्यता दी गई और उसे धनुष-बाण चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्या बागची की खंडपीठ के समक्ष इस मामले की सुनवाई हुई। अदालत...
Income Tax Act| धारा 143(3) के तहत मूल निर्धारण पूर्ण होने के बाद चार वर्ष से अधिक समय बाद पुनर्मूल्यांकन अमान्य: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने यह माना है कि यदि आयकर अधिनियम की धारा 143(3) के तहत मूल निर्धारण (Original Assessment) किया जा चुका है, तो उसके चार वर्ष बीत जाने के बाद पुनर्मूल्यांकन (Re-assessment) की कार्यवाही अवैध है।जस्टिस लिसा गिल और जस्टिस मीनाक्षी आई. मेहता की खंडपीठ ने कहा कि आकलन अधिकारी (Assessing Officer) को पुनः मूल्यांकन करने का अधिकार तभी है जब उसके पास कोई ठोस और वास्तविक सामग्री हो जिससे यह साबित हो सके कि कर योग्य आय का आकलन अधूरा या गलत हुआ है। धारा 143(3) के तहत किया गया...
इससे सभी आहत हैं: दिल्ली हाईकोर्ट ने CJI गवई पर जूता फेंकने की घटना की कड़ी निंदा की, कहा- उचित कदम उठाए जाने जरूरी
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को चीफ जस्टिसऑफ इंडिया (CJI) बी. आर. गवई पर खुले अदालत में जूता फेंके जाने की घटना की कड़ी निंदा की। अदालत ने कहा कि ऐसी घटनाएं केवल निंदनीय नहीं बल्कि इन पर प्रभावी और उचित कार्रवाई भी आवश्यक है ताकि न्यायपालिका की गरिमा और शुचिता बनी रहे।चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ उस जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़ी वीडियो क्लिप्स को हटाने के निर्देश मांगे गए। यह याचिका तेजस्वी मोहन नामक व्यक्ति द्वारा दाखिल...
Delhi-NCR प्रदूषण मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 17 नवंबर तक टाली, पंजाब-हरियाणा से मांगी पराली जलाने पर रिपोर्ट
Delhi-NCR में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पंजाब और हरियाणा सरकारों को पराली जलाने पर रोक के लिए उठाए गए कदमों की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।अदालत ने कहा कि दोनों राज्य बताएँ कि प्रदूषण के इस बड़े कारण को रोकने के लिए उन्होंने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं।चीफ जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने एम.सी. मेहता बनाम भारत संघ मामले में दाखिल पर्यावरणीय याचिकाओं पर सुनवाई की।सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन ने...
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने आबकारी अधिकारियों को दी गई अंतरिम गिरफ्तारी सुरक्षा को किया स्थायी
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में आबकारी विभाग के अधिकारियों को दी गई अंतरिम गिरफ्तारी सुरक्षा को स्थायी कर दिया।कोर्ट ने यह आदेश आरोपित अधिकारियों के विरुद्ध दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामलों में सुनवाई के दौरान पारित किया।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्या बागची की पीठ ने यह आदेश सीनियर एडवोकेट एस. नागमुथु और सिद्धार्थ अग्रवाल (याचिकाकर्ताओं की ओर से) तथा सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी और एएसजी एस.डी. संजय (राज्य एवं प्रवर्तन निदेशालय की ओर से) की...
आरक्षण के बाद छह महीने से लंबित फैसलों की जानकारी सार्वजनिक करें हाईकोर्ट्स: सुप्रीम कोर्ट का सुझाव
न्यायपालिका में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को प्रस्ताव रखा कि देश के सभी हाईकोर्ट्स अपनी वेबसाइट पर 'डैशबोर्ड' तैयार करें, जिसमें यह जानकारी उपलब्ध हो कि किन मामलों में फैसले सुरक्षित रखे गए, कब उच्चारित किए गए और कब वेबसाइट पर अपलोड हुए।जस्टिस सूर्या कांत और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन (या बगची मूल पाठ में बगची) की खंडपीठ ने कहा कि अब समय आ गया कि यह जानकारी सार्वजनिक की जाए कि किसी हाईकोर्ट में किस जज ने कितने निर्णय सुरक्षित रखे कितने निर्णय...
RCB के निखिल सोसले को राहत, कर्नाटक हाईकोर्ट ने पूर्व सूचना देकर शहर छोड़ने की दी अनुमति
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को आरसीबी (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु) के मार्केटिंग हेड निखिल सोसले को बड़ी राहत देते हुए उनकी जमानत की एक शर्त में ढील दी है। यह मामला बेंगलुरु स्टाम्पेड घटना से संबंधित है, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी।सोसले को 6 जून को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था और 6 दिन बाद उन्हें जमानत दी गई थी, इस शर्त के साथ कि वे बेंगलुरु शहर से बाहर नहीं जा सकते। अब उन्होंने यह शर्त हटाने की मांग की थी, क्योंकि उनके काम के सिलसिले में उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में यात्रा करनी पड़ती...
राजस्थान हाईकोर्ट ने 2021 SI अभ्यर्थियों को 2025 भर्ती में शामिल करने व आयु सीमा में छूट देने पर विचार करने का आदेश दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह वर्ष 2021 की सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में शामिल हुए और वर्ष 2025 की नई भर्ती प्रक्रिया में पुनः आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को 4 वर्ष की आयु सीमा में छूट देने पर विचार करे, जबकि विज्ञापन में केवल 3 वर्ष की छूट का प्रावधान किया गया था।जस्टिस अशोक कुमार जैन की पीठ ने कहा कि यह मामला युवाओं की वैध अपेक्षा (legitimate expectation) से जुड़ा है और ऐसे उम्मीदवारों को केवल अधिकतम आयु सीमा पार करने के कारण अयोग्य नहीं ठहराया जाना चाहिए, जब देरी...
'हाईकोर्ट की विवेकाधीन शक्ति को सीमित नहीं किया जा सकता': केरल हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट से कहा
केरल हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन (KHCAA) ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष यह तर्क दिया है कि हाईकोर्ट को पहली बार में ही अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) याचिकाओं को सुनने का जो विवेकाधिकार प्राप्त है, उसे किसी भी प्रकार से सीमित नहीं किया जा सकता। एसोसिएशन ने कहा कि हाईकोर्ट की अधिकारिता पर किसी भी तरह की पाबंदी लगाना न्यायिक अतिक्रमण (Judicial Overreach) होगा, जो विधायी मंशा (Legislative Intent) और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करता है। एसोसिएशन ने...
सुरक्षा के तौर पर दिए गए पोस्ट डेटेड चेक भी बन सकते हैं देयता का हिस्सा, बाउंस होने पर लगेगी NI Act की धारा 138: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा वित्तीय देनदारी के लिए सुरक्षा के रूप में पोस्ट डेटेड चेक दिया गया और बाद में वह देनदारी वास्तविक रूप से कानूनी रूप से देय बन जाती है तो ऐसे चेक के बाउंस होने पर परिवर्तनीय लिखत अधिनियम (Negotiable Instruments Act) की धारा 138 लागू होगी।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की एकल पीठ ने कहा कि सुरक्षा के तौर पर दिए गए चेक का उद्देश्य यह होता है कि यदि किसी अनुबंध या ऋण के तहत देनदारी उत्पन्न होती है और भुगतान नहीं किया जाता तो उस...
विवाहेतर संबंध अपराध नहीं, जोसेफ शाइन फैसला पूर्व प्रभाव से लागू: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम निर्णय में कहा कि विवाहेतर संबंध (Adultery) को अपराध की श्रेणी से बाहर करने वाला सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला जोसेफ शाइन बनाम भारत संघ केवल भविष्य के मामलों पर ही नहीं बल्कि पहले से लंबित सभी मामलों पर भी लागू होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 497 को असंवैधानिक घोषित कर दिया गया तो वह प्रारंभ से ही (void ab initio) अमान्य हो गई और उस पर आधारित कोई भी अभियोजन अब जारी नहीं रह सकता।जस्टिस आनंद शर्मा की सिंगल ने कहा,“सुप्रीम कोर्ट द्वारा...
सरकार को दिव्यांग व्यक्तियों के मुख्य आयुक्त की सिफारिशें न मानने पर कारण बताना होगा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों के मुख्य आयुक्त (Chief Commissioner for Persons with Disabilities CCPwD) की सिफारिशों को सामान्य रूप से सरकार और संबंधित प्राधिकरणों को मानना चाहिए। हालांकि यदि कोई वैध कारण हो तो संबंधित प्राधिकारी इन सिफारिशों को न मानने का निर्णय ले सकता है परंतु ऐसे में उसे अपनी अस्वीकृति का कारण स्पष्ट रूप से बताना अनिवार्य होगा।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ ने कहा,“यदि कोई प्राधिकारी मुख्य आयुक्त की सिफारिश नहीं मानता तो...
सतेंद्र कुमार अंतिल फैसले की गलत व्याख्या से जमानत में भ्रम: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जताई चिंता
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि ज़िला कोर्ट और एडवोकेट कभी-कभी सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध निर्णय सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (2021) की गलत व्याख्या कर देते हैं जिससे जमानत संबंधी कार्यवाही में भ्रम पैदा होता है।जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की सिंगल बेंच ने स्पष्ट किया कि सतेंद्र कुमार अंतिल मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश केवल उन परिस्थितियों में लागू होते हैं, जब पुलिस द्वारा आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया जा चुका हो। अदालत ने कहा कि यह आदेश उन...
पीएम मोदी की डिग्री विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने DU से अपील दाखिल में देरी पर आपत्तियां दाखिल करने को कहा, फिलहाल नोटिस जारी नहीं
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्नातक डिग्री से संबंधित सूचना के खुलासे को लेकर दायर अपीलों के मामले में दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) को अपील दाखिल में हुई देरी पर अपनी आपत्तियां दर्ज करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने हालांकि फिलहाल मामले में नोटिस जारी नहीं किया।अदालत ने आदेश दिया,“SGA तुषार मेहता प्रतिवादी की ओर से उपस्थित हैं। देरी माफ करने के आवेदन पर आपत्ति तीन सप्ताह में दाखिल की जाए। याचिकाकर्ता दो सप्ताह...




















